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31 December 2017

जयराम ठाकुर हिमाचल प्रदेश के 13वें मुख्यमंत्री बने

हिमाचल प्रदेश के ऐतिहासिक रिज मैदान में 27 दिसंबर को आयोजित भव्य समारोह में जयराम ठाकुर ने राज्य के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. ठाकुर के साथ 11 अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली. जयराम ठाकुर मंडी जिले के पहले ऐसे नेता हैं जो सीएम बने हैं. वह मंडी के सेराज सीट से विधायक हैं. खचाखच भरे रिज मैदान में मुख्यमंत्री के अलावा महेंद्र सिंह ठाकुर, किशन कपूर, सुरेश भारद्वाज, अनिल शर्मा, सरवीन चौधरी, रामलाल मार्कंड, विपिन सिंह परमार, वीरेंद्र कंवर, विक्रम सिंह, गोविंद सिंह देव और राजीव सहजल ने पद और गोपनीयता की शपथ ली. सरवीन चौधरी हिमाचल प्रदेश की एकमात्र महिला मंत्री हैं. सुरेश भारद्वाज और गोविंद सिंह देव ने संस्कृत में शपथग्रहण किया. बता दें, हिमाचल प्रदेश में चुनावी उठापटक के बाद जयराम ठाकुर विजेता बनकर उभरे. ठाकुर हिमाचल के दूसरे सबसे बड़े जिले मंडी से हैं और करीब 54 साल बाद यहां से कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री बना है.

बता दें कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इस बार विधानसभा की 68 सीटों में से 44 सीटें जीती हैं लेकिन पार्टी के सीएम प्रत्याशी प्रेम कुमार धूमल के अपनी सीट से चुनाव हारने के बाद सीएम पद के खींचतान शुरू हो गई थी. इसके लिए बीजेपी के पर्यवेक्षक भी हिमाचल गए थे और स्थानीय नेताओं से राय जानने के बाद जयराम ठाकुर के नाम पर मुहर लगी. जयराम ठाकुर मंडी जिले के सिराज विधानसभा सीट से पांच बार विधायक हैं लेकिन उनके सीएम बनने की यात्रा बेहद कठिनाइयों और परिश्रम भरी रही है. जयराम ठाकुर का जन्म 6 जनवरी 1965 को मंडी के सिराज क्षेत्र स्थित थुनाग के पास टांडी गांव में हुआ था. इनके माता-पिता खेतिहर मजदूर थे. अपनी प्रारम्भिक पढ़ाई गांव में ही पूरी करने के बाद उन्होंने पास के ही एक गांव के स्कूल से दसवीं पास किया. कॉलेज में एडमिशन लेने से पहले उन्हें दो साल खाली बैठना पड़ा. बाद में वह आरएसएस के स्टूडेंट विंग एबीवीपी से जुड़ गए.

धूमल सरकार में 2007-2012 तक जयराम ठाकुर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री भी रह चुके हैं. ठाकुर इस बार मंडी के सिराज से विधानसभा के लिए चुने गए हैं. वह मंडी के छत्रप माने जाते हैं. उनके कद का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस बार उन्होंने मंडी जिले से बीजेपी को 9 सीटें जिताकर दीं. ठाकुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से भी जुड़े रहे हैं और इस कारण भी उनका पलड़ा दूसरों पर भारी रहा. वह छात्र जीवन में विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे. उसके बाद वह भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) में रहे. जयराम ठाकुर के राजनीतिक सफर की बात करें तो उन्होंने अपना पहला चुनाव 1998 में जीता था. इसके अलावा वह 2009 से 2013 के बीच बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. इस दौरान उनके नेतृत्व में ही बीजेपी ने प्रदेश के विधानसभा चुनाव में पहली बार पूर्ण बहुमत हासिल किया था. ठाकुर की गिनती तेजतर्रार नेताओं में होती है.

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