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07 October 2017

भारत की अक्षय ऊर्जा क्षमता 2022 तक दोगुनी हो जाएगी: अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी

भारत की अक्षय ऊर्जा की क्षमता 2022 तक करीब दोगुनी हो जाएगी और पहली बार इसका विस्तार यूरोपीय संघ से भी ज्यादा हो जाएगा. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार 2022 तक भारत की अक्षय ऊर्जा की क्षमता दोगुनी से भी ज्यादा हो जाएगी. स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र का यह विस्तार पहली बार यूरोपीय संघ को भी पीछे छोड़ देगा. अक्षय ऊर्जा के बाजार के विश्लेषण और अनुमानों पर आईइए की इस ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत के अक्षय ऊर्जा की क्षमता में सोलर पीवी और पवन ऊर्जा की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत होगी. सौर और पवन ऊर्जा की नीलामी में दोनों की कीमतें दुनिया में सबसे नीचे आ गईं हैं. 

हाल में जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश की नवीकरण ऊर्जा क्षमता 58.30 गीगावाट है. सरकार की महत्वाकांक्षी योजना इसे 2022 तक बढ़ाकर 175 गीगावाट करने की है, जिसमें से सौर ऊर्जा का योगदान 100 गीगावाट और पवन ऊर्जा का 60 गीगावाट होगा.

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