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20 October 2017

बीएचयू- एएमयू से हटाए जाएं 'एच' व 'एम' शब्द : यूजीसी

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के एक पैनल ने सुझाव दिया है कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के नामों से हिंदू और मुस्लिम जैसे शब्दों को हटाया जाना चाहिए. पैनल का कहना है कि ये शब्द इन यूनिवर्सिटी की सेक्युलर छवि को नहीं दिखाते हैं. इस पैनल का गठन 10 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए किया गया था. पैनल ने ये सिफारिशें एएमयू की लेखा परीक्षा रिपोर्ट में की हैं. पैनल के एक सदस्य ने बताया कि केंद्र सरकार से वित्तपोषित विश्वविद्यालय धर्मनिरपेक्ष संस्थान होते हैं लेकिन इन विश्वविद्यालयों के नाम के साथ जुड़े धर्म से संबंधित शब्द संस्थान की धर्मनिरपेक्ष छवि को नहीं दर्शाते हैं. पैनल के सदस्य ने कहा कि इन विश्वविद्यालयों को अलीगढ़ विश्वविद्यालय और काशी विश्वविद्यालय कहा जा सकता है अथवा इन विश्वविद्यालयों के नाम इनके संस्थापकों के नाम पर रखे जा सकते हैं.

एएमयू और बीएचयू की लेखा परीक्षा में पैनल ने कहा कि एएमयू से एम शब्द इसलिए हटा देना चाहिए क्योंकि ये एक केंद्रीय फंडेड यूनिवर्सिटी है और इसलिए यह है सेकुलर संस्थान है. पैनल ने एएमयू को सामंती स्वभाव वाला बताया है और कहा कि संस्थान में गरीब मुस्लिम छात्रों के उत्थान के लिए उपाय करने की जरूरत है. हालांकि, रिपोर्ट ने यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जे के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. पैनल ने सुझाव देते हुए कहा कि एएमयू ने वीसी नियुक्ति के लिए भी अन्य संस्थानों की तरह की अप्वाइंटमेंट की प्रक्रिया का पालन होना चाहिए. फिलहाल एएमयू का नियुक्तियों में दखल ज्यादा है.

पैनल ने सुझाव देते हुए कहा है कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में इनब्रीडिंग यानी अपने ही पूर्ववर्ती छात्रों की नियुक्ति करने का ट्रेंड बंद करना चाहिए. पैनल ने एएमयू में पूर्ववर्ती छात्रों को नियुक्त करने से पहले पांच साल का गैप देने का सुझाव दिया है. ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार एएमयू के ट्यूशन फीस में भी बढ़ोतरी होनी चाहिए ताकि आंतरिक स्तर पर ही ज्यादा से ज्यादा संसाधन जुटाए जा सकें. इसके अलावा यूनिवर्सिटी कोर्ट और उसके जैसे अन्य एएमयू विभागों में पूर्ववर्ती छात्रों के प्रतिनिधित्व को कम करने का भी सुझाव पैनल ने दिया है. पैनल ने यूजीसी से उन शिकायतों पर भी ध्यान देने को कहा है जहां बिना रिक्त पद के ही शिक्षकों को प्रमोट कर दिया गया है.

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