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15 November 2017

विश्व मधुमेह दिवस विश्वभर में मनाया गया

विश्वभर में 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस मनाया गया. निरन्तर मधुमेह रोगियों की संख्या में हो रही वृद्धि को देखते हुए 1991 में अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह संघ एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने संयुक्त रूप से इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने हेतु प्रति वर्ष विश्व मधुमेह दिवस आयोजित करने का विचार किया. इस हेतु उन्होंने 14 नवंबर का दिन चयनित किया. 14 नवंबर विश्व मधुमेह दिवस के रूप में वर्ष 1991 से मनाया जा रहा है. मधुमेह रोग के कारण एवं इसके विभिन्न पहलुओं को समझने हेतु कई लोग प्रयासरत थे. इनमें से एक जोड़ी फ्रेडरिक बैटिंग एवं चार्ल्स बेस्ट की भी थी, जो पैनक्रियाज ग्रन्थि द्वारा स्त्रावित तत्त्व के रसायनिक संरचना की खोज में लगे हुए थे. इस तत्त्व को अलग कर उन्होंने अक्टूबर, 1921 में प्रदर्शित किया कि यह तत्त्व शरीर में ग्लूकोज़ का निस्तारण करने में अहम भूमिका निभाता है और इसकी कमी होने से मधुमेह रोग हो जाता है. इस तत्त्व को इंसुलिन का नाम दिया गया. इसकी खोज मधुमेह के इतिहास में एक मील का पत्थर है. इस कार्य हेतु इन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया. 14 नवंबर को फ्रेडरिक बैटिंग का जन्म दिवस है. अतः विश्व मधुमेह दिवस हेतु इस तिथि का चयन किया गया. फ्रेडरिक बेटिंग के योगदान को याद रखने के लिए इंटरनेशनल डायबेटिक फेडरेशन द्वारा 14 नवंबर को दुनिया के 140 देशों में मधुमेह दिवस मनाया जाता है.

 प्रारम्भ में “विश्व मधुमेह दिवस” हेतु “यिन और याँग” को प्रतीक चिह्न के लिये चुना गया था. चीनी संस्कृति में “यिन और याँग” को द्वैतवात के अनुसार प्रकृति में संतुलन का प्रतीक माना जाता है. यह पहचान चिह्न इस बात की ओर इंगित करता है कि इस बीमारी पर समुचित लगाम कसने हेतु रोगी, चिकित्सक, सामाजिक जागरूकता आदि विभिन्न तत्वों के बीच संतुलन होना आवश्यक है. अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह संघ के सतत प्रयास के फलस्वरूप संयुक्त राष्ट्र संघ ने अन्ततः मधुमेह की चुनौती को स्वीकारा और दिसम्बर, 2006 में इसे अपने स्वास्थ कार्यक्रमों की सूची में शामिल किया. सन् 2007 से अब यह संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रम के रूप में मनाया जाता है. संयुक्त राष्ट्र के सूची में शामिल होने का सबसे बड़ा लाभ यह हुआ कि अब संयुक्त राष्ट संघ के सदस्य देश अपनी स्वास्थ्य संबंधी नीति-निर्धारण में इसे महत्त्व दे रहें हैं. सन 2007 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस दिवस को अंगीकार करने के बाद इस का प्रतीक चिह्न नीला छल्ला चुना गया है. छल्ला या वृत्त, निरंतरता का प्रतीक है. वृत्त इस बात का प्रतीक है विश्व के सभी लोग इस पर काबू पाने के लिये एकजुट हों. नीला रंग आकाश, सहयोग और व्यापकता का प्रतीक है. इस प्रतीक चिह्न के साथ जो सूत्र वाक्य दिया गया है वह है- मधुमेह के लिए एकजुटता.

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