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11 November 2017

राष्ट्रपति ने इन्द्रधनुषी क्रान्ति के लिए बिहार में तीसरे कृषि रोड मैप का शुभारम्भ किया

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बिहार में इन्द्रधनुषी क्रान्ति के लिए तथा कृषि और किसानों के विकास के लिए राज्य सरकार की ओर से बनाये गए 1.55 लाख करोड़ रुपये के तीसरे कृषि रोड मैप - 2017-22 का शुभारम्भ किया. बिहार के राज्यपाल रह चुके और यहीं के राजभवन से रायसीना हिल की दूरी तय कर राष्ट्रपति बनने के बाद राम नाथ कोविंद गुरुवार को पहली बार पटना पहुंचे और राजधानी पटना के बापू सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में गुरुवार को कृषि रोड मैप जनता को समर्पित किया. समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि मैं जन्म से तो नहीं लेकिन कर्म से बिहारी हूं, बिहारीपन ही मेरी पहचान है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि बिहार का राज्यपाल रहते हुए मुझे जो प्यार और स्नेह मिला जीवन के लिए हमेशा यादगार क्षण बनकर दिल में रहेगा. उन्होंने कहा कि बिहार में जन्म लेने से ही कोई बिहारी नहीं होता. मेरे लिए बिहार और इसका बिहारीपन बहुत बड़ी बात है. राष्ट्रपति ने कहा कि बिहार के मेहनतकश लोग राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देते रहे है. यहाँ की मिटटी अन्नपूर्णा है. उन्होंने कहा कि दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों के विकास में बिहार के लोगों का योगदान रहा है. विदेशो में भी बिहार के लोग परचम लहरा रहे है. बिहारी लोग प्रतिभा के बहुत धनी होते है.

उन्होंने कहा कि राजभवन से लेकर राष्ट्रपति भवन का सफर मेरे जीवन के यादगार वर्ष रहेंगे. मैं बिहार का नहीं लेकिन मेरे लिए मेरा बिहारीपन ही मेरी पहचान है, जिसपर मुझे गर्व है. मैं राष्ट्रपति भवन स्थित राजेंद्र बाबू की प्रतिमा को रोज नमन करता हूं. बिहार विभूतियों की धरती रही है. बापू मेरे आदर्श हैं, उनके पदचिन्हों का मैं हमेशा ही अनुसरण करता हूं. राष्‍ट्रपति भवन पहुंचकर अगर बापू के आदर्शों पर नहीं चल सके, तो जीवन अधूरा है. देश के निर्माण में बिहारियों का अहम योगदान रहा है. उन्होंने कहा कि अप्रैल 2017 से चंपारण सत्‍याग्रह का शताब्‍दी वर्ष मनाया जा रहा है. चंपारण सत्‍याग्रह किसानों से संबंधित था. चंपारण सत्‍याग्रह शताब्‍दी वर्ष में कृषि रोड मैप का लोकार्पण बेहतर कदम है. इस रोड मैप में किसानों के हित की बातें हैं. इससे किसानों को फायदा होगा। रोड मैप में शामिल जैविक कॉरिडोर से बड़ा बदलाव आ सकता है. राष्ट्रपति ने कहा कि खेती के विकास के लिए वाटर मैनेजमेंट की दिशा में काम करने की जरूरत है. परंपरागत जल प्रबंधन प्रणाली को व्‍यापक रूप से बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है. जल प्रबंधन प्रणाली बेहतर तरीके से लागू हो जाए तो अगली हरित क्रांति बिहार से हो सकती है. कृषि रोड मैप से बिहार की अर्थव्‍यवस्‍था मजबूत होगी.

इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि महामहिम का आगमन हुआ, उनका स्वागत है. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से भरा पूरा बिहार हरित क्रांति अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा. उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में बिहार ने विकास किया है और किसानों के लिए यह कृषि रोडमैप तैयार किया गया है. बिहार की तरफ लोग आशा भरी नजरों से देख रहे हैं, बिहार हरित क्रांति का अगुआ बनेगा एेसी मेरी आकांक्षा है. कृषि के क्षेत्र में बिहार ने विकास किया है और किसानों के लिए यह कृषि रोडमैप तैयार किया गया है. इससे पहले वर्ष 2008 में पहले कृषि रोड मैप कि शुरुआत हुई थी और वर्ष 2012 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दूसरे कृषि रोड मैप - 2012-17 कि शुरुआत की थी.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बापू सभागार में जैविक बिहार के कृषि रोडमैप के अलावा नौ योजनाओं का भी शुभारंभ किया. जिसमे नौबतपुर में खेती के लिए अलग से प्रदेश का पहला बिजली फीडर ,पटना से भागलपुर तक गंगा किनारे जैविक कॉरिडोर का विकास ,किशनगंज में बिहार मत्स्यिकि महाविद्यालय की स्थापना ,दरभंगा में पुराणी कमला नदी पर वियर सिचाईं योजना तथा अन्य योजनाओं की शुरुआत की. जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जैविक कॉरिडोर योजना का शुभारंभ हुई है. इससे किसानों का न केवल कर्ज और रासायनिक खादों से पिंड छूटेगा, बल्कि वह कम पानी में अधिक पैदावार भी ले सकेंगे. इस विधि में रासायनिक खाद और कीटनाशकों का कोई उपयोग नहीं होगा. राष्ट्रपति ने जैविक सब्जी खेती के लिए इनपुट अनुदान की कार्ययोजना का शुभारंभ किया. जैविक सब्जी के कॉरिडोर विकसित करने, रासायनिक खाद, कीटनाशी और रोगनाशी के अंधाधुध प्रयोग को होतोत्साहित करने, मानव और पशुओं के स्वास्थ्य, वायुमंडल के प्रदूषण की रोकथाम तथा मिट्टी की संरचना में हो रहे ह्रास को कम करने के मकसद से इस योजना का शुभारंभ किया गया. पायलट प्रोजेक्ट के रूप में नालंदा, पटना, वैशाली और समस्तीपुर जिलों में इस साल इसकी शुरुआत होगी.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में नए कृषि युग की शुरुआत हो रही है. उन्होंने कहा कि कृषि रोड मैप से किसानों को लाभ मिलेगा आयर इसकी शुरूआत बिहार के किसानों को हर तरह की सुविधा देने के लिए की गई है. पहले और दूसरे कृषि रोडमैप के उपलब्धियों कि चर्चा करते उए उन्होंने कहा कि बिहार के एक किसान ने चीन का रिकॉर्ड तोड़ दिया. नीतीश कुमार ने सब्जी के मामले में बिहार को नंबर वन बनाने कि बात करते हुए कहा कि परंपरागत तरीके से जैविक खेती को बढ़ावा देने कि दिशा में भी काम हो रहा है. हर भारतीय की थाली में बिहार का एक व्यंजन पहुंचाने के अपने लक्ष्य को दुहराते हुए उन्होंने कहा कि किसानो को सब्सिडी देने के साथ साथ हरियाली मिशन पर तेजी से काम हो रहा है.  

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