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22 December 2017

भारतीय वन संशोधन विधेयक-2017 लोकसभा से पारित

भारतीय वन संशोधन विधेयक-2017 लोकसभा ने पारित कर दिया है. यह विधेयक इस वर्ष 23 नवम्‍बर को राष्‍ट्रपति द्वारा जारी अध्‍यादेश का स्‍थान लेगा. विधेयक में गैर-वन भूमि में लगाये गये बांस को वृक्ष को परिभाषा से छूट देने का प्रावधान है ताकि आर्थिक उपयोग के लिए बांसों की कटाई और ढुलाई के लिए परमिट की आवश्‍यकता न रहे. विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए पर्यावरण और वन मंत्री हर्ष वर्धन ने कहा कि पेड़-पौधों के वर्गीकरण में बांस यद्यपि घास की श्रेणी में आता है लेकिन भारतीय वन अधिनियम, 1927 के अंतर्गत इसे पेड़ माना गया है और इसकी कटाई और ढुलाई के लिए परमिट की आवश्‍यकता होती है. 

उन्होंने कहा की 1927 के नियम के चलते गैर-वन भूमि में किसानों द्वारा बांस की खेती में बाधा आती है. अब आर्थिक उपयोग के लिए बांसों की कटाई और ढुलाई के लिए परमिट की आवश्‍यकता नहीं रहेगी. डॉ० हर्ष वर्धन ने कहा कि नए प्रावधान से पूरे देश में, खासतौर से पूर्वोतर और मध्‍य भारत में किसानों और आदिवासियों की कृषि आय में वृद्धि करने में मदद मिलेगी. उन्‍होंने कहा कि एक टन बांस, 350 मानव दिवस रोजगार पैदा करता है तथा पर्यावरण को बनाये रखने में भी योगदान करता है.

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