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13 September 2017

भारत और बेलारूस ने 10 समझौतों पर हस्ताक्षर किये

भारत और बेलारूस ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा प्रदान करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को व्यापक बनाने से संबंधित 10 समझौतों पर हस्ताक्षर किये. दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में संयुक्त विकास और विनिर्माण की संभावनायें तलाशने का फैसला किया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बेलारुस के राष्ट्रपति अलेक्‍सांद्र लुकाशेंको के बीच हुई विस्तृत बातचीत में दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने पर सहमति व्यक्त की गई और कहा गया दोनों देशों में कारोबार और निवेश बढ़ाने की व्यापक संभावनायें हैं. दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने के लिये तेल और गैस, कृषि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शिक्षा एवं खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में समझौते पर हस्ताक्षर किये गये. 
पीएम मोदी ने बेलारूस के राष्ट्रपति के साथ विचार विमर्श को व्यापक और आगे बढ़ने वाला बताया. मोदी ने वार्ता के बाद कहा की, "हमने द्विपक्षीय मुद्दों तथा क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचार विमर्श किया. हमने दोनों देशों की साझेदारी की समीक्षा की और इसके विस्तार पर विचार किया. उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत दोनों पक्ष रक्षा क्षेत्र में संयुक्त विकास और विनिर्माण को बढ़ावा देने पर सहमत हुये हैं.’’ उन्होंने कहा कि बातचीत में भारत द्वारा 2015 में पेश की गई 10 करोड़ डालर की ऋण सुविधा का बेलारूस में एक खास परियोजना में इस्तेमाल करने पर चर्चा हुई. 
बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशेंको ने इस अवसर पर कहा कि दोनों देश आज सहयोग के ‘नये मुकाम’ पर हैं. भारतीय निवेशकों को बेलारूस आने का न्योता देते हुए लुकाशेंको ने कहा कि उनकी सरकार कारोबार करने के लिए सबसे आदर्श और अनुकूल परिस्थितियों उपलब्ध कराने के लिए तैयार है. व्यापार की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए मोदी ने कहा कि वहां औषधि तथा तेल और गैस सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार और निवेश के प्रचुर अवसर हैं. उन्होंने आगे कहा कि दोनों पक्ष आर्थिक संबंधों में विविधता लाने के लिए काम करेंगे. इस सन्दर्भ में, मोदी ने मुक्त व्यापार समझौते के लिये यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (ईईयू) के साथ भारत की वार्ता पर भी चर्चा की. बेलारूस पांच सदस्यीय ईईयू का हिस्सा है. वर्ष 2016 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 402 मिलियन अमरीकी डॉलर था.
उल्लेखनीय है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी दोनों देशों के बीच मजबूत सहयोग का एक और क्षेत्र था, मोदी ने कहा कि बेलारूस लंबे समय से इस क्षेत्र में हमारा सहयोगी था. इससे पहले, बेलारुस के राष्ट्रपति अलेक्‍सांद्र लुकाशेंको के भारत यात्रा पर आने के बाद आज राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत किया गया. उनका यह दौरा ऐसे वर्ष में हो रहा है जब बेलारूस और भारत राजनयिक संबंधों की स्थापना की 25वीं सालगिरह मना रहे हैं. राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लुकाशेंको की अगवानी की. लुकाशेंको ने गार्ड आफ आनर का निरीक्षण किया. बेलारूस के राष्ट्रपति ने राजघाट पर महात्मा गांधी की समाधि पर जाकर श्रद्धांजलि भी दी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया कि लुकाशेंको ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से भी मुलाकात की और संबंधों को गहरा बनाने पर जोर दिय.। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने लुकाशेंको से भेंट की और द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा बनाने के कदमों के बारे में चर्चा की. लुकाशेंको के साथ आए प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों के लिए एक बिजनेस फोरम और समानांतर बैठकें भी आयोजित की गई हैं, जिससे वह अन्य क्षेत्रों में भी कारोबारी अवसर की तलाश कर सकते हैं.

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