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30 September 2017

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने एनडीएमए के 13वें स्थापना दिवस का उद्घाटन किया

केंद्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के 13वें स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन किया. इस वर्ष के स्थापना दिवस समारोह का थीम है ‘स्कूल संरक्षा’. इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अपने 13 वर्षों के कार्यकाल में एनडीएमए ने लंबी यात्रा की है. इसने पूरे विश्व में भारत की विश्वसनीयता स्थापित की है. उन्होंने आगे कहा कि इसके पहले आपदा प्रबंधन को लेकर कोई संस्थागत संरचना नहीं थी, लेकिन एनडीएमए के गठन के पश्चात सिर्फ आपदा प्रबंधन के लिए ही नहीं बल्कि आपदा जोखिम को कम करने के लिए भी एक तंत्र विकसित किया गया है. उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले महीने किर्गिस्तान में आपदा प्रबंधन विषय पर हुए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) में एनडीएमए के कार्यों के परिणामस्वरूप भारत को प्रशंसा मिली. उन्होंने कहा कि एनडीएमए ने आपदा प्रबंधन की क्षमताओं का बढ़ाने के लिए बेहतर कार्य किया.

 गृहमंत्री ने कहा कि उन्होंने सामूहिक तैयारी को बेहतर बनाने के लिए संयुक्त शहरी भूकम्प खोज व बचाव कार्य से संबंधित एक प्रस्ताव भी दिया था और इस प्रस्ताव को एससीओ के सभी सदस्यों ने एकमत से स्वीकार किया. गृहमंत्री ने कहा कि जब मानवता से जुड़ी कोई समस्या होती है तो सभी देश परस्पर सहयोग करते हैं. देशों के मध्य कुछ विषयों पर मतभेद हो सकते हैं, परंतु जब दुनिया में कोई आपदा होती है, तो हम सभी एक साथ खड़े होते हैं. जब कोई देश अपने क्षमता व उद्यमिता बढ़ाता है तो अन्य देश उससे नजदीकी संबंध बनाना चाहते हैं. प्रत्येक देश की अपनी सीमा रेखा होती है, परंतु प्रकृति इन सीमाओं को नहीं मानती. किसी देश में होने वाली आपदा पड़ोसी देशों को भी प्रभावित करती है. उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि भारत ने 2014 में नेपाल में आए भूकम्प में राहत के लिए सहायता प्रदान की थी और इसी प्रकार एनडीआरएफ टीम को मदद के लिए जापान भेजा गया था.

श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बाढ़ की विपदा-प्रबंधन के लिए राजनयिक प्रयासों की आवश्यकता होती है. उन्होंने कहा कि नदियों के जल विज्ञान संबंधी आंकड़े पड़ोसी देशों के साथ साझे किए जाने चाहिए. इस संबंध में एकमत होना आवश्यक है. अगले महीने बिम्सटेक आपदा प्रबंधन बैठक में इसकी शुरूआत की जा सकती है. श्री राजनाथ सिंह ने इस वर्ष के थीम ‘स्कूल संरक्षा’ को चुनने के लिए एनडीएमए को बधाई दी. आपदा प्रबंधन के अंतर्गत बच्चों की संरक्षा को लाना प्रशंसनीय है. उन्होंने कहा कि बच्चे इस क्षेत्र में अपना योगदान दे सकते हैं और उनकी ऊर्जा व कल्पना एनडीएमए के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकती है. रूचि के अनुसार बच्चों को जोड़ा जाना चाहिए. आपदा संरक्षा के लिए एनडीएमए को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह संगठन ‘सुरक्षित भारत’ के स्वप्न को पूरा करेगा.


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