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10 November 2017

ओडिशा के चांदीपुर में बना भारत का पहला हथियार संग्रहालय

डीआरडीओ के चांदीपुर स्थित साक्ष्य एवं प्रयोगात्मक प्रतिष्ठान में देश में अपनी तरह का पहला हथियार संग्रहालय बनाया गया है. इसमें विजयंता टैंक भी है जिसने 1971 के भारत -पाकिस्तान युद्ध में बड़ी भूमिका अदा की थी. भारत में निर्मित पहली स्वदेशी डिजाइन वाली लंबी रेंज की सब-सोनिक क्रूज मिसाइल निर्भय के परीक्षण के दौरान चांदीपुर आए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन डीआरडीओ के अध्यक्ष और रक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस क्रिस्टोफर ने कल संग्रहालय का उद्घाटन किया. 

इस अवसर पर पीएक्सई के निदेशक आर अपूर्वराज ने कहा, शुरूआत में लोगों के लिए संग्रहालय में भारतीय वायुसेना और नौसेना के इस्तेमाल किये गए 14 किस्म के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन किया गया है. भविष्य में अन्य प्रकार के हथियारों को प्रदर्शित किया जाएगा. उन्होंने इसे देश में अपनी तरह का पहला संग्रहालय बताया. उन्होंने कहा, इस तरह के संग्रहालय से युवाओं के बीच ग्यान बढ़ाने और गर्व की भावना भरने तथा देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाले हथियारों के बारे में लोगों को जागरूक करना जरूरी था.

संग्रहालय का मुख्य आकर्षण विजयंता टैंक है जिसकी 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका थी. टैंक की क्षमता पांच किलोमीटर तक दुश्मनों के बंकर और सैनिकों को निशाना बनाने की है. संग्रहालय में प्रदर्शन के लिए लगाए गए तोपखाने और नौसेना के अन्य सैन्य उपकरणों में डब्ल्यूएम- 18 रॉकेट लांचर, इंडियन फिल्ड गन, 122 एमएम ग्रेड बीएम-21 रॉकेट लांचर , 57 एमएम एंटी टैंक गन और 40 एमएम का लाइट गन है.

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