मासिक करेंट अफेयर्स

18 October 2017

अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस

दुनियाभर में 17 अक्तूबर को अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस मनाया गया. विश्व में सुरसा की तरह मुँह फैलाती हुई गरीबी के निवारण और उन्मूलन के लिए हर साल पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस मनाया जाता है. दुनियाभर में फैली गरीबी के निराकरण के लिए ही संयुक्त राष्ट्र में साल 1992 में हर साल 17 अक्टूबर को गरीबी उन्मूलन दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी. गरीबी से संबन्ध सिर्फ किसी व्यक्ति विशेष की मासिक या सालाना आय से नहीं बल्कि स्वास्थ्य, राजनीतिक भागीदारी, देश की संस्कृति और सामाजिक संगठनों की उन्नति से भी है. अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस के मौके पर विभिन्न राष्ट्रों के द्वारा गरीबी उन्मूलन के प्रति प्रय़ास, विकास एवं विभिन्न कार्यों एवं योजनाओं को जारी किया जाता है. इस साल  आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन का मुख्य उद्देश्य शांत और समायोजित समाज के की ओर रास्ता" रखा गया है.

भारत में गरीबी का मुख्य कारण बढ़ती जनसंख्या, कमजोर कृषि, भ्रष्टाचार, रूढ़िवादी सोच, जातिवाद, अमीर-गरीब में ऊंच-नीच, नौकरी की कमी, अशिक्षा, बीमारी आदि हैं. भारत एक कृषि प्रधान देश है. इसके बावजूद भारत में मौजूद सबसे ज्यादा संख्या मे किसान ही इस गरीबी के दंश को झेलने के लिए मजबूर हैं. हर सरकार देश में गरीबों के लिए एक निश्चित दर तय करती हैं. साल 2012 में आई एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में गरीबी के नीचे 21.9 प्रतिशत की आबादी निवास करती है. साल 2017 में जारी अंतर्राष्ट्रीय भुखमरी सूचकांक में भारत को 119 देशों में 100वां स्थान दिया गया था जबकि पिछले साल भारत का इस सूचकांक में 97वां स्थान था. भारत में गरीबों की संख्या एक ओर जहां दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है वहीं दूसरी ओर अमीरों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है. कुछ सालों पहले कुछ रिपोर्ट्स में खुलासा हुआ था कि भारत की लगभग 70 प्रतिशत से अधिक संपत्ति पर भारत में मौजूद सिर्फ 1 प्रतिशत लोगों का अधिकार है जो कि अमीर और गरीब के बीच बढ़ती हुई खाई को बिल्कुल स्पष्ट करती है.
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