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12 December 2017

योगी आदित्यनाथ ने क‍िसान पाठशाला का उद्घाटन क‍िया

सीएम योगी ने मंगलवार को 'द मिलेनियर्स फार्मर्स योजना' (क‍िसान पाठशाला) का उद्घाटन क‍िया. इस दौरान उन्होंने कहा, किसानों की इनकम बढ़ाने के लिए सरकार ने एक नया प्लान बनाया है. इसके तहत किसानों को हाईटेक खेती करना सिखाया जाएगा. करीब 15,440 ग्राम सभाओं के माध्यम से 10 लाख किसानों को पढ़ाया जाएगा. किसानों को आईटी से जोड़ना प्राथमिकता है. यूपी की जातिवाद और भाई-भतीजावाद ने किसानों को कभी बढ़ने नहीं दिया. हम उजड़ी जमीन में भी खेती करके दिखाएंगे. सीएम योगी ने कार्यक्रम में क‍िसानों की स्क‍िल्स बढ़ाने वाली योजनाओं पर जोर द‍िया. उन्होंने कहा, ये प्रोग्राम 5 द‍िसंबर से 9 दिसंबर और 11 से 15 दिसंबर के बीच लगभग 15,440 ग्राम सभाओं में किया जाएगा. पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किए गए इस योजना को शुरुआत के पहले चरण में 24 जिलों के किसानों को शामिल किया गया है. इन्हीं 24 जिलों के लिए मंगलवार की सुबह डिप्टी सीएम केशव मौर्य और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसान सेवा रथ के नाम से बसों को हरी झंडी दिखाई है. इन बसों में साॅयल टेस्टिंग किट भी होगी, जो किसानों को मिट्टी की जांच करते हुए उसकी पहचान बताना सिखाएगी.

- सीएम योगी आदित्याथ ने कहा, किसान को अगर तकनीक के साथ जोड़ दें तो इनकी आय को दोगुना ही नहीं, बल्क‍ि तीन से चार गुना किया जा सकता है. हमारे मौजूदा 4 कृषि विश्वविद्यालयों से पूरे प्रदेश में कृषि विज्ञान केंद्रों को बड़े जि‍लों में 2-2 और छोटे ज‍िलों में 1-1 बनाए जाएंगे. प्रदेश में आने वाले समय में जहां खेती कभी नहीं हुई ऐसी ऊसर जमीनों को भी उपजाउ बनाएंगे. उनपर भी खेती कराई जाएगी. 20 हजार से अधिक सोलर पम्प हमारी सरकार किसानों को इस साल देने जा रही है. इस बार 15 मई 2018 तक बाढ़ बचाव के सभी कार्य कर लिए जाएंगे. प्रदेश में अभी तक भले ही कुछ न हुआ हो, लेकिन हमारे सरकार में आने के बाद साॅयल टेस्टिंग कार्ड बनाए जा रहे हैं. अभी तक लोग अपने हेल्थ कार्ड के लिए सोचते थे, प्रधानमंत्री ने पहली बार मिट्टी के लिए हेल्थ कार्ड को जारी किया. अब मिट्टी की हेल्थ सुधरेगी तो खेती की ऊपज भी बढ़ेगी. जब तक ये एजेंडा जातिवाद, भाई-भतीजावाद और परिवार होगा, तब तक किसान और महिलाएं किनारे कर दी जाएंगी. पहली बार किसान किसी सरकार के लिए एजेंडा बना है. गंगा और यमुना के बीच का भू-भाग पूरी दुनिया के पेट को भरने का काम कर सकता है. कार्यक्रम में कृषि मशीनरी और कृषि यंत्रों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए गठित 10 स्वयं सहायता समूहों को सीएम योगी ने ट्रैक्टर की चाभी भी दी.

किसानों के स्कूल को 'द मिलियन फार्मर्स स्कूल' (किसान पाठशाला) के नाम से चलाया जाएगा. इसमें यूपी के 10 लाख किसानों का चयन किया जाएगा. ये क्लासेस प्राइमरी स्कूलों में ही बच्चों की छुट्टियों के बाद चलाई जाएंगी।समें किसानों को उनकी फसल लगाने और उसके उत्पादन को बढ़ाने के साथ-साथ बिक्री की बारीकियां भी पढ़ाई जाएंगी. इसमें किसानों को हाईटेक टेक्नोलॉजी, कम लागत वाली फसलों का उत्पादन, पशुपालन, मछली पालन, रोजाना उपयोग में होने वाली सब्जियों के उत्पादन इत्यादि के बारे में बताया जाएगा. साथ ही, होने वाली फसल से इनकम को डबल करने की जानकारी भी दी जाएगी. 5 से 9 दिसंबर और 11 से 15 दिसंबर के बीच लगभग 15,440 हजार किसान पाठशालाओं का आयोजन किया जाएगा.

ब्लॉक लेवल पर मिट्टी की जांच और उसके सुधार के लिए एक लैब भी बनाया जाएगा. दिसंबर के अंत से जिसकी शुरुआत हो जाएगी. सभी जिलों में लैबों के साथ-साथ मार्च 2018 तक मंडल लेवल पर भी हाईटेक लैब्स को लगाने की तैयारी है. किसानों की समस्याओं और उसके इनकम को बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी से जुड़े अधिकारियों और साइंटिस्टों को मिलाकर एक टास्क फोर्स भी बनाई जाएगी. वहीं, जिला कृषि अधिकारी, सीडीओ, बीडीओ और सभी को अपने क्षेत्र के मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी जाएगी.

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