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11 October 2017

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने तीसरे अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन का शुभारंभ किया

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने 10 अक्टूबर 2017 को नई दिल्ली में तीसरे अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन का शुभारंभ किया. इस दो दिवसीय सम्मेलन का मुख्य विषय ‘स्वस्थ जीवन के लिए योग’ रखा गया है. संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित करने के उपलक्ष्य में आयुष मंत्रालय इस सम्मेलन का आयोजन कर रहा है. इस सम्मेलन में 44 देशों के 69 प्रतिनिधियों समेत लगभग 500 प्रतिनिधि हिस्सा लिए. वैज्ञानिक संस्थाओं के 16 विशेषज्ञ पैनल परिचर्चा में हिस्सा लिए.विचार विमर्श के प्रमुख विषय गैर-संक्रामक बीमारियां, एकीकृत दवा पद्धति में योग की संभावना, स्त्री रोग संबंधी विकार और दर्द प्रबंधन था. तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता 25 राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ और 11 योग विशेषज्ञ द्वारा की गई.

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि योग आधुनिक विश्व को भारत का आनमोल तोहफा है और योग का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने साथ ही कहा कि कुछ लोग इस प्राचीन वैज्ञानिक प्रणाली को धार्मिक रंग देकर मानवता को 'गहरा नुकसान' पहुंचा रहे हैं. उन्होंने कहा कि योग के मूल में 'सर्व जन: सुखिनो भवन्तु' है और इसका अध्ययन और उपयोग अन्य चिकित्सा पद्धति की तरह ही किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि योग सभी तरह की कसरतों और शारीरिक अभ्यास की जननी है जिससे न केवल शरीर तंदरूस्त रहता है बल्कि मानसिक तंदरूस्ती के साथ आध्यात्मिक पोषण मिलता है.

उन्होंने अपने चिर परिचित मजाकिया अंदाज में कहा कि इससे मेडकल बिल भी नियंत्रण में रहता है.वेंकैया नायडू ने कहा कि सम्मेलन का मुख्य विषय आज के समय में काफी प्रासंगिक है क्योंकि यह प्राचीन विज्ञान को समझने का अवसर प्रदान करता है, साथ ही वर्तमान में बेहतर, स्वस्थ्य और खुशहाल जीवन के बारे में इस ज्ञान के उपयोग के संभावित रास्ते बताता है. उपराष्ट्रपति ने आयुष एवं स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव की ओर संकेत करते हुए कहा कि अगर आप आयुष मंत्रालय को लोकप्रिय बनायेंगे, तब स्वास्थ्य पर आपका खर्च कम हो जायेगा.' उन्होंने कहा कि योग हमारी धरोहर है जो हमें अपने पुरखों से प्राप्त हुई है और हमें इसका संरक्षण करने की जरूरत है.

यह सम्मेलन आयुष, अंग्रेजी दवाओं, शोधार्थियों, शिक्षा जगत के विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और छात्रों के लिए एक साझा मंच प्रदान किया और उन्हें स्वस्थ जीवन के लिए योग के विभिन्न आयामों को समझने में सहायता प्रदान किया. संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित करने के तीन वर्षों के दौरान योग के प्रति रूचि और उत्साह में अत्यधिक वृद्धि हुई है. अंतर्राष्ट्रीय योग सम्मेलन का आयोजन सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन योगा एंड नैचुरोपैथी तथा मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ योग की सहायता से किया जा रहा है. यह सम्मेलन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रबंधन में योग की भूमिका पर विमर्श करने, स्वस्थ जीवन को प्रोत्साहन देने और वैज्ञानिक अनुभवों को साझा करने का एक प्रयास है. आयुष मंत्रालय द्वारा आयोजित होने वाला यह तीसरा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन है. वर्ष 2015 और वर्ष 2016 में आयोजित होने वाले योग सम्मेलनों की क्रमशः थीम ‘संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए योग’ और ‘शरीर और मन के लिए योग’ था.


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