31 December 2017

देश की पहली बहुप्रतीक्षित पॉड टैक्सी सर्विस जल्द ही दौड़ेगी


देश की पहली बहुप्रतीक्षित पॉड टैक्सी सर्विस जल्द ही हकीकत बनने जा रही है. एक उच्चस्तरीय समिति ने इसके लिए नए सिरे से बोलियां मंगाने की सिफारिश की है. भारत में पॉड टैक्सी के लिए अमेरिकी निकाय के नियमों की तर्ज पर कड़े सुरक्षा उपाय किए जाएंगे. पॉड टैक्सी योजना को पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (पीआरटी) के नाम से भी जाना जाता है. 4,000 करोड़ रुपये की यह परियोजना सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की महत्वाकांक्षी परियोजना है. इस बारे में गडकरी ने कहा, 'बाधाएं दूर हो गई हैं, हम जल्द पॉड टैक्सी परियोजना के लिए निविदा जारी करेंगे. समिति की सिफारिशों के अनुरुप सुरक्षा चिंताओं को दूर किया जाएगा.'

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को इस योजना को दिल्ली गुड़गांव कॉरिडोर (12.30 किलोमीटर) में शुरू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. यह प्रॉजेक्ट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) आधार पर लागू की जाएगी. परिवहन विशेषज्ञ एसके धर्माधिकारी की अगुवाई वाली समिति ने इसके लिए नए सिरे से ईओआई जारी करने को कहा है. इसमें आटोमेटेड पीपल मूवर्स मानकों और खूबियों के अलावा नीति आयोग की सिफारिशों से सामान्य सुरक्षा मानकों को शामिल किया जाएगा. इस पांच सदस्यीय समिति का गठन पीआरटी के तकनीकी और सुरक्षा मानकों के लिए किया गया है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना में नीति आयोग द्वारा कुछ आपत्तियों की वजह से विलंब हुआ है.

आयोग ने राजमार्ग मंत्रालय से कहा है कि वह शुरुआती बोली लगाने वाली कंपनियों से एक किलोमीटर का पायलट मार्ग तैयार करने को कहे, क्योंकि इसके बारे में सभी प्रौद्योगिकियों की अभी तक परख नहीं हुई है. इसके बाद देरी उच्चस्तरीय समिति के गठन की वजह से हुई. इस समिति को सुरक्षा और अन्य चीजों को तय करना है. यह धौला कुआं- मानेसर मार्ग पर भीड़भाड़ को कम करने के लिए एक प्रमुख कदम होगा और इससे परिवहन में क्रांति आएगी. पीआरटी एक आधुनिक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली है, जिसमें ट्रैक्सी की तरह की फीडर और शटल सेवाएं देने के लिए आटोमेटेड इलेक्ट्रिक पॉड कार का इस्तेमाल किया जाता है. यह सेवा यात्रियों के छोटे समूह के लिए होगी. समिति ने परीक्षण के खंड में प्रदर्शन के आधार पर आकलन की जरुरत भी बताई है.

सुमिता मिश्रा प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद में संयुक्त सचिव नियुक्त

केन्द्र सरकार ने वरिष्ठ नौकरशाह सुमिता मिश्रा को प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद पीएमईएसी में संयुक्त सचिव नियुक्त किया है. कार्मिक मंत्रालय के आदेश के अनुसार हरियाणा कैडर की 1990 बैच की आईएएस अधिकारी सुमिता को पांच साल के लिये इस पद पर नियुक्त किया गया है. प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद का गठन सितंबर में किया गया था. इसके अलावा पांच आईएएस अधिकारियों समेत 10 अधिकारियों को विभिन्न केंद्रीय विभागों में संयुक्त सचिव बनाया गया है.

नागालैंड कैडर के 1993 बैच के आईएएस अधिकारी अमरदीप सिंह भाटिया को कारपोरेट कार्य मंत्रालय के अधीन आने वाले गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय में निदेशक बनाया गया है. वह फिलहाल मंत्रालय में संयुक्त सचिव हैं. आईएएस अधिकारी मुखमीत सिंह भाटिया आर्थिक मामलों के विभाग के अंतर्गत आने वाले 15वें विा आयोग में संयुक्त सचिव होंगे. उनका कार्यकाल पांच साल के लिये होगा. भारतीय आयुध निर्माणी सेवा के 1987 बैच के अधिकारी अमित मेहता उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में संयुक्त सचिव होंगे. 

आईएएस अधिकारी आशीष उपाध्याय को कोयला मंत्रालय में संयुक्त सचिव बनाया गया है. संजय उप्रेती सीमा सुरक्षा बल में विाीय सलाहकार, निकुंज के सुंदर रे पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में संयुक्त सचिव तथा गोपाल कृष्ण गुप्ता नवीन एवं नवीकरणीय र्जा मंत्रालय में संयुक्त सचिव होंगे. भारतीय रेलवे इलेक्ट्रिकल इंजीनियर सेवा के 1986 बैच के अधिकारी सुधीर गर्ग को सूक्ष्म, लघु एवं मझाोले उद्यम मंत्रालय में संयुक्त सचिव बनाया गया है.

30 December 2017

भारत दुनिया में सबसे ज्यादा मोबाइल डेटा इस्तेमाल करने वाला देश बना

भारत दुनिया में सबसे ज्यादा मोबाइल डेटा इस्तेमाल करने वाला देश बन गया है. नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि हम 150 करोड़ गीगाबाइट मोबाइल डेटा हर महीने इस्तेमाल करने के साथ दुनिया में नंबर 1 उपभोक्ता बन गए हैं. भारत में आश्चर्यजनक रूप से मोबाइल डाटा की खपत बढ़ने और दुनिया में अव्वल आने में सबसे अहम योगदान जियो का है. जब से रिलायंस ने अपनी 4जी मोबाइल सर्विस जियो लॉन्च की है देश का मोबाइल सर्विस बाजार बदल गया. जियो की एंट्री से पहले मोबाइल डाटा इस्तेमाल के मामले में भारत का दुनिया में 155 नंबर था. देश में मोबाइल डेटा इस्तेमाल की खपत बढ़ने में सबसे बड़ा योगदान 'जियो' का रहा. जियो ने एक साल के अंदर पूरी टेलीकॉम इंडस्ट्री को बदल कर रख दिया. जियो किस तरह से सफल रहा इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसके आते ही एक साल के अंदर देश में मोबाइल डाटा इस्तेमाल 20 करोड़ गीगाबाइट प्रतिमाह से बढ़कर 150 करोड़ गीगाबाइट प्रतिमाह हो गया. ये आंकड़ा पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा है.

भारत के सबसे ज्यादा मोबाइल डेटा इस्तेमाल करने वाला देश बनने पर नीती आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा प्रतिमाह 150 करोड़ गीगाबाइट मोबाइल डेटा इस्तेमाल करके, भारत मोबाइल डेटा इस्तेमाल करने के मामले में दुनिया का नंबर एक देश बन गया है. उन्होंने बताया कि मोबाइल डेटा इस्तेमाल करने के मामले में भारत अमेरिका और चीन से कहीं आगे निकल गया है. चौंकाने वाली बात ये है कि भारत में जितना मोबाइल डेटा इस्तेमाल हो रहा उतना अमेरिका और चीन मिलकर भी इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं. भारत में हर महीने 150 करोड़ गीगाबाइट मोबाइल डेटा इस्तेमाल में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि इसमें से 100 करोड़ से ज्यादा का जीबी डेटा का इस्तेमाल अकेले जियो के ग्राहक कर रहे हैं. इतना ही जियो की एंट्री के बाद डेटा टैरिफ की कीमत पर भी बड़ा असर देखने को मिला है. जियो के आने के बाद देश में 4जी स्मार्टफोन की संख्या में भी तेजी से इजाफा हुआ है.

पूर्व फुटबॉलर जॉर्ज वैह लाइबेरिया के राष्ट्रपति निर्वाचित

पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी जॉर्ज विया लाइबेरिया के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं. मंगलवार को हुए चुनाव के सभी वोटों की गिनती के बाद विया अपने प्रतिद्वंद्वी जोसेफ बोआकाई से 60 फीसदी से ज्यादा मतों से आगे रहे. विया, एलेन जॉनसन सरलीफ की जगह लेंगे. परिणाम की घोषणा होने के बाद विया कहा, "मेरे साथी लाइबेरिया के नागरिकों, मैं समूचे देश की भावना को गहराई से महसूस कर रहा हूं." उन्होंने कहा, "आज मुझे जो जिम्मेदारी मिली है, मैं उसका महत्व समझता हूं.' 

विया अफ्रीका के एकमात्र ऐसे फुटबॉलर हैं जो फीफा वर्ल्ड प्लेयर ऑफ द ईयर और प्रतिष्ठित बैलन डीऑर पुरस्कार के विजेता हैं. साल 2002 में फुटबॉल से संन्यास लेने के बाद विया ने राजनीति में प्रवेश किया. फिलहाल वह लाइबेरियाई संसद में सीनेटर हैं. सरलीफ ने बर्बर गृह युद्ध के खत्म होने के बाद 2005 के राष्ट्रपति चुनाव में विया को मात दी थी और एक साल बाद पद ग्रहण किया था. उनकी इस उपलब्धि के बाद उनके पुराने फुटबॉल क्लब ने भी उन्हें बधाई दी. 


आपको बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है कि कोई खिलाड़ी राजनीति में आया हो और इस तरह सफल हुआ हो. भारत में भी कई खिलाड़ी राजनीति में प्रवेश कर ऊंचाईयों तक पहुंच चुके हैं. मौजूदा दौर में पूर्व ओलंपियन राज्यवर्धन सिंह राठौड़ केंद्र सरकार में मंत्री हैं. इसके अलावा पूर्व में भारतीय टीम के कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन भी सांसद रह चुके हैं. सचिन तेंदुलकर अभी भी राज्यसभा सांसद हैं.

ब्रह्मांड के रहस्यों का पता लगाने के लिए नासा ने नया टेलीस्कोप तैयार किया

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने ब्रह्मांड के रहस्यों का पता लगाने के लिए अगली पीढ़ी का स्पेस टेलीस्कोप तैयार की है. वाइड फील्ड इंफ्रारेड सर्वे दूरबीन (डब्ल्यूएफआइआरएसटी) हबल टेलीस्कोप से 100 गुना बड़ी और साफ तस्वीरें उतार सकने में सक्षम है. 300 मेगा पिक्सल वाइड फील्ड इस्ट्रूमेंट वाले इस दूरबीन को 2020 के मध्य तक लांच किया जाएगा. प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डेविड स्पर्गल ने कहा, 'हबल टेलीस्कोप से ली गई कोई तस्वीर दीवार पर टंगे पोस्टर के आकार की होती है जबकि डब्ल्यूएफआइआरएसटी में कैद की गई तस्वीर पूरे दीवार को ढक लेगी.' 

डब्ल्यूएफआइआरएसटी से ली गई तस्वीरों से ब्रह्मांड के रहस्यों के साथ यह भी पता चल पाएगा कि इसका विस्तार किस कारण हो रहा है. बह्माांड के विस्तार की गति बढ़ने के दो कारण बताए जाते हैं. पहला इसके 68 प्रतिशत भाग में फैला डार्क मैटर और दूसरा आइंस्टीन के 'सामान्य सापेक्षता का सिद्धांत. नए टेलीस्कोप से जुटाई गई जानकारियों से यह गुत्थी सुलझ सकती है. इसकी मदद से आकाशगंगा और अंतरिक्ष के संबंध में भी नई जानकारियां मिलेंगी.

डब्ल्यूएफआइआरएसटी प्रोजेक्ट के वैज्ञानिक जेफरी क्रूक ने कहा, 'ब्रह्माांड के शुरुआती दिनों की तस्वीरों का अध्ययन कर ही पता लगाया जा सकता है कि किस तरह गैस तारे, ग्रह और धूमकेतू में बदल गए. नया टेलीस्कोप इसमें हमारी काफी मदद कर सकता है.'

जियो आरकॉम के वायरलेस इंफ्रास्ट्रक्चर का अधिग्रहण करेगी

मुकेश अंबानी नीत रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की दूरसंचार इकाई रिलायंस जियो ने अनिल अंबानी की दूरसंचार कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) की वायरलेस इंफ्रास्ट्रक्चर परिसंपत्ति का अधिग्रहण करने के लिए गुरुवार को पक्का समझौता करने की घोषणा की है. दोनों कंपनियों ने यहां जारी अलग-अलग बयान में यह घोषणा की है. आरकॉम ने कहा कि जनवरी से मार्च के दौरान यह सौदा पूरा हो जायेगा. इसके तहत जिन परिसंपत्तियों का सौदा किया गया है उनमें 800, 900, 1800 और 2100 मेगाहर्ट्ज बैंड में 122.4 मेगाहर्ट्ज 4जी स्पेक्ट्रम, 43 हजार टेलीकॉम टॉवर, एक लाख 78 हजार आरकेएम फाइबर और 248 मीडिया कंवर्जेंस नोड शामिल हैं. 

उन्होंने कहा कि जियो के साथ सौदा नकद भुगतान और दूरसंचार विभाग को स्पेक्ट्रम की किस्तों का भुगतान हस्तांतरित करने के जरिये पूरा किया जाएगा.
इससे मिलने वाली राशि से कंपनी अपना कर्ज कम करेगी.  जियो की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि अधिग्रहण की जाने वाली परिसंपत्तियां उसे किसी प्रकार के कर्ज या रेहन से मुक्त मिलेंगी. चार श्रेणी की परिसंपत्तियों का अधिग्रहण किया जाएगा. इनमें टावर, आॅप्टिक फाइबर केबल नेटवर्क, स्पेक्ट्रम और मीडिया कंवर्जेंस नोड शामिल हैं. ये परिसंपतियां रणनीतिक महत्व रखती हैं. इनसे जियो को वायरलेस और फाइबर सेवाएं शुरू करने में मदद मिलेगी. 

29 December 2017

भारत - अफगानिस्तान के मध्य दूसरा हवाई आर्थिक गलियारा आरंभ हुआ

भारत और अफगानिस्तान के मध्य व्यापारिक रिश्तों को मजबूत बनाने हेतु दूसरा हवाई आर्थिक गलियारा 27 दिसंबर 2017 को आरंभ किया गया. यह हवाई आर्थिक गलियारा काबुल से मुम्बई के बीच आरंभ किया गया है. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई के बीच शुरू किये गये इस आर्थिक गलियारे से दोनों देशों के बीच वित्तीय संबंध मजबूत होंगे. बता दे की दिल्ली और काबुल के बीच भी ऐसा ही हवाई आर्थिक गलियारा स्थापित किया जा चुका है.

भारत-अफगानिस्तान हवाई गलियारे से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा. अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण दूसरे देशों से तटस्थ अफगानिस्तान को भारत के बाजारों तक पहुंच मिलेगी. इससे अफगानिस्तान के किसानों को खराब होने वाली वस्तुओं की भारतीय बाजारों तक जल्द और सीधी पहुंच से लाभ मिलेगा. इस संबंध में सितंबर 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी के बीच बैठक में निर्णय लिया गया था. यह गलियारा पाकिस्तान को बाईपास करते हुए बनाया गया है।

28 December 2017

चीन-पाक इकॉनोमिक कॉरिडोर (CPEC) में अफगानिस्तान भी शामिल हुआ

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री सलाहुद्दीन रब्बानी द्वारा 26 दिसंबर 2017 को चीन का दौरा किया गया. इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि अफगानिस्तान भी चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) में शामिल होगा. अफगानिस्तान बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट में सक्रिय रूप से शामिल होने और चीन से सहयोग बढ़ाने हेतु तैयार है. रब्बानी ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ से मुलाकात की. गौरतलब है कि बीजिंग ने पहले ही इस परियोजना में अन्य देशों को भी साझीदार बनने हेतु प्रस्ताव दिया था.

चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर एक वृहद वाणिज्यिक परियोजना है, जिसका उद्देश्य दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान से चीन के उत्तर-पश्चिमी स्वायत्त क्षेत्र शिंजियांग तक ग्वादर बंदरगाह, रेलवे और हाइवे के माध्यम से तेल और गैस की कम समय में वितरण करना है. यह आर्थिक गलियारा चीन-पाक संबंधों में केंद्रीय महत्व रखता है, गलियारा ग्वादर से काशगर तक लगभग 2442 किलोमीटर लंबा है. 18 दिसम्बर 2017 को चीन और पाकिस्तान ने मिलकर इस आर्थिक गलियारे की योजना को मंजूरी दी. इस योजना के तहत चीन और पाकिस्तान वर्ष 2030 तक आर्थिक साझेदार रहेंगे. भारत इस गलियारे को गैर-कानूनी मानता है, क्योंकि यह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से भी होकर गुजरता है.

उत्तर प्रदेश और दक्षिण कोरिया के मध्य कौशल विकास हेतु समझौता हुआ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं दक्षिण कोरिया के मंत्रिमंडल के मध्य हाल ही में एक पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता किया गया है. पर्यटन एवं व्यापार के साथ-साथ दोनो पक्षों के मध्य संस्कृति, कृषि और कौशल विकास के क्षेत्र में समझौता किया गया है. इस समझौते के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश के अयोध्या में कोरिया की राजकुमारी सूरी रत्ना का स्मारक भी बनवाया जायेगा. जो दोनों देशों के मध्य सांस्कृतिक रूप से बेहतर होगा. कोरिया एक मात्र ऐसा देश है जिसका करीबी संबंध राम नगरी अयोध्या से रहा है.

कोरिया के लोग अयोध्या को अपना ननिहाल मानते हैं और प्रत्येक वर्ष किम वंश के लोग अयोध्या आते हैं. पौराणिक तौर पर माना जाता है कि कोरिया की रानी का मायका आयोध्या था. यही कारण है कि कोरिया के लोग अयोध्या से खास लगाव रखते हैं. प्रधानमंत्री कुछ समय पहले जब दक्षिण कोरिया गये थे तो उन्होंने वहां कोरिया और भारत के सांस्कृतिक रिश्तों को और मजबूत बनाने की बात कही थी जिसका अनुसरण करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने दक्षिण कोरिया की सरकार के साथ कई समझौते किये हैं. इन समझौतों में कृषि, कौशल एवं उद्योग प्रमुखता से हैं.

मशहूर अभिनेता ‘पार्थ मुखोपाध्याय’ का निधन

बंगाली फिल्मों के मशहूर अभिनेता पार्थ मुखोपाध्याय का 25 दिसम्बर 2017 को एक निजी अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. वे 70 वर्ष के थे. वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. बंगाली सिनेमा में पार्थ मुखोपाध्याय का योगदान अमूल्य है. अभिनेता होने के साथ-साथ पार्थ मुखोपाध्याय एक बेहतरीन गायक भी थे. पार्थ मुखोपाध्याय का जन्म 21 जून 1947 को हुआ था. पार्थ मुखोपाध्याय ने बतौर बाल कलाकार फिल्मों में शुरुआत की थी और बाद में उन्होंने चरित्र अभिनेता के रूप में ख्याति अर्जित की.

निर्देशक चित्त बासु ने वर्ष 1956 में उन्हें अपनी फिल्म ‘मां’ में पहला ब्रेक दिया. उन्होंने इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और बंगाली फिल्मों में उनकी सफलता का दौर जारी रहा. फिल्म ‘अतिथि’ को विश्व प्रसिद्ध वेनिस फिल्म समारोह में शामिल किया गया, लेकिन कुछ मतों से वे उत्कृष्ट अभिनेता का पुरस्कार पाने से चूक गये. उनकी लोकप्रिय फिल्में बालिका वधू, धुनीमिये, अग्निश्वर, अमर आमार पृथ्वी और बाग बंदी खेला रही. उन्होंने छोटे परदे पर भी अनेक धारावाहिकों में काम किया. उन्होंने वर्ष 1970 और वर्ष 1980 के दशक में एक चरित्र अभिनेता के रूप में अपनी छाप छोड़ी थी. उन्होंने कई फिल्मों में यादगार रोल किए थे.

भारत 2018 में दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगा

ब्रिटेन में स्थित एक संस्था ने कहा कि भारत 2018 तक विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगा. संस्था ने कहा कि भारत, यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस को पीछे छोड़कर 2018 तक यह मुकाम हासिल कर लेगा. सेंटर फॉर इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस रिसर्च के 2018 वर्ल्ड इकॉनिक लीग टेबल ने यह भी कहा कि अगले 15 सालों में एशियाई अर्थव्यवस्थाएं शीर्ष दस सबसे बड़े अर्थव्यवस्थाओं की सूची पर हावी होंगी. नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद से भारत की अर्थव्यवस्था में गिरावट देखने को मिली लेकिन कुछ ही महीनों बाद भारतीय अर्थव्यवस्था के जीडीपी के आंकड़े में रफ्तार पकड़ती हुई दिख रही है. हाल ही में दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद में 6.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

कंसल्टेंसी के कार्यकारी उप-निदेशक डगलस मैकविलियम ने कहा, "अस्थायी असफलताओं के बावजूद, भारत की अर्थव्यवस्था में फ्रांस और ब्रिटेन के साथ आ गई है, और 2018 में भारत, दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर दोनों से आगे निकल जाएगी." मैकविलियम ने कहा है कि भारत का विकास गतिशीलता और माल और सेवा कर के कार्यान्वयन के कारण धीमा था. रिपोर्ट में कहा गया है, सस्ती ऊर्जा और प्रौद्योगिकी की कीमतें 2018 में वैश्विक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देंगी.

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन 2032 तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अमेरिका से भी आगे निकल सकती है. परामर्शदाता ने कहा कि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उम्मीद से कम गंभीर होने के कारण, अमेरिका पिछले साल की तुलना में इस वर्ष धीमी गति से चल रहा है. कंसल्टेंसी ने यह भी कहा कि ब्रिटेन अगले दो वर्षों में फ्रांस से पीछे होगा, जबकि 2020 में फ्रांस फिर से आगे निकल जाएगा, क्योंकि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पर ब्रेक्सिट के प्रभाव के डर कम होंगे. दूसरी तरफ, रूस 2032 तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में 17 वें स्थान पर आ जाएगा. रिपोर्ट में कहा गया कि यह कम तेल की कीमतों और देश के ऊर्जा क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता के कारण है.

27 December 2017

भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2018 में 7 फीसदी संभव : एसोचैम

भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर नोटबंदी और जीएसटी के सुस्त प्रभावों से उबरते हुए 2018 में सात फीसदी जा सकती है।.उद्योग चैंबर एसोचैम ने रविवार को इस बात की जानकारी दी. औद्योगिक संस्था द्वारा आगामी वर्ष के लिए जारी ‘परिदृश्य’ के मुताबिक, लोकसभा चुनाव से पहले सरकारी नीतियां तनावग्रस्त ग्रामीण परिदृश्य की ओर झुकने के साथ ही भारतीय अर्थव्यवस्था 2018 में नोटबंदी और जीएसटी को लागू करने से पड़े सुस्त प्रभाव से हुई बाधा के बाद सात फीसदी की दर पर पहुंच जाएगी. परिदृश्य में कहा गया है, “2017-2018 की दूसरी छमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 6.3 फीसदी वृद्धि के बावजूद 2018 की सितंबर तिमाही के अंत तक आर्थिक वृद्धि सात फीसदी की महत्वपूर्ण दर को छू लेगी. जबकि अगले साल मानसून के हल्के रहने के साथ दूसरी छमाही तक मंहगाई दर 4.5 से पांच फीसदी के बीच बनी रहेगी.”

एसोचैम के अध्यक्ष संदीप जाजोदिया ने कहा कि यह अनुमान सरकारी नीतियों, अच्छे मानसून, औद्योगिक गतिविधियों में तेजी और क्रेडिट वृद्धि के साथ-साथ विदेशी मुद्रा दरों में स्थिरता के आधार पर लगाया गया है. उन्होंने कहा, “अगर राजनीतिक रूप से कोई बड़ा फेरबदल नहीं होता है तो कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों को लेकर चिंता कम हो सकती है.” औद्योगिक संस्था ने कहा कि राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसके मद्देनजर राजनीतिक अर्थव्यवस्था कृषि क्षेत्र की ओर झुक सकती है, जहां कुछ समय से तनाव देखा जा रहा है. एसोचैम को लगता है कि आगामी केंद्रीय बजट किसानों की तरफ झुका होगा, जबकि उद्योग का ध्यान विभिन्न क्षेत्रों पर केंद्रित होगा, जहां रोजगार पैदा होता है.

हेनरिटा फोर यूनिसेफ की प्रमुख नियुक्त

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटारेस ने अमरीकी सरकार की पूर्व वरिष्ठ अधिकारी हेनरिटा एच. फोर को संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) की नई कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया है. विश्व संस्था ने यह जानकारी दी. वह एंथनी लेक का स्थान लेंगी. हेनरिटा (69) ने आर्थिक विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य, मानवीय सहायता और अंतर्राष्ट्रीय तथा विकासशील विश्व में कठिन परिस्थितियों में आपदा राहत के लिए सर्वश्रेष्ठ काम किया है. वह अंतर्राष्ट्रीय विकास के लिए अमरीकी एजैंसी की प्रशासक नियुक्त होने वाली पहली महिला थीं और वह विदेश विभाग में अमरीकी विदेशी सहायता की निदेशक भी रहीं.  वह इन दोनों पदों पर 2006 से 2009 तक रहीं थीं. हेनरिटा ने 1989 से 1993 तक एशिया और निजी उद्यम के लिए यूएसएड सहायता प्रशासक के रूप में भी काम किया.

वर्तमान में विनिर्माण और निवेश कंपनी होल्समैन इंटरनेशनल की सीईओ हेनरिटा अमेरिकी विदेश विभाग में अहम भूमिका भी निभा चुकीं हैं. विदेश विभाग के प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने यूनीसेफ प्रमुख के रूप में हेनरिटा की नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र में अपनी नई भूमिका में विश्व के बच्चों की तरफ से एक ‘‘मजबूत’’ आवाज बनेंगी. वह एंथनी लेक का स्थान लेंगी. लेक का कार्यकाल 31 दिसम्बर को समाप्त हो रहा है. फोर एक जनवरी, 2018 से यूनीसेफ के सातवें कार्यकारी निदेशक का पद संभालेगी. ट्रंप प्रशासन ने संयुक्त राष्ट्र के निर्णय का स्वागत किया है.

नासा ने आठ ग्रह वाले नए सौरमंडल की खोज की

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने महत्वपूर्ण खोज की है. एजेंसी ने पहली बार हमारे सौरमंडल की तरह ही आठ ग्रहों वाला नया सोलर सिस्टम ढूंढ़ने का दावा किया है. नासा ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि केप्लर टेलीस्कोप की मदद से सुदूर अंतरिक्ष में आठ ग्रहों वाला नया सौरमंडल ढूंढ़ा गया है. अंतरिक्ष अनुसंधान की दिशा में यह महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. प्रारंभिक आकलन में यह मनुष्यों के रहने योग्य नहीं है. नासा वैज्ञानिकों ने केप्लर टेलीस्कोप से भेजे गए आंकड़ों का विश्लेषण करने में गूगल की आर्टीफिशियल तकनीक की मदद लेने की बात कही है. केप्लर टेलीस्कोप सूर्य सरीखे स्टार और उसके सौरमंडल के बारे में पहले ही पता लगा चुका था. लेकिन, अब नए ग्रहों की मौजूदगी का पता चला है. ऐसे में नए सौरमंडल में कुल आठ ग्रह हो गए हैं.

हमारे सौरमंडल को छोड़ कर अंतरिक्ष में आठ ग्रहों वाला यह पहला सोलर सिस्टम है. नासा ने बताया कि एआई की मदद से केप्लर द्वारा मुहैया डाटा का नए तरीके से विश्वलेषण संभव हो सका है. नए सौरमंडल में केप्लर-90आई सबसे छोटा ग्रह है. यह नया ग्रह पृथ्वी की तुलना में 30 प्रतिशत ज्यादा बड़ा है. टेक्सास यूनिवर्सिटी (ऑस्टिन) के एस्ट्रोनॉमर एंड्रयू वांडरबर्ग ने बताया कि नया ग्रह पृथ्वी से बड़ा जरूर है, लेकिन वहां कोई जाना नहीं चाहेगा. हालांकि, इसकी मदद से अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में और जानकारी जुटाने की उम्मीद जताई जा रही है. केप्लर टेलीस्कोप को वर्ष 2009 में अंतरिक्ष में स्थापित किया गया था. तब से यह पृथ्वी स्थित नियंत्रण कक्ष को डाटा भेज रहा है. इसकी मदद से हमारे सौरमंडल के बाहर कई सोलर सिस्टम का पता लगाया जा चुका है. केप्लर टेलीस्कोप अब तक 4,034 ग्रह या उसके समान आकाशीय पिंडों का पता लगा चुका है. इनमें से 2,335 की बाहरी ग्रह के तौर पर पुष्टि की जा चुकी है. इनमें से 30 पृथ्वी के आकार के हैं.

26 December 2017

सऊदी अरब में पहली बार महिला गायिका ने सार्वजनिक प्रस्तुति दी

सऊदी अरब के इतिहास में पहली बार किसी महिला को सार्वजनिक रूप से स्टेज पर कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए अनुमति दी गयी. हाल ही में महिला गायिका हीबा तवाजी को यह गौरव प्राप्त हुआ. बता दें की हीबा तवाजी लेबनान की गायिका हैं. उन्होंने हाल ही में रियाद के किंग फहद कल्चरल सेंटर में कॉन्सर्ट में प्रस्तुति दी. इसके साथ ही हीबा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसी पहली महिला भी बन गई जिन्होंने सऊदी अरब में कॉन्सर्ट किया. सऊदी अरब में अब महिलाओं के संबंध में अब सकरात्मक फैसले लिए जा रहे हैं.

इस ऑल वुमन कार्यक्रम का हज़ारों दर्शकों ने लुत्फ उठाया. गायिका का स्टेज पर स्वागत करते हुए उद्घोषक ने इसे सऊदी के लिए गौरवशाली पल बताया. सऊदी अरब में महिलाओं को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुति की अनुमति नहीं दी जाती थी लेकिन हाल ही में सऊदी सरकार ने संगीतार को लाइव प्रस्तुति की इजाजत दी. यह इजाजत क्राउन प्रिंस मोहम्म बिन सलमान द्वारा शुरू किए गए सुधार के बाद दी गई. सऊदी देश की अर्थव्यवस्था में विविधता लाने के लिए पर्यटन और मनोरंजन जगत में बदलाव ला रहा है. इसके अतिरिक्त रोताना ऑडियो और विज़ुअल ग्रुप की घोषणा के अनुसार जनवरी में सऊदी अरब में महिलाओं के लिए दो संगीत कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे, जिसमें अरब पॉप स्टार नवल अल-कुवैतिया और असला नासरी के कार्यक्रम शामिल होंगे.

बेंगलुरू बना देश का पहला शहर जिसके पास अपना लोगो

देश का बेंगलुरु पहला ऐसा शहर बन गया है जो लोगों की वजह से पहचाना जाएगा. इस शहर के लोगों को कर्नाटक के पर्यटन मंत्री ने लांच किया. हालांकि, दुनियाभर में ऐसे और कई शहर हैं जिनकी पहचान उनके लोगों से ही होती है जैसे एम्सटरडैम और न्यूयॉर्क. पर्यटन मंत्री प्रियांक खड़गे ने इस मौके पर बताया कि इस लोगो के लांच करन का मक़सद पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देना है.

सबसे खास बात ये है कि इसे बनाने में करीब एक साल का समय लगा है और इस लोगों को नाम्मुर नाम की स्टार्ट अप कंपनी ने बनाया है. कंपनी से जड़े एक शख्स ने बताया कि इस लोगों को फाइनल करने के लिए पिछले एक साल के दौरान कई लोगों का इंटव्यू करना पड़ा था ताकि एक आकर्षित लोगो बनाया जा सके.  

लेफ्टिनेंट जनरल बी एस सहरावत एनसीसी के महानिदेशक नियुक्त किये गये

लेफ्टिनेंट जनरल बी.एस.सहरावत ने 22 दिसंबर 2017 को राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के महानिदेशक का पदभार संभाल लिया. जनरल ऑफिसर तीसरी पीढ़ी के सेना अधिकारी है.। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खड़कवासला तथा भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून के विद्यार्थी रहे हैं. उन्हें दिसम्बर 1980 में कुमाऊं रेजिमेंट की 13वीं बटालियन (रेजांग ला) में कमीशन किया गया था. लेफ्टिनेंट जनरल बी.एस.सहरावत ने प्रतिष्ठित एनडीसी कोर्स सहित सभी पेशेवर कोर्स लिए हैं. इसके अलावा सहरावत ने उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद से प्रबंधन अध्ययन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से एम.फिल किया है.

उन्होंने देश के विभिन्न भागों तथा विदेशों में अनेक स्टॉफ तथा कमान नियुक्तियों में सेवा दी है. इसमें एक वर्ष के लिए इराक तथा कुवैत में सैन्य पर्यवेक्षक कार्य शामिल है. लेफ्टिनेंट जनरल बी.एस.सहरावत को 2008 में बिहार में कोसी नदी में आई बाढ़ के दौरान सेना पदक प्रदान किया गया.

23 December 2017

टीसीएस-नील्सन के बीच सबसे बड़ी आईटी आउटसोर्सिंग समझौता हुआ

किसी भारतीय आईटी कंपनी ने आउटसोर्सिंग के पैमाने पर अब तक की सबसे बड़ी डील की है. टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) ने टेलिविजन रेटिंग प्रबंधन एजेंसी के साथ 2.25 बिलियन डॉलर (144.1 अरब रुपए) में एक डील की है. इस डील को टीसीएस के नए प्रमुख राजेश गोपीनाथन के कार्यकाल का पहला मील का पत्थर माना जा सकता है. राजेश गोपीनाथन ने फरवरी महीने में ही एन चंद्रशेखरन की जगह ली है. इस डील के अंतर्गत टीसीएस अगले तीन सालों तक यानी कि साल 2020 तक नीलसन के सभी आउटसोर्सिंग से जुड़े कामों को पूरा करेगी. टीसीएस इस डील के जरिए नील्सन तीन साल तक (2017-2020) 320 मिलियन डॉलर का कारोबार उपलब्ध करवाएगी. 2021 से 2024 तक कंपननी के संभावित वार्षिक राजस्व को 186 मिलियन डॉलर और 2025 में 139.5 मिलियन डॉलर के स्तर पर देखा जा रहा है.

जानकारी के लिए आपक बता दें कि इसी साल अक्टूबर महीने में हुई यह डील टीसीएस और नील्सन की पार्टनरशिप का रिन्यूअल भर है. इन कंपनियों के बीच 2008 में 10 साल के लिए डील 1.2 बिलियन डॉलर (76.8 अरब रुपए) में डील हुई थी जिसे 2013 में तीन साल और बढ़ाकर लगभग दोगुना 2.5 बिलियन डॉलर (160.1 अरब रुपये) कर दिया गया. इन दोनों कंपनियों के बीच यह डील 31 दिसंबर, 2025 तक के लिए है. आपको बता दें कि मार्च 2017 तक टीसीएस ने 17.6 बिलियन डॉलर के साथ 6.2 फीसद की राजस्व वृद्धि दर्ज कराई थी. कंपनी को 88 मिलियन डॉलर के इंक्रीमेंटल रेवेन्यू की जरूरत है ताकि वो अपनी ग्रोथ को सुधारकर 50 आधार अंकों तक ले आए.

साहित्य अकादमी द्वारा वर्ष 2017 हेतु पुरस्कारों की घोषणा

साहित्य अकादमी ने 21 दिंसबर 2017 को हिन्दी सहित देश की लगभग 24 भाषाओं के लिए पुरस्कार का चयन किया गया. पुरस्कार चयन के दौरान सात उपन्यास, पांच कविता संग्रह, पांच साहित्यिक आलोचनाओं तथा पांच लघु कथाओं तथा एक नाटक के लिए 2017 के साहित्य अकादमी पुरस्कार का चयन किया गया. हिन्दी साहित्य का अकादमी पुरस्कार रमेश कुतंल मेघ की कृति विमिथसरित्सागर और उर्दू साहित्य का अकादमी पुरस्कार बेग एहसास की दखमा सहित 24 भाषाओं की कृतियों को अकादमी पुरस्कार प्रदान किया जायेगा.

साहित्य अकादमी के सचिव डॉ के श्रीनिवास राव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 24 भाषाओं में साहित्य अकादमी और वार्षिक अनुवाद पुरस्कारों की घोषणा की. राव ने कहा 'सात नॉवेल, पांच कविता, पांच लघु कहानी, पांच साहित्यिक आलोचना और एक खेल और निबंध को पुरस्कृत किया गया है.' अंग्रेजी भाषा में यह पुरस्कार ममंग दई के उपन्यास द ब्लैक हिल, असमिया में जयंत माधव बरा के उपन्यास मरियाहोला, बांग्ला में आफसार आमेद के उपन्यास सेइ निथोंज मानुषटा और तमिल में इंकलाब की कविता कानधल नाटकल को प्रदान किया गया. इसके अलावा बोडो, डोगरी, गुजराती, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, राजस्थानी, संस्कृत, संथाली, सिंधी एवं तेलुगू भाषा में भी यह पुरस्कार प्रदान किया गया. अगले साल 12 फरवरी को विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आतंकवाद को लेकर पाक को दी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तालिबान और अन्य आतंकवादी संगठनों को अपनी धरती पर सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराने को लेकर पाकिस्तान को चेतावनी दी है. अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने अपनी अघोषित अफगानिस्तान यात्रा के दौरान यह बात कही. अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस में अमेरिका सैनिकों से पेंस ने कहा, ‘‘पाकिस्तान लंबे समय से तालिबान और अन्य आतंकवादी समूहों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया करा रहा है, लेकिन अब वह दिन लद गये.’’ बड़ी बख्तरबंद गाडिय़ों और क्रिसमस की सजावट के बीच हैंगर में 500 सैनिकों को संबोधित करते हुए पेंस ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान को चेतावनी दे दी है.’’
उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘जैसा कि राष्ट्रपति ने कहा, मैं वही कह रहा हूं. पाकिस्तान को अमेरिका के साथ साझेदारी से बहुत कुछ मिलना है, जबकि पाकिस्तान अपराधियों और आतंकवादियों के साथ गठजोड़ से बहुत कुछ गंवा सकता है.’’ पेंस ने दोनों पड़ोसियों भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ राज्येतर तत्वों को इस्तेमाल करने की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को लेकर पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि ट्रंप पूरे अमेरिकी सैन्य बल का प्रयोग कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे सशस्त्र बलों के प्रभाव को सीमित करने वाले प्रतिबंधों को हमने हटा दिया है, इसलिए जैसा कि राष्ट्रपति ने कहा, आप लोग दुश्मन के खिलाफ पूरी तरह से अपनी सैन्य शक्ति का प्रयोग कर सकते हैं.’’ उपराष्ट्रपति के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने सैनिकों को आतंकवादियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई करने का अधिकार दे दिया है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि वह आतंकवादी कहां छुपे हैं. पेंस ने कहा कि उनकी यह नई रणनीति अफगानिस्तान में अच्छे परिणाम दे रही है.

संयुक्त राष्ट्र में भारत सहित 100 से अधिक देशों ने यरुशलम पर अमेरिका के फैसले के खिलाफ वोट किया

यरुशलम को इस्राइल की राजधानी बनाने के फैसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संयुक्त राष्ट्र से जोरदार झटका लगा है. भारत सहित 100 से अधिक देशों ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की चेतावनी की अवहेलना कर संयुक्त राष्ट्र के सदस्य राष्ट्र यरुशलम को इस्राइल की राजधानी के रुप में अमेरिका द्वारा मान्यता दिये जाने वाले फैसले के खिलाफ वाले प्रस्ताव पर मतदान किया. बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव के पक्ष में वोट करने वाले देशों को अनुदान में कटौती की धमकी दी थी. संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का कुल 128 देशों ने समर्थन दिया. वहीं 9 देशों ने इस प्रस्ताव के खिलाफ में वोट किया और 35 देशों ने अपने आप को इससे अलग रखा. हालांकि, ट्रम्प की धमकी का कुछ देशों पर प्रभाव पड़ा. यही वजह है कि कुछ देशों ने अपने आप को इससे अलग रखा.

भले ही वैश्विक मंच पर इस मसले को लेकर अमेरिका अलग-थलग पड़ गया, मगर उसके पश्चिमी और अरब देशों के सहयोगी देशों ने उसके पक्ष में मतदान कर अमेरिका को अकेला पड़ने से बचा लिया. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र की 15 सदस्यीय प्रभावशाली संस्था की आपात बैठक में केवल अमेरिकी राजदूत निक्की हैली ने ही यरुशलम पर ट्रंप के फैसले का समर्थन किया था. 193 सदस्यों वाले संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निकी हेली ने महासभा के प्रस्ताव की आलोचना की. हेली ने कहा कि अमेरिका इस दिन को याद रखेगा जब एक संप्रभु देश के तौर पर अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने की वजह से संयुक्त राष्ट्र महासभा में उस पर एकतरफा हमला हुआ.

बता दें कि अमेरिका ने इसी महीने की शुरुआत में अपनी घोषणा में कहा था कि वह यरुशलम को इस्राइल की राजधानी के रूप में मान्यता देंगे और अमेरिकी दूतावास को यरूशलम में स्थांतरित करेंगे. उनकी घोषणा के बाद लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और इसकी आलोचना भी की जा रही है. ट्रंप के यरुशलम को इस्राइल की राजधानी की मान्यता देने से तुर्की के राष्ट्रपति का गुस्सा फूट पड़ा था. खुद को फिलस्तीनी मामलों के समाधान की धुरी मानने वाले एर्दोआन ने तभी से इस धारणा का विरोध करना शुरू कर दिया था जब इस बारे में घोषणा भी नहीं की गई थी. उन्होंने ट्रंप की इस घोषणा को 'मुस्लिमों के लिए खतरे की घंटी' बताया है, क्योंकि पूर्वी फिलस्तीनी क्षेत्र के नागरिक इसे अपने देश की भविष्य की राजधानी के तौर पर देखते हैं.

22 December 2017

भारतीय मूल की श्री सैनी ने जीता मिस इंडिया यूएसए का खिताब

अमेरिका के वाशिंगटन में रहने वाली भारतीय मूल की युवती श्री सैनी ने मिस इंडिया यूएसए 2017 का खिताब जीत लिया है. बता दें कि इस प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर कनेक्टिकट की मेडिकल छात्रा प्राची सिंह और तीसरे स्थान पर नॉर्थ कैरोलिना की फरीना रहीं. इसके अलावा इस प्रतियोगिता में फ्लोरिडा की कैंसर सर्जन कविता मल्होत्रा पट्टानी को मिसेज इंडिया यूएसए 2017 घोषित किया गया है. इस प्रतियोगिता को जीतने के बाद सैनी ने कहा कि वह अपना पूरा जीवन लोगों की सेवा में समर्पित करना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि जब वे 12 साल की थीं तब उन्हें पेसमेकर लगाया गया और उन्हें जीवनभर डांस करने के लिए मना किया गया था. बता दें कि श्री इस प्रतियोगिता को जीतकर सबके लिए एक प्रेरणा बन चुकी हैं.

21 वर्षीय श्री वाशिंगटन यूनिवर्सिटी की छात्रा हैं. उनके माता-पिता पंजाब से आकर अमेरिका में बस गए हैं. बता दें कि श्री को उनके स्कूल के दौरान किसी बात को लेकर खूब डराया और धमकाया भी जाता थ.। अब वे दमनकारी बर्ताव के खिलाफ एक अभियान भी चलाती हैं. श्री ने कहा कि "वह मानव तस्करी को समाप्त करना चाहती हैं और समाज में भावनात्मक बेहतरी के महत्व को बढ़ावा देने की दिशा में काम करना चाहती हैं."

इस प्रतियोगिता के अन्य वर्ग में फ्लोरिडा की कैंसर डॉक्टर कविता मल्होत्रा पट्टानी ने भी मिसेज इंडिया यूएसए 2017 का खिताब जीता. इसमें प्रेरणा दूसरे और ईश्वर्या तीसरे स्थान पर रहीं. इसके अलावा न्यू जर्सी की रहने वाली 17 वर्षीय स्वप्ना मन्नम मिस इंडिया टीन यूएसए बनीं और इसमें सिमरन दूसरे और कृतिका तीसरे स्थान पर रहीं. इस प्रतियोगिता के तीनों वर्गों में अमेरिका के करीब दो दर्जन राज्यों से 50 प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया था.

मध्यप्रदेश सेलिंग अकादमी को मिला बेस्ट सेलिंग क्लब अवार्ड

नौ सेना अध्यक्ष एवं याटिंग एसोशिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एडमिरल सुनील लाम्बा द्वारा दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में मध्य प्रदेश वाटर स्पोर्ट्स अकादमी द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों के लिए अकादमी को ''बेस्ट सेलिंग क्लब'' अवार्ड और खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के लिए के सेलिंग अकादमी की खिलाड़ी हर्षिता तोमर को ''बेस्ट वुमेन सेलर ऑफ द ईयर'' तथा राम मिलन यादव को ''बेस्ट ऑफ अपकमिंग सेलर'' के अवार्ड से नवाजा गया. ''बेस्ट सेलिंग क्लब'' का अवार्ड संचालक खेल और युवा कल्याण श्री उपेन्द्र जैन ने ग्रहण किया. खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वर्ष 2006 में देश के पहले सेलिंग स्कूल की स्थापना भोपाल स्थित बड़ी झील पर हुई. सेलिंग खेल के क्षेत्र में मध्य प्रदेश को मिले तीन अवार्ड से वाटर स्पोर्ट्स अकादमी की उपलब्धियों में एक और इजाफा हुआ है. 

खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित वाटर स्पोर्ट्स अकादमी में खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की बोट पर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है. सेलिंग अकादमी में आप्टीमिस्ट रैडियल सहित ओलम्पिक स्तर की 29मत एवं 49मत बोट खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई गई है। विभाग द्वारा खिलाड़ियों को ट्रेनिंग के लिए दुबई, आबूधाबी, जर्मनी आदि देशों में एक्सपोजर टूर पर भेजा जाता है ताकि उनके खेल कौशल में निखार आए और वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन करें और पदक जीतकर देश-प्रदेश का गौरव बढ़ाएं.

हर्षिता तोमर के राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किए गए शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें बेस्ट वुमेन सेलर के अवार्ड से सम्मानित किया गया है. होशंगाबाद की कु. हर्षिता तोमर सेलिंग अकादमी की उभरती होनहार खिलाड़ी हैं. उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में तीन स्वर्ण और एक कांस्य पदक अर्जित किया। हर्षिता तोमर ने वर्ष 2017 में दुबई में आयोजित सेलिंग चैम्पियनशिप के लेजर 4.7 इवेन्ट में स्वर्ण पदक जीता. उन्होंने चैन्नई में वर्ष 2015 में आयोजित इंडिया इंटरनेशन रिगाटा के आप्टीमिस्ट क्लास बोट में स्वर्ण पदक जीता. इसी तरह वर्ष 2016 चैन्नई में ही आयोजित इंडिया इंटरनेशन रिगाटा के लेसर 4.7 बालिका वर्ग में भी हर्षिता तोमर ने स्वर्ण पदक अर्जित किया. राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हर्षिता तोमर ने 6 स्वर्ण, 4 रजत और एक कांस्य सहित 11 पदक अर्जित किए हैं.

म.प्र. वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के सेलिंग खिलाड़ी राम मिलन यादव को ''बेस्ट अपकमिंग सेलर के अवार्ड से नवाजा गया। है. राम मिलन यादव ने वर्ष 2016 में हैदराबाद में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धा मल्टी सेलिंग चैम्पियनशिप के लैजर 4.7 ओपन केटैगरी में कांस्य पदक अर्जित किया. उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 5 स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य सहित कुल आठ पदक अर्जित किए हैं.

20 December 2017

अमेरिकी नियामकों ने नेट न्यूट्रैलिटी कानून वापस लिया

अमेरिकी नियामकों ने उस नेट न्यूट्रैलिटी कानून को वापस ले लिया है, जिसमें इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के लिए सभी तरह की सामग्री को समान रूप से उपलब्ध कराना अनिवार्य था. वहां के फेडरल कम्युनिकेशन कमीशन ने रिपब्लिकन द्वारा नियुक्त भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक अजित पई के प्रस्ताव को वोटिंग में 3-2 से स्वीकार कर लिया. आलोचकों का कहना है कि यह कदम उपभोक्ताओं के हित के खिलाफ है और केवल बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों की मदद पहुंचाने वाला है. रिपब्लिकन बहुमत वाले आयोग ने 2015 के ओबामा प्रशासन के नेट न्यूट्रैलिटी के नियमों को पलट दिया है, जिसमें यह प्रावधान था कि सभी इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को सभी इंटरनेट सामग्री को समान रूप से उपलब्ध कराना है.

वोटिंग के बाद एफसीसी ने एक बयान में कहा है कि इस फैसले से बहुप्रतीक्षित नियामक फ्रेमवर्क  बहाल हो गया, जिससे  करीब 20 साल तक इंटरनेट तेजी से बढ़ा. इसमें कहा गया है कि विस्तृत कानूनी और आर्थिक विश्लेषण के बाद और सभी पक्षों की प्रतिक्रिया जानने के बाद यह फैसला किया गया है. पुराने फैसले इंटरनेट के पूरे तंत्र पर एक बोझ था. इस फैसले के बाद हम 2015 के पहले की व्यवस्था में लौट रहे हैं. आयोग ने कहा कि यदि कोई सेवा प्रदाता प्रतिस्पर्धा रोधी और गलत गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकेगी.

यह है नेट न्यूट्रैलिटी
1-  इंटरनेट सामग्री बिना भेदभाव के मिले
2- हर सामग्री के लिए एक ही शुल्क
3-अभी अलग-अलग सेवा के लिए अलग-अलग चार्ज

19 December 2017

चमड़ा व फुटवियर क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए कैबिनेट ने दिया 2600 करोड़ रुपये का पैकेज

चमड़ा व फुटवियर क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए सरकार ने विशेष पैकेज का एलान किया है. इसके तहत सरकार ने तीन साल के लिए 2600 करोड़ रुपये के आवंटन का एलान किया है जिससे 3.24 लाख नए रोजगार पैदा होंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में शुक्रवार को यह फैसला हुआ. सरकार के बयान के मुताबिक पैकेज में 2017-18 से लेकर 2019-20 तक के तीन वित्त वषों के दौरान 2600 करोड़ रुपये का व्यय स्वीकृत किया गया है. लेकिन इस व्यय को ‘भारतीय फुटवियर, चमड़ा एवं सहायक सामान विकास कार्यक्रम’ के कार्यान्वयन के साथ जोड़ दिया गया है.

सरकार के इस पैकेज का लाभ चमड़ा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास का मार्ग प्रशस्त करने में होगा. इसके अतिरिक्त चमड़ा क्षेत्र से जुड़ी विशिष्ट पर्यावरणीय चिंताओं को दूर करने में मदद मिलेगी. साथ ही अतिरिक्त निवेश में सहूलियत होगी, रोजगार सृजन होगा और उत्पादन में वृद्धि होगी. ज्यादा कर प्रोत्साहन मिलने से इस क्षेत्र में व्यापक निवेश को आकर्षित किया जा सकेगा और इस क्षेत्र के सीजनल स्वरूप को ध्यान में रखते हुए श्रम कानून में सुधार से उत्पादन में वृद्धि संभव हो पाएगी.

सरकार के मुताबिक विशेष पैकेज में तीन वषों के दौरान 3.24 लाख नये रोजगार सृजित करने की क्षमता है. इससे फुटवियर, चमड़ा एवं सहायक सामान क्षेत्र पर भी असर होगा और दो लाख रोजगारों को औपचारिक स्वरूप प्रदान करने में मदद मिलेगी. पैकेज के अन्य प्रावधानों में आयकर अधिनियम की धारा 80जेजेएए के तहत किसी कर्मचारी के लिए एक वर्ष में न्यूनतम 240 दिनों के रोजगार के प्रावधानों में और ज्यादा ढील देकर फुटवियर, चमड़ा एवं सहायक सामान क्षेत्र के लिए इसे न्यूनतम 150 दिन कर दिया जाएगा. यह कदम इस क्षेत्र के सीजनल स्वरूप को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है.

18 December 2017

18 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस मनाया गया

18 दिसंबर, 2016 को संपूर्ण विश्व में ‘अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस’ (International Migrants Day) मनाया गया. समय के साथ कहीं आने-जाने के लिए दुनिया छोटी हो रही है. इसके साथ ही एक देश के नागरिक दूसरे देशों में बेहतर सुविधाओं और नौकरी के लिए खूब जा रहे हैं. पर कई बार ऐसा होता है कि दूसरे देश में उन्हें वो इज्जत नहीं मिलती, जिसके वे हकदार हैं. बहुत बार उन्हें नस्लवाद का भी सामना करना पड़ता है. इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर सन 1997 में फिलीपींस में एशिया के अन्य देशों से गए प्रवासियों ने 18 दिसंबर को प्रवासियों में एकजुटता दिखाने के लिए एक सम्मेलन किया. इस दिन को इसलिए चुना गया क्योंकि 1990 में यू.एन ने 18 दिसंबर के दिन ही प्रवासियों पर एक चर्चा के लिए सदन में एक बिल पेश किया था.
 
फिलीपींस में हुए सम्मेलन के बाद 4 दिसंबर, 2000 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने विश्व में प्रवासियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए ‘18 दिसंबर’ को प्रतिवर्ष इस दिवस को मनाने की घोषणा की. इस दिन के बहाने यू.एन. दुनिया के देशों को अपने यहां आकर रहने वाले लोगों के हितों का ध्यान रखने के लिए प्ररित करता है.

केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने कोलम्बिया के साथ कृषि और मत्स्य पालन के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी

केन्द्री य मंत्रिमंडल ने 15 दिसम्बर 2017 को कृषि और मत्य्यक् पालन के क्षेत्र में भारत और कोलम्बिया के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्तािक्षर की मंजूरी दी है. यह बैठक प्रधानमंत्री नरेन्द्रष मोदी की अध्यतक्षता में हुई. समझौता ज्ञापन के अंतर्गत विचाराधीन अवधि के दौरान अगले दो वर्षों के लिए कार्य योजना बनाने या उसे अंतिम रूप देने के लिए एक संयुक्ति कार्य दल गठित किया जाएगा. समझौता ज्ञापन शुरू में पांच वर्ष की अवधि के लिए मान्ये होगा और जब तक किसी एक पक्ष द्वारा इसे समाप्तर किए जाने की इच्छा या इरादा व्यक्त न किया जाए तब तक अगले पांच वर्षों की अवधि के लिए यह स्वात: विस्तारित हो जाएगा.

समझौता ज्ञापन कृषि और मत्‍स्‍य पालन के निम्‍नलिखित क्षेत्रों में सहयोग प्रदान करेगा :-
  1. आधुनिक कृषि पद्धतियां/दृष्टिकोण
  2. कृषि संबंधी नये यांत्रिकीकरण
  • कृषि विपणन के सफल मॉडल
  1. बीज उत्‍पादन के लिए कृषि कंपनियों के सहयोग से परियोजनाएं बनाना
  2. बागवानी (सब्जियां, फल और फूल में आधुनिक उत्‍पादन मॉडल और मूल्‍य सृजन प्रक्रियाएं
  3. एसपीएस विशेषज्ञों की सूचना/आपसी दौरे का आदान-प्रदान
  • जटरोफा और कराया
  • तिलहन और ऑयल पाम के अनुसंधान में सहयोग
  1. उद्योग से संबंधित समुद्री मछली पकड़ना, जल कृषि और मत्‍स्‍य पालन के क्षेत्र में अनुसंधान और प्रशिक्षण
  2. जुगाली करने वाले छोटे और बड़े पशु (मवेशी, भेड़, बकरी) और सुअरों की उत्‍पादकता, रोग और निदान तथा
  3. सुअर के मांस का प्रसंस्‍करण और मूल्‍यवर्धन

17 December 2017

राहुल ने संभाली कांग्रेस की कमान

नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में शनिवार को राहुल पार्टी के नए अध्यक्ष बन गए. इस मौके पर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और उनकी मां सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, बहन प्रियंका गांधी और उनके पति रॉबर्ट वाड्रा समेत कांग्रेस के सभी दिग्गज नेता मौजूद थे. राहुल गांधी को सर्टिफिकेट देकर आधिकारिक तौर पर अध्यक्ष घोषित किया गया. इससे पूर्व 11 दिसंबर को राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध चुन लिए गए थे. राहुल गांधी ने 4 दिसंबर को इस पद के चुनाव में नामांकन किया था. राहुल के पक्ष में 86 लोगों ने प्रस्ताव किया था. इस चुनाव में राहुल के अलावा किसी और ने नामांकन नहीं किया था. इसके बाद राहुल का नाम कांग्रेस अध्यक्ष के पद के लिए चुने जाने की घोषणा कर दी गई. राहुल गांधी ने 16 दिसंबर को कांग्रेस अध्यक्ष पद की आधिकारिक तौर पर कमान संभाल ली है. राहुल नेहरू-गांधी परिवार के 6वें सदस्य है जो कांग्रेस की कमान संभालें है. उनसे पहले मोतीलाल नेहरू, पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष बन चुके हैं.

पद संभालने के बाद कार्यकर्ताओं को दिए भाषण में राहुल गांधी ने पहला निशाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर साधा. राहुल ने कहा कि कांग्रेस भारत को 21वीं सदी में लेकर आई और पीएम नरेंद्र मोदी हमें मध्यकाल में ले जा रहे हैं. बीजेपी पर प्रहार करते हुए राहुल ने कहा कि एक बार आग लगने के बाद उसे बुझाना बहुत मुश्किल होता है. बीजेपी ने पूरे देश में आग लगा दी. राहुल ने कहा कि वो आग लगाते हैं, हम आग बुझाते हैं. राहुल ने कहा कि अगर कोई बीजेपी को यह करने से रोक सकता है तो वह हैं कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता. हम कांग्रेस को ग्रैंड ओल्ड पार्टी एंड यंग पार्टी बनाएंगे और गुस्से की राजनीति के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे. राहुल ने कहा कि हम बीजेपी को भाई-बहन ही मानते हैं, लेकिन हम उनसे सहमत नहीं हैं।.बीजेपी आवाज को कुचल देती है, लेकिन हम बोलने का मौका देते हैं. 

राहुल ने 2004 में राजनीति में शुरुआत की और अमेठी से लोकसभा चुनाव जीता. साल 2012 में यूपी चुनाव में नेतृत्व किया, सिर्फ 28 सीटें जीतीं. 2013 में कांग्रेस के उपाध्यक्ष बनाए गए. उसी साल दाग़ियों पर आए अध्यादेश को बेकार बताकर पार्टी को शर्मिंदा कर डाला. 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत की लेकिन 44 पर ही कांग्रेस सिमट गई. साल 2015 में सूट-बूट की सरकार कहकर मोदी सरकार पर निशाना साधा ये बयान काफी चर्चा में रहा. साल 2015 में ही बिहार में महागठबंधन किया और जीत मिली. साल 2017 में 5 में से 4 राज्यों में कांग्रेस हारी, यूपी में सिर्फ़ 7 सीटें मिलीं. 2017 में पंजाब में अकाली-बीजेपी गठबंधन को हराया और वहां कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार बनी.
 
इसी साल अमेरिका की 'बहुचर्चित यात्रा' से लौटकर आए राहुल गांधी में गजब का बदलाव दिखा. उनके भाषण में गजब की धार दिखाई दी. उन्होंने खुले तौर पर स्वीकारा कि 2014 में कांग्रेस इसलिए हारी क्योंकि पार्टी में अहंकार था. इसके बाद तो उन्होंने ताबड़तोड़ बयान दिए और 'गब्बर सिंह टैक्स' और 'मोदी मेड डिज़ास्टर' जैसे चुटीले नारे दिये. कांग्रेस भी पहली बार सोशल मीडिया पर बीजेपी को टक्कर देती दिखाई दी. जुलाई 2017 से ट्वीटर पर 20 लाख फॉलोअर बढ़े. राहुल के सामने अभी गुजरात चुनाव जीतने के अलावा कर्नाटक, मिज़ोरम, मेघालय, पुड्डुचेरी, हिमाचल प्रदेश प्रदेश में सरकार बनाए रखने की भी चुनौती है. राहुल ने कभी सरकार में रहकर काम नहीं किया. कांग्रेस अध्यक्ष बनने से पहले ही उनकी हैसियत कांग्रेस में नंबर दो की रही. हालांकि वह कांग्रेस के नेता हमेशा उन्हें 'सीखने' वाला नेता ही बताते रहे.

केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए सीमाशुल्क बढाया

केंद्र सरकार ने मोबाइल फोन, टीवी, हीटर समेत विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं पर सीमाशुल्क बढ़ा दिया है, ताकि इन वस्तुओं के घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा सके. जिन वस्तुओं पर सीमाशुल्क बढ़ा है उनमें वाटर हीटर के अलावा टेलीविजन, मोबाइल फोन और प्रोजेक्टर शामिल हैं. इसे पीएम मोदी के महत्वकांक्षी ‘मेक इन इंडिया’ योजना को बढ़ावा देने से जोड़ कर देखा जा रहा है. इस के लिए वित्त मंत्रालय ने मोबाइल फोन, टीवी, प्रोजेक्टर, वाटर हीटर और अन्य बिजली के उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है. मंत्रालय के राजस्व विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार वाटर हीटर पर सीमाशुल्क को दुगुना कर 20 फीसदी कर दिया है. हेयर ड्रेसिंग से जुड़े इलेक्ट्रिक उत्पाद पर भी अब इसी दर में सीमाशुल्क देय होगा. मॉनीटर और प्रोजेक्टर पर भी सीमाशुल्क दुगुना होकर 20 फीसदी कर दिया गया है. 

मोबाइल फोन और पुश बटन वाले टेलीफोन पर सीमाशुल्क को शून्य से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया है जबकि टेलीविजन पर यह अब 10 फीसदी के बजाय 15 फीसदी देय होगा. इसके अलावा इलेक्ट्रिक फिलामेंट और डिस्चार्ज लैंप जैसे अन्य उत्पादों पर भी सीमाशुल्क बढ़ाया गया है.

UIDAI ने एयरटेल, एयरटेल पेमेंट बैंक के आधार बेस्ड सिम वेरिफिकेशन पर लगाई रोक

आधार जारी करने वाले प्राधिकार यूआईडीएआई ने भारती एयरटेल व एयरटेल पेमेंट्स बैंक के खिलाफ कड़ी कारवाई करते हुए उनका ई-केवाईसी लाइसेंस अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया है. एयरटेल व एयरटेल पेमेंट्स बैंक अब ई- केवाईसी के जरिए अपने मोबाइल ग्राहकों के सिम कार्ड का आधार कार्ड आधारित सत्यापन नहीं कर सकेंगी. इसी तरह उसे अपने पेमेंट बैंक ग्राहकों के सत्यापन के लिए भी ई-केवाईसी प्र​क्रिया अपनाने से रोक दिया गया है. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकार (यूआईएडीआई) ने यह कार्रवाई भारती एयरटेल पर आधार ई-केवाईसी आधारित सिम सत्यापन प्र​क्रिया के कथित दुरुपयोग के आरोपों के चलते की है. यूआईडीएआई ने एक अंतरिम आदेश में कहा है, 'भारती एयरटेल लिमिटेड तथा एयरटेल पेमेंट्स बैंक की ई-केवाईसी लाइसेंस कुंजी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. इसका मतलब यही है कि एयरटेल कम से कम फिलहाल तो अपने ग्राहकों के सिम कार्ड को उनके आधार से सम्बद्ध करने के लिए यूआईडीएआई की ई- केवाईसी प्रक्रिया का इस्तेमाल नहीं कर पाएगी. इसके साथ ही एयरटेल पेमेंट्स बैंक आधार ई केवाईसी के जरिए नये खाते भी नहीं खोल पाएगा. हालांकि, इसके लिए अन्य उपलब्ध माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकेगा.

आरोप है कि एयरटेल ने अपने अपने ग्राहकों की 'समुचित सहमति लिए बिना ही उनके बैंक खाते खोल दिए जबकि वे तो अपने सिम का आधार आधारित केवाईसी करवाने आते थे. इसके साथ ही यूआईडीएआई ने इन आरोपों पर भी गंभीर आ​पत्ति जताई है कि कंपनी ने इन पेमेंट बैंक खातों को एलपीजी रसोई गैस ​सब्सिडी हासिल करने के लिए भी सम्बद्ध किया जा रहा था. ऐसा कहा जाता है कि एयरटेल पेमेंट्स बैंक के 23 लाख से अधिक ग्राहकों को उनके इन बैंक खातों में 47 करोड़ रुपये मिले जिनके खोले जाने की उन्हें जानकारी तक नहीं थी. यूआईडीएआई के ध्यान में यह मामला लाया गया था कि एयरटेल के रिटेलरों ने कंपनी के उन उपभोक्ताओं के एयरटेल बैंक में भी खाते खोल दिए जो कि अपने सिम का सत्यापन आधार के जरिए करवाने आए थे. इस बारे में ग्राहकों को पता  तक नहीं चला. यही नहीं सम्बद्ध लोगों की एलपीजी सब्सिडी तक ऐसे खातों में आने लगी.

भारत की पहली इलेक्ट्रिक SUV कार Tesla X मुम्बई में हुई रजिस्टर

भारत की पहली इलेक्ट्रिक SUV कार Tesla X शुक्रवार को मुम्बई आरटीओ के टारडियो में रजिस्टर कराया गया. यह इलेक्ट्रिक SUV कार एसार ग्रुप के सीईओ प्रशांत रुइया के नाम पर है. इलेक्ट्रिक कार होने के कारण इसे आरटीओ टैक्स और सेस से छूट दी गई है. वहीं एक करोड़ रुपए से ज्यादा कि इम्पोर्टेड कार होने पर 20 लाख रुपए का टैक्स लगता है. Tesla इलेक्ट्रिक SUV कार मुंबई में रजिस्ट 16वीं इलेक्ट्रिक व्हीकल है. 9 व्हीकल टारडियो आरटीओ में, तीन अंधेरी आरटीओ में,  तीन बोरीवली आरटीओ और एक वडाला आरटीओ में रजिस्टर की गई हैं. फिलहाल साउथ मुबंई में पांच इलेक्ट्रिक बस बेस्ट द्वारा चलाई जा रही है. एनडीए को 2030 तक भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल का संचार करना है. जो ग्रीन हाउस गेस को बढ़ने में रोकने से मदद करेगी.     

यह कार 2.9 सेकेंड में 100 kmph की रफ्तार पकड़ने में सक्षम है. ऊपर की तरफ से खुलनेवाले इसके फॉल्कन डोर्स से कार में घुसने और निकलने में आसानी होगी. इस कार में 7 लोगों के बैठने की व्यवस्था है. इसके बेस वेरिएंट P75D में 75 किलोवाट की बैटरी लगी है. टेस्ला का दावा है कि एक बार फुल चार्ज पर यह गाड़ी 381 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकेगी. कीमत की बात करें तो इसकी कीमत 73,800 से 128,300 डॉलर (लगभग 48 लाख से 83 लाख रुपये) के बीच होती है. लोकिन इसकी कीमत टैक्स के बाद 1 करोड़ से ज्यादा हो जाएगी.

डिजिटल भुगतान को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने 2000 रुपये तक डेबिट कार्ड, भीम, यूपीआई से लेनदेन को निशुल्क किया

डिजिटल भुगतान को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने शुक्रवार को 2000 रुपये तक डेबिट कार्ड, भीम, यूपीआई और आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (एईपीएस) से लेनदेन को निशुल्क कर दिया है. सरकार ने डिजिटल देनदेन को बढ़ावा देने के लिए 2,000 रुपये तक के डिजिटल लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को खत्म कर दिया है. सरकार दो साल तक इसका खर्च उठाएगी. यह सुविधा 1 जनवरी, 2018 से प्रभाव में आएगी. शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट ने इस फैसले पर मुहर लगाई. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि डिजिटल लेनदेन को बढावा देने के लिए सरकार बैंकों और व्यापारियों को MDR का भुगतान करेगी. डेबिट कार्ड, आधार के जरिए भुगतान, यूपीआई (भीम ऐप) से भुगतान करने पर सरकार यह राशि वापस करेगी. हालांकि, इस फैसले से सरकारी खजाने पर 2,512 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा.

सरकार के प्रोस्ताहन से डिजिटल देन में जोरदार तेजी आई है. अप्रैल से सितंबर 2017 में केवल डेबिट कार्ड से 2.18 लाख करोड़ का डिजिटल लेनदेन हुआ है. इस हिसाब से इस वित्त वर्ष के अंत तक यह 4.37 लाख करोड़ हो जाएगा. 2012 से भारतीय रिजर्व बैंक ने 2,000 रुपये के डेबिट कार्ड लेनदेन पर 0.75 फीसदी MDR तय कर रखा है, जबकि 2,000 से ऊपर के लेनदेन पर एक फीसदी MDR है. हाल ही में रिजर्व बैंक ने MDR दरों में बदलाव किया है, जो 1 जनवरी 2018 से लागू होगा. नए नियम के मुताबिक 20 लाख रुपये तक के सालाना कारोबार वाले छोटे कारोबारी के लिए MDR शुल्क 0.40 प्रतिशत होगा और जिसमें प्रति सौदा शुल्क की सीमा 200 रुपये है. 20 लाख से अधिक का कारोबार है तो तो MDR 0.90 प्रतिशत देना होगा. इसमें प्रति लेनदेन 1,000 रुपये शुल्क की सीमा है. 

क्या है MDR : मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह कमिशन होता है जो प्रत्येक कार्ड लेनदेन सेवा के लिए दुकानदार बैंक को देता है. कार्ड ट्रांजैक्शन के लिए पॉइंट ऑफ सेल मशीन (पीओएसस) बैंक के द्वारा लगाई जाती है. इस शुल्क के कारण ही दुकानदार कार्ड से पेमेंट पर हिचकते हैं. MDR को रिजर्व बैंक तय करता है.

जीएसटी परिषद ने ई-वे बिल को मंजूरी दी, एक जून से होगा लागू

जीएसटी प्रणाली की खामियों को दूर करने के लिए जीएसटी काउंसिल ने शनिवार को देशभर में अगले साल 1 जून से ई-वे बिल प्रणाली को लागू करने का फैसला किया है. काउंसिल ने जीएसटी के आईटी नेटवर्क की तैयारियों को देखते हुए यह निर्णय लिया. हालांकि काउंसिल ने कहा है कि ई-वे बिल की व्यवस्था 16 जनवरी 2018 से उपलब्ध होगी और राज्य स्वैच्छिक आधार पर जून से पहले भी इसे अपना सकते हैं. ई-वे बिल व्यवस्था के तहत 50,000 रुपये से अधिक मूल्य का सामान एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजने से पहले उसका ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा. एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में ई-वे बिल प्रणाली को लागू करने पर विचार विमर्श किया गया. विचार विमर्श के दौरान जीएसटी नेटवर्क के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की तैयारियों का जायजा भी लिया गया.

इसमें कहा गया है, 'राष्ट्रीय स्तर पर ई-वे बिल के लागू होने तक राज्यों को यह अधिकार दिया गया है कि वह ई-वे बिल की अपनी अलग व्यवस्था को जारी रख सकते हैं. हालांकि, कुछ राज्यों में ई-वे बिल की अलग व्यवस्था लागू होने पर व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि इससे माल के अंतर राज्यीय परिवहन में परेशानी हो रही है. उन्होंने कहा है कि सरकार को जल्द से जल्द राष्ट्रीय स्तर पर ई-वे बिल की व्यवस्था लानी चाहिए. वित्त मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर ई-वे बिल 16 जनवरी 2018 तक परीक्षण के तौर पर उपलब्ध हो जाएगा. व्यापारी वर्ग और ट्रांसपोर्टर 16 जनवरी से स्वैच्छिक आधार पर इस प्रणाली का इस्तेमाल कर सकेंगे. इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर इसके क्रियान्वयन के बारे में एक फरवरी 2018 से अधिसूचित कर दिए जाएंगे. इससे सभी राज्यों में माल के सुगम आवागमन को लेकर नियमों में एकरूपता आ जाएगी.

ई-वे बिल के तहत 50,000 रुपये से अधिक राशि के सामान को ले जाने से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा. काउंसिल का मानना है कि ई-वे बिल की व्यवस्था के जरिए टैक्स अथॉरिटीज रास्ते में कहीं भी सामान की चेकिंग कर सकेंगी और टैक्स के नियमों का उल्लंघन नहीं हो सकेगा. अक्टूबर महीने में टैक्स वसूली में गिरावट को लेकर टैक्स चोरी को सरकार ने एक बड़ी वजह बताया है. अक्टूबर महीने में जीएसटी के तहत राजस्व प्राप्ति 83,346 करोड़ रुपये रही है जो कि 1 जुलाई को इसके अमल में आने के बाद सबसे कम रही है. सितंबर में राजस्व प्राप्ति 95,131 करोड़ रुपये रही उसके मुकाबले अक्टूबर महीने में यह काफी कम रही. 

16 December 2017

श्रीलंका भूमि-खदान प्रतिबंध संधि पर हस्ताक्षर करने वाला 163वां देश बना

श्रीलंका ने भूमि-खदान प्रतिबंध संधि सम्मेलन की सदस्यता के लिए अपनी सहमति दे दी और इसके साथ ही यह इस सम्मलेन का 163वां सदस्य देश बन गया है. श्रीलंका ने पिछले साल इस संधि सम्मेलन में भाग लेने और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को लैंडमाइन क्लीयरेंस प्रोग्राम पर अपना समर्थन देने का वादा किया था. पाठकों को बता दे की यह श्रीलंका का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है क्योंकि यह ऐसे खानों का इस्तेमाल करने वाला प्रमुख देशों में से एक था. पर इसके बाद से इसने ऐसे खदानों को बंद करने का व्यापक और निरंतर प्रयास शुरू किया था.

श्रीलंका ने कहा कि वे इस कन्वेंशन को लागू करने और बढ़ावा देने के लिए तत्पर हैं, जिसमें क्षमता निर्माण और खदानों को निपटाना शामिल है. जो भी सदस्य देश इस संधि या सम्मेलन का सदस्य बनता है, वे सभी देश इस संधि की सहमति पर हस्ताक्षर करने के 4 सालों के अन्दर, ऐसे खदानों को, जो उनके पास है या उनके क्षेत्र में आता है, नष्ट करने को प्रतिबद्ध होता है.

मोबाइल इंटरनेट स्पीड के मामले में भारत को मिला 109वां स्थान

मोबाइल इंटरनेट स्पीड के मामले में दुनिया में भारत का 109वां और फिक्स ब्रॉडबैंड के मामले में 76वां स्थान है, जबकि इसमें 15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. ऊकला के नवंबर के स्पीडटेस्ट ग्लोबल इंडेक्स से यह जानकारी मिली है. सोमवार को जारी एक बयान में कहा गया, '2017 की शुरुआत में, भारत में औसत मोबाइल डाउनलोड स्पीड 7.65 एमबीपीएस थी, लेकिन साल के अंत तक यह बढ़कर 8.80 फीसदी हो गई, जोकि 15 फीसदी की बढ़ोतरी है.' बयान में कहा गया, 'हालांकि मोबाइल की स्पीड में मामूली वृद्धि हुई है, लेकिन फिक्स्ड ब्रॉडबैंड की स्पीड में प्रभावशाली तरीके से वृद्धि हुई है. जनवरी में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड की औसत स्पीड 12.12 एमबीपीएस थी, जबकि नवंबर में बढ़कर यह 18.82 एमबीपीएस हो गई, जो कि करीब 50 फीसदी की छलांग है.'

नवंबर में दुनिया में सबसे ज्यादा मोबाइल स्पीड नॉर्वे में दर्ज की गई, जो 62.66 एमबीपीएस रही. फिक्स्ड ब्रॉडबैंड में सिंगापुर सबसे आगे रहा, जहां 153.85 एमबीपीएस की औसत डाउनलोड स्पीड दर्ज की गई. ऊकला के सह-संस्थापक और महाप्रबंधक डोग सटेल्स ने कहा, 'भारत में मोबाइल और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड दोनों की स्पीड में तेजी से सुधार हो रहा है. यह सभी भारतीय ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है, चाहे वे किसी भी ऑपरेटर का कोई भी प्लान क्यों न लें. हालांकि भारत को स्पीड के मामले में दुनिया के शीर्ष देशों तक पहुंचने में काफी समय लगेगा.'

मोबाइल इंटरनेट स्पीड के मामले में यह है टॉप 10 की लिस्ट
1. नॉर्वे (62.66Mbps)
2. नीदरलैंड (53.01Mbps)
3.आइसलैंड (52.78Mbps)
4. सिंगापुर (51.50Mbps)
5. माल्टा (50.46Mbps)
6. ऑस्ट्रेलिया (49.43Mbps
7. हंगरी (49.02Mbps)
8. साउथ कोरिया (47.64Mbps)
9. यूनाइटेड अरब अमीरात (46.83Mbps)
10. डेनमार्क (43.31Mbps)

इंटरनेट स्पीड के मामले में ये भी रहे भारत से आगे
31वें स्थान पर चीन (31.22Mbps)
44वें पर अमेरिका (26.32Mbps)
89वें स्थान पर पाकिस्तान (13.08Mbps)
99वें स्थान पर नेपाल (10.97Mbps)
107वें स्थान पर श्रीलंका (9.32Mbps)

एडीबी ने देश की जीडीपी की वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6.7 प्रतिशत किया

एशियाई विकास बैंक एडीबी ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद जीडीपी की वृद्धि दर के अनुमान को 0.3 प्रतिशत घटा दिया है. बैंक ने इस वर्ष जीडीपी वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. एडीबी ने इसके लिए पहली छमाही में सुस्त वृद्धि, नोटबंदी और कर क्षेत्र में सुधारों के कारण उत्पन्न चुनौतियों को जिम्मेदार ठहराया है. बैंक ने अगले वित्त वर्ष के लिए जीडीपी के अनुमान में भी बदलाव किया है।.मार्च 2018 से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के लिए वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है. पहले इसके 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था. एडीबी ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और निजी क्षेत्र में सुस्त निवेश को इसके लिए जिम्मेदार बताया है.

एडीबी ने अपनी रपट एशियाई विकास परिदृश्य में कहा, की 2017-18 की पहली छमाही में वृद्धि दर सुस्त रहने, नोटबंदी का प्रभाव, जीएसटी लागू किए जाने से उत्पन्न चुनौतियों और 2017 में असमान मानसून की वजह से कुछ कृषि जोखिमों के कारण अर्थव्यवस्था के 6.7 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ने का अनुमान है. इससे पहले वृद्धि दर सात प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था.

उल्लेखनीय है कि देश की आर्थिक वृद्धि दर सितंबर में समाप्त हुई दूसरी तिमाही में सुधरकर 6.3 प्रतिशत हो गई थी. पहली तिमाही में वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत थी. एडीबी ने वित्त वर्ष 2017-18 की शेष बची दो तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर में सुधार होने का अनुमान जताया है. बैंक ने कहा कि सरकार की ओर से माल एवं सेवा कर जीएसटी को लेकर आने वाली दिक्कतों को कम करने के उठाए गए कदमों के साथ-साथ बैंक पुनर्पूंजीकरण के कारण जीडीपी में सुधार देखने को मिल सकता है.

स्वास्थ्य खर्च से हर साल 5 करोड़ भारतीय गरीब होते जा रहे है

भारत में गरीबी को लेकर समय - समय पर कई खबरें आती रही हैं लेकिन अब वर्ल्‍ड बैंक की एक ऐसी रिपोर्ट आई है जिसमें दावा किया गया है कि हर साल भारत में 5 करोड़ लोग गरीब हो रहे हैं. इस रिपोर्ट में गरीबी की जो वजह बताई गई है उसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे. दरअसल, वर्ल्‍ड बैंक के इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हेल्‍थ सर्विसेज इतना महंगा है कि इस कारण हर साल 5 करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे जा रहे हैं.  वर्ल्‍ड बैंक और वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्ग्‍नाइजेशन की यह रिपोर्ट हर साल ट्रैकिंग यूनिवर्सल हेल्‍थ कवरेज : 2017 ग्‍लोबल मॉनेटरिंग रिपोर्ट के नाम से जारी होती है. 

इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत समेत दुनिया की आधी आबादी जरुरी स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं लेने में अक्षम है. रिपोर्ट में कहा गया है कि स्‍वास्‍थय सर्विसेज पर खर्चे के कारण हर साल 10 करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे जा रहे हैं. उनमें से अकेले भारत में 5 करोड़ लोग हैं.

15 December 2017

भारत और मोरक्को ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया

भारत और मोरक्को ने गुरुवार को स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़े सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है. इस समझौते के दौरान केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा और डॉ अब्देलकेदार अमारा, स्वास्थ्य मंत्रालय, मोरक्को के राज्य मंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और मोरोक्को के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी रही. समझौता ज्ञापन के अंतर्गत सहयोग के मुख्य क्षेत्रों में गैर-संचारी रोग शामिल हैं, जिनमें बाल हृदय रोग और कैंसर शामिल हैं; ड्रग विनियमन और दवा गुणवत्ता नियंत्रण; संचारी रोग; मातृ, बच्चे और नवजात स्वास्थ्य; स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पतालों के प्रशासन और प्रबंधन में अच्छी प्रथाओं और प्रशिक्षण के आदान-प्रदान के लिए अस्पताल से जुड़ने तक का समझौता शामिल है.

इसके साथ ही केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग नौवहन और जल संसाधन मंत्री, नितिन गडकरी और मोरक्को के उपकरण, परिवहन, रसद और पानी मंत्री अब्दुल काडर अमारा ने दिल्ली में भारत-मोरक्को द्विपक्षीय सहकारी बैठक में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए और दोनों देश के बीच आपसी सौहार्द की बात रखी.

श्रीलंका ने हंबनटोटा बंदरगाह 99 साल के लिए चीन को सौंपा

श्रीलंका ने रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण हंबनटोटा बंदरगाह को शनिवार को औपचारिक तौर पर चीन को 99 साल के पट्टे पर दिया है. अधिकारियों ने बताया कि चाइना मर्चेंट्स पोर्ट होल्डिंग्स कंपनी द्वारा प्रबंधित हंबनटोटा इंटरनेशनल पोर्ट ग्रुप और हंबनटोटा इंटरनेशनल पोर्ट सर्विसेज तथा श्रीलंका पोर्ट्स् अथॉरिटी इस बंदरगाह तथा इसके आसपास के निवेश क्षेत्र को नियंत्रित करेंगे.

श्रीलंका के तत्कालीन रक्षा मंत्री रवि करुणनायके ने पिछले साल कहा था कि श्रीलंका पर चीन का आठ अरब डॉलर कर्ज है. मौजूदा प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने संसद में बंदरगाह का स्वामित्व हस्तांतरण समारोह में कहा, ‘‘इस करार के साथ हमने कर्ज लौटाना शुरू कर दिया है. हंबनटोटा हिंद महासागर में महत्वपूर्ण बंदरगाह के तौर पर उभरेगा.’’ विपक्ष ने इस करार को देश की संपत्ति बेचना करार दिया है.

दुनिया की प्रसिद्ध ऑनलाइन डिक्शनरी मीरियम-वेबस्टर ने साल 2017 के सर्वाधिक चर्चित शब्दों की सूची जारी की

दुनिया की प्रसिद्ध ऑनलाइन डिक्शनरी मीरियम-वेबस्टर ने इस साल के सर्वाधिक चर्चित शब्दों की सूची जारी की है, जिन्हें लोगों ने सबसे ज्यादा सर्च किया. इसमें फेमिनिज्म यानी नारीवाद शब्द सबसे आगे रहा. डोटर्ड, गैफे व कॉम्पलिसिट जैसे शब्द भी इस सूची में शामिल रहे. खास बात यह है कि अधिकतर शब्द अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के शासन या खुद उनके संदर्भ में इस्तेमाल किए गए. इस साल दुनियाभर में इस शब्द का बोलबाला रहा. जनवरी में महिला अधिकारों की मांग व अन्य गंभीर मुद्दों पर वाशिंगटन में आयोजित हुई महिलाओं की परेड के बाद इंटरनेट पर इस शब्द को खोजे जाने का ग्राफ बढ़ा. दिसंबर माह तक दुनिया में कई जगह महिलाओं ने अपने अधिकारों के लिए ऐसे ही आयोजन किए. इसके बाद यह चर्चा का विषय बना कि फेमिनिज्म यानी नारीवाद की परिभाषा क्या है. नवंबर में दुनियाभर की महिलाओं ने शोषण के खिलाफ सोशल मीडिया पर मीटू के साथ आवाज बुलंद की, जिसके बाद यह शब्द फिर चर्चा में आया. यह महिला व पुरुष दोनों को राजनीतिक, आर्थिक व सामाजिक समानता देने का सिद्धांत है. महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित गतिविधियों को भी इस नाम से जाना जाता है. 

मरियम बेवस्टर शब्दकोश के 2017 के सर्वाधिक लोकप्रिय शब्दों में ‘फेमिनिज्म’ के अलावा भी नौ अन्य शब्दों को जगह मिली। इनमें नौ शब्दों में कॉम्प्लिसिट, रिक्यूज, एंपैथी, डॉटर्ड, सिजिगि, गायरो, फेडरलिज्म, हरिकेन और गफी शामिल हैं. पिछले साल ‘सरील’ मरियम बेवस्टर शब्दकोश में साल का सबसे लोकप्रिय शब्द बना था. मरियम वेबस्टर एक अमेरिकन कंपनी है, जो अपनी डिक्शनरी के लिए मशहूर है. 1928 में जॉर्ज और चार्ल्स मरियम ने इसकी स्‍थापना की थी. पिछले साल मरियम वेबस्टर का सबसे लोकप्रिय शब्द ‘सर्रियल’ था.

होटल और रेस्टोरेंट बोतलबंद पानी जैसी पैकेज्ड प्रोडक्ट्स एमआरपी से ज्यादा कीमत में बेच सकते हैं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि होटल और रेस्टोरेंट बोतलबंद पानी जैसी पैकेज्ड प्रोडक्ट्स को उनकी एमआरपी से ज्यादा कीमत में बेच सकते हैं. उन्हें इन प्रोडक्ट्स को तय कीमत पर बेचने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता. कोर्ट के मुताबिक, होटल और रेस्टोरेंट सर्विस देते हैं और उन्हें लीगल मिट्रॉलजी ऐक्ट के तहत नहीं चलाया जा सकता. जस्टिस आर.एफ. नारीमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह फैसला देते हुए कहा कि होटल और रेस्तरां में बिक्री और सेवा के संयुक्त तत्व होते हैं, यहां ग्राहकों को सुखद एवं आरामदायक वातावरण दिया जाता है जिसमें काफी निवेश किया जाता है. फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन्स ऑफ इंडिया की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार का रुख दरकिनार ही कर दिया.

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की थी कि अगर वो पानी की मनमानी कीमत वसूलते भी हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती. केंद्र सरकार ने 2009 में संशोधित एक्ट की दुहाई देते हुए कोर्ट में कहा था कि तय खुदरा मूल्य से ज्यादा कीमत वसूलने पर होटल या रेस्तरां मालिक या मैनेजमेंट पर आर्थिक जुर्माना और कैद का प्रावधान है. दूसरी बार पकड़े जाने पर जुर्माना 50 हजार रुपये तक हो सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि होटल और रेस्तरां फूड और ड्रिंक्स सर्व करते हैं, वे सर्विस देते हैं और यह कंपोजिट बिलिंग के साथ मिला-जुला ट्रांजैक्शन है और इन इकाइयों पर एमआरपी रेट के लिए दबाव नहीं डाला जा सकता.

अमेरिकी वैज्ञानिकों ने राम सेतु को मानव निर्मित होने का दावा किया

अमेरिकी भू-वैज्ञानिकों के अनुसंधान के मुताबिक रामेश्वरम के पम्बन द्वीप से श्रीलंका के मन्नार द्वीप के बीच 50 किलोमीटर लंबी श्रृंखला मानव निर्मित है. राम सेतु को एडम्स ब्रिज भी कहा जाता है. इंस चैनल पर चल रहे इस प्रोमो को 24 घंटे के अंदर 11 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं. साइंस चैनल के ट्रेलर के मुताबिक इंडियाना यूनिवर्सिटी नॉर्थवेस्ट, यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर और सदर्न ऑरेगान यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने रिसर्च में पाया है कि राम सेतु मानव निर्मित है. प्रोमो में एक वक्ता को यह कहते हुए सुना जा सकता है - सैंड बार प्राकृतिक हो सकते हैं लेकिन उनके ऊपर रखे पत्थरों को कहीं दूर से लाकर किसी ने रखा है. ये चट्टानें 7000 साल पुरानी हैं, जबकि सैंड बार केवल 4000 साल पुराने. इस समय को ही रामायण काल माना जाता है. ये अजीब है कि बालू के ऊपर रखी चट्टानें बालू से ज्यादा पुरानी हैं, जिसकी वजह से इस रिसर्च में ट्विस्ट आ गया है.

श्रीलंका के मन्नार द्वीप से भारत के रामेश्वरम तक चट्टानों की जिस चेन को रामसेतु कहा जाता है, इसे एडम्स ब्रिज (आदम का पुल) नाम से भी जाना जाता है. यह श्रृंखला मन्नार की खाड़ी और पाक जलडमरूमध्य को अलग करती है. समुद्र में इन चट्टानों की गहराई सिर्फ 3 फुट से लेकर 30 फुट के बीच है. कहा जाता है कि 15वीं शताब्दी में इस ढांचे के जरिये रामेश्वरम से मन्नार तक जाया जा सकता था. लेकिन, तूफानों ने समुद्र को कुछ और गहरा किया और 1480 में यह चक्रवात के चलते टूट गया. नासा का कहना है कि इमेज हमारे हैं लेकिन यह विश्लेषण हमने नहीं दिया. रिमोट इमेज से नहीं कहा जा सकता कि यह मानवनिर्मित पुल है. वहीं नासा ने कहा कि वैज्ञानिकों की ली तस्वीरें यह साबित नहीं करतीं कि रामायण में वर्णित भगवान राम द्वारा निर्मित रामसेतु का अस्तित्व रहा है.

14 December 2017

गुरबीर सिंह ग्रेवाल न्यू जर्सी के पहले सिख-अमेरिकी अटर्नी जनरल नामित किए गए

अमेरिका के न्यू जर्सी प्रांत में प्रमुख सिख-अमेरिकी वकील गुरबीर सिंह ग्रेवाल को अगले अटर्नी जनरल के तौर पर नामित किया गया है. ग्रेवाल सरकारी वकील हैं जो पहले न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी में बतौर सहायक अमेरिकी अटर्नी सेवा दे चुके हैं. न्यू जर्सी के निर्वाचित गवर्नर फिल मर्फी ने मंगलवार को ग्रेवाल को अटर्नी जनरल के लिए नामित किया गया था. इस नामांकन के साथ ग्रेवाल पहले ऐसे सिख-अमेरिकी होंगे जो राज्य में अटर्नी जनरल की कमान संभालेंगे.

ग्रेवाल ने कहा कि उन्होंने उस देश को वापस लौटाने के लिए सेवा देने का फैसला किया है जिसने उन्हें और दूसरे प्रवासी परिवारों को बहुत कुछ दिया है. उन्होंने कहा, 'शायद मैं लोगों को यह भी दिखाना चाहता था कि मैं और मेरे जैसे दूसरे लोग भले ही अलग दिखते हों या अलग तरह से पूजा-पाठ करते हों, लेकिन हम सब इस देश की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं.' ग्रेवाल को अटर्नी जनरल नामित किए जाने के फैसले का साउथ एशियन बार असोसिएशन (SABA) ने स्वागत किया है.

कांगो में भूख से मर सकते हैं चार लाख बच्चे: यूनिसेफ

संयुक्त राष्ट्र ने चेताया कि डेमाक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में चार लाख से ज्यादा बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित हैं. अगर आपात हस्तक्षेप नहीं किया गया तो कुछ ही महीनों के अंदर उनकी मौत हो सकती है. संयुक्त राष्ट्र के बाल कोष यूनिसेफ ने कहा कि इस संकट ग्रस्त मध्य अफ्रीकी देश में यह समस्या कसई के विशाल क्षेत्र में फैल रही है. यूनिसेफ ने कहा कि 18 महीने से चली आ रही हिंसा, बड़े पैमाने पर विस्थापन और कृषि उत्पादन में आ रही गिरावट का बच्चों पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. संगठन ने कहा, ‘‘कम से कम 400,000 बच्चे पांच साल से कम उम्र के हैं. वे गंभीर कुपोषण से जूझ रहे हैं और यदि उनके जीवन की रक्षा के लिए आपातकालीन उपाय नहीं किए गए तो 2018 में उनकी मृत्यु हो सकती है.

हालांकि इस क्षेत्र के कुछ हिस्सों में सुरक्षा स्थिति स्थिर हो गई है और कुछ विस्थापित आबादी ने अपने घरों और समुदायों में लौटना शुरू कर दिया हैं, मानवीय स्थितियां महत्वपूर्ण बने रहेंगी. पूरे क्षेत्र में 750,000 से अधिक बच्चे तीव्र रूप से कुपोषित हैं, जबकि कसई क्षेत्र में 25 स्वास्थ्य पोषण संबंधी क्षेत्र संकट की स्थिति में हैं. कसई के लोकतांत्रिक गणराज्य में यूनिसेफ के एक्टिंग रिप्रजेंटेटिव डॉ ताजुदेन ओयवेले ने कहा, "यह पोषण संबधी संकट और कसाई क्षेत्र में खाद्य असुरक्षा, हजारों परिवार जो बहुत कठोर परिस्थितियों में महीनों तक रह रहे हैं अब वापस लौट रहे हैं. जहां सुरक्षा की स्थिति में सुधार हुआ है और स्वास्थ्य सेवाओं को फिर से काम करना शुरू कर दिया गया है."

प्रियंका चोपड़ा मडर टेरेसा अवार्ड से सम्मानित

बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक सफलता के झंडे गाड़ चुकी एक्ट्रैस प्रियंका चोपड़ा फिल्मी क्षेत्र के अलावा सामाजिक कार्यों में भी अव्वल रहती है. 'देसी गर्ल' प्रियंका यूनिसेफ (UNICEF) की ग्लोबल गुडविल एंबेसडर भी है और पिछले 12 सालों से जुड़ी हुई है. यूनिसेफ की सद्भावना दूत के रूप में विस्थापितों और शरणार्थियों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने का बीड़ा उठाने वाली प्रियंका चोपड़ा को मदर टेरेसा मेमोरियल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है.

बता दें प्रियंका को इस सम्मान के लिए हार्मनी फाउंडेशन द्वारा आमंत्रित किया गया था. उनकी मां मधु चोपड़ा ने उनकी तरफ से यह सम्मान लिया. मधु ने अपने बयान में कहा, "मैं उसकी (प्रियंका) तरफ से विनम्रता के साथ यह अवार्ड स्वीकार करती हूं. मुझे ऐसी संतान की मां होने पर गर्व है जो करुणामयी और दयालु है, वह इस बात की मिसाल है कि जितान ज्यादा आप देते हैं, उतना ही ज्यादा आप पाते हैं."

13 December 2017

ममता कालिया वर्ष 2017 के व्यास सम्मान हेतु चयनित की गयी

हिंदी की वरिष्ठ महिला साहित्यकार ममता कालिया वर्ष 2017 के लिए व्यास सम्मान हेतु चुनी गयी. उन्हें यह पुरस्कार के के बिरला फाउंडेशन की ओर से हिंदी उपन्यास की रचना हेतु दिया जायेगा. पाठकों को बता दे की ममता कालिया के उपन्यास ‘दुक्खम सुक्खम’ के लिए उन्हें व्यास सम्मान हेतु चयनित किया गया है. यह उपन्यास वर्ष 2009 में प्रकाशित हुआ था. व्यास सम्मान में उन्हें सम्मान के साथ साढे तीन लाख रुपये की धनराशि भी दी जायेगी. यह सम्मान किसी भारतीय नागरिक की दस वर्ष की अवधि में हिंदी में प्रकाशित रचनाओं के लिये दिया जाता है.
 
हिंदी साहित्य की वरिष्ठ लेखिका ममता कालिया का जन्म 2 नवंबर 1940 को मथुरा में हुआ था. वे हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लिखती हैं. दिल्ली विविद्यालय से अंग्रेजी भाषा से स्नातकोत्तर करने के बाद ममता मुंबई के एसएनडीटी विश्वविद्यालय में परास्नातक विभाग में व्याख्याता बन गईं. ममता वर्ष 1973 में इलाहाबाद के एक डिग्री कॉलेज में प्राचार्य नियुक्त हुईं और वहीं से वर्ष 2001 में अवकाश ग्रहण किया. उनके द्वारा लिखी गयी प्रसिद्ध रचनाओं में नरक-दर-नरक, सपनों की होम डिलीवरी, कल्चर कल्चर, जांच अभी जारी है, निर्मोही, बोलने वाली औरत, सुक्खम-दुक्खम आदि विशेष रूप से शामिल हैं.