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24 November 2017

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 15वें वित्त आयोग के गठन को मंजूरी दी

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने केन्द्र, राज्यों और स्थानीय निकायों के बीच करों के बंटवारे से जुड़ी सिफारिशें करने वाले 15वें वित्त आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई. वित्त मंत्री अरूण जेटली ने मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि हर पांच वर्षों में वित्त आयोग का गठन किया जाता है. उन्होंने बताया कि पिछले वित्त आयोग की सिफारिशें 2015 से लागू हुई थी और यह 2020 तक लागू रहेंगी. 15वें वित्त आयोग की सिफारिशें 1 अप्रैल 2020 से अगले पांच वर्षों के लिए लागू होंगी. उन्होंने बताया कि वित्त आयोग को अपनी सिफारिश देने के लिए आमतौर पर अपने गठन के बाद करीब दो साल लगते हैं. ऐसे में इसके गठन को आज मंजूरी प्रदान की गई है. इसके अगले क्रम में अब आयोग के सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी. 

कैबिनेट की ओर जारी वक्तव्य के अनुसार, ‘‘संविधान के अनुच्छेद 280 (1) के तहत, यह एक संवैधानिक दायित्व है. 15 वें वित्त आयोग के लिए संदर्भ की शर्तों को समय आने पर सूचित किया जाएगा.’’ उल्लेखनीय है कि पिछले वित्त आयोग का गठन 02 जनवरी 2013 को किया गया था. इसने अपनी सिफारिशें 15 दिसंबर 2014 को सौंप दी थी जो 1 अप्रैल 2015 से लागू की गई. 

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