30 November 2017

बद्री नारायण शर्मा मुनाफाखोरी निरोधी निकाय के प्रमुख नियुक्त

वरिष्ठ नौकरशाह बद्री नारायण शर्मा को जीएसटी व्यवस्था में राष्ट्रीय मुनाफाखोरी रोधी प्राधिकरण का पहला चेयरमैन नियुक्त किया गया है. यह प्राधिकरण सुनिश्चित करेगा कि जीएसटी के तहत घटी कीमतों का लाभ उपभोक्ताओं को मिले. राजस्थान कैडर के 1985 बैच के आईएएस अधिकारी शर्मा फिलहाल राजस्व विभाग में अतिरिक्त सचिव हैं. कार्मिक मंत्रालय के आदेश के अनुसार मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने इस पद पर नियुक्त किये जाने को मंजूरी दी है. यह भारत सरकार में सचिव स्तर के समतुल्य है.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 नवंबर को पांच सदस्यीय प्राधिकरण के गठन को मंजूरी दी थी. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जीएसटी में कटौती का लाभ ग्राहकों को मिले. प्राधिकरण का गठन दो साल की अवधि के लिए किया गया है. यह अवधि शर्मा के अध्यक्ष के तौर पर पदभार संभालने की तारीख से शुरू होगा. इस प्राधिकरण में संयुक्त सचिव या इससे पर स्तर के चार अधिकारी होंगे जिन्हें इस निकाय में तकनीकी सदस्य के तौर पर नियुक्त किया गया है. इन अधिकारियों में हिमाचल प्रदेश के कर अधिकरण के अध्यक्ष जे सी चौहान, जीएसटी-कोलकाता के प्रधान आयुक्त विजय कुमार, जीएसटी-मेरठ के प्रधान आयुक्त सी एल मल्हार और एडीजी सिस्टम्स आर भाग्यदेवी शामिल हैं.

भारत, इटली ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने हेतु समझौता किया

भारत और इटली ने बुधवार को स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जिसमें इस क्षेत्र में एक व्यापक अंतर-मंत्रालयी और अंतर-संस्थानिक सहयोग स्थापित करने की बात शामिल है. इस एमओयू पर स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा और उनके आगंतुक इटली के समकक्ष बिट्रिस लोरेंजिन ने हस्ताक्षर किए. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि सहयोग के मुख्य क्षेत्रों में चिकित्सकों, अधिकारियों, अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों और विशेषज्ञों का आदान-प्रदान और प्रशिक्षण शामिल है. 

इसमें मानव संसाधन का विकास और स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं की स्थापना में सहायता तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में मानव संसाधनों के अल्पकालिक प्रशिक्षण पर भी जोर दिया गया है. बयान में कहा गया है, 'करार के तहत दोनों देश जेनेरिक और आवश्यक दवाओं की खरीद और दवा आपूर्ति में सहायता करेंगे और न्यूरोकार्डियोवास्कुलर रोग, कैंसर, सीओपीडी, मानसिक स्वास्थ्य और डिमेंशिया जैसे गैर-संक्रामक रोगों एनसीडी की रोकथाम में सहयोग करेंगे.'

ब्रिटेन और भारत के बीच शहरी परिवहन क्षेत्र में सहयोग पर सहमती

नदी विकास और गंगा संरक्षण, जहाजरानी और जल संसाधन, केन्‍द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तीन दिनों की ब्रिटेन यात्रा पर हैं. नितिन गडकरी इस यात्रा के दौरान भारत और ब्रिटेन के बीच शहरी परिवहन क्षेत्र में नीति नियोजन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और संस्थागत संगठन में सहयोग के लिए सहमती बनीं. इन सहयोगों के लिए जल्द ही भारत और ब्रिटेन के मध्य समझौते पर हस्ताक्षर होंगे. ब्रिटेन के परिवहन सचिव क्रिस ग्रेयलिंग और नितिन गडकरी ने 27 नवंबर, 2017 को लंदन में मुलाकात की. इस मुलाकात में दोनों ही पक्षों ने समझौता पत्र के मसौदे पर चर्चा की. 

इस समझौता पत्र के मसौदे में परिवहन क्षेत्र में दोनों देशों के बीच विशेषज्ञता का आदान-प्रदान एवं तकनीक के जरिए परिवहन सुगमता को बढ़ाने के लिए आपसी सहयोग शामिल है. इस समझौते के बाद देश को अधिक क्षमता वाले इलैक्ट्रिक और डीजल वाहनों और डिजिटल लेनदेन के चलन को बढ़ावा मिलेगा. नितिन गडकरी के मई 2017 में लंदन दौरे के बाद इस समझौते पर हस्ताक्षर के बारे में निर्णय हुआ है.

उपेन्द्र प्रसाद सिंह नए केन्द्रीय जल संसाधन सचिव नियुक्त

केंद्र सरकार ने 27 नवंबर 2017 को भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी उपेन्द्र प्रसाद सिंह को नए केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय में सचिव के रूप में नियुक्त किया. वे निवर्तमान केन्द्रीय जल संसाधन सचिव डॉ. अमरजीत सिंह का स्थान लेंगे, जो 30 नवंबर 2017 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. उपेन्द्र प्रसाद सिंह भारतीय प्रशासनिक सेवा के वर्ष 1985 बैच के अधिकारी हैं, जो वर्तमान में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक पद पर कार्यरत हैं.

केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय का मुख्य काम भारत के भूजल संसाधनों के आर्थिक एवं पारिस्थितिकी कुशलता के सिद्धांतों के आधार पर वैज्ञानिक वं सतत विकास और प्रबंधन के लिए भूजल संसाधनों के अन्वेषण, आकलन, संरक्षण, संवर्धन, प्रदूषण से सुरक्षा तथा वितरण सहित प्रौद्योगिकी का विकास एवं प्रचार-पसार करना तथा राष्ट्रीय नीतियों की मॉनीटरिंग एवं कार्यान्वयन करना है.

देश के जल संसाधनों के विकास और विनियमन के लिए दिशा-निर्देशों और कार्यक्रमों को बनाने के लिए जल संसाधन मंत्रालय जिम्मेदार है. जनवरी, 1985 में सिंचाई मंत्रालय को पुनः सिंचाई और विद्युत मंत्रालय का एक अंग बना दिया गया तथापि सितम्बर, 1985 में केन्द्रीय सरकार के मंत्रालयों के पुनर्गठन में तत्कालीन सिंचाई और विद्युत मंत्रालय को विभाजित कर दिया गया और सिंचाई विभाग को जल संसाधन मंत्रालय के रूप में पुनर्गठित किया गया. देश के जल संसाधनों से सम्बन्धित सभी मामलों के सम्बन्ध में मंत्रालय को नोडल भूमिका सौंप दी गई.

उत्तर कोरिया ने बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया

अमेरिका की लाख कोशिशों के बाद भी उत्तर कोरिया ने फिर बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है.  इस खबर की पुष्टि दक्षिण कोरिया के सैन्य अधिकारियों ने की है. दक्षिण कोरिया समाचार एजेंसी योनहाप ने कहा है कि दक्षिणी प्योंगान प्रांत के प्योंगयाग से पूर्व की ओर इस मिसाइल को छोड़ा गया है. अमेरिकी सेना ने भी इस खबर की पुष्टि की है, मिसाइल लॉन्च के बारे में अमेरिका अभी और जानकारी जुटा रहा है. अमरिका के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसके प्रारंभिक मूल्यांकन के अनुसार, यह एक अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है.

अमरीकी रक्षा मंत्री जेम्स मेटिस ने इसे पूरी दुनिया के लिए ख़तरा बताया है. इस तरह की मिसाइल का परीक्षण किम जोंग उन ने आखिरी बार सितम्बर में कराया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उत्तर कोरिया द्वारा दागी गई मिसाइल पर सिर्फ यह कह सकते हैं कि इस पर हम नजर बनाए हुए हैं. यह एक ऐसी परिस्थिति है, जिसे हम संभाल लेंगे. दक्षिण कोरिया के मुताबिक, उत्तर कोरिया साल 2018 तक न्यूक्लियर मिसाइल लॉन्च करने में सक्षम हो जाएगा. गौरतलब है कि नॉर्थ कोरिया अपनी मिसाइलों को बेहतर बनाने के लिए लगातार परीक्षण कर रहा है. इसके पहले वह 22 मिसाइलों का परीक्षण कर चुका है.

29 November 2017

शक्तिकांत दास भारत की तरफ से G-20 के शेरपा चयनित किये गये

केंद्र सरकार द्वारा 27 नवंबर 2017 को लिए गये एक निर्णय में वरिष्ठ नौकरशाह शक्तिकांत दास को जी20 वार्ता हेतु भारत का शेरपा चयनित किया. शक्तिकांत दास वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग के पूर्व सचिव और वरिष्ठ नौकरशाह हैं. शक्तिकांत दास इस पद पर 31 दिसंबर 2018 तक के लिए नियुक्त किये गये हैं. वे जी-20 में बतौर भारत के शेरपा के रूप में “डवलपमेंट ट्रैक” यानी विकास संबंधी वार्ताओं में भारत का पक्ष रखेंगे. दास इसी वर्ष वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग में सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए थे. तब से ही कयास लगाए जा रहे थे कि सरकार उन्हें कुछ अहम जिम्मेदारी दे सकती है. तमिलनाडु कैडर के आइएएस अधिकारी दास ने अपने केंद्र सरकार में अपने कार्यकाल के दौरान संयुक्त सचिव बजट, राजस्व सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं.

जी-20 में दरअसल फाइनेंस ट्रैक और डवलपमेंट ट्रैक की बातचीत होती है. फाइनेंस ट्रैक की वार्ताओं में वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग के सचिव की अहम भूमिका होती है जबकि डवलपमेंट ट्रैक का जिम्मा एक शेरपा के पास होता है. आर्थिक कार्य विभाग इस संबंध में शेरपा को पूरी मदद मुहैया कराएगा. इससे पहले नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पानागढि़या और तत्कालीन योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया इस पद पर रह चुके हैं. पानागढि़या के इस्तीफा देकर अमेरिका लौटने के बाद जी-20 में भारत के शेरपा का पद खाली था.

प्रो. हिरोशी मारुई तीसरे प्रतिष्ठित ICCR भारतविद् पुरस्कार से सम्मानित किए गये

जापान के प्रोफेसर हिरोशी मारुई तीसरे प्रतिष्ठित आईसीसीआर भारतविद् पुरस्कार से सम्मानित किये गए हैं. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 27 नवंबर, 2017 राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में प्रोफेसर हिरोशी मारुई को तीसरे प्रतिष्ठित आईसीसीआर भारतविद् पुरस्कार से सम्मानित किया. पाठकों को बता दे की विदेशों में कार्य कर रहे जाने माने भारतविद को प्रति वर्ष सम्माानित करने के लिये आईसीसीआर ने “गणमान्य भारतविद” पुरस्कार की शुरूआत की. प्रख्यात विद्वानों को भारत दर्शन का अध्ययन/शिक्षण/अनुसंधान, विचार, इतिहास, कला, संस्कृति, भाषा, साहित्य, सभ्यता, समाज के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिये यह पुरस्काहर प्रदान किया जाता है.

प्रोफेसर मारुई 40 वर्ष से भारतीय दर्शन और बौद्ध अध्ययन पर काम कर रहे हैं. उनके शोध पत्रों को दुनिया भर में कई विषयों पर अंतिम राय के तौर मान्यता मिली हुई है. जापानी एसोसिएशन ऑफ इंडियन और बौद्ध स्टडीज के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने जापान में इंडोलॉजी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

भारत और यूनान के बीच कई क्षेत्रों में समझौता

भारत की राजधानी नई दिल्ली में भारत और यूनान के विदेशमंत्रियों की मुलाक़ात में नवीकरणीय ऊर्जा और हवाई सेवा के क्षेत्र में समझौता हुआ. इस अवसर पर दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में विस्तार के मार्गों तथा महत्वपूर्ण क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार विमर्श किया. दोनों देशों के विदेशमंत्रियों के बीच नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में यह समझौता एेसी स्थिति में हुआ कि भारत की नरेंद्र मोदी सरकार ने वर्ष 2022 तक 175 गेगावाॅट नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन का लक्ष्य बनाया है जिसमें 100 गेगावाॅट सौर्य ऊर्जा तथा 75 गेगावाॅट वायु ऊर्जा शामिल होगी. 

नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से की गयी घोषणा के आधार पर वर्ष 2022 तक देश में नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन की क्षमता वर्तमान समय से दो गुना पहुंचेगी और यदि सरकार इस योजना में सफल हो जाती है तो भारत पहली बार नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में यूरोप से आगे निकल जाएगा.

एनके सिंह 15वें वित्त आयोग के अध्‍यक्ष बने

केंद्र सरकार ने योजना आयोग के पूर्व सदस्य एन के सिंह को 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया है. ऐसे में एन के सिंह पर आयोग की अन्य जिम्मेदारियों के अलावा जीएसटी के केंद्र और राज्य की पूंजी पर असर के आकलन की भी जिम्मेदारी होगी. हाल ही में एन के सिंह को फिस्कल कंसॉलिडेशन फ्रेमवर्क तय करने वाली समिति का अध्यक्ष बनाया गया था. बता दें कि बीते 23 नवंबर को ही 15वें वित्त आयोग को मंजूरी दी गई है. ये आयोग अप्रैल 2020 से 2025 तक केंद्र और राज्य सरकारों के बीच टैक्स राजस्व के बटवारे के सूत्र तय करेगा. इस आयोग के अन्य सदस्यों में पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अशोक लहरी, नीती आयोग के सदस्य रमेश चन्द, पूर्व इकोनामिक सचिव शक्तिकांत दास और जार्जटाउन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अनूप सिंह शामिल हैं. 

वित्त आयोग संवैधानिक संस्था है जिसे संविधान के आर्टिकल 280 के तहत बनाए गए 15वें वित्त आयोग के लिए सरकार ने 10 करोड़ का बजट तय किया है. ये आयोग 2019 तक अपनी सिफारिशें देगा, क्योंकि पिछले आयोग की सिफारिशें 2020 तक लागु हैं. गौरतलब है कि नीति आयोग अब योजना आयोग की जगह ले चुका है और इसके भीतर ही केंद्र व राज्यों के बीच पूंजी का बंटवारा नये ढंग से किया जाएगा. ये आयोग कंसॉलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया से सभी राज्यों को दिए जाने वाले ग्रांट के रूल्स भी तय करेगा. इसके अलावा ये आयोग वित्त, घाटे, ऋण स्तर व राजकोषीय अनुशास प्रयासों की स्थिति की समीक्षा करेगा.

28 November 2017

पाकिस्तान के कानून मंत्री जाहिद हामिद ने इस्लामिक कट्टरपंथियों के दबाव में इस्तीफा दिया

इस्लामिक कट्टरपंथियों के विरोध प्रदर्शनों के दबाव में आकर पाकिस्तान के कानून मंत्री जाहिद हामिद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.कट्टरपंथी संगठन जाहिद पर 'ईशनिंदा' का आरोप लगा रहे थे. इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने करीब तीन सप्ताह से जारी अपने आंदोलन को खत्म कर दिया. इससे पहले पाकिस्तान सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच इस बात पर सहमति बनी थी कि जाहिद इस्तीफा देते हैं तो आंदोलन वापस ले लिया जाएगा. इससे पहले प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे इस्लामिक समूह तहरीक-ए-लबैक के प्रवक्ता एजाज अशरफी ने कहा, हमारी मुख्य मांग को स्वीकार कर लिया गया है. एजाज ने कहा कि सरकार कानून मंत्री के इस्तीफे का ऐलान करेगी और उसे बाद अपने आंदोलन को वापस ले लेंगे. पाकिस्तान में संवैधानिक पदों पर बैठने वाले लोगों की शपथ में बदलाव के जाहिद के प्रस्ताव के विरोध में कट्टरपंथी सड़कों पर उतर आए थे. राजधानी इस्लामाबाद में हिंसक प्रदर्शन करते हुए इन लोगों का कहना था कि शपथ में बदलाव किया जाना ईशनिंदा के जैसा है.
 
सरकार के मुताबिक यह गलती मौलवी की खामी के चलते हुई थी, जिसे कट्टरपंथी मुस्लिमों के विरोध के बाद वापस ले लिया गया था. गौरतलब है कि इस्लामिक कट्टरपंथियों ने इस्लामाबाद में हिंसक प्रदर्शन किए थे. तहरीक-ए-खत्म-ए-नबूवत, तहरीक-ए-लबैक या रसूल अल्लाह (टीएलवाईआर) और सुन्नी तहरीक पाकिस्तान (एसटी) के करीब 2,000 कार्यकर्ताओं ने करीब तीन सप्ताह से इस्लामाबाद एक्सप्रेस-वे और मुरी की घेराबंदी कर रखी थी. यह सड़क इस्लामाबाद को इसके एकमात्र हवाईअड्डे और सेना के गढ़ रावलपिंडी को जोड़ती है. इस पर सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की थी, जिसमें 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे और करीब 6 लोगों की मौत हो गई थी.

डेमी-ले-नेल-पीटर्स बनी मिस यूनिवर्स 2017

दक्षिण अफ्रीका की डेमी-ले-नेल-पीटर्स ने 26 नवम्बर 2017 को मिस यूनिवर्स का खिताब अपने नाम कर लिया है. फ्रांस की आइरिस मित्नेनेर ने अपनी उत्तराधिकारी डेमी-लेह को ताज पहनाया. डेमी-लेह के पास व्यवसाय प्रबंधन में डिग्री है और वह एक ऐसे कार्यक्रम को लेकर भावुक है, जिससे वह विभिन्न स्थितियों में महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित कर सकें. मिस यूनिवर्स की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, डेमी-ली अपनी इन कार्यशालाओं का विस्तार कर जरिए ज्यादा से ज्यादा महिलाओं की मदद करना चाहती हैं.

अमेरिका के लॉस वेगास में हुई इस प्रतियोगिता में विश्वभर की क़रीब 92 सुंदरियों ने हिस्सा लिया था. फाइनल में सिर्फ दक्षिण अफ्रीका, जमैका और कोलंबिया पहुंचे। मिस जमैका तीसरे पायदान पर रहीं. जबकि फर्स्‍ट रनर-अप मिस कोलंबिया रहीं. अमेरिका के नेवादा राज्य में रविवार रात को आयोजित इस कार्यक्रम की मेजबानी कॉमेडियन और टीवी होस्ट स्टीव हार्वे ने की. बता दे की डेमी-ले-नेल-पीटर्स 66वीं मिस यूनिवर्स चुनी गई हैं. डेमी-ले नेल-पीटर्स दक्षिण अफ्रीका की दूसरी मिस यूनिवर्स हैं. इससे पहले मार्गरेट गार्डिनर वर्ष 1978 में दक्षिण अफ्रीका की मिस यूनिवर्स बनीं थीं.

भारत की तरफ से इससे पहले वर्ष 1994 में सुष्मिता सेन और वर्ष 2000 में लारा दत्ता ने ये उपलब्धि हासिल की थी. मिस यूनिवर्स का ख़िताब मिस वर्ल्ड, मिस इंटरनेशनल और मिस अर्थ समेत दुनिया की चार बड़ी सौंदर्य प्रतियोगिताओं में से एक है. इस प्रतियोगिता की शुरुआत वर्ष 1952 में हुई थी और तब फिनलैंड की आर्मी कुसेला विजेता बनी थीं. यह खिताब भारत से दो ही सुंदरियां जीत सकी हैं.

सौम्या स्वामीनाथन WHO की उप-महानिदेशक चयनित की गयी


डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन को नवंबर 2017 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) का उपमहानिदेशक नियुक्त किया गया. स्वामीनाथन डब्लूएचओ में इस पद को हासिल करने वाली पहली भारतीय नागरिक हैं. उनके उत्तरदायित्वों में संगठन के कार्यक्रमों की देख-रेख करना विशेष रूप से शामिल है. डब्लूएचओ की ओर से किये गये ट्वीट द्वारा यह जानकारी प्राप्त हुई. डब्लूएचओ के डायरेक्टर ट्रेडोस अधनोम गेब्रेयेसस ने हाल ही में अपनी सीनियर लीडरशीप टीम के बारे में जानकारी दी जिसमें सौम्या स्वामीनाथन का नाम भी शामिल था.

डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन की बेटी हैं. एमएस स्वामीनाथन को भारत में हरित क्रांति का जनक माना जाता है. सौम्या का अकादमिक प्रशिक्षण भारत, ब्रिटेन, उत्तरी आयरलैंड तथा अमेरिका में हुआ है. सौम्या वर्तमान में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) में डायरेक्टर जनरल हैं. सौम्या भारत की प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ हैं, उन्हें क्लिनिकल केयर और अनुसंधान में 30 वर्षों का अनुभव हासिल है. उनकी उपलब्धियों में उनके द्वारा क्षय रोग पर किए गये अनुसंधान के लिए उन्हें जाना जाता है. उनके द्वारा किये गये अनुसंधान के आधार पर ही भारत में विभिन्न प्रभावी कार्यक्रम तैयार किए गये. वे वर्ष 2009 से 2011 तक यूनिसेफ के लिए को-ऑर्डिनेटर के तौर पर भी काम कर चुकी हैं. इस दौरान उन्होंने जिनेवा में ट्रॉपिकल बीमारियों पर काम किया. इसके अतिरिक्त वे डब्लूएचओ और ग्लोबल एडवाइजरी बॉडी का हिस्सा भी रही हैं।

म्यांमार और बांग्लादेश के बीच रोहिंग्याओं के वापसी हेतु समझौता

रोहिंग्या मुसलमानों की स्वदेश वापसी का रास्ता साफ करने के लिए म्यांमार और बांग्लादेश के बीच गुरुवार को समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. म्यांमार के रखाइन प्रांत में सेना की कार्रवाई के बाद अगस्त से करीब 620,000 रोहिंग्या मुसलमानों ने भागकर बांग्लादेश में शरण ली है. रोहिंग्या शरणार्थी संकट को दूर करने के लिए दुनिया भर से भारी दबाव डाला गया. स्वदेश वापसी की शर्तों को लेकर हफ्तों टकराव के बाद म्यांमार की राजधानी नेपीतॉ में समझौता किया गया. इससे पहले म्यांमार की नेता आंग सान सू की और बांग्लादेश के विदेश मंत्री एएच महमूद अली ने बातचीत की. म्यांमार के श्रम, आव्रजन और जनसंख्या मंत्रालय के स्थायी सचिव मिंट क्याइंग ने समझौते की पुष्टि की लेकिन कहा कि वह इसका ब्योरा देने के लिए अधिकृत नहीं हैं. बांग्लादेश के विदेश मंत्री अली ने भी इतना ही कहा कि यह आरंभिक कदम है. म्यांमार रोहिंग्या को वापस लेगा. अब हमें इस पर काम शुरू करना है. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने रोहिंग्या मुसलमानों को वापसी की इजाजत दी जाएगी और इसके लिए समयसीमा क्या होगी.

मानवाधिकार संगठनों ने वापसी की प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई है. उनका कहना है कि रोहिंग्या मुसलमानों को कहां फिर से बसाया जाएगा क्योंकि उनके सैकड़ों गांव जला दिए गए हैं. म्यांमार में उनकी सुरक्षा कैसे होगी जहां मुस्लिम विरोधी भावना उफान पर है. समझौता पोप फ्रांसिस की दोनों देशों की संभावित यात्रा से पहले किया गया है. वह रोहिंग्या समुदाय के प्रति सहानुभूति को लेकर मुखर रहे हैं. गौरतलब है कि 25 अगस्त को रोहिंग्या विद्रोहियों के पुलिस चौकियों पर हमले के बाद रखाइन प्रांत में सेना ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की. सैनिकों और बौद्धों की भीड़ ने रोहिंग्या मुसलमानों की हत्या की और उनके घरों को जला दिया. हालांकि म्यांमार की सेना इससे इन्कार करती है.

27 November 2017

डब्ल्यूएचओ ने महिला हिंसा के खिलाफ नयी नियमावली जारी की

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 'अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस' के अवसर पर 25 नवंबर को स्वास्थ्य प्रबंधकों और नीति निर्माताओं के लिए एक नयी नियमावली जारी की है ताकि हिंसा से पीड़ित महिलाओं की बेहतर स्वास्थ्य देखरेख की जा सके. यह नियमावली डब्ल्यूएचओ के "महिलाओं के विरुद्ध यौन सहभागियों की हिंसा और यौन हिंसा का मोचन (2013)" चिकित्सीय और नीति दिशा-निर्देशों पर आधारित है. महिलाओं के विरुद्ध हिंसा एक बड़ी जन स्वास्थ्य समस्या, लैंगिक असमानता से जुड़ा मुद्दा और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है. महिलाओं के विरुद्ध हिंसा में उनके यौन सहभागियों और गैर यौन सहभागियों द्वारा की गयी शारीरिक, यौन और मनोवैज्ञानिक हिंसा शामिल है. 

डब्ल्यूएचओ के आकलन के अनुसार दुनियाभर में प्रत्येक तीन में से एक महिला को शारीरिक या यौन हिंसा का सामना करना पड़ता है. इनमें से ज्यादातर मामलों में इस हिंसा को उनके यौन सहभागी अंजाम देते हैं. यह हिंसा महिलाओं के स्वास्थ्य पर कई तरह से प्रतिकूल प्रभाव डालती है. इसके तात्कालिक और दीर्घकालीन प्रभाव पड़ते हैं. यह प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले और न दिखाई देने वाले हो सकते हैं. जो महिलाएं ऐसी हिंसा का सामना करतीं हैं वे ज्यादातर ऐसे लोगों से स्वास्थ्य देखरेख प्राप्त करतीं हैं जिनसे वे हिंसा के मूल कारण को जाहिर नहीं करतीं. इस प्रकार स्वास्थ्य सेवा प्रदाता की भूमिका हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं की पहचान करने और उनके साथ सहानुभूति के साथ बातचीत करने में महत्वपूर्ण है. स्वास्थ्य सेवा प्रदाता ऐसी महिलाओं के साथ समुचित स्वास्थ्य सेवाएं दे सके इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है ताकि उनको उच्च गुणवत्ता वाली सम्मानपूर्ण देखरेख प्राप्त हो सके.

 

संयुक्त राष्ट्र ने पूर्व मंत्री अनिल माधव दवे समेत दो भारतीयों को ओजोन अवार्ड प्रदान किया

पृथ्वी को हानिकारक पराबैंगनी किरणों (अल्ट्रावॉयलेट रेज) से बचाने वाली ओजोन परत के संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय काम करने वाले दो भारतीयों को संयुक्त राष्ट्र के प्रतिष्ठित 'ओजोन अवार्ड' से सम्मानित किया गया है. इसमें पूर्व पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिवंगत अनिल माधव दवे भी शामिल हैं. सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) के उपनिदेशक चंद्र भूषण को भी सम्मानित किया गया. पूर्व मंत्री का मई में निधन हो गया था. सीएसई के उपनिदेशक चंद्र भूषण को 'पार्टनरशिप' श्रेणी में सम्मानित किया गया. सीएसई की 'डाउन टू अर्थ' पत्रिका को 'बेस्ट मीडिया कवरेज' की श्रेणी में सम्मान दिया गया.

मांट्रियल प्रोटोकॉल के तीस वर्ष पूरा होने के मौके पर संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की ओर से कनाडा में आयोजित कार्यक्रम में यह अवार्ड दिया गया. दवे को 'राजनीतिक नेतृत्व' की श्रेणी में मरणोपरांत यह सम्मान दिया गया. किगाली संशोधन (रवांडा, अक्टूबर, 2016) को अंजाम तक पहुंचाने में उनकी भूमिका की सराहना की गई. पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन ने पूर्व मंत्री दवे को ओजोन अवार्ड से सम्मानित करने को भारत के लिए गर्व की बात बताया है.

राष्ट्रीय संविधान दिवस मनाया गया

पुरे देशभर में 26 नवंबर 2017 को संविधान दिवस मनाया गया. भारत गणराज्य का संविधान 26 नवम्बर 1949 को बनकर तैयार हुआ था. संविधान सभा के निर्मात्री समिति के अध्यक्ष डॉ॰ भीमराव आंबेडकर ने भारत के महान संविधान को 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में 26 नवम्बर 1949 को पूरा कर राष्ट्र को समर्पित क्रम किया. गणतंत्र भारत में 26 जनवरी 1950 से संविधान अमल में लाया गया. आंबेडकरवादी और बौद्ध लोगों द्वारा कई दशकों पूर्व से ‘संविधान दिवस’ मनाया जाता है. भारत सरकार द्वारा पहली बार 2015 से डॉ॰ भीमराव आंबेडकर के इस महान योगदान के रूप में 26 नवम्बर को "संविधान दिवस" मनाया गया. 26 नवंबर का दिन संविधान के महत्व का प्रसार करने और डॉ॰ भीमराव आंबेडकर के विचारों और अवधारणाओं का प्रसार करने के लिए चुना गया था.

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दिल्ली के विज्ञान भवन में संविधान के बारे में बताया. पीएम मोदी ने कहा कि समय के साथ हमारे संविधान ने हर परीक्षा को पार किया है. हमारे संविधान ने उन लोगों की हर आकांक्षा को गलत साबित किया है जो कहते हैं कि समय के साथ चुनौतियां सामने आएंगी उनका समाधान हमारा संविधान नहीं दे पाएगा. पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में न्यू इंडिया बनाने के लिए हम सभी को संकल्प लेना होगा. हम गरीबी, गंदगी, बीमारी और भूख मुक्त देश बनाना चाहते हैं. इसके लिए हम सबको संकल्प लेना होगा. देश एक बड़े मिशन पर चल रहा है, इस मिशन के लिए हर वर्ग से समर्थन मिलेगा. मोदी ने कहा सोच भी आत्मविश्वास से भरी होनी चाहिए. हम रहें या ना रहें लेकिन देश तो रहने वाला है. हम रहें या ना रहें लेकिन जो व्यवस्था हम देश को देकर जाएंगे वो सुरक्षित, स्वाभीमानी और स्वावलंबी भारत की व्यवस्था होनी चाहिए.

वैज्ञानिकों ने बनाया दुनिया का पहला रोबोट नेता

न्यूजीलैंड के वैज्ञानिकों ने एक रोबोट को नेता बना दिया है. इसमें नेता वाली सारी खूबियां होंगी, जो दुनिया में इस तरह का पहला रोबोट होगा. वैज्ञानिकों ने दुनिया का पहला कृत्रिम बुद्धि वाला राजनीतिज्ञ रोबोट विकसित किया है, जो आवास, शिक्षा, आव्रजन संबंधी नीतियों जैसे स्थानीय मुद्दों पर पूछे गए सवालों के जवाब दे सकता है. इतना ही नहीं, उसे 2020 में न्यूजीलैंड में होने वाले आम चुनाव में उम्मीदवार बनाने की तैयारियां भी जोरों पर हैं. पाठकों को बता दे की इस आभासी राजनीतिज्ञ का नाम ‘सैम’ (एसएएम) रखा गया है और इसके रचनाकार न्यूजीलैंड के 49 वर्षीय उद्यमी निक गेरिट्सन हैं.

उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि फिलहाल राजनीति में कई पूर्वाग्रह हैं. लगता है कि दुनिया के देश जलवायु परिवर्तन एवं समानता जैसे जटिल मुद्दों का हल नहीं निकाल पा रहे हैं. कृत्रिम बुद्धि वाला राजनीतिज्ञ फेसबुक मैसेंजर के जरिए लोगों को प्रतिक्रिया देना लगातार सीख रहा है. गेरिट्सन मानते हैं कि एल्गोरिदम में मानवीय पूर्वाग्रह असर डाल सकते हैं, लेकिन उनके विचार से पूर्वाग्रह प्रौद्योगिकी संबंधी समाधानों में चुनौती नहीं हैं. ‘टेक इन एशिया’ की खबर में कहा गया है कि प्रणाली भले ही पूरी तरह सटीक न हो, लेकिन यह कई देशों में बढ़ते राजनीतिक एवं सांस्कृतिक अंतर को भरने में मददगार हो सकती है. न्यूजीलैंड में साल 2020 के आखिर में आम चुनाव होंगे. गेरिट्सन का मानना है कि तब तक सैम एक प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरने के लिए तैयार हो जाएगा.

एसबीआई ने डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘योनो’ लॉन्च किया

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के योनो (यू ओन्ली नीड वन) डिजिटल सेवा प्लेटफॉर्म की शुरुआत की. यह ओमनी चैनल डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो वित्तीय सेवा के साथ ही लाइफस्टाइल उत्पाद एवं सेवाएं भी उपलब्ध कराएगा. एसबीआई का कहना है कि योनो पर बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के अतिरिक्त ग्राहकों को अपनी जीवनशैली से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में भी सक्षम बनाएगा. इसके जरिये पांच मिनट से भी कम समय में डिजिटली एसबीआई बैंक खाता खोला जा सकेगा और चार क्लिक में धन हस्तांतरण की सुविधा भी मिलेगी. इस पर ग्राहक बिना किसी दस्तावेजी प्रक्रिया के पूर्व स्वीकृत व्यक्तिगत ऋण का लाभ भी उठा सकेंगे और फिक्स्ड डिपॉजिट पर ओवरड्राफ्ट सुविधा का लाभ ले सकेंगे.

जहां तक लाइफस्टाइल से जुड़ी सेवाओं की बात है तो इस प्लेटफॉर्म पर 14 श्रेणियों जैसे कैब बुकिंग, मनोरंजन, डाइनिंग, यात्रा और ठहरने, चिकित्सा आदि से जुड़ी सेवाएं भी मिलेंगी. ग्राहकों को विशेष ऑफर और छूट उपलब्ध कराने के लिए एसबीआई ने 60 से अधिक ई-कॉमर्स भागीदारों के साथ साझेदारी की है, जिनमें आमेजन, उबर, ओला, मिंत्रा, जबॉन्ग, शॉपर्स स्टॉप, कॉक्स एंड किंग्स, थॉमस कुक, यात्रा, एयरबीएनबी, स्विगी और ब्यूजस आदि शामिल हैं. बैंक के मुताबिक, योनो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, प्रेडक्टिव एनालिटिक्स और मशीन लर्निंग जैसी नवीनतम डिजिटल तकनीक का उपयोग कर विकसित किया गया है. योनो को मोबाइल ऐप्लिकेशन और वेब पोर्टल के माध्यम से इस्तेमाल किया जा सकता है. यह आईओएस और एंड्रॉयड दोनों प्लेटफॉर्मों के लिए उपलब्ध है.

बैंक के अध्यक्ष रजनीश कुमार का कहना है कि भारत एक अभूतपूर्व गति से डिजिटल हो रहा है और एसबीआई डिजिटल बैंकिंग क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है. योनो लॉन्च के साथ ग्राहक सिंगल यूजर आईडी और पासवर्ड से जीवनशैली ऑफरों, बैंकिंग और अन्य वित्तीय सेवाओं को सहज रूप से हासिल कर सकेंगे. उनके मुताबिक, पोर्टल इस तरह से डिजाइन किया गया है कि ग्राहक को अधिकतम सुविधा मिल सके और वह न्यूनतम क्लिक कर विभिन्न सेवाओं का उपयोग कर सके.

'डाउन टू अर्थ' पत्रिका ने ओजोन पुरस्कार जीता

मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल की 30 वीं वर्षगांठ के मौके पर कनाडा के मॉन्ट्रियल में अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में 'डाउन टू अर्थ' ने ओजोन अवार्ड्स जीता. कार्यक्रम में मौजूद अंतरराष्ट्रीय जूरी ने 25 वर्ष से अधिक ओजोन परत को लेकर की गई सर्वश्रेष्ठ मीडिया कवरेज के लिए 'डाउन टू अर्थ' पत्रिका को यह अवार्ड देने का फैसला किया. ओजोन पुरस्कार ओजोन सचिवालय द्वारा दिया जाता है. मालूम हो कि ओजोन परत की कमी और जलवायु परिवर्तन के आसपास की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए 'डाउ टू अर्थ' लगातार दुनिया को ओजोन कमी के खतरों के बारे में याद दिलाती रही है.

संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन संस्था ने काशी वन्य जीव प्रभाग की हरियाली को कार्बन क्रेडिट दी

कार्बन उत्सर्जन को लेकर विश्व स्तर पर मचे घमासान के बीच नौगढ़ की वादियों से राहत भरी खबर आई है. संयुक्त राष्ट्र संघ की संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन संस्था ने काशी वन्य जीव प्रभाग की हरियाली को कार्बन क्रेडिट दी है. कार्बन उत्सर्जन को रोकने पर वन प्रभाग को इस इंटरनेशनल उपलब्धि के लिए बड़ी धनराशि मिलेगी. यहां के जयमोहनी रेंज के सात एवं नौगढ़ रेंज के तीन इलाकों में प्लांटेशन के लिए कार्बन क्रेडिट मिलना काशी वन्य जीव प्रभाग के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
कार्बन क्रेडिट अंतरराष्ट्रीय उद्योग में उत्सर्जन नियंत्रण की योजना है. इसे बढ़ावा देने को सीधा अर्थ से जोड़ दिया गया है. कार्बन उत्सर्जन को मापने की इंटरनेशनल संस्था यूएनएफसीसीसी यानी यूनाइटेड नेशंस फ्रेमवर्क कंवेंशन आन क्लाइमेट चेंज, जो कि संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था है. उद्योगों की शुरुआत से पूर्व यूएनएफसीसीसी से संपर्क साधना होता है. संस्था मापदंडों के अनुरूप कार्बन उत्सर्जन की रेटिंग निर्धारित करती है. इसके सापेक्ष संबंधित संस्था द्वारा कार्बन का उत्सर्जन कम किया गया तो दोनों के बीच के अंतर को कार्बन क्रेडिट कहते हैं. 
काशी वन्य जीव प्रभाव में जायका योजना की शुरुआत वर्ष 2009 में हुई थी, जिसे 2017 तक चलना है. किसानों को समृद्धि प्रदान करने वाली इस योजना के तहत 95 समितियां गठित की गईं थीं. ये समितियां ईडीसी यानी कि इको डेवलपमेंट कमेटी व ज्वाइंट फॉरेस्ट डेवलपमेंट कमेटी के अंतर्गत काम शुरू की थीं. योजना के अंतर्गत जंगल के किनारे बसे गांवों में रहने वालों ग्रामीणों को रोजगार देने के लिहाज से सुअर पालन, टमाटर की खेती, मछली पालन, प्लांटेशन आदि कार्य कराए गए. योजना करीब सात साल की हुई तो उसका लाभ कई मायनों में राहत पहुंचाने वाला निकलने लगा है.
चंदौली जिले में किसानों की समृद्धि को  जापान इंटरनेशनल कारपोरेशन एजेंसी व भारत सरकार की ओर से चलाई जा रही जायका योजना ने वन प्रभाग को उपलब्धि दिलाई है. जायका के अंतर्गत नौगढ़ व जयमोहनी रेंज में 320.51 हेक्टेयर में पौधरोपण किया गया था. पौधों को वनकर्मियों ने  मशक्कत कर बचाया तो कुछ साल में ही जवान होकर पेड़ बने पौधे कार्बन क्रेडिट के रूप में संजीवनी बांटने लगे हैं. कार्बन क्रेडिट का कारोबार विश्व में करीब छह बिलियन डालर का बताया जाता है, जिसमें भारत की सहभागिता करीब 20 से 25 फीसद है. पौध रोपण व कचरे का प्रबंधन समेत कई रास्ते हैं, कार्बन उत्सर्जन कम करके  क्रेडिट लेने के. हालांकि इस सुविधा का लाभ सिर्फ विकासशील देशों को ही मिलता है.

25 November 2017

कैबिनेट ने सरकारी कंपनियों के श्रमिकों के वेतन संशोधन के लिए मजदूरी नीति को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सीपीएसई) में परिश्रमिक की दरों संशोधन के विषय में एक नीतिगत ढांचे को मंजूरी दी है जिसके तहत वे अपने कामगारों के साथ अगले दौर की मजदूरी संशोधन वार्ता करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में श्रमिकों के साथ आठवें दौर की वार्ता के लिए मजदूरी नीति को मंजूरी दी गयी. सीपीएसइ का प्रबंधन श्रमिकों के साथ मजदूरी पर संशोधन को बातचीत के लिए स्वतंत्र है. इन उपक्रमों में पांच साल या दस साल का मजदूरी समझौता 31 दिसंबर, 2016 को समाप्त हो गया है. हालांकि, इस तरह की मजदूरी बढोतरी के लिए किसी तरह का बजटीय सहयोग उपलब्ध नहीं कराएगी. संबंधित सीपीएसइ को इसका पूरा बोझ अपने संसाधनों से उठाना पड़ेगा.

इसके अलावा सीपीएसइ के प्रबंधन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित वेतनमान मौजूदा कार्यकारियों तथा संबंधित कंपनियों के यूनियन के बाहर की कंपनियों से अधिक न होने पाए. साथ ही सीपीएसइ को यह सुनिश्चित करना होगा कि मजदूरी में बढोतरी उनकी वस्तुओं और सेवाओं के मूल्यों में बढोतरी न करे.

ICFT यूनेस्को गांधी मेडल हेतु 5 भारतीय फ़िल्में नामांकित की गयी

गोवा में आयोजित 48वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) में पांच भारतीय फिल्मों का आईसीएफटी-यूनेस्को गांधी मेडल पुरस्कार में प्रतियोगिता के लिए चयनित किया गया. शांति, सौहार्द और एकता के संदेश को कारगर तरीके से पेश करने की खिताब जीतने वाली फिल्म का मुकाबला हिन्दी, मराठी, अंग्रेजी, फ्रेंच सहित कई भाषाओं की फिल्मों से होगा. जो फिल्मे इसके लिए चुनी गयी है वो इस प्रकार है, क्षितिज - ए होराइजन (मराठी), मनुसंगदा (तमिल) पूर्ण (हिन्दी), रेलवे चिल्ड्रेन (कन्नड़) तथा टेक ऑफ (मलयालम) शामिल हैं.

आईसीएफटी-यूनेस्को गांधी मेडल प्रतिस्पर्धा में विश्व की अन्य फिल्मों में अमोक (पोलिस), खिबुला ( जॉर्जिया, जर्मनी, फ्रैंक),दी लेटेस्ट पेंटिंग (ताइवान) तथा वुमेन ऑफ द वीपिंग रिवर (इंगलिश, स्पेनिश) भी शामिल हैं।.‘इन द मिस्ट ऑफ डार्कनेस लाइट प्रिवेल्स’ नाम से फ्रांस के कलाकार पेरिर-यवेस ट्रेमोइस ने सन्देश देते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का चित्र बनाया है. यह प्रतिष्ठित पुरस्कार महात्मा गांधी के शांति तथा सहनशीलता के विचारों को व्यक्त करने वाली सर्वश्रेष्ठ फिल्म को दिया जाता है. वर्ष 2017 के पुरस्कार की घोषणा कार्यक्रम के अंतिम दिन 28 नवंबर को की जायेगी. वर्ष 2016 में यह पुरस्कार फिल्म - कोल्ड ऑफ़ कलंदर को दिया गया था.

24 November 2017

वैज्ञानिकों ने हमारी आकाशगंगा के सबसे पुराने तारों की खोज की

खगोलविदों ने तारों के स्थान और गति का निर्धारण करते हुए हमारी आकाशगंगा के कुछ सबसे पुराने तारों की खोज की है. मानव की तरह तारों का भी जीवन चक्र होता है. वह पैदा लेते हैं, जवान होते हैं, बुजुर्ग होते हैं और फिर खत्म हो जाते हैं. अमेरिका की जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने 'बूढ़े' तारों पर अपना ध्यान केंद्रित किया. इन तारों को कूल सब-ड्वार्फ्स के नाम से भी जाना जाता है और ये सूर्य के मुकाबले ज्यादा उम्र वाले और ठंडे होते हैं. द एस्ट्रोनॉमिकल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में खगोलविदों ने हमारी सौर प्रणाली के पड़ोस में तारों की गणना की कि वहां कितने अल्पवयस्क, जवान और बूढ़े तारे हैं. वैज्ञानिकों का लक्ष्य मुख्य रूप से 200 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित तारों पर था जिनके बारे में समझा जाता है कि वे 1,00,000 प्रकाश वर्ष में फैली आकाशगंगा में अपेक्षाकृत निकट हैं. एक साल में प्रकाश द्वारा तय की गई कुल दूरी को एक प्रकाश वर्ष कहा जाता है. 

इस अध्ययन के मुख्य लेखक वेइ-चुन जाओ ने कहा कि हमारी सौर प्रणाली के पड़ोस में बहुत बड़ी संख्या में वयस्क तारे हैं, लेकिन उतनी संख्या में बूढ़े तारे नहीं हैं. इस लिए हमें उन्हें खोजने के लिए आकाशगंगा में और दूर जाना होगा. वहीं दूसरी ओर वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले महीने हमारे सौरमंडल से होकर गुजरे गहरे, लाल रंग और सिगार के आकार वाले पिण्ड जैसे किसी भी ब्रह्माण्डीय पिण्ड को इससे पहले कभी नहीं देखा गया था. वैज्ञानिकों ने इसे तारों के बीच मौजूद रहने वाले क्षुद्रग्रह की श्रेणी में रखा है. पिछले महीने हवाई में पैन..एसटीएआरआरएस 1 टेलिस्कोप ने आकाश से गुजरते हुए प्रकाश बिंदु को कैद किया था. शुरुआत में यह एक तेज गति से गुजरने वाले छोटे क्षुद्रग्रह की तरह प्रतीत हुआ था, लेकिन बाद में कई दिनों तक गौर करने पर इसके कक्ष का करीब और सही हिसाब मिल पाया. 

कक्ष के आकलन से खुलासा हुआ कि यह पिण्ड अन्य क्षुद्रग्रहों और पुच्छलतारों की तरह सौर मंडल के भीतर से नहीं उभरा है बल्कि तारों के बीच से आया है. शुरुआत में धूमकेतू के तौर पर इसकी पहचान हुई हालांकि सितंबर में सूर्य के करीब आने पर किए गए अवलोकनों से पता चला कि इसमें धूमकेतू जैसी किसी भी गतिविधि के संकेत नहीं मिलते हैं. इस पिण्ड को फिर से वर्गीकृत करते हुए अन्तर ताराकीय क्षुद्रग्रह की श्रेणी में रखा गया और इसे “ओउमुआमुआ” नाम दिया गया.

नेवी में पहली बार महिला पायलट

नेवी में प्रथम महिला पायलट के रूप में तिलहर की बेटी शुवांगी स्वरूप का चयन हुआ. शुभांगी ने नेवी में बतौर प्रथम महिला पायलट शामिल होकर इतिहास रच दिया. नेवी में पहली बार किसी महिला पायलट को शामिल किया गया है, वह भी स्थायी कमिशन के जरिये. नौसेना में महिलाओं को पायलट के तौर पर शामिल करने की मंजूरी वर्ष 2015 में दी गई थी और वे टोही विमानों में तैनात हो सकती हैं. हालांकि, नेवी में जंगी भूमिका के लिए महिलाओं को शामिल किए जाने का इंतजार है. बुधवार को केरल स्थित इंडियन नेवल अकैडमी की पासिंग आउट परेड में शामिल शुभांगी स्वरूप भी थीं, जिन्हें नेवी में बतौर पायलट पहली बार स्थायी कमिशन मिला है. शुभांगी स्वरूप नौसेना की समुद्री टोही टीम में पायलट होंगी. उन्हें पी-8आई विमान उड़ाने का मौका मिलेगा. 

हिंद महासागर में चीन की गतिविधियों पर नजर रखने में महिला पायलट का इस्तेमाल किया जा सकता है. भविष्य में वह किसी शिप की कमान संभाल सकती हैं. इनके साथ ही आस्था सहगल, रूपा ए. और शक्तिमाया एस. को नौसेना के आर्मामेंट इंस्पेक्शन ब्रांच में पहली बार शामिल किया गया है. यहां बता दें कि एयरफोर्स में तीन फाइटर पायलटों को शामिल किया जा चुका है, जबकि तीन और महिलाएं इस रोल में आने के लिए तैयार हैं.

23 November 2017

नासा का पहला सुपरसोनिक पैराशूट का सफल परीक्षण किया

अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने आवाज की गति से तेज चलने वाले (सुपरसॉनिक) एक अवतरण पैराशूट का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है जिसका इस्तेमाल वह वर्ष 2020 के अपने मंगल ग्रह मिशन के दौरान करेगा. यह मिशन 5.4 किलोमीटर प्रति सेकेंड की गति से मंगल के वातावरण में प्रवेश करने वाले अंतरिक्षयान की गति को धीमा कर सकने वाले एक खास तरह के पैराशूट पर निर्भर होगा. मिशन के लिए की जा रही तैयारियों को पहली बार एक वीडियो के जरिए दिखाया गया है जिसमें पैराशूट को आवाज की गति से भी तेज गति से खुलते हुए देखा जा सकता है.

मंगल 2020 मिशन के तहत वहां मौजूद प्रमाणों की जांच कर मंगल ग्रह पर प्राचीन जीवन के संकेतों की खोज करने का प्रयास किया जाएगा. मिशन की पैराशूट परीक्षण श्रृंखला - एडवांसड सुपरसॉनिक पैराशूट इंफ्लेशन रिसर्च एक्सपेरिमंट (एस्पायर) पिछले महीने अमेरिका की नासा गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर से एक रॉकेट प्रक्षेपण और ऊपरी वायुमंडल विमान प्रक्षेपण के साथ शुरू हुई.

22 November 2017

विश्व टेलीविजन दिवस (World Televistion Day) मनाया गया

दुनियाभर में विश्व टेलीविजन दिवस 21 नवंबर 2017 को मनाया गया. संयुक्त राष्ट्र महासभा नें 17 दिसंबर 1996 को 21 नवम्बर की तिथि को विश्व टेलीविजन दिवस के रूप घोषित किया था. स्कॉटलैंड के इंजीनियर जेएल बेयर्ड ने 26 जनवरी 1926 को टीवी प्रसारण का प्रदर्शन किया. इसलिए उन्हें ही टीवी का आविष्कारक माना जाता है. यही वह वर्ष और दिन था, जब पहली बार विश्व टेलीविजन फोरम आयोजित किया गया था. इस फोरम में दुनिया भर के टीवी चैनल के प्रतिनिधि संयुक्त राष्ट्र संघ के तत्वावधान में एकत्र हुए थे और उन्होंने आधुनिक मीडिया तथा संचार माध्यम के रूप में टेलीविजन के महत्व तथा वैश्विक समस्याओं के हल के क्षेत्र में टेलीविजन के योगदान पर प्रकाश डाला था. इसी फोरम के आयोजन के कारण दिसंबर 1996 में 21 नवंबर को विश्व टेलीविजन दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव पारित किया गया.

इस दिवस की घोषणा के विरोध में एक मतदान में 11 सदस्य अनुपस्थित रहे थे. जर्मनी ने कहा था कि जब पहले से ही प्रेस की स्वतंत्रता के लिए कई दिवस मौजूद हैं, तो फिर एक और दिन इसके लिए तय करना बेवकूफी है. लेकिन यह दिन आधुनिक विश्व में टेलीविजन के महत्व को रेखांकित करता है. टेलीविजन दुनिया भर की समस्याओं तथा ज्वलंत मुद्दों के प्रति जागरूकता फैलाने, विश्व में जनमत तथा सार्वजनिक राय बनाने, समाचार तथा सूचना प्रसारित करने, वाद-विवाद, चर्चाएँ आयोजित करने एवं विश्व में शांति स्थापना, विकास आदि संबंधी संदेश देने का सशक्त माध्यम है. एक आंकड़े के अनुसार वर्ष 2009 तक दुनिया के करीब 78 फीसदी घरों में कम से कम एक टीवी सेट होने का अनुमान है.

विश्व प्रतिभा रैंकिंग में भारत को मिला 51वां स्थान

विश्व प्रतिभा रैंकिंग में भारत 51वें स्थान पर पहुंचा. प्रतिभाओं को आकर्षित, विकसित और उन्हें अपने यहां बनाए रखने के मामले में भारत की वैश्विक रैंकिंग तीन अंक सुधरकर 51वीं हो गई है. हालांकि इस मामले में स्विट्जरलैंड अब भी पहले स्थान पर बना हुआ है. स्विट्जरलैंड के प्रमुख बिजनेस स्कूल आईएमडी ने यह सूची जारी की है. विश्व प्रतिभा रैकिंग में यूरोप का दबदबा कायम है. यूरोप के स्विट्जरलैंड, डेनमार्क और बेल्जियम देश इस मामले में सबसे प्रतिस्पर्धी है. इसके अलावा ऑस्ट्रिया, फिनलैंड, नीदरलैंड, नॉर्वे, जर्मनी, स्वीडन और लक्जमबर्ग शीर्ष दस देशों में शामिल हैं. 

रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप की जबरदस्त शिक्षा प्रणाली उसे भीड़ से अलग बनाती है. यह उसे स्थानीय प्रतिभा के विकास और उसी समय विदेशी प्रतिभा और उच्च कुशल पेशेवरों को आकर्षित करने की क्षमता प्रदान करता है. आईएमडी की वार्षिक विश्व प्रतिभा रैंकिंग में 63 देश शामिल किए जाते हैं और भारत का स्थान सुधरकर 51वां हो गया है. 

इसमें शामिल देशों की रैंकिंग तीन प्रमुख श्रेणियों पर निर्भर करती है. यह श्रेणियां निवेश एवं विकास, लोगों के बीच उसकी अपील और उन्हें लेकर देश की तैयारी है. भारत को इसमें क्रमश: 62वां, 43वां और 29वां स्थान प्राप्त हुआ है. ब्रिक्स समूह में शामिल चीन की स्थिति सबसे बेहतर है और सूची में उसका 40वां स्थान है. इसके बाद 43वें स्थान पर रूस, 48वें स्थान पर दक्षिण अफ्रीका और 52वें स्थान पर ब्राजील हैं.

विश्व मत्स्य दिवस (World Fisheries Day) मनाया गया

दुनिया के मछुआरा लोक समुदाय द्वारा 21 नवंबर 2017 को विश्व मत्स्य दिवस मनाया गया. इस वर्ष का विषय है – “2022 का है सपना...किसान की आय हो दुगुना – संकल्प से सिद्धि”. भारत में, विश्व मात्स्यिकी दिवस का आयोजन लगातार चार वर्षों से आयोजन किया जा रहा है. इस वर्ष पशुपालन, डेयरी एवं मात्स्यिकी विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार 21 नवम्बर 2017 को राष्ट्रीय कृषि विज्ञान केन्द्र (एन.ए.एस.सी.) काम्प्लेक्स, पूसा रोड, नई दिल्ली में इसका आयोजन किया जा रहा है. 

इस दिन को पर्याप्त मछली उत्पादन सुनिश्चित करने और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र के निमार्ण के लिए मनाया जाता है. यह दिवस व्यापक स्तर पर मनाने से मछली पालन और उससे जुड़ी समस्यायें उभर कर सामने आतीं हैं. इससे दीर्घकालीन मछली उत्पादन भी सुनिश्चित होता है. मछली उत्पादन से जुड़े समुदायों द्वारा रैलियों, जन-सभाओं, सांस्कृतिक कार्यकमों, प्रदर्शनियों, संगीत कार्यक्रमों के द्वारा वैश्विक स्तर पर इस काम के महत्व की चर्चा की जाती है.
इस अवसर पर मौजूदा केंद्र सरकार ने मछली के उत्पादन और वितरण को बढ़ावा देने के लिए नीली क्रांति कार्यक्रम शुरु करने की घोषणा की. भारत में मछली पकड़ने की 2 लाख नौकाएं हैं. तालाब में आवश्यकता से अधिक जलीय पौधों का होना मछली की अच्छी उपज के लिए हानिकारक है. यह पौधे पानी का बहुत बड़ा भाग घेरे रहते हैं जिसमें मछली के घूमने-फिरने में असुविधा होती है. साथ ही यह सूर्य की किरणों को पानी के अन्दर पहुंचने में भी बाधा उत्पन्न करते हैं.

भारत म्यांमार के बीच सैन्य अभ्यास मेघालय में आरंभ

भारत एवं म्यांमार के बीच द्वीपक्षीय सैन्य अभ्यास मेघालय के उमरोई में 20 नवंबर को आरंभ हुआ. संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान के तहत दोनों देशों के बीच होने वाले इस तरह का यह पहला अभ्यास है. इस सैन्य अभ्यास का उद्देश्य म्यांमार की सेना को संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान का हिस्सा बनने हेतु प्रशिक्षण प्रदान करना है. सेना के रेड हॉर्न डिवीजन की पहल तथा गजराज कोर के सहयोग से इस सैन्य अभ्यास का आयोजन किया जा रहा है. इस अवसर पर शुभारंभ समारोह में म्यांमार सेना के 15 तथा भारतीय सेना के 16 अधिकारी हिस्सा लिए जो जवानों को 6 दिनों तक संयुक्त रूप से प्रशिक्षण प्रदान करेंगे.

गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान में हिस्सा लेने का भारतीय सेना के पास काफी अनुभव है तथा इस सैन्य अभ्यास के दौरान इस अनुभव का भरपूर इस्तेमाल किया जायगा. ज्ञात हो कि इसी स्थान पर पिछले दिनों भारत व बांग्लादेश की सेना के बीच 'मिलाप' शीर्षक पर एक संयुक्त सैन्य अभ्यास संपन्न हो चुका है.

भारत ने ‘सोलर पार्क परियोजना के लिए विश्व बैंक के साथ ऋण समझौते पर हस्‍ताक्षर किए


केंद्र सरकार ने विश्व बैंक के साथ ‘सोलर पार्क परियोजना के लिए साझा बुनियादी ढांचा’ हेतु 98 मिलियन अमेरिकी डॉलर के आईबीआरडी/सीटीएफ ऋण के लिए एक गारंटी समझौते और 2 मिलियन अमेरिकी डॉलर के लिए अनुदान समझौते पर हस्‍ताक्षर किए. इन समझौतों पर भारत सरकार की ओर से आर्थिक मामलों के विभाग में संयुक्‍त सचिव (एमआई) श्री समीर कुमार खरे और विश्व बैंक की ओर से विश्व बैंक भारत के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्‍टर श्री हिशाम ए.अब्‍दो ने हस्‍ताक्षर किये. एक अन्‍य ऋण समझौते पर भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (इरेडा) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक श्री के.एस. पोपली और विश्व बैंक की ओर से विश्व बैंक भारत के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्‍टर श्री हिशाम ए.अब्‍दो ने दस्‍तखत किये.
       
इस परियोजना में ये दो घटक हैं :- (i) सोलर पार्कों के लिए साझा बुनियादी ढांचा (75 मिलियन अमेरिकी डॉलर के आईबीआरडी ऋण और 23 मिलियन अमेरिकी डॉलर के सीटीएफ ऋण सहित 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर की अनुमानित कुल परियोजना लागत) और (ii) तकनीकी सहायता (सीटीएफ अनुदान के रूप में 2 मिलियन अमेरिकी डॉलर). इस परियोजना का उद्देश्‍य देश में बड़े पार्कों की स्‍थापना के जरिये सौर ऊर्जा उत्‍पादन क्षमता में बढ़ोतरी करना है. इस परियोजना से बड़े सोलर पार्कों की स्‍थापना में मदद मिलेगी और इसके साथ ही वर्ष 2022 तक 175 गीगावाट के कुल नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्‍य में से 100 गीगावाट सौर ऊर्जा की क्षमता स्थापित करने संबंधी सरकारी योजना को आवश्‍यक सहयोग भी मिल सकेगा.

भारत के दलवीर भंडारी पुनः अंतर्राष्ट्रीय अदालत के न्यायधीश निर्चाचित

भारत के दलवीर भंडारी को नीदरलैंड के हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय अदालत में फिर से जज के तौर पर चुन लिया गया है. जस्टिस दलवीर भंडारी को जनरल एसेंबली में 183 मत मिले जबकि सुरक्षा परिषद में जस्टिस भंडारी को सभी 15 मत मिले. भंडारी का मुकाबला ब्रिटेन के उम्मीदवार क्रिस्टोफर ग्रीनवुड से था, लेकिन आखिरी क्षणों में ब्रिटेन ने अपने उम्मीदवार को चुनाव से हटा लिया. अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में 15 जज चुने जाने थे जिनमें से 14 जजों का चुनाव हो चुका था. 15वें जज के लिए ब्रिटेन की तरफ से ग्रीनवुड और भारत की ओर से जस्टिस भंडारी उम्मीदवार थे. पहले माना जा रहा था कि सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य अमेरिका, रूस, फ्रांस और चीन ब्रिटिश दावेदार ग्रीनवुड का समर्थन कर सकते हैं. ब्रिटेन सुरक्षा परिषद का पांचवां स्थायी सदस्य है. पहले के 11 दौर के चुनाव में भंडारी को महासभा के करीब दो तिहाई सदस्यों का समर्थन मिला, लेकिन सुरक्षा परिषद में वे ग्रीनवुड के मुकाबले तीन मतों से पीछे थे. 12वें दौर का चुनाव होना था और इस चुनाव से पहले ही ब्रिटेन ने अपने कदम खींच लिए. 12वें और आखिरी राउंड के चुनाव से ठीक पहले संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटेन के स्थायी प्रतिनिधि मैथ्यू राइक्रॉफ्ट ने महासभा और सुरक्षा परिषद के प्रमुखों को खत लिखकर ग्रीनवुड के चुनाव से हटने से जुड़ी जानकारी दी. 

दलवीर भंडारी का जन्म वर्ष 1 अक्टूबर 1947 को राजस्थान के जोधपुर में हुआ था. दलवीर भंडारी के पिता और दादा राजस्थान बार एसोसिएशन के सदस्य थे. जोधपुर विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने राजस्थान उच्च न्यायालय में वकालत की. वर्ष 1991 में भंडारी वह दिल्ली आ गए और यहां वकालत करने लगे. अक्टूबर 2005 में वो मुंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने. दलवीर भंडारी ने 19 जून 2012 को पहली बार इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस के सदस्य की शपथ ली थी. वो सुप्रीम कोर्ट में भी वरिष्ठ न्यायमूर्ति रहे हैं. दलवीर भंडारी इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में जाने से पहले भारत में विभिन्न अदालतों में 20 वर्ष से अधिक समय तक उच्च पदों पर रह चुके हैं. जस्टिस दलवीर भंडारी को 2014 में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था.

भंडारी की जीत भारत के लिहाज से बेहतरीन है, क्योंकि पाकिस्तान में बंद कुलभूषण जाधव का मामला भी अंतर्राष्ट्रीय अदालत में है. माना जाता है कि ब्रिटेन को डर था कि कहीं भारत ने दो तिहाई मत हासिल कर लिए तो सुरक्षा परिषद के लिए भारत के प्रत्याशी को आईसीजे में निर्वाचित होने से रोकना बहुत मुश्किल होगा. भारत की लोकतांत्रिक तरीके से हुई इस जीत ने वीटो की शक्ति रखने वाले पांच स्थाई सदस्यों ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, रूस, और अमेरिका पर भारत का दबदबा कायम कर दिया है. जस्टिस भंडारी की जीत पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी ट्वीट करते हुए लिखा, 'वंदे मातरम- इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में भारत की जीत हुई. जय हिंद'.

आईसीजे नीदरलैंड के हेग में स्थित है. संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 93 के मुताबिक युनाईटेड नेशंस के सभी 193 मैंबर्स देश आईसीजे में इंसाफ पाने के हकदार हैं. हालांकि, जो देश यूएन के मेंबर नहीं है वे भी अपील कर सकते हैं. इसमें 15 जज होते हैं जिनका कार्यकाल 9 साल का होता है. हर तीसरे साल 5 नए जज इसमें चुने जाते हैं, दूसरे जज दूसरी बार चुने जा सकते हैं. जिसके लिए जस्टिस भंडारी चुने गए हैं.

21 November 2017

गिरीश कर्नाड टाटा को टाटा लिटरेचर लाइव लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया

मशहूर भारतीय नाटककार, अभिनेता, फिल्म निर्देशक, तथा लेखक गिरीश कर्नाड को 19 नवंबर 2017 को टाटा लिटरेचर लाइव सम्मान से सम्मानित किया  गया.  वे भारतीय सिनेमा की दुनिया में भी सक्रिय रहे हैं जहां उन्होंने कन्नूरू हेग्गादिथि (1999) , का निर्देशन किया है, तथा इकबाल (2005) तथा लाइफ गोज़ ऑन (2009) में अभिनय किया है।.उन्हें चार फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिले हैं, तीन श्रेष्ठ निर्देशक के लिए- कन्नड़ के लिए वंश वृक्ष (1972) , कड्डू (1974) , ओंडानोंडु कालाडल्ली (1978) तथा एक श्रेष्ठ पटकथा- गोधूलि (1980) के लिए. टाटा लिटरेचर लाइव अवार्ड, भारतीय साहित्य जगत में श्रेष्ठतम योगदान को सलामी देने और उसका उत्सव मनाने के लिए स्थापित किया गया है, जिसके तहत 2016 में अमिताव घोष, 2015 में किरण नागरकर, 2014 में एमटी वासुदेवन नायर, 2013 में खुशवंत सिंह, 2012 में श्री वीएस नॉयपाल तथा 2011 में महाश्वेता देवी को सम्मानित किया जा चुका है.
 
गिरीश कर्नाड का जन्म 1938 में हुआ और उन्होंने 1960–63 के दौरान ऑक्सफोर्ड के लिंकन तथा मैग्डालेन कॉलेजों में दर्शन, राजनीति, तथा अर्थशास्त्र का अध्ययन किया, तथा दर्शन, राजनीति शास्त्र एवं अर्थशास्त्र में परास्नातक की उपाधि प्राप्त की. वे पांच दशकों से ज्यादा समय से लेकर अबतक कई पुरस्कार प्राप्त नाटकों तथा फिल्मों का लेखन करते रहे हैं. गिरीश कर्नाड को प्रतिष्ठित पद्मश्री तथा पद्मभूषण सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है. उनके लिखित नाटकों में ययाति (1961) , ऐतिहासिक में तुगलक (1964) , तथा उनके तीन मौलिक कार्य हयवदन (1971) , नागा-मंडला(1988) तथा तालीडंडा (1990) हैं, जो लोकगाथाओं, मिथक तथा इतिहास को वर्तमान-समय आधुनिक मानव के संघर्ष से जोड़ते हैं. उनकी 2012 की श्रेष्ठतम कृति, बेंदा कालू ऑन टोस्ट, जिसके अब मराठी तथा अंग्रेजी संस्करण उपलब्ध हैं, को उसके कई सामयिक मुद्दों के शानदार चित्रण के लिए व्यापक रूप से सराहना मिली है, जिसके तहत शहरी आप्रवासन, पर्यावरण की क्षति तथा उपभोक्तावादी रुझान के मुद्दे उठाए गए हैं.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इंदिरा गाँधी शांति पुरस्कार से सम्मानित

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को वर्ष 2017 का इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार मिला है. पूर्व प्रधानमंत्री को 2004 से 2014 तक देश का नेतृत्व करने के लिए शांति, निरस्त्रीकरण एवं विकास 2017 के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार दिया जाएगा. इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में इस आशय की जानकारी दी गई है. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता वाली जूरी द्वारा इसकी घोषणा की गई. जूरी ने विश्व में भारत के स्तर और चीन पाकिस्तान के साथ संबंधो में सुधार और अर्थव्यवस्था में उनके योगदान के लिए उन्हें इस पुरस्कार के लिए चुना. बता दें कि मनमोहन भारत के तीसरे ऐसे प्रधानमंत्री थे जिन्होंने पीएम के रूप में अपने दो कार्यकाल पूरे किए. मनमोहन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर भी रह चुके हैं. पी वी नरसिंह राव के प्रधानमंत्री काल में वह वित्त मंत्री भी बने. इस पुरस्कार में एक ट्रॉफी, नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है. 
 
इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की याद में दिया जाता है. उनकी स्मृति में स्थापित 'इंदिरा गांधी मेमोरिल ट्रस्ट' की ओर से 1986 से 'इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण और विकास पुरस्कार' हर साल विश्व के किसी ऐसे व्यक्ति को प्रदान किया जाता है, जिसने समाज सेवा, निरस्त्रीकरण या विकास के कार्य में महत्वपूर्ण योगदान किया हो. पुरस्कार के साथ 24 लाख रुपए नकद और एक प्रशस्तिपत्र प्रदान किया जाता है. बता दें कि यह पुरस्कार कई विदेशी हस्तियों को भी दिया गया है और कई संगठन भी इस पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं. इन हस्तियों में मिखैल गौकबचेव, यूनिसेफ, जिमी कार्टर, शेख हसीना, एंजेला मार्केल आदि शामिल है.
 पहला पुरस्कार साल 1986 में पार्लियामेंट्रियंस फॉर ग्लोबल एक्शन को दिया गया था. उसके बाद 1957 में मिखैल गोरबचेव, 1988 में ग्रो हारलेम, 1989 में यूनिसेफ, सैन नूजोमा, 1991 में राजीव गांधी, 1992 में सबुरो ओकिता को दिया गया. उसके बाद कई हस्तियों ने यह पुरस्कार प्राप्त किया. भारतीय हस्तियों में 1999 में एम एस स्वामीनाथन, 2011 में एला भट्ट, 2014 में इसरो का नाम शामिल है, जिन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रियरंजन दासमुंशी का निधन

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी का निधन हो गया है. वह पिछले नौ साल से कोमा में थे. अक्टूबर, 2008 में उन्हें दिल का दौरा पड़ा था, और उसके बाद से वह किसी को भी नहीं पहचान पा रहे थे, और बोल भी नहीं पा रहे थे. उन्हें दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ में भर्ती कराया गया था, जहां से बाद में उन्हें अपोलो अस्पताल में ले जाया गया था. प्रियरंजन दासमुंशी के परिवार में उनकी पत्नी दीपा दासमुंशी तथा पुत्र प्रियदीप दासमुंशी हैं.
 
अपने राजनैतिक जीवन में कई अहम पद संभाल चुके प्रियरंजन दासमुंशी का जन्म 13 नवंबर, 1945 को हुआ था. वर्ष 1994 में दीपा दासमुंशी से उनका विवाह हुआ था, और इस समय दीपा पश्चिम बंगाल की रायगंज सीट से लोकसभा सांसद हैं. वह पहली बार वर्ष 1971 में दक्षिणी कोलकाता लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे. उन्हें वर्ष 1985 में पहली बार राजीव गांधी मंत्रिमंडल में मंत्रिपद सौंपा गया था. प्रियरंजन दासमुंशी अंतिम बार वर्ष 2004 में रायगंज सीट से ही लोकसभा चुनाव लड़े थे, और जीते थे.



19 नवम्बर को विश्व शौचालय दिवस मनाया गया

19 नवम्बर को विश्व शौचालय दिवस मनाया गया. वर्ष 2017 के लिए विश्व शौचालय दिवस का विषय "वेस्टवॉटर" है. यह दिवस पर्याप्त स्वच्छता के महत्व पर बल देता है और सभी के लिए सुरक्षित और स्वच्छ शौचालयों की पहुंच की सिफ़ारिश करता है. मूल रूप से 2001 में विश्व शौचालय संगठन द्वारा इसकी शुरुआत की गई थी. यह दिवस अंतरराष्ट्रीय स्वच्छता संकट की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए मनाया जाता है. विश्वभर में शौचालय के उपयोग को प्रेरित करने के लिए वर्ष 2001 में विश्व शौचालय संस्था का गठन हुआ. इसके द्वारा 53 देशों में 19 नवंबर को “विश्व शौचालय दिवस” मनाया जाता है. विश्व शौचालय संगठन एक अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संस्था है जो दुनिया भर में स्वच्छता और शौचालय की स्थिति में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है. संगठन के सभी सदस्य शौचालय की समस्या को खत्म करने और दुनिया भर में स्वच्छता के समाधान के लिए काम करते हैं.

शौचालय, एक शक्तिशाली अर्थव्यवस्था बनाने और स्वास्थ्य में वृद्धि करने और लोगों की गरिमा और सुरक्षा (विशेष रूप से लड़कियों और महिलाओं) के संरक्षण में, एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं. 2015 में विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक लगभग 2.4 अरब लोग पर्याप्त स्वच्छता के बिना रह रहे हैं और दस में से एक व्यक्ति के पास खुले में शौच करने के अलावा और कोई चारा नहीं था. 2016 में WAS-Hwatch की रिपोर्ट के अनुसार असुरक्षित जल और अस्वच्छता के कारण दस्त की बीमारी प्रत्येक वर्ष 315,000 बच्चों की जान ले लेती है.

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार विश्व की अनुमानि ढाई अरब आबादी को पर्याप्त स्वच्छता मयस्सर नहीं है और एक अरब वैश्विक आबादी खुले में सौच को अभिसप्त है. उनमे से आधे से अधिक लोग भारत में रहते हैं, नतीजन बीमारियां उत्पन्न होने के साथ साथ पर्यावर दूषित होता. इसलिए सरकार इस समस्या से उबरने के लिए स्वच्छ भारता अभियान चला रही है. लेकिन एक सर्वे के अनुसार खुले में सौच जाना एक तरह की मानसिकता दर्शाता है. इसके मुताबिक सार्वजनिक शौचालयोँ में नियमित रूप से जाने वाले तकरीबन आधे लोगो और खुले में शौच जाने वाले इतने ही लोगो का कहना है कि यह सुविधाजनक उपाय है. ऐसे में स्वच्छ भारत के लिए सोच में बदलाव की जरुर दिखती है. दुनिया में हर तीन में से एक महिला को सुरक्षित शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है खुले में शौच के लिए विवस होने का कारण महिलाओ और बालिकाओ की निजता सम्मान और पर बुरा प्रभाव पड़ता है और उनके खिलाफ हिंसा तथा बलात्कार जैसी घटनाओ की आशंका बनी रहती है.

भारत की मानुषी छिल्लर ने मिस वर्ल्ड का खिताब जीतकर रची इतिहास

भारत की मानुषी छिल्लर ने 17 साल बाद मिस वर्ल्ड का खिताब जीत लिया है. चीन के सान्या शहर में आयोजित मिस वर्ल्ड 2017 कॉम्पीटिशन में हरियाणा की रहने वाली मिस इंडिया मानुषी छिल्लर ने मिस वर्ल्ड का खिताब अपने नाम किया. इस कॉम्पिटिशन में पहली रनअप मिस इंग्लैंड स्टेफ्नी हिल रहीं. जबकि सेकंड रनर अप पर मिस मैक्सिको एंड्रिया मेजा ने कब्जा जमाया. इन दोनों के साथ मानुषी का करीबी मुकाबला था, लेकिन अंत में ताज मानुषी के सिर आया. मानुषी को इसी साल 25 जून को फेमिना मिस इंडिया के खिताब से नवाजा गया था. मानुषी के पिता मित्रबसु पेशे से साइंटिस्ट हैं जो फिलहाल डिफेंस रिसर्च एंड डिवेलपमेंट अॉर्गनाइजेशन (DRDO) में काम कर रहे हैं. उनकी मां नीलम दिल्ली के इबहास में डिपार्टमेंट अॉफ न्यूरोकैमिस्ट्री की हेड हैं.

मानुषी छिल्लर का जन्म 14 मई 1997 को हुआ था. मानुषी ने दिल्ली के सेंट थॉमस स्कूल से पढ़ाई की है और वह फिलहाल सोनीपत के भगत फूल सिंह गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज फॉर विमिन से मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं. वह एक प्रशिक्षित कुचिपुड़ी डांसर भी हैं. उन्होंने नेशनल स्कूल अॉफ ड्रामा में भी भाग लिया है. वह 1966 में पहली बार मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने वाली रीता फारिया को अपना आदर्श मानती हैं.  वह भारत के लिए मिस वर्ल्ड खिताब जीतने वाली छठी महिला हैं. भारत के लिए साल 1966 में पहली बार रीता फारिया ने मिस वर्ल्ड खिताब जीता था. इसके बाद साल 1994 में एेश्वर्या राय, 1997 में डायना हेडन, 1999 में युक्ता मुखी और साल 2000 में प्रियंका चोपड़ा ने यह खिताब अपने नाम किया. अब 17 साल बाद मानुषी छिल्लर मिस वर्ल्ड 2017 बनी हैं.

18 November 2017

पेटीएम और आईसीआईसीआई बैंक ने डिजिटल क्रेडिट हेतु समझौता किया

मोबाइल वॉलेट पेटीएम और आईसीआईसीआई बैंक के बीच एक समझौता हुआ है जिसके अंतर्गत दोनों ने मिलकर एक पोस्टपेड सेवा की शुरूआत की गई है जिसमें एक डिजिटल क्रेडिट अकाउंट होगा जो तुरंत एक्टिवेट हो जाएगा और इसको एक्टिवेट कराने के लिए यूजर्स को किसी प्रकार के डॉक्यूमेंट्स या कागजों की जरूरत नहीं होगी. इस सर्विस में यूजर्स में अपने खर्च का भुगतान करने के लिए 20,000 रुपए तक का डिजिटल क्रेडिट उपयोग कर सकते हैं.

ऐसा देश में पहली बार हुआ है जब किसी निजी बैंक और मोबाइल वॉलेट सर्विस ने यूजर्स के लिए डिजिटल क्रेडिट की सुविधा पेश की है. इस सर्विस का उपयोग यूजर्स बिजली व पानी के बिल का भुगतान करने के अलावा ग्रोसरी का बिल, फ्लाइट व रेल टिकट आदि का भुगतान करने के लिए किया जा सकता है. इस सर्विस के अंतर्गत बैंक की तरफ से उपयोग किए गए पैसे पर 45 दिन तक किसी तरह का ब्याज नहीं वसूला जाएगा. 

आईसीआईसआई बैंक द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक उपभोक्ता को दिए जाने वाले क्रेडिट की लिमिट 3,000 रुपए से लेकर 20,000 रुपए के बीच होगी, यह लिमिट ग्राहक के क्रेडिट स्कोर पर निर्भर करेगी. पेटीएम व आईसीआईसीआई बैंक द्वारा शुरू किया गया पोस्टपेड सेवा एक डिजिटल क्रेडिट अकाउंट होगा जो तुरंत एक्टिवेट हो जाएगा और इसको एक्टिवेट कराने के लिए आपको किसी कागज की जरूरत नहीं होगी और न ही बैंक की किसी ब्रांच में जाना पड़ेगा और न आपको किसी एक्जीक्यूटिव से बात करने की आवश्यकता है. 

य​ह सर्विस 24×7 और सभी दिन उपलब्ध होगी और यह आईसीआईसीआई बैंक द्वारा नए बिग डाटा आधारित algorithm पर आधारित है, जो ग्राहकों के वास्तविक समय के क्रेडिट मूल्यांकन के लिए है. algorithm ग्राहक के वित्तीय और डिजिटल व्यवहार संयोजन का उपयोग करता है, जिसमें क्रेडिट ब्यूरो चेक, क्रय पैटर्न, क्रय की आवृत्ति शामिल है, जो कुछ सेकेंड के भीतर ग्राहक की योग्यता का पता लगाता है. ग्राहक के क्रेडिट स्कोर के आधार पर, बैंक 45 दिनों तक ब्याज-मुक्त क्रेडिट सीमा प्रदान करता है. पुनर्भुगतान के इतिहास के आधार पर यह 3,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक का है, जो 20,000 रुपये तक का है. पेटीएम-आईसीआईसीआई बैंक पोस्टपेड भी पेटीएम पासकोड के साथ ग्राहकों को त्वरित चेकआउट प्रदान करेगा.

फ्रांस में बनेगा विश्व का पहला तैरता हुआ शहर

दुनियाभर में दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे जनसंख्या के दबाव तथा कम हो रहे धरातल के रहते फ्रांस के शोधकर्ताओं ने इसका हल ढूंढ निकाला है. फ़्रांस की सरकार ने शोधकर्ताओं के साथ मिलकर प्रशांत महासागर पर तैरता हुआ शहर बनाने का निर्णय लिया है. फ्रांस के दक्षिण प्रशांत सागर में विश्व का यह पहला तैरता हुआ शहर निर्मित किया जायेगा. एक ओर जहां इसकी तैयारियां आरंभ हो चुकी हैं वहीँ इसे आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ रहा है. फ्रेंच पॉलीनेशिया सरकार द्वारा इस शहर को तैयार किया जायेगा जिसे विश्व में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है. 

दक्षिण प्रशांत सागर में 118 द्वीपों का एक समूह है और जलस्तर बढ़ने के कारण इन द्वीपों के डूबने का खतरा बढता जा रहा है. इसी कारण इन द्वीपों के आसपास ऐसे शहर बनाने की तैयारी की जा रही है जो समंदर में तैरते रहेंगे. फ्रेंच सरकार द्वारा आशा जताई गई कि वे इसे वर्ष 2020 तक तैयार कर लेंगे तथा पहले वर्ष यहां 250 से 300 लोगों के रहने की वयवस्था की गयी है. जबकि, वर्ष 2050 तक हजारों लोग यहां रहने लग सकते हैं.

 इस शहर को इस प्रकार से डिज़ाइन किया जा रहा है, जिससे अगले 100 वर्षों तक इस शहर में किसी भी तरह के निर्माण की आवश्यकता न हो. विश्व के इस पहले तैरते हुए शहर को की स्थापना के लिए फ्रांस की पॉलीनेशिया सरकार और सेस्टेडिंग इंस्टीट्यूट के बीच जनवरी 2017 में समझौता हुआ. इस शहर में खेती, खेती, स्वास्थ्य देखभाल, मेडिकल रिसर्च सेंटर और टिकाऊ ऊर्जा देने वाले पावर हाउस भी होंगे. यहां होटल, रेस्टोरेंट और दफ्तरों का भी निर्माण किया जाएगा.

भारत ने बेलारूस के साथ वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग को मंजूरी प्रदान की

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 नवम्बर 2017 को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कृषि आदि क्षेत्रों में आपसी लाभ के लिए भारत और बेलारूस के बीच वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग के लिए मंजूरी दी. यह बैठक प्रधानमंत्री नरेन्द्र् मोदी की अध्य क्षता में हुई. मंत्रिमंडल ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कृषि आदि क्षेत्रों में पारस्परिक लाभ के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग पर भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (आईएनएसए) और बेलारूस के नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज (एनएसबी) के बीच समझौते को मंजूरी दे दी है. 

यह समझौता बेलारूस के राष्ट्र पति अलेक्जेंतडर लुकाशेंको की यात्रा के दौरान 12 सितम्बर 2017 को नई दिल्ली में किया गया था. इस समझौते का मुख्य उद्देश्य भारत और बेलारूस से विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रौद्योगिकियों की पहचान, मूल्यांकन, विकास और व्यावसायीकरण करना है. यह दोनों देशों में वैज्ञानिक और आर्थिक लाभ के लिए अनुसंधान, विज्ञान, प्रौद्योगिकी हस्तांरतरण, दौरों का आदान-प्रदान और संयुक्त कार्यशालाओं के माध्यनम से संस्‍थाओं को सहयोग करेगा जिसका परिणाम वैज्ञानिक एवं आर्थिक लाभ के रूप में होगा.

मूडीज ने भारत के बॉन्ड की रेटिंग बढ़ाई

मूडीज ने अच्छे दिनों पर मुहर लगाई है. 13 साल बाद भारत की रैंकिंग में सुधार हुआ है. दुनिया की दिग्गज रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की सॉवरन क्रेडिट रेटिंग्स को एक पायदान ऊपर कर दिया है. एजेंसी ने स्टेबल आउटलुक देते हुए भारत की रेटिंग बीएए3 से बढ़ाकर बीएए2 कर दिया है. इससे पहले 2004 में मूडीज ने भारत की रेटिंग में सुधार करते हुए उसे बीएए3 किया था. बीएए3 न्यूनतम निवेश श्रेणी की रेटिंग है जो जंक दर्जे से थोड़ी ही ऊपर है. मूडीज ने भारत का आउटलुक भी पॉजिटिव से स्टेबल किया है. मूडीज ने मोदी सरकार का ऑर्थिक रिफॉर्म की भी जमकर तारीफ की है और कहा है कि आर्थिक सुधारों को रफ्तार मिलने की वजह से भारत की क्रेडिट रेटिंग बढ़ाई गई है. उसने नोटबंदी और जीएसटी को बड़ा कदम बताया है.

मूडीज के वाइस प्रेसिडेंट विलियम फॉस्टर ने कहा कि लगातार हो रहे रिफॉर्म से इकोनॉमी को लेकर भरोसा बढ़ा है इसलिए रेटिंग को अपग्रेड किया गया. विलियम फॉस्टर ने आगे कहा कि आर्थिक सुधारों से तेज ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा. वित्त वर्ष 2018 में जीडीपी ग्रोथ 6.7 फीसदी और वित्त वर्ष 2019 में 7.5 फीसदी रहना संभव है. वित्त वर्ष 2020 के बाद ग्रोथ की रफ्तार में तेज बढ़त संभव है. वित्त वर्ष 2018 में कर्ज और जीडीपी अनुपात में 1 फीसदी बढ़त संभव है. मूडीज का ये भी मानना है कि भारत की ग्रोथ उभरते देशों में सबसे अधिक रहेगी. आगे सरकारी कर्ज, वित्तीय घाटे में स्थिरता संभव है. वहीं, पीएसयू बैंकों के रीकैपिटलाइजेशन से ग्रोथ बढ़ेगी.

इस पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार का कहना है कि मूडीज की रेटिंग बढ़ने से विदेशी निवेशकों का भारत पर भरोसा बढ़ेगा. सरकार के कदमों से रेटिंग बढ़नी ही थी. इकोनॉमी पर अब सरकार के आर्थिक सुधआरों का असर दिखना शुरु हुआ है. आगे चल कर दूसरी रेटिंग एजेंसियां भी रेटिंग बढ़ाएंगी. रेटिंग बढ़ने से इंफ्रा में निवेश बढ़ेगा. सुधारों के कारण मूडीज ने रेटिंग बढ़ाई है.

भारत पोलैंड के बीच नागर विमानन सहयोग को प्रोत्साहित करने संबंधी समझौते को मंजूरी


 
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और पोलैंड के बीच नागर विमानन के क्षेत्र में सहयोग को प्रोत्साहित करने के लिये सहमति पत्र (एमओयू) को मंजूरी प्रदान कर दी. इस एमओयू पर दोनों देशों की सरकारों की मंजूरी मिलने के बाद हस्ताक्षर होंगे. 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय किया गया. यह एमओयू पांच वर्षो की अवधि के लिये होगा. इस सहमति पत्र का मकसद दोनों देशों के बीच नागर विमानन क्षेत्र में आपसी सहयोग को समझते हुए भारत में क्षेत्रीय हवाई सम्पर्क स्थापित करना और उसे बेहतर बनाना है. इसके अलावा दोनों देशों के पर्यावरण परीक्षण के संबंध में आपसी लाभ को मान्यता प्रदान करना, उड़ान निगरानी मंजूरी एवं विमान रख रखाव सुविधा मंजूरी पर ध्यान देना आदि शामिल है.

सहमति पत्र के तहत नागर विमानन बाजार की ओर से कानूनी एवं प्रक्रियागत मुद्दों की समीक्षा के दौरान सहयोग करना है जो दोनों देशों के सहयोग को प्रभावित करते हों. इसके अलावा नागर विमानन नियमन, क्षेत्रीय हवाई परिचालन, सुरक्षा मानदंडों को बेहतर बनाने जैसे विषयों पर सूचनाओं एवं विशेषज्ञता का आदान प्रदान करना है. सहमति पत्र के तहत भारत और पोलैंड हवाई सुरक्षा पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे तथा सूचनाओं के अदान प्रदान के लिये नियमित बैठक करेंगे.

छत्रपति सम्मान हेतु वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश का चयन किया गया

हरियाणा के शहीद पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की स्मृति में दिया जाने वाला ‘छत्रपति-सम्मान’ इस वर्ष देश के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार और लेखक श्री उर्मिलेश को देने का फैसला हुआ है. हरियाणा के सिरसा में रामचंद्र छत्रपति शहादत दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक समारोह में 19 नवम्बर को यह सम्मान श्री उर्मिलेश को दिया जायेगा. उन्होंने इसके लिये अपनी सहमति भी दे दी है. यह सम्मान हर वर्ष देश के किसी गणमान्य लेखक, पत्रकार या बुद्धिजीवी को दिया जाता है, जिसने समाज को बेहतर बनाने के प्रयासों में बौद्धिक या रचनात्मक योगदान किया हो. विगत वर्षों यह सम्मान विख्यात पत्रकार-लेखक कुलदीप नैयर, शहीद भगत सिंह के भांजे और विख्यात लेखक प्रो.जगमोहन सिंह, लेखक प्रो. गुरुदयाल सिंह और वरिष्ठ टीवी पत्रकार रवीश कुमार सहित कई गणमान्य लेखकों-पत्रकारों को दिया गया है. 19 नवम्बर को आयोजित समारोह में श्री उर्मिलेश और पंजाब के पूर्व महाधिवक्ता आर एस चीमा अपने व्याख्यान भी देंगे. श्री उर्मिलेश ‘आज के मीडिया की चुनौतियां’ और श्री चीमा ‘आम आदमी और न्याय’ विषय पर व्याख्यान देंगे.

सिरसा के विवादास्पद डेरे के मालिक राम रहीम के कुकर्मों का पहली बार ठोस प्रमाणों के साथ अपने स्थानीय अखबार ‘पूरा सच’ में पर्दाफाश करने वाले पत्रकार रामचंद्र छत्रपति को खबर छापने के कुछ ही दिनों बाद 24 अक्तूबर, 2002 को सिरसा में गोली मार दी गई. वह कई दिनों तक अस्पताल में जीवन-मौत के बीच झूलते रहे और अंततः 21 नवम्बर 2002 को उनकी मृत्यु हो गई. लगभग 15 साल बाद रामचंद्र छत्रपति द्वारा प्रकाशित ठोस साक्ष्यों के आधार और योग्य अधिवक्ता के प्रयासों से विवादास्पद डेरा मालिक गुरमीत राम रहीम सिंह अब सजायाफ्ता होकर जेल में है. उल्लेखनीय है कि एडवोकेट चीमा के अथक प्रयासों से ही यह मामला सीबीआई जांच तक गया. सिरसा में यह समारोह स्थानीय पंचायत भवन में होगा.

भारतीय नौसेना और तंजानिया की नौसेना के साथ संयुक्त जल सर्वेक्षण

भारतीय महासागर क्षेत्र में विदेशी देशो के साथ द्विपक्षीय संबंध को मजबूत करने के उद्देश्य से नौसेना की दक्षिणी कमान का सर्वेक्षण पोत आईएनएस सर्वेक्षक 15 नवंबर 2017 को तंजानिया के दार–ए-सलाम पहुचा. आईएनएस सर्वेक्षक तंजानिया की नौसेना के साथ संयुक्त जल सर्वेक्षण अभियान में भाग लेगा. इस संयुक्त सर्वेक्षण अभियान का आयोजन तंजानिया के नौसेना कर्मियों के साथ किया जायेगा. जिन्हे गोवा स्थित राष्ट्रीय जल सर्वेक्षण संस्थान में प्रशिक्षण दिया गया है. सर्वेक्षण के दौरान तंजानिया के नौसैनिकों को अत्याधुनिक समुद्री उपकरणों और अभ्यासों से अभ्यस्त किया जायेगा. इस दौरान तंजानिया की नौसेना के साथ संयुक्त अभ्यास भी आयोजित किये जायेगे. हाल ही के दिनों में भारतीय नौसेना के जहाजों जमुना, सतलुज और दर्शक ने तंजानिया के दार-ए-सलाम,जंजीबार, मकोनी और पोर्ट टांगा के विभिन्न सर्वेक्षण किये है. इसके साथ ही आईएनएस सर्वेक्षक ने श्रीलंका, मारीशस,सेशेल्स और केन्या मे विभिन्न सर्वेक्षण अभियानों में भाग लिया है. आईएनएस सर्वेक्षक आधुनिक उपकरणो से लैस कोच्चि में आधारित भारतीय नौसेना का एक विशेष सर्वेक्षण जहाज है. इसके साथ ही जहाज में चेतक हेलिकॉप्टर भी तैनात किया गया है जिसका सर्वेक्षण के दौरान व्यापक प्रयोग किया जाता है. यह जहाज दर्शक क्षेणी के जहाजों में दूसरा है और इसमें 15 अधिकारी और 175 नौसेना कर्मी तैनात है।

नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन डीके शर्मा ने बताया कि तंजानिया के वाणिज्यिक बंदरगाह और प्रमुख शहर दार-ए-सलाम में भारतीय नौसेना का जहाज आइएनएस सर्वेक्षक गुरुवार को पहुंच गया है. वह तंजानिया के पेम्बा द्वीप का एक व्यापक सर्वे करेगा. इसमें वेशा बंदरगाह, कियो और पेम्बा चैनल भी शामिल होंगे. अफ्रीकी देशों के जल क्षेत्र में सर्वेक्षण पूरा करने के बाद यह जहाज दिसंबर के महीने में मारीशस के पोर्ट लुइस जाएगा. वहां वह ग्रैंड पोर्ट का सर्वेक्षण करेगा. कैप्टन शर्मा ने बताया कि यह जहाज तंजानिया अफ्रीकी देशों से दोस्ताना ताल्लुक और मजबूत करने और हिंद महासागर में मौजूद अन्य देशों की नौसेनाओं से बेहतर संपर्क के लिए भेजा गया है. आइएनएस सर्वेक्षक सर्वे के लिए विशेषज्ञता हासिल किए हुए है. इसमें गहरे समुद्र में काम आने वाला मल्टी बीम इको साउंड सिस्टम लगा हुआ है. साइड स्कैन सोनार, पूर्णत: आटोमैटिक डिजिटल सर्वे मशीन और प्रोसेसिंग सिस्टम लगा हुआ है.

भारतीय वैज्ञानिको ने डेंगू मच्छरो पर नियंत्रण हेतु नैनो कीटनाशक बनाया

नैनो तकनीक का उपयोग दुनिया भर में बढ़ रहा है और लगभग सभी क्षेत्रों में इसे आजमाया जा रहा है. भारतीय वैज्ञानिकोंने अब नीम यूरिया नैनो-इमलशन (एनयूएनई) नामक नैनो-कीटनाशक बनाया है, जो डेंगू और मस्तिष्क ज्वर फैलाने वाले मच्छरों से निजात दिला सकता है. तमिलनाडु के वेल्लोर में स्थित वीआइटी विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों द्वारा बनाया गया यह नया नैनो-कीटनाशक डेंगू और मस्तिष्क ज्वर (जापानी इंसेफेलाइटिस) फैलाने वाले मच्छरों क्रमश: एडीज एजिप्टी और क्यूलेक्स ट्रायटेनियरहिंचस की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. वैज्ञानिकों ने नीम के तेल, ट्विन-20 नामक इमल्शीफायर और यूरिया के मिश्रण से माइक्रोफ्लुइडाइजेशन नैनो विधि से करीब 19.3 नैनो मीटर के औसत नैनो कणों वाला नीम यूरिया इमलशन तैयार किया है.

नैनो तकनीक में नैनो स्तर पर पदार्थ के अति सूक्ष्म कणों का उपयोग किया जाता है, जिससे उसकी गुणवत्ता बढ़ जाती है. नीम एक प्राकृतिक कीटनाशक है, जिसका कारण उसमें पाया जाने वाला एजाडिरेक्टिन पदार्थ है. एनयूएनई कीटनाशक में नैनो स्तर पर एजाडिरेक्टिन अत्यधिक प्रभावी हो जाता है और ज्यादा समय तक स्थायी बना रहता है. वैज्ञानिकों ने एडीज एजिप्टी और क्यूलेक्स मच्छरों के लगभग 50 ताजा अंडों और 25 लार्वा पर एनयूएनई की दो मिग्रा प्रति लीटर से लेकर 200 मिग्रा प्रति लीटर की विभिन्न सांद्रता के प्रभाव का ऊतकीय तथा जैवरासायनिक अध्ययन किया है. एनयूएनई नैनो-कीटनाशक में मच्छरों के अंडों और लार्वाओं की वृद्धि रोकने की अद्भुत क्षमता पाई गई है. अध्ययन में एनयूएनई का घातक प्रभाव इन मच्छरों के लार्वाओं की आंतों में स्पष्ट रूप से देखने को मिला है. सामान्य संश्लेषी कीटनाशकों का प्रभाव सतही स्तर तक ही पड़ता है, लेकिन नैनो प्रवृत्ति होने के कारण एनयूएनई का प्रभाव मच्छरों की कोशिकाओं से लेकर एंजाइम स्तर तक पड़ता है. यह मच्छरों के लार्वा की कोशिकाओं में मिलने वाले प्रोटीन, लिपिड, कार्बोहाइड्रेट और एंजाइमों की मात्रा को कम कर देता है, जिससे मच्छरों के प्रजनन के साथ-साथ लार्वा से मच्छर बनने और उनके उड़ने जैसे गुणों में कमी आती है. इससे नैनो-कीटनाशक की मच्छरों के प्रति प्रभावी विषाक्तता का पता चलता है, जो उनकी बढ़ती आबादी में रोक लगाने के लिए कारगर साबित हो सकती है.

मस्तिष्क ज्वर फैलाने वाले क्यूलेक्स मच्छर चावल के खेतों में पनपते हैं।.इसलिए एनयूएनई की विषाक्तता का अध्ययन करने के लिए धान के पौधों और उसकी जड़ों में मिलने वाले एंटरोबैक्टर लुडविगी नामक लाभकारी बैक्टीरिया पर इसका परीक्षण किया गया है. वैज्ञानिकों ने पाया कि मच्छरों के नियंत्रण के लिए उपयोग होने वाली एनयूएनई की सांद्रता का बीजों के अंकुरण से फसल पकने तक की पौधे की किसी भी अवस्था में तथा बैक्टीरिया की कोशिकाओं पर कोई विषाक्त प्रभाव नहीं पड़ता है.