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27 December 2017

विजय रूपाणी ने दूसरी बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने

गुजरात में लगातार छठवीं बार विधानसभा चुनाव जीतने वाली बीजेपी की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार को हुआ. विजय रूपाणी (61) ने दूसरी बार सीएम और नितिन पटेल ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली. गांधीनगर के सचिवालय ग्राउंड में हुए शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल ओपी कोहली ने विजय रूपाणी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. पटेल-पाटीदार कम्युनिटी से 8 मंत्री बनाए गए. किसी राज्य की सरकार के शपथ ग्रहण में पहली बार 18 मुख्यमंत्री मौजूद रहे. राज्य में चार बार मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी विजय मुहूर्त यानी दोपहर 12 बजकर 39 मिनट पर शपथ लेते रहे हैं. लेकिन विजय रूपाणी का शपथ ग्रहण 11 बजकर 20 मिनट पर शुरू हुआ था. 11 बजकर 26 मिनट पर रूपाणी ने शपथ ली. शपथ ग्रहण समारोह से पहले मोदी ने अहमदाबाद एयरपोर्ट से अपने काफिले में ही रोड शो किया. गुजरात में लगातार छठी बार चुनकर आई बीजेपी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में सीएम रूपाणी और डिप्टी सीएम नितिन पटेल समेत 20 मंत्रियों ने शपथ ली. इनमें एक महिला मंत्री हैं. रूपाणी से इतर 19 मंत्रियों में 9 कैबिनेट रैंक और 10 मिनिस्टर ऑफ स्टेट रैंक के हैं. दक्षिण गुजरात से 5 और कच्छ-सौराष्ट्र से 7 मंत्री बनाए गए. कैबिनेट मंत्रियों में पांच पटेल मंत्री हैं. गुजरात में 1995 से जीत रही बीजेपी ने इस विधानसभा चुनाव में 182 में से 99 सीटों पर जीत हासिल की थी. इस बार सीटों की संख्या पिछली बार के 115 से 16 कम हो गई थी. अपोजिशन में बैठी कांग्रेस की सीटें पिछली बार के 61 से बढ़कर 77 हो गईं. उसे चार अन्य का सपोर्ट भी हासिल है.

आनंदीबेन पटेल के हटने के बाद 2016 में जब रूपाणी पहली बार सीएम बने थे तो उनके मंत्रिमंडल में 25 मंत्री थे. उस वक्त 9 मंत्रियों की छुट्टी की गई थी. रूपाणी की नई टीम में पटेल-पाटीदार कम्युनिटी से चुनकर आए 8 विधायकों को मंत्री बनाया गया है. ये आठ नाम हैं- नितिन पटेल, आरसी फलदू, सौरभ पटेल, कौशिक पटेल, जयेश रादड़िया, परबतभाई पटेल, ईश्वर सिंह पटेल और किशोर कनानी. बता दें कि गुजरात में पटेल-पाटीदार वोटर 20% हैं. फलदू लेउवा पटेल और सौरभ कड़वा पटेल कम्युनिटी से आते हैं. वहीं, पाटीदार नेता रादड़िया जेतपुर और दलित नेता ईश्वरभाई परमार बारडोली से चुनकर आए हैं. ईश्वर सिंह पटेल अंकलेश्वर और कनानी सूरत के वराछा से चुनाव जीते हैं. ओबीसी कम्युनिटी से चुनकर आए पांच विधायकों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है. इनके नाम हैं- दिलीप ठाकोर, बचुभाई खाबड़, जयद्रथ सिंह परमार, वासनभाई अहीर और पुरुषोत्तम भाई सोलंकी. भूपेंद्र सिंह चूडास्मा और प्रदीप जाडेजा राजपूत कम्युनिटी से आते हैं. इन्हें भी मंत्री बनाया गया है. आदिवासी कम्युनिटी से आने वाले गणपत भाई वासवा और रमणलाल पाटकर को रूपाणी की टीम में जगह दी गई है. वहीं, दलित कम्युनिटी से मंत्री बनने वाले इकलौते नेता हैं ईश्वर भाई परमार. विभावरी दवे को भी रूपाणी की टीम में जगह दी गई. रूपाणी खुद जैन कम्युनिटी से आते हैं. रूपाणी की बाकी टीम में माइनॉरिटी कम्युनिटी से कोई मंत्री नहीं है.

विजय रूपाणी का जन्म 2 अगस्त 1956 में रंगून में हुआ था. तब उनके पिता वहां कारोबार करते थे. रूपाणी पहले एक स्टॉक ब्रोकर थे. 1971 में विजय रूपाणी पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और फिर जनसंघ में शामिल हुए. इमरजेंसी के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा. वह गुजरात के अकेले ऐसे बीजेपी मंत्री हैं जो इमर्जेंसी में जेल जा चुके हैं. 1971 से संघ से जुड़े रहने वाले रुपाणी का नरेंद्र मोदी से परिचय तभी से है. रूपाणी 1988 से लेकर 1995 तक राजकोट महानगरपालिक में प्रेसिडेंट और मेयर रह चुके हैं. वो 2006 से 2012 तक राज्यसभा सदस्य भी रह चुके हैं. 2014 में रूपाणी पहली बार राजकोट वेस्ट सीट से चुनाव लड़े और गुजरात सरकार में कैबिनेट मंंत्री बने. इस दौरान उन्होंने ट्रांसपोर्ट, कार्मिक और रोजगार मंत्रालय संभाला. 2016 में उन्हें गुजरात बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया। आनंदीबेन पटेल को हटाने के बाद बीजेपी ने रूपाणी को गुजरात के मुख्यमंत्री पद के लिए चुना था.

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