उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेट्रो की शुरुआत हो गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और राज्यपाल राम नाइक की उपस्थिति में इसकी शुरुआत की गई. लखनऊ मेट्रो 6 सितंबर से आम लोगों के लिए शुरू हो गई. उद्घाटन के दौरान सीएम योगी ने कहा कि समय पर योजना का पूरा होना काफी बड़ी बात है. मेट्रो की शुरुआत सीमित समय पर पूरा करने पर श्रीधरन जी और उनकी पूरी टीम को बधाई. उन्होंने कहा कि लोगों को इसमें सफर करने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बुधवार से ही लोगों को इसका लाभ मिलेगा. योगी ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के कई शहरों में मेट्रो चलवाने की योजना पर काम कर रही है. अब अलग-अलग मेट्रो कॉर्पोरेशन के तहत काम ना होकर बल्कि राज्य में एक ही यूपी मेट्रो कॉर्पोरेशन की शुरुआत करेंगे. मैं चाहूंगा कि श्रीधरन जी उस कॉर्पोरेशन के प्रधान सलाहकार बनें.
 
लखनऊ मेट्रो का उद्घाटन करते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वह लखनऊ मेट्रो को पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी जी को समर्पित करते हैं. उन्होंने कहा कि अब लखनऊ शहर नवाबों के साथ-साथ मेट्रो शहर के रूप में भी जाना जाएगा. जिस भी शहर में मेट्रो चलती है, वहां विकास के द्वार खुल जाते हैं. उन्होंने कहा कि मेट्रोमैन श्री ई श्रीधरन जी का लखनऊ के सांसद होने के नाते में व्यक्तिगत रूप से स्वागत करता हूं. किसी भी शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में भविष्य को ध्यान में रखकर प्लानिंग करनी चाहिए. राजनाथ ने कहा कि लखनऊ के चारों ओर 104 किलोमीटर की रिंग रोड बनाई जाएगी और मुझे खुशी है कि इसका काम शुरू हो चुका है.
 
राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ मेट्रो रेल को हरी झंडी दिखाने के बाद पहले राइड के लिए ट्रांसपोर्ट नगर स्टेशन पर सवार हुए, जबकि आम लोगों के लिए मेट्रो का सफर बुधवार सुबह शुरू हुआ. लखनऊ मेट्रो सुबह 6 बजे से लेकर रात 10 बजे तक चलेगी. चारबाग से ट्रांसपोर्ट नगर का किराया 10 रुपए से लेकर 60 रुपए तक होगा. इमरजेंसी की हालत में यात्री टॉकबैक के जरिए ड्राइवर से बात कर सकेंगे. लखनऊ मेट्रो कई वजहों से चर्चा में है, एक वजह सियासी है तो दूसरी देश के सबसे शानदार मेट्रो रेल होना भी एक वजह है. पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस मेट्रो रेल को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट में रखते थे. यही वजह है कि मेट्रो के शिलान्यास से लेकर मेट्रो के बनने तक के हर सफर में वह साथ रहे, लेकिन चुनाव हार गए तो इसका उद्घाटन नहीं कर सके. अब जब योगी सरकार इसका उद्घाटन कर रही है, तो अखिलेश यादव मेट्रो से जुड़ी अपनी यादें ट्विटर पर ताजा कर रहे हैं. साथ ही जनता को यह याद दिलाने से नहीं चूक रहे कि यह मेट्रो का सपना उनका था, जिसे उन्होंने पूरा तो जरूर किया लेकिन हरी झंडी नहीं दिखा सके.