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16 September 2017

अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस


दुनियाभर में 15 सितंबर 2017 को अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाया गया. इस दिवस का विषय था: लोकतंत्र और संघर्ष रोकथाम (Democracy and Conflict prevention). यह दिवस विश्व में लोकतंत्र की स्थिति समझने एवं उसकी समीक्षा करने के लिए अवसर प्रदान करता है. इसका आरंभ संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 2007 में संयुक्त राष्ट्र की 82वीं महासभा ने एक स्वर में प्रस्ताव पारित करके हर वर्ष के 15 सितम्बर को अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाने का फैसला किया. लोकतंत्र नागरिकों की इच्छाओं, आकांक्षाओं और मानवता के विकास को हासिल करने का एक सशक्त साधन है. लोकतंत्र अपनी प्रक्रिया में एक लक्ष्य है. अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, राष्ट्र की शक्तियों, सामाजिक संगठन और व्यक्ति की भागीदारी और सहयोग से लोकतंत्र के आदर्शो को वास्तवकिता में बदला जा सकता है. लोकतंत्र की इसी महत्ता को रेखांकित करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2007 में अतंर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस की स्थापना की और विश्व में पहली बार 15 सितम्बर 2008 को यह दिवस मनाने की शुरुआत हुई.
 
लोकतंत्र दिवस की स्थापना करते हुए महासभा ने अपने प्रस्ताव में कहा, "देशों के लोकतंत्र के लक्षण एक समान हैं लेकिन लोकतंत्र का कोई एक आदर्श रूप नहीं है और लोकतंत्र किसी खास देश अथवा क्षेत्र से जुड़ा नहीं है." विश्व में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत करने में अंतर्राष्ट्रीय संसदों के संगठन अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. वर्ष 1889 से आईपीयू विश्व भर के संसदों में संवाद कायम करने के लिए एक केंद्र बिंदु के रूप में लोगों के बीच शांति एवं सहयोग कायम करने के लिए काम कर रहा है. भारतीय लोकतंत्र की अगर बात करें तो यहां जीवंत लोकतंत्र है. यहां की संसदीय प्रणाली लोकतांत्रिक है और जनता अपने बीच से योग्य उम्मीदवारों को चुनकर संसद में भेजती है जहां सांसदों के जरिए उसकी आवाज, आकांक्षा और विचार ध्वनित होते हैं. वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्यों को प्रतिस्थापित करने में भारत हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है.

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