केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 20सितम्बर  को 17 सरकारी छापाखानों (प्रिंटिंग प्रेस) को आपस में विलय कर उनकी पांच इकाई बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, मंत्रिमंडल ने 17 सरकारी मुद्रणालयों का आधुनिकीकरण और विलय कर उन्हें पांच इकाई में परिवर्तित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. ये पांच मुद्रणालय दिल्ली में राष्ट्रपति भवन, मिंटो रोड और मायापुरी, महाराष्ट्र में नासिक और कोलकाता में टेंपल स्टरीट होंगे.
बयान के अनुसार मुद्रणालयों के आधुनिकीकरण से उन्हें देशभर में केंद्र सरकार का महत्वपूर्ण गोपनीय, आवश्यक और बहु-रंगीय मुद्रण कार्य करने में मदद मिलेगी. इन पांच मुद्रणालयों का आधुनिकीकरण और पुनर्विकास उनकी अतिरिक्त भूमि का मौद्रीकरण कर किया जाएगा. बैठक के दौरान वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकारी खजाने पर इसकी लागत का शून्य बोझ आएगा. साथ ही छंटनी की भी आवश्यकता नहीं होगी. इन सभी इकाइयों की करीब 468 एकड़ भूमि को शहरी विकास मंत्रालय के भूमि एवं विकास कार्यालय के साथ जोड़ दिया जाएगा.