मासिक करेंट अफेयर्स

15 September 2017

भारत और जापान के बीच 15 समझौतों पर हस्ताक्षर

भारत और जापान ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए नागर विमानन, कारोबार, शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, खेल समेत विभिन्न क्षेत्रों में 15 समझौतों पर हस्ताक्षर किये. उनमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में संयुक्त आदान प्रदान समझौता भी शामिल है. इसके तहत जापान के संगठन एआईएसटी और भारत के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के बीच संयुक्त शोध का अनुबंद हुआ है. इसके अलावा जैव प्रौद्योगिकी विभाग तथा राष्ट्रीय उन्नत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के बीच सहमति पत्र पर भी हस्ताक्षर किये गए हैं. दोनों देशों ने अनुसंधान एवं शोध से जुडी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिये भी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया है. दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय अकादमिक और खेल क्षेत्र में आदान प्रदान के लिये भी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया. इसके तहत एलएनआईपीई और निप्पन खेल विज्ञान विश्वविद्यालय के बीच सहयोग होगा. इस बारे में आशय पत्र भी किया गया.

भारत और जापान ने निवेश प्रोत्साहन का खाका भी तैयार किया. दोनों देशों ने मेक इन इंडिया कार्यक्रम के लिये जापान.भारत विशेष कार्यक्रम पर सहयोग ज्ञापन (एमओसी) पर भी हस्ताक्षर किया. दोनों देशों ने नागर विमान क्षेत्र में सहयोग बढाने पर भी सहमति व्यक्त की. इसके साथ ही भारत और जापान ने आपदा खतरा प्रबंधन के संबंध में भी सहयोग ज्ञापन (एमओसी) पर हस्ताक्षर किया. दोनों देशों ने भारत जापान एक्ट ईस्ट फोरम को बढावा देने पर भी सहमति व्यक्त की. दोनों देशों ने शीत एक्सप्रेस मेल सेवा शुरु करने के लिये भी समझौता किया.
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इससे दोनों देशों की साझेदारी और मजबूत होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत-जापान संबंध द्विपक्षीय अथवा क्षेत्रीय परिदृश्य तक सीमित नहीं है बल्कि हमारे बीच अहम वैश्विक मुद्दों पर भी करीबी सहयोग है. प्रधानमंत्री ने कहा कि एक-दूसरे की हितों और चिंताओं की समझ और उच्च स्तरीय संपर्क ये भारत-जापान संबंधों की खासियत है. हमारी स्पेशल स्ट्रैटजी और ग्लोबल पार्टनरशिप का दायरा सिर्फ द्विपक्षीय या क्षेत्रीय स्तर तक सीमित नहीं है. वैश्विक मुद्दों पर भी हमारा सहयोग बहुत ही घनिष्ट है. पिछले वर्ष हमारी जापान यात्रा के दौरान परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के लिये एक ऐतिहासिक समझौता किया था. इसके लिये मैं जापान के जनमानस का जापान के संसद का और खासकर के प्रधानमंत्री आबे का आभार प्रकट करता हूं.’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, ‘क्लीन एनर्जी और क्लाइमेट चेंज के विषय पर हमारे सहयोग के लिये इस समझौते ने एक नया अध्याय जोड़ा है. 2016-17 में भारत में जापान से 4.7 बिलियन डॉलर का निवेश हुआ है. जो पिछले वर्ष की तुलना में 80 प्रतिशत अधिक है. अब जापान भारत में तीसरा सबसे बड़ा निवेशक बन गया है. यह दिखाता है कि भारत के विकास और सुनहरे कल के प्रति जापान में कितना आशावादी विश्वास है. इससे ये भी पता चलता है कि आने वाले समय में भारत में रहने वाले जापानी लोगों की संख्या किस तरह से बढ़ने वाली है. जापानी नागरिकों के लिये वीजा ऑन अराइवल की सुविधा पहले से ही दी गई है.
पीएम मोदी ने कहा कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस, स्किल इंडिया, टैक्सेसन रिफॉर्म या मेक इन इंडिया भारत पूरी तरह परिवर्तित हो रहा है.जापान के लिये ये बहुत बड़ा मौका है. आज हुए समझौतों का हृदय से स्वागत करता हूं. ये समझौते हमारे संबंधों को और मजबूत करेंगे.

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