मासिक करेंट अफेयर्स

13 September 2017

इरडा ने सभी बीमा कंपनियों को ऑटो डीलर के जरिये वाहन बीमा पॉलिसी बेचने की मंजूरी दी

ग्राहकों को ज्यादा से ज्यादा विकल्प देने के लिए बीमा क्षेत्र के रेगुलेटर इरडा ने सभी साधारण बीमा कंपनियों को ऑटो डीलर नेटवर्क के जरिये वाहन बीमा पॉलिसी बेचने की अनुमति दे दी है. ये डीलर विभिन्न बीमा कंपनियों की पॉलिसी बेच सकेंगे. इतना ही नहीं ग्राहकों की साख के अनुसार बीमा प्रीमियम कम-ज्याद भी कर सकेंगे. इससे ग्राहकों को सहूलियत होगी और बीमा कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी.
मौजूदा व्यवस्था के तहत ग्राहक को डीलर से उस बीमा कंपनी की पॉलिसी लेनी होती थी, जिसके साथ उसका विशिष्ट समझौता हो. बीमा कंपनियों को भी बीमा पॉलिसी के प्रीमियम में भिन्नता करने की भी अनुमति नहीं थी. बीमा क्षेत्र के चलन के अनुसार बीमा कंपनियां आम तौर पर अच्छे ग्राहकों को कम प्रीमियम और खराब ग्राहकों को ज्यादा प्रीमियम पर बीमा कवर देती हैं. इरडा ने इसमें बदलाव के लिए नई गाइडलाइन जारी की है. उसने 31 अगस्त को नये नियमों को मंजूरी दे दी..उसने मोटर डीलर से पॉलिसी बिक्री के अध्ययन के लिए कमेटी बनाई थी. इसकी पिछले साल मई में पेश रिपोर्ट की सिफारिशों और बीमा कंपनियों के अलावा दूसरे पक्षों से बातचीत करके इरडा ने नये नियमों को अंतिम रूप दिया.
कुल वाहन बीमा का 40 फीसद प्रीमियम पाने वाली सरकारी बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया का मानना है कि इरडा के नये नियमों से उसके कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ेगा. कंपनी के डायरेक्टर एम. एन. शर्मा ने कहा कि हमारा ज्यादातर कार डीलरों के साथ अनुबंध है. इनके जरिये 15 फीसद वाहन बीमा पॉलिसी बिकती हैं. नये नियमों से उनके वाहन बीमा प्रीमियम आय पर कोई असर नहीं होगा. हालांकि रिन्यूनल प्रीमियम आय पर कुछ असर हो सकता है. इरडा ने ऑटो डीलरों को ज्यादा कमीशन देने की भी इजाजत दे दी है. ओन डैमेज प्रीमियम पर कार पर 19.5 फीसद और टू-व्हीलर पर 22.5 फीसद कमीशन दिया जा सकता है. आइसीआइसीआइ लोंबार्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर व सीईओ भार्गव दासगुप्ता ने कहा कि इरडा के नये नियमों से उद्योग का विकास तेज होगा. इस सेगमेंट से करीब 40 फीसद प्रीमियम मिलता है.
ऑनलाइन बीमा पॉलिसी के लिए ओटीपी के लिए अनुमतिबीमा क्षेत्र के रेगुलेटर इरडा ने ई-इंश्योरेंस एकाउंट खोलने के लिए ओटीबी (वन टाइम पासवर्ड) के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है. यह इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर के विकल्प के तौर पर होगा. बीमा की लोकप्रियता बढ़ाने के प्रयासों के क्रम में इरडा ने यूआइडीएआइ की ई-केवाईसी को भी मंजूरी दे दी है. ई-केवाईसी आधार नंबर के आधार पर होता है. इरडा ने पहले ही इंश्योरेंस ई-कॉमर्स और इलेक्ट्रॉनिक इंश्योरेंस पॉलिसी को मंजूरी दी है. इन पॉलिसी की बिक्री और औपचारिकताओं पर बीमा कंपनियों द्वारा स्पष्टीकरण मांगे जाने पर इरडा ने इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर के विकल्प के तौर पर ओटीपी को अनुमति दी है.

No comments:

Post a comment