31 October 2017

भारतीय मूल की गिना मिलर ब्रिटेन की सबसे प्रभावशाली अश्वेत चुनी गई

भारतीय मूल की प्रचारक गीना मिलर को इस साल ब्रिटेन की सबसे प्रभावशाली अश्वेत व्यक्ति चुना गया है. उन्हें यह सम्मान कानूनी लड़ाई जीतने के लिए दिया गया है, जिसमें उन्होंने संसदीय अनुमति के बिना ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे को  ब्रेक्जिट की प्रक्रिया शुरू करने से रोका था. अफ्रीकी और अफ्रीकी कैरेबियाई विरासत के 100 लोगों की 2018 ‘पॉवरलिस्ट’ में गीना मिलर (52) शीर्ष पर हैं. ‘पावरफुल मीडिया’ ने कल यह सूची लंदन में प्रकाशित की. गीना नादिरा सिंह उर्फ गीना मिलर का जन्म ब्रिटिश गुयाना (अब गुयाना) में हुआ था. वह गुयाना के पूर्व अटार्नी जनरल दूनदान सिंह की बेटी हैं. गीना ने ‘बेस्ट फॉर ब्रिटेन’ अभियान में एक प्रमुख प्रचारक की भूमिका निभाई थी.

ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने के मामले पर अपना रूख व्यक्त करने पर सोशल मीडिया पर ब्रेग्जिटर्स द्वारा निशाना बनाए जाने के बाद से उन्हें और उनके परिवार को लंदन में कड़ी सुरक्षा मुहैया कराई गई. वह लंदन में अपने पति और 3 बच्चों के साथ रहती है. उन्होंने कहा कि मेरे जिस कदम की इतनी आलोचना की गई उसके लिए सम्मान मिलना अछ्वुत है.
 

चीन ने दुनिया की पहली बिना पटरी वाली स्‍मार्ट ट्रेन चलाई

चीन ने दुनिया को पहली स्‍मार्ट ट्रेन का तोहफा दिया है. ये व्‍हीकल वर्चुअल रेल लाइन पर रन करेगा. इन लाइन्‍स को चाइना की सड़कों पर बिछाया गया है. चीन के झूजो प्रांत में इसे तैयार किया गया है. ये ट्रेन एक बार में 300 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगी. ट्रेन की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. ट्रेन में तीन कोच तैयार किए गए हैं. इन्‍हें आपस में मेट्रो की तरह जोड़ा गया है. जिससे स्‍मार्ट ट्रेन के अंदर भी यात्री एक कोच से दूसरे कोच में जा सकते हैं. ये स्‍मार्ट ट्रेन फ्यूचर का ट्रांसपोर्ट है. इस ट्रेन सिस्‍टम को शहर के लिए तैयार किया गया है. इसे ऑटोनोमस रेल रैपिड ट्रांसिट कहते हैं. 

इसे चीन रेल कार्पोरेशन ने तैयार किया है. यह दुनिया की सबसे बड़ी ट्रेन कंपनी है. चीन के झूजो प्रांत में 4 मिलियन लोग रहते हैं. सभी को चीन के दूसरे शहरों में भी जाना होता है. ये ट्रेन उनके सफर को और भी आसान बनाएगी. इसे अगर लॉन्‍ग बस कहा जाए तो गलत नहीं होगी पर एक बस के मुकाबले ये कई अधिक संख्‍या में यात्रियों को ले जा सकती है. इस ट्रेन की सबसे खास बात है इसके चलने का तरीका जो पुराने तरीको से हटकर है. इसे चलने के लिए किसी भी तरह का फिजिकल ट्रैक नहीं चाहिए. इस खास ट्रेन के लिए खास तौर पर रोड पर डॉट के रूप में अद्रश्‍य लाइनों को तैयार किया गया है.   एक किलोमीटर की कॉस्‍ट 17 से 23 मिलियन यूरो है. इस ट्रेन को चलाने के लिए रोड के अंदर सेंसर फिट किए जाते हैं. ये सेंसर ट्रैवल की जानकारी एकत्र करने में भी सक्षम होते हैं.

उत्पल कुमार सिंह उाराखंड के नये मुख्य सचिव नियुक्त

केन्द्र में प्रतिनियुक्ति समाप्ती के बाद दो दिन पहले ही मूल कैडर में वापस आये वरिष्ठ आइएएस अधिकारी उत्पल कुमार सिंह को एस. रामास्वामी की जगह उाराखंड का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया. वर्ष 1986 बैच के आइएएस अधिकारी सिंह ने यहां राज्य सचिवालय में कार्यभार ग्रहण कर लिया है. केन्द्र में कृषि विभाग में अपर सचिव पद की जिम्मेदारी संभाल रहे सिंह को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के अनुरोध पर 23 अक्तूबर को ही उाराखंड के लिये कार्यमुक्त किया गया था. इससे पहले, प्रमुख सचिव, कार्मिक, राधा रतूड़ी द्वारा जारी शासनादेश में सिंह को प्रदेश का मुख्य सचिव नियुक्त किये जाने की जानकारी देते हुए उन्हें अविलंब पदभार संभालने का निर्देश दिया गया था.

पदभार संभालने के तुरंत बाद नये मुख्य सचिव सिंह ने मुख्यमंत्री रावत से मुलाकात की. आइएएस अधिकारियों की एक लॉबी लंबे समय से मुख्यमंत्री पर रामास्वामी को हटाने का दवाब बना रही थी जिसे भाजपा के कुछ मंत्रियों का समर्थन भी हासिल था. आलोक कुमार जैन के बाद रामास्वामी ऐसे दूसरे मुख्य सचिव हैं जो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाये. रामास्वामी नवंबर, 2016 में मुख्य सचिव बनाये गये थे.

भारत और एशियाई विकास बैंक ने पश्चिम बंगाल में वित्तीय सुधार हेतु 300 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते की

भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने पश्चिम बंगाल में वित्तीय सुधारों के लिए 300 मिलियन डॉलर के एक ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं ताकि राज्य में सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके. दूसरे पश्चिम बंगाल विकास वित्त कार्यक्रम का उद्देश्य अनुत्पादक व्यय को कम करके और राजस्व संग्रह में बढ़ोत्तरी के माध्यम से सार्वजनिक निवेश को बढ़ाना है. कार्यक्रम के पहले चरण में 400 मिलियन डॉलर का व्यय हुआ था. वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामले विभाग में सयुंक्त सचिव श्री समीर कुमार खरे नें बताया कि कार्यक्रम का लक्ष्य सुधारों का दायरा बढ़ाना, व्यय को तार्किक बनाना, राजकोषीय प्रशासन में सुधार और राज्य में निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ाना है.

भारत के लिए एडीबी के निदेशक केनी केची योकोयामा ने कहा, "नया कार्यक्रम राज्य में उच्च सार्वजनिक निवेश को बनाए रखने के लिए आवश्यक वित्तीय माहौल बनायेगा, जो राज्य की वित्त प्रणाली को संतुलित और स्थायी बनाने में मददगार होगा. समझौता पत्र पर पश्चिम बंगाल की ओर से वित्त विभाग के सचिव परवेज़ अहमद सिद्दकी ने किए जबकि एडीबी की ओर से भारत के लिए एडीबी के निदेशक केनी केची योकोयामा ने हस्ताक्षर किए. यह कार्यक्रम राज्य में सार्वजनिक निवेश के साथ-साथ निजी क्षेत्र के निवेश को भी प्रोत्साहित करेगा. इससे जरूरी ढांचागत सुविधाएं और सहयोग प्रदान किया जाएगा. सार्वजनिक और निजी साझेदारी का जोर मुख्यत: स्वास्थ्य और शिक्षा में क्षेत्र में रहेगा। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए पंजीकरण और लाइसेंस की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा.

दुश्मन की सबमरीन को मात देने लिए हिंद महसागर में भारत-जापान नौसेना का युद्धाभ्यास

भारत और जापान की नौसेनाओं ने दोनों देशों के आसपास रणनीतिक रुप से महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में अपने परिचालन समन्वय को और बढ़ाने  के लिए हिंद महासागर क्षेत्र में तीन दिवसीय पनडुब्बी विरोधी सैन्याभ्यास शुरु किया. दोनों देशों की सेनाएं हिंद महासागर में युद्ध के दौरान सबमरीन को मात देने के लिए मिलकर तैयारी कर रही हैं. भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन डीके शर्मा ने ट्वीट कर के बताया कि ये युद्धाभ्यास 31 अक्तूबर तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास में भारतीय नौसेना का पी-8 आई लॉन्ग रेंज मैरीटाइम एंटी-सबमरीन एयरक्राफ्ट और जापानी मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स के दो पी-3 ओरिओन एंटी सबमरीन युद्धक विमान ने हिस्सा लिया है. दो पी 3 सी ओरिएन जेट  आज गोवा के हंसा में नोसेना के एयर स्टेशन पर पहुंचे. ये भी पनडुब्बी निरोधक हैं. नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन डी के शर्मा ने कहा कि दोनों नौसेनाओं के ‘‘एयरक्रू’’ संयुक्त अभियान की अवधारणा तैयार करने के लिए गहन संवाद करेंगे.
 
यह अभ्यास भारत और जापान में इस चिंता के बीच हो रहा है कि  चीन हिंद प्रशांत क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है. भारत-जापान का मिलकर युद्धाभ्यास करना अहम माना जा रहा है, वहीं चीन लगातार दक्षिण चीन सागर में आक्रामक होता जा रहा है. बता दें कि इसी साल जुलाई में भारत, जापान और अमेरिका ने साथ मिलकर मालबार युद्धाभ्यास किया था. हाल में फ्रांस की रक्षामंत्री फ्लोरेंस पार्ले और निर्मला सीतारमण की मुलाकात के दौरान चर्चा का प्रमुख विषय भी समुद्री सुरक्षा ही है. गौरतलब है कि पूर्व रक्षामंत्री अरुण जेटली की जापान यात्रा के दौरान भी सुमद्री सुरक्षा का मुद्दा ही केंद्र में था.

30 October 2017

शर्मिला टैगोर को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया

मशहूर अभिनेत्री शर्मिला टैगोर को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया गया. शर्मिला टैगोर को यह पुरस्कार पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से प्रदान किया गया. राजधानी के सिरी फोर्ट सभागार में कल शर्मिला को यह पुरस्कार सिनेमा में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया. उन्हें यह पुरस्कार केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह और दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष एवं सांसद मनोज तिवारी के हाथों प्रदान किया गया. इससे पहले भी शर्मिला टैगोर को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिनमे फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार, पद्म भूषण, राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार - सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार, राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार - सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री पुरस्कार, आदि प्रदान किए गए.
 
शर्मिला टैगोर का जन्म 8 दिसम्बर 1946 को हैदराबाद, आंध्र प्रदेश, में एक हिंदू बंगाली परिवार में हुआ था. भारतीय फिल्मों की सशक्त अभिनेत्री शर्मिला ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत वर्ष 1959 से की और कई बांग्ला तथा हिंदी फिल्मों में काम किया. शर्मिला टैगोर को दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किया गया है. साथ ही भारत सरकार ने उन्हें पद्मभूषण सम्मान से भी अलंकृत किया है. वर्ष 2004 से 2011 के मध्य वह सेंसर बोर्ड की अध्यक्ष भी रह चुकी है.

भारत और श्रीलंका ने हम्बनटोटा बंदरगाह में 1200 घरों के निर्माण हेतु समझौता किया

भारत ने श्रीलंका के साथ 26 अक्टूबर 2017 को  हम्बनटोटा बंदरगाह पर 1200 घरों के निर्माण हेतु एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया है. यह समझौता ज्ञापन भारत का श्रीलंका में उच्चायुक्त तरनजीत सिंह संधू और श्रीलंका के हाउसिंग मिनिस्ट्री के सचिव डब्ल्यू के के अथुकोराला के मध्य किया गया. ज्ञात हो कि भारत सरकार द्वारा श्रीलंका को 600 मिलियन रूपये की ग्रांट से श्रीलंका में 1200 घरों का निर्माण किया जायेगा. इन 1200 घरों में 600 घर श्रीलंका के दक्षिणी प्रांत में निर्मित किये जायेंगे जबकि बांकि के 600 घर श्रीलंका के 25 जिलों में तैयार किये जा रहे मॉडल गॉंवों में बनाएं जायेंगे. भारत और श्रीलंका के मध्य शुरू की गई इस परियोजना के अन्तर्गत भूमिहीन एवं बेघर लोगों को सहायता प्रदान की जायेगी.

इस परियोजना के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी को पांच किश्तों में पांच लाख रूपये की सहायता राशि प्रदान की जायेगी. यह परियोजना भारत द्वारा श्रीलंका में आवास निर्माण में सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता का एक भाग हैं. भारत सरकार ने इसके अतिरिक्त श्रीलंका में उत्तर और पूर्वी भाग में लगभग 50000 घरों के निर्माण के लिए आधारशिला रखी है. जिसमें गलभग 46000 घर अब तक तैयार किये जा चुके हैं. बांकि के बचे 4000 हजार घरों को निर्माण तेजी से हो रहा है. मई 2017 में भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बुवाई क्षेत्र में अतिरिक्त 10000 घरों के निर्माण के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की थी.

सउदी अरब रोबोट को नागरिकता देने वाला पहला देश बना

सउदी अरब रोबोट को नागरिकता प्रदान करने वाला पहला देश बन गया है. 25 अक्टूबर को सउदी अरब ने 'सोफिया' नाम के रोबोट को नागरिकता प्रदान की है. सउदी ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को बढ़ावा देने के लिए यद कदम उठाया है. रोबोट का नाम सोफिया है और ऑफिशियल सउदी प्रेस रिलीज के अनुसार एक इवेंट में रोबोट को नोगरिकता प्रदान की गई. इवेंट में रोबोट ने थैंक्यू कहकर शुक्रिया भी अदा किया. हेसन रोबोटिक्स ने इस रोबोट को बनाया है और यह रोज के काम कर लेता है.

सोफिया ह्यूमनराइड रोबोट है. बिजनेस लेखक एंड्रंयू रोस सोर्किन ने रियाद में इस रोबोट का इंटरव्यू भी लिया. सोफिया को पोडियम पर लाया गया और उसने सवालों के जवाब दिए. इसके अलावा यह भी दावा किया गया कि इस रोबोट का एक ही मकसद होगा अच्छी जिंदगी के मानव की मदद. ट्विटर पर लोग इस रोबोट को लेकर कंमेट शेयर कर रहे हैं.  कुछ लोग कह रहे हैं कि क्या ये रोबोट बूर्का पहनेगा तो कुछ कह रहे हैं कि क्या इस रोबोट का ट्विटर अकाउंट है.

कैटेलोनिया ने स्वयं को स्पेन से स्वतंत्र घोषित किया

कैटेलोनिया की संसद ने 27 अक्टूबर 2017 को स्वयं को स्पेन से स्वतंत्र घोषित कर दिया. इस प्रकार लंबे समय तक संघर्षरत रहने के बाद आखिर कैटेलोनिया स्वतंत्र देश बना. गौरतलब है कि 27 अक्टूबर को ही स्पेन की संसद में कैटेलोनिया पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए मतदान होना था, लेकिन उससे पहले ही कैटेलोनिया की संसद ने मतदान कर इसकी घोषणा कर दी. कैटेलोनिया की संसद में स्वतंत्रता वाले प्रस्ताव के पक्ष में 70 वोट डाले गये जबकि इसके विपक्ष में 10 वोट डाले गये. कैटेलोनिया की 135 सदस्यीय संसद में मतदान से पहले विपक्षी सांसदों ने वाकआउट किया. विपक्षी सदस्यों का कहना था कि इस घोषणा से कैटेलोनिया को स्पेन और विदेश से आधिकारिक मान्यता मिलने की संभावना नहीं है.
कैटेलोनिया के स्वतंत्र राष्ट्र घोषित होने के बाद स्पेन के प्रधानमंत्री मारियानो राजोय ने वहां की सरकार को बर्खास्त करने के साथ ही कैटेलोनिया की संसद को भी भंग कर दिया है. इसके साथ ही राजोय ने 21 दिसंबर को समय से पूर्व चुनाव कराने की घोषणा भी कर दी. वहीं अमेरिका ने स्पेन का समर्थन करते हुए अमेरिका ने स्पेन के संवैधानिक उपायों का समर्थन किया है. अमेरिकी प्रवक्ता ने कहा कि कैटेलोनिया स्पेन का एक अभिन्न अंग है और अमेरिका स्पेन की मजबूती और एकजुटता बनाए रखने के लिए स्पेनिश सरकार तथा उसके संवैधानिक उपायों का समर्थन करता है.
 पृष्ठभूमि:

कैटेलोनिया में वर्ष 2015 के चुनावों में अलगाववादी नेताओं को जीत हासिल हुई थी. इस चुनाव के दौरान ही इन्होंने जनमत संग्रह कराने का वादा किया था. स्पेन से अलग होने के लिए सरकार के कड़े विरोध के बावजूद कैटेलोनिया में जनमत संग्रह किया गया. जनमत संग्रह के दौरान काफी हिंसा भी हुई. इस प्रदर्शन में लगभग 10 लाख लोगों ने भाग लिया और आज़ादी की मांग की. उस समय कैटेलोनिया प्रशासन ने घोषणा कर बताया कि जनमत संग्रह में भाग लेने वाले 90 प्रतिशत लोग स्पेन से अलग होना चाहते हैं. वहीं, स्पेन का कहना था कि देश की संवैधानिक अदालत ने इस जनमत संग्रह को अवैध करार दिया है.

हाल ही में स्पेन की सरकार द्वारा कैटेलोनिया के अलगाववादी नेता को आगाह किया गया था कि कानूनी व्यवस्था में लौटने के लिए उनके पास तीन दिन का समय है. स्पेन की सरकार की ओर से तय शुरुआती समय सीमा को लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कैटेलोनिया के राष्ट्रपति चार्ल्स पुइगदेमोंत ने स्पैनिश प्रधानमंत्री मारियानो राजोय के साथ बातचीत का आह्वान किया था, साथ ही उन्होंने मैड्रिड की ओर से 'हां या ना' में जवाब देने की मांग पर कुछ भी जवाब नहीं दिया.

ऑस्ट्रेलिया के उप-प्रधानमंत्री अयोग्य घोषित किए गए

आस्ट्रेलिया हाई कोर्ट ने उप-प्रधानमंत्री बार्नबाय जॉयस को दोहरी नागरिकता होने के कारण संसद की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित कर दिया. जिसके बाद महज़ एक ही सीट से बहुमत में आई सरकार अब अल्पमत में आ गई है. ऑस्ट्रेलिया के हाई कोर्ट ने फैसला देते हुए कहा कि उप प्रधानमंत्री बार्नबाय जॉयस को संसद में बने रहने का हक नहीं हैं क्योंकि उनके पास दोहरी नागरिकता है. कोर्ट ने कहा कि पिछले साल जुलाई में चार अन्य राजनीतिज्ञों पर भी इसी तरह का प्रतिबंध लगाया था. आस्ट्रेलिया का संविधान दोहरी नागरिकता वाले लोगों को सांसद बनने से प्रतिबंधित करता है. उप प्रधानमंत्री बार्नबाय जॉयस के हटने से सरकार पर संकट गहरा गया है क्योंकि सरकार के पास एक सीट से बहुमत है.

ऑस्ट्रेलिया की हाई कोर्ट ने फ़ैसला सुनाया कि ऑस्ट्रेलिया के उप-प्रधानमंत्री बार्नबी जॉइस समेत चार अन्य राजनेताओं को ग़लती से चुन लिया गया था क्योंकि उनके पास दो देशों की नागरिकता थी. कोर्ट के इस फ़ैसले के अनुसार बार्नबी जॉइस समेत तीन राजनेता अपने पद के लिए अयोग्य हो गए हैं जबकि दो अन्य नेताओं का कार्यकाल जुलाई में ख़त्म होने वाला है. 

ऑस्ट्रेलिया के संविधान के अनुसार दो नागरिकताएं होने पर किसी व्यक्ति को सरकार के लिए चुना नहीं जा सकता. सात सदस्यीय जजों की बेंच ने दो सप्ताह मामले पर सुनवाई की और कहा कि ये पांच नेता ‘किसी विदेशी ताकत के नागरिक हैं’ और इस कारण संविधान की धारा 44 के तहत अयोग्य हैं. बार्नबी जॉइस ने अगस्त में न्यूज़ीलैंड की अपनी नागरिकता की घोषणा की थी. फ़ैसला आने के बाद उन्होंने कहा, “मैं कोर्ट के फ़ैसले का सम्मान करता हूं. हम एक बेहतरीन लोकतंत्र में रहते हैं.” इससे पहले, उन्होंने कहा था कि अगर वह अयोग्य घोषित होते हैं तो वह निचले सदन की सीट से फिर से चुनाव लड़ेंगे.
 
उनके साथ अयोग्य घोषित हुए चार अन्य राजनेताओं में फिओना नैश, माल्कम रॉबर्ट्स, लरिसा वॉटर्स और स्कॉट लुडलम शामिल हैं जो सीनेट के लिए चुने गए थे. दो अन्य सीनेटर मैट कैनावन और निक्स शेनोफोन भी जांच के घेरे में थे. उनके चुनाव को वैध घोषित किया गया है. ऑस्ट्रेलिया की राजनीति में किसी राजनेता की दो नागरिकताओं का मसला इसी साल जुलाई से शुरू हुआ था जिसके बाद कई सांसदों को इसके बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी थी.

26 October 2017

अमेरिकी अर्थव्यवस्था में योगदान हेतु ट्रंप ने दो भारतीय अमेरिकियों को सम्मानित किया

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो भारतीय अमेरिकी उद्योगपतियों को अमेरिकी अर्थव्यवस्था में उनके छोटे लेकिन महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया है. वाइट हाउस स्थित ओवल ऑफिस में मंगलवार को ट्रंप ने शरद ठक्कर और करन अरोड़ा के साथ सात अन्य लघु कारोबारों के मालिकों को सम्मानित किया. शरद ठक्कर पॉलिमर टैक्नॉलॉजीज के अध्यक्ष हैं. इस कंपनी को वर्ष की सर्वश्रेष्ठ लघु उर्जा कंपनी चुना गया था. फ्लोरिडा के रहने वाले करन अरोड़ा नैचरल विटामिन लैब के निदेशक हैं, जिसे साल की सर्वश्रेष्ठ लघु निर्यात कंपनी चुना गया. अरोड़ा 25 साल से दुनिया भर के पार्टनर्स को नैचरल हेल्थ प्रॉडक्ट सप्लाई करते हैं.

ठक्कर और अरोड़ा ने मंगलवार रात को कॉमर्स सेक्रटरी विल्बर रोस ने सम्मानित किया. ठक्कर और अरोड़ा दोनों पढ़ाई के लिए अमेरिका गए थे. इसके बाद एच-1बी वीजा और ग्रीन कार्ड के जरिए सिटिजनशिप हासिल की. अरोड़ा का कहना है कि ट्रंप की नीतियां अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग बेस को फिर से तैयार करने में काफी प्रभावित साबित हुई हैं. करीब 30 साल पहले गुजरात के बड़ौदा से यूएस शिफ्ट हुए ठक्कर ने बताया, 'मुझे गर्व है कि इस देश ने मुझे यह मौका दिया है.' वहीं अरोड़ा साल 2000 में अंडरग्रैजुएट पढ़ाई के लिए मुंबई से यूएस आए थे। 'जो मौके हमें मिले हैं, वे वाकई जबरदस्त हैं. उन्होंने बताया कि अवॉर्ड हासिल करने वाले अन्य लोगों के साथ ट्रंप ने सबको शुभकामनाएं दीं.' ट्रंप की नीतियों की तारीफ करते हुए अरोड़ा ने कहा कि उनके जैसे बिजनसमैन के लिए जरूरी है कि वह अपनी बिजनस प्लानिंग में ज्यादा समय बिताए, न कि टैक्स प्लानिंग में.

इंटरनेट स्पीड के मामले में पाकिस्तान, नेपाल से भी पीछे भारत, दुनिया में 111 वें नंबर पर

भारत में अक्‍सर लोग इंटरनेट की स्‍पीड पर चर्चा करते हैं. देश की आम जनता जो इंटरनेट का इस्तेमाल करती है उसने तो शायद जियो के आने के बाद ही जाना कि इंटरनेट इतना तेज भी हो सकता है. क्या आपको पता है कि दुनिया के किस देश में इंटरनेट की स्‍पीड सबसे तेज है. बताया जाता है कि नॉर्वे में मोबाइल फोन पर इंटरनेट की औसत स्पीड में बीते एक साल में 69 फीसदी तेज हुई है. आकड़ों के अनुसार, इस समय 52.6 मेगाबाइट प्रति सेकेंड है. speedtest.net ने ग्लोबल इंडेक्स में दुनिया के 122 देशों में मिलने वाली मोबाइल इंटरनेट की स्पीड का पताया लगाया है. रिपोर्ट के अनुसार, मोबाइल इंटरनेट स्पीड के मामले में औसतन 8.52mbps के साथ भारत 111 वें पायदान पर है. वहीं फिक्स्ड ब्रॉडबैंड में हमारे देश की स्थिति थोड़ी बेहतर हैं. 18.33 mbps स्पीड के साथ भारत 73वें पायदान पर है.

बता दें कि पाकिस्तान जैसा देश भी इंटरनेट स्पीड के मामले में भारत से आगे है. श्रीलंका और नेपाल में भी नेट भारत से तेज़ चलता है. यह आंकड़े वेबसाइट ने अपनी सितंबर की रिपोर्ट में जारी किए हैं. फिक्स्ड ब्रॉडबैंड इंटरनेट स्पीड के लिए 133 देशों को शामिल किया गया है. इतना ही नहीं वह देश जहां गृहयुद्ध चल रहा है, वहां का इन्फ्रास्ट्रक्चर तकरीबन ध्वस्त है. इसके बावजूद मोबाइल इंटरनेट स्पीड के मामले में 12.41mbps स्पीड के साथ सीरिया 93वें स्थान पर है. वहीं इराक में सबसे धीमा और, नार्वे में सबसे तेज मोबाइल इंटरनेट चलता है. ईराक में मोबाइल इंटरनेट की स्पीड 3.03 Mbps है, जबकि नार्वे में मोबाइल इंटरनेट की स्पीड सबसे तेज है. यहां मोबाइल इंटरनेट स्पीड 62.59 Mbps है. नॉर्वे में टेलीनॉर सहित कुल तीन ऐसी दूरसंचार कंपनियां हैं, जिन्होंने अपना मोबाइल नेटवर्क स्थापित किया है. नॉर्वे की शीर्ष दूरसंचार सेवा प्रदाता 'टेलीनॉर' ने पिछले साल सितंबर में व्यक्तिगत तौर पर इस्तेमाल होने वाले इंटरनेट की स्पीड बढ़ा दी थी.

फिक्स्ड ब्रॉडबैंड इंटरनेट के मामले में सिंगापुर पहले नंबर पर है. यहां इंटरनेट की स्पीड 156.67 है. वहीं चीन 22वें नंबर पर है, यहां स्पीड 57.03 mbps है. मोबाइल इंटरनेट के मामले में चीन 33.63 mbps के साथ 24वें नंबर पर है. वहीं दुनिया में सबसे तेज मोबाइल इंटरनेट सेवा के मामले में नीदरलैंड्स दूसरे और हंगरी तीसरे नंबर पर है. साइबर से जुड़े लोगों का कहना कि दुनिया में सबसे ज्यादा तेज इंटरनेट नासा में चलता है.

प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका तथा 'ठुमरी की रानी' गिरिजा देवी का निधन

भारतीय शास्त्रीय संगीत गायिका गिरिजा देवी का कोलकाता के बिड़ला अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. गिरिजा देवी 88 साल की थीं. ठुमरी गायन को प्रसिद्धि के मुकाम पर पहुंचाने के लिए गिरिजा देवी को 1972 में पद्मश्री, 1989 में पद्मभूषण और 2016 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया था. गिरिजा देवी के चले जाने से शास्त्रीय संगीत के साथ कला जगत में शोक की लहर देखी जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. 
 
गिरिजा देवी का जन्म 8 मई, 1929 को बनारस में हुआ था और वे  बनारस घरानों की एक प्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय गायिका रहीं. ठुमरी गायन को संवारकर उसे लोकप्रिय बनाने में इनका बहुत बड़ा योगदान है. संगीत की शुरूआती शिक्षा उन्होंने अपने पिता से ही ली थी. बताते हैं कि गायन को सार्वजनिक रूप से अपनाने के लिए उन्हें अपने परिवार का कड़ा विरोध झेलना पड़ा था. ठुमरी के अलावा उन्होंने अर्द्ध शास्त्रीय शैलियों कजरी, चैती, होली को भी अहमियत दी और वह ख्याल, भारतीय लोक संगीत और टप्पा भी गाती थीं. 

25 October 2017

रिलायंस कम्युनिकेशन-एमटीएस विलय को मिली दूरसंचार विभाग की मंजूरी

रिलायंस कम्युनिकेशन (आरकॉम) ने सिस्टेमा श्याम टेलीसर्विसेज लि. (एसएसटीए) के साथ विलय के लिए दूरसंचार विभाग (डीओटी) की मंजूरी हासिल कर ली है. कंपनी ने एक बयान में सोमवार को यह जानकारी दी. सिस्टेमा श्याम टेलीसर्विसेज लि. भारत में एमटीएस ब्रांड के अंतर्गत परिचालन करती है. इस सौदे से आरकॉम को करीब 20 लाख ग्राहक और 700 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राजस्व हासिल होंगे. बयान में कहा गया कि इसके अलावा इस सौदे से आरकॉम को अपने अनूठे राष्ट्रव्यापी स्पेट्रम पोर्टफोलियो में सबसे मूल्यवान और बेहतर 800/850 मेगाहट्र्ज बैंड आठ महत्वपूर्ण सर्किलों (दिल्ली, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, कोलकाता, यूपी-वेस्ट और पश्चिम बंगाल) में 12 सालों की अवधि के लिए हासिल होगा (2021 से 2033 तक). 

बयान में कहा गया, ‘‘डीमर्जर के बाद एसएसटीएल को आरकॉम में 10 फीसदी पूर्ण डील्यूटेड इक्विटी हिस्सेदारी मिलेगी. इसके अलावा आरकॉम एसएसटीएल के स्पेक्ट्रम के डीओटी को भुगतान की भी जिम्मेदारी लेगा, जो अगले आठ सालों तक 390 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष देना है.’’ यह सौदा इस साल नवंबर के पहले हफ्ते तक पूरा हो जाने की उम्मीद है.

इंडिया पोस्‍ट पेमेंट बैंक के एमडी और सीईओ बने सुरेश सेठी

इंडिया पोस्‍ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) ने वोडाफोन एम-पैसा लिमिटेड के पूर्व प्रबंध निदेशक सुरेश सेठी को अपना मैनेजिंग डायरेक्‍टर और चीफ एग्‍जीक्‍यूटिव ऑफि‍सर (सीईओ) नियुक्‍त किया है. वह एपी सिंह का स्‍थान लेंगे, जो जनवरी 2017 से इस पद को अंतरिम रूप से संभाल रहे थे. संचार मंत्रालय ने बताया कि बैंक बोर्ड ब्‍यूरो (बीबीबी) ने इस पद के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकिंग और फि‍नटेक पेशेवरों के शीर्ष दावेदारों में से चुना है. डाक विभाग के तहत आईपीपीबी का एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी के रूप में गठन किया गया है, जिसमें भारत सरकार की 100 फीसदी हिस्सेदारी है.

बयान में कहा गया है कि आईपीपीबी की योजना इंडिया पोस्ट के अद्वितीय नेटवर्क का लाभ उठाकर अगले साल की शुरुआत तक देश भर में 650 शाखाएं खोलने की है. सेठी के पास बैंक तथा वित्‍तीय सेवा उद्योग में 27 साल से अधिक का अनुभव है. वह सिटी ग्रुप, यस बैंक और वोडाफोन एम-पैसा के साथ पूरे भारत, केन्‍या, अर्जेंटीना, यूके और यूएस में काम कर चुके हैं. उन्‍होंने फि‍नटेक और डिजिटल इन्‍नोवेशन के साथ फाइनेंशियल इनक्‍लूजन के क्षेत्र में बहुत अधिक काम किया है.

24 October 2017

जापान में पीएम मोदी के दोस्त शिंजो आबे ने शानदार जीत दर्ज की

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जापान के मध्यावधि चुनाव में प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने एक बार फिर शानदार जीत कर सत्ता में वापसी की है. जापान में हुए आम चुनाव में शिंजो आबे की पार्टी को बड़ी जीत मिली है. 22 अक्टूबर 2017 को संपन्न हुए मतदान में आबे की लिबरल डैमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) वाले गठबंधन ने सुपर मेजोरिटी यानी दो-तिहाई बहुमत यानि 312 सीटें प्राप्त की. बता दे की जापान में यह 48वां आम चुनाव है. द्विसदनीय जापानी संसद (डायट) के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव के लिए चार साल पर चुनाव होता है. हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की कुल संख्या 465 है और बहुमत का आंकड़ा 233 है.

जापान के प्रधान मंत्री शिंजो आबे ने विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और उत्तर कोरिया के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के लिए नया जनादेश पाने को तय समय से एक साल पहले ही चुनाव कराया. इस भारी जीत के साथ दिसंबर 2012 में पदभार ग्रहण करने वाले शिंजो आबे अगले सितंबर में एलडीपी नेता के रूप में तीसरे तीन साल का कार्यकाल सुरक्षित कर लिया है. 

इसके साथ ही वे जापान के सबसे लंबे समय तक रहने वाले प्रधानमंत्री बन जाएंगे. इसका अर्थ यह भी है कि उनकी "एबनिओमिक्स" वृद्धि की रणनीति जो कि हाइपर-आसान मौद्रिक नीति है इसकी संभावनाएं जारी रहेंगी. जापान में 22 अक्टूबर 2017 स्थानीय समय के अनुसार 7 बजे मतदान शुरू हुआ और रात 8 बजे तक चला. पश्चिमी जापान के कोचि में भूस्खलन की वजह से 20 मिनट देरी से मतदान शुरू हुआ. तूफान के मार्ग में पड़ने वाले दक्षिणी द्वीप पर एक दिन पहले ही शनिवार को लोगों ने मतदान किया.

संयुक्त राष्ट्र दिवस

आज (24 अक्टुबर) संयुक्त राष्ट्र दिवस है जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर के 1 9 45 में लागू होने की सालगिरह का प्रतीक है. संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना 1945 को संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर 50 देशों के हस्ताक्षर होने के साथ की गयी. इसके बाद ही संयुक्त राष्ट्र आधिकारिक तौर पर अस्तित्व में आया. आज संयुक्त राष्ट्र की 72 वीं सालगिराह है. संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य राज्य अपने लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए वित्त का योगदान देते हैं. विश्व शांति के अलावा, मानव अधिकारों की सुरक्षा, सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और अकाल, प्राकृतिक आपदा और सशस्त्र संघर्ष के मामलों में दुनिया भर में सहायता प्रदान करने के लिए इसकी भूमिका बढ़ी है.

संयुक्त राष्ट्र दिवस हर साल संयुक्त राष्ट्र संस्थान के उद्देश्यों एवं उपलब्धियों की जानकारी देने कि लिए मनाया जाता है. इस दौरान साप्ताहिक कार्यक्रमो का आयोजन किया जाता है. 1948 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 24 अक्टुबर को संयुक्त राष्ट्र दिवस के रुप में भी मनाए जाने की घोषणा की थी. 1 9 71 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक और प्रस्ताव (संयुक्त राष्ट्र संकल्प 2782) अपनाया और यह घोषित किया कि संयुक्त राष्ट्र दिवस एक अंतरराष्ट्रीय अवकाश होगा और इसे संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों द्वारा सार्वजनिक अवकाश के रूप में देखा जाना चाहिए.

क्यों बनाया गया संयुक्त राष्ट्र : 
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान विश्व में काफी अशांति फैल गई थी. देशों के बीच संबंध काफी खराब हो गए थे. विश्व युद्ध के बाद विजेता देशों ने मिलकर एक ऐसा संगठन बनाने का प्रस्ताव रखा, जो विश्व में शांति कायम कर सके और फिर संयुक्त राष्ट्र संघ का गठन किया गया. 24 अक्तूबर 1945 को विश्व के 50 देशों ने चार्टर (संयुक्त राष्ट्र अधिकार पत्र) पर हस्ताक्षर कर इसका गठन किया. संयुक्त राष्ट्र में 193 सदस्य देश है. दुनिया के लगभग सभी मान्यता प्राप्त देश इसका हिस्सा है. अपना देश भारत इसमें शुरुआती दिनों में ही जुड़ गया था. संयुक्त राष्ट्र ने 6 भाषाओं को अधिकारिक भाषा का दर्जा दिया है (अरबी, चीनी, अंग्रेजी, फ्रेंच, रूसी,और स्पेनिश) लेकिन इन भाषाओं में केवल दो भाषा (अंग्रेजी और फ्रेंच) ही परिचलन में है. जबकि स्थापना के समय सिर्फ चार भाषाओं (अरबी, चीनी, अंग्रेज़ी, फ्रेंच, रूसी और स्पेनी) को ही स्वीकृति दी गई थी.

WHO ने जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे को गुडविल एंबैसेडर पद से हटाया

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे की गुडविल एंबैसेडर पद पर की गई नियुक्ति को रद्द कर दिया. मुगाबे की नियुक्ति के बाद से ही दुनियाभर में इसकी आलोचना हो रही थी. डब्ल्यूएचओ के निदेशक ट्रेडोस एडनोन ने कहा कि मुगाबे की नियुक्ति के बाद तमाम प्रतिक्रियाओं पर उनकी नजर थी. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जिम्बाब्वे सरकार से भी सलाह-मशविरा किया गया और उसके बाद यह फैसला किया गया. 

इथियोपिया के ट्रेडोस ने बुधवार को गैर संक्रामक रोगों से संबद्ध उरुग्वे में एक सम्मेलन के मौके पर मुगाबे की नियुक्ति की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि मुगाबे के शासनकाल में जिम्बाब्वे में स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुआ है. उन्होंने यह भी कहा था कि मुगाबे इलाके में अपने प्रभाव का सकारात्मक इस्तेमाल कर सकते हैं.इसकी पूरी दुनिया में आलोचना हुई. डब्ल्यूएचओ से जुड़े 28 स्वास्थ्य संगठनों ने मुगाबे की नियुक्ति पर चिंता जाहिर की थी. इनका कहना है कि मुगाबे के समय में जिम्बाब्वे में अन्य क्षेत्रों की ही तरह स्वास्थ्य का भी बुरा हाल है.

राकेश अस्थाना सीबीआई के विशेष निदेशक नियुक्त


केंद्र सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अतिरिक्त निदेशक राकेश अस्थाना को जांच एजेंसी के विशेष निदेशक (स्पेशल डायरेक्टर) के तौर पर नियुक्त किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने सीबीआई, आईबी, बीएसएफ और एनआईसीएफएस में आठ अधिकारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी. आईपीएस अधिकारी गुरबचन सिंह को आईबी में विशेष निदेशक नियुक्त किया गया है और यह नियुक्ति 31 दिसंबर, 2018 अथवा अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी. सिंह फिलहाल खुफिया ब्यूरो में ही अतिरिक्त निदेशक के पद पर कार्य कर रहे हैं. सीबीआई में अतिरिक्त निदेशक के पद पर आसीन राकेश अस्थाना को इसी एजेंसी का विशेष निदेशक नियुक्त किया गया है. सीआरपीएफ में अतिरिक्त महानिदेश के पद पर तैनात आईपीएस अधिकारी सुदीप लखटकिया को सीआरपीएफ में विशेष महानिदेशक नियुक्त किया गया है. नए पद पर उनकी नियुक्ति 31 जुलाई, 2019 अथवा अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी.

उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद को ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिमिनलॉजी एंड फोरेंसिक साइंस’ (एनआईसीएफएस) में विशेष महानिदेशक बनाया गया है. फिलहाल वह इसी संस्था में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं. सीआरपीएफ में अतिरिक्त महानिदेशक दीपक कुमार मिश्रा को विशेष महानिदेशक नियुक्त किया गया है. उनकी यह नियुक्ति अगले वर्ष 30 नवंबर अथवा अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी. बीएसएफ में अतिरिक्त महानिदेशक के तौर पर सेवा दे रहे आईपीएस अधिकारी ए पी माहेश्वरी को इसी बल में विशेष महानिदेशक नियुक्त किया गया है. वह 28 फरवरी, 2021 अथवा अगले आदेश तक इस पद पर रहेंगे. आईबी में अतिरिक्त निदेशक के तौर पर कार्य कर रहे आईपीएस अधिकारी अरविंद कुमार को विशेष निदेशक बनाया गया है. बीएसएफ में अतिरिक्त महानिदेशक के तौर पर सेवा दे रहे आईपीएस अधिकारी राजेश रंजन को विशेष महानिदेशक नियुक्त किया गया है. उनकी नियुक्ति 30 नवंबर, 2020 अथवा अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी.

23 October 2017

कराची विश्व का सबसे असुरक्षित शहर : रिपोर्ट


द इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट के सेफ सिटी इंडेक्स-2017 द्वारा जारी जानकारी के अनुसार विश्व के सबसे असुरक्षित शहरों की सूची जारी की गयी. पाठकों को बता दे की इस सूची में कराची को विश्व का सबसे असुरक्षित शहर माना गया जबकि जापान की राजधानी टोक्यो को सबसे सुरक्षित शहर माना गया. सेफ सिटी इंडेक्स 2017 को तैयार करने के लिए निजी सुरक्षा, डिजिटल सुरक्षा, स्वाथ्य सुरक्षा और ढांचागत सुरक्षा जैसे 49 प्रतिमानों को आधार बनाया गया. इस सूची में चीन के तीन और भारत के दो शहर शामिल हैं. 
 
इस इंडेक्स में कुल 60 शहरों को शामिल किया गया है. सुरक्षित शहरों की सूची में सिंगापुर दूसरे और जापान का ओसाका तीसरे स्थान पर है. इस सूची में दिल्ली 43वें और मुंबई 45वें पायदान पर है. टॉप-10 शहरों में अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस का कोई भी शहर नहीं है, वहीं, भारत और उसके पड़ोसी देशों की बात करें, तो इनमें चीन भारत से ऊपर मौजूद है. चीन के दो शहर शीर्ष 35 में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं. वर्ष 2015 की इस सूची में 50 शहर शामिल थे. सूची के अनुसार वर्ष 2015 की तुलना में इस बार अधिकतर शहरों का सुरक्षा स्तर कम हुआ है केवल दो शहरों में सुधार दर्ज हुआ है जिनमें स्पेन के मैड्रिड के सुरक्षा मानकों में 13 और सियोल में 6 अंकों का सुधार हुआ है.

सलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने दिया इस्तीफा

सलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. कुमार ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए शुक्रवार को कानून मंत्रालय को इस्तीफा भेजा. यह देश का दूसरा सबसे वरिष्ठ विधि अधिकारी का पद है. रंजीत कुमार ने कहा कि वह परिवार के सदस्यों की कुछ स्वास्थ्य समस्याओं पर ध्यान नहीं दे पा रहे थे. सलिसिटर जनरल अपने व्यस्त शेड्यूल की वजह से अपने परिवार को समय नहीं दे पा रहे थे इसलिए उन्होंने इस्तीफा दिया है. उन्होंने कहा कि सलिसिटर जनरल के रूप में उनका अनुभव शानदार रहा और सरकार के व्यवहार से वह पूरी तरह संतुष्ट हैं. संवैधानिक कानूनों के विशेषज्ञ माने जाने वाले सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार को मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद जून 2014 में सलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया था. उनका दूसरा कार्यकाल हाल ही में शुरू हुआ था. वह कई मुकदमों में गुजरात सरकार की पैरवी कर चुके हैं.

अटॉर्नी जनरल, सलिसिटर जनरल और अडिशनल सलिसिटर जनरल विभिन्न अदालतों में सरकार की पैरवी करते हैं और पेचीदा मसलों पर कानूनी सलाह देते हैं. कुछ महीने पहले यह चर्चा थी कि उच्चतम न्यायालय की कोलेजियम शीर्ष अदालत के न्यायाधीश पद के लिए उनके नाम पर विचार कर रही है. हाल ही में, वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने अटॉर्नी जनरल के पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने सरकार को लिखे पत्र में कहा था कि अटार्नी जनरल के रूप में दूसरे कार्यकाल में उनकी दिलचस्पी नहीं ह.

प्रदूषण की वजह से भारत में सबसे अधिक मौतें, एक साल में मारे गए 25 लाख लोग

साल 2015 में भारत में प्रदूषण की वजह से करीब 25 लाख लोग मारे गए. ये दुनिया के किसी भी देश के मुकाबले सबसे ज्यादा है. लैनसेट कमिशन की प्रदूषण और स्वास्थ्य रिपोर्ट के अनसुार विश्व में करीब 90 लाख लोग प्रदूषण की वजह से मारे गए. मृतकों के ये आंकड़े एड्स, मलेरिया और ट्यूबरकुलोसिस जैसी घातक बीमारियों से मरने वाले लोगों से तीन गुना ज्यादा हैं. रिपोर्ट में दूसरे नंबर पर चीन है, जिसमें 18 लाख लोग प्रदूषण की चपेट में आकर अपनी जान गवां बैठे. रिपोर्ट की मुताबिक विश्व में हर छह में से एक शख्स की मौत प्रदूषण की वजह से होती है. इसमें सबसे ज्यादा मौतें विकासशील देशों में होती हैं.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को तकरीबन दरकिनार करते हुए दिल्ली-एनसीआर में लोगों ने जमकर पटाखे खरीदे और दिवाली पर फोड़े भी. वहीं, दिवाली की रात हुई जमकर आतिशबाजी के चलते दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण ने शुक्रवार सुबह असर दिखाना भी शुरू कर दिया है. जहां एक ओर आसमान में धुएं की हल्की परत छाई है वहीं, दिवाली पर आतिशबाजी के चलते 24 गुना तक प्रदूषण बढ़ गया है. हालांकि, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) का मानना है कि पिछले साल की तुलना में इस साल दिल्ली की हवा में प्रदूषण का स्तर कम रहा.

21 October 2017

फेसबुक ने 650 करोड़ रुपये में टीबीएच मैसेजिंग एप खरीदा

अमेरिका के एक स्‍कूल में पढ़ने वाले चार दोस्‍तों ने मिलकर नया मैसेजिंग एप्‍लीकेशन 'टीबीएच' बनाया है. यह मैसेजिंग एप युवाओं को ध्‍यान में रखकर बनाया गया है. टीबीएच को अगस्‍त में लॉन्‍च किया गया था और देखते ही देखते इसे 50 लाख लोगों ने डाउनलोड भी कर लिया. इस एप्‍लीकेशन की पॉपुलैरिटी का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि रोजाना करीब 25 लाख यूजर्स यह एप खोलते और बंद करते हैं. यानी कि युवाओं को यह काफी पसंद आ रहा है. यही वजह है कि फेसबुक ने इस एप को 650 करोड़ में खरीद लिया है. टीबीएच एप्‍लीकेशन सिर्फ आईफोन पर उपलब्‍ध है. हालांकि फेसबुक द्वारा खरीदे जाने के बाद इस बात की गुंजाइश बढ़ गई है कि इसे गूगल एप स्‍टोर पर उपलब्‍ध करवा दिया जाएगा.

टीबीएच का पूरा नाम है 'टू बी ओनेस्‍ट', इसमें यूजर्स उन लोगों से फीडबैक ले सकते हैं जो एप्‍लीकेशन पर ऑनलाइन होंगे. याद रखें यह अन्‍य मैसेजिंग एप्‍लीकेशंस की तरह चैटिंग की सुविधा नहीं देता है. इसमें आप किसी को सीधे मैसेज नहीं भेज सकते. आपको एक ऑनलाइन पोलिंग में हिस्‍सा लेना होता है जिसमें तरह-तरह के सवाल पूछे जाते हैं और उसके जवाब में आपको अपने दोस्‍त का नाम बताना होता है. उदाहरण के लिए, 'किसकी मुस्‍कान सबसे अच्‍छी है'? या फिर 'कौन दोस्‍त आपको सबसे ज्‍यादा हंसाता है'? इसमें आप किसी का भी नाम चुन सकते हैं. जिसका नाम चुन लिया जाएगा उसके पास नोटिफिकेशन आ जाएगा. यह एप्‍लीकेशन साराह एप की तरह नहीं है जिसमें मैसेज सेंडर की आइडेंटिटी नहीं पता चलती थी. टीबीएच में आपकी पहचान पूरी तरह से सार्वजनिक रहेगी. यदि आपने अपने किसी दोस्‍त की तारीफ में वोट किया है तो उसके पास आपकी आइडेंटिटी पहुंच जाएगी.

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को स्वच्छ भारत अंतर-मंत्रालयी पुरस्कार

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को स्वच्छ भारत अंतर-मंत्रालयी पुरस्कार प्राप्त हुआ है. यह पुरस्कार पेयजल एवं स्वच्छता राज्य मंत्री श्री एस.एस. अहलुवालिया ने 2 अक्टूबर, 2017 को गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित स्वच्छ भारत राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में प्रदान किया. उपरोक्त पुरस्कार पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को उसकी तीन वर्षों की गतिविधि के आधार पर दिया गया और मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार ने पुरस्कार ग्रहण किया.
उल्लेखनीय है कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय स्वच्छता अभियान में शानदार काम कर रहा है. मंत्रालय न केवल इस अभियान में लोगों को शामिल कर रहा है, बल्कि यह प्रयास भी कर रहा है कि स्वच्छता के संबंध में लोगों की मानसिकता को परिवर्तित किया जाए.

मंत्रालय लेह (जम्मू-कश्मीर) और महानंदपुर (बिहार) में बायो-शौचालयों के निर्माण, भरतनगर (महाराष्ट्र), गांधीगांव (असम) आदि स्थानों में खुले में शौच से मुक्त इलाके विकसित करने का काम कर रहा है. इसके अलावा भारतीय पर्वतारोही फाउंडेशन के सहयोग से हिमालय क्षेत्र को स्वच्छ बनाने की गतिविधियां भी चला रहा है. छात्राओं के लिए अलग शौचालयों के अभाव को दूर करने के उद्देश्य से मंत्रालय स्वच्छ विद्यालय अभियान चला रहा है ताकि छात्राएं बीच में पढ़ाई न छोड़ें. अब तक तेल कंपनियों ने 20,187 से अधिक स्कूलों में शौचालय तैयार कर लिए हैं, जिन्हें 5 लाख से अधिक छात्राएं इस्तेमाल कर रही हैं. इनके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में 95 प्रतिशत से अधिक शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है. तेल और गैस कंपनियां धार्मिक और पर्यटन स्थलों की स्वच्छता के लिए भी प्रयासरत हैं. इस संबंध में सर्वश्रेष्ठ महत्वपूर्ण स्थान का पुरस्कार अमृतसर के स्वर्ण मंदिर को तथा विशेष पुरस्कार माता वैष्णो देवी मंदिर (जम्मू-कश्मीर) और तमिलनाडु के मीनाक्षी मंदिर को प्रदान किया गया है. इन स्थानों को क्रमश: एचपीसीएल, आईओसीएल और बीपीसीएल ने गोद लिया है.

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने यूनिवर्सल एकाउंट नंबर को ऑनलाइन आधार से जोड़ने की नई सुविधा शुरू की

दीपावली की पूर्व संध्या पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने यूनिवर्सल एकाउंट नंबर (यूएएन) वाले सदस्यों को ऑनलाईन यूएएन को आधार से जोड़ने की सुविधा प्रारंभ की है. इससे सदस्यों को बेहतर और तेज ईपीएफओ सेवाएं मिलेगी. इस सुविधा का इस्तेमाल करते हुए ईपीएफओ सदस्य अपने यूएएन को आधार से ऑनलाईन जोड़ सकते है. इसके लिए सदस्य को अपना यूएएन प्रदान करना होगा. यूएएन के साथ जुड़े सदस्य के मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाएगा. ओटीपी सत्यापन के बाद सदस्य को अपना आधार नंबर देना होगा. इसके बाद एक और ओटीपी आधार से जुड़े मोबाइल/ई-मेल पर भेजा जाएगा. ओटीपी सत्यापन के बाद यूएएन के ब्योरों को आधार विवरण से मिलाया जाएगा है. इसके बाद यूएएन को आधार से जोड़ा जाएगा.
 
यह सुविधा ईपीएफओ की वेबसाइट www.epfindia.gov.in >> Online Services >> e-KYC Portal>> LINK UAN AADHAAR पर उपलब्ध कराई गई है. आधार से जुड़ जाने के बाद सदस्य आधार से जुड़ी ऑनलाईन ईपीएफओ सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं.


20 October 2017

भारत और जापान ने तकनीकी इंटर्न प्रशिक्षण कार्यक्रम समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

भारत और जापान ने तकनीकी इंटर्न प्रशिक्षण कार्यक्रम (टीआईटीपी) पर सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं. इस सहयोग ज्ञापन पर कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान की जापान यात्रा के दौरान 17 अक्टूबर को हस्ताक्षर किए गए. जापान की ओर से जापान के स्वास्थ्य, श्रम और कल्याण मंत्री कात्सू नोबो कातो ने हस्ताक्षर किये. सहयोग ज्ञापन से कौशल विकास के क्षेत्र में भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार होगा. भारत तीसरा देश है जिसके साथ जापान ने तकनीकी इंटर्न प्रशिक्षण अधिनियम की आवश्यकता के अनुसार सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं.

जापान के प्रधानमंत्री श्री शिंजो आबे की सितंबर, 2017 की भारत यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संयुक्त वक्तव्य में जापान और भारत के प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया था कि जापान की अग्रणी टेक्नोलॉजी और भारत का समृद्ध मानव संसाधन मिलकर दोनों देशों को वैश्विक औद्योगिक नेटवर्क में उत्पादन के नए केन्द्रों में बदल सकते हैं. इस संबंध में दोनों प्रधानमंत्रियों ने जापान के तकनीकी इंटर्न प्रशिक्षण कार्यक्रम के ढांचे का उपयोग कर मानव संसाधन विकास और आदान-प्रदान की संभावनाओं पर बल दिया था. इस सहयोग ज्ञापन से तीन से पांच वर्षों के लिए भारत के तकनीकी इंटर्नों को रोजगार प्रशिक्षण के लिए जापान भेजने का मार्ग प्रशस्त हुआ है.

2016 के अंत तक जापान सरकार के डाटा के अनुसार विभिन्न देशों के लगभग 230,000 तकनीकी इंटर्न प्रशिक्षु जापान में प्रशिक्षण ले रहे हैं. 2016 में लगभग 1,08,709 तकनीकी इंटर्न वियतनाम, चीन तथा इंडोनेशिया जैसे सहयोगी देशों से जापान पहुंचे. जापान में भारत के राजदूत सुजन आर. चिनॉय के अनुसार भारत द्वारा जापान के तकनीकी इंटर्न प्रशिक्षण कार्यक्रम में भागीदारी बढ़ाने की गुंजाइश है. इस प्रशिक्षण से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के इस विजन में योगदान मिलेगा की भारत विश्व के लिए सबसे बड़ा कुशल कार्यबल प्रदान करने वाला देश है. तकनीकी इंटर्न प्रशिक्षण कार्यक्रम एक आदर्श मंच है जिसके माध्यम से भारत और जापान पारस्परिक लाभ के लिए एक-दूसरे की मजबूतियों का लाभ उठा सकते है.

भारत और रूस के मध्य संयुक्त सैन्य अभ्यास इन्द्र 2017 प्रारंभ, फिर कपा पाक और चीन का कलेजा


भारत और रूस के सशस्त्र बल अपने रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत करते हुए गुरूवार से रूस में संयुक्त आतंकवाद निरोधक सैन्य अभ्यास करेंगे जो देश के बाहर तीनों सेनाओं की होने वाली पहली ऐसी कवायद होगी. 19 अक्तूबर से 249वीं कंबाइन्ड आर्मी रेंज सर्गीविस्की में और व्लादिवोस्तक के पास जापान सागर में 11 दिवसीय इंद्र-2017 अभ्यास किया जाएगा. भारतीय टुकड़ी में थलसेना से 350, वायुसेना के 80 सैनिक, दो आईएल 76 विमान तथा और नौसेना से एक-एक फ्रिगेट और कोरवेट शामिल होंगे. रूस की ओर से इस अभ्यास में करीब 1000 सैनिक भाग लेंगे.

 पालम टेक्निकल एरिया में भारतीय दल को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने कहा कि यह अभ्यास दोनों देशों के सशस्त्र बलों को तीनों सेनाओं के संयुक्त अभियान में प्रशिक्षण का मौका देगा. दुआ ने कहा कि भारत के रूस के साथ उत्कृष्ट रक्षा संबंध हैं और हमारा देश इस तरह के अभ्यास के लिए स्वाभाविक साझोदार है.

ई-कामर्स कंपनी स्नैपडील के सीएफओ अनूप विकल ने इस्तीफा दिया

ई-कामर्स कंपनी स्नैपडील ने आज कहा कि उसके मुख्य वित्तीय अधिकारी अनूप विकल ने इस्तीफा दे दिया है. स्नैपडील और फ्लिपकार्ट के बीच अधिग्रहण की बातचीत टूट जाने के करीब दो माह बाद यह घटनाक्रम सामने आया है. स्नैपडील के सह-संस्थापक और सीईओ कुणाल बहल ने कहा कि विकल ने कंपनी में अच्छा काम किया है. उन्होंने संचालन के उच्च स्तरीय मानदंड बनाये और कई महत्वपूर्ण लेनदेन में अहम भूमिका निभाई. विकल का अगला पड़ाव कहां होगा इस बारे में तुरंत कुछ पता नहीं चल सका.

 स्नेपडील एक भारतीय ई-बाजार कंपनी है. जिसके संस्थापक कुणाल बहल हैं. यह फरवरी 2010 में शुरू हुई. स्नैपडील डॉट कॉम, कुणाल बहल और रोहित बंसल द्वारा शुरू की गई लोकप्रिय  वेबसाइट है जहाँ आज के समय में 300,000 विक्रेता, 35 मिलियन से भी ज्यादा प्रोडक्ट पूरे देश के 6000 से भी ज्यादा शहरों में वितरित किये जाते हैं. आज के समय में स्नैपडील के पास 20 लाख से भी ज्यादा रजिस्टर्ड यूज़र्स हैं. भारत का सबसे बड़ा मार्केटप्लेस स्नैपडील आपको 800 से भी ज्यादा कैटेगरी से शॉपिंग करने का अवसर देता है. चाहे आप मोबाइल खरीदना चाहें या टैबलेट, कंप्यूटर या फिर किचन एप्लायंस, कपडे हों या ब्यूटी उत्पाद, घर का सामन हो या राशन का. स्नैपडील के पास आपकी जरूरत की चीज़ों का भंडार है. बात अगर ऑटोमोबाइल की करें तो यह पहला ऑनलाइन स्टोर है जहाँ आपको स्पेयर पार्ट्स और कार, बाइक एक्सेसरीज भी मिलती है.

देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में शामिल स्‍नैपडील के चीफ फाइनेंशियल अफसर (सीएफओ) अनूप विकल ने इस्‍तीफा दे दिया है। विकल ने स्‍नैपडील और फ्लिपकार्ट के बीच होने वाले...

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देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में शामिल स्‍नैपडील के चीफ फाइनेंशियल अफसर (सीएफओ) अनूप विकल ने इस्‍तीफा दे दिया है। विकल ने स्‍नैपडील और फ्लिपकार्ट के बीच होने वाले...

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. देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में शामिल स्‍नैपडील के चीफ फाइनेंशियल अफसर (सीएफओ) अनूप विकल ने इस्‍तीफा दे दिया है। विकल ने स्‍नैपडील और फ्लिपकार्ट के बीच होने...

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देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में शामिल स्‍नैपडील के चीफ फाइनेंशियल अफसर (सीएफओ) अनूप विकल ने इस्‍तीफा दे दिया है। विकल ने स्‍नैपडील और फ्लिपकार्ट के बीच होने वाले...

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दक्षिणी सूडान में शांति स्थापित करने के लिए 50 भारतीय सैनिकों को यूएन पदक से सम्मानित किया गया

युद्धग्रस्त दक्षिणी सूडान में शांति स्थापित करने में योगदान के लिए 50 भारतीय सैनिकों को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) पदक से सम्मानित किया गया है. दक्षिणी सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के सेना कमांडर जनरल फ्रैंक मुश्यो कमांजी ने जोंगलेई प्रांत के बोर में तैनात भारतीय बटालियन के इन शांति सैनिकों को पुरस्कृत किया. उन्होंने बोर में संयुक्त राष्ट्र नागरिक रक्षा केंद्र में शरण लेने के इच्छुक 25 हजार नागरिकों के लिए सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने और क्षेत्र में गश्त लगाने में उनके योगदान की सराहना की. कमांजी ने कहा, 'मैं जोंगलेई में बहादुरी और पेशेवर तरीके से अपने कार्य को अंजाम देने के लिए भारतीय बटालियन का आभार व्यक्त करता हूं.'
 
दक्षिणी सूडान में भारतीय राजदूत श्रीकुमार मेनन भी पदक वितरण समारोह में शामिल हुए. उन्होंने शांति सैनिकों की प्रतिबद्धता और सेवा के लिए उनका आभार व्यक्त किया. मेनन ने कहा, 'भारत संयुक्त राष्ट्र घोषणापत्र के उद्देश्यों के प्रति वचनबद्ध है. हम अंतरराष्ट्रीय शांति स्थापित करने में संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों का समर्थन करने को तैयार हैं.' जोंगलेई के कार्यवाहक गवर्नर डॉ अगोट एलियर ने भी इस मौके पर भारतीय शांति सैनिकों की सराहना की. उन्होंने कहा, भारतीय बटालियन ने दक्षिणी सूडान में समुदाय की सुरक्षा और स्थानीय शांति प्रयासों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. भारतीय शांति सैनिकों ने अपने मूल कार्यों से इतर समुदाय को बहुत सी आवश्यक सेवाएं प्रदान कीं. इनमें स्थानीय निवासियों की चिकित्सा देखभाल और स्थानीय किसानों व पशुओं के उपचार में मदद भी शामिल है.

सऊदी अरब में पहली बार महिला खेल संघ की अध्यक्ष बनी

सऊदी अरब में एक बार फिर ऐसा कदम उठाया गया जिसकी चर्चा की जा रही है. सऊदी में पहली बार किसी महिला को खेल संघ का अध्यक्ष बनाया गया है. राजकुमारी रीमा बिंत बंदर बिन सुल्तान को बहु-खेल संघ का अध्यक्ष बनाया गया है. यह पहली बार है जब देश में कोई महिला खेल संघ की अध्यक्ष बनी है. इससे पहले अगस्त 2016 में भी उन्हें मंत्रिमंडल में खेल मंत्रालय के बराबर जगह दी गई थी. राजकुमारी रीमा अमेरिका में सऊदी अरब के पूर्व राजदूत बंदर बिन सुल्तान की बेटी है. सऊदी अरब में महिलाओं को सर्वाजनिक जगहों पर खेलने की पाबंदी है. महिलाओं के लिए बने निजी खेल परिसरों को भी धार्मिक रूढ़िवादियों का विरोध झोलना पड़ता है. 

बता दें कि हाल ही में सऊदी अरब में महिलाओं के लिए बनाए गए कई कानूनों में बदलाव किए गए हैं जिन्हें दुनियाभर में खूब सराहा गया. कुछ समय पहले ही सऊदी के शासक सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सौद ने देश में महिलाओं को ड्राइविंग करने की इजाजत दी. वहीं इस बार सऊदी अरब ने अपने 87वें वार्षिक राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लेने के लिए महिलाओं को पहली बार एक स्पोर्ट्स स्टेडियम में आमंत्रित किया था. इससे पहले तक सऊदी अरब में स्‍पोर्ट्स एरिया में होने वाले समारोहों में महिलाओं की एंट्री पर पूरी तरह पाबंदी थी. बता दें कि सऊदी अरब में महिलाओं के लिए सख्त कानून हैं.

अमेरिकी लेखक जॉर्ज सांडर्स ने मैन बुकर पुरस्कार जीता

अमेरिकी लघुकथा लेखक जॉर्ज सांडर्स को 17 अक्टूबर 2017 को मैन बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया. जॉर्ज सांडर्स को उनकी पुस्तक लिंकन इन द बार्डो के लिए वर्ष 2017 के मैन बुकर पुरस्कार हेतु चयनित किया गया. पाठकों को बता दे की जॉर्ज सांडर्स यह पुरस्कार जीतने वाले दूसरे अमरीकी लेखक बन गए. लघु कथाओं के लिए प्रसिद्ध सांडर्स का यह पहला उपन्यास है जिसमें क़ब्रिस्तान में बिताई गयी एक रात की कहानी को दर्शाया गया है. उनकी यह पुस्तक अब्राहम लिंकन की अपने बेटे की मौत के बाद के दुख और उसकी क़ब्र पर उनकी यात्रा को बयान करती है. मैन बुकर पुरस्कार सम्मान समारोह लंदन के गिल्डहॉल में आयोजित किया गया जहां डचेज़ ऑफ़ कॉर्नवाल ने विजेता जॉर्ज सांडर्स को ट्राफ़ी प्रदान की.

जॉर्ज सांडर्स का जन्म टेक्सास में हुआ जबकि वे न्यूयॉर्क के निवासी हैं. इससे पहले उन्हें लघुकथाओं के लिए फोलियो प्राइज़ और स्टोरी प्राइज़ मिल चुका है. “लिंकन इन द बार्डो” उनकी नौंवी किताब है. यह उपन्यास सत्य घटना पर आधारित है. वर्ष 2014 से मैन बुकर पुरस्कार अमेरिकी लेखकों के लिए भी शुरू किया गया. वर्ष 2016 में अमेरिकी लेखक पॉल बिटी को यह पुरस्कार दिया गया था. जॉर्ज सांडर्स की इस पुस्तक को ब्लूम्सबरी ने प्रकाशित किया है. यह तीसरा वर्ष है जब इस प्रकाशक की किताब को ये प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला है.

18 October 2017

धनतेरस का महत्व, क्यों मनाते है धनतेरस?

धनतेरस हिन्दू धर्म में मनाया जाने वाला प्रसिद्ध त्योहार है. कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन भगवान धन्वन्तरि का जन्म हुआ था, इसलिए इस तिथि को 'धनतेरस' या 'धनत्रयोदशी' के नाम से जाना जाता है. आज ही के दिन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के जन्मदाता धन्वन्तरि वैद्य समुद्र से अमृत कलश लेकर प्रगट हुए थे, इसलिए धनतेरस को धन्वन्तरि जयन्ती भी कहते हैं. वे अमृत मंथन से उत्पन्न हुए थे. कहते हैं कि जन्म के समय उनके हाथ में अमृत से भरा हुआ कलश था. यही कारण है कि धनतेरस के दिन भगवान को प्रसन्न करने के लिए बर्तन खरीदा जाता है. इसीलिए वैद्य-हकीम और ब्राह्मण समाज आज धन्वन्तरि भगवान का पूजन कर धन्वन्तरि जयन्ती मनाता है. बहुत कम लोग जानते हैं कि धनतेरस आयुर्वेद के जनक धन्वंतरि की स्मृति में मनाया जाता है. इस दिन लोग अपने घरों में नए बर्तन ख़रीदते हैं और उनमें पकवान रखकर भगवान धन्वंतरि को अर्पित करते हैं. लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि असली धन तो स्वास्थ्य है. भारत सरकार ने धनतेरस को 'राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस' के रूप में मनाने का निर्णय लिया है. धनतेरस दीपावली आने की पूर्व सूचना देता है. हमारे देश में सर्वाधिक धूमधाम से मनाए जाने वाले त्योहार दीपावली का प्रारंभ धनतेरस से हो जाता है. इसी दिन से घरों की लिपाई-पुताई प्रारम्भ कर देते हैं. दीपावली के लिए विविध वस्तुओं की ख़रीद आज की जाती है. इस दिन से कोई किसी को अपनी वस्तु उधार नहीं देता. इसके उपलक्ष्य में बाज़ारों से नए बर्तन, वस्त्र, दीपावली पूजन हेतु लक्ष्मी-गणेश, खिलौने, खील-बताशे तथा सोने-चांदी के जेवर आदि भी ख़रीदे जाते हैं.

धन्वंतरि ईसा से लगभग दस हज़ार वर्ष पूर्व हुए थे. वह काशी के राजा महाराज धन्व के पुत्र थे. उन्होंने शल्य शास्त्र पर महत्त्वपूर्ण गवेषणाएं की थीं. उनके प्रपौत्र दिवोदास ने उन्हें परिमार्जित कर सुश्रुत आदि शिष्यों को उपदेश दिए इस तरह सुश्रुत संहिता किसी एक का नहीं, बल्कि धन्वंतरि, दिवोदास और सुश्रुत तीनों के वैज्ञानिक जीवन का मूर्त रूप है. धन्वंतरि के जीवन का सबसे बड़ा वैज्ञानिक प्रयोग अमृत का है. उनके जीवन के साथ अमृत का कलश जुड़ा है. वह भी सोने का कलश. अमृत निर्माण करने का प्रयोग धन्वंतरि ने स्वर्ण पात्र में ही बताया था. उन्होंने कहा कि जरा मृत्यु के विनाश के लिए ब्रह्मा आदि देवताओं ने सोम नामक अमृत का आविष्कार किया था. सुश्रुत उनके रासायनिक प्रयोग के उल्लेख हैं. धन्वंतरि के संप्रदाय में सौ प्रकार की मृत्यु है. उनमें एक ही काल मृत्यु है, शेष अकाल मृत्यु रोकने के प्रयास ही निदान और चिकित्सा हैं. आयु के न्यूनाधिक्य की एक-एक माप धन्वंतरि ने बताई है.

धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी इस दिन का विशेष महत्त्व है. शास्त्रों में इस बारे में कहा है कि जिन परिवारों में धनतेरस के दिन यमराज के निमित्त दीपदान किया जाता है, वहां अकाल मृत्यु नहीं होती. घरों में दीपावली की सजावट भी आज ही से प्रारम्भ हो जाती है. इस दिन घरों को स्वच्छ कर, लीप-पोतकर, चौक, रंगोली बना सायंकाल के समय दीपक जलाकर लक्ष्मी जी का आवाहन किया जाता है. इस दिन पुराने बर्तनों को बदलना व नए बर्तन ख़रीदना शुभ माना गया है. इस दिन चांदी के बर्तन ख़रीदने से तो अत्यधिक पुण्य लाभ होता है. इस दिन वैदिक देवता यमराज का पूजन किया जाता है. पूरे वर्ष में एक मात्र यही वह दिन है, जब मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है. यह पूजा दिन में नहीं की जाती अपितु रात्रि होते समय यमराज के निमित्त एक दीपक जलाया जाता है. इस दिन यम के लिए आटे का दीपक बनाकर घर के मुख्य द्वार पर रखा जाता हैं इस दीप को जमदीवा अर्थात यमराज का दीपक कहा जाता है.

यूरोप के सबसे युवा नेता सेबास्तियन कुर्ज ऑस्ट्रिया के चांसलर बने

यूरोप के सबसे युवा नेता सेबास्तियन कुर्ज ऑस्ट्रिया के चांसलर होंगे. आस्ट्रिया के विदेश मंत्री सेबेस्टियन कुर्ज 15 अक्टूबर 2017 को संपन्न चुनावों में प्राप्त जीत के बाद देश की कमान संभालेंगे. वे महज 31 वर्ष की उम्र में किसी यूरोपीय देश का नेतृत्व संभालने वाले पहले नेता होंगे. सेबेस्टियन कुर्ज ने महज आठ वर्ष पहले अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत की थी. उस समय वे कानून के विद्यार्थी थे जब उन्हें पार्टी की युवा वाहिनी का अध्यक्ष बनाया गया. इसके बाद वर्ष 2011 में उन्हें अप्रवासी मामलों का सचिव बनाया गया. उनके काम से प्रभावित होकर ही उन्हें देश के सबसे बड़े पद के लिए दावेदार बनाया गया. ऊंचे पद पर रहते हुए भी वे हर कदम पर पारंपरिक तौर तरीकों से अलग हटकर अपने अंदाज में काम करने के लिए जाने जाते हैं.

आस्ट्रिया में संपन्न चुनावों में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. यहां के मतदाताओं ने सेबेस्टियन कुर्ज की पीपुल्स पार्टी को सबसे अधिक 31.4 फीसदी मत दिया है. वहीं दक्षिण पंथी मानी जाने वाली फ्रीडम पार्टी को 27.4 फीसदी मत मिले हैं तो इस समय देश का शासन संभाल रही सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ आस्ट्रिया को सिर्फ 26.7 फीसदी वोट हासिल हो सके हैं. अपने समर्थकों से सेबस्टियन ने कहा, "ये देश में बदलाव का वक़्त है. आज हमें एक ज़बर्दस्त जनादेश मिला है, इस मुल्क को बदलने के लिए और मैं उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, जिन्होंने इसे मुमकिन बनाया है."

अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस

दुनियाभर में 17 अक्तूबर को अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस मनाया गया. विश्व में सुरसा की तरह मुँह फैलाती हुई गरीबी के निवारण और उन्मूलन के लिए हर साल पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस मनाया जाता है. दुनियाभर में फैली गरीबी के निराकरण के लिए ही संयुक्त राष्ट्र में साल 1992 में हर साल 17 अक्टूबर को गरीबी उन्मूलन दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी. गरीबी से संबन्ध सिर्फ किसी व्यक्ति विशेष की मासिक या सालाना आय से नहीं बल्कि स्वास्थ्य, राजनीतिक भागीदारी, देश की संस्कृति और सामाजिक संगठनों की उन्नति से भी है. अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस के मौके पर विभिन्न राष्ट्रों के द्वारा गरीबी उन्मूलन के प्रति प्रय़ास, विकास एवं विभिन्न कार्यों एवं योजनाओं को जारी किया जाता है. इस साल  आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन का मुख्य उद्देश्य शांत और समायोजित समाज के की ओर रास्ता" रखा गया है.

भारत में गरीबी का मुख्य कारण बढ़ती जनसंख्या, कमजोर कृषि, भ्रष्टाचार, रूढ़िवादी सोच, जातिवाद, अमीर-गरीब में ऊंच-नीच, नौकरी की कमी, अशिक्षा, बीमारी आदि हैं. भारत एक कृषि प्रधान देश है. इसके बावजूद भारत में मौजूद सबसे ज्यादा संख्या मे किसान ही इस गरीबी के दंश को झेलने के लिए मजबूर हैं. हर सरकार देश में गरीबों के लिए एक निश्चित दर तय करती हैं. साल 2012 में आई एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में गरीबी के नीचे 21.9 प्रतिशत की आबादी निवास करती है. साल 2017 में जारी अंतर्राष्ट्रीय भुखमरी सूचकांक में भारत को 119 देशों में 100वां स्थान दिया गया था जबकि पिछले साल भारत का इस सूचकांक में 97वां स्थान था. भारत में गरीबों की संख्या एक ओर जहां दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है वहीं दूसरी ओर अमीरों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है. कुछ सालों पहले कुछ रिपोर्ट्स में खुलासा हुआ था कि भारत की लगभग 70 प्रतिशत से अधिक संपत्ति पर भारत में मौजूद सिर्फ 1 प्रतिशत लोगों का अधिकार है जो कि अमीर और गरीब के बीच बढ़ती हुई खाई को बिल्कुल स्पष्ट करती है.
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पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने नवाज शरीफ सहित 261 सांसद, विधायक को निलंबित किया

पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है. उसने प्रधानमंत्री पद से बेदखल किए गए नवाज शरीफ सहित 261 सांसदों और विधायकों को निलंबित कर दिया है. इन विधि निर्माताओं ने चुनाव आयोग को अपनी संपत्तियों और देनदारियों के विवरण नहीं सौंपे थे. द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर में कहा गया है कि पाकिस्तानी निर्वाचन आयोग (ईसीपी) ने राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानसभाओं और सीनेट के 261 सदस्यों को निलंबित कर दिया है. निलंबित सांसदों में नवाज शरीफ के दामाद और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) के सदस्य कैप्टन मुहम्मद सफदर, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) की नेशनल असेंबली की सदस्य (एमएनए) आयशा गुलालेई, धार्मिक मामले के मंत्री सरदार यूसुफ और नेशनल असेंबली की पूर्व अध्यक्ष फहमिदा मिर्जा भी शामिल हैं.

ईसीपी की अधिसूचना के आधार पर रिपोर्ट में कहा गया है, सात सीनेटरों, नेशनल असेंबली के 71 सदस्य, सिंध, खैबर-पख्तूनख्वा तथा बलूचिस्तान विधानसभाओं के क्रमशः 50, 38 व 11 सदस्यों को निलंबित किया गया है. चुनाव आयोग ने संसद व विधानसभाओं के इन सदस्यों को अपनी, पत्नी या पति तथा आश्रितों की संपत्तियों और देनदारियों का ब्योरा 30 सितंबर तक जमा करने को कहा था. लेकिन ऐसा करने में ये माननीय असफल रहे, इसलिए इन्हें निलंबित किया गया है. चुनाव आयोग ने जन-प्रतिनिधित्व कानून अधिनियम (आरओपीए) की उपधारा 42ए के तहत यह कार्रवाई की है. यह उपधारा कहती है कि सभी सांसदों व विधायकों को हर साल अपनी सभी परिसंपत्तियों व देनदारियों का विवरण प्रदान करना होगा.

सैन्य तानाशाह परवेश मुशर्रफ के शासनकाल में यह कानून लाया गया था, ताकि बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार की जांच हो सके. हालांकि अब तक यह अप्रभावी ही साबित हुआ है. निलंबित किए गए कई सांसदों ने इसे 'टूथलेस' या 'अप्रभावी' कहकर आलोचना की है, क्योंकि निर्वाचन आयोग को संपत्तियों का ब्योरा देकर कोई भी सांसद अपना निलंबन वापस करवा सकता है.

17 October 2017

इंडसइंड बैंक ने भारत फाइनेंशियल के अधिग्रहण को मंजूरी दी

निजी क्षेत्र के इंडसइंड बैंक ने कहा कि वह देश की दूसरी सबसे बड़े सूक्ष्म ऋण देने वाली कंपनी भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन लिमिटेड बीएफआईएल का अधिग्रहण करेगा. इससे बैंक का आकार और उसकी पहुंच बढ़ेगी. यह देश में किसी सूक्ष्म ऋण प्रदाता कंपनी का किसी बैंक में विलय का पहला मामला होगा साथ ही यह भविष्य में इस तरह के सौदों के लिए मिसाल का काम करेगा. बीएफआईएल को इससे पहले एसकेएस माइक्रोफाइनेंस के नाम से जाना जाता रहा है. बैंक ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा है कि उसके निदेशक मंडल ने बैठक में भारत फाइनेंशियल और इंडस्इंड बैंक के लिए एक संयुक्त व्यवस्था योजना को स्वीकृत किया है. बैंक की एक पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई इस अधिग्रहण के लिए बनाई जाएगी. इस योजना को अभी रिजर्व बैंक, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग, सेबी एवं अन्य नियामकों की मंजूरी मिलनी शेष है. सूचना में कहा गया है, रिजर्व बैंक की मंजूरी मिलने के बाद लागू प्रावधानों के तहत योजना की जानकारी शेयर बाजारों को दी जाएगी.

योजना के तहत भारत फाइनेंशियल का इंडसइंड में विलय होगा तथा उसके शेयरधारकों को स्वीकृत अदला-बदली अनुपात के तहत इंडसइंड के शेयर दिये जाएंगे. पिछले महीने दोनों कंपनियों ने विलय की संभावना के बारे में बातचीत शुरू की थी. भारत फाइनेंशियल जिसे पहले एसकेएस माइक्रोफाइनेंस के नाम से जाना जाता रहा है, के पास 30 जून तक 68 लाख ग्राहक एवं 7709 करोड़ रुपये का रिण पोर्टफोलियो था. इस कंपनी को जून में समाप्त तिमाही में 37 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. हालांकि एक साल पहले इसी अवधि में उसका घाटा 236 करोड़ रुपये रहा था. वर्ष 2016-17 में कंपनी ने 290 करोड़ का लाभ हासिल किया.

ऑद्रे अजोले यूनेस्को की महानिदेशक चयनित

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक व सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के कार्यकारी बोर्ड द्वारा फ्रांस की पूर्व संस्कृति मंत्री ऑद्रे अजोले को यूनेस्को की अगली महासचिव के रूप में चयनित किया गया. ऑद्रे के सामने कतर के एक उम्मीदवार भी थे लेकिन अंतिम चयन में ऑद्रे का चयन किया गया. ऑद्रे अजोले बुल्गारिया की निवासी एवं यूनेस्को की महानिदेशक इरिना बोकोवा का स्थान लेंगी जिनका आठ वर्ष का कार्यकाल, वित्तीय मुश्किलों और फलीस्तीन को सदस्य के तौर पर शामिल करने के कारण चुनौतीपूर्ण रहा. ऑद्रे द्वारा दिए गये गए एक संक्षिप्त संबोधन में कहा गया कि यूनेस्को की समस्याओं का समाधान उसमें सुधार कर किया जाना चाहिए न कि अमेरिका और इस्राइल द्वारा मुंह मोड़ लेने से. उन्होंने कहा, “संकट के इस समय में, मेरा मानना है कि हमें यूनेस्को में पहले से कहीं ज्यादा निवेश करना चाहिए, इसे फिर से बढ़ावा और समर्थन देना चाहिए और इसमें सुधार करना चाहिए और इस समस्या से से बचकर निकलना नहीं चाहिए.”

पाठकों को बता दे की इससे पहले बीते 12 अक्टूबर को अमेरिका के यूनेस्को की सदस्यता छोड़ने के फैसले की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की स्थायी प्रतिनिधि निकी हेली ने संयुक्त राष्ट्र की दूसरी एजेंसियों को कड़ी चेतावनी दी कि उनका भी उसी नजरिये से मूल्यांकन किया जाएगा. निकी हेली ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी करदाता ‘हमारे मूल्यों के विपरीत तथा न्याय एवं सामान्य समझ का उपहास करने वाली नीतियों के लिए भुगतान करने की मुश्किल स्थिति में अब और नहीं होंगे.’ इससे पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने यूनेस्को पर ‘इस्राइल विरोधी’ रुख रखने का आरोप लगाते हुए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी से खुद को बाहर करने की घोषणा की थी.

विश्व खाद्य दिवस: दुनिया में भूखे लोगों की क़रीब 23 फ़ीसदी आबादी भारत में

दुनिया भर में 16 अक्टूबर 2017 को विश्व खाद्य दिवस मनाया गया. वर्ष 2017 के लिए इस दिवस का विषय ‘प्रवास का भविष्य बदलें, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास में निवेश करिए’ (Change the future of migration। Invest in food security and rural development) है. पाठकों को बता दे की विश्व खाद्य दिवस सर्वप्रथम 16 अक्टूबर 1981 को आयोजित किया गया था. संयुक्त राष्ट्र संघ के इस दिवस के मनाने का उद्देश्य यही है कि भूख से कम कम मौते हो, ये संस्थाये खाद्य उद्पादन के लिये आधुनिक खेती,या वैज्ञानिक खेती और आधुनिक उपकरणो का इस्तेमाल किया जाय जिससे की अधिक उत्पादन हो और भुखमरी की समस्या कम हो सके प्रत्येक वर्ष अलग-अलग थीम के साथ मनाए जाने वाले इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विश्व में भुखमरी खत्म करना. वर्तमान में यह विश्व के लगभग 150 देशों में निर्धनता व भूख के लिए जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है. अधिकतर पारिवारिक किसानों को फसलों के लिए पर्याप्त भंडारण, अच्छा बीजों की, परिवहन तथा अच्छी तरह क्रियाशील बाजार साथ ही वित्तपोषण की कमी से झूझना पड़ता हैं.
भुखमरी में भारत की स्थिति:
भारत जैसे विकासशील देश अनाज की कोई कमी नही है हम रोज खबरें पढ़ते है कि गोदाम में रखा अनाज सड़ रहा है या सड़ गया, या उसे फेका जा रहा है लेकिन आपको इक रिपर्ट दंग कर देगी की भारत में बच्चो में 47% बच्चे कुपोषण के शिकार है, यानी उन्हे उर्जा युक्त भोजन नही मिल पाता. हम एक ऐसे देश के निवासी है जहां बड़ी संख्या में लोग भूख और कुपोषण के शिकार हैं. हो सकता है यह बात लोगों को बुरी लगे लेकिन आंकड़े यही हकीकत बयां करते हैं. भारत को वैश्विक महाशक्ति और वैश्विक गुरु बनाए जाने के जुमलों के बीच आई एक रिपोर्ट हमारी पोल खेलती है. इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईएफपीआरआई) की ओर से वैश्विक भूख सूचकांक (ग्लोबल हंगर इंडेक्स) पर जारी ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया के 119 विकासशील देशों में भूख के मामले में भारत 100वें स्थान पर है. इससे पहले 2016 की रिपोर्ट में भारत 97वें स्थान पर था. यानी इस मामले में साल भर के दौरान देश की हालत और बिगड़ी है और भारत को ‘गंभीर श्रेणी’ में रखा गया है. आईएफपीआरआई के अनुसार समूचे एशिया में सिर्फ अफगानिस्तान और पाकिस्तान उससे पीछे हैं. यानी पूरे एशिया में भारत की रैंकिग तीसरे सबसे खराब स्थान पर है. भूख से निपटने में भारत अपने पड़ोसी देशों से काफी पीछे रह गया है. रिपोर्ट के मुताबिक चीन (29वें), नेपाल (72वें), म्यांमार (77वें), श्रीलंका (84वें) और बांग्लादेश (88वें) स्थान पर हैं.

वैश्विक भूख सूचकांक चार संकेतकों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाता है. ये हैं- आबादी में कुपोषणग्रस्त लोगों की संख्या, बाल मृत्युदर, अविकसित बच्चों की संख्या और अपनी उम्र की तुलना में छोटे कद और कम वजन वाले बच्चों की तादाद.


आईएफपीआरआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में पांच साल तक की उम्र के बच्चों की कुल आबादी का पांचवां हिस्सा अपने कद के मुकाबले बहुत कमजोर है. इसके साथ ही एक-तिहाई से भी ज्यादा बच्चों की लंबाई अपेक्षित रूप से कम है. भारतीय महिलाओं का हाल भी बहुत बुरा है. युवा उम्र की 51 फीसदी महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं यानी उनमें खून की कमी है. गौरतलब है कि हमारे सरकारी आंकड़े भी कुछ इससे इतर बात नहीं करते हैं. इसी साल अप्रैल महीने में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने संसद को बताया था कि देश में 93 लाख से ज़्यादा बच्चे गंभीर कुपोषण के शिकार हैं. उन्होंने बताया कि भारत सरकार की एजेंसी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे (एनपीएसएस) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल 93.4 लाख बच्चे गंभीर रूप से कुपोषण (सीवियर एक्यूट मालन्यूट्रिशन- एसएएम) के शिकार हैं. इसमें से 10 प्रतिशत को चिकित्सा संबंधी जटिलताओं के वजह से एनआरसी में भर्ती की ज़रूरत पड़ सकती है. एक आंकड़े के मुताबिक आज देश में 21 फीसदी से अधिक बच्चे कुपोषित हैं. दुनिया भर में ऐसे महज तीन देश जिबूती, श्रीलंका और दक्षिण सूडान हैं, जहां 20 फीसदी से अधिक बच्चे कुपोषित हैं.

इसका साफ मतलब यह है कि तमाम योजनाओं के ऐलान और बहुत सारे वादों के बावजूद अगर देश में भूख व कुपोषण के शिकार लोगों की संख्या ये है तो योजनाओं को लागू करने में कहीं न कहीं भारी गड़बड़ियां और अनियमितताएं हैं. एक बात और 12 साल पहले 2006 में जब पहली बार यह सूची बनी थी, तब भी हमारा स्थान 119 देशों में 97वां था. जाहिर है, 12 साल बाद भी हम जहां थे, वहीं पर खड़े हैं. यानी इस बीच भारत में कांग्रेस की सरकार रही हो या भाजपा सच्चाई में कोई भी बदलाव नहीं आया है. वैसे यह पहली रिपोर्ट नहीं हैं जो भुखमरी को लेकर इस कटु सच्चाई से रूबरू कर रही है. 2016 में राष्ट्रीय पोषण निगरानी ब्यूरो (एनएनएमबी) के एक सर्वेक्षण में भी यह बात सामने आई थी. रिपोर्ट में कहा गया था कि ग्रामीण भारत में जहां लगभग 70 फीसदी लोग रहते हैं, वहां लोग स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक पोषक का कम उपभोग कर रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया कि ग्रामीण भारत का खान-पान अब उससे भी कम हो गया है, जैसा 40 वर्ष पहले था. इसके अनुसार, 1975-79 की तुलना में आज औसतन ग्रामीण भारतीय को 500 कैलोरी, 13 ग्राम प्रोटीन, पांच मिलीग्राम आयरन, 250 मिलीग्राम कैल्शियम व करीब 500 मिलीग्राम विटामिन-ए कम मिल रहा है. इसमें कहा गया है कि औसतन तीन वर्ष से कम उम्र के बच्चे, प्रतिदिन 300 मिलीलीटर दूध की बजाय 80 मिलीलीटर दूध का उपभोग करते हैं. यह आंकड़े बताते हैं कि क्यों इसी सर्वेक्षण में 35 फीसदी ग्रामीण पुरुष और महिलाएं कुपोषित और 42 फीसदी बच्चे कम वजन के पाए गए हैं. ऐसे आंकड़े हमारे आर्थिक चमक-दमक के दावों को भोथरा करते हैं, शायद इसीलिए इस पर कोई कार्रवाई करने के बजाय सरकार ने 2015 में इस राष्ट्रीय पोषण निगरानी ब्यूरो को ही भंग कर दिया. फिलहाल जरूरत इस बात है भुखमरी से लड़ाई में केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और वैश्विक संगठन अपने-अपने कार्यक्रमों को बेहतर स्वरूप और अधिक उत्तरदायित्व के साथ लागू करें.
वैश्विक हालात भी बदतर:

हालांकि, वैश्विक स्तर पर भी आंकड़ा बद से बदतर ही हुआ है. संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन का आकलन है कि पिछले 15 वर्षों में पहली बार भूख का आंकड़ा बढ़ा है. जहां एक ओर वैश्विक खाद्य भंडार 72.05 करोड़ टन के साथ रिकॉर्ड तेजी से बढ़ रहा है, वहीं कुपोषित लोगों की संख्या 2015 में करीब 78 करोड़ थी जो 2016 में बढ़कर साढ़े 81 करोड़ हो गयी है. आईएफपीआरआई की रिपोर्ट में भी कहा गया है कि दुनिया में भुखमरी बढ़ रही है और जिस तरह के हालात बन रहे हैं उससे 2030 तक भुखमरी मिटाने का अंतरराष्ट्रीय लक्ष्य भी खतरे में पड़ गया है. कुल आबादी के लिहाज से देखें तो एशिया महाद्वीप में भुखमरी सबसे ज्यादा है और उसके बाद अफ्रीका और लैटिन अमेरिका का नंबर आता है.

टीएम कृष्णा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय एकता पुरस्कार हेतु चयनित

कांग्रेस पार्टी ने प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय एकता पुरस्कार की घोषणा कर दी है. यह पुरस्कार पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की याद में राष्ट्रीय एकता और सद्भावना की दिशा विशिष्ट योगदान देने वाले व्यक्ति को दिया जाता है. इसी क्रम में 2015 और 2016 के  लिए भारत के प्रसिद्ध संगीतकार एवं समाजसेवी टी एम कृष्णा को राष्ट्रीय एकता और सदभावना के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु चयनित किया गया. कांग्रेस पार्टी के मीडिया विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार पुरस्कार इंदिरा गांधी की शहादत दिवस 31 अक्टूबर दिन सायं पांच बजे नई दिल्ली के जवाहर भवन आडिटोरियम में पुरस्कार प्रदान किया जाएगा. बता दे की टी एम कृष्णा कर्नाटक शैली के प्रसिद्ध संगीतकार हैं. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एक सम्मान समारोह में कृष्णा को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शहीदी दिवस पर सम्मानित करेंगी. पुरस्कार के तहत उन्हें दस लाख रुपए नकद और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा.

कांग्रेस ने अपनी स्थापना के शताब्दी वर्ष में इस पुरस्कार की शुरूआत की थी. यह पुरस्कार उन व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने राष्ट्रीय एकता और सदभावना को बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया है. इससे पहले जिन व्यक्तियों और संस्थाओं को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, उनमें रामकृष्ण मिशन के स्वामी रंगानाथानंद, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी अरुणा आसफ अली, कर्नाटक शैली की सुप्रसिद्ध गायिका एम एस सुब्बुलक्ष्मी, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी (मरणोपरांत), पूर्व राष्ट्रपति डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम और प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल आदि शामिल हैं.

अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस मनाया गया

विश्व भर में 15 अक्टूबर 2017 को अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस मनाया गया. इस वर्ष का विषय था – चैलेंजेज एंड अपारचुनिटीज़ इन क्लाइमेट-रेसिलिएंट एग्रीकल्चर फॉर जेंडर इक्वलिटी एंड द एम्पावरमेंट ऑफ़ रूरल वीमेन गर्ल्स. पाठकों को बता दे की संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 15 अक्टूबर 2008 को पहला अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस मनाकर ग्रामीण महिलाओं की भूमिका को सम्मानित करने का निर्णय लिया था. इसको मनाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 18 दिसंबर 2007 में की गई थी. इस दिवस का उद्देश्य कृषि विकास, ग्रामीण विकास, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण गरीबी उन्मूलन में ग्रामीण महिलाओं के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करना हैं.

विदित हो की विकासशील देशों में लगभग 43 प्रतिशत महिलाएँ कृषि श्रमिक के रूप में कार्य करती हैं और खाद्य क्षेत्र से जुड़ी रहती हैं. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, यदि ग्रामीण परिवेश की एक महिला को सशक्त बना दिया जाये तो वह अपने पूरे परिवार को स्वयं सशक्त बना सकती है. साथ ही, सतत विकास लक्ष्य जैसे गरीबी, भुखमरी, खाद्य सुरक्षा तथा महिला अधिकारों को बेहतर रूप से लागू किया जा सकता है. यह दिवस ग्रामीण महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका का स्मरण करते हुए उन्हें सशक्त बनाने हेतु मनाया जाता है.

भारत के पहले ओलंपिक तैराक शमशेर खान का निधन

भारत के पहले ओलंपिक तैराक शमशेर खान का 15 अक्तूबर को आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वह 87 वर्ष के थे और अपनी तीन बेटियों व दो बेटों के साथ रह रहे थे. 1956 मेलबर्न ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खान ने गुलमुर में रेपल्ले के पास स्थित एक छोटे से गांव इस्लामपुर के अपने घर में अंतिम सांस ली. खान के परिवार के अनुसार, वह लंबे समय से बीमार थे. उन्होंने सीने में दर्द होने की शिकायत की, लेकिन अस्पताल ले जाने से पहले ही उनका निधन हो गया. 

खान, मेलबर्न ओलंपिक में 200 मीटर बटरफ्लाई और ब्रेस्टस्ट्रोक में चौथे पायदान पर रहे थे. उन्होंने 1946 में सेना में शामिल होने के बाद तैराकी सीखी थी. उन्होंने तैराकी के बटरफ्लाई में राष्ट्रीय रिकार्ड भी अपने नाम किया था. खान को पहली बार 2010 में दौरा पड़ा था, लेकिन वह इलाज के लिए भी पैसे नहीं जुटा पा रहे थे. उन्होंने कई अवसरों पर शोक व्यक्ता किया और कहा कि सरकार ने उनके योगदान को स्वीकार नहीं किया और न ही उन्हें कोई वित्तीय सहायता प्रदान की.