भारतीय रिजर्व बैंक ने देश के बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी बैंक को अपनी ‘टू बिग टू फेल’ लिस्‍ट में शामिल किया है. इसमें शामिल होने वाले बैंकों पर आरबीआई कड़ी नजर रखता है. इसका मकसद वित्‍तीय तंत्र को ढहने से बचाना है. बता दें कि रिजर्व बैंक साल 2015 से हर अगस्‍त में इस श्रेणी में आने वाले बैंक के नाम जारी करता है. रिजर्व बैंक हर बैंक को सिस्‍टेमेटिक इमर्पोटेंट स्‍कोर (SIC) देता है जिसके आधार पर ऐसे बैंक को छांटा जाता है. रिजर्व बैंक बड़े बैंकों को अपनी डोमेस्टिक सिस्‍टेमिकली इम्‍पोर्टेंट (D-SIB) श्रेणी में रखता है.
इस श्रेणी में एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक पहले ही शामिल हैं. इन दोनों बैंकों को इस श्रेणी में 2015 में शामिल किया गया था. इस प्रकार इस श्रेणी में अब तीन बैंक हो गए हैं. भारतीय रिजर्व बैंक ने बयान में कहा है कि इन बैंकों को अपनी कॉमन इक्विटी टायर-1 (CET1) को बढ़ाना होगा. इसकी शुरुआत 1 अप्रैल 2016 से हो गई है, जो 1 अप्रैल 2019 से पूरी तरह से लागू होगी. रिजर्व बैंक ने इस श्रेणी के बैंकों के लिए एक फ्रेमवर्क जुलाई 2014 में तैयार किया था.