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17 December 2017

UIDAI ने एयरटेल, एयरटेल पेमेंट बैंक के आधार बेस्ड सिम वेरिफिकेशन पर लगाई रोक

आधार जारी करने वाले प्राधिकार यूआईडीएआई ने भारती एयरटेल व एयरटेल पेमेंट्स बैंक के खिलाफ कड़ी कारवाई करते हुए उनका ई-केवाईसी लाइसेंस अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया है. एयरटेल व एयरटेल पेमेंट्स बैंक अब ई- केवाईसी के जरिए अपने मोबाइल ग्राहकों के सिम कार्ड का आधार कार्ड आधारित सत्यापन नहीं कर सकेंगी. इसी तरह उसे अपने पेमेंट बैंक ग्राहकों के सत्यापन के लिए भी ई-केवाईसी प्र​क्रिया अपनाने से रोक दिया गया है. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकार (यूआईएडीआई) ने यह कार्रवाई भारती एयरटेल पर आधार ई-केवाईसी आधारित सिम सत्यापन प्र​क्रिया के कथित दुरुपयोग के आरोपों के चलते की है. यूआईडीएआई ने एक अंतरिम आदेश में कहा है, 'भारती एयरटेल लिमिटेड तथा एयरटेल पेमेंट्स बैंक की ई-केवाईसी लाइसेंस कुंजी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. इसका मतलब यही है कि एयरटेल कम से कम फिलहाल तो अपने ग्राहकों के सिम कार्ड को उनके आधार से सम्बद्ध करने के लिए यूआईडीएआई की ई- केवाईसी प्रक्रिया का इस्तेमाल नहीं कर पाएगी. इसके साथ ही एयरटेल पेमेंट्स बैंक आधार ई केवाईसी के जरिए नये खाते भी नहीं खोल पाएगा. हालांकि, इसके लिए अन्य उपलब्ध माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकेगा.

आरोप है कि एयरटेल ने अपने अपने ग्राहकों की 'समुचित सहमति लिए बिना ही उनके बैंक खाते खोल दिए जबकि वे तो अपने सिम का आधार आधारित केवाईसी करवाने आते थे. इसके साथ ही यूआईडीएआई ने इन आरोपों पर भी गंभीर आ​पत्ति जताई है कि कंपनी ने इन पेमेंट बैंक खातों को एलपीजी रसोई गैस ​सब्सिडी हासिल करने के लिए भी सम्बद्ध किया जा रहा था. ऐसा कहा जाता है कि एयरटेल पेमेंट्स बैंक के 23 लाख से अधिक ग्राहकों को उनके इन बैंक खातों में 47 करोड़ रुपये मिले जिनके खोले जाने की उन्हें जानकारी तक नहीं थी. यूआईडीएआई के ध्यान में यह मामला लाया गया था कि एयरटेल के रिटेलरों ने कंपनी के उन उपभोक्ताओं के एयरटेल बैंक में भी खाते खोल दिए जो कि अपने सिम का सत्यापन आधार के जरिए करवाने आए थे. इस बारे में ग्राहकों को पता  तक नहीं चला. यही नहीं सम्बद्ध लोगों की एलपीजी सब्सिडी तक ऐसे खातों में आने लगी.

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