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06 November 2017

सरकार ने मानव रहित एरियल वेहिकल (ड्रोन) के बारे में नागरिक विमानन नियमों का संशोधित मसौदा जारी

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने दूरस्थ पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम अर्थात ड्रोन के नागरिक उपयोग हेतु नियमों के मसौदे की घोषणा की है. नए नियमों के अनुसार हवाई अड्डों, दिल्ली के हाई सिक्योरिटी जोन विजय चौक, लुटियन जोन आदि इलाके, सैन्य प्रतिष्ठानों के ऊपर पांच किलोमीटर के दायरे में ड्रोन उड़ान पर पाबंदी होगी. उम्मीद जताई जा रही है कि डीजीसीए की ओर से दिसंबर में इस मसौदे को अंतिम रूप से जारी कर दिया जाएगा. केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री अशोक गजपति राजू ने ड्रोन के संबंध में संशोधित सिविल एविएशन रूल्स (कार) पर प्रजेंटेशन दिया. उन्होंने कहा कि 250 ग्राम तक के नैनो ड्रोन के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी.

एयरपोर्ट के पांच किमी के दायरे के अंदर और ऊपर किसी ड्रोन को उड़ाने की अनुमति नहीं होगी. इसी तरह एयरपोर्ट अथारिटी की ओर से प्रतिबंधित, निषिद्ध तथा खतरनाक घोषित किए गए क्षेत्रों में भी इन्हें नहीं उड़ाया जा सकेगा. अंतरराष्ट्रीय सीमा, जिसमें नियंत्रण रेखा (एलओसी), वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) तथा वास्तविक भू स्थैतिक रेखा (एजीपीएल) शामिल हैं, के 50 किलोमीटर के दायरे में भी ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी रहेगी. ड्रोन को समुद्र और जमीन से कितनी दूरी और ऊंचाई पर उड़ाना है, इसकी सीमाएं भी निर्धारित की गई हैं. जैसे समुद्र तट से 500 मीटर क्षैतिज दूरी तक ही इन्हें उड़ाया जा सकता है. 

दिल्ली में लुटियन जोन के हाई सिक्यूरिटी इलाके के लिए भी सीमा बताई गई है. इसके अनुसार ड्रोन को हर समय हर तरफ से विजय चौक से पांच किलोमीटर दूर रखना होगा. इसी प्रकार सैन्य प्रतिष्ठानों तथा गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित स्थानों से इनकी उड़ान दूरी हमेशा 500 मीटर या अधिक होनी चाहिए. जबकि पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों, राष्ट्रीय उद्यानों तथा वन्यजीव अभयारण्यों के ऊपर ड्रोन उड़ाने के लिए पूर्व अनुमति लेना जरूरी होगा.

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