मासिक करेंट अफेयर्स

30 November 2017

बद्री नारायण शर्मा मुनाफाखोरी निरोधी निकाय के प्रमुख नियुक्त

वरिष्ठ नौकरशाह बद्री नारायण शर्मा को जीएसटी व्यवस्था में राष्ट्रीय मुनाफाखोरी रोधी प्राधिकरण का पहला चेयरमैन नियुक्त किया गया है. यह प्राधिकरण सुनिश्चित करेगा कि जीएसटी के तहत घटी कीमतों का लाभ उपभोक्ताओं को मिले. राजस्थान कैडर के 1985 बैच के आईएएस अधिकारी शर्मा फिलहाल राजस्व विभाग में अतिरिक्त सचिव हैं. कार्मिक मंत्रालय के आदेश के अनुसार मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने इस पद पर नियुक्त किये जाने को मंजूरी दी है. यह भारत सरकार में सचिव स्तर के समतुल्य है.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 नवंबर को पांच सदस्यीय प्राधिकरण के गठन को मंजूरी दी थी. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जीएसटी में कटौती का लाभ ग्राहकों को मिले. प्राधिकरण का गठन दो साल की अवधि के लिए किया गया है. यह अवधि शर्मा के अध्यक्ष के तौर पर पदभार संभालने की तारीख से शुरू होगा. इस प्राधिकरण में संयुक्त सचिव या इससे पर स्तर के चार अधिकारी होंगे जिन्हें इस निकाय में तकनीकी सदस्य के तौर पर नियुक्त किया गया है. इन अधिकारियों में हिमाचल प्रदेश के कर अधिकरण के अध्यक्ष जे सी चौहान, जीएसटी-कोलकाता के प्रधान आयुक्त विजय कुमार, जीएसटी-मेरठ के प्रधान आयुक्त सी एल मल्हार और एडीजी सिस्टम्स आर भाग्यदेवी शामिल हैं.

भारत, इटली ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने हेतु समझौता किया

भारत और इटली ने बुधवार को स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जिसमें इस क्षेत्र में एक व्यापक अंतर-मंत्रालयी और अंतर-संस्थानिक सहयोग स्थापित करने की बात शामिल है. इस एमओयू पर स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा और उनके आगंतुक इटली के समकक्ष बिट्रिस लोरेंजिन ने हस्ताक्षर किए. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि सहयोग के मुख्य क्षेत्रों में चिकित्सकों, अधिकारियों, अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों और विशेषज्ञों का आदान-प्रदान और प्रशिक्षण शामिल है. 

इसमें मानव संसाधन का विकास और स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं की स्थापना में सहायता तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में मानव संसाधनों के अल्पकालिक प्रशिक्षण पर भी जोर दिया गया है. बयान में कहा गया है, 'करार के तहत दोनों देश जेनेरिक और आवश्यक दवाओं की खरीद और दवा आपूर्ति में सहायता करेंगे और न्यूरोकार्डियोवास्कुलर रोग, कैंसर, सीओपीडी, मानसिक स्वास्थ्य और डिमेंशिया जैसे गैर-संक्रामक रोगों एनसीडी की रोकथाम में सहयोग करेंगे.'

ब्रिटेन और भारत के बीच शहरी परिवहन क्षेत्र में सहयोग पर सहमती

नदी विकास और गंगा संरक्षण, जहाजरानी और जल संसाधन, केन्‍द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तीन दिनों की ब्रिटेन यात्रा पर हैं. नितिन गडकरी इस यात्रा के दौरान भारत और ब्रिटेन के बीच शहरी परिवहन क्षेत्र में नीति नियोजन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और संस्थागत संगठन में सहयोग के लिए सहमती बनीं. इन सहयोगों के लिए जल्द ही भारत और ब्रिटेन के मध्य समझौते पर हस्ताक्षर होंगे. ब्रिटेन के परिवहन सचिव क्रिस ग्रेयलिंग और नितिन गडकरी ने 27 नवंबर, 2017 को लंदन में मुलाकात की. इस मुलाकात में दोनों ही पक्षों ने समझौता पत्र के मसौदे पर चर्चा की. 

इस समझौता पत्र के मसौदे में परिवहन क्षेत्र में दोनों देशों के बीच विशेषज्ञता का आदान-प्रदान एवं तकनीक के जरिए परिवहन सुगमता को बढ़ाने के लिए आपसी सहयोग शामिल है. इस समझौते के बाद देश को अधिक क्षमता वाले इलैक्ट्रिक और डीजल वाहनों और डिजिटल लेनदेन के चलन को बढ़ावा मिलेगा. नितिन गडकरी के मई 2017 में लंदन दौरे के बाद इस समझौते पर हस्ताक्षर के बारे में निर्णय हुआ है.

उपेन्द्र प्रसाद सिंह नए केन्द्रीय जल संसाधन सचिव नियुक्त

केंद्र सरकार ने 27 नवंबर 2017 को भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी उपेन्द्र प्रसाद सिंह को नए केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय में सचिव के रूप में नियुक्त किया. वे निवर्तमान केन्द्रीय जल संसाधन सचिव डॉ. अमरजीत सिंह का स्थान लेंगे, जो 30 नवंबर 2017 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. उपेन्द्र प्रसाद सिंह भारतीय प्रशासनिक सेवा के वर्ष 1985 बैच के अधिकारी हैं, जो वर्तमान में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक पद पर कार्यरत हैं.

केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय का मुख्य काम भारत के भूजल संसाधनों के आर्थिक एवं पारिस्थितिकी कुशलता के सिद्धांतों के आधार पर वैज्ञानिक वं सतत विकास और प्रबंधन के लिए भूजल संसाधनों के अन्वेषण, आकलन, संरक्षण, संवर्धन, प्रदूषण से सुरक्षा तथा वितरण सहित प्रौद्योगिकी का विकास एवं प्रचार-पसार करना तथा राष्ट्रीय नीतियों की मॉनीटरिंग एवं कार्यान्वयन करना है.

देश के जल संसाधनों के विकास और विनियमन के लिए दिशा-निर्देशों और कार्यक्रमों को बनाने के लिए जल संसाधन मंत्रालय जिम्मेदार है. जनवरी, 1985 में सिंचाई मंत्रालय को पुनः सिंचाई और विद्युत मंत्रालय का एक अंग बना दिया गया तथापि सितम्बर, 1985 में केन्द्रीय सरकार के मंत्रालयों के पुनर्गठन में तत्कालीन सिंचाई और विद्युत मंत्रालय को विभाजित कर दिया गया और सिंचाई विभाग को जल संसाधन मंत्रालय के रूप में पुनर्गठित किया गया. देश के जल संसाधनों से सम्बन्धित सभी मामलों के सम्बन्ध में मंत्रालय को नोडल भूमिका सौंप दी गई.

CISCE ने 10वीं, 12वीं के लिए घटाए पास मार्क्स

काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस (सीआईएससीई) ने 10वीं और 12वीं क्लास के लिए पासिंग मार्क्स कम कर दिया है ताकि यह देश भर के अन्य बोर्डों के बराबर हो सके. इस संबंध में सीआईएससीई की ओर से एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है. सीआईएससीई की ओर से इससे संबद्ध सभी स्कूलों के प्रमुखों को भेजे गए आधिकारिक संचार में चीफ एग्जिक्युटिव और सेक्रटरी गेरी अराथून ने कहा, 'इंटर बोर्ड वर्किंग ग्रुप ने कई सुझाव दिए जिनमें यह भी एक सुझाव था कि देश के सभी बोर्ड्स में पास मार्क्स का क्राइटेरिया एक जैसा होना चाहिए.'

अब आईसीएसई क्लास 10 के छात्रों के लिए पास मार्क्स 35 फीसदी से घटाकर 33 फीसदी कर दिया है. इसी तरह 12वीं क्लास के छात्रों के लिए पहले पासिंग मार्क्स 40 फीसदी था जिसे अब 35 फीसदी कर दिया गया है. पास मार्क्स में हुआ यह परिवर्तन 2019 से शुरू होने वाले ऐकडेमिक टर्म में लागू होगा. 9वीं और 11वीं क्लास के लिए न्यूनतम मार्क्स को कम कर दिया गया है. 9वीं के लिए अब पास मार्क्स 33 फीसदी और 11वीं के लिए 35 फीसदी है.

उत्तर कोरिया ने बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया

अमेरिका की लाख कोशिशों के बाद भी उत्तर कोरिया ने फिर बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है.  इस खबर की पुष्टि दक्षिण कोरिया के सैन्य अधिकारियों ने की है. दक्षिण कोरिया समाचार एजेंसी योनहाप ने कहा है कि दक्षिणी प्योंगान प्रांत के प्योंगयाग से पूर्व की ओर इस मिसाइल को छोड़ा गया है. अमेरिकी सेना ने भी इस खबर की पुष्टि की है, मिसाइल लॉन्च के बारे में अमेरिका अभी और जानकारी जुटा रहा है. अमरिका के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसके प्रारंभिक मूल्यांकन के अनुसार, यह एक अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है.

अमरीकी रक्षा मंत्री जेम्स मेटिस ने इसे पूरी दुनिया के लिए ख़तरा बताया है. इस तरह की मिसाइल का परीक्षण किम जोंग उन ने आखिरी बार सितम्बर में कराया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उत्तर कोरिया द्वारा दागी गई मिसाइल पर सिर्फ यह कह सकते हैं कि इस पर हम नजर बनाए हुए हैं. यह एक ऐसी परिस्थिति है, जिसे हम संभाल लेंगे. दक्षिण कोरिया के मुताबिक, उत्तर कोरिया साल 2018 तक न्यूक्लियर मिसाइल लॉन्च करने में सक्षम हो जाएगा. गौरतलब है कि नॉर्थ कोरिया अपनी मिसाइलों को बेहतर बनाने के लिए लगातार परीक्षण कर रहा है. इसके पहले वह 22 मिसाइलों का परीक्षण कर चुका है.

स्किल इंडिया ने एयरबीएनबी के साथ अतिथि सत्कार क्षेत्र में समझौता किया

नई दिल्ली में 28 नवंबर को राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी), पर्यटन एवं अतिथि सत्कार क्षेत्र कौशल परिषद (टीएचएससी) एवं एयरबीएनबी, अतिथि सत्कार के क्षेत्र में विश्व की एक अग्रणी कंपनी, के बीच एक तीन भागीदारों वाले सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये गये. सहमति पत्र के तहत अतिथि सत्कार के क्षेत्र में भारत के सूक्ष्म उद्यमियों को कौशल प्रदान किया जायेगा. इस अवसर पर केंद्रीय कौशल विकास मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “हमें विश्वास है कि इस साझेदारी से अतिथि सत्कार के क्षेत्र में लघु उद्यमियों को विश्व स्तरीय प्रक्रियाओं से परिचित करवाने के स्किल इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. भारत में घरेलू पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनायें हैं और इस साझेदारी से महिलाओं और युवाओं के लिये अवसरों का सृजन करके पारिस्थितिकी तंत्र की मदद करेगी. हम भारत को एक पसंदीदा पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने में हर संभव मदद करेंगे.”

भारत, दक्षिणपूर्व एशिया और एनएनजेड के लिये नीति निर्देशक श्री ब्रेंट थॉमस ने कहा, “इस साझेदारी के जरिये ज्यादा संख्या में डिजिटल साक्षर अतिथि सत्कार उद्यमियों को विकसित किया जा सकेगा. विशेषकर के महिलाओं और पिछड़े क्षेत्रों में जहां पर वह प्रत्येक घर में अतिथि के ठहरने की व्यवस्था कर सकें और भारत के प्रत्येक स्थानीय क्षेत्र में भारतीयता का भरोसेमंद अनुभव कराया जा सके और पर्यटन के लाभों का विस्तार किया जा सके.”

सहमति पर हस्ताक्षर भारत सरकार के उस कौशल विकास कार्यक्रम के अनुरूप है जिसके तहत सरकार उद्यमिता को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है. एनएसडीसी भारत सरकार के कौशल एवं उद्यमिता विकास मंत्रालय की क्रियान्वयन करने वाली संस्था है. यह साझेदारी एयरबीएनबी की स्किल इंडिया अभियान की प्रति उस प्रतिबद्धता को आगे ले जाती है जिसके तहत वह अतिथि सत्कार के क्षेत्र में भारत में 50,000 उद्मियों को तैयार करने और उन्हें सशक्त बनाने में सहयोग करेगी. इस सहमति पत्र का उद्देश्य ज्यादा नागरिकों को सशक्त बनाना है ताकि विशेष कर के ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों को वैकल्पिक ठहरने की व्यवस्था के क्षेत्र को मजबूत बनाकर घर का साझा करते हुये आजीविका का नया विकल्प दिया जा सके.

29 November 2017

शक्तिकांत दास भारत की तरफ से G-20 के शेरपा चयनित किये गये

केंद्र सरकार द्वारा 27 नवंबर 2017 को लिए गये एक निर्णय में वरिष्ठ नौकरशाह शक्तिकांत दास को जी20 वार्ता हेतु भारत का शेरपा चयनित किया. शक्तिकांत दास वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग के पूर्व सचिव और वरिष्ठ नौकरशाह हैं. शक्तिकांत दास इस पद पर 31 दिसंबर 2018 तक के लिए नियुक्त किये गये हैं. वे जी-20 में बतौर भारत के शेरपा के रूप में “डवलपमेंट ट्रैक” यानी विकास संबंधी वार्ताओं में भारत का पक्ष रखेंगे. दास इसी वर्ष वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग में सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए थे. तब से ही कयास लगाए जा रहे थे कि सरकार उन्हें कुछ अहम जिम्मेदारी दे सकती है. तमिलनाडु कैडर के आइएएस अधिकारी दास ने अपने केंद्र सरकार में अपने कार्यकाल के दौरान संयुक्त सचिव बजट, राजस्व सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं.

जी-20 में दरअसल फाइनेंस ट्रैक और डवलपमेंट ट्रैक की बातचीत होती है. फाइनेंस ट्रैक की वार्ताओं में वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग के सचिव की अहम भूमिका होती है जबकि डवलपमेंट ट्रैक का जिम्मा एक शेरपा के पास होता है. आर्थिक कार्य विभाग इस संबंध में शेरपा को पूरी मदद मुहैया कराएगा. इससे पहले नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पानागढि़या और तत्कालीन योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया इस पद पर रह चुके हैं. पानागढि़या के इस्तीफा देकर अमेरिका लौटने के बाद जी-20 में भारत के शेरपा का पद खाली था.

प्रो. हिरोशी मारुई तीसरे प्रतिष्ठित ICCR भारतविद् पुरस्कार से सम्मानित किए गये

जापान के प्रोफेसर हिरोशी मारुई तीसरे प्रतिष्ठित आईसीसीआर भारतविद् पुरस्कार से सम्मानित किये गए हैं. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 27 नवंबर, 2017 राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में प्रोफेसर हिरोशी मारुई को तीसरे प्रतिष्ठित आईसीसीआर भारतविद् पुरस्कार से सम्मानित किया. पाठकों को बता दे की विदेशों में कार्य कर रहे जाने माने भारतविद को प्रति वर्ष सम्माानित करने के लिये आईसीसीआर ने “गणमान्य भारतविद” पुरस्कार की शुरूआत की. प्रख्यात विद्वानों को भारत दर्शन का अध्ययन/शिक्षण/अनुसंधान, विचार, इतिहास, कला, संस्कृति, भाषा, साहित्य, सभ्यता, समाज के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिये यह पुरस्काहर प्रदान किया जाता है.

प्रोफेसर मारुई 40 वर्ष से भारतीय दर्शन और बौद्ध अध्ययन पर काम कर रहे हैं. उनके शोध पत्रों को दुनिया भर में कई विषयों पर अंतिम राय के तौर मान्यता मिली हुई है. जापानी एसोसिएशन ऑफ इंडियन और बौद्ध स्टडीज के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने जापान में इंडोलॉजी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

भारत और यूनान के बीच कई क्षेत्रों में समझौता

भारत की राजधानी नई दिल्ली में भारत और यूनान के विदेशमंत्रियों की मुलाक़ात में नवीकरणीय ऊर्जा और हवाई सेवा के क्षेत्र में समझौता हुआ. इस अवसर पर दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में विस्तार के मार्गों तथा महत्वपूर्ण क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार विमर्श किया. दोनों देशों के विदेशमंत्रियों के बीच नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में यह समझौता एेसी स्थिति में हुआ कि भारत की नरेंद्र मोदी सरकार ने वर्ष 2022 तक 175 गेगावाॅट नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन का लक्ष्य बनाया है जिसमें 100 गेगावाॅट सौर्य ऊर्जा तथा 75 गेगावाॅट वायु ऊर्जा शामिल होगी. 

नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से की गयी घोषणा के आधार पर वर्ष 2022 तक देश में नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन की क्षमता वर्तमान समय से दो गुना पहुंचेगी और यदि सरकार इस योजना में सफल हो जाती है तो भारत पहली बार नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में यूरोप से आगे निकल जाएगा.

वर्ल्ड स्नूकर चैंपियनशिप में पंकज आडवाणी ने खिताब जीता

कतर की राजधानी दोहा में चल रहे इवेंट में पंकज आडवाणी ने ईरान के आमिर सरखोश को फाइनल मात देकर खिताब जीता. अपने लिए उन्होंने खिताब नंबर 18 पर कब्जा किया है. बेस्ट ऑफ 15 फ्रेम्स के आईबीएसएफ वर्ल्ड स्नूकर चैंपियनशिप पर उन्होंने कब्जा जमा लिया है. कतर की राजधानी दोहा में चल रहे इवेंट में पंकज आडवाणी ने ईरान के आमिर सरखोश को मात दी. पहला फ्रेम आमिर ने जीता. दूसरे फ्रेम में भी वो मजबूत दिखाई दे रहे थे. ऐसा लग रहा था कि 2-0 की बढ़त हो जाएगी. लेकिन आसान सा शॉट चूककर उन्होंने आडवाणी को मौका दिया. इसका पूरा फायदा आडवाणी ने उठाया और स्कोर बराबर कर लिया.

यहां से आडवाणी ने पलटकर नहीं देखा. उन्होंने 5-2 की बढ़त बना ली. इसमें चौथे फ्रेम में हुई कांटे की टक्कर शामिल थी. छठे फ्रेम में ईरानी खिलाड़ी के 134 के ब्रेक ने भी आडवाणी को परेशान नहीं किया. वो अगला फ्रेम जीतकर 5-2 की बढ़त बनाने में कामयाब रहे. दूसरे सेशन में भी पहले ही कदम से पंकज आडवाणी ने अपने लिए सब सही किया. 45 का ब्रेक उन्होंने बनाया. 41 के एक और ब्रेक के साथ आडवाणी ने स्कोर 6-2 कर लिया. हालांकि आमिर ने नौवें फ्रेम में अच्छी शुरुआत की. लेकिन एक बार फिर वो चूके. यहां से आडवाणी ने 77 का ब्रेक बनाते हुए खुद को विश्व खिताब के और करीब कर लिया. 

10वें फ्रेम में भी आडवाणी ने 22 के ब्रेक से शुरुआत की. यहां आडवाणी ने आसान से शॉट को मिस किया. आमिर को मौका मिला और 30 के ब्रेक से उन्होंने आठ अंक की मामूली बढ़त हासिल की. आमिर गलती करते रहे और आडवाणी शांत रहकर छोटे-छोटे ब्रेक बनाते रहे. आखिर उन्होंने खिताब जीता. इस तरह वो 18वीं बार वर्ल्ड चैंपियन बने. स्नूकर के मेन फॉरमेट में ये तीसरा विश्व खिताब है. पहला विश्व खिताब 2003 में आया था, जो इवेंट चीन में खेला गया था. दूसरा खिताब 2016 में ईजिप्ट में खेली गई चैंपियनशिप में आया.

आईसीसी ने श्रीलंका के तेज गेंदबाज दासुन शनाका पर जुर्माना लगाया

श्रीलंका के तेज गेंदबाज दासुन शनाका भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन गेंद के साथ छेड़छाड़ को लेकर विवादों में आ गए. यह मामला 50वें ओवर का है जब कैमरों में वे गेंद के धागे (सीम) को काटते हुए पकड़े गए. मध्यम गति के गेंदबाज ने आईसीसी के मैच रेफरी डेविड बून के समक्ष स्वीकार किया कि उन्होंने गेंद के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की. आईसीसी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार शनाका पर आईसीसी की आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर मैच फीस का 75 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है.

दूसरा दिन श्रीलंका के लिए यह ऐसा दिन था, जिसे वह ज्यादा समय तक याद नहीं रखना चाहेगा. भारत ने पूरे 90 ओवर के खेल में अपना दबदबा बनाए रखा. भारत ने लगभग यह सुनिश्चित कर लिया है कि उसे इस टेस्ट में दोबारा बल्लेबाजी के लिए ना उतरना पड़े. श्रीलंका गेंदबाजों ने पहले दो सत्रों की शुरुआत के समय पिच से  कोई मदद नहीं मिलने के बावजूद भारतीय बल्लेबाजों के सामने कड़ी चुनौती रखी. कोहली ने भी ताबड़तोड़ अर्धशतक जड़ कर दूसरा दिन पूरी तरह भारत के नाम कर दिया. भारत ने सिर्फ दिन भर के खेल में सिर्फ विजय का विकेट गंवाया. विजय ने 128 रन बनाए. मेजबान टीम के पास 107 रन की बढ़त हो गई है. चेतेश्वर पुजारा 121 रन पर खेल रहे हैं तो कप्तान कोहली 54 रन बनाकर उनका साथ दे रहे हैं. श्रीलंका पहली पारी में 205 रन पर सिमट गया था.

एनके सिंह 15वें वित्त आयोग के अध्‍यक्ष बने

केंद्र सरकार ने योजना आयोग के पूर्व सदस्य एन के सिंह को 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया है. ऐसे में एन के सिंह पर आयोग की अन्य जिम्मेदारियों के अलावा जीएसटी के केंद्र और राज्य की पूंजी पर असर के आकलन की भी जिम्मेदारी होगी. हाल ही में एन के सिंह को फिस्कल कंसॉलिडेशन फ्रेमवर्क तय करने वाली समिति का अध्यक्ष बनाया गया था. बता दें कि बीते 23 नवंबर को ही 15वें वित्त आयोग को मंजूरी दी गई है. ये आयोग अप्रैल 2020 से 2025 तक केंद्र और राज्य सरकारों के बीच टैक्स राजस्व के बटवारे के सूत्र तय करेगा. इस आयोग के अन्य सदस्यों में पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अशोक लहरी, नीती आयोग के सदस्य रमेश चन्द, पूर्व इकोनामिक सचिव शक्तिकांत दास और जार्जटाउन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अनूप सिंह शामिल हैं. 

वित्त आयोग संवैधानिक संस्था है जिसे संविधान के आर्टिकल 280 के तहत बनाए गए 15वें वित्त आयोग के लिए सरकार ने 10 करोड़ का बजट तय किया है. ये आयोग 2019 तक अपनी सिफारिशें देगा, क्योंकि पिछले आयोग की सिफारिशें 2020 तक लागु हैं. गौरतलब है कि नीति आयोग अब योजना आयोग की जगह ले चुका है और इसके भीतर ही केंद्र व राज्यों के बीच पूंजी का बंटवारा नये ढंग से किया जाएगा. ये आयोग कंसॉलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया से सभी राज्यों को दिए जाने वाले ग्रांट के रूल्स भी तय करेगा. इसके अलावा ये आयोग वित्त, घाटे, ऋण स्तर व राजकोषीय अनुशास प्रयासों की स्थिति की समीक्षा करेगा.

28 November 2017

पाकिस्तान के कानून मंत्री जाहिद हामिद ने इस्लामिक कट्टरपंथियों के दबाव में इस्तीफा दिया

इस्लामिक कट्टरपंथियों के विरोध प्रदर्शनों के दबाव में आकर पाकिस्तान के कानून मंत्री जाहिद हामिद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.कट्टरपंथी संगठन जाहिद पर 'ईशनिंदा' का आरोप लगा रहे थे. इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने करीब तीन सप्ताह से जारी अपने आंदोलन को खत्म कर दिया. इससे पहले पाकिस्तान सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच इस बात पर सहमति बनी थी कि जाहिद इस्तीफा देते हैं तो आंदोलन वापस ले लिया जाएगा. इससे पहले प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे इस्लामिक समूह तहरीक-ए-लबैक के प्रवक्ता एजाज अशरफी ने कहा, हमारी मुख्य मांग को स्वीकार कर लिया गया है. एजाज ने कहा कि सरकार कानून मंत्री के इस्तीफे का ऐलान करेगी और उसे बाद अपने आंदोलन को वापस ले लेंगे. पाकिस्तान में संवैधानिक पदों पर बैठने वाले लोगों की शपथ में बदलाव के जाहिद के प्रस्ताव के विरोध में कट्टरपंथी सड़कों पर उतर आए थे. राजधानी इस्लामाबाद में हिंसक प्रदर्शन करते हुए इन लोगों का कहना था कि शपथ में बदलाव किया जाना ईशनिंदा के जैसा है.
 
सरकार के मुताबिक यह गलती मौलवी की खामी के चलते हुई थी, जिसे कट्टरपंथी मुस्लिमों के विरोध के बाद वापस ले लिया गया था. गौरतलब है कि इस्लामिक कट्टरपंथियों ने इस्लामाबाद में हिंसक प्रदर्शन किए थे. तहरीक-ए-खत्म-ए-नबूवत, तहरीक-ए-लबैक या रसूल अल्लाह (टीएलवाईआर) और सुन्नी तहरीक पाकिस्तान (एसटी) के करीब 2,000 कार्यकर्ताओं ने करीब तीन सप्ताह से इस्लामाबाद एक्सप्रेस-वे और मुरी की घेराबंदी कर रखी थी. यह सड़क इस्लामाबाद को इसके एकमात्र हवाईअड्डे और सेना के गढ़ रावलपिंडी को जोड़ती है. इस पर सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की थी, जिसमें 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे और करीब 6 लोगों की मौत हो गई थी.

रविचंद्रन आश्विन टेस्ट में सबसे तेज 300 विकेट लेने वाले गेंदबाज बने

श्रीलंका के खिलाफ सोमवार को नागपुर में खेले गए टेस्ट मैच में लाहिरु गमागे का विकेट चटकाने के साथ ही स्पिनर आर अश्विन ने बेहद ही शानदार रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. आर अश्विन टेस्ट मैचों में सबसे तेज 300 विकेट्स लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं. उन्होंने ये कारनामा महज 54 टेस्ट मैचों में कर दिखाया. अश्विन ने गमागे के रूप में अपना 300वां विकेट लिया. पहले ये रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज डेनिस लिली के नाम था, उन्होंने 56 टेस्ट मैचों में 300 विकेट्स लिए थे, लेकिन अश्विन ने उनका यह रिकॉर्ड तोड़ते हुए महज 54 टेस्ट मैचों में यह कारनामा कर दिखाया.

इंडियन क्रिकेट टीम के लिए साल 2011 से खेलना शुरू करने वाले गेंदबाज आर अश्विन टेस्ट मैच के बेहतरीन प्लेयर हैं. अश्विन भले ही वनडे और टी-20 सीरीज में टीम इंडिया की तरफ से कम खेलते हों, लेकिन वे टेस्ट क्रिकेट में कप्तान विराट कोहली के बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं. अश्विन के करियर का ग्राफ साल 2014 में थोड़ा नीचे की ओर आ गया था, जब उन्होंने पूरे साल भर में केवल 10 विकेट्स ही लिए थे, लेकिन उन्होंने 2015 में शानदार वापसी करते हुए 9 टेस्ट मैचों में 62 विकेट्स चटकाए और 2016 में 12 मैचों में 72 विकेट्स लिए. वहीं इस साल उन्होंने अभी तक 50 विकेट्स झटकाए हैं. इससे पहले भी अश्विन ने इस साल लिली का सबसे तेज 250 विकेट्स लेने का रिकॉर्ड तोड़ा था. इस साल की शुरुआत में बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में अश्विन सबसे तेज 250 विकेट्स चटकाने वाले क्रिकेटर बने थे.
 
अश्विन मात्र एक मैच से सबसे तेज 200 टेस्ट विकेट्स लेने के रिकॉर्ड से चूक गए. ऑस्ट्रेलिया के क्लेरी ग्रिमेट ने 36 टेस्ट मैचों में 200 विकेट्स झटके थे तो वहीं यह कारनामा करने में अश्विन को 37 मैच खेलने पड़े. इस लिहाज से अश्विन दूसरे सबसे तेज 200 टेस्ट विकेट्स लेने वाले गेंदबाज हैं. वहीं तीसरे स्थान पर लिली हैं, उन्होंने 38 मैचों में 200 विकेट्स लिए थे.

डेमी-ले-नेल-पीटर्स बनी मिस यूनिवर्स 2017

दक्षिण अफ्रीका की डेमी-ले-नेल-पीटर्स ने 26 नवम्बर 2017 को मिस यूनिवर्स का खिताब अपने नाम कर लिया है. फ्रांस की आइरिस मित्नेनेर ने अपनी उत्तराधिकारी डेमी-लेह को ताज पहनाया. डेमी-लेह के पास व्यवसाय प्रबंधन में डिग्री है और वह एक ऐसे कार्यक्रम को लेकर भावुक है, जिससे वह विभिन्न स्थितियों में महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित कर सकें. मिस यूनिवर्स की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, डेमी-ली अपनी इन कार्यशालाओं का विस्तार कर जरिए ज्यादा से ज्यादा महिलाओं की मदद करना चाहती हैं.

अमेरिका के लॉस वेगास में हुई इस प्रतियोगिता में विश्वभर की क़रीब 92 सुंदरियों ने हिस्सा लिया था. फाइनल में सिर्फ दक्षिण अफ्रीका, जमैका और कोलंबिया पहुंचे। मिस जमैका तीसरे पायदान पर रहीं. जबकि फर्स्‍ट रनर-अप मिस कोलंबिया रहीं. अमेरिका के नेवादा राज्य में रविवार रात को आयोजित इस कार्यक्रम की मेजबानी कॉमेडियन और टीवी होस्ट स्टीव हार्वे ने की. बता दे की डेमी-ले-नेल-पीटर्स 66वीं मिस यूनिवर्स चुनी गई हैं. डेमी-ले नेल-पीटर्स दक्षिण अफ्रीका की दूसरी मिस यूनिवर्स हैं. इससे पहले मार्गरेट गार्डिनर वर्ष 1978 में दक्षिण अफ्रीका की मिस यूनिवर्स बनीं थीं.

भारत की तरफ से इससे पहले वर्ष 1994 में सुष्मिता सेन और वर्ष 2000 में लारा दत्ता ने ये उपलब्धि हासिल की थी. मिस यूनिवर्स का ख़िताब मिस वर्ल्ड, मिस इंटरनेशनल और मिस अर्थ समेत दुनिया की चार बड़ी सौंदर्य प्रतियोगिताओं में से एक है. इस प्रतियोगिता की शुरुआत वर्ष 1952 में हुई थी और तब फिनलैंड की आर्मी कुसेला विजेता बनी थीं. यह खिताब भारत से दो ही सुंदरियां जीत सकी हैं.

सौम्या स्वामीनाथन WHO की उप-महानिदेशक चयनित की गयी


डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन को नवंबर 2017 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) का उपमहानिदेशक नियुक्त किया गया. स्वामीनाथन डब्लूएचओ में इस पद को हासिल करने वाली पहली भारतीय नागरिक हैं. उनके उत्तरदायित्वों में संगठन के कार्यक्रमों की देख-रेख करना विशेष रूप से शामिल है. डब्लूएचओ की ओर से किये गये ट्वीट द्वारा यह जानकारी प्राप्त हुई. डब्लूएचओ के डायरेक्टर ट्रेडोस अधनोम गेब्रेयेसस ने हाल ही में अपनी सीनियर लीडरशीप टीम के बारे में जानकारी दी जिसमें सौम्या स्वामीनाथन का नाम भी शामिल था.

डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन की बेटी हैं. एमएस स्वामीनाथन को भारत में हरित क्रांति का जनक माना जाता है. सौम्या का अकादमिक प्रशिक्षण भारत, ब्रिटेन, उत्तरी आयरलैंड तथा अमेरिका में हुआ है. सौम्या वर्तमान में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) में डायरेक्टर जनरल हैं. सौम्या भारत की प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ हैं, उन्हें क्लिनिकल केयर और अनुसंधान में 30 वर्षों का अनुभव हासिल है. उनकी उपलब्धियों में उनके द्वारा क्षय रोग पर किए गये अनुसंधान के लिए उन्हें जाना जाता है. उनके द्वारा किये गये अनुसंधान के आधार पर ही भारत में विभिन्न प्रभावी कार्यक्रम तैयार किए गये. वे वर्ष 2009 से 2011 तक यूनिसेफ के लिए को-ऑर्डिनेटर के तौर पर भी काम कर चुकी हैं. इस दौरान उन्होंने जिनेवा में ट्रॉपिकल बीमारियों पर काम किया. इसके अतिरिक्त वे डब्लूएचओ और ग्लोबल एडवाइजरी बॉडी का हिस्सा भी रही हैं।

मध्यप्रदेश सरकार ने बलात्कार के आरोपियों को मृत्यु-दंड देने का निर्णय लिया

भोपाल में हुई गैंगरेप की घटना से किरकिरी कराने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. शिवराज कैबिनेट ने बलात्कार की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सख्त कानून बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।.शिवराज कैबिनेट के ताजा फैसले में 12 वर्ष तक की लड़कियों से दुष्कर्म करने वाले आरोपी के साथ-साथ सामूहिक दुष्कर्म के आऱोपियों को भी मृत्युदंड दिए जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई. कैबिनेट के इस फैसले के बाद दंड विधि में संशोधन के लिए मध्यप्रदेश सरकार आगामी शीतकालीन सत्र में विधेयक पेश करेगी. विधानसभा से मंजूरी मिलने के बाद विधेयक राष्ट्रपति को भेजा जाएगा.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीते मार्च में पुलिस कर्मियों के दीक्षांत समारोह में घोषणा करते हुए कहा था कि बलात्कार के आरोपियों को मृत्युदंड देने के लिए सरकार कानून में संशोधन करेगी. मध्यप्रदेश में बलात्कार की घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. बलात्कार की बढ़ती घटनाओं से मध्यप्रदेश सरकार चिंतित थी, लिहाजा सख्त कानून लाए जाने पर अरसे से विचार किया जा रहा था. बताया जा रहा है कि हाल की घटनाओं के मद्देनजर शिवराज सरकार ने सख्त कानून को मंजूरी दिए जाने का फैसला लिया है.

म्यांमार और बांग्लादेश के बीच रोहिंग्याओं के वापसी हेतु समझौता

रोहिंग्या मुसलमानों की स्वदेश वापसी का रास्ता साफ करने के लिए म्यांमार और बांग्लादेश के बीच गुरुवार को समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. म्यांमार के रखाइन प्रांत में सेना की कार्रवाई के बाद अगस्त से करीब 620,000 रोहिंग्या मुसलमानों ने भागकर बांग्लादेश में शरण ली है. रोहिंग्या शरणार्थी संकट को दूर करने के लिए दुनिया भर से भारी दबाव डाला गया. स्वदेश वापसी की शर्तों को लेकर हफ्तों टकराव के बाद म्यांमार की राजधानी नेपीतॉ में समझौता किया गया. इससे पहले म्यांमार की नेता आंग सान सू की और बांग्लादेश के विदेश मंत्री एएच महमूद अली ने बातचीत की. म्यांमार के श्रम, आव्रजन और जनसंख्या मंत्रालय के स्थायी सचिव मिंट क्याइंग ने समझौते की पुष्टि की लेकिन कहा कि वह इसका ब्योरा देने के लिए अधिकृत नहीं हैं. बांग्लादेश के विदेश मंत्री अली ने भी इतना ही कहा कि यह आरंभिक कदम है. म्यांमार रोहिंग्या को वापस लेगा. अब हमें इस पर काम शुरू करना है. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने रोहिंग्या मुसलमानों को वापसी की इजाजत दी जाएगी और इसके लिए समयसीमा क्या होगी.

मानवाधिकार संगठनों ने वापसी की प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई है. उनका कहना है कि रोहिंग्या मुसलमानों को कहां फिर से बसाया जाएगा क्योंकि उनके सैकड़ों गांव जला दिए गए हैं. म्यांमार में उनकी सुरक्षा कैसे होगी जहां मुस्लिम विरोधी भावना उफान पर है. समझौता पोप फ्रांसिस की दोनों देशों की संभावित यात्रा से पहले किया गया है. वह रोहिंग्या समुदाय के प्रति सहानुभूति को लेकर मुखर रहे हैं. गौरतलब है कि 25 अगस्त को रोहिंग्या विद्रोहियों के पुलिस चौकियों पर हमले के बाद रखाइन प्रांत में सेना ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की. सैनिकों और बौद्धों की भीड़ ने रोहिंग्या मुसलमानों की हत्या की और उनके घरों को जला दिया. हालांकि म्यांमार की सेना इससे इन्कार करती है.

इसरो 2019 में सूर्य पर आदित्य एल-1 मिशन भेजेगा

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने हाल ही में घोषणा की कि वह वर्ष 2019 में सूर्य के अध्ययन हेतु पहला मिशन लॉन्च करेगा. इसरो इस मिशन के तहत सूर्य की सतह का अध्ययन करने का प्रयास करेगा. इसरो द्वारा प्रस्तावित इस मिशन का नाम आदित्य एल-1 रखा गया है. वर्तमान में इसरो द्वारा चलाये जा रहे मिशन में मंगल गृह तथा चंद्रमा का अध्ययन किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा शुक्र ग्रह की सतह तक पहुंचने का भी प्रयास किया जा रहा है. अगले तीन महीनों में इसरो चार महत्वपूर्ण उपग्रह प्रक्षेपित करने जा रहा है. इसके अतिरिक्त अगले तीन वर्षों में इसरो लगभग 70 उपग्रह अन्तरिक्ष में प्रक्षेपित करने की योजना पर कार्य कर रहा है.  

इसरो आदित्य एल-1 मिशन : इसरो द्वारा सूर्य मिशन भेजने का सबसे महत्वपूर्ण कारण सूर्य पर होने वाले रासायनिक प्रतिक्रियाओं का अध्ययन करना है. इसरो के वैज्ञानिकों का मानना है कि इन प्रतिक्रियाओं के अध्ययन से सूर्य से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों को समझने में काफी सहायता मिलेगी. इसरो के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा की सूर्य का अध्ययन इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि पराबैंगनी किरणों का भी अध्ययन किया जा सके. साथ ही यह पता करना कि सूर्य की सतह इतनी गरम क्यों है, इस मिशन के मुख्य उद्देश्यों में शामिल होगा. यह मिशन इसरो और भारत दोनों के लिए काफी महत्वपूर्ण होगा. इस पूरे मिशन के लिए इसरो पृथ्वी और सूर्य के मध्य मौजूद एक बिंदु का उपयोग करेगा, जिससे लग्रंजियन पॉइंट-1 (एल-1) कहते हैं. इस बिंदु से सूर्य पर होने वाले हर बदलाव पर अध्ययन किया जा सकता है. इस बिंदु की वजह से ही इस मिशन को आदित्य-एल 1 नाम दिया गया है. इस मिशन को आंध्र प्रदेश के श्री-हरिकोटा से लांच किया जाएगा. श्री-हरिकोटा इसरो के मिशन लांच के लिए एक महत्त्वपूर्ण स्थान है.

गृह मंत्रालय ने मॉक सुनामी अभ्यास 2017 का संचालन किया

गृह मंत्रालय राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केन्द्र (आईएनसीओआईएस) के सहयोग से 24 नवम्बर 2017 को सुनामी तैयारी को लेकर एक बहु-राज्य मॉक अभ्यास का संचालन किया. यह अभ्यास चार राज्यों में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु औऱ केंद्र शासित प्रदेश पुद्दुचेरी समेत पूरे पूर्वी तट पर संचालित किया गया. चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 31 तटीय जिलों में मॉक सुनामी अभ्यास किया गया. आपदा की स्थिति में अंडमान तथा निकोबार द्वीप समूह के पास एक उच्च तीव्रता वाले भूकंप के कारण पैदा होने वाली सुनामी तरंगों के अनुरूप है, जो पूर्वी तट पर एक बड़े सुनामी की तरह प्रतीत होती हैं. प्रशांत महासागर क्षेत्र के 11 द्वीप देश इस पूरे संचालन का अवलोकन किया औऱ इसके अनुभवों को आपदा स्थिति से निपटने के लिए प्रयोग में लाएंगे. 

यह कार्यक्रम 5 नवंबर को मनाए जाने वाले दूसरे विश्व सुनामी जागरूकता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में से एक है. इसकी शुरूआत 8 नवंबर को आयोजित अनुकूलन सम्मेलन के साथ हुई, ताकि इस अभ्यास का संचालन सुचारू रूप से किया जा सके. इसके पश्चात विभिन्न राज्य आपदा स्थिति संचालन केन्द्रों (एसईओसी) पर समन्वय सम्मेलन और बैठकें आयोजित की गई और इसमें सभी संबंधित जिलों ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए भाग लिया. इन बैठकों में सभी प्रमुख विभागों जैसे सेना, नौसेना, वायुसेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, स्वास्थ्य, पुलिस, शिक्षा, अग्निशमन, नागरिक रक्षा, परिवहन, बिजली, जनसंपर्क आदि के अधिकारियों ने भाग लिया.

पृष्ठभूमि: सुनामी एक अत्यधिक विनाशकारी प्राकृतिक आपदा है और जब यह पैदा होती है तो प्रतिक्रिया समय सीमित होता है. इसके लिए दो घंटे के प्रतिक्रिया समय का निर्धारण किया गया है. इस दौरान सम्पूर्ण राज्य मशीनरी को तीव्रता तथा कुशलता के साथ मुकाबला करने के लिए संचालित किया गया. कुछ चयनित स्थानों पर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने से संबंधित अभ्यास किए गए. इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य तैयारी का मूल्यांकन करना और उसे बेहतर बनाना, प्रतिक्रिया मशीनरी और संबंधित एजेंसियों के आपसी समन्वय का मूल्यांकन करना है. भारत के पूर्वी तट पर बाढ़ और सुनामी का जोखिम रहता है. कई तटीय जिलों में बेहतर तैयारी के लिए मॉक अभ्यास आयोजित किए जा चुके हैं. हालांकि यह पहला अवसर है जब सम्पूर्ण पूर्वी तट एक साथ इस मॉक अभ्यास में भाग लिया.

भारतीय पहलवान रितु फोगाट ने अंडर 23 सीनियर कुश्ती चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता

भारतीय महिला रेसलर ऋतु फोगाट ने अंडर-23 सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में रजत पदक अपने नाम कर लिया है. पोलैंड में चल रही इस चैंपियनशिप में ऋतु को स्वर्ण पदक के मुकाबले में हार झेलनी पड़ी. 23 साल की ऋतु ने पिछले साल कॉमनवेल्थ रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था लेकिन वह अपने स्वर्णिम प्रदर्शन को यहां दोहरा नहीं पाईं. ऋतु ने इससे पहले इंदौर में राष्ट्रीय चैपियनशिप जीती थी. इसी महीने इंदौर में राष्ट्रीय रेसलिंग चैंपियनशिप में ऋतु ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया था. उन्होंने इस साल मई में एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीता था.

ऋतु को तुर्की की महिला रेसलर देमिरहान ने स्वर्ण पदक के मुकाबले में हराया. इससे पहले क्वॉर्टर फाइनल मैच में भारतीय महिला रेसलर ऋतु ने बुल्गारिया की सेलिष्का को 4-2 के अंतर से शिकस्त दी थी. ऋतु ने चीन की रेसलर जियांग झू को सेमीफाइनल में 4-3 से हराकर स्वर्ण पदक के मुकाबले में प्रवेश किया था.

भारत के एथलीट गोपी थोनाकाल ने एशियाई मैराथन चैंपियनशिप में स्वर्ण जीता

गोपी थोनाकल एशियाई मैराथन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बने हैं, उन्होंने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में विजेता बनने की अहम उपलब्धि हासिल की है. गोपी ने दो घंटे 15 मिनट और 48 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया. उज्बेकिस्तान के आंद्रे पेत्रोव ने दो घंटे 15 मिनट और 51 सेकेंड के साथ रजत पदक अपनी झोली में डाला जबकि मंगोलिया के ब्यमबालेव सीवेनरावदान दो घंटे 16 मिनट और 14 सेकेंड के समय से कांस्य पदक जीतने में सफल रहे.

एशियाई मैराथन चैंपियनशिप के अलग से गठन के बाद गोपी यह खिताब जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष हैं. उनसे पहले कोई पुरुष एथलीट यह उपलब्धि हासिल नहीं कर पाया है. इससे पहले आशा अग्रवाल ने महिला खिताब जीता था जब यह प्रतियोगिता प्रत्येक दो साल में होने वाली एशियाई ट्रैक एवं फील्ड चैंपियनशिप का हिस्सा थी.

27 November 2017

अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह रक्षा अभ्‍यास (डीएएनएक्‍स-17) संपन्न हुआ

अंडमान एवं निकोबार कमान के तत्‍वाधान में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह रक्षा अभ्‍यास (डीएएनएक्‍स-17) का परिचालन किया गया. पांच दिवसीय अभ्‍यास 20 नवम्‍बर, 2017 से आरंभ हुआ और 24 नवम्‍बर 2017 को संपन्‍न हुआ. योजना निर्माण चरण से लेकर, संयुक्‍त प्‍लानिंग एवं समेकित दृष्टिकोण का बलों के सहक्रियाशील अनुप्रयोग के लिए अंगीकरण किया गया. अभ्‍यास का मुख्‍य उद्देश्‍य सभी कमान बलों की प्रक्रियाओं एवं ड्रिलों की प्रैक्टिस करना तथा सुदृढ़ीकरण था, जिसका लक्ष्‍य अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह की रक्षा करना है. फाइटर्स, विशेष बल, नौसेना जहाजों तथा हैवी लिफ्ट ट्रांसपोर्ट वायुयानों समेत मुख्‍य जमीनी एक्रेटिशनल बलों ने इस अभ्‍यास में भाग लिया.

अभ्‍यास की विशेषताओं में फाइटर ऑपरेशन, समुद्रों में नाइट पैराजम्‍प, हैलिकॉप्‍टरों से बलों को फिसलते हुए नीचे आने एवं जहाजों द्वारा बलों की पानी एवं जमीन पर लैंडिंग के अभ्‍यास में शामिल थे. अभ्‍यास के बाद अंडमान एवं निकोबार कमान के कमांडर इन चीफ ने चारों घटकों की उनके सहक्रियाशील योजना तथा कमान योजनाओं के सटीक निष्‍पादन के लिए सराहना की तथा सभी से भविष्‍य में किसी भी आकस्मिक घटना के लिए पूरी तरह तैयार रहने के लिए इस अभ्‍यास से प्रेरणा ग्रहण करने पर फोकस करने को कहा.

डब्ल्यूएचओ ने महिला हिंसा के खिलाफ नयी नियमावली जारी की

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 'अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस' के अवसर पर 25 नवंबर को स्वास्थ्य प्रबंधकों और नीति निर्माताओं के लिए एक नयी नियमावली जारी की है ताकि हिंसा से पीड़ित महिलाओं की बेहतर स्वास्थ्य देखरेख की जा सके. यह नियमावली डब्ल्यूएचओ के "महिलाओं के विरुद्ध यौन सहभागियों की हिंसा और यौन हिंसा का मोचन (2013)" चिकित्सीय और नीति दिशा-निर्देशों पर आधारित है. महिलाओं के विरुद्ध हिंसा एक बड़ी जन स्वास्थ्य समस्या, लैंगिक असमानता से जुड़ा मुद्दा और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है. महिलाओं के विरुद्ध हिंसा में उनके यौन सहभागियों और गैर यौन सहभागियों द्वारा की गयी शारीरिक, यौन और मनोवैज्ञानिक हिंसा शामिल है. 

डब्ल्यूएचओ के आकलन के अनुसार दुनियाभर में प्रत्येक तीन में से एक महिला को शारीरिक या यौन हिंसा का सामना करना पड़ता है. इनमें से ज्यादातर मामलों में इस हिंसा को उनके यौन सहभागी अंजाम देते हैं. यह हिंसा महिलाओं के स्वास्थ्य पर कई तरह से प्रतिकूल प्रभाव डालती है. इसके तात्कालिक और दीर्घकालीन प्रभाव पड़ते हैं. यह प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले और न दिखाई देने वाले हो सकते हैं. जो महिलाएं ऐसी हिंसा का सामना करतीं हैं वे ज्यादातर ऐसे लोगों से स्वास्थ्य देखरेख प्राप्त करतीं हैं जिनसे वे हिंसा के मूल कारण को जाहिर नहीं करतीं. इस प्रकार स्वास्थ्य सेवा प्रदाता की भूमिका हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं की पहचान करने और उनके साथ सहानुभूति के साथ बातचीत करने में महत्वपूर्ण है. स्वास्थ्य सेवा प्रदाता ऐसी महिलाओं के साथ समुचित स्वास्थ्य सेवाएं दे सके इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है ताकि उनको उच्च गुणवत्ता वाली सम्मानपूर्ण देखरेख प्राप्त हो सके.

 

भारतीय वन (संशोधन) अध्‍यादेश, 2017 की घोषणा

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्‍व के तहत केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक पहल में भारतीय वन (संशोधन) अध्‍यादेश, 2017 की घोषणा की है जिससे कि गैर वन क्षेत्रों में उगाए गए बांस की को वृक्ष की परिभाषा के दायरे में लाए जाने से छूट मिले और इस प्रकार इसके आर्थिक उपयोग के लिए गिराने/पारगमन परमिट की आवश्‍यकता से छूट प्रदान की जा सके. बांस, हालांकि घास की परिभाषा के तहत आता है पर इसे भारतीय वन अधिनियम, 1927 कानूनी रूप से एक वृक्ष के रूप में परिभाषित किया गया है. इस संशोधन के पहले, किसी वन एवं गैर वन भूमि पर उगाए गए बांस को गिराने /पारगमन पर भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( आईएफए, 1927) के प्रावधान लागू होते थे. किसानों द्वारा गैर वन भूमि पर बांस की खेती करने की राह में यह एक बड़ी बाधा थी.

इससे पूर्व, प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कल इस बारे में भारतीय वन अधिनियम, 1927 के खंड 2 (7) के संशोधन पर अध्‍यादेश की घोषणा की थी. डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि इस संशोधन का एक बड़ा उद्वेश्‍य किसानों की आय बढ़ाने तथा देश के हरित कवर में बढोतरी करने के दोहरे लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए गैर वन क्षेत्रों में बांस की खेती को प्रोत्‍साहित करना था. उन्‍होंने यह भी कहा कि वन क्षेत्रों में उगाए गए बांस अभी भी भारतीय वन अधिनियम, 1927 के प्रावधानों द्वारा शासित होंगे. मंत्री महोदय ने कहा कि यह संशोधन एवं इसके परिणामस्‍वरूप गैर वन क्षेत्रों में उगाए गए बांसों के वर्गीकरण में बदलाव से बांस क्षेत्र में बेहद आवश्‍यक एवं दूरगामी सुधार आएंगे. 

उन्‍होंने कहा कि जहां एक तरफ, किसानों एवं व्‍यक्ति विशेषों के सामने आने वाली कानूनी एवं विनियामक समस्‍याएं समाप्‍त हो जाएंगी, वहीं दूसरी ओर यह 12;6 मिलियन खेती योग्‍य बंजर भूमि में खेती के लिए एक व्‍यवहार्य विकल्‍प भी प्रस्‍तुत करेगा. ये कदम, विशेष रूप से, पूर्वोत्‍तर एवं मध्‍य भारत के किसानों एवं जनजातीय लोगों के लिए कृषि आय को बढ़ाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. ये संशोधन किसानों एवं अन्‍य लोगों को कृषि भूमि एवं कृषि वन मिशन के तहत अन्‍य निजी भूमियों पर पौधरोपण के अतिरिक्‍त, अवक्रमित भूमि पर अनुकूल बांस प्रजाति के पौधरोपण/ ब्‍लॉक बगान आरंभ करने के लिए प्रोत्‍साहित करेगा. यह कदम संरक्षण एवं सतत विकास के अतिरिक्‍त, किसानों की आय को दोगुनी करने के लक्ष्‍य के अनुरूप है. 

संयुक्त राष्ट्र ने पूर्व मंत्री अनिल माधव दवे समेत दो भारतीयों को ओजोन अवार्ड प्रदान किया

पृथ्वी को हानिकारक पराबैंगनी किरणों (अल्ट्रावॉयलेट रेज) से बचाने वाली ओजोन परत के संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय काम करने वाले दो भारतीयों को संयुक्त राष्ट्र के प्रतिष्ठित 'ओजोन अवार्ड' से सम्मानित किया गया है. इसमें पूर्व पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिवंगत अनिल माधव दवे भी शामिल हैं. सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) के उपनिदेशक चंद्र भूषण को भी सम्मानित किया गया. पूर्व मंत्री का मई में निधन हो गया था. सीएसई के उपनिदेशक चंद्र भूषण को 'पार्टनरशिप' श्रेणी में सम्मानित किया गया. सीएसई की 'डाउन टू अर्थ' पत्रिका को 'बेस्ट मीडिया कवरेज' की श्रेणी में सम्मान दिया गया.

मांट्रियल प्रोटोकॉल के तीस वर्ष पूरा होने के मौके पर संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की ओर से कनाडा में आयोजित कार्यक्रम में यह अवार्ड दिया गया. दवे को 'राजनीतिक नेतृत्व' की श्रेणी में मरणोपरांत यह सम्मान दिया गया. किगाली संशोधन (रवांडा, अक्टूबर, 2016) को अंजाम तक पहुंचाने में उनकी भूमिका की सराहना की गई. पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन ने पूर्व मंत्री दवे को ओजोन अवार्ड से सम्मानित करने को भारत के लिए गर्व की बात बताया है.

पीएम मोदी ने साइबरस्पेश पर 5वें वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन किया

पीएम नरेंद्र मोदी ने 23 नवंबर को दिल्ली में साइबर स्पेस पर 5वें वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन किया. यह सम्मेलन दो दिन तक चलेगा. भारत में इस सम्मेलन का आयोजन पहली बार किया जा रहा है. इस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत साल 2011 में हुई थी. चौथी कॉन्फ्रेंस अप्रैल 2015 में नीदरलैंड के हेग में हुई थी. बता दें कि यह प्रतिष्ठित सम्मेलन प्रौद्योगिकी के विश्व से संबंधित पहलुओं पर चर्चा करने के लिए प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाता है. इस सम्मेलन में लगभग 124 देशों से 10 हजार प्रतिनिधियों शामिल हैं. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि साइबर हमले प्रजातांत्रिक दुनिया के लिए आज बड़ा खतरा बन गया है. उन्होंने आज साइबर सुरक्षा को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए गोपनीयता और पारदर्शिता के बीच संतुलन को जरूरी बताया. 
उन्होंने कहा, ‘साइबर सुरक्षा हमारी जीवन शैली का हिस्सा होना चाहिए. हम गोपनीयता और पारदर्शिता तथा डिजिटल एवं सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित कर सकते हैं. पारदर्शिता और निजता के महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर ढूंढने की जरूरत है. प्रधानमंत्री ने डिजिटल इंडिया के माध्यम से देश में लोगों के जीवन शैली में आए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि इंटरनेट का स्वभाव समावेशी है. हम इस सम्मेलन के जरिये वैश्विक प्रक्रियाओं और नवाचारों से सीखने की उम्मीद करते हैं. उन्होंने कहा, ‘जब हम साथ मिलकर बढ़ते हैं तभी वास्तविक विकास होता है. भारत में सूचना एवं प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में काफी प्रतिभाएं है और मैं आप सब को इनमें निवेश के लिए आमंत्रित करता हूं.

राष्ट्रीय संविधान दिवस मनाया गया

पुरे देशभर में 26 नवंबर 2017 को संविधान दिवस मनाया गया. भारत गणराज्य का संविधान 26 नवम्बर 1949 को बनकर तैयार हुआ था. संविधान सभा के निर्मात्री समिति के अध्यक्ष डॉ॰ भीमराव आंबेडकर ने भारत के महान संविधान को 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में 26 नवम्बर 1949 को पूरा कर राष्ट्र को समर्पित क्रम किया. गणतंत्र भारत में 26 जनवरी 1950 से संविधान अमल में लाया गया. आंबेडकरवादी और बौद्ध लोगों द्वारा कई दशकों पूर्व से ‘संविधान दिवस’ मनाया जाता है. भारत सरकार द्वारा पहली बार 2015 से डॉ॰ भीमराव आंबेडकर के इस महान योगदान के रूप में 26 नवम्बर को "संविधान दिवस" मनाया गया. 26 नवंबर का दिन संविधान के महत्व का प्रसार करने और डॉ॰ भीमराव आंबेडकर के विचारों और अवधारणाओं का प्रसार करने के लिए चुना गया था.

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दिल्ली के विज्ञान भवन में संविधान के बारे में बताया. पीएम मोदी ने कहा कि समय के साथ हमारे संविधान ने हर परीक्षा को पार किया है. हमारे संविधान ने उन लोगों की हर आकांक्षा को गलत साबित किया है जो कहते हैं कि समय के साथ चुनौतियां सामने आएंगी उनका समाधान हमारा संविधान नहीं दे पाएगा. पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में न्यू इंडिया बनाने के लिए हम सभी को संकल्प लेना होगा. हम गरीबी, गंदगी, बीमारी और भूख मुक्त देश बनाना चाहते हैं. इसके लिए हम सबको संकल्प लेना होगा. देश एक बड़े मिशन पर चल रहा है, इस मिशन के लिए हर वर्ग से समर्थन मिलेगा. मोदी ने कहा सोच भी आत्मविश्वास से भरी होनी चाहिए. हम रहें या ना रहें लेकिन देश तो रहने वाला है. हम रहें या ना रहें लेकिन जो व्यवस्था हम देश को देकर जाएंगे वो सुरक्षित, स्वाभीमानी और स्वावलंबी भारत की व्यवस्था होनी चाहिए.

वैज्ञानिकों ने बनाया दुनिया का पहला रोबोट नेता

न्यूजीलैंड के वैज्ञानिकों ने एक रोबोट को नेता बना दिया है. इसमें नेता वाली सारी खूबियां होंगी, जो दुनिया में इस तरह का पहला रोबोट होगा. वैज्ञानिकों ने दुनिया का पहला कृत्रिम बुद्धि वाला राजनीतिज्ञ रोबोट विकसित किया है, जो आवास, शिक्षा, आव्रजन संबंधी नीतियों जैसे स्थानीय मुद्दों पर पूछे गए सवालों के जवाब दे सकता है. इतना ही नहीं, उसे 2020 में न्यूजीलैंड में होने वाले आम चुनाव में उम्मीदवार बनाने की तैयारियां भी जोरों पर हैं. पाठकों को बता दे की इस आभासी राजनीतिज्ञ का नाम ‘सैम’ (एसएएम) रखा गया है और इसके रचनाकार न्यूजीलैंड के 49 वर्षीय उद्यमी निक गेरिट्सन हैं.

उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि फिलहाल राजनीति में कई पूर्वाग्रह हैं. लगता है कि दुनिया के देश जलवायु परिवर्तन एवं समानता जैसे जटिल मुद्दों का हल नहीं निकाल पा रहे हैं. कृत्रिम बुद्धि वाला राजनीतिज्ञ फेसबुक मैसेंजर के जरिए लोगों को प्रतिक्रिया देना लगातार सीख रहा है. गेरिट्सन मानते हैं कि एल्गोरिदम में मानवीय पूर्वाग्रह असर डाल सकते हैं, लेकिन उनके विचार से पूर्वाग्रह प्रौद्योगिकी संबंधी समाधानों में चुनौती नहीं हैं. ‘टेक इन एशिया’ की खबर में कहा गया है कि प्रणाली भले ही पूरी तरह सटीक न हो, लेकिन यह कई देशों में बढ़ते राजनीतिक एवं सांस्कृतिक अंतर को भरने में मददगार हो सकती है. न्यूजीलैंड में साल 2020 के आखिर में आम चुनाव होंगे. गेरिट्सन का मानना है कि तब तक सैम एक प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरने के लिए तैयार हो जाएगा.

एसबीआई ने डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘योनो’ लॉन्च किया

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के योनो (यू ओन्ली नीड वन) डिजिटल सेवा प्लेटफॉर्म की शुरुआत की. यह ओमनी चैनल डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो वित्तीय सेवा के साथ ही लाइफस्टाइल उत्पाद एवं सेवाएं भी उपलब्ध कराएगा. एसबीआई का कहना है कि योनो पर बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के अतिरिक्त ग्राहकों को अपनी जीवनशैली से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में भी सक्षम बनाएगा. इसके जरिये पांच मिनट से भी कम समय में डिजिटली एसबीआई बैंक खाता खोला जा सकेगा और चार क्लिक में धन हस्तांतरण की सुविधा भी मिलेगी. इस पर ग्राहक बिना किसी दस्तावेजी प्रक्रिया के पूर्व स्वीकृत व्यक्तिगत ऋण का लाभ भी उठा सकेंगे और फिक्स्ड डिपॉजिट पर ओवरड्राफ्ट सुविधा का लाभ ले सकेंगे.

जहां तक लाइफस्टाइल से जुड़ी सेवाओं की बात है तो इस प्लेटफॉर्म पर 14 श्रेणियों जैसे कैब बुकिंग, मनोरंजन, डाइनिंग, यात्रा और ठहरने, चिकित्सा आदि से जुड़ी सेवाएं भी मिलेंगी. ग्राहकों को विशेष ऑफर और छूट उपलब्ध कराने के लिए एसबीआई ने 60 से अधिक ई-कॉमर्स भागीदारों के साथ साझेदारी की है, जिनमें आमेजन, उबर, ओला, मिंत्रा, जबॉन्ग, शॉपर्स स्टॉप, कॉक्स एंड किंग्स, थॉमस कुक, यात्रा, एयरबीएनबी, स्विगी और ब्यूजस आदि शामिल हैं. बैंक के मुताबिक, योनो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, प्रेडक्टिव एनालिटिक्स और मशीन लर्निंग जैसी नवीनतम डिजिटल तकनीक का उपयोग कर विकसित किया गया है. योनो को मोबाइल ऐप्लिकेशन और वेब पोर्टल के माध्यम से इस्तेमाल किया जा सकता है. यह आईओएस और एंड्रॉयड दोनों प्लेटफॉर्मों के लिए उपलब्ध है.

बैंक के अध्यक्ष रजनीश कुमार का कहना है कि भारत एक अभूतपूर्व गति से डिजिटल हो रहा है और एसबीआई डिजिटल बैंकिंग क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है. योनो लॉन्च के साथ ग्राहक सिंगल यूजर आईडी और पासवर्ड से जीवनशैली ऑफरों, बैंकिंग और अन्य वित्तीय सेवाओं को सहज रूप से हासिल कर सकेंगे. उनके मुताबिक, पोर्टल इस तरह से डिजाइन किया गया है कि ग्राहक को अधिकतम सुविधा मिल सके और वह न्यूनतम क्लिक कर विभिन्न सेवाओं का उपयोग कर सके.

'डाउन टू अर्थ' पत्रिका ने ओजोन पुरस्कार जीता

मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल की 30 वीं वर्षगांठ के मौके पर कनाडा के मॉन्ट्रियल में अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में 'डाउन टू अर्थ' ने ओजोन अवार्ड्स जीता. कार्यक्रम में मौजूद अंतरराष्ट्रीय जूरी ने 25 वर्ष से अधिक ओजोन परत को लेकर की गई सर्वश्रेष्ठ मीडिया कवरेज के लिए 'डाउन टू अर्थ' पत्रिका को यह अवार्ड देने का फैसला किया. ओजोन पुरस्कार ओजोन सचिवालय द्वारा दिया जाता है. मालूम हो कि ओजोन परत की कमी और जलवायु परिवर्तन के आसपास की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए 'डाउ टू अर्थ' लगातार दुनिया को ओजोन कमी के खतरों के बारे में याद दिलाती रही है.

संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन संस्था ने काशी वन्य जीव प्रभाग की हरियाली को कार्बन क्रेडिट दी

कार्बन उत्सर्जन को लेकर विश्व स्तर पर मचे घमासान के बीच नौगढ़ की वादियों से राहत भरी खबर आई है. संयुक्त राष्ट्र संघ की संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन संस्था ने काशी वन्य जीव प्रभाग की हरियाली को कार्बन क्रेडिट दी है. कार्बन उत्सर्जन को रोकने पर वन प्रभाग को इस इंटरनेशनल उपलब्धि के लिए बड़ी धनराशि मिलेगी. यहां के जयमोहनी रेंज के सात एवं नौगढ़ रेंज के तीन इलाकों में प्लांटेशन के लिए कार्बन क्रेडिट मिलना काशी वन्य जीव प्रभाग के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
कार्बन क्रेडिट अंतरराष्ट्रीय उद्योग में उत्सर्जन नियंत्रण की योजना है. इसे बढ़ावा देने को सीधा अर्थ से जोड़ दिया गया है. कार्बन उत्सर्जन को मापने की इंटरनेशनल संस्था यूएनएफसीसीसी यानी यूनाइटेड नेशंस फ्रेमवर्क कंवेंशन आन क्लाइमेट चेंज, जो कि संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था है. उद्योगों की शुरुआत से पूर्व यूएनएफसीसीसी से संपर्क साधना होता है. संस्था मापदंडों के अनुरूप कार्बन उत्सर्जन की रेटिंग निर्धारित करती है. इसके सापेक्ष संबंधित संस्था द्वारा कार्बन का उत्सर्जन कम किया गया तो दोनों के बीच के अंतर को कार्बन क्रेडिट कहते हैं. 
काशी वन्य जीव प्रभाव में जायका योजना की शुरुआत वर्ष 2009 में हुई थी, जिसे 2017 तक चलना है. किसानों को समृद्धि प्रदान करने वाली इस योजना के तहत 95 समितियां गठित की गईं थीं. ये समितियां ईडीसी यानी कि इको डेवलपमेंट कमेटी व ज्वाइंट फॉरेस्ट डेवलपमेंट कमेटी के अंतर्गत काम शुरू की थीं. योजना के अंतर्गत जंगल के किनारे बसे गांवों में रहने वालों ग्रामीणों को रोजगार देने के लिहाज से सुअर पालन, टमाटर की खेती, मछली पालन, प्लांटेशन आदि कार्य कराए गए. योजना करीब सात साल की हुई तो उसका लाभ कई मायनों में राहत पहुंचाने वाला निकलने लगा है.
चंदौली जिले में किसानों की समृद्धि को  जापान इंटरनेशनल कारपोरेशन एजेंसी व भारत सरकार की ओर से चलाई जा रही जायका योजना ने वन प्रभाग को उपलब्धि दिलाई है. जायका के अंतर्गत नौगढ़ व जयमोहनी रेंज में 320.51 हेक्टेयर में पौधरोपण किया गया था. पौधों को वनकर्मियों ने  मशक्कत कर बचाया तो कुछ साल में ही जवान होकर पेड़ बने पौधे कार्बन क्रेडिट के रूप में संजीवनी बांटने लगे हैं. कार्बन क्रेडिट का कारोबार विश्व में करीब छह बिलियन डालर का बताया जाता है, जिसमें भारत की सहभागिता करीब 20 से 25 फीसद है. पौध रोपण व कचरे का प्रबंधन समेत कई रास्ते हैं, कार्बन उत्सर्जन कम करके  क्रेडिट लेने के. हालांकि इस सुविधा का लाभ सिर्फ विकासशील देशों को ही मिलता है.

25 November 2017

कैबिनेट ने सरकारी कंपनियों के श्रमिकों के वेतन संशोधन के लिए मजदूरी नीति को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सीपीएसई) में परिश्रमिक की दरों संशोधन के विषय में एक नीतिगत ढांचे को मंजूरी दी है जिसके तहत वे अपने कामगारों के साथ अगले दौर की मजदूरी संशोधन वार्ता करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में श्रमिकों के साथ आठवें दौर की वार्ता के लिए मजदूरी नीति को मंजूरी दी गयी. सीपीएसइ का प्रबंधन श्रमिकों के साथ मजदूरी पर संशोधन को बातचीत के लिए स्वतंत्र है. इन उपक्रमों में पांच साल या दस साल का मजदूरी समझौता 31 दिसंबर, 2016 को समाप्त हो गया है. हालांकि, इस तरह की मजदूरी बढोतरी के लिए किसी तरह का बजटीय सहयोग उपलब्ध नहीं कराएगी. संबंधित सीपीएसइ को इसका पूरा बोझ अपने संसाधनों से उठाना पड़ेगा.

इसके अलावा सीपीएसइ के प्रबंधन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित वेतनमान मौजूदा कार्यकारियों तथा संबंधित कंपनियों के यूनियन के बाहर की कंपनियों से अधिक न होने पाए. साथ ही सीपीएसइ को यह सुनिश्चित करना होगा कि मजदूरी में बढोतरी उनकी वस्तुओं और सेवाओं के मूल्यों में बढोतरी न करे.

केंद्र सरकार ने 8 शहरों में महिलाओं हेतु ‘सुरक्षित-शहर’ योजना शुरू की

केन्द्र सरकार ने देश के आठ महानगरों में महिलाओं के लिए ‘सुरक्षित शहर’ योजना तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. केन्द्रीय गृह सचिव राजीव गाबा की अध्यक्षता में 22 नवम्बर 2017 को संचालन समिति की बैठक में महिलाओं की सुरक्षा के संबंध में पुलिस और नागरिक प्रशासन के उपायों की प्रगति और उनकी विस्तृत समीक्षा की गई. बैठक में फैसला किया गया कि इन महानगरों की पुलिस और नगर निगम कार्य योजना तैयार करेंगे. राज्यै के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति इस योजना को आगे भेजेगी. यह योजना दिल्ली्, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, बंगलुरू, लखनऊ और हैदराबाद में लागू की जाएगी.

यह कार्य योजना एक महीने के अंदर प्रस्तुत की जाएगी, जिस पर गृह सचिव की अध्य‍क्षता वाली संचालन समिति विचार करेगी और समुचित सिफारिशें करेगी. बैठक में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सोशल मीडिया के इस्तेरमाल पर भी ज़ोर दिया गया. इस दौरान पुलिस में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण, सीसीटीवी कैमरे लगाने, पुलिस थानों में महिलाओं की तैनाती, आपात प्रतिक्रिया प्रणाली, पुलिस सत्यापित सार्वजनिक परिवहन, साइबर अपराधों की रोकथाम, बुनियादी संरचना के मुद्दों, संवेदनशील स्थानों की पहचान आदि विषयों पर विचार-विमर्श किया गया.

अन्या मेट्रो शहरों द्वारा उठाए गए कदमों में महिलाओं की शिकायतों को सुनने के लिए मोबाइल परामर्श वैन, उप-नगरीय रेलवे स्टेटशन क्षेत्रों में प्रकाश की व्यावस्थां, महाविद्यालयों में शिकायत बॉक्स , महिलाओं के लिए समर्पित हेल्प लाइन, पुलिस द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम, महिलाओं हेतु आश्रय गृहों की स्थाकपना तथा गलियों में रोशनी के प्रावधान शामिल हैं.

ICFT यूनेस्को गांधी मेडल हेतु 5 भारतीय फ़िल्में नामांकित की गयी

गोवा में आयोजित 48वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) में पांच भारतीय फिल्मों का आईसीएफटी-यूनेस्को गांधी मेडल पुरस्कार में प्रतियोगिता के लिए चयनित किया गया. शांति, सौहार्द और एकता के संदेश को कारगर तरीके से पेश करने की खिताब जीतने वाली फिल्म का मुकाबला हिन्दी, मराठी, अंग्रेजी, फ्रेंच सहित कई भाषाओं की फिल्मों से होगा. जो फिल्मे इसके लिए चुनी गयी है वो इस प्रकार है, क्षितिज - ए होराइजन (मराठी), मनुसंगदा (तमिल) पूर्ण (हिन्दी), रेलवे चिल्ड्रेन (कन्नड़) तथा टेक ऑफ (मलयालम) शामिल हैं.

आईसीएफटी-यूनेस्को गांधी मेडल प्रतिस्पर्धा में विश्व की अन्य फिल्मों में अमोक (पोलिस), खिबुला ( जॉर्जिया, जर्मनी, फ्रैंक),दी लेटेस्ट पेंटिंग (ताइवान) तथा वुमेन ऑफ द वीपिंग रिवर (इंगलिश, स्पेनिश) भी शामिल हैं।.‘इन द मिस्ट ऑफ डार्कनेस लाइट प्रिवेल्स’ नाम से फ्रांस के कलाकार पेरिर-यवेस ट्रेमोइस ने सन्देश देते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का चित्र बनाया है. यह प्रतिष्ठित पुरस्कार महात्मा गांधी के शांति तथा सहनशीलता के विचारों को व्यक्त करने वाली सर्वश्रेष्ठ फिल्म को दिया जाता है. वर्ष 2017 के पुरस्कार की घोषणा कार्यक्रम के अंतिम दिन 28 नवंबर को की जायेगी. वर्ष 2016 में यह पुरस्कार फिल्म - कोल्ड ऑफ़ कलंदर को दिया गया था.

राष्ट्रपति ने दिवाला एवं दिवालियापन संहिता, 2016 में संशोधन के लिए अध्यादेश को मंजूरी दी

भारत के राष्ट्रपति ने दिवाला एवं दिवालियापन संहिता, 2016 में संशोधन के लिए अध्यादेश को मंजूरी दी. अध्यादेश का उद्देश्य अवांछनीय एवं बेईमान लोगों को उपर्युक्त संहिता के प्रावधानों का दुरुपयोग करने अथवा उन्हें निष्प्रभावी बनाने से रोकने के लिए आवश्यक हिफाजती इंतजाम करना है. संशोधनों का उद्देश्य उन लोगों को इसके दायरे से बाहर रखना है जिन्होंने जानबूझकर डिफॉल्ट किया है अथवा जो फंसे कर्जों (एनपीए) से संबंधित हैं और जिन्हें नियमों का अनुपालन न करने की आदत है और इस तरह जिन्हें किसी कंपनी के दिवाला संबंधी विवादों के सफल समाधान में बाधक माना जाता है. इस तरह के विवाद समाधान अथवा परिसमापन प्रक्रिया में भाग लेने से इस तरह के लोगों को प्रतिबंधित करने के अलावा उपर्युक्त संशोधन में इस तरह की रोकथाम के लिए यह भी निर्दिष्ट किया गया है कि ऋणदाताओं की समिति मंजूरी देने से पहले विवाद समाधान योजना की लाभप्रदता एवं संभाव्यता सुनिश्चित करेगी. भारतीय दिवाला एवं दिवालियापन बोर्ड (आईबीबीआई) को भी अतिरिक्त अधिकार दिए गए हैं.

उल्लेखनीय है कि आईबीबीआई के नियम-कायदों को भी हाल ही में संशोधित किया गया है, ताकि विवाद समाधान पेश करने वाले आवेदक के पूर्ववर्ती से संबंधित सूचनाओं के साथ-साथ वरीयता, कम मूल्यांकन या धोखाधड़ी से जुड़े लेन-देन के बारे में भी जानकारियां ऋणदाताओं की समिति के समक्ष पेश की जा सकें, जिससे कि वह समुचित जानकारी के आधार पर इस बारे में उपयुक्त निर्णय ले सके. बेहतर अनुपालन के लिए अन्य कदम उठाने के अलावा बैंकिंग क्षेत्र में सुधार और समाधान प्रक्रिया से अवांछनीय तत्वों को बाहर रखना भी सरकार के मौजूदा सुधारों का एक हिस्सा है. इसी तरह धनराशि के अन्यत्र उपयोग के लिए कॉरपोरेट ढांचे का दुरुपयोग रोकने हेतु डिफॉल्ट करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई भी सरकार मौजूदा सुधार कार्यक्रम का एक हिस्सा है. इससे औपचारिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और ईमानदार कारोबारियों एवं उभरते उद्यमियों को विश्वसनीय एवं स्थिर नियामकीय माहौल में काम करने के लिए प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी.

केंद्र सरकार ने संयुक्‍त राष्‍ट्र को वर्ष 2018 को अंतर्राष्ट्रीय कदन्‍न वर्ष घोषित करने का प्रस्‍ताव भेजा

केंद्रीय कृषि एंव किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने संयुक्‍त राष्‍ट्र को वर्ष 2018 को अंतर्राष्ट्रीय कदन्‍न वर्ष के रूप में घोषित करने का प्रस्‍ताव भेजा है. यदि प्रस्ताव पर सहमति होती है, तो इससे उपभोक्ताओं, नीति निर्माताओं, उद्योग और अनुसंधान एवं विकास क्षेत्र में कदन्‍न के बारे में जागरूकता आएगी. वैश्विक स्तर पर गहन प्रयासों के माध्यम से कदन्‍न के उत्पादन और खपत को बढ़ावा दिए जाने से अंतत: जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने और भूख से सार्थक ढंग से निपटने में सहायता मिल सकती है. कदन्‍न को लोकप्रिय बनाने से किसानों की भावी पीढ़ियां और उपभोक्ता लाभान्‍वित होंगे.

आम तौर पर कदन्‍न को छोटे बीज वाली घास के रूप में वर्गीकृत किया जाता है जिसे प्राय: पोषक तत्‍व वाले अनाजों अथवा शुष्‍क भूमि-अनाज का नाम दिया जाता है, और इसमें ज्‍वार, बाजरा, रागी, छोटे कदन्‍न, फॉक्‍सटेल कदन्‍न, प्रोसो कदन्‍न, बार्नियार्ड कदन्‍न, कोदो कदन्‍न और अन्य कदन्‍न शामिल हैं. पूरे उप-सहारा अफ्रीका और एशिया में लाखों छोटी जोत वाले शुष्‍क भूमि के किसानों के लिए कदन्‍न की महत्वपूर्ण रेशा अनाज फसल के रूप में कठिन समय में भी पोषण, अनुकूलता, आय और आजीविका प्रदान करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका है. इसका बहुत से स्रोतों जैसे कि भोजन, आहार, चारा, जैव ईंधन और शराब उत्‍पादन में पूरा उपयोग नहीं किया गया है. इसलिए कदन्‍न एक अनुकूल भोजन है जो आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बेहतर है। यह किसानों और सभी पृथ्‍वीवासियों के लिए लाभकारी है.

इनमें अधिक संतुलित अमीनो एसिड प्रोफाइल, कच्चे रेशे और आयरन, जिंक और फास्फोरस जैसे-खनिजों के साथ इनके प्रोटीन के उच्च स्तरों के कारण पोषक तत्‍व के हिसाब से यह गेहूं और चावल से बेहतर है. कदन्‍न पोषण तत्‍व संबंधी सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं और ये पोषण संबंधी कमी में ढाल के रूप में बचाव करते हैं, खासकर बच्चों और महिलाओं में. कदन्‍न जैसे कम खर्चीले और पोषक तत्‍व से भरपूर अनाज का इस्‍तेमाल करने से एनीमिया (लोहे की कमी), बी-कामपेक्‍स विटामिन की कमी, पेलाग्रा (नियासिन की कमी) को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सकता है. कदन्‍न, मोटापा, मधुमेह और जीवनशैली समस्याओं जैसे स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में सहायता कर सकता है क्योंकि वे लस मुक्त हैं, उसमें कम ग्लिसेमिक इंडेक्स हैं और आहार रेशेयुक्‍त और उच्च एंटीऑक्सिडेंट्स वाले हैं.

निम्‍न और गैर-खरीदकृत आदानों और अर्द्ध शुष्क उष्णकटिबंधियों क्षेत्रों में व्‍याप्‍त कठोर पर्यावरण और मौसम से अनुकूलता स्‍थापित करते हुए ये आदान शुष्क कृषि भूमि के लिए अत्‍यधिक महत्‍वपूर्ण सिद्ध होंगे. जलवायु परिवर्तन के प्रति फोटो असंवेदीत एवं अनुकूलित होने के कारण कदन्‍न ऐसी मौसम सहिष्‍णु फसल है जिसमें निम्‍न दर्जे का कार्बन और वाटर फूटप्रिंट निहित होता है जिसके कारण कदन्‍न की खेती अत्‍यधिक ऊंचे तापमान को भी सहन करने के साथ-साथ किसी भी बाहृ आदान के साथ गैर-उपजाऊ मिट्टी में भी हो सकती है. जलवायु परिवर्तन के इस युग में कदन्‍न मौसम सहिष्‍णु फसल है जिसे गरीब सीमांत किसानों के लिए एक अच्छी जोखिम प्रबंधन कार्यनीति के रूप में अपनाया जा सकता है.

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान देश के सभी जिलों में लागू

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान देश के सभी 640 जिलों में लागू कर दिया गया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस फैसले पर मुहर लगाई. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के विस्तार के लिए वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 की अवधि में 1132.5 करोड़ रुपये का व्यय प्रस्तावित है. इस अभियान के तहत पूरे देश में लैंगिक अनुपात सुधारने और लड़कियों की पढ़ाई लिखाई और सेहत ठीक रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. अभी तक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान 161 जिलों तक सीमित था.

सरकार ने देश के 115 सर्वाधिक पिछड़े जिलों में महिला सशक्तिकरण केंद्र गठित करने की भी मंजूरी दी है. इसका मकसद देश की ग्रामीण महिलाओं तक पहुंच बनाकर उन्हें कौशल विकास, रोजगार, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य व साक्षरता के अवसरों से जोड़ने का है. महिला सशक्तिकरण केंद्र के बारे में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट में घोषणा की थी. बजट में 14 लाख आंगनबाड़ियों में महिला सशक्तिकरण केंद्र गठित करने का वादा किया गया था. इस योजना के लिए 500 करोड़ रुपये भी आवंटित किए गए थे.

मंत्रिमंडल के फैसले के बाद एक बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 115 सर्वाधिक पिछड़े जिलों में ब्लॉक स्तर पर 920 महिला सशक्तिकरण केंद्रों को गठित करने की अनुमति दी. इसमें कहा गया कि स्थानीय कॉलेजों से तीन लाख से अधिक स्वेच्छाकर्मियों वालंटीयर्स  को इस प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा जबकि एनएसएस, एनसीसी कॉडर छात्रों को जोड़ने के बारे में भी विचार किया जाएगा. इसके अलावा यौन हिंसा की पीड़िताओं को समन्वित सेवाएं मुहैया कराने के लिए 150 वन स्टाप सेंटर की स्थापना की जाएगी.

पीएम मोदी ने 200 सरकारी सेवाओ के लिए 'उमंग' ऐप लांच किया

आजकल मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाला हर इंसान इस बात से परेशान है कि आखिर वो अपने फोन के भीतर कितने ऐप डाउनलोड करे. हर सर्विस देने वाला चाहता है कि यूजर बस उसका ऐप डाउनलोड कर ले. लेकिन धीरे-धीरे करके फोन की मेमोरी भरने लगती है, फोन धीमा होता जाता है, बैट्री और डाटा बिना बात फुंकता रहता है सो अलग. अब सरकार आपका ये सिरदर्द दूर करने जा रही है. सौ मर्ज की एक दवा- नाम है इसका उमंग. गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली के ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑन साइबर स्पेस मे औपचारिक तौर पर इस ऐप को लॉन्च किया. इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी दुनिया को तेजी से बदल रही है और पूरी दुनिया को एक परिवार मानने की भारत की सोच वसुधैव कुटुंबकम को सही सबित कर रही है. लेकिन साथ ही दुनिया भर की सरकारों पर अब ये जिम्मेदारी भी आ गई है कि वो डिजिटल दुनिया को आतंकवाद और कट्टरपंथी सोच का मैदान नहीं बनने दें. उन्होंने कहा कि आज इस बात की सख्त जरूरत है की दुनिया की तमाम सुरक्षा एजेंसिंयां आपस में तालमेल रखें और जानकारी का आदान प्रदान करें, क्योंकि इंटरनेट से जुड़ी दुनिया में खतरे भी पल-पल बदल रहे हैं.

यह ऐप गूगल प्ले स्टोर और आइफोन स्टोर में पहले से ही मौजूद है और इसे लाखों लोग डाउनलोड भी कर चुके हैं. आईटी के मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उमंग (UMANG) डिजिटल इंडिया बनाने की दिशा में और सरकार की सारी सुविधाओं को एक जगह लाने की एक बड़ी पहल है, जिससे लोग सरकार से सीधे जुड़ सकेंगे और उन्हें जानकारी और सुविधा के लिए यहां-वहां भटकना नहीं पड़ेगा. ये ऐप फिलहाल 13 भाषाओँ में उपलब्ध है और इसे अपने आधार नंबर से जोड़कर आप तमाम और सुविधाओं का लाभ भी उठा सकते हैं.

UMANG का मतलब है  Unified Mobile Application for New-age Governance. इस ऐप को डाउनलोड करके इस पर अपना प्रोफाइल बनाने के बाद आप इस पर सीबीएसई के रिजल्ट, बिल पेमेंट, ईपीएफ बैलेंस की जानकारी से लेकर फसल बीमा भी करा सकते हैं. यहां तक कि सरकारी अस्पतालों में इससे अप्वाइंटमेंट भी लिया जा सकता है. दरअसल ये ऐप केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों की तमाम ऐप और वेबसाइट को एक जगह ले आता है. फिलहाल इस ऐप पर केन्द्र और राज्य सरकारों की 163 सर्विसेज उपलब्ध हैं और तमाम और सुविधाओं को इससे जोड़ा जा रहा है.

24 November 2017

ब्रिक्स के शीर्ष 20 विश्वविद्यालयों में चार भारतीय


क्वाक्वारेली सायमंड्स (क्यूएस) की ओर से बुधवार को जारी रैंकिंग के मुताबिक ब्रिक्स देशों के शीर्ष 20 विश्वविद्यालयों में चार भारतीय संस्थान शामिल हैं. क्यू एस रैंकिंग में ब्रिक्स देशों के 300 विश्वविद्यालयों का आकलन कर उनकी ग्रेडिंग की गई है. बता दें कि क्यूएस की ओर से जारी रैंकिंग को पूरी दुनिया में प्रतिष्ठा प्राप्त है. इसमें कई अन्य भारतीय संस्थानों को भी जगह मिली है. पहले 20 संस्थानों में तीन IIT और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISC, बेंगलुरु) शामिल हैं. शीर्ष दस में आठ चीनी और दो भारतीय संस्थान (IIटी, बांबे को नौवां और IISC 10वें पायदान पर) हैं. सूची में आईआईटी दिल्ली को 15वां और आईआईटी मद्रास को 18वां स्थान मिला है. इस साल की रैंकिंग में चीन के बाद सबसे ज्यादा भारतीय विश्वविद्यालयों को जगह मिली है. ब्रिक्स देशों भारत, चीन, ब्राजील, रूस और दक्षिण अफ्रीका शामिल है. लेकिन क्यूएस रैंकिंग में चीन का दबदबा है. शीर्ष दस में आठ स्थानों पर चीनी विश्वविद्यालय काबिज हैं. इनमें से भी शिंघुआ यूनिवर्सिटी,पेकिंग यूनिवर्सिटी और फुडान यूनिवर्सिटी शीर्ष तीन स्थान पर काबिज हैं.  वर्ष 2016 में पहले 10 विवि में सिर्फ IISC (6) ही शामिल था.

यूजीसी के अध्यक्ष वी एस चौहान ने नई दिल्ली में यह रैंकिंग जारी की. इस मौके पर उन्होंने कहा, रैंकिंग संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण हैं. भारत में रैंकिंग के कारण संस्थानों ने खुद की तरफ देखना शुरू कर दिया है. पिछले वर्ष आईआईएससी बेंगलुरू एकमात्र भारतीय संस्थान था, जो शीर्ष 10 में शामिल हुआ और उसकी रैंकिंग छठी थी. उन्होंने कहा कि रैंकिंग के माध्यम से छात्र को संस्थान के बारे में अतिरिक्त जानकारी मिलती है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. शैक्षिक संस्थानों के लिए रैंकिंग कई मायनों में प्रासंगिक है. खासकर इसके चलते संस्थान अपनी गुणवत्ता बढ़ाने पर ध्यान देने लगते हैं. इतना ही नहीं सरकार भी यह सोचने लगती है कि विवि भी देश के लिए प्रतिष्ठा का विषय है. उन्होंने बताया कि भारत रैंकिंग जारी होने पर उस वक्त खुश होगा जब 350 में से 150 भारतीय विवि हों.

देश के शीर्ष सरकारी संस्थान 
आईआईटी बंबई, आईआईएससी बेंगलुरु, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी मद्रास, आईआईटी रुड़की, आईआईटी कानपुर, दिल्ली विश्वविद्यालय और कोलकाता विश्वविद्यालय.
देश के शीर्ष निजी विश्वविद्यालय 
बिट्स पिलानी, थापर विश्वविद्यालय, सिंबायसिस अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय, मणिपाल विश्वविद्यालय, अमृता विश्वविद्यालय, वीआईटी विश्वविद्यालय, कलिंगा विश्वविद्यालय और ओ पी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आतंकवाद से निपटने में सहयोग हेतु भारत-रूस समझौते को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 22 नवम्बर 2017 को आतंकवाद के सभी रूपों और संगठित अपराध से निपटने के क्षेत्र में भारत और रूस के बीच सहयोग के लिए एक समझौते पर हस्ताकक्षर करने के लिए अपनी मंजूरी दी है. यह बैठक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यमक्षता में हुई. इस समझौते पर गृहमंत्री के नेतृत्व में 27 नवंबर से 29 नवंबर 2017 को रूस में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की आगामी यात्रा के दौरान हस्ताक्षर होना प्रस्तावित है. इस समझौते के माध्यम से सूचना, विशेषज्ञता, बेहतर प्रथाओं के आदान-प्रदान और साझाकरण से भारत और रूस के बीच आपसी संबंधों को मजबूती मिलेगी.

भारत और रूस का आपसी हितों के मामलों संबंधी अंतर्राष्ट्री य मंचों पर निकट सहयोग का सुदीर्घ इतिहास है. विश्वऔभर में बढ़ते आतंकवाद और संगठित अपराध को ध्या्न में रखते हुए सभी देशों के लिए आतंकवाद के सभी रूपों से निपटने के लिए एक साथ मिलकर काम करना अनिवार्य है. प्रस्तावित करार, जो अक्टूबर, 1993 के करार का स्थान लेगा, वह सुरक्षा के क्षेत्र में उपार्जित किए गए लाभों को एकत्र करने की दिशा में एक कदम है और यह नए एवं उभरते हुए जोखिमों और खतरों से संयुक्त रूप से निपटने का प्रस्ताव रखता है.

वैज्ञानिकों ने हमारी आकाशगंगा के सबसे पुराने तारों की खोज की

खगोलविदों ने तारों के स्थान और गति का निर्धारण करते हुए हमारी आकाशगंगा के कुछ सबसे पुराने तारों की खोज की है. मानव की तरह तारों का भी जीवन चक्र होता है. वह पैदा लेते हैं, जवान होते हैं, बुजुर्ग होते हैं और फिर खत्म हो जाते हैं. अमेरिका की जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने 'बूढ़े' तारों पर अपना ध्यान केंद्रित किया. इन तारों को कूल सब-ड्वार्फ्स के नाम से भी जाना जाता है और ये सूर्य के मुकाबले ज्यादा उम्र वाले और ठंडे होते हैं. द एस्ट्रोनॉमिकल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में खगोलविदों ने हमारी सौर प्रणाली के पड़ोस में तारों की गणना की कि वहां कितने अल्पवयस्क, जवान और बूढ़े तारे हैं. वैज्ञानिकों का लक्ष्य मुख्य रूप से 200 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित तारों पर था जिनके बारे में समझा जाता है कि वे 1,00,000 प्रकाश वर्ष में फैली आकाशगंगा में अपेक्षाकृत निकट हैं. एक साल में प्रकाश द्वारा तय की गई कुल दूरी को एक प्रकाश वर्ष कहा जाता है. 

इस अध्ययन के मुख्य लेखक वेइ-चुन जाओ ने कहा कि हमारी सौर प्रणाली के पड़ोस में बहुत बड़ी संख्या में वयस्क तारे हैं, लेकिन उतनी संख्या में बूढ़े तारे नहीं हैं. इस लिए हमें उन्हें खोजने के लिए आकाशगंगा में और दूर जाना होगा. वहीं दूसरी ओर वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले महीने हमारे सौरमंडल से होकर गुजरे गहरे, लाल रंग और सिगार के आकार वाले पिण्ड जैसे किसी भी ब्रह्माण्डीय पिण्ड को इससे पहले कभी नहीं देखा गया था. वैज्ञानिकों ने इसे तारों के बीच मौजूद रहने वाले क्षुद्रग्रह की श्रेणी में रखा है. पिछले महीने हवाई में पैन..एसटीएआरआरएस 1 टेलिस्कोप ने आकाश से गुजरते हुए प्रकाश बिंदु को कैद किया था. शुरुआत में यह एक तेज गति से गुजरने वाले छोटे क्षुद्रग्रह की तरह प्रतीत हुआ था, लेकिन बाद में कई दिनों तक गौर करने पर इसके कक्ष का करीब और सही हिसाब मिल पाया. 

कक्ष के आकलन से खुलासा हुआ कि यह पिण्ड अन्य क्षुद्रग्रहों और पुच्छलतारों की तरह सौर मंडल के भीतर से नहीं उभरा है बल्कि तारों के बीच से आया है. शुरुआत में धूमकेतू के तौर पर इसकी पहचान हुई हालांकि सितंबर में सूर्य के करीब आने पर किए गए अवलोकनों से पता चला कि इसमें धूमकेतू जैसी किसी भी गतिविधि के संकेत नहीं मिलते हैं. इस पिण्ड को फिर से वर्गीकृत करते हुए अन्तर ताराकीय क्षुद्रग्रह की श्रेणी में रखा गया और इसे “ओउमुआमुआ” नाम दिया गया.

मंत्रिमंडल यूरोपीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक में भारत की सदस्‍यता के संबंध में मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने यूरोपीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक (ईबीआरडी) में भारत की सदस्‍यता के संबंध में मंजूरी दी है. ईबीआरडी की सदस्यता प्राप्त करने के लिए आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय द्वारा आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. ईबीआरडी की सदस्‍यता से भारत की अंतर्राष्‍ट्रीय छवि में और अधिक निखार आएगा तथा इसके आर्थिक हितों को भी प्रोत्‍साहन मिलेगा. ईबीआरडी के संचालन वाले देशों तथा उसके क्षेत्र ज्ञान तक भारत की पहुंच निवेश तथा अवसरों को बढ़ाएगी. भारत के निवेश अवसरों में बढ़ोत्तरी होगी. इस सदस्‍यता से विनिर्माण, सेवा, सूचना प्रौद्योगिकी और ऊर्जा में सह-वित्‍तपोषण अवसरों के जरिए भारत और ईबीआरडी के बीच सहयोग के अवसर बढेंगे. ईबीआरडी के महत्‍वपूर्ण कार्यों में अपने संचालन के देशों में निजी क्षेत्र का विकास करना शामिल है. इस सदस्‍यता से भारत को निजी क्षेत्र के विकास को लाभान्वित करने के लिए बैंक की तकनीकी सहायता तथा क्षेत्रीय ज्ञान से मदद मिलेगी.

ईबीआरडी की सदस्यता से भारतीय फर्मों की प्रतिस्पर्धात्मक शक्ति बढ़ेगी और व्यापार के अवसरों, खरीद कार्यकलापों, परामर्श कार्यों आदि में अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक उनकी पहुँच बढ़ेगी. इससे देश में निवेश का माहौल बनाने में योगदान मिलेगा. इससे एक ओर तो भारतीय पेशेवरों के लिए नए क्षेत्र खुलेंगे और दूसरी ओर भारतीय निर्यातकों को भी लाभ मिलेगा. बढ़ी हुई आर्थिक गतिविधियों से रोजगार सृजन क्षमता में विस्तार होगा. इससे भारतीय नागरिक भी इस बैंक में रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकेंगे. ईबीआरडी की सदस्‍यता के लिए न्‍यूनतम आरंभिक निवेश लगभग €1 (एक) मिलियन है. तथापि, यह अनुमान इस अनुमान पर आधारित है कि भारत सदस्‍यता प्राप्‍त करने के लिए अपेक्षित न्‍यूनतम शेयर संख्‍या (100) की खरीद करने का निर्णय लेगा. यदि भारत अधिक संख्‍या में बैंक शेयर खरीदता है तो वित्तीय व्यय इससे अधिक हो सकता है. इस स्तर पर बैंक की सदस्‍यता के लिए मंत्रिमंडल से सैद्धांतिक अनुमोदन लिया जा रहा है.

यूरोपीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक (ईबीआरडी) में भारत की सदस्यता प्राप्त करने से संबंधित मामला लंबे समय से भारत सरकार के पास विचाराधीन था. पिछले कुछ वर्षों में देश की प्रभावी आर्थिक वृद्धि और बढ़ी हुई अंतर्राष्‍ट्रीय राजनीतिक छवि को देखते हुए यह उपयुक्‍त समझा गया कि भारत को विश्‍व बैंक, एशियाई विकास बैंक एवं अफ्रीका विकास बैंक जैसे बहुपक्षीय विकास बैंक (एमडीबी) से सबंधों के आग वैश्विक विकासात्‍मक परिदृश्‍य पर अपनी उपस्थिति बढ़ाना चाहिए. इसी पृष्‍ठभूमि में पहले एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (एआईआईबी) तथा न्‍यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) में शामिल होने का निर्णय लिया गया था.