मासिक करेंट अफेयर्स

31 December 2017

देश की पहली बहुप्रतीक्षित पॉड टैक्सी सर्विस जल्द ही दौड़ेगी


देश की पहली बहुप्रतीक्षित पॉड टैक्सी सर्विस जल्द ही हकीकत बनने जा रही है. एक उच्चस्तरीय समिति ने इसके लिए नए सिरे से बोलियां मंगाने की सिफारिश की है. भारत में पॉड टैक्सी के लिए अमेरिकी निकाय के नियमों की तर्ज पर कड़े सुरक्षा उपाय किए जाएंगे. पॉड टैक्सी योजना को पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (पीआरटी) के नाम से भी जाना जाता है. 4,000 करोड़ रुपये की यह परियोजना सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की महत्वाकांक्षी परियोजना है. इस बारे में गडकरी ने कहा, 'बाधाएं दूर हो गई हैं, हम जल्द पॉड टैक्सी परियोजना के लिए निविदा जारी करेंगे. समिति की सिफारिशों के अनुरुप सुरक्षा चिंताओं को दूर किया जाएगा.'

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को इस योजना को दिल्ली गुड़गांव कॉरिडोर (12.30 किलोमीटर) में शुरू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. यह प्रॉजेक्ट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) आधार पर लागू की जाएगी. परिवहन विशेषज्ञ एसके धर्माधिकारी की अगुवाई वाली समिति ने इसके लिए नए सिरे से ईओआई जारी करने को कहा है. इसमें आटोमेटेड पीपल मूवर्स मानकों और खूबियों के अलावा नीति आयोग की सिफारिशों से सामान्य सुरक्षा मानकों को शामिल किया जाएगा. इस पांच सदस्यीय समिति का गठन पीआरटी के तकनीकी और सुरक्षा मानकों के लिए किया गया है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना में नीति आयोग द्वारा कुछ आपत्तियों की वजह से विलंब हुआ है.

आयोग ने राजमार्ग मंत्रालय से कहा है कि वह शुरुआती बोली लगाने वाली कंपनियों से एक किलोमीटर का पायलट मार्ग तैयार करने को कहे, क्योंकि इसके बारे में सभी प्रौद्योगिकियों की अभी तक परख नहीं हुई है. इसके बाद देरी उच्चस्तरीय समिति के गठन की वजह से हुई. इस समिति को सुरक्षा और अन्य चीजों को तय करना है. यह धौला कुआं- मानेसर मार्ग पर भीड़भाड़ को कम करने के लिए एक प्रमुख कदम होगा और इससे परिवहन में क्रांति आएगी. पीआरटी एक आधुनिक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली है, जिसमें ट्रैक्सी की तरह की फीडर और शटल सेवाएं देने के लिए आटोमेटेड इलेक्ट्रिक पॉड कार का इस्तेमाल किया जाता है. यह सेवा यात्रियों के छोटे समूह के लिए होगी. समिति ने परीक्षण के खंड में प्रदर्शन के आधार पर आकलन की जरुरत भी बताई है.

सुमिता मिश्रा प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद में संयुक्त सचिव नियुक्त

केन्द्र सरकार ने वरिष्ठ नौकरशाह सुमिता मिश्रा को प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद पीएमईएसी में संयुक्त सचिव नियुक्त किया है. कार्मिक मंत्रालय के आदेश के अनुसार हरियाणा कैडर की 1990 बैच की आईएएस अधिकारी सुमिता को पांच साल के लिये इस पद पर नियुक्त किया गया है. प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद का गठन सितंबर में किया गया था. इसके अलावा पांच आईएएस अधिकारियों समेत 10 अधिकारियों को विभिन्न केंद्रीय विभागों में संयुक्त सचिव बनाया गया है.

नागालैंड कैडर के 1993 बैच के आईएएस अधिकारी अमरदीप सिंह भाटिया को कारपोरेट कार्य मंत्रालय के अधीन आने वाले गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय में निदेशक बनाया गया है. वह फिलहाल मंत्रालय में संयुक्त सचिव हैं. आईएएस अधिकारी मुखमीत सिंह भाटिया आर्थिक मामलों के विभाग के अंतर्गत आने वाले 15वें विा आयोग में संयुक्त सचिव होंगे. उनका कार्यकाल पांच साल के लिये होगा. भारतीय आयुध निर्माणी सेवा के 1987 बैच के अधिकारी अमित मेहता उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में संयुक्त सचिव होंगे. 

आईएएस अधिकारी आशीष उपाध्याय को कोयला मंत्रालय में संयुक्त सचिव बनाया गया है. संजय उप्रेती सीमा सुरक्षा बल में विाीय सलाहकार, निकुंज के सुंदर रे पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में संयुक्त सचिव तथा गोपाल कृष्ण गुप्ता नवीन एवं नवीकरणीय र्जा मंत्रालय में संयुक्त सचिव होंगे. भारतीय रेलवे इलेक्ट्रिकल इंजीनियर सेवा के 1986 बैच के अधिकारी सुधीर गर्ग को सूक्ष्म, लघु एवं मझाोले उद्यम मंत्रालय में संयुक्त सचिव बनाया गया है.

जयराम ठाकुर हिमाचल प्रदेश के 13वें मुख्यमंत्री बने

हिमाचल प्रदेश के ऐतिहासिक रिज मैदान में 27 दिसंबर को आयोजित भव्य समारोह में जयराम ठाकुर ने राज्य के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. ठाकुर के साथ 11 अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली. जयराम ठाकुर मंडी जिले के पहले ऐसे नेता हैं जो सीएम बने हैं. वह मंडी के सेराज सीट से विधायक हैं. खचाखच भरे रिज मैदान में मुख्यमंत्री के अलावा महेंद्र सिंह ठाकुर, किशन कपूर, सुरेश भारद्वाज, अनिल शर्मा, सरवीन चौधरी, रामलाल मार्कंड, विपिन सिंह परमार, वीरेंद्र कंवर, विक्रम सिंह, गोविंद सिंह देव और राजीव सहजल ने पद और गोपनीयता की शपथ ली. सरवीन चौधरी हिमाचल प्रदेश की एकमात्र महिला मंत्री हैं. सुरेश भारद्वाज और गोविंद सिंह देव ने संस्कृत में शपथग्रहण किया. बता दें, हिमाचल प्रदेश में चुनावी उठापटक के बाद जयराम ठाकुर विजेता बनकर उभरे. ठाकुर हिमाचल के दूसरे सबसे बड़े जिले मंडी से हैं और करीब 54 साल बाद यहां से कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री बना है.

बता दें कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इस बार विधानसभा की 68 सीटों में से 44 सीटें जीती हैं लेकिन पार्टी के सीएम प्रत्याशी प्रेम कुमार धूमल के अपनी सीट से चुनाव हारने के बाद सीएम पद के खींचतान शुरू हो गई थी. इसके लिए बीजेपी के पर्यवेक्षक भी हिमाचल गए थे और स्थानीय नेताओं से राय जानने के बाद जयराम ठाकुर के नाम पर मुहर लगी. जयराम ठाकुर मंडी जिले के सिराज विधानसभा सीट से पांच बार विधायक हैं लेकिन उनके सीएम बनने की यात्रा बेहद कठिनाइयों और परिश्रम भरी रही है. जयराम ठाकुर का जन्म 6 जनवरी 1965 को मंडी के सिराज क्षेत्र स्थित थुनाग के पास टांडी गांव में हुआ था. इनके माता-पिता खेतिहर मजदूर थे. अपनी प्रारम्भिक पढ़ाई गांव में ही पूरी करने के बाद उन्होंने पास के ही एक गांव के स्कूल से दसवीं पास किया. कॉलेज में एडमिशन लेने से पहले उन्हें दो साल खाली बैठना पड़ा. बाद में वह आरएसएस के स्टूडेंट विंग एबीवीपी से जुड़ गए.

धूमल सरकार में 2007-2012 तक जयराम ठाकुर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री भी रह चुके हैं. ठाकुर इस बार मंडी के सिराज से विधानसभा के लिए चुने गए हैं. वह मंडी के छत्रप माने जाते हैं. उनके कद का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस बार उन्होंने मंडी जिले से बीजेपी को 9 सीटें जिताकर दीं. ठाकुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से भी जुड़े रहे हैं और इस कारण भी उनका पलड़ा दूसरों पर भारी रहा. वह छात्र जीवन में विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे. उसके बाद वह भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) में रहे. जयराम ठाकुर के राजनीतिक सफर की बात करें तो उन्होंने अपना पहला चुनाव 1998 में जीता था. इसके अलावा वह 2009 से 2013 के बीच बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. इस दौरान उनके नेतृत्व में ही बीजेपी ने प्रदेश के विधानसभा चुनाव में पहली बार पूर्ण बहुमत हासिल किया था. ठाकुर की गिनती तेजतर्रार नेताओं में होती है.

30 December 2017

भारत दुनिया में सबसे ज्यादा मोबाइल डेटा इस्तेमाल करने वाला देश बना

भारत दुनिया में सबसे ज्यादा मोबाइल डेटा इस्तेमाल करने वाला देश बन गया है. नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि हम 150 करोड़ गीगाबाइट मोबाइल डेटा हर महीने इस्तेमाल करने के साथ दुनिया में नंबर 1 उपभोक्ता बन गए हैं. भारत में आश्चर्यजनक रूप से मोबाइल डाटा की खपत बढ़ने और दुनिया में अव्वल आने में सबसे अहम योगदान जियो का है. जब से रिलायंस ने अपनी 4जी मोबाइल सर्विस जियो लॉन्च की है देश का मोबाइल सर्विस बाजार बदल गया. जियो की एंट्री से पहले मोबाइल डाटा इस्तेमाल के मामले में भारत का दुनिया में 155 नंबर था. देश में मोबाइल डेटा इस्तेमाल की खपत बढ़ने में सबसे बड़ा योगदान 'जियो' का रहा. जियो ने एक साल के अंदर पूरी टेलीकॉम इंडस्ट्री को बदल कर रख दिया. जियो किस तरह से सफल रहा इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसके आते ही एक साल के अंदर देश में मोबाइल डाटा इस्तेमाल 20 करोड़ गीगाबाइट प्रतिमाह से बढ़कर 150 करोड़ गीगाबाइट प्रतिमाह हो गया. ये आंकड़ा पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा है.

भारत के सबसे ज्यादा मोबाइल डेटा इस्तेमाल करने वाला देश बनने पर नीती आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा प्रतिमाह 150 करोड़ गीगाबाइट मोबाइल डेटा इस्तेमाल करके, भारत मोबाइल डेटा इस्तेमाल करने के मामले में दुनिया का नंबर एक देश बन गया है. उन्होंने बताया कि मोबाइल डेटा इस्तेमाल करने के मामले में भारत अमेरिका और चीन से कहीं आगे निकल गया है. चौंकाने वाली बात ये है कि भारत में जितना मोबाइल डेटा इस्तेमाल हो रहा उतना अमेरिका और चीन मिलकर भी इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं. भारत में हर महीने 150 करोड़ गीगाबाइट मोबाइल डेटा इस्तेमाल में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि इसमें से 100 करोड़ से ज्यादा का जीबी डेटा का इस्तेमाल अकेले जियो के ग्राहक कर रहे हैं. इतना ही जियो की एंट्री के बाद डेटा टैरिफ की कीमत पर भी बड़ा असर देखने को मिला है. जियो के आने के बाद देश में 4जी स्मार्टफोन की संख्या में भी तेजी से इजाफा हुआ है.

पूर्व फुटबॉलर जॉर्ज वैह लाइबेरिया के राष्ट्रपति निर्वाचित

पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी जॉर्ज विया लाइबेरिया के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं. मंगलवार को हुए चुनाव के सभी वोटों की गिनती के बाद विया अपने प्रतिद्वंद्वी जोसेफ बोआकाई से 60 फीसदी से ज्यादा मतों से आगे रहे. विया, एलेन जॉनसन सरलीफ की जगह लेंगे. परिणाम की घोषणा होने के बाद विया कहा, "मेरे साथी लाइबेरिया के नागरिकों, मैं समूचे देश की भावना को गहराई से महसूस कर रहा हूं." उन्होंने कहा, "आज मुझे जो जिम्मेदारी मिली है, मैं उसका महत्व समझता हूं.' 

विया अफ्रीका के एकमात्र ऐसे फुटबॉलर हैं जो फीफा वर्ल्ड प्लेयर ऑफ द ईयर और प्रतिष्ठित बैलन डीऑर पुरस्कार के विजेता हैं. साल 2002 में फुटबॉल से संन्यास लेने के बाद विया ने राजनीति में प्रवेश किया. फिलहाल वह लाइबेरियाई संसद में सीनेटर हैं. सरलीफ ने बर्बर गृह युद्ध के खत्म होने के बाद 2005 के राष्ट्रपति चुनाव में विया को मात दी थी और एक साल बाद पद ग्रहण किया था. उनकी इस उपलब्धि के बाद उनके पुराने फुटबॉल क्लब ने भी उन्हें बधाई दी. 


आपको बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है कि कोई खिलाड़ी राजनीति में आया हो और इस तरह सफल हुआ हो. भारत में भी कई खिलाड़ी राजनीति में प्रवेश कर ऊंचाईयों तक पहुंच चुके हैं. मौजूदा दौर में पूर्व ओलंपियन राज्यवर्धन सिंह राठौड़ केंद्र सरकार में मंत्री हैं. इसके अलावा पूर्व में भारतीय टीम के कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन भी सांसद रह चुके हैं. सचिन तेंदुलकर अभी भी राज्यसभा सांसद हैं.

ब्रह्मांड के रहस्यों का पता लगाने के लिए नासा ने नया टेलीस्कोप तैयार किया

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने ब्रह्मांड के रहस्यों का पता लगाने के लिए अगली पीढ़ी का स्पेस टेलीस्कोप तैयार की है. वाइड फील्ड इंफ्रारेड सर्वे दूरबीन (डब्ल्यूएफआइआरएसटी) हबल टेलीस्कोप से 100 गुना बड़ी और साफ तस्वीरें उतार सकने में सक्षम है. 300 मेगा पिक्सल वाइड फील्ड इस्ट्रूमेंट वाले इस दूरबीन को 2020 के मध्य तक लांच किया जाएगा. प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डेविड स्पर्गल ने कहा, 'हबल टेलीस्कोप से ली गई कोई तस्वीर दीवार पर टंगे पोस्टर के आकार की होती है जबकि डब्ल्यूएफआइआरएसटी में कैद की गई तस्वीर पूरे दीवार को ढक लेगी.' 

डब्ल्यूएफआइआरएसटी से ली गई तस्वीरों से ब्रह्मांड के रहस्यों के साथ यह भी पता चल पाएगा कि इसका विस्तार किस कारण हो रहा है. बह्माांड के विस्तार की गति बढ़ने के दो कारण बताए जाते हैं. पहला इसके 68 प्रतिशत भाग में फैला डार्क मैटर और दूसरा आइंस्टीन के 'सामान्य सापेक्षता का सिद्धांत. नए टेलीस्कोप से जुटाई गई जानकारियों से यह गुत्थी सुलझ सकती है. इसकी मदद से आकाशगंगा और अंतरिक्ष के संबंध में भी नई जानकारियां मिलेंगी.

डब्ल्यूएफआइआरएसटी प्रोजेक्ट के वैज्ञानिक जेफरी क्रूक ने कहा, 'ब्रह्माांड के शुरुआती दिनों की तस्वीरों का अध्ययन कर ही पता लगाया जा सकता है कि किस तरह गैस तारे, ग्रह और धूमकेतू में बदल गए. नया टेलीस्कोप इसमें हमारी काफी मदद कर सकता है.'

जियो आरकॉम के वायरलेस इंफ्रास्ट्रक्चर का अधिग्रहण करेगी

मुकेश अंबानी नीत रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की दूरसंचार इकाई रिलायंस जियो ने अनिल अंबानी की दूरसंचार कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) की वायरलेस इंफ्रास्ट्रक्चर परिसंपत्ति का अधिग्रहण करने के लिए गुरुवार को पक्का समझौता करने की घोषणा की है. दोनों कंपनियों ने यहां जारी अलग-अलग बयान में यह घोषणा की है. आरकॉम ने कहा कि जनवरी से मार्च के दौरान यह सौदा पूरा हो जायेगा. इसके तहत जिन परिसंपत्तियों का सौदा किया गया है उनमें 800, 900, 1800 और 2100 मेगाहर्ट्ज बैंड में 122.4 मेगाहर्ट्ज 4जी स्पेक्ट्रम, 43 हजार टेलीकॉम टॉवर, एक लाख 78 हजार आरकेएम फाइबर और 248 मीडिया कंवर्जेंस नोड शामिल हैं. 

उन्होंने कहा कि जियो के साथ सौदा नकद भुगतान और दूरसंचार विभाग को स्पेक्ट्रम की किस्तों का भुगतान हस्तांतरित करने के जरिये पूरा किया जाएगा.
इससे मिलने वाली राशि से कंपनी अपना कर्ज कम करेगी.  जियो की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि अधिग्रहण की जाने वाली परिसंपत्तियां उसे किसी प्रकार के कर्ज या रेहन से मुक्त मिलेंगी. चार श्रेणी की परिसंपत्तियों का अधिग्रहण किया जाएगा. इनमें टावर, आॅप्टिक फाइबर केबल नेटवर्क, स्पेक्ट्रम और मीडिया कंवर्जेंस नोड शामिल हैं. ये परिसंपतियां रणनीतिक महत्व रखती हैं. इनसे जियो को वायरलेस और फाइबर सेवाएं शुरू करने में मदद मिलेगी. 

रेल मंत्रालय ने रेलवे स्टेशनों का पुनर्वर्गीकरण किया

रेल मंत्रालय ने एक बड़े नीतिगत निर्णय में देश के सभी रेलवे स्टेशनों के वर्गीकरण में व्यावहारिक आधार पर बदलाव किए हैं और स्टेशनों पर संरक्षा कार्यों को मंजूरी देने के लिये असीमित अधिकार दे दिये हैं तथा वे निचली श्रेणी के स्टेशनों पर भी यात्री सुविधाओं के कार्यों के बारे में फैसला ले सकेंगे. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने आमदनी, स्टेशन से आने जाने वाले यात्रियों की संख्या एवं रणनीतिक महत्व के आधार पर उनके पुनर्वर्गीकरण करने के निर्देश दिए थे ताकि स्टेशनों पर यात्री सेवाएं एवं सुविधाएं बढ़ाने की योजना सही प्रकार से बनाई जा सके.

पहले स्टेशनों पर ए-1, ए, बी, सी, डी, ई एवं एफ इन सात श्रेणियों में बांटा गया था. अब स्टेशनों को उपनगरीय, गैरउपनगरीय और हाल्ट इन वर्गों में बांटा गया और फिर गैरउपनगरीय (एनएसजी) स्टेशनों को एक से लेकर छह, उपनगरीय (एसजी) स्टेशनों को एक से लेकर तीन और हाल्ट (एचजी) स्टेशनों को भी एक से लेकर तीन की श्रेणियों में विभाजित किया गया है. इस प्रकार से रेलवे स्टेशन अब 12 श्रेणियों में विभाजित किए गये हैं. नये वर्गीकरण के कारण बहुत से स्टेशनों जैसे पनवेल, कल्याण, तांबरम आदि को ऊंची श्रेणी मिल गयी है. 

पांच सौ करोड़ से अधिक आमदनी एवं दो करोड़ से अधिक यात्रियों की आवाजाही वाले स्टेशनों को एनएसजी-1 स्टेशन माना जाएगा जबकि सौ से पांच सौ करोड़ रुपए के बीच आय अौर एक से दो करोड़ यात्रियों की आवाजाही वाले स्टेशनों को एनएसजी-2 श्रेणी में रखा जाएगा. उपनगरीय श्रेणी में 25 करोड़ से अधिक अामदनी एवं तीन करोड़ यात्रियों की आवाजाही वाले स्टेशनों को एसजी-1 वर्ग में रखा गया है जबकि हाल्ट श्रेणी में 50 लाख रुपए से अधिक आय एवं पांच लाख यात्रियों की आवाजाही वाले स्टेशनों को एचजी-1 श्रेणी में रखा गया है. एनएसजी में कुल 5976, एसजी में 484 और 2153 स्टेशन हैं. इस प्रकार कुल 8613 स्टेशनों को वर्गीकृत किया गया है.

लोकसभा में तीन तलाक बिधेयक पारित

एक साथ तीन तलाक पर रोक लगाने वाले विधेयक को लोकसभा ने पारित कर दिया है. मुस्लिम महिला (विवाह अधिकारों का संरक्षण) विधेयक को लोकसभा में गुरुवार शाम को वोटिंग कराई गई और अधिकतर सदस्यों ने इसके पक्ष में मतदान किया. तीन तलाक को अपराध करार देने वाले इस विधेयक को सुबह कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पेश किया था, जिस पर दिन भर चली बहस के बाद वोटिंग हुई. इस विधेयक में संशोधन को लेकर विपक्ष के कई प्रस्ताव खारिज हो गए. एमआईएम के सांसद असद्दुदीन ओवैसी का प्रस्ताव 2 वोटों के मुकाबले 241 मतों के भारी अंतर से खारिज कर दिया गया, जबकि 4 सदस्यों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया.

ओवैसी के अलावा बीजेडी के भर्तुहरी माहताब, कांग्रेस की सुष्मिता देव और सीपीआईएम के ए संपथ ने फभी संशोधन प्रस्ताव पेश किया था. ये सारे संशोधन प्रस्ताव बहुमत से खारिज कर दिए गए. लोकसभा में पारित होने के बाद यह विधेयक अब राज्यसभा में मंजूरी के लिए जाएगा. उच्च सदन से मंजूरी मिलने के बाद इस विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह विधेयक देश में कानून के तौर पर लागू हो जाएगा.
यह विधेयक सिर्फ तलाक-ए-बिद्दत यानी एक साथ तीन तलाक पर ही लागू होगा. यह विधेयक एक साथ तीन तलाक की पीड़ित महिलाओं को मजिस्ट्रेट के पास जाने की ताकत देता है और अपनी एवं बच्चों की सुरक्षा एवं जरूरतों की मांग करने का हक देता है. इसके अलावा पीड़िता मजिस्ट्रेट से अपने नाबालिग बच्चे की कस्टडी भी मांग सकती है. इस विधेयक के मुताबिक किसी भी तरह से दिया गया एक साथ तीन तलाक, मौखिक, लिखित, ईमेल, मेसेज या वॉट्सऐप, अवैध और अमान्य होगा. इस विधेयक में एक साथ तीन तलाक का दोषी पाए जाने पर पुरुष को तीन साल की कैद की सजा का प्रावधान है.

29 December 2017

लोकसभा में जीएसटी संशोधन विधेयक पारित

लोकसभा ने माल और सेवा कर (राज्यों को प्रतिकर) संशोधन विधेयक 2017 को मंजूरी दे दी जिसमें लक्जरी मोटर वाहनों की प्रविष्टि संबंधी अधिकतम दर में 10 प्रतिशत की वृद्धि करने का प्रस्ताव किया गया है. इस पर प्रतिकर उपकर को संशोधित किया जा सकेगा. यह विधेयक इस संबंध में जारी माल और सेवा कर (राज्यों को प्रतिकर) संशोधन अध्यादेश 2017 का स्थान लेगा. सरकार ने यह फैसला GST के रोलआउट होने के बाद राज्यों के राजस्व में हो रहे घाटे की क्षतिपूर्ति करने के लिए लिया है.

विधेयक पर हंगामे के दौरान ही चर्चा हुई और इसे पारित किया गया. सदन में विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेतली ने कहा कि जीएसटी के अमल में आने के बाद ही हर बार जब जीएसटी परिषद की बैठक हुई, उसमें प्रक्रिया और दर को व्यवहारिक बनाने पर चर्चा हुई. जैसे जैसे कर वसूली बढ़ती है, वैसे वैसे इसे व्यावहारिक बनाने की दर भी आगे बढ़ती है. वित्त मंत्री ने कहा कि जहां तक इस विधेयक का सवाल है, इसका सीमित मकसद है. राज्यों को राजस्व के नुकसान की क्षतिपूर्ति की गारंटी है और ऐसे में प्रतिकर उपकर से जो राशि आएगी, उसके माध्यम से उन्हें राशि मिलेगी. इसके साथ ही इसमें कुछ शीर्ष के तहत आने वाले मोटर यानों से संबंधित प्रविष्टि में अधिकतम दर में 10 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है. यह राज्यों के हित में है.


विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि माल और सेवा कर परिषद ने 5 अगस्त 2017 को हुई अपनी 20वीं बैठक में शीर्ष 8702 और शीर्ष 8703 के तहत आने वाले मोटर यानों से संबंधित प्रविष्टि में अधिकतम दर में 10 प्रतिशत की वृद्धि करने की सिफारिश की जिस पर प्रतिकर उपकर संग्रहित किया जा सकेगा. अर्थात इसे 15 प्रतिशत से 25 प्रतिशत करने की बात कही गई है. इसमें कहा है कि उक्त प्रविष्टियों के लिए अधिकतम दरों को माल एवं सेवा कर परिषद की अगली बैठक से पहले माल एवं सेवा कर (राज्यों को प्रतिकर) अधिनियम 2017 को लागू करके तुरंत बढ़ाया जाना आवश्यक था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसे मोटर यानों के लिए प्रतिकर उपकर हेतु अधिकतम दर में राहत उपलब्ध हों

भारत ने सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण किया

भारत ने स्वदेशी रूप से विकसित एडवांस्ड एयर डिफेंस एएडी सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का ओडिशा के एक परीक्षण केन्द्र से गुरुवार को सफल परीक्षण किया गया. यह मिसाइल बेहद कम ऊंचाई से आने वाली किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल को बीच में ही मार गिराने में सक्षम है. इस वर्ष किया गया यह तीसरा सुपरसोनिक इंटरसेप्टर परीक्षण है. इसमें सामने से आ रही बैलिस्टिक मिसाइल को धरती के वातावरण के 30 किलोमीटर की ऊंचाई के दायरे में सफलतापूर्वक निशाना बनाकर उसे नष्ट किया गया है. परीक्षण के बाद रक्षा सूत्रों ने कहा, यह एक सीधा निशाना था और यह बड़ी सफलता है.

इससे पहले 11 फरवरी और एक मार्च 2017 को दो परीक्षण किए जा चुके हैं. ये बहुस्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली का हिस्सा हैं. चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र आईटीआर के प्रक्षेपण परिसर तीन से टारगेट मिसाइल- पृथ्वी मिसाइल दागी गई. ट्रैकिंग राडारों पर सिग्नल मिलने के बाद बंगाल की खाड़ी में अब्दुल कलाम द्वीप पर तैनात इंटरसेप्टर एएडी मिसाइल गर्जना करते हुए बीच हवा में दुश्मन मिसाइल को नष्ट करने के लिए आगे बढ़ी और सफलतापूर्वक निशाना लगाया. 

7.5 मीटर लंबी एकल चरण ठोस रॉकेट प्रणोदन निर्देशित यह मिसाइल हाई-टेक कंप्यूटर और इलेक्ट्रो-मेकैनिकल एक्टीवेटर वाली दिशा निर्देशन प्रणाली से लैस है. इस अत्याधुनिक मिसाइल का अपना खुद का मोबाइल लांचर है. यह दुश्मन मिसाइल को निशाना बनाने के लिए सुरक्षित डेटा लिंक, आधुनिक राडार और अन्य तकनीकी एवं प्रौद्योगिकी विशिष्टताओं से युक्त है.

सरकारी जमीन को कब्रिस्तान के रूप में इस्तेमाल का अधिकार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि किसी के पास भी खाली जमीन और खासकर सरकारी भूखंड के कब्रिस्तान के रूप में इस्तेमाल का अधिकार नहीं है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने एक जनहित याचिका पर यह व्यवस्था दी. इसमें सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट के एक आदेश को चुनौती दी गयी है, जिसमें पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में एक सरकारी भूखंड के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाये गए हैं. मजिस्ट्रेट ने उत्तम नगर के एक एनजीओ को नोटिस जारी कर उससे सवाल किया है कि उसने सरकारी भूखंड पर कब्जा कैसे कर लिया और उसका इस्तेमाल कब्रिस्तान के रूप में कैसे कर रहा है. 

न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता एनजीओ कब्रिस्तान इंतजामिया एसोसिएशन ने एक विधायक के बयान पर सरकारी भूमि का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया और ‘उस भूमि से संबंधित कानूनी अधिकार के बारे में कुछ भी नहीं कहा गया है.’ पीठ ने कहा कि सभी विषयों पर विचार के बाद वह इस नतीजे पर पहुंची है कि सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट, द्वारका के एक अगस्त, 2017 के फैसले में ‘कुछ भी गैर-कानूनी नहीं है.’ मजिस्ट्रेट अदालत के फैसले के खिलाफ दायर एनजीओ की याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा, ‘किसी भी व्यक्ति को खाली जमीन और खासकर सरकारी भूखंड के कब्रिस्तान के रूप में अंधाधुंध इस्तेमाल का कोई अधिकार नहीं है.’

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आंध्रप्रदेश फाइबर ग्रिड परियोजना का शुभारंभ किया

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को आंध्रप्रदेश फाइबर ग्रिड परियोजना का उद्घाटन किया, जिसके तहत प्रत्येक घर को 149 रुपए प्रतिमाह की दर से इंटरनेट, टेलीविजन और टेलीफोन सेवाएं मुहैया कराई जाएगी. राष्ट्रपति ने इस परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किया, जिसके तहत कम से कम 149 रुपए की दर से तीन सेवाएं मुहैया कराई जाएंगी, जिसमें 5 जीबी डेटा 15 एमबीपीएस की गति से, 250 टेलीविजन चैनल और रेंटल-मुक्त टेलीफोन कनेक्शन शामिल हैं. आंध्र प्रदेश स्टेट फाइबरनेट लि. (एपीएसएफएल) इस परियोजना को लागू कर रही है. वहीं दो अन्य- 399 रुपए और 599 रुपए प्रतिमाह प्लान भी घरेलू ग्राहकों के लिए है. वहीं, संस्थाओं के लिए 999 रुपए में 50 जीबी डेटा 100 एमबीपीएस की गति से तथा 2,499 रुपए में 250 जीबी डेटा का प्लान उपलब्ध है.

इस परियोजना की शुरुआत में एक लाख घरों को हाई-स्पीड इंटरनेट ग्रिड कनेक्शन दिया जाएगा. साथ ही कृष्णा और गुंटूर जिले के शत प्रतिशत घरों को यह कनेक्शन दिया जाएगा. अगले साल अप्रैल तक सरकार का लक्ष्य फाइबर ग्रिड के तहत 30 लाख घरों को जोड़ने का है.
यह परियोजना साल 2019 तक पूरी होगी और इसके दायरे में एक करोड़ से ज्यादा घरों, 50 हजार से ज्यादा स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों, सभी सरकारी कार्यालयों, 5,000 से ज्यादा सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों और सभी पंचायत कार्यालयों को लाया जाएगा. यह फाइबर ग्रिड वीडियो कांफ्रेंसिंग और मूवी ऑन डिमांड जैसी सेवाएं भी प्रदान करेगी. इस ग्रिड में जिला नियंत्रण कक्ष, सभी सार्वजनिक सीसीटीवी, आंध्र प्रदेश स्टेट वाइस एरिया नेटवर्क को समाहित किया जाएगा.

भारत - अफगानिस्तान के मध्य दूसरा हवाई आर्थिक गलियारा आरंभ हुआ

भारत और अफगानिस्तान के मध्य व्यापारिक रिश्तों को मजबूत बनाने हेतु दूसरा हवाई आर्थिक गलियारा 27 दिसंबर 2017 को आरंभ किया गया. यह हवाई आर्थिक गलियारा काबुल से मुम्बई के बीच आरंभ किया गया है. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई के बीच शुरू किये गये इस आर्थिक गलियारे से दोनों देशों के बीच वित्तीय संबंध मजबूत होंगे. बता दे की दिल्ली और काबुल के बीच भी ऐसा ही हवाई आर्थिक गलियारा स्थापित किया जा चुका है.

भारत-अफगानिस्तान हवाई गलियारे से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा. अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण दूसरे देशों से तटस्थ अफगानिस्तान को भारत के बाजारों तक पहुंच मिलेगी. इससे अफगानिस्तान के किसानों को खराब होने वाली वस्तुओं की भारतीय बाजारों तक जल्द और सीधी पहुंच से लाभ मिलेगा. इस संबंध में सितंबर 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी के बीच बैठक में निर्णय लिया गया था. यह गलियारा पाकिस्तान को बाईपास करते हुए बनाया गया है।

28 December 2017

चीन-पाक इकॉनोमिक कॉरिडोर (CPEC) में अफगानिस्तान भी शामिल हुआ

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री सलाहुद्दीन रब्बानी द्वारा 26 दिसंबर 2017 को चीन का दौरा किया गया. इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि अफगानिस्तान भी चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) में शामिल होगा. अफगानिस्तान बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट में सक्रिय रूप से शामिल होने और चीन से सहयोग बढ़ाने हेतु तैयार है. रब्बानी ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ से मुलाकात की. गौरतलब है कि बीजिंग ने पहले ही इस परियोजना में अन्य देशों को भी साझीदार बनने हेतु प्रस्ताव दिया था.

चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर एक वृहद वाणिज्यिक परियोजना है, जिसका उद्देश्य दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान से चीन के उत्तर-पश्चिमी स्वायत्त क्षेत्र शिंजियांग तक ग्वादर बंदरगाह, रेलवे और हाइवे के माध्यम से तेल और गैस की कम समय में वितरण करना है. यह आर्थिक गलियारा चीन-पाक संबंधों में केंद्रीय महत्व रखता है, गलियारा ग्वादर से काशगर तक लगभग 2442 किलोमीटर लंबा है. 18 दिसम्बर 2017 को चीन और पाकिस्तान ने मिलकर इस आर्थिक गलियारे की योजना को मंजूरी दी. इस योजना के तहत चीन और पाकिस्तान वर्ष 2030 तक आर्थिक साझेदार रहेंगे. भारत इस गलियारे को गैर-कानूनी मानता है, क्योंकि यह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से भी होकर गुजरता है.

उत्तर प्रदेश और दक्षिण कोरिया के मध्य कौशल विकास हेतु समझौता हुआ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं दक्षिण कोरिया के मंत्रिमंडल के मध्य हाल ही में एक पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता किया गया है. पर्यटन एवं व्यापार के साथ-साथ दोनो पक्षों के मध्य संस्कृति, कृषि और कौशल विकास के क्षेत्र में समझौता किया गया है. इस समझौते के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश के अयोध्या में कोरिया की राजकुमारी सूरी रत्ना का स्मारक भी बनवाया जायेगा. जो दोनों देशों के मध्य सांस्कृतिक रूप से बेहतर होगा. कोरिया एक मात्र ऐसा देश है जिसका करीबी संबंध राम नगरी अयोध्या से रहा है.

कोरिया के लोग अयोध्या को अपना ननिहाल मानते हैं और प्रत्येक वर्ष किम वंश के लोग अयोध्या आते हैं. पौराणिक तौर पर माना जाता है कि कोरिया की रानी का मायका आयोध्या था. यही कारण है कि कोरिया के लोग अयोध्या से खास लगाव रखते हैं. प्रधानमंत्री कुछ समय पहले जब दक्षिण कोरिया गये थे तो उन्होंने वहां कोरिया और भारत के सांस्कृतिक रिश्तों को और मजबूत बनाने की बात कही थी जिसका अनुसरण करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने दक्षिण कोरिया की सरकार के साथ कई समझौते किये हैं. इन समझौतों में कृषि, कौशल एवं उद्योग प्रमुखता से हैं.

मशहूर अभिनेता ‘पार्थ मुखोपाध्याय’ का निधन

बंगाली फिल्मों के मशहूर अभिनेता पार्थ मुखोपाध्याय का 25 दिसम्बर 2017 को एक निजी अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. वे 70 वर्ष के थे. वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. बंगाली सिनेमा में पार्थ मुखोपाध्याय का योगदान अमूल्य है. अभिनेता होने के साथ-साथ पार्थ मुखोपाध्याय एक बेहतरीन गायक भी थे. पार्थ मुखोपाध्याय का जन्म 21 जून 1947 को हुआ था. पार्थ मुखोपाध्याय ने बतौर बाल कलाकार फिल्मों में शुरुआत की थी और बाद में उन्होंने चरित्र अभिनेता के रूप में ख्याति अर्जित की.

निर्देशक चित्त बासु ने वर्ष 1956 में उन्हें अपनी फिल्म ‘मां’ में पहला ब्रेक दिया. उन्होंने इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और बंगाली फिल्मों में उनकी सफलता का दौर जारी रहा. फिल्म ‘अतिथि’ को विश्व प्रसिद्ध वेनिस फिल्म समारोह में शामिल किया गया, लेकिन कुछ मतों से वे उत्कृष्ट अभिनेता का पुरस्कार पाने से चूक गये. उनकी लोकप्रिय फिल्में बालिका वधू, धुनीमिये, अग्निश्वर, अमर आमार पृथ्वी और बाग बंदी खेला रही. उन्होंने छोटे परदे पर भी अनेक धारावाहिकों में काम किया. उन्होंने वर्ष 1970 और वर्ष 1980 के दशक में एक चरित्र अभिनेता के रूप में अपनी छाप छोड़ी थी. उन्होंने कई फिल्मों में यादगार रोल किए थे.

भारत की 1500 स्कूलों में बनेंगे अटल टिंकरिंग लैब्स

नीति आयोग द्वारा आरंभ किये गये अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) के तहत अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) की स्थापना के लिए 1500 स्कूलों का चयन किया गया है. इतने स्कूलों का चयन करने से ‘भावी अन्वेषकों के रूप में भारत में एक मिलियन बच्चों की प्रतिभा संवारने’से जुड़े मिशन के सपने को साकार करने में काफी मदद‍ मिलेगी. अटल टिंकरिंग लैब से जुड़ी इस घोषणा के साथ ही एआईएम के तहत एटीएल की स्थापना के लिए देश भर में अब तक 2441 स्कूलों का चयन किया गया है. इस दिशा में औपचारिक प्रयास एक साल से भी अधिक समय पहले शुरू किए गए थे. 

अटल टिंकरिंग लैब छठी कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए अपने अभिनव विचारों को साकार रूप देने का कार्य स्थल है. इन कार्य स्थलों पर कुछ ऐसा नया करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़ा होता है. अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों जैसे 3डी प्रिंटर, रोबोटिक्स, संवेदी प्रौद्योगिकी किट, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिक्स से युक्त ये कार्य स्थल विद्यार्थियों को उभरती प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल कर स्थानीय सामुदायिक समस्याओं को गहराई से समझने एवं सुलझाने में समर्थ करते हैं. विद्यार्थियों को ‘खुद से करो’ की अवधारणा का उपयोग कर अपने अभिनव विचारों को मूर्त रूप देने और भारत की सामाजिक, सामुदायिक अथवा आर्थिक समस्याओं का अभिनव समाधान वि‍कसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.

भारत 2018 में दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगा

ब्रिटेन में स्थित एक संस्था ने कहा कि भारत 2018 तक विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगा. संस्था ने कहा कि भारत, यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस को पीछे छोड़कर 2018 तक यह मुकाम हासिल कर लेगा. सेंटर फॉर इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस रिसर्च के 2018 वर्ल्ड इकॉनिक लीग टेबल ने यह भी कहा कि अगले 15 सालों में एशियाई अर्थव्यवस्थाएं शीर्ष दस सबसे बड़े अर्थव्यवस्थाओं की सूची पर हावी होंगी. नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद से भारत की अर्थव्यवस्था में गिरावट देखने को मिली लेकिन कुछ ही महीनों बाद भारतीय अर्थव्यवस्था के जीडीपी के आंकड़े में रफ्तार पकड़ती हुई दिख रही है. हाल ही में दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद में 6.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

कंसल्टेंसी के कार्यकारी उप-निदेशक डगलस मैकविलियम ने कहा, "अस्थायी असफलताओं के बावजूद, भारत की अर्थव्यवस्था में फ्रांस और ब्रिटेन के साथ आ गई है, और 2018 में भारत, दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर दोनों से आगे निकल जाएगी." मैकविलियम ने कहा है कि भारत का विकास गतिशीलता और माल और सेवा कर के कार्यान्वयन के कारण धीमा था. रिपोर्ट में कहा गया है, सस्ती ऊर्जा और प्रौद्योगिकी की कीमतें 2018 में वैश्विक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देंगी.

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन 2032 तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अमेरिका से भी आगे निकल सकती है. परामर्शदाता ने कहा कि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उम्मीद से कम गंभीर होने के कारण, अमेरिका पिछले साल की तुलना में इस वर्ष धीमी गति से चल रहा है. कंसल्टेंसी ने यह भी कहा कि ब्रिटेन अगले दो वर्षों में फ्रांस से पीछे होगा, जबकि 2020 में फ्रांस फिर से आगे निकल जाएगा, क्योंकि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पर ब्रेक्सिट के प्रभाव के डर कम होंगे. दूसरी तरफ, रूस 2032 तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में 17 वें स्थान पर आ जाएगा. रिपोर्ट में कहा गया कि यह कम तेल की कीमतों और देश के ऊर्जा क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता के कारण है.

यूपी सरकार ने ‘प्रकाश है तो विकास है’ योजना की शुरूआत की

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 दिसंबर 2017 को राज्य में निर्धन परिवारों को निःशुल्क बिजली कनेक्शन प्रदान करने हेतु एक नई योजना का शुभारंभ किया है. इस योजना का नाम है प्रकाश है तो विकास है. यह योजना देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी के जन्मदिवस के अवसर पर शुरू की गई है. इस योजना का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के बिजली मंत्री श्रीकांत शर्मा ने प्रकाश है तो विकास है योजना मथुरा के दौ गांवों लोहबान एवं गौसाणा से आरंभ की. सरकार की तरफ से इन दोनों गांवो का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण कर दिया गया है.

केन्द्र सरकार ने वर्ष 2018 में देश भर के लगभग 1.6 करोड़ लोगों को बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जबकि केन्द्र सरकार ने सौभाग्य योजना हर घर बिजली के तहत लगभग 4 करोड़ लोगों को बिजली पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. केन्द्र सरकार के इस योजना अन्तर्गत अब तक लगभग 25 लाख परिवारों को बिजली पहुँच गयी है.

27 December 2017

केंद्र सरकार ने गंगा के गंगा ग्राम योजना का शुभारम्भ किया

केंद्र सरकार ने गंगा के तट पर स्थित गांवों का संपूर्ण स्वच्छता विकास करने के लिए 23 दिसंबर, 2017 को गंगा ग्राम योजना का शुभारम्भ किया. इसका उद्देश्य गंगा के तट पर स्थित गांवों का संपूर्ण स्वच्छता विकास करना है. अगस्त माह में, केंद्र ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के गंगा के तट पर स्थित सभी 4,470 गांवों को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया था. इन गांवों में से केंद्र और राज्य सरकारों ने 24 गांवों की पहचान की है जिन्हें ‘गंगा ग्राम’ बनाने के लिए पायलट परियोजना के तहत लिया जाएगा. गंगा ग्राम योजना के अंतर्गत प्रशासन ने शहर और गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने का निर्णय लिया है. जिसके तहत शहर के मुख्य मार्गों के आसपास बसे गांवों और गंगा किनारे बसे गांवों में शौचालय का निर्माण किया जाएगा. शौचालय निर्माण के लिए ओडीएफ प्लस यानी खुले में शौच मुक्त मानकों के तहत चयन प्रकिया को अंजाम दिया जा रहा है.

योजना के अन्तर्गत ऐसे गांवों को चयनित किया जा रहा है, जहां पर्यटक अधिक पहुंचते हैं. जिससे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ गांव को भी विकसित किया जा सके. जिसके लिए प्रशासन इन दिनों चयन प्रकिया की रिर्पोट तैयार करने में लगा हुआ है, रिर्पोट पूरी होने के बाद उसे शासन को भेज दी जाएगा. इन गांवों में से केंद्र और राज्य सरकारों ने 24 गांवों की पहचान की है जिन्हें ‘गंगा ग्राम’ बनाने के लिए पायलट परियोजना के तहत लिया जाएगा।.

भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2018 में 7 फीसदी संभव : एसोचैम

भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर नोटबंदी और जीएसटी के सुस्त प्रभावों से उबरते हुए 2018 में सात फीसदी जा सकती है।.उद्योग चैंबर एसोचैम ने रविवार को इस बात की जानकारी दी. औद्योगिक संस्था द्वारा आगामी वर्ष के लिए जारी ‘परिदृश्य’ के मुताबिक, लोकसभा चुनाव से पहले सरकारी नीतियां तनावग्रस्त ग्रामीण परिदृश्य की ओर झुकने के साथ ही भारतीय अर्थव्यवस्था 2018 में नोटबंदी और जीएसटी को लागू करने से पड़े सुस्त प्रभाव से हुई बाधा के बाद सात फीसदी की दर पर पहुंच जाएगी. परिदृश्य में कहा गया है, “2017-2018 की दूसरी छमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 6.3 फीसदी वृद्धि के बावजूद 2018 की सितंबर तिमाही के अंत तक आर्थिक वृद्धि सात फीसदी की महत्वपूर्ण दर को छू लेगी. जबकि अगले साल मानसून के हल्के रहने के साथ दूसरी छमाही तक मंहगाई दर 4.5 से पांच फीसदी के बीच बनी रहेगी.”

एसोचैम के अध्यक्ष संदीप जाजोदिया ने कहा कि यह अनुमान सरकारी नीतियों, अच्छे मानसून, औद्योगिक गतिविधियों में तेजी और क्रेडिट वृद्धि के साथ-साथ विदेशी मुद्रा दरों में स्थिरता के आधार पर लगाया गया है. उन्होंने कहा, “अगर राजनीतिक रूप से कोई बड़ा फेरबदल नहीं होता है तो कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों को लेकर चिंता कम हो सकती है.” औद्योगिक संस्था ने कहा कि राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसके मद्देनजर राजनीतिक अर्थव्यवस्था कृषि क्षेत्र की ओर झुक सकती है, जहां कुछ समय से तनाव देखा जा रहा है. एसोचैम को लगता है कि आगामी केंद्रीय बजट किसानों की तरफ झुका होगा, जबकि उद्योग का ध्यान विभिन्न क्षेत्रों पर केंद्रित होगा, जहां रोजगार पैदा होता है.

विजय रूपाणी ने दूसरी बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने

गुजरात में लगातार छठवीं बार विधानसभा चुनाव जीतने वाली बीजेपी की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार को हुआ. विजय रूपाणी (61) ने दूसरी बार सीएम और नितिन पटेल ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली. गांधीनगर के सचिवालय ग्राउंड में हुए शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल ओपी कोहली ने विजय रूपाणी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. पटेल-पाटीदार कम्युनिटी से 8 मंत्री बनाए गए. किसी राज्य की सरकार के शपथ ग्रहण में पहली बार 18 मुख्यमंत्री मौजूद रहे. राज्य में चार बार मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी विजय मुहूर्त यानी दोपहर 12 बजकर 39 मिनट पर शपथ लेते रहे हैं. लेकिन विजय रूपाणी का शपथ ग्रहण 11 बजकर 20 मिनट पर शुरू हुआ था. 11 बजकर 26 मिनट पर रूपाणी ने शपथ ली. शपथ ग्रहण समारोह से पहले मोदी ने अहमदाबाद एयरपोर्ट से अपने काफिले में ही रोड शो किया. गुजरात में लगातार छठी बार चुनकर आई बीजेपी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में सीएम रूपाणी और डिप्टी सीएम नितिन पटेल समेत 20 मंत्रियों ने शपथ ली. इनमें एक महिला मंत्री हैं. रूपाणी से इतर 19 मंत्रियों में 9 कैबिनेट रैंक और 10 मिनिस्टर ऑफ स्टेट रैंक के हैं. दक्षिण गुजरात से 5 और कच्छ-सौराष्ट्र से 7 मंत्री बनाए गए. कैबिनेट मंत्रियों में पांच पटेल मंत्री हैं. गुजरात में 1995 से जीत रही बीजेपी ने इस विधानसभा चुनाव में 182 में से 99 सीटों पर जीत हासिल की थी. इस बार सीटों की संख्या पिछली बार के 115 से 16 कम हो गई थी. अपोजिशन में बैठी कांग्रेस की सीटें पिछली बार के 61 से बढ़कर 77 हो गईं. उसे चार अन्य का सपोर्ट भी हासिल है.

आनंदीबेन पटेल के हटने के बाद 2016 में जब रूपाणी पहली बार सीएम बने थे तो उनके मंत्रिमंडल में 25 मंत्री थे. उस वक्त 9 मंत्रियों की छुट्टी की गई थी. रूपाणी की नई टीम में पटेल-पाटीदार कम्युनिटी से चुनकर आए 8 विधायकों को मंत्री बनाया गया है. ये आठ नाम हैं- नितिन पटेल, आरसी फलदू, सौरभ पटेल, कौशिक पटेल, जयेश रादड़िया, परबतभाई पटेल, ईश्वर सिंह पटेल और किशोर कनानी. बता दें कि गुजरात में पटेल-पाटीदार वोटर 20% हैं. फलदू लेउवा पटेल और सौरभ कड़वा पटेल कम्युनिटी से आते हैं. वहीं, पाटीदार नेता रादड़िया जेतपुर और दलित नेता ईश्वरभाई परमार बारडोली से चुनकर आए हैं. ईश्वर सिंह पटेल अंकलेश्वर और कनानी सूरत के वराछा से चुनाव जीते हैं. ओबीसी कम्युनिटी से चुनकर आए पांच विधायकों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है. इनके नाम हैं- दिलीप ठाकोर, बचुभाई खाबड़, जयद्रथ सिंह परमार, वासनभाई अहीर और पुरुषोत्तम भाई सोलंकी. भूपेंद्र सिंह चूडास्मा और प्रदीप जाडेजा राजपूत कम्युनिटी से आते हैं. इन्हें भी मंत्री बनाया गया है. आदिवासी कम्युनिटी से आने वाले गणपत भाई वासवा और रमणलाल पाटकर को रूपाणी की टीम में जगह दी गई है. वहीं, दलित कम्युनिटी से मंत्री बनने वाले इकलौते नेता हैं ईश्वर भाई परमार. विभावरी दवे को भी रूपाणी की टीम में जगह दी गई. रूपाणी खुद जैन कम्युनिटी से आते हैं. रूपाणी की बाकी टीम में माइनॉरिटी कम्युनिटी से कोई मंत्री नहीं है.

विजय रूपाणी का जन्म 2 अगस्त 1956 में रंगून में हुआ था. तब उनके पिता वहां कारोबार करते थे. रूपाणी पहले एक स्टॉक ब्रोकर थे. 1971 में विजय रूपाणी पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और फिर जनसंघ में शामिल हुए. इमरजेंसी के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा. वह गुजरात के अकेले ऐसे बीजेपी मंत्री हैं जो इमर्जेंसी में जेल जा चुके हैं. 1971 से संघ से जुड़े रहने वाले रुपाणी का नरेंद्र मोदी से परिचय तभी से है. रूपाणी 1988 से लेकर 1995 तक राजकोट महानगरपालिक में प्रेसिडेंट और मेयर रह चुके हैं. वो 2006 से 2012 तक राज्यसभा सदस्य भी रह चुके हैं. 2014 में रूपाणी पहली बार राजकोट वेस्ट सीट से चुनाव लड़े और गुजरात सरकार में कैबिनेट मंंत्री बने. इस दौरान उन्होंने ट्रांसपोर्ट, कार्मिक और रोजगार मंत्रालय संभाला. 2016 में उन्हें गुजरात बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया। आनंदीबेन पटेल को हटाने के बाद बीजेपी ने रूपाणी को गुजरात के मुख्यमंत्री पद के लिए चुना था.

हेनरिटा फोर यूनिसेफ की प्रमुख नियुक्त

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटारेस ने अमरीकी सरकार की पूर्व वरिष्ठ अधिकारी हेनरिटा एच. फोर को संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) की नई कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया है. विश्व संस्था ने यह जानकारी दी. वह एंथनी लेक का स्थान लेंगी. हेनरिटा (69) ने आर्थिक विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य, मानवीय सहायता और अंतर्राष्ट्रीय तथा विकासशील विश्व में कठिन परिस्थितियों में आपदा राहत के लिए सर्वश्रेष्ठ काम किया है. वह अंतर्राष्ट्रीय विकास के लिए अमरीकी एजैंसी की प्रशासक नियुक्त होने वाली पहली महिला थीं और वह विदेश विभाग में अमरीकी विदेशी सहायता की निदेशक भी रहीं.  वह इन दोनों पदों पर 2006 से 2009 तक रहीं थीं. हेनरिटा ने 1989 से 1993 तक एशिया और निजी उद्यम के लिए यूएसएड सहायता प्रशासक के रूप में भी काम किया.

वर्तमान में विनिर्माण और निवेश कंपनी होल्समैन इंटरनेशनल की सीईओ हेनरिटा अमेरिकी विदेश विभाग में अहम भूमिका भी निभा चुकीं हैं. विदेश विभाग के प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने यूनीसेफ प्रमुख के रूप में हेनरिटा की नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र में अपनी नई भूमिका में विश्व के बच्चों की तरफ से एक ‘‘मजबूत’’ आवाज बनेंगी. वह एंथनी लेक का स्थान लेंगी. लेक का कार्यकाल 31 दिसम्बर को समाप्त हो रहा है. फोर एक जनवरी, 2018 से यूनीसेफ के सातवें कार्यकारी निदेशक का पद संभालेगी. ट्रंप प्रशासन ने संयुक्त राष्ट्र के निर्णय का स्वागत किया है.

नासा ने आठ ग्रह वाले नए सौरमंडल की खोज की

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने महत्वपूर्ण खोज की है. एजेंसी ने पहली बार हमारे सौरमंडल की तरह ही आठ ग्रहों वाला नया सोलर सिस्टम ढूंढ़ने का दावा किया है. नासा ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि केप्लर टेलीस्कोप की मदद से सुदूर अंतरिक्ष में आठ ग्रहों वाला नया सौरमंडल ढूंढ़ा गया है. अंतरिक्ष अनुसंधान की दिशा में यह महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. प्रारंभिक आकलन में यह मनुष्यों के रहने योग्य नहीं है. नासा वैज्ञानिकों ने केप्लर टेलीस्कोप से भेजे गए आंकड़ों का विश्लेषण करने में गूगल की आर्टीफिशियल तकनीक की मदद लेने की बात कही है. केप्लर टेलीस्कोप सूर्य सरीखे स्टार और उसके सौरमंडल के बारे में पहले ही पता लगा चुका था. लेकिन, अब नए ग्रहों की मौजूदगी का पता चला है. ऐसे में नए सौरमंडल में कुल आठ ग्रह हो गए हैं.

हमारे सौरमंडल को छोड़ कर अंतरिक्ष में आठ ग्रहों वाला यह पहला सोलर सिस्टम है. नासा ने बताया कि एआई की मदद से केप्लर द्वारा मुहैया डाटा का नए तरीके से विश्वलेषण संभव हो सका है. नए सौरमंडल में केप्लर-90आई सबसे छोटा ग्रह है. यह नया ग्रह पृथ्वी की तुलना में 30 प्रतिशत ज्यादा बड़ा है. टेक्सास यूनिवर्सिटी (ऑस्टिन) के एस्ट्रोनॉमर एंड्रयू वांडरबर्ग ने बताया कि नया ग्रह पृथ्वी से बड़ा जरूर है, लेकिन वहां कोई जाना नहीं चाहेगा. हालांकि, इसकी मदद से अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में और जानकारी जुटाने की उम्मीद जताई जा रही है. केप्लर टेलीस्कोप को वर्ष 2009 में अंतरिक्ष में स्थापित किया गया था. तब से यह पृथ्वी स्थित नियंत्रण कक्ष को डाटा भेज रहा है. इसकी मदद से हमारे सौरमंडल के बाहर कई सोलर सिस्टम का पता लगाया जा चुका है. केप्लर टेलीस्कोप अब तक 4,034 ग्रह या उसके समान आकाशीय पिंडों का पता लगा चुका है. इनमें से 2,335 की बाहरी ग्रह के तौर पर पुष्टि की जा चुकी है. इनमें से 30 पृथ्वी के आकार के हैं.

26 December 2017

सऊदी अरब में पहली बार महिला गायिका ने सार्वजनिक प्रस्तुति दी

सऊदी अरब के इतिहास में पहली बार किसी महिला को सार्वजनिक रूप से स्टेज पर कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए अनुमति दी गयी. हाल ही में महिला गायिका हीबा तवाजी को यह गौरव प्राप्त हुआ. बता दें की हीबा तवाजी लेबनान की गायिका हैं. उन्होंने हाल ही में रियाद के किंग फहद कल्चरल सेंटर में कॉन्सर्ट में प्रस्तुति दी. इसके साथ ही हीबा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसी पहली महिला भी बन गई जिन्होंने सऊदी अरब में कॉन्सर्ट किया. सऊदी अरब में अब महिलाओं के संबंध में अब सकरात्मक फैसले लिए जा रहे हैं.

इस ऑल वुमन कार्यक्रम का हज़ारों दर्शकों ने लुत्फ उठाया. गायिका का स्टेज पर स्वागत करते हुए उद्घोषक ने इसे सऊदी के लिए गौरवशाली पल बताया. सऊदी अरब में महिलाओं को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुति की अनुमति नहीं दी जाती थी लेकिन हाल ही में सऊदी सरकार ने संगीतार को लाइव प्रस्तुति की इजाजत दी. यह इजाजत क्राउन प्रिंस मोहम्म बिन सलमान द्वारा शुरू किए गए सुधार के बाद दी गई. सऊदी देश की अर्थव्यवस्था में विविधता लाने के लिए पर्यटन और मनोरंजन जगत में बदलाव ला रहा है. इसके अतिरिक्त रोताना ऑडियो और विज़ुअल ग्रुप की घोषणा के अनुसार जनवरी में सऊदी अरब में महिलाओं के लिए दो संगीत कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे, जिसमें अरब पॉप स्टार नवल अल-कुवैतिया और असला नासरी के कार्यक्रम शामिल होंगे.

बेंगलुरू बना देश का पहला शहर जिसके पास अपना लोगो

देश का बेंगलुरु पहला ऐसा शहर बन गया है जो लोगों की वजह से पहचाना जाएगा. इस शहर के लोगों को कर्नाटक के पर्यटन मंत्री ने लांच किया. हालांकि, दुनियाभर में ऐसे और कई शहर हैं जिनकी पहचान उनके लोगों से ही होती है जैसे एम्सटरडैम और न्यूयॉर्क. पर्यटन मंत्री प्रियांक खड़गे ने इस मौके पर बताया कि इस लोगो के लांच करन का मक़सद पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देना है.

सबसे खास बात ये है कि इसे बनाने में करीब एक साल का समय लगा है और इस लोगों को नाम्मुर नाम की स्टार्ट अप कंपनी ने बनाया है. कंपनी से जड़े एक शख्स ने बताया कि इस लोगों को फाइनल करने के लिए पिछले एक साल के दौरान कई लोगों का इंटव्यू करना पड़ा था ताकि एक आकर्षित लोगो बनाया जा सके.  

देश की पहली वातानुकूलित लोकल ट्रेन मुंबई में शुरू

देश की पहली वातानुकूलित (एसी) लोकल ट्रेन सेवाओं की सोमवार को मुंबई से शुरूआत हो गई, जिससे लाखों यात्रियों का बहुप्रतीक्षित सपना पूरा होगा।. इसे मुम्बईकरों के लिए क्रिसमस के उपहार के रूप में देखा जा रहा है।.पश्चिमी रेलवे (डब्ल्यूआर) द्वारा संचालित इस लोकल ट्रेन ने सोमवार सुबह दस बजकर 32 मिनट पर दक्षिण मुम्बई में बोरीवली स्टेशन से चर्चगेट तक अपनी यात्रा शुरू की. देश की पहली एसी लोकल ट्रेन मुंबई के बोरीवली स्टेशन से चर्चगेट के लिए रवाना हुई. 12 बोगियों की इस ट्रेन का किराया सामान्य लोकल के फर्स्ट क्लास के किराए से थोड़ा ज्यादा होगा. एसी ट्रेन होने की वजह से इसमें भीड़ ज्यादा होने के आसार हैं, इसलिए उसे कंट्रोल करने के लिए इसमें बाउंसर तैनत किए गए हैं. कुछ दिनों पहले रेलवे ने इसके सभी ट्रायल और चेक पूरे किए थे. 

मुंबई के लोग पिछले 5 साल से एसी लोकल ट्रेन का इंतजार कर रहे थे. इनमें राजधानी एक्सप्रेस के कोच की तरह बड़ी सिंगल विंडो लगाई गई है. कोच का इंटीरियर पिछले साल मुंबई को दी गई नई लोकल कोच जैसा है. कोच में लगी सीट नीले और ग्रे रंग की हैं. इन्हें पहले से ज्यादा आरामदेह बनाने का दावा किया गया है. दो सीटों के बीच की जगह भी बढ़ाई गई है, ताकि भीड़ ज्यादा होने पर पैसेंजर्स सीटों के बीच आराम से खड़े रह सकें. कोच में खड़े होकर चलने वाले यात्रियों को सहारे के लिए ऊपर लगे हैंडल भी इस तरह बनाए गए हैं कि एक हैंडल दो यात्री पकड़ सकें. दरवाजे के बीच में लगे स्टील पोल को भी नई शेप दी गई है, ताकि इसे एक साथ ज्यादा पैसेंजर्स पकड़ सकें. इस ट्रेन की मैक्सिमम स्‍पीड 110 किलोमीटर प्रति घंटे होगी. इसमें 5964 पैसेंजर्स की कैपिसिटी होगी.

जहां एक ओर एसी लोकल चलने की खुशी है, वहीं दूसरी ओर आम यात्रियों को इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ेगा. दरअसल, इस एसी ट्रेन को 11 नॉर्मल लोकल ट्रेन के बदले चलाया जा रहा है. इनमें से 8 सर्विस चर्चगेट से विरार और 3 सर्विस चर्चगेट से अंधेरी के बीच चलाई जाएगी. ये सभी तेज लोकल होंगी, जबकि धीमी लोकल के तौर पर सिर्फ एक सर्विस महालक्ष्मी से बोरीवली के बीच चलाई जाएगी. मुंबई लोकल में हर रोज 65 लाख से ज्‍यादा लोग सफर करते हैं. इसमें भी अकेले वेस्‍टर्न लाइन पर 35 लाख पैसेंजर्स हैं और इस लाइन पर 37 स्‍टेशन पड़ते हैं. एसी लोकल को सबसे पहले इसी लाइन पर चलाया जा रहा है. मुंबई के लिए सरकार ने 370 एस्केलेटर्स को मंजूरी दी गई है. इसके अलावा सिक्‍युरिटी को बेहतर बनाने के लिए सभी ट्रेनों और स्टेशनों पर CCTV भी लगाए जा रहे हैं.

पीएम मोदी ने देश में पहली स्‍वसंचालित मेट्रो ट्रेन का उद्घाटन किया


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को  देश की पहली स्‍वसंचालित मेट्रो ट्रेन दिल्ली मेट्रो की 12.64 किलोमीटर लंबी मजेंटा लाइन का उद्घाटन किया. यह लाइन नोएडा के बॉटनिकल गार्डन को दक्षिण दिल्ली के कालकाजी मंदिर स्टेशन से जोड़ती है. उन्होंने बॉटेनिकल गार्डन से ओखला बर्ड सेंचुरी स्टेशनों के बीच मेट्रो की सवारी भी की. मोदी ने नई मेट्रो लाइन की सवारी की, इसमें उनके साथ उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आवास तथा शहरी मामलों के केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और दिल्ली मेट्रो रेल निगम के प्रमुख मंगू सिंह भी थे. इस अवसर पर पीएम ने अपने भाषण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की और कहा कि आज योगी आदित्यनाथ ने यह भ्रम तोड़ा है कि कोई सीएम नोएडा नहीं आ सकता. मुझे खुशी है कि जिस नोएडा में किसी मुख्यमंत्री के न आने की छवि बन गई थी, उस मिथक को योगी जी ने गलत साबित किया. इसके लिए मैं हृदय से योगी जी को बधाई देता हूं. पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी सीएम के नोएडा नहीं आने का कारण अंधविश्वास ही रहा है. लोग कहते हैं कि जो सीएम नोएडा आता है, उसकी कुर्सी चली जाती है. लेकिन योगी जी ने उस भ्रम और मिथक को तोड़ दिया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने ही मुझे गोद लेकर मेरा लालन-पालन किया है और मेरी नई जिम्मेदारियों के लिए मुझे ढाला है. आगे उन्होंने कहा कि मेरे देश में कोई विषय ऐसा नहीं जिस पर राजनीति का रंग ना लगाया जाए. इसी कारण कई बार विकास के काम भी राजनीतिक तौर पर देखते हैं.

यात्री इस लाइन पर कालकाजी से बॉटनिकल गार्डन के बीच मेट्रो से सफर कर सकेंगे. 12 किलोमीटर लंबा यह सफर लगभग 18 मिनट में पूरा होगा. फिलहाल, डीएमआरसी ने इस लाइन पर 10 मेट्रो चलाने का फैसला किया है. दो मेट्रो को बॉटनिकल गार्डन और कालकाजी में रिजर्व रखा जाएगा. जरूरत  पड़ने पर इन ट्रेनों को भी चलाया जाएगा. अभी प्रत्येक 5 मिनट पर मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी. भविष्य में यह समय घटकर डेढ़ से दो मिनट के बीच हो जाएगा.  अभी इस लाइन पर मेट्रो केवल 9 स्टेशनों का सफर तय करेगी. जून 2018 से 38 किलोमीटर लंबी मैजेंटा लाइन पूरी खुल जाएगी. इसके बाद जनकपुरी पश्चिम से बॉटनिकल गार्डन के बीच कुल 25 मेट्रो स्टेशन होंगे.

मैजेंटा लाइन पर कालकाजी-बोटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन रूट सोमवार से शुरू हो जाएगा. इससे दक्षिणी दिल्ली, फरीदाबाद और नोएडा के लोगों को राहत मिलेगी. हालांकि दिल्ली के बड़े हिस्से और गुरुग्राम वालों को इस लाइन पर हौजखास मेट्रो के आरंभ होने से फायदा होगा।.मैजेंटा लाइन पर हौजखास में इंटरचेंज बनने के बाद नोएडा से गुरुग्राम की दूरी 90 से घटकर 50 मिनट रह जाएगी. इस लाइन के बाद गुरुग्राम से येलो लाइन के जरिए आपको राजीव चौक तक आकर ब्लू लाइन में बैठने की जरूरत नहीं पड़ेगी. लोग हौजखास मेट्रो स्टेशन से ही मेट्रो बदल पाएंगे और मैजेंटा लाइन के जरिए सीधा बोटेनिकल गार्डन तक पहुंच जाएंगे. इस नए रूट के शुरू होने के बाद नोएडा और गुरुग्राम के बीच 9 स्टेशन कम पार करने होंगे. बोटेनिकल गार्डन से हौजखास मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने में अभी कुल 22 स्टेशन पार करने पड़ते हैं. इनमें 9 स्टेशन येलो लाइन पर और 13 स्टेशन ब्लू लाइन मेट्रो पर होते हैं. लेकिन, नई लाइन शुरू होने के बाद हौजखास मेट्रो स्टेशन से केवल 13वां स्टेशन बोटेनिकल गार्डन होगा. इस लाइन के पूरी तरह शुरू होने से जनकपुरी पश्चिम से बोटेनिकल गार्डन तक जाने के लिए लोगों के पास दो विकल्प मौजूद होंगे. वह ब्लू लाइन या मैजेंटा लाइन को इस सफर के लिए चुन सकते हैं

दिल्ली मेट्रो ने अपने 15 साल पूरे किए. दिल्ली मेट्रो शाहदरा से तीस हजारी के बीच 8.5 किलोमीटर के रास्ते का उद्घाटन 25 दिसंबर, 2002 को हुआ था. इन सालों में यह दिल्लीवासियों के जीने का तरीका बन गई है. आज यह 230 किलोमीटर से अधिक के दायरे में फैली है. दिल्ली मेट्रो सार्वजनिक परिवहन की रीढ़ बन चुकी है. इसके 3000 ट्रेन हर दिन 25 लाख लोगों को सवारी कराते हैं. डीएमआरसी मे अपना काम 1995 में शुरू कर दिया था जब मेट्रो के पहले गलियारे पर काम शुरू हुआ. बहुत कम लोगों को याद होगा जब कश्मीरी गेट पर एक होर्डिंग लगी होती थी कि `दिल्ली मेट्रो जल्द आ रही है`.

लेफ्टिनेंट जनरल बी एस सहरावत एनसीसी के महानिदेशक नियुक्त किये गये

लेफ्टिनेंट जनरल बी.एस.सहरावत ने 22 दिसंबर 2017 को राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के महानिदेशक का पदभार संभाल लिया. जनरल ऑफिसर तीसरी पीढ़ी के सेना अधिकारी है.। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खड़कवासला तथा भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून के विद्यार्थी रहे हैं. उन्हें दिसम्बर 1980 में कुमाऊं रेजिमेंट की 13वीं बटालियन (रेजांग ला) में कमीशन किया गया था. लेफ्टिनेंट जनरल बी.एस.सहरावत ने प्रतिष्ठित एनडीसी कोर्स सहित सभी पेशेवर कोर्स लिए हैं. इसके अलावा सहरावत ने उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद से प्रबंधन अध्ययन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से एम.फिल किया है.

उन्होंने देश के विभिन्न भागों तथा विदेशों में अनेक स्टॉफ तथा कमान नियुक्तियों में सेवा दी है. इसमें एक वर्ष के लिए इराक तथा कुवैत में सैन्य पर्यवेक्षक कार्य शामिल है. लेफ्टिनेंट जनरल बी.एस.सहरावत को 2008 में बिहार में कोसी नदी में आई बाढ़ के दौरान सेना पदक प्रदान किया गया.

लोकसभा ने संपत्ति अधिग्रहण अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी

लोकसभा में संपत्ति अधिग्रहण करने पर केंद्र सरकार द्वारा देय मुआवजे पर नियमों में संशोधन करने के लिए एक विधेयक पारित किया गया. शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अचल संपत्ति (संशोधन) विधेयक, 2017 को सदन में पेश करते हुए कहा कि ऐसे मामलों को फिर से खोलने का कोई इरादा नहीं है, जहां मुआवजा पहले ही चुकाया जा चुका है. इस विधेयक में अचल संपत्ति अधिनियम, 1952 में संशोधन किया गया है, जो केंद्र सरकार को किसी भी सार्वजनिक उद्देश्य के लिए अचल संपत्ति या जमीन के अधिग्रहण का अधिकार देती है. लेकिन ऐसे अधिग्रहण का सार्वजनिक उद्देश्य होना चाहिए, जैसे रक्षा, केंद्र सरकार के कार्यालय और निवास का निर्माण. बयान में कहा गया है कि विधेयक में यह प्रावधान किया गया है कि अधिग्रहण के दौरान संपत्ति के मालिक का पक्ष भी सुना जाए.

इसमें कहा गया है कि लंबे समय तक मुकदमेबाजी के बाद यदि इच्छुक लोगों को अधिग्रहण रद्द करने का नोटिस प्राप्त करने में सफल हो जाता है, तो उसके अधिग्रहण के नए नोटिस के प्रकाशन की तारीख के अनुसार उनकी संपत्ति के लिए मुआवजे का प्रावधान किया गया है. इस विधेयक में 1952 के अधिनियम की धारा 7 में संशोधन करने का प्रस्ताव है, जिससे केंद्र सरकार संपत्ति के मालिक को सुनवाई का अवसर देने के लिए दोबारा अधिग्रहण का नोटिस जारी कर सकती है.

23 December 2017

टीसीएस-नील्सन के बीच सबसे बड़ी आईटी आउटसोर्सिंग समझौता हुआ

किसी भारतीय आईटी कंपनी ने आउटसोर्सिंग के पैमाने पर अब तक की सबसे बड़ी डील की है. टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) ने टेलिविजन रेटिंग प्रबंधन एजेंसी के साथ 2.25 बिलियन डॉलर (144.1 अरब रुपए) में एक डील की है. इस डील को टीसीएस के नए प्रमुख राजेश गोपीनाथन के कार्यकाल का पहला मील का पत्थर माना जा सकता है. राजेश गोपीनाथन ने फरवरी महीने में ही एन चंद्रशेखरन की जगह ली है. इस डील के अंतर्गत टीसीएस अगले तीन सालों तक यानी कि साल 2020 तक नीलसन के सभी आउटसोर्सिंग से जुड़े कामों को पूरा करेगी. टीसीएस इस डील के जरिए नील्सन तीन साल तक (2017-2020) 320 मिलियन डॉलर का कारोबार उपलब्ध करवाएगी. 2021 से 2024 तक कंपननी के संभावित वार्षिक राजस्व को 186 मिलियन डॉलर और 2025 में 139.5 मिलियन डॉलर के स्तर पर देखा जा रहा है.

जानकारी के लिए आपक बता दें कि इसी साल अक्टूबर महीने में हुई यह डील टीसीएस और नील्सन की पार्टनरशिप का रिन्यूअल भर है. इन कंपनियों के बीच 2008 में 10 साल के लिए डील 1.2 बिलियन डॉलर (76.8 अरब रुपए) में डील हुई थी जिसे 2013 में तीन साल और बढ़ाकर लगभग दोगुना 2.5 बिलियन डॉलर (160.1 अरब रुपये) कर दिया गया. इन दोनों कंपनियों के बीच यह डील 31 दिसंबर, 2025 तक के लिए है. आपको बता दें कि मार्च 2017 तक टीसीएस ने 17.6 बिलियन डॉलर के साथ 6.2 फीसद की राजस्व वृद्धि दर्ज कराई थी. कंपनी को 88 मिलियन डॉलर के इंक्रीमेंटल रेवेन्यू की जरूरत है ताकि वो अपनी ग्रोथ को सुधारकर 50 आधार अंकों तक ले आए.

साहित्य अकादमी द्वारा वर्ष 2017 हेतु पुरस्कारों की घोषणा

साहित्य अकादमी ने 21 दिंसबर 2017 को हिन्दी सहित देश की लगभग 24 भाषाओं के लिए पुरस्कार का चयन किया गया. पुरस्कार चयन के दौरान सात उपन्यास, पांच कविता संग्रह, पांच साहित्यिक आलोचनाओं तथा पांच लघु कथाओं तथा एक नाटक के लिए 2017 के साहित्य अकादमी पुरस्कार का चयन किया गया. हिन्दी साहित्य का अकादमी पुरस्कार रमेश कुतंल मेघ की कृति विमिथसरित्सागर और उर्दू साहित्य का अकादमी पुरस्कार बेग एहसास की दखमा सहित 24 भाषाओं की कृतियों को अकादमी पुरस्कार प्रदान किया जायेगा.

साहित्य अकादमी के सचिव डॉ के श्रीनिवास राव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 24 भाषाओं में साहित्य अकादमी और वार्षिक अनुवाद पुरस्कारों की घोषणा की. राव ने कहा 'सात नॉवेल, पांच कविता, पांच लघु कहानी, पांच साहित्यिक आलोचना और एक खेल और निबंध को पुरस्कृत किया गया है.' अंग्रेजी भाषा में यह पुरस्कार ममंग दई के उपन्यास द ब्लैक हिल, असमिया में जयंत माधव बरा के उपन्यास मरियाहोला, बांग्ला में आफसार आमेद के उपन्यास सेइ निथोंज मानुषटा और तमिल में इंकलाब की कविता कानधल नाटकल को प्रदान किया गया. इसके अलावा बोडो, डोगरी, गुजराती, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, राजस्थानी, संस्कृत, संथाली, सिंधी एवं तेलुगू भाषा में भी यह पुरस्कार प्रदान किया गया. अगले साल 12 फरवरी को विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उपभोक्ता संरक्षण बिल को मंजूरी प्रदान की

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को नए उपभोक्ता संरक्षण विधेयक को मंजूरी दे दी. इसके प्रावधानों के तहत कंपनियों द्वारा भ्रामक विज्ञापन जारी करने और मिलावट करने पर जुर्माना और जेल की सजा हो सकेगी. यही नहीं, विधेयक में भ्रामक विज्ञापन करने वाले सेलिब्रिटी पर भी जुर्माने और तीन साल तक प्रतिबंध का प्रावधान किया गया है. विधेयक को संसद के वर्तमान सत्र में ही पेश किए जाने की संभावना है. इस विधेयक में भ्रामक विज्ञापन करने वाले सेलिब्रिटी पर पहली बार अपराध करने पर 10 लाख रुपए तक का जुर्माना और एक साल के प्रतिबंध का प्रावधान है. दूसरी बार अपराध में 50 लाख रुपए तक का जुर्माना और तीन साल तक के प्रतिबंध का प्रावधान किया गया है.

उत्पाद निर्माता और कंपनियों पर पहले अपराध में 10 लाख रुपए तक का जुर्माना और दो साल की जेल का प्रावधान किया गया है. इसके बाद के अपराधों पर 50 लाख रुपए तक का जुर्माना और पांच साल तक की जेल का प्रावधान है. मिलावट के मामलों में विधेयक में जुर्माने के साथ-साथ उम्रकैद की सजा का प्रावधान किया गया है. नए विधेयक में वर्तमान कानूनों के दायरे को बढ़ाते हुए उन्हें और प्रभावी व उद्देश्यपरक बनाया गया है. इसमें उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) की स्थापना का भी प्रावधान है. साथ ही वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्र के रूप में इसमें मुकदमे के बाद भी मध्यस्थता का प्रावधान किया गया है.

मंत्रिमंडल ने उपभोक्ता संरक्षण विधेयक-2017 को मंजूरी देकर 2015 में पेश विधेयक को वापस लेने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है. इस संबंध में एक संसदीय स्थायी समिति ने पिछले साल अप्रैल में सरकार को अपनी सिफारिशें भी सौंपी थीं. इससे पहले, अगस्त 2015 में केंद्र सरकार ने लोकसभा में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-1986 की जगह लेने के लिए नया विधेयक पेश किया था. लेकिन 2015 में पेश उक्त विधेयक में कई संशोधन किए जाने की वजह से उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय यह विधेयक लाया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आतंकवाद को लेकर पाक को दी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तालिबान और अन्य आतंकवादी संगठनों को अपनी धरती पर सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराने को लेकर पाकिस्तान को चेतावनी दी है. अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने अपनी अघोषित अफगानिस्तान यात्रा के दौरान यह बात कही. अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस में अमेरिका सैनिकों से पेंस ने कहा, ‘‘पाकिस्तान लंबे समय से तालिबान और अन्य आतंकवादी समूहों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया करा रहा है, लेकिन अब वह दिन लद गये.’’ बड़ी बख्तरबंद गाडिय़ों और क्रिसमस की सजावट के बीच हैंगर में 500 सैनिकों को संबोधित करते हुए पेंस ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान को चेतावनी दे दी है.’’
उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘जैसा कि राष्ट्रपति ने कहा, मैं वही कह रहा हूं. पाकिस्तान को अमेरिका के साथ साझेदारी से बहुत कुछ मिलना है, जबकि पाकिस्तान अपराधियों और आतंकवादियों के साथ गठजोड़ से बहुत कुछ गंवा सकता है.’’ पेंस ने दोनों पड़ोसियों भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ राज्येतर तत्वों को इस्तेमाल करने की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को लेकर पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि ट्रंप पूरे अमेरिकी सैन्य बल का प्रयोग कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे सशस्त्र बलों के प्रभाव को सीमित करने वाले प्रतिबंधों को हमने हटा दिया है, इसलिए जैसा कि राष्ट्रपति ने कहा, आप लोग दुश्मन के खिलाफ पूरी तरह से अपनी सैन्य शक्ति का प्रयोग कर सकते हैं.’’ उपराष्ट्रपति के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने सैनिकों को आतंकवादियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई करने का अधिकार दे दिया है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि वह आतंकवादी कहां छुपे हैं. पेंस ने कहा कि उनकी यह नई रणनीति अफगानिस्तान में अच्छे परिणाम दे रही है.

संयुक्त राष्ट्र में भारत सहित 100 से अधिक देशों ने यरुशलम पर अमेरिका के फैसले के खिलाफ वोट किया

यरुशलम को इस्राइल की राजधानी बनाने के फैसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संयुक्त राष्ट्र से जोरदार झटका लगा है. भारत सहित 100 से अधिक देशों ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की चेतावनी की अवहेलना कर संयुक्त राष्ट्र के सदस्य राष्ट्र यरुशलम को इस्राइल की राजधानी के रुप में अमेरिका द्वारा मान्यता दिये जाने वाले फैसले के खिलाफ वाले प्रस्ताव पर मतदान किया. बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव के पक्ष में वोट करने वाले देशों को अनुदान में कटौती की धमकी दी थी. संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का कुल 128 देशों ने समर्थन दिया. वहीं 9 देशों ने इस प्रस्ताव के खिलाफ में वोट किया और 35 देशों ने अपने आप को इससे अलग रखा. हालांकि, ट्रम्प की धमकी का कुछ देशों पर प्रभाव पड़ा. यही वजह है कि कुछ देशों ने अपने आप को इससे अलग रखा.

भले ही वैश्विक मंच पर इस मसले को लेकर अमेरिका अलग-थलग पड़ गया, मगर उसके पश्चिमी और अरब देशों के सहयोगी देशों ने उसके पक्ष में मतदान कर अमेरिका को अकेला पड़ने से बचा लिया. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र की 15 सदस्यीय प्रभावशाली संस्था की आपात बैठक में केवल अमेरिकी राजदूत निक्की हैली ने ही यरुशलम पर ट्रंप के फैसले का समर्थन किया था. 193 सदस्यों वाले संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निकी हेली ने महासभा के प्रस्ताव की आलोचना की. हेली ने कहा कि अमेरिका इस दिन को याद रखेगा जब एक संप्रभु देश के तौर पर अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने की वजह से संयुक्त राष्ट्र महासभा में उस पर एकतरफा हमला हुआ.

बता दें कि अमेरिका ने इसी महीने की शुरुआत में अपनी घोषणा में कहा था कि वह यरुशलम को इस्राइल की राजधानी के रूप में मान्यता देंगे और अमेरिकी दूतावास को यरूशलम में स्थांतरित करेंगे. उनकी घोषणा के बाद लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और इसकी आलोचना भी की जा रही है. ट्रंप के यरुशलम को इस्राइल की राजधानी की मान्यता देने से तुर्की के राष्ट्रपति का गुस्सा फूट पड़ा था. खुद को फिलस्तीनी मामलों के समाधान की धुरी मानने वाले एर्दोआन ने तभी से इस धारणा का विरोध करना शुरू कर दिया था जब इस बारे में घोषणा भी नहीं की गई थी. उन्होंने ट्रंप की इस घोषणा को 'मुस्लिमों के लिए खतरे की घंटी' बताया है, क्योंकि पूर्वी फिलस्तीनी क्षेत्र के नागरिक इसे अपने देश की भविष्य की राजधानी के तौर पर देखते हैं.

एलिस पेरी ICC महिला क्रिकेटर ऑफ़ इयर चयनित की गयी

ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेटर एलिस पेरी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा वर्ष की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर चयनित किया गया।.उन्होंने इस अवसर पर "राशेल हेहोई फ्लिंट अवार्ड" जीता. आईसीसी द्वारा 21 दिसंबर 2017 को यह घोषणा की गयी. बता दे की आईसीसी द्वारा यह पुरस्कार इंग्लैंड की दिग्गज महिला क्रिकेटर हेहोई फ्लिंट की स्मृति में इसी वर्ष से आरंभ किया गया है. फ्लिंट इंग्लैंड की विश्व कप विजेता टीम की सदस्य और पूर्व आईसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ फेमर थीं. उनका जनवरी 2017 में 77 वर्ष की आयु में निधन हो गया था.
 
27 वर्षीय हरफनमौला खिलाड़ी एलिस पेरी ने सिडनी में इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र एशेज टेस्ट में नाबाद 203 रन बनाए और तीन विकेट लिए. इसके अतिरिक्त उन्होंने 19 एकदिवसीय मैचों में 905 रन बनाए तथा 22 विकेट लिए. एलिस ने चार ट्वेंटी-20 मैचों में 28 रन बनाए और चार विकेट भी हासिल किये. 

पाठकों को बता दे की पेरी के अलावा न्यूजीलैंड की सिटर्थवेट ने आईसीसी एकदिवसीय महिला क्रिकेटर ऑफ द ईयर का पुरस्कार जीता. ऑस्ट्रेलिया की मूनी ने आईसीसी महिला टी-20 क्रिकेटर ऑफ द ईयर और इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर का पुरस्कार जीता. सिटर्थवेट, सूजी बेस्ट के बाद न्यूजीलैंड की दूसरी खिलाड़ी हैं जिन्होंने आईसीसी पुरस्कार जीता है. इससे पहले सूजी ने वर्ष 2013 में आईसीसी महिला क्रिकेटर ऑफ द ईयर और 2015 में आईसीसी महिला एकदिवसीय और टी-20 महिला क्रिकेटर ऑफ द ईयर का पुरस्कार जीता था.

22 December 2017

बर्मिंघम 2022 में राष्ट्रमंडल खेलो का मेजबानी करेगा

इंग्लैंड का शहर बर्मिंघम 2022 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा. राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (CGF) ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की. सीजीएफ अध्यक्ष लुई मार्टिन ने बर्मिंघम के एरेना अकेडमी में कहा, 'हम बर्मिंघम और इंग्लैंड को बधाई देते हैं. यह इस शहर के लिए महत्वपूर्ण क्षण है. इन खेलों की मेजबानी 2015 में डरबन को सौंपी गई थी, लेकिन वित्तीय कारणों से इस साल के शुरू में उससे मेजबानी वापस ले ली गई. हर 4 साल में होने वाले इन खेलों में ब्रिटिश राष्ट्रमंडल से जुडे़ देश हिस्सा लेते हैं.

ब्रिटेन में आखिरी बार 2014 में ग्लास्गो में इनका आयोजन किया गया था. डरबन के दौड़ से बाहर होने के बाद बर्मिंघम ने सितंबर में सरकार का समर्थन हासिल करके ब्रिटिश शहरों में लिवरपूल को पीछे छोड़ा. लेकिन इस शहर को मेजबानी की पुष्टि के लिए लगभग 3 महीने तक इंतजार करना पड़ा. सीजीएफ ने बोली लगाने के लिए समयसीमा नवंबर के आखिर तक बढ़ा दी थी.

विदेश मंत्रालय ने ‘समीप’ कार्यक्रम की शुरुआत की

विदेश मंत्रालय ने एक नए कार्यक्रम ‘समीप’ (छात्र और विदेश मंत्रालय के सहभागिता कार्यक्रम) का शुभारंभ किया है, इसका उद्देश्य भारतीय छात्रों को दुनिया में भारत की जगह और इसकी वैश्विक महत्वाकांक्षाओं की समझ बढ़ाना और साथ ही कूटनीति को एक कैरियर विकल्प के रूप देखने के लिए तैयार करना है. यह विदेश मंत्रालय द्वारा पूरे देश के छात्रों के लिए भारत की विदेश नीति और उसकी विश्वव्यापी कार्यप्रणाली को समझाने के लिए एक "आउटरीच" मिशन है. समीप एक स्वैच्छिक कार्यक्रम है और यह विदेशी अधिकारियों को अपने गृहनगर या उनके अल्मा मेटर में किसी भी स्कूल या कॉलेज में जाने का विकल्प प्रदान करता है.
 
इस नए कार्यक्रम ‘समीप’ के तहत, विदेश मंत्रालय ने अपने सभी अधिकारियों, अवर सचिव और उससे ऊपर के अधिकारियों को छुट्टी पर रहने के दौरान अपने गृहनगर और अपने पूर्व स्कूल, कॉलेज जाने के लिए कहा गया है. वहां वे स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों के साथ बातचीत करेंगे और यह बताएंगे कि विदेश मंत्रालय किस तरह काम करता है, भारत की विदेश नीति कैसी है, कैसे वे कूटनीति करते हैं, इत्यादि ताकि विद्यार्थी इस क्षेत्र को कैरियर विकल्प के रूप में सोचें.

मंत्रिमंडल ने वड़ोदरा में भारत के पहले राष्‍ट्रीय रेल तथा परिवहन विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने मानव संसाधनों में कुशलता तथा क्षमता सृजन के लिए वड़ोदरा में देश का पहला राष्‍ट्रीय रेल तथा परिवहन विश्‍वविद्यालय (एनआरटीयू) स्‍थापित करने की स्‍वीकृत दे दी है. प्रधानमंत्री द्वारा विश्वविद्यालय स्थापना का प्रस्तुत  प्रेरक नवाचारी विचार नये भारत की दिशा में रेल और परिवहन क्षेत्र में बदलाव का अग्रदूत होगा. यह विश्‍वविद्यालय यूसीजी की नोवो श्रेणी (मानित विश्‍वविद्यालय संस्‍थान) नियमन, 2016 के अंतर्गत मानित विश्‍वविद्यालय के रूप में स्‍थापित होगा. सरकार अप्रैल 2018 तक सभी स्‍वीकृतियां देने तथा जुलाई-2018 में पहला शैक्षिक सत्र शुरू करने की दिशा में काम कर रही है. रेल मंत्रालय कंपनी अधिनियम, 2013 के सेक्‍शन 8 के अंतर्गत लाभ नहीं कमाने वाली कंपनी बनाएगा, जो प्रस्‍तावित विश्‍वविद्यालय की प्रबंधक कंपनी होगी. कंपनी विश्‍वविद्यालय को वित्‍तीय तथा संरचना संबंधी समर्थन देगी और विश्‍वविद्यालय के कुलपति तथा प्रति-कुलपति की नियुक्ति करेगी. पेशेवर लोगों तथा शिक्षाविदों वाला प्रबंधन बोर्ड प्रबंधक कंपनी से स्‍वतंत्र होगा और उसे अपने सभी अकादमिक तथा प्रशासनिक दायित्‍व निभाने की स्‍वायत्‍ता होगी.

वड़ोदरा स्थित भारतीय रेल की राष्‍ट्रीय अकादमी (एनएआईआर) की वर्तमान जमीन और अवसंरचना का इस्‍तेमाल किया जाएगा और विश्‍वविद्यालय उद्देश्‍य के लिए इनमें आवश्‍यक संशोधन किया जाएगा. यह पूर्णकालिक संस्‍थान होगा और इसमें 3,000 पूर्णकालिक विद्यार्थी प्रवेश लेगें. नये विश्‍वविद्यालय/संस्‍थान का धन पोषण पूरी तरह रेल मंत्रालय करेगा. यह विश्‍वविद्यालय भारतीय रेल को आधुनिकीकरण के रास्‍ते पर ले जाएगा और उत्‍पादकता बढ़ाकर तथा ‘मेक इन इंडिया’ को प्रोत्‍साहन देकर परिवहन क्षेत्र में भारत को वैश्विक नेता बनाने में सहायक होगा. विश्‍वविद्यालय कुशल मानव शक्ति संसाधन का पूल बनाएगा और भारतीय रेल में बेहतर सुरक्षा, गति और सेवा प्रदान करने के लिए अत्‍याधुनिक प्रौद्योगिक का लाभ उठायेगा. विश्‍वविद्यालय टेक्‍नोलॉजी को सक्रिय करके तथा टेक्‍नोलॉजी प्रदान करके ‘स्‍टार्ट अप इंडिया’ तथा ‘स्किल इंडिया’ को समर्थन देगा तथा उद्यमियता को बढ़ावा देने के साथ-साथ बड़े स्‍तर पर रोजगार के अवसर प्रदान करेगा.

इससे रेलवे तथा परिवहन क्षेत्र में परिवर्तन होगा तथा लोगों और वस्‍तुओं की आवाजाही में तेजी आएगी. भारत वैश्विक साझेदारी और अत्‍याधुनिक टैक्‍नोलॉजी के माध्‍यम से विशेषज्ञता के वैश्विक केन्‍द्र के रूप में उभरेगा. विश्‍वविद्यालय की योजना पढ़ाने के नये तरीकों तथा टैक्‍नोलॉजी एप्‍लीकेशनों (सैटेलाइट आधारित ट्रैकिंग, रेडियो फ्रीकवेंसी पहचान तथा कृत्रिम गुप्‍तचर) को अपनाने की है ताकि ऑन-जॉब कार्य प्रदर्शन तथा उत्‍पादकता में सुधार लाया जा सके. भारतीय रेल के साथ घनिष्‍ट सहयोग से हितधारकों की रेल सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित होगी. यह ‘लाइव लैब’ के रूप में काम करेगा और वास्‍तविक जीवन की समस्‍याओं के निराकरण में सक्षम होगा. विश्‍वविद्यालय में अत्‍याधुनिक नवीनतम टैक्‍नोलॉजी की उच्‍च गति ट्रेन प्रदर्शित करने वाले ‘उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्र’ होंगे.

पृ‍ष्‍ठभूमि : माननीय प्रधानमंत्री ने अक्‍टूबर, 2016 में वड़ोदरा में रेल विश्‍वविद्यालय स्थापना के विषय में कहा था कि भारत सरकार ने बहुत महत्‍वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके प्रभाव को अगली शताब्‍दी तक महसूस किया जाएगा और यह निर्णय वड़ोदरा में भारत का पहला रेल विश्‍वविद्यालय बनाने का है. भारतीय रेल उच्‍च गति की ट्रेनें (बुलेट ट्रेन), व्‍यापक अवसंरचना आधुनिकीकरण, डेडीकेटिड फ्रेट कोरिडोर, सुरक्षा पर फोकस जैसी महत्‍वाकांक्षी परियोजनाओं को पूरा करने की दिशा में चलने के लिए तैयार है. भारत में परिवहन क्षेत्र में अप्रत्‍याशित वृद्धि, योग्‍य मानव शक्ति की बढ़ती आवश्‍यकता तथा कौशल और क्षमता जैसे प्रेरक उपायों से विश्‍वस्‍तरीय प्रशिक्षण केन्‍द्र की आवश्‍यकता महसूस की गई है.

राष्ट्रीय शिक्षक प्रशिक्षण संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश

राष्ट्रीय शिक्षक प्रशिक्षण (संशोधन) विधेयक 2017 लोकसभा में पेश किया गया जिसमें एनसीटीई की अनुमति के बिना शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को संचालित करने वाले केन्द्रीय या राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों को पूर्व प्रभाव से मान्यता प्रदान करने का प्रावधान है. लोकसभा में मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को सदन में राष्ट्रीय शिक्षक प्रशिक्षण (संशोधन) विधेयक 2017 पेश किया जिसके माध्यम से  राष्ट्रीय शिक्षक प्रशिक्षण अधिनियम, 1993 में संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है. इस विधेयक में प्रस्ताव किया गया है कि राष्ट्रीय शिक्षक प्रशिक्षण परिषद (एनसीटीई) की मान्यता के बिना शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम संचालित करने वाले केन्द्र-राज्य शासित क्षेत्र के वित्तपोषित संस्थानों, विश्वविद्यालयों को अकादमिक सत्र 2017-18 तक पूर्व प्रभाव से मान्यता प्रदान करने का प्रावधान है. यह पूर्व प्रभाव मान्यता एक बार वाले उपाय के रूप में दी जा रही है ताकि इन संस्थानों से उत्तीर्ण हुए या पंजीकृत छात्रों के भविष्य को खतरा न हो. इसमें प्रावधान किया गया है कि इन संस्थाओं, विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे अथवा यहां से पहले ही उत्तीर्ण हो चुके छात्र शिक्षक के रूप में रोजगार पाने के पात्र हो सकेंगे. 

बी. एड. और बुनियादी शिक्षा में डिप्लोमा जैसे शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम चलाने वाले सभी संस्थानों को एनसीटीई अधिनियम की धारा 14 के अन्तर्गत राष्ट्रीय शिक्षक प्रशिक्षण परिषद से मान्यता लेनी होगी. इसके अलावा, ऐसे मान्यता प्राप्त संस्थानों, विश्वविद्यालयों को एनसीटीई अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत पाठ्यक्रमों की अनुमति प्राप्त करनी होगी. उल्लेखनीय है कि एनसीटीई अधिनियम 1 जुलाई, 1995 को प्रभाव में आया था और जम्मू और कश्मीर राज्य को छोड़कर यह देशभर में लागू है. इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य शिक्षक प्रशिक्षण प्रणाली की योजना और समन्वित विकास, प्रणाली, विनियमन की प्राप्ति का लक्ष्य और उक्त प्रणाली में मानदंडों और मानकों का समुचित अनुरक्षण सुनिश्चित करना है. अधिनियम के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दृष्टि से, शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को मान्यता देने के लिए इस अधिनियम में पृथक से प्रावधान किए गए हैं और मान्यता प्राप्त संस्थानों, विश्वविद्यालयों द्वारा अनुपालनार्थ मार्गदर्शी-निर्देश निर्धारित किए गए है.

संसद से पास हुआ आईआईएम स्वायत्तता विधेयक

देश के सभी 20 भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) अब स्वायत्त हो गए हैं. इन संस्थानों में अब सरकार हस्तक्षेप नहीं कर सकेगी. इनमें सरकार की भूमिका को सीमित करने संबंधी भारतीय प्रबंध संस्थान विधेयक 2017 को राज्यसभा ने पास कर दिया है. यह बिल लोकसभा से पहले ही पारित हो चुका है. अब इसे हस्ताक्षर के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा, जिसके बाद यह पूर्ण रूप से अमल में आ जाएगा. इससे आईआईएम संस्थानों को कई विशेषाधिकार मिल जाएंगे.

राज्यसभा के पटल पर आईआईएम स्वायत्तता विधेयक पेश करते हुए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि अब आईआईएम में कोई सरकारी या नौकरशाही दखलअंदाजी नहीं होगी, ताकि ये संस्थान बेहतर प्रदर्शन कर सकें. इस बिल का सभी पार्टियों ने समर्थन किया और इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया. इस बिल पर बहस करते हुए कुछ सासंदों ने आईआईएम में नए कोर्स शुरू कराने की मांग की. उनका कहना था कि आईआईएम में ज्यूडिशियल मैनेजमेंट और टेंपल मैनेजमेंट (मंदिर प्रबंधन) जैसे कोर्स भी शुरू होने चाहिए, ताकि देश के हजारों मंदिरों की देखरेख प्रोफेशनल तरीके से हो सके.

आईआईएम अब अपने निदेशकों, फैकल्टी सदस्यों की नियुक्ति करने के अलावा संस्थान अब यहां पढ़ाई करने वालों को डिप्लोमा की जगह डिग्री दे सकेंगे और पीएचडी की उपाधि भी प्रदान कर सकेंगे. साथ ही पारदर्शी प्रक्रिया अपनाकर सभी आईआईएम बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की नियुक्ति भी कर सकेंगे. इन संस्थानों को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान घोषित कर विजिटर का पद समाप्त कर दिया गया है. राष्ट्रपति अभी इन संस्थानों के विजिटर होते हैं. स्वायत्तता से इतर इन संस्थानों का भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) द्वारा ऑडिट किया जाएगा और कैग की रिपोर्ट पर जरूरत महसूस होने पर संसद में चर्चा भी की जाएगी.

भारतीय मूल की श्री सैनी ने जीता मिस इंडिया यूएसए का खिताब

अमेरिका के वाशिंगटन में रहने वाली भारतीय मूल की युवती श्री सैनी ने मिस इंडिया यूएसए 2017 का खिताब जीत लिया है. बता दें कि इस प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर कनेक्टिकट की मेडिकल छात्रा प्राची सिंह और तीसरे स्थान पर नॉर्थ कैरोलिना की फरीना रहीं. इसके अलावा इस प्रतियोगिता में फ्लोरिडा की कैंसर सर्जन कविता मल्होत्रा पट्टानी को मिसेज इंडिया यूएसए 2017 घोषित किया गया है. इस प्रतियोगिता को जीतने के बाद सैनी ने कहा कि वह अपना पूरा जीवन लोगों की सेवा में समर्पित करना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि जब वे 12 साल की थीं तब उन्हें पेसमेकर लगाया गया और उन्हें जीवनभर डांस करने के लिए मना किया गया था. बता दें कि श्री इस प्रतियोगिता को जीतकर सबके लिए एक प्रेरणा बन चुकी हैं.

21 वर्षीय श्री वाशिंगटन यूनिवर्सिटी की छात्रा हैं. उनके माता-पिता पंजाब से आकर अमेरिका में बस गए हैं. बता दें कि श्री को उनके स्कूल के दौरान किसी बात को लेकर खूब डराया और धमकाया भी जाता थ.। अब वे दमनकारी बर्ताव के खिलाफ एक अभियान भी चलाती हैं. श्री ने कहा कि "वह मानव तस्करी को समाप्त करना चाहती हैं और समाज में भावनात्मक बेहतरी के महत्व को बढ़ावा देने की दिशा में काम करना चाहती हैं."

इस प्रतियोगिता के अन्य वर्ग में फ्लोरिडा की कैंसर डॉक्टर कविता मल्होत्रा पट्टानी ने भी मिसेज इंडिया यूएसए 2017 का खिताब जीता. इसमें प्रेरणा दूसरे और ईश्वर्या तीसरे स्थान पर रहीं. इसके अलावा न्यू जर्सी की रहने वाली 17 वर्षीय स्वप्ना मन्नम मिस इंडिया टीन यूएसए बनीं और इसमें सिमरन दूसरे और कृतिका तीसरे स्थान पर रहीं. इस प्रतियोगिता के तीनों वर्गों में अमेरिका के करीब दो दर्जन राज्यों से 50 प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया था.