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23 September 2017

संयुक्त राष्ट्र में भारत की बेटी ने पाक को जमकर लताड़ा कहा पाकिस्तान 'टेररिस्तान' है


भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बानी के कश्मीर पर दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि पाकिस्तान ‘टेररिस्तान’ बन चुका है और उसे दूसरों को मानवाधिकारों की सीख देने का अधिकार नहीं है. संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के वक्तव्य पर जवाब के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए भारत की प्रथम सचिव इनम गंभीर ने महासभा में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने पर पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया और कहा है कि उसे यह समझ लेना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा बना रहेगा. पाकिस्तान चाहे सीमा पार से आतंकवाद कितना भी बढ़ा ले लेकिन वह भारत की अखंडता को कमजोर नहीं कर सकता.

उन्होंने कहा कि जिस पाकिस्तान की गलियों में आतंकवादी खुले आम घूमते हों, वह भारत को मानवाधिकारों की सुरक्षा का पाठ पढ़ा रहा है. दुनिया ऐसे देश से मानवाधिकारों और लोकतंत्र का पाठ नहीं पढ़ना चाहती जो इस संबंध में पहले ही विफल हो चुका है.
 गंभीर ने कहा कि यह बड़ी विचित्र बात है कि जिस देश ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी सरगना ओसामा बिन लादेन को पनाह दे रखी थी और मुल्ला उमर जैसे आतंकवादियों को शरण दी वह अपने को आतंकवाद पीड़ित के तौर पर पेश कर रहा है. लेकिन उसकी असलियत सभी पड़ोसी देश और पूरी दुनिया जान चुकी है. यह सम्मानित महासभा तथा दुनिया जानती है कि नए तथ्य घड़ने की कोशिश करने से हकीकत नहीं बदलती. 

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने पहले संबोधन में प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने भारत पर उनके देश के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगाया था और उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उसकी (भारत की) ओर से नियंत्रण रेखा पार की जाती है या पाकिस्तान के खिलाफ सीमित युद्ध के सिद्धांत पर काम किया जाता है तो उसे ‘वैसा ही जवाब’ दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि कश्मीर विवाद को उचित, शांतिपूर्ण तरीके से और तेजी से सुलझाना चाहिए. चूंकि भारत, पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया बहाल करने का इच्छुक नहीं है तो हम सुरक्षा परिषद से जम्मू-कश्मीर पर उसके घोषणापत्र को लागू करने के दायित्वों को पूरा करने का अनुरोध करते हैं. अब्बासी ने कहा, संयुक्त राष्ट्र महासचिव को कश्मीर के लिए विशेष दूत नियुक्त करना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक भारत-पाकिस्तान सीमा पर 600 से ज्यादा बार संघर्षविराम उल्लंघन होने के बावजूद पाकिस्तान ने संयम के साथ कार्रवाई की है.

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