मासिक करेंट अफेयर्स

31 January 2018

भारत रहने के लिए दुनिया का दूसरा सबसे सस्ता देश: सर्वे

दुनिया में रहने या सेवानिवृत्ति के बाद बसने के लिहाज से भारत दुनिया का दूसरा सबसे सस्ता देश है. हाल ही में 112 देशों के बीच किए गए एक सर्वेक्षण में रहने के मामले में सबसे सस्ता देश दक्षिण अफ्रीका को माना गया. यह सर्वेक्षण गोबैंकिंगरेट्स ने किया है. उसने देशों की रैंकिंग चार प्रमुख मानकों पर तय की है. गोबैंकिंगरेट्स ने सर्वे के लिए नमिबियो द्वारा ऑनलाइन जुटाए गए डेटाबेस के आधार पर किया है. सर्वे में लोकल पर्चेजिंग पावर इंडेक्स, रेंट इंडेक्स, ग्रॉसरीज इंडेक्स और कन्ज्यूमर प्राइस इंडेक्स को आधार मान कर ऑनलाइन जुटाए गए आंकड़ों का आकलन किया है.
रेंट इंडेक्स के आधार पर रहने के लिए दुनिया के 50 सबसे सस्ते देशों में भारत दूसरे नंबर पर है. भारत से ऊपर, पड़ोसी नेपाल है. इस हिसाब से अन्य देशों के मुकाबले रहने के लिए भारत सबसे सस्ता देश है. उपभोक्ता सामान और ग्रॉसरी की कीमतों के हिसाब से भी भारत सबसे सस्ता देश है जहां कोलकाता शहर में 285 डॉलर (18,124 रुपये) मासिक खर्च में एक अकेला व्यक्ति अपनी गुजर-बसर कर सकता है. सर्वेक्षण के हिसाब से 125 करोड़ की आबादी वाला भारत दुनिया के 50 सबसे सस्ते और ज्यादा आबादी वाले देशों में से एक है. यहां प्रमुख उद्योग कपड़ा, रसायन और खाद्य प्रसंस्करण हैं.

इसके अलावा भारत के कई शहरों में पर्चेंजिंग पावर भी अधिक है. सर्वे के अनुसार भारतीयों की स्थानीय क्रयशक्ति 20.9% सस्ती, किराया 95.2% सस्ता, ग्रॉसरी की कीमत 74.4% सस्ती और स्थानीय सामान और सेवाएं 74.9% सस्ती हैं. भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का इस सूची में 14वां स्थान है. इसके अलावा कोलंबिया का 13वां, नेपाल का 28वां और बांग्लादेश का 40वां स्थान है. इन सभी देशों की इन चारों मानकों पर तुलना अमेरिका के न्यू यॉर्क शहर से की गई है.

ग्रैमी अवार्ड 2018 : गायक ब्रूनो मार्स के एकल गीत 'दैट्स वाट आई लाइक' को सॉन्ग ऑफ द ईयर का पुरस्कार

अमेरिका के न्यूयॉर्क में आयोजित 60वें ग्रैमी पुरस्कार समारोह में गायक ब्रूनो मार्स के एकल गीत 'दैट्स वाट आई लाइक' को सॉन्ग ऑफ द ईयर का पुरस्कार मिला. ब्रूनो मार्स ने इस गीत के गीतकारों क्रिस्टोफर ब्रॉडी ब्राउन, जेम्स फॉन्टलेरॉय, फिलीप लॉरेंस, रे चार्ल्स मैकलॉग द्वितीय, जेरेमी रीव्स, रे रोमुलस और जोनाथन यीप के साथ मंच साझा किया. अवॉर्ड जीतने के बाद ब्रूनो ने इंस्टाग्राम पर अपना प्रसंशकों का धन्यवाद किया. ब्रूनो के इस गाने ने लुइस फॉन्सी, डैडी यांकी और जस्टिन बीबर के अभिनय वाले गीत 'देसपसितो', 'जे-जी' के '4:44' जूलिया माइकल्स के 'इशूज' को पछाड़ते हुए यह पुरस्कार जीता. 

समारोह में पिछले साल लास वेगास में हुई गोलीबारी में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि भी दी गई. कंट्री गायकों मैरेन मॉरिस, एरिक चर्च और ब्रदर्स ओसबोर्न ने एरिक क्लैप्टन के ग्रैमी विजेता गाने 'टीयर्स इन हैवन' गाकर मृतकों को याद किया. गौरतलब है कि पिछले साल रूट 91 हार्वेस्ट फेस्टिवल में एक शख्स ने होटल की 32वीं मंजिल से लोगों पर अंधाधुंध गोलिया बरसाई थी, इस घटना में 58 लोग मारे गए थे.
 
अभिनेत्री कैरी फिशर और गायक लियोनार्ड कोहेन को मरणोपरांत 2018 ग्रैमी पुरस्कारों से नवाजा गया है. वेबसाइट 'डेलीमेल डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक, 'स्टार वार्स' श्रृंखला की फिल्मों के लिए जानी जाने वाली फिशर ने रविवार रात यहां 'द प्रिंसेस डायरिस्ट' के लिए पहला ग्रैमी पुरस्कार जीता. फिशर का 27 दिसंबर 2016 को देहांत हो गया था.दिग्गज कनाडाई गायक कोहेन जिनका पिछले साल नवंबर में 83 साल की उम्र में निधन हो गया था, उन्हें 'यू वॉन्ट इट डार्कर' के लिए सर्वश्रेष्ठ रॉक प्रस्तुति का पुरस्कार मिला.

मध्य प्रदेश सरकार ने 30 प्रकार की छात्रवृत्ति वितरण हेतु मिशन वन क्लिक योजना शुरू की

मध्य प्रदेश राज्य सरकार ने स्कूलों में 30 प्रकार की छात्रवृत्ति वितरित करने के लिए मिशन वन क्लिक योजना शुरू की है. मध्य प्रदेश सरकार ने 8 सरकारी विभाग की 30 प्रकार की छात्रवृत्ति समग्र शिक्षा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन वितरित करने के लिये स्कूल शिक्षा विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है. इस व्यवस्था में प्रदेश की समस्त सरकारी और प्रायवेट शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत एक करोड़ 48 लाख विद्यार्थियों की प्रोफाइल को ऑनलाइन किया गया है. इसी आधार पर छात्रवृत्ति की गणना कर उसका वितरण सुनिश्चित किया गया है. बताया गया है कि प्रत्येक स्कूल के विद्यार्थियों की समग्र यूनिक आईडी बनाई जा रही है. प्रत्येक छात्र की प्रोफाइल में जाति, माता-पिता का व्यवसाय, परिवार की वार्षिक आय, बीपीएल स्टेटस, छात्रावास स्टेटस और छात्र के गत वर्ष के परीक्षा परिणाम को शामिल किया गया है.

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ऑनलाइन छात्रवार एवं कक्षावार नामांकन एवं उनका प्रोफाइल डिजिटलाइज्ड होने के कारण सभी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति वितरण के साथ-साथ विभाग की अन्य योजनाओं का क्रियान्वयन भी ऑनलाइन किया गया है. डायरेक्ट बेनिफिट की पहल को आगे बढ़ाते हुए कक्षा-एक से 12 तक पढ़ाई कर रहे सभी विद्यार्थियों को 30 प्रकार की छात्रवृत्तियां, साइकिल वितरण, गणवेश और लैपटॉप आदि की राशि भी सीधे उनके खाते में भेजी गई हैं. सरकार का दावा है कि यह प्रक्रिया प्रभावशील हो जाने से छात्रवृत्ति की राशि विद्यार्थियों को समय पर मिलने लगी है. साथ ही, मध्यस्थों की भूमिका भी समाप्त हो गई है. मिशन वन क्लिक में प्रत्येक छात्र की यूनिक आईडी होने से शिक्षण संस्थाओं में दोहरा प्रवेश और छात्रवृत्ति संबंधी दोहरीकरण की समस्या भी समाप्त हो गई है. पूर्व में एक ही विद्यार्थी के दो अलग-अलग शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश होने और छात्रवृत्ति में गड़बड़ी होने की शिकायतें मिला करती थीं. अब छात्रवृत्ति वितरण को आधार से जोड़ा जा रहा है.

भारत सरकार ने किया Li-Fi तकनीक का परीक्षण, Wi-Fi से 100 गुना तेज इंटरनेट

भारत सरकार ने तेज गति से चलने वाले इंटरनेट तकनीक,लाइट फिडेलिटी (Li-Fi) का परीक्षण किया है. यह तकनीक, वाई-फाई के मुकाबले एक दो नहीं बल्कि 100 गुना तेज है. इस टेक्‍नोलॉजी को एक भारतीय दीपक सोलंकी ने डेवलप किया है. दीपक, स्‍टार्टअप कंपनी वेलमेनी के को-फाउंडर हैं और उन्‍होंने लाई-फाई नामक टेक्‍नोलॉजी डेवलप की है. लाई-फाई चलाने के लिए आपको चाहिए बिजली का एक सोर्स जैसे एलईडी बल्ब, इंटरनेट कनेक्शन और एक फोटो डिटेक्टर. वेलमेनी ने एक गीगाबिट प्रति सेकेंड की रफ्तार से डेटा भेजने के लिए एक लाई-फाई बल्ब का इस्तेमाल किया. परीक्षण में पता चला कि सैद्धांतिक तौर पर यह रफ्तार 224 गीगाबिट प्रति सेकेंड तक हो सकती है. अब भारत सरकार ने भी इस तकनीक में दिलचस्पी दिखाई है.

भारत सरकार इस Li-Fi तकनीक को अपने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट, स्मार्ट सिटी में प्रयोग करने पर विचार कर रही है. चूंकि यह तकनीक एलईडी बल्ब पर काम करती है इसलिए सरकार इस तकनीक के जरिए देश के दुर्मम इलाकों को इंटरनेट से जोड़ने पर विचार कर रही है. अभी तक ये दुर्मग इलाके इंटरनेट की सुविधा से अछुते हैं क्योंकि यहां पर इंटरनेट के लिए फाइबर लाइन बिछाना काफी दूभर कार्य है. दीपक सोलंकी ने बताया कि उन्होंने जब इसके बिजनेस मॉडल पर काम करना शुरू किया तो किसी भी निवेशक को उनका प्लान नहीं समझ में आया जिसके बाद वो इस्तोनिया चले गए. इस्तोनिया में उन्होंने इस मॉडल पर खूब काम किया. दीपक सोलंकी अब भारत लौट आए हैं. अब भारत सरकार दीपक के प्रोजक्ट पर विचार कर रही है.

भारत और वियतनाम की सेना ने किया पहला संयुक्त सैन्याभ्यास

भारत और वियतनाम की सेनाओं ने सोमवार को मध्यप्रदेश के जबलपुर में संयुक्त सैन्याभ्यास में हिस्सा लिया. सोमवार से शुरू हुआ यह सैन्याभ्यास छह दिनों तक चलेगा. यह दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग का परिचायक है. यह दोनों देशों के बीच होने वाला पहला संयुक्त सैन्य अभ्यास है. इस अभ्यास को विनबैक्स नाम दिया गया है. भारत और वियतनाम रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के तौर तरीकों पर काम कर रहे हैं. यह साझा सैन्य युद्ध अभ्यास बिना हथियारों के हो रहा है. दरअसल, भारत के पास संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में काम करने का लंबा अनुभव है और वियतनाम की सेना भी इस दल में शामिल होना चाहती है. वहीं, वियतनाम के साथ इस साझा सैन्य अभ्यास (वीनबैक्स-2018) से भारत की सेना को भी लंबे समय तक बड़े देश की सेनाओं से लड़ने का रणनीतिक अनुभव मिल सकेगा. भारत का वियतनाम के साथ यह पहला संयुक्त सैन्य अभ्यास है.
 
ये अभ्यास पूरी तरह से रणनीति पर आधारित होगा. प्रारंभिक तौर पर सेना संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में काम करने से इस अभ्यास को जोड़ रही है. भारतीय अफसर संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में काम के दौरान के अनुभवों को वियतनाम के अफसरों के साथ साक्षा करेंगे. इस दौरान वियतनाम की पीपुल्स आर्मी की ताकत गोरिल्ला युद्ध की तकनीक भी भारतीय अफसरों के साथ साझा हो सकेगी. दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के बीच सितम्बर 2016 में हुए 12 समझौतों में से एक यह अभ्यास भी था. वियतनाम के 15 सैन्य अफसर में एक महिला सैन्य अधिकारी भी शामिल है. भारतीय टीम में सभी पुरुष अफसर ही हैं. 3 फरवरी तक ये अभ्यास संयुक्त रूप से किया जाएगा.

चीन से मिलेगी रणनीतिक बढ़त
चीन और वियतनाम के बीच दक्षिण चीन सागर में तेल और प्राकृतिक गैस क्षेत्र को लेकर लंबे समय से विवाद है. वियतनाम ने इस क्षेत्र में भारत को निवेश के लिए आमंत्रित किया है. चीन इस पर आपत्ति भी जता चुका है. भारत का हाल ही में डोकलाम को लेकर चीन से 73 दिनों तक विवाद रहा. इसके बावजूद चीन अभी भी डोकलाम को अपना हिस्सा बताने पर अड़ा है. भारत के अरुणाचल प्रदेश को लेकर भी चीन अपना दावा जताता है वहीं पाकिस्तान के कब्जे वाले काश्मीर में चीन के वन बेल्ट-वन रोड को लेकर भारत अपनी आपत्ति जता चुका है लेकिन चीन उस पर तेजी से आगे बढ़ रहा है. चीन की सामरिक और आर्थिक ताकत के अलावा उसकी महत्वाकांक्षाओं को काबू करने के लिए भारत पूर्वी और पड़ोसी देशों से आर्थिक और सामरिक संबंध बढ़ा रहा है. यह अभ्यास भी उसी दिशा में एक कदम है.

वियतनाम के प्रधानमंत्री गुयेन शुआन फुक पिछले सप्ताह भारत-आसियान मैत्री रजत जयंती शिखर सम्मेलन और गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के लिए यहां थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपने वियतनाम के समकक्ष के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान रक्षा और सुरक्षा सहयोग का मुद्दा प्रमुखता से उठा था. नौवहन क्षेत्र में मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित करते हुये दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग में हाल के दिनों में खासी बढ़ोतरी देखने को मिली है.

भारत ने सिशेल्स के साथ किया समुद्री सुरक्षा समझौता, चीन पर रख सकेंगे नजर

भारत और सिशेल्स ने शनिवार को एक संशोधित समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इस संशोधित समझौते के तहत इस द्वीप पर सैन्य सुविधाओं का विकास, प्रबंधन, संचालन और रखरखाव किया जाएगा. इस समझौते को रक्षा मंत्रालय के सचिव एस. जयशंकर और सिशेल्स के सेक्रेटरी बैरी फॉरे ने साइन किया. यह एग्रीमेंट उस समय साइन किया गया है जब इस द्वीप में चीन लगतार उच्च स्तरीय दौरा कर रहा है. इसके अलावा चीन ने डिजिबाउटी में एक नौसेना अड्डा बनाया है. इस समझौते के बाद भारत समुद्र के रास्ते से चीन पर पैनी नजर रख पाएगा. इस समझौते के सामरिक महत्व को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. समझौता साइन करने के मौके पर विदेश सचिव जयशंकर ने समुद्री रक्षा के महत्व को दोहराया. इस मामले पर भारत और आसियन देशों के बीच 25 जनवरी को हुई वार्ता में भी बात की गई थी.
असली समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सिशेल्स के राष्ट्रपति के बीच मार्च 2015 में हुआ था. जिसके तहत इस द्वीप पर सैन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाना था. मगर इसे लेकर सिशेल्स की संसद में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था. इसी वजह से अक्टूबर 2017 में समझौतों में आ रही मुश्किलों को दूर करने के लिए जयशंकर एक अघोषित यात्रा पर गए थे. इसके अलावा सेशेल्स-चीन के बीच सहयोग तेजी से बढ़ रहा है. 

बता दें कि भारत और सिशेल्स के बीच गहरी दोस्ती है और इसकी भू-रणनीतिक स्थिति को देखते हुए भारत के लिए यह काफी महत्वपूर्ण था कि वो सिशेल्स के साथ इस संशोधित समझौते पर सहमति बनाए. विदेश सचिव ने कहा कि सिशेल्स का 1.3 मिलियन वर्ग किलोमीटर का विशेष आर्थिक क्षेत्र विशेष रूप से कमजोर है. दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को लेकर बात करते हुए उन्होंने सिशेल्स को याद दिलाया कि कैसे भारत चार दशक पहले उसके संप्रभु राष्ट्र बनने का गवाह रहा है.

भारत की हर चौथी महिला घरेलू हिंसा की शिकार : रिपोर्ट

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कराये गये नैशनल फैमिली हेल्थ सर्वेक्षण 2015-16 के आंकड़ों को जारी किया गया. इस सर्वेक्षण रिपोर्ट में पाया गया कि देश में महिलाओं को अपने न्यूनतम अधिकारों के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है. नैशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2015-16 में चिंता और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. केंद्र सरकार यह सर्वेक्षण देश में महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं को दिशा देने के लिए आयोजित करती है. इस सर्वेक्षण के अनुसार अभी भी लगभग हर दूसरी लड़की की शादी 18 वर्ष की आयु से पहले हो रही है, जबकि परिवार की मर्जी के कारण 10 प्रतिशत लड़कियों को 13 वर्ष की आयु में शादी कर जबरन शारीरिक संबंध बनाने पड़ते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार पहली बार सेक्स करने की औसत उम्र महिलाओं में 19.1 है. रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ सालों में इस मोर्चे पर थोड़ा सुधार हुआ है लेकिन अभी भी हालत बहुत चिंताजनक है. शादी के उपरांत 70 प्रतिशत महिलाओं को अपनी मर्जी के बिना, अपने पति के कहे अनुसार सेक्स के लिए मजबूर होना पड़ता है. सेक्स समस्याओं को लेकर 70 प्रतिशत महिलाओं को ही अपने पति एवं परिवार से मारपीट का सामना करना पड़ता है.

आर्थिक सर्वे संसद में पेश, विकास दर 7 से 7.5 फीसदी रहने की उम्मीद

राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद संसद में 29 जनवरी से बजट सत्र शुरू हो गया है. बजट सत्र के पहले दिन संसद में आर्थिक सर्वे पेश किया गया. इस सर्वे में वित्त वर्ष 2019 में जीडीपी ग्रोथ के 7 से 7.5 फीसद रहने की अनुमान लगया है. वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में आर्थिक विकास दर के 6.75 फीसद रहने का अनुमान है. आर्थिक सर्वे में महंगे क्रूड को अर्थव्यवस्था के लिहाज से सबसे बड़ी चिंता बताया गया है।  कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर चिंता जताई गई है. सरकार का जोर उत्पादन बढ़ाने पर रहेगा. ससंद में आर्थिक सर्वे पेश होने के बाद भी शेयर मार्केट लगातार ऊपर जा रहा है. शेयर बाजार आर्थिक सर्वे के बाद भी 300 अंक की बढ़ोतरी के साथ 36,350 पॉइंट पर कारोबार कर रहा है. आर्थिक सर्वे में पब्लिक इनवेस्टमेंट को बढ़ावा देने की बात भी सामने आई है. वहीं सराकार का जोर इस बार पैसे जुटाने पर नहीं बल्कि विकास के लिए पैसे खर्च करने पर होगा. पर्यावरण प्रदूषण पर आर्थिक सर्वे में चिंता जताई गई है. नवंबर 2016 के बाद से 18 लाख नए टैक्सपेयर बने हैं. अप्रत्यक्ष करदाताओं में भी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई है. जीएसटी लागू होने के बाद से अप्रत्यक्ष कर चुकाने वालों की संख्या में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है.

सर्वे में भारत और इंडोनेशिया में जन्म लेने वाले लड़का और लड़की के अनुपात की भी तुलना की गई है. इस बार आर्थिक सर्वे में सामने आया है कि भारत में बेटे की चाहत ज्यादा है. इसीलिए लड़का और लड़की के बीच अनुपात समानता नहीं है. आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि एक्सपोर्ट में सुधार देखने को मिल सकता है. इस साल चालू खाता घाटा 1.5 से लेकर 2 फीसदी तक रह सकता है. वहीं वित्त वर्ष 2017-18 के लिए राजकोषीय घाटा 3.2 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है. मौजूदा वित्त वर्ष में कृषि में 2.1 फीसदी की ग्रोथ हो सकती है. उधर बजट सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने भी कहा कि सपने पूरे करने वाला बजट लेकर आएंगे.


आर्थिक सर्वेक्षण से जुड़ी खास बातें...
  1. आर्थिक समीक्षा में 2017-18 की वृद्धि दर 6.75 से 7.5 प्रतिशत के दायरे में रहने का अनुमान जताया  गया है.
  2. 2016-17 में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि घटकर 6.5 प्रतिशत पर आएगी. पिछले वित्त वर्ष में यह 7.6 प्रतिशत रही थी.
  3. चालू वित्त वर्ष में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 4.1 प्रतिशत रहेगी. 2015-16 में यह 1.2 प्रतिशत रही थी.
  4. आर्थिक समीक्षा में अनुमान कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, कच्चे तेल के घटे दाम से अप्रत्याशित राजकोषीय लाभ की उम्मीद है
  5. वस्तु एवं सेवा कर से राजकोषीय लाभ मिलने में लगेगा समय
  6. वित्त वर्ष 2016-17 में उद्योग क्षेत्र की वृद्धि दर घटकर 5.2 प्रतिशत पर आने का अनुमान. पिछले वित्त वर्ष में यह 7.4 प्रतिशत थी
यहां बता दें कि आर्थिक सर्वे देश की आर्थिक दशा की आधिकारिक रिपोर्ट है जिसमें देश के क्षेत्रवार हालातों का ब्यौरा तो होता ही है साथ ही कुछ सिफारिशें भी होती हैं. हालांकि इन सिफारिशों को मानने के लिए सरकार बाध्य नहीं है. आर्थ‍िक सर्वेक्षण अथवा इकोनॉमिक सर्वे पिछले साल बांटे गए खर्चों का लेखाजोखा तैयार करता है. इससे पता चलता है कि सरकार ने पिछले साल कहां-कहां कितना खर्च किया और बजट में की गई घोषणाओं को कितनी सफलतापूर्वक निभाया. इसके साथ ही सर्वेक्षण से यह भी पता चलता है कि पिछले साल अर्थव्यवस्था की स्थिति कैसी रही. सर्वेक्षण के जरिए इकोनॉमी को लेकर कई सुझाव भी सरकार को दिए जाते हैं. केंद्रीय बजट (Union Budget) को पेश करने से एक दिन पहले देश का आर्थिक सर्वे प्रस्तुत किया जाता है. आर्थिक सर्वेक्षण चूंकि देश की आर्थिक स्थिति का आईना होता है, इसलिए इसके जरिए आगामी बजट में किन क्षेत्रों पर फोकस किया जाएगा, इसकी एक झलक मिल जाती है. आर्थिक सर्वेक्षण मुख्य आर्थिक सलाहकार के साथ वित्त और आर्थिक मामलों की जानकारों की टीम तैयार करती है. इस बार मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रहमण्यम ने आर्थिक सर्वे वित्त मंत्री अरुण जेटली को सौंपा है.

रोजर फेडरर ने 20वां ग्रैंडस्‍लैम खिताब जीता

स्विट्जरलैंड के दिग्गज टेनिस स्टार रोजर फेडरर ने क्रोएशिया के मारिन सिलिच को हराकर साल के पहले ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन का पुरुष सिंगल्‍स वर्ग का खिताब जीत लिया. रॉड लेवर एरेना में रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में पूर्व नंबर-1 खिलाड़ी फेडरर ने सिलिच को पांच सेटों तक चले कांटे के मैच में मात दी. फेडरर का यह 20वां ग्रैंड स्लैम खिताब है. फेडरर ने सिलिच को 6-2, 7-6, 6-3, 3-6, 6-1 से मात दी. स्विस खिलाड़ी को को अपना छठा ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीतने के लिए तीन घंटे तीन मिनट का समय लगा. इसके साथ ही फेडरर अपना खिताब बचाने में सफल रहे. फेडरर ने पिछले साल राफेल नडाल को मात देकर यह खिताब अपने नाम किया था.

फेडरर के अलावा सर्बिया के नोवाक जोकोविक और रॉय इमर्सन ने 6-6 बार यह खिताब जीता है. फेडरर ने सातावीं बार ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में जगह बनाई थी, जिसमें से छह में उन्हें जीत मिली है. सिलिच की कोशिश फेडरर को मात देकर अपना पहला ऑस्ट्रेलियन ओपन और दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने की थी जिसमें वे असफल रहे. वह पहली बार ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में पहुंचे थे.उन्होंने तीन बार ग्रैंड स्लैम के फाइनल में जगह बनाई है और एक बार खिताब जीता है.

 
इस ऑस्ट्रेलियन ओपन के अलावा सिलिच ने पिछले साल विबंलडन के फाइनल में जगह बनाई थी जहां वह फेडरर से ही हारे थे. वहीं, 2014 में अमेरिकी ओपन का फाइनल जीत उन्होंने अपना पहला ग्रैंड स्लैम जीता था. इस फाइनल में उन्होंने जापान के केई निशिकोरी को मात दी थी. वैसे, इस खिताबी जीत के बाद फेडरर एटीपी रैंकिंग में दूसरे स्थान पर ही रहेंगे, वहीं सिलिक तीसरे नंबर पर पहुंच जाएंगे.नडाल पहले स्थान पर ही कायम रहेंगे.

भारत और कंबोडिया के बीच चार समझौतों पर हुए हस्ताक्षर

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कंबोडियाई समकक्ष हुन सेन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच जल संसाधन विकास की एक परियोजना के लिए ऋण और मानव तस्करी रोकने सहित कुल चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. विदेश मंत्रालय के अनुसार, एग्जिम बैंक ऑफ इंडिया और कंबोडिया सरकार के बीच 'स्टंग स्व हैब जल संसाधन विकास परियोजना' के वित्त पोषण के लिए 369.2 लाख डॉलर के एक समझौते पर हस्ताक्षर हुआ. 

भारत और कंबोडिया के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने और मित्रवत संबंधों को मजबूत करने को लक्षित वर्ष 2018-2022 के लिए एक सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम पर हस्ताक्षर किए गए. दोनों देशों के बीच आपराधिक मामलों में आपसी कानूनी सहयोग पर एक समझौता हुआ. जिसका मकसद आपराधिक मामलों में सहयोग और कानूनी सहायता के जरिए अपराधों को रोकने, जांच करने और कार्रवाई करने में दोनों देशों की प्रभावकता बढ़ाना है. मानव तस्करी रोकने में सहयोग पर एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुआ. इसका उद्देश्य मानव तस्करी से संबंधित प्रत्यावर्तन, बचाव और रोकथाम के मुद्दों पर द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाना है. 

हुन सेन दिल्ली में भारत-आसियान देशों की संवाद साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने बुधवार को पहुंचे थे. इस दौरान वह भारत के 69वें गणतंत्र दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित 10 आसियान देशों के राष्ट्राध्यक्षों में शामिल थे.

राष्ट्रपति ने पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को राष्ट्रपति भवन में पांच साल से कम उम्र के बच्चों को पोलियो निरोधक दवा पिलाकर वर्ष 2018 के पल्स पोलियो कार्यक्रम का शुभारंभ किया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान के अनुसार राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस की पूर्व संध्या पर बच्चों को पोलियो निरोधक दवा पिलायी. बयान के अनुसार देशभर में 17 करोड़ बच्चों को सरकार के इस अभियान के तहत पोलियो निरोधक दवा पिलायी जाएगी.

इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने कहा, "हमें सजग रहने और लोगों की प्रतिरोधकता बनाए रखने और तबतक संवेदनशील निगरानी करने की जरुरत है जबतक दुनियाभर से पोलियो उन्मूलन न हो जाता है. क्योंकि दुनिया के अन्य हिस्सों में अब भी पोलियो के विषाणु विद्यमान हैं जो हमें संक्रमित कर सकते हैं.'' उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों को रोगों से बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम में बच्चों को ज्यादा से ज्यादा बीमारियों से बचाने पर बल दिया जाता है और उसके तहत तीन नये टीके शुरू किये गये हैं.

30 January 2018

भारत में पहली बार महिला इमाम ने नमाज़ पढ़कर इतिहास रचा

केरल की कुरान सुन्नत सोसाइटी की महासचिव जमीदा ने 26 जनवरी 2018 को जुमा की नमाज अदा कराकर इतिहास रचा. भारत में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी महिला इमाम ने जुमे की नमाज अदा करी हो. जमीदा ने जुमा (शुक्रवार) को होने वाली नमाज में इमाम की भूमिका में महिलाओं सहित लगभग 80 लोगों को नमाज पढ़ाई. जमीदा ने कहा कि पवित्र कुरान मर्द और औरत में कोई भेदभाव नहीं करता है और इस्लाम में महिलाओं के इमाम बनने पर कोई रोक नहीं है.

जमीदा के इस कार्यफलस्वरूप वे उलमा के निशाने पर आ गई हैं. उलमा का कहना है कि इस्लाम में औरत मर्दों की इमाम नहीं हो सकती, इसलिए मर्दों का किसी औरत के पीछे नमाज पढऩा जायज नहीं है. इमाम जमीदा ने मीडिया को दी जानकारी में कहा है कि पवित्र कुरान महिला व पुरुष में भेदभाव नहीं करता है और न ही इस्लाम महिलाओं को इमाम बनने से रोकता है.

लघु वित्त बैंक और भुगतान बैंकों में भी अटल पेंशन योजना की सुविधा शुरू

हाल ही में शुरू किए गए लघु वित्त बैंक और भुगतान बैंक भी अब अटल पेंशन योजना की सुविधा दे सकेंगे. सरकार ने अटल पेंशन योजना को दूरदराज के इलाकों के लोगों के लिए सुगम बनाने के मद्देनजर यह फैसला किया है. वित्त मंत्रालय ने आज बताया लघु वित्त बैंक और भुगतान बैंक अब अटल पेंशन योजना की सुविधा दे सकेंगे. ये नए युग के बैंक हैं और इनकी विशेषज्ञता तथा पहुंच को देखते हुए योजना के ग्राहकों तक इसे पहुंचाने में ये महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि अटल पेंशन योजना के मौजूदा चैनल को और मजबूत बनाने के लिए यह महसूस किया गया कि नये भुगतान बैंक और लघु वित्त बैंक ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने में मददगार होंगे. योजना में लोगों की भागीदारी से न सिर्फ पेंशन प्राप्त सुरक्षित समाज बनता है, बल्कि बैंकों को भी शुल्क के रूप में बड़ी मात्रा में आमदनी प्राप्त होती है. उसने बताया कि 23 जनवरी 2018 तक अटल पेंशन योजना से 84 लाख लोग जुड़ चुके हैं. इस योजना के तहत अब तक 3,194 करोड़ रुपए की अभिदान राशि प्राप्त हो चुकी है. इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 मई 2015 को की थी. योजना के तहत हर ग्राहक को एक निश्चित राशि हर साल जमा करानी होती है और 60 साल की उम्र के बाद राशि के अनुरूप उसे पेंशन दिया जाएगा. पेंशन की राशि पेंशन खाता खोलते समय की तय हो जाती है. प्रत्येक खाते पर बैंकों को 120 से 150 रुपए तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है.

रिजर्व बैंक ने वर्ष 2015 में 11 भुगतान बैंकों और 10 लघु वित्त बैंकों को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी जिनमें से नौ लघु वित्त बैंकों और चार भुगतान बैंक अस्तित्व में आ चुके हैं. पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण ने गत 15 जनवरी को भुगतान तथा नये वित्त बैंकों के अधिकारियों के साथ एक बैठक कर उन्हें योजना के संचालन के बारे में जानकारी दी और योजना के बारे में विचार-विमर्श किया. इसके बाद उन्हें योजना का हिस्सा बनाया गया है..

82 उत्पाद और सेवाएं हो गईं सस्ती, लागू हुआ नया GST रेट

देश भर में 25जनवरी से 82 प्रोडक्ट और सर्विस सस्ती हो गई हैं. 18 जनवरी को हुई जीएसटी काउंसिल की 25वीं बैठक में लिए गए फैसले के बाद से गुरुवार से नया रेट लागू हो गया. अब हीरा एवं कीमती पत्थर सस्ता हो गया है क्योंकि इस पर जीएसटी की दरों को वर्तमान तीन फीसदी से घटा कर 0.25 फीसदी कर दिया गया है. पुरानी मंझोली एवं बड़ी कारों पर 28 के बजाय 18 फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा जबकि लेमनजूस, 20 रुपये प्रति लीटर तक के बोतलबंद पेयजल, कुछ कीटनाशाक, बायोडीजल, ड्रिप और स्प्रिंकल सिंचाई के मशीनरी तथा स्प्रेयर पर 18 के बजाय 12 फीसदी की दर से जीएसटी वसूला जाएगा. इमली के बीज से बने पाउडर पर अब जीएसटी 18 फीसदी के बजाय पांच फीसदी ही देय होगा वेलवेट कपड़े पर भी जीएसटी की दर को 12 फीसदी से घटा कर पांच फीसदी कर दिया गया है. सिगरेट में लगने वाले फिल्टर रॉड पर अब जीएसटी की दर 12 की बजाय 18 फीसदी होगी जबकि चावल की भूसी को शून्य से पांच फीसदी के स्लैब में लाया गया है.
 
अब मेट्रो और मोनो रेल परियोजनाओं के निर्माण पर जीएसटी की दर 18 के बजाय 12 फीसदी होगी. स्मॉल हाउसकीपिंग सेवाओं पर अब पांच फीसदी की जीएसटी होगी लेकिन इनपुट टैक्स क्रेडिट सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा. थीम या वाटर पार्क में घूमना भी अब सस्ता होगा क्योंकि अब 28 के बजाय 18 फीसदी की ही जीएसटी देय होगी. पेट्रोलियम पदार्थ, जैसे पेट्रोल और डीजल की ढुलाई पर लगने वाले जीएसटी को भी 18 फीसदी से घटा कर पांच फीसदी किया गया है. कृषि उत्पादों के गोदामों में जो फ्यूमिगेशन किया जाता है, उस सेवा को जीएसटी से मुक्ति दे दी गई है. सभी शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले या परीक्षा के लिए दी जा रही सेवाओं को जीएसटी से छूट दी गई है. उन्हें एंट्रेंस परीक्षा के लिए ली जाने वाली एंट्रेंस फीस पर भी जीएसटी नहीं देना होगा. छात्रों, फैकल्टी या स्टाफ को ट्रांसपोर्टेशन सेवाओं पर भी राहत दी गई है. हालांकि यह छूट हायर सेकेंडरी तक शैक्षणिक संस्थानों के लिए है.


इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी वन और एमआईजी वन के लिए घोषित क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम के तहत घर के निर्माण पर जीएसटी का कंसेशनल दर लागू होगा. क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत बन रहे एयरपोर्ट को मिलने वाली वाइबिलिटी गेप फंडिंग पर जीएसटी छूट की समय सीमा को बढ़ाकर तीन साल कर दिया गया है. पहले यह एक साल के लिए थी. सरकार को पेट्रोलियम से होने वाले लाभ को भी जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है. आरडब्ल्यूए सदस्यों को दी जा रही छूट की सीमा प्रति सदस्य, प्रति माह 5000 रुपए से बढ़ाकर 7500 रुपए की गई है. आरटीआई के तहत सूचना उपलब्ध कराने वाली सेवा को जीएसटी से छूट दी गई है. टेलरिंग सेवा पर जीएसटी की दर 18 से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है. मेट्रो, मोनो रेल निर्माण परियोजनाओं पर जीएसटी 18 से घटाकर 12 फीसदी किया गया है. ।भारत से बाहर प्लेन के जरिये सामान भेजने पर परिवहन सेवाओं को छूट दी गई है.

केन्द्र सरकार ने सीबीआई में छह नए संयुक्त निदेशक नियुक्त किए

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में छह नए संयुक्त निदेशकों की नियुक्ति की गई है. इनमें गुजरात कैडर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रवीण सिन्हा भी शामिल हैं. भारतीय पुलिस सेवा के 1988 बैच के अधिकारी सिन्हा फिलहाल केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) में अतिरिक्त सचिव हैं. कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सिन्हा और दो अन्य पुलिस अधिकारियों अजय भटनागर तथा पंकज कुमार श्रीवास्तव को भी सीबीआई में संयुक्त निदेशक नियुक्त किया गया है.

भटनाकर केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल (सीआरपीएफ) में महानिरीक्षक हैं जबकि श्रीवास्तव अभी अपने कैडर राज्य मध्य प्रदेश में हैं. भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के तीन अधिकारियों शरद अग्रवाल, गजेंद्र कुमार गोस्वामी तथा वी मुरुगसेन को भी सीबीआई में संयुक्त निदेशक नियुक्त किया गया है. ये तीनों अधिकारी फिलहाल सीबीआई में उप महानिरीक्षक हैं.

आंगनवाड़ी सेवा प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए सूचना प्रणाली पोर्टल की शुरूआत

 Anganwadi Services Training Programmeमहिला एवं बाल विकास सचिव राकेश श्रीवास्तव ने 24 जनवरी, 2018 को आंगनवाड़ी सेवा प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए प्रबंधन सूचना प्रणाली पोर्टल की शुरूआत की. यह पोर्टल महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (NIC) के सहयोग से विकसित किया गया है. इसके तहत आंगनवाड़ी सेवी प्रशिक्षण केंद्र (एडब्ल्यूटीसी) / मध्य स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र (एमएलटीसी) के जरिये आंगनवाड़ी सेवाएं देने वाले गैर सरकारी संगठन आवेदन/ अनुमान जमा कर सकते हैं। पोर्टल के पहले चरण के जरिये गैर सरकारी संगठन अपने-अपने राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों को प्रस्ताव दे सकते हैं. राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इसके बाद प्रस्तावों पर गौर करेंगे और कार्यक्रम के संचालन के लिए आवश्यक निधियों की सिफारिश करेंगे. उसके बाद केंद्र सरकार प्रस्तावों की जांच करके धनराशि जारी करेगी. पोर्टल का यूआरएल http://icds-trg.nic.in है.

आंगनवाड़ी सेवा प्रशिक्षण कार्यक्रम, एकीकृत बाल विकास सेवा योजना (आईसीडीएस) के तहत केंद्र द्वारा प्रायोजित योजना है, जिसका प्रशासन, प्रबंधन, निगरानी संबंधित राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश करते हैं। आंगनवाड़ी सेवियों/ आंगनवाड़ी सहायकों और निरीक्षकों को एडब्ल्यूटीसी और एमएलटीसी में प्रशिक्षित किया जाता है. इन्हें संबंधित राज्य सरकारें/ केंद्र शासित प्रशासन या संबंधित राज्य सरकारों / केंद्र शासित प्रशासनों की निगरानी के तहत गैर – सरकारी संगठन चलाते हैं योजना के कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रशासनों को भारत सरकार निधियां जारी करती है.

राष्ट्रपति ने जीवन रक्षा पदक के लिए 44 बहादुर व्यक्तियों के नामों को मंजूरी दी

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 2017 के जीवन रक्षा पदक के लिए 44 बहादुर व्यक्तियों के नामों को मंजूरी दी है. इनमें से सात लोगों को सर्वोतम जीवन रक्षा पदक, 13 को उत्तम जीवन रक्षा पदक और 24 को जीवन रक्षा पदक प्रदान किए जाएंगे. सात पुरस्कार मरणोपरांत दिए जाएंगे. जिन व्यक्तियों को सर्वोतम जीवन रक्षा पदक दिए जाएंगे उनमें मिजोरम के एफ. लालछंदमा (मरणोपरांत), मध्य प्रदेश के बबलू मार्टिन (मरणोपरांत) पुडुचेरी के पुगाजेन्डी (मरणोपरांत), दिल्ली के मास्टर सुप्रीत राठी (मरणोपरांत), मध्य प्रदेश के दीपक साहू (मरणोपरांत), दिल्ली के सत्यवीर (मरणोपरांत) और मध्य प्रदेश के बसंत वर्मा (मरणोपरांत) शामिल हैं. इसके अलावा जिन्हें उत्तम जीवन रक्षा पदक दिए जाएंगे उनमें गुजरात के शेख सलीम गफूर, आंध्र प्रदेश के रवि गोर्ले, महाराष्ट्र के राजेंद्र तुकाराम गुरव, जम्मू एवं कश्मीर के डॉ. सुनीम अहमद खान, मिजोरम के बी. लल्तलंगथंगा और लियानमिंगथंगा, ओडिशा के मास्टर पंकज महंता, केरल के अमीन मोहम्मद, महाराष्ट्र के भानु चंद्र पांडेय, मध्य प्रदेश की रीना पटेल, हिमाचल प्रदेश के सुजन सिंह, कर्नाटक के सत्येन सिंह और मिजोरम के जोनुंतलुआंगा शामिल हैं.

इसके साथ ही जीवन रक्षा पदक पाने वाले व्य्क्तियों के नाम हैं मध्य प्रदेश के हरिओम सिंह बैस, केरल के अबिन चाको, ओडिशा की कुमारी ममता दलाई, केरल के मास्टर अभय दास, उत्तर प्रदेश के मास्टर चिरायु गुप्ता, अंडमान और निकोबार के गायुस जेम्स, केरल के मास्टर स्टीफन जोसेफ और मास्टर हरीश केएच, कर्नाटक के मास्टर निशांत केयू, दिल्ली के प्रदीप कुमार, उत्तर प्रदेश के सचिन कुमार, मणिपुर के मास्टर जॉन लालदितसाक, मध्य प्रदेश के प्रवीण कुमार मिश्रा, पंजाब के मदन मोहन, केरल की राजेश्री आर. नायर, मध्य प्रदेश के नरेंदर, महाराष्ट्र के मास्टर तांबे प्रणय राहुल, मध्य प्रदेश के सौरभ सिंह राजपूत, आंध्र प्रदेश की निम्मा वीरा वेंकट रामन, छत्तीसगढ़ की कुमारी यामिनी साहू, महाराष्ट्र के प्रभाकर गंगाधर साठे, मध्य प्रदेश के सुरेंद्र शर्मा, पश्चिम बंगाल के पुरन मल वर्मा और मिजोरम के मास्टर जायरेंतलुआंगा हैं.

जीवन रक्षा पदक उन व्यक्तियों को दिए जाते हैं जिन्होंने मानवता का परिचय देते हुए किसी दूसरे व्यक्ति की प्राण रक्षा का महान कार्य किया हो. यह पुरस्कार तीन वर्गो सर्वोतम जीवन रक्षा पदक, उत्तम जीवन रक्षा पदक और जीवन रक्षा पदक के रूप में दिए जाते हैं. जीवन के हर क्षेत्र के स्त्री और पुरुष, दोनों पुरस्कारों के पात्र हैं. पुरस्कार मरणोपरांत भी प्रदान किए जाते हैं. पुरस्कारों के तहत पदक, गृह मंत्री द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र और एकमुश्त नकद पुरस्कार दिए जाते हैं, जिन्हें उन राज्यों की सरकारें प्रदान करती हैं जहां के पुरस्कृत व्यक्ति रहने वाले हैं.

राष्ट्रीय बालिका दिवस

देशभर में 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया गया. 24 जनवरी के दिन इंदिरा गांधी को नारी शक्ति के रूप में याद किया जाता है. इस दिन इंदिरा गांधी पहली बार प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठी थी इसलिए इस दिन को राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है. यह निर्णय राष्ट्रीय स्तर पर लिया गया है. आज की बालिका जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रही है चाहे वो क्षेत्र खेल हो या राजनीति, घर हो या उद्योग। राष्ट्रमण्डल खेलों के गोल्ड मैडल हो या मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति के पद पर आसीन होकर देश सेवा करने का काम हो सभी क्षेत्रों में लड़कियाँ समान रूप से भागीदारी ले रही है. आज बालिका हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है लेकिन आज भी वह अनेक कुरीतियों का शिकार हैं. ये कुरीतियों उसके आगे बढ़ने में बाधाएँ उत्पन्न करती है। पढ़े-लिखे लोग और जागरूक समाज भी इस समस्या से अछूता नहीं है आज हज़ारों लड़कियों को जन्म लेने से पहले ही मार दिया जाता है या जन्म लेते ही लावारिस छोड़ दिया जाता है. आज भी समाज में कई घर ऐसे हैं, जहाँ बेटियों को बेटों की तरह अच्छा खाना और अच्छी शिक्षा नहीं दी जा रही है.

भारत में 20 से 24 साल की शादीशुदा औरतों में से 44.5 प्रतिशत (क़रीब आधी) औरतें ऐसी हैं, जिनकी शादियाँ 18 साल के पहले हुईं हैं. इन 20 से 24 साल की शादीशुदा औरतों में से 22 प्रतिशत (क़रीब एक चौथाई) औरतें ऐसी हैं, जो 18 साल के पहले माँ बनी हैं. इन कम उम्र की लड़कियों से 73 प्रतिशत (सबसे ज़्यादा) बच्चे पैदा हुए हैं. इन बच्चों में 67 प्रतिशत (दो-तिहाई) कुपोषण के शिकार हैं. गौरतलब है कि ‘नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रंस राइट्स’ यानी एनसीपीसीआर की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि भारत में 6 से 14 साल तक की ज़्यादातर लड़कियों को हर दिन औसतन 8 घंटे से भी ज़्यादा समय केवल अपने घर के छोटे बच्चों को संभालने में बिताना पड़ता है. इसी तरह, सरकारी आँकड़ों में दर्शाया गया है कि 6 से 10 साल की जहाँ 25 प्रतिशत लड़कियों को स्कूल छोड़ना पड़ता है, वहीं 10 से 13 साल की 50 प्रतिशत (ठीक दोगुनी) से भी ज़्यादा लड़कियों को स्कूल छोड़ना पड़ता है. 2008 के एक सरकारी सर्वेक्षण में 42 प्रतिशत लड़कियों ने यह बताया कि वे स्कूल इसलिए छोड़ देती हैं, क्योंकि उनके माता-पिता उन्हें घर संभालने और अपने छोटे भाई-बहनों की देखभाल करने को कहते हैं. लोगों को इसके दुष्परिणामों के प्रति आगाह करने और लड़कियों को बचाने के लिए 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है.

वैश्विक पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक में भारत को मिला 177वां स्थान

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में जारी की गयी ग्लोबल एन्वायर्नमेंट परफॉर्मेंस इंडेक्स (EPI) रिपोर्ट में भारत विश्व के कई देशों के मुकाबले निचले स्तर पर है. ध्यान दे की इस सूचकांक में कुल 180 देशों को शामिल किया गया जिसमें भारत अंतिम पांच देशों की सूची में शामिल है. ग्लोबल एन्वायर्नमेंट परफॉर्मेंस इंडेक्स की रिपोर्ट में 10 श्रेणियों के अलग-अलग 24 मुद्दों पर रिसर्च करके तैयार की गई है. इसमें वायु की गुणवत्ता, जल एवं स्वच्छता, कार्बन उत्सर्जन तीव्रता (जीडीपी के प्रति इकाई उत्सर्जन), जंगलों की कटाई और अपशिष्ट जल उपचार शामिल हैं.

इस सूचकांक में शामिल 180 देशों की सूची में भारत का नाम आखिरी पांच देशों में है. भारत इस वर्ष जारी रिपोर्ट में 177वें स्थान पर है. दो वर्ष पूर्व भारत इस सूची में 141वें स्थान पर था. पर्यावरण संरक्षण के लिए नियमित प्रयास करने वाले देशों में स्विटजरलैंड प्रथम स्थान पर है उसके बाद फ्रांस, डेनमार्क, माल्टा और स्वीडन की बारी आती है. इस रिपोर्ट में इस बात का विशेष उल्लेख किया गया है कि यदि इस योजना को सही तरीके से लागू किया जाता है तो इसके सकारत्मक प्रभाव पड़ेगा. इस रिपोर्ट को डब्ल्यूईएफ के सहयोग से येल और कोलंबिया विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किया गया है. रिपोर्ट में जनसंख्या वृद्धि से विकास पर प्रभाव पड़ने की भी बात कही गई है इस रिपोर्ट में चीन का 120 वां स्थान दिया गया है.

अशोक लवासा ने चुनाव आयुक्त का पदभार संभाला

अशोक लवासा ने 23 जनवरी, 2018 को नए चुनाव आयुक्त का पदभार ग्रहण किया. 21 अक्टूबर 1957 को जन्मे अशोक लवासा हरियाणा कैडर के 1980 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. लवासा 31 अक्टूबर, 2017 को भारत के वित्त सचिव बनाए गये थे. अपने 37 वर्षों के सेवाकाल में उन्होंने हरियाणा और केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को संभाला. लवासा ने प्रधान सचिव और वित्तीय आयुक्त (अक्षय ऊर्जा स्रोत, विद्युत), मुख्य समन्वयक (उद्योग), हरियाणा के स्थानीय आयुक्त, हरियाणा राज्य सहकारी सूगर हिल्स (HSFCOSHL) के प्रबंध निदेशक, हरियाणा राज्य औद्योगिक विकास सहयोग (एचएसआईडीसी) के प्रबंध निदेशक, केंद्रीय वित्त सचिव, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन सचिव, केंद्रीय नागर विमानन सचिव,विद्युत मंत्रालय में विशेष सचिव, गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव और कई अन्य महत्वपूर्ण पदों सम्मिलित हैं.
 
उनके कार्यकाल के दौरान करीब 28 राज्यों में विधानसभा के लिए चुनाव होंगे जिसमें फरवरी में होने वाले मेघालय, नागालैंड और त्रिपुरा राज्य के विधानसभा चुनाव शामिल हैं. इसके अलावा उनके कार्यकाल के दौरान 2019 में लोकसभा के लिए आम चुनाव आयोजित किया जाएगा. चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त होता है, जबकि दो अन्य चुनाव आयुक्त होते हैं. राष्ट्रपति की ओर से दोनों में से वरिष्ठ चुनाव आयुक्त को ही इलेक्शन कमिशन के चीफ की जिम्मेदारी सौंपे जाने की परंपरा रही है.

वेस्टइंडीज महिला टी 20 विश्वकप 2018 की मेजबानी करेगा

महिला टी20 विश्व कप इस साल नौ से 24 नवंबर तक एंटीगा और बारबुडा, गयाना और सेंट लूसिया में खेला जायेगा. इस बात की जानकारी मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने दी.  विश्व कप के ग्रुप दौरे के मैच गयाना के नेशनल स्टेडियम और सेंट लूसिया के डैरेन सैमी स्टेडियम में खेले जाएंगे. वहीं एंटिगा एंड बार्बुडा का सर विवियन रिचर्ड्स स्टेडियम सेमीफाइनल और फाइनल मैच की मेजबानी करेगा. मेजबान वेस्टइंडीज 2016 में ऑस्ट्रेलिया को हराकर जीता गया खिताब बरकरार रखने की कोशिश में होगा. पिछले साल आईसीसी टी20 टीम की कप्तान चुनी गई स्टेफनी टेलर एक बार फिर वेस्टइंडीज की कमान संभाल सकती है. क्रिकेट वेस्टइंडीज ने तीनों वेन्यू का चयन बोली की प्रक्रिया के बाद किया और आईसीसी को इसकी सूचना दे दी. आईसीसी के मुख्य कार्यकारी डेविड रिचर्डसन ने कहा, ‘वेस्टइंडीज की टीम गत चैम्पियन है और मुझे इसमें कोई शक नहीं कि वे बेहतरीन मेजबान साबित होंगे.’


वेस्टइंडीज के अलावा इसमें ऑस्ट्रेलिया, विश्व चैम्पियन इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, भारत, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका नजर आयेंगे.  बाकी दो जगह बांग्लादेश, नीदरलैंड, आयरलैंड, पापुआ न्यू गिनीया, स्काटलैंड, थाईलैंड, युगांडा या संयुक्त अरब अमीरात में से मिलेगी. आईसीसी महिला विश्व कप-2018 की टूर्नामेंट निदेशक जेनिफर निरो ने कहा, "वह पहली बार आईसीसी महिला विश्व कप की मेजबानी के लिए तैयार हैं. यह हमारे इस क्षेत्र में महिला क्रिकेट को लेकर फैले जुनून को बताएगा." इस विश्व कप में भारत के अलावा आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका भी हिस्सा ले रही हैं. इन सभी टीमों ने विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर लिया है. बाकी के बचे दो स्थानों के लिए बांग्लादेश, नीदरलैंड्स, आयरलैंड, पापुआ न्यू गिनी, स्कॉटलैंड, थाईलैंड, युगांडा और संयुक्त अरब अमीरात के बीच जद्दोजहद है. विश्व कप के क्वालीफायर नीदरलैंड्स में तीन से 14 जुलाई के बीच खेले जाएंगे. ये सभी तीन से 14 जुलाई तक नीदरलैंड में टी20 क्वालीफायर खेलेंगे. कैरेबियाई टीम ने 2007 विश्व कप और 2010 टी20 विश्व कप की मेजबानी की थी. गौरतलब है कि पहले 2007 में आयोजित पुरषों का विश्वकप वेस्टइंडीज में हुआ था जो कि सफल आयोजन साबित नहीं हुआ था. बताया गया था कि टूर्नामेंट में ग्रुप मैच बहुत ज्यादा हो गए थे. 

भारतीय रेलवे द्वारा सबसे तेज चलने वाली 'ट्रेन 18' आरंभ करने की घोषणा

भारतीय रेलवे  इस साल जून महीने तक अपनी तरह की पहली सेमी हाई स्पीड, स्वचालित ट्रेन लॉन्च करने जा रहा है. यह ट्रेन किसी सामान्य ट्रेनों के मुकाबले 20% कम वक्त में समान दूरी तय करेगी. चेन्नई स्थित रेलवे की इंटिग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) में ये ट्रेन सेट्स तैयार हो रहे हैं और 16 वातानुकूलित कोचों (फुली एयर-कंडीशंड कोचेज) वाली पहली ट्रेन जून 2018 तक बनकर तैयार हो जाएगी. आईसीएफ में इन दोनों ट्रेनों का निर्माण मेक इन इंडिया अभियान के तहत हो रहा है. इनके निर्माण की लागत विदेशों से आयात ट्रेनों की कीमत से आधी होगी. सिर्फ एक अंतर यह होगा कि ट्रेन 20 ऐल्युमिनियम बॉडी की होगी जबकि ट्रेन 18 की स्टेनलेस स्टील बॉडी होगी.

ईएमयू की जगह चलनेवाली नई ट्रेनों में समकालीन आधुनिक लुक के लिए कांच की लंबी-लंबी खिड़कियां, खुद-ब-खुद खुलने और बंद होनेवाले दरवाजे और सीढ़ियां होंगी जो स्टेशनों पर खुद-ब-खुद खुलेंगी और बंद होंगी. इन ट्रेनों में वैक्युम वाले बायो-टॉइलट्स होंगे. आईसीएफ के जनरल मैनेजर एस मणि ने कहा, 'ट्रेन 18 160 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ सकती है. इसमें विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएं होंगी. पहली ट्रेन जून 2018 तक बनकर तैयार हो जाएगी.'

एक स्टडी से पता चला है कि इस ट्रेन से दिल्ली-हावड़ा रूट पर 1,440 किमी की दूरी तय करने में 3 घंटे 35 मिनट का समय बचेगा. राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनें 150 किमी प्रति घंटे तक की स्पीड से चल पाएंगी, लेकिन औसत रफ्तार 90 किमी की ही होगी. सफर के समय में कटौती का आकलन 130 किमी प्रति घंटे की स्पीड के आधार पर किया गया है. नई ट्रेनों को 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने की अनुमति मिलने पर मंजिल तक पहुंचने में और कम वक्त लगेगा.

29 January 2018

देशभर में 26 जनवरी को 69वां गणतंत्र दिवस मनाया गया, राजपथ बना शक्तिपथ

देशभर में 26 जनवरी को 69वां गणतंत्र दिवस मनाया गया. अवसर पर विजय चौक से ऐतिहासिक लालकिले तक भारत की विविधता समेत आन, बान और शान का शानदार नजारा देखा गया. इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में 10 आसियान देशों के नेताओं एवं शासनाध्यक्षों की मौजूदगी रही. राजपथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में प्राचीन काल से चली आ रही भारत की अनूठी एकता में पिरोई विविधताओं वाली विरासत, आधुनिक युग की विभिन्न क्षेत्रों की उसकी उपलब्धियां और देश की सुरक्षा की गारंटी देने वाली फौज की क्षमता का भव्य प्रदर्शन हुआ. राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड में सलामी मंच पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ 10 आसियान देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने भी शिरकत की. आसियान देशों के नेताओं ने जयपुरी बांधनी चुन्नी ओढ़ कर समारोह में हिस्सा लिया. सलामी मंच पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भव्य परेड की सलामी ली और 10 आसियान देशों के राष्ट्राध्यक्षों की मौजूदगी में राजपथ पर भारत की संस्कृति के रंगों और रक्षा क्षेत्र की ताकत का प्रदर्शन किया गया. परेड के बाद पीएम मोदी ने राजपथ पर मौजूद दर्शकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया.

सुबह करीब 10 बजे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तिरंगा फहराया. राष्ट्रगान की धुन के बीच 21 तोपों की सलामी के साथ परेड शुरू हुई. परेड से पहले सलामी मंच पर भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडो ज्योति प्रकाश निराला को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया. आंखों में गर्व का भाव लिये कमांडो निराला की पत्नी सुषमानंद और मां मालती देवी ने राष्ट्रपति से सम्मान ग्रहण किया. इस दौरान राष्ट्रपति भावुक दिखे. वर्ष 2018 के परेड में जहां सारी दुनिया में सबसे अधिक विविधता वाले देश भारत को एक सिरे में पिरोने वाली उसकी हर कोने की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाया गया. वहीं अत्याधुनिक हथियारों, मिसाइलों, विमानों और भारतीय सैनिकों के दस्तों ने देश के किसी भी चुनौती से निपट सकने की ताकत का अहसास कराया. सैन्य ताकत की परेड के दौरान रूद्र अैर ध्रुव का डायमंड फॉर्मेशन का भी प्रदर्शन किया गया. इसके अलावा नौसेना की मार्चिंग टुकड़ी और नौसेना की झांकी भी दिखी जिसमें आईएनएस विक्रांत को पेश किया गया. गणतंत्र दिवस परेड में नारी शक्ति का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला. वायु सेना के मार्चिंग दस्ते के बाद वायु सेना की भी एक झांकी पेश की गई जिसमें महिला शक्ति और स्वदेशी को प्रदर्शित किया गया. बीएसएफ के महिला मोटर साइकिल सवार दस्ते ने अद्भुद करतब दिखाये.
 
मुख्य मंच पर उपस्थित रहे आसियान नेता 
 आसियान-भारत शिखर बैठक में भाग लेने के लिए 25 जनवरी को नई दिल्ली पहुंचे सभी नेताओं ने आज देश के 69वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्‍य अतिथि के रूप में शिरकत की. राजपथ पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ सभी नेता मुख्य मंच पर उपस्थित रहे. बताया जाता है कि आसियान के साथ 28 जनवरी 1992 को भारत का डायलॉग पार्टनरशिप स्थापित होने के बाद हमारे संबंध काफी मजबूत हुए हैं. आज आसियान, भारत का सामरिक सहयोगी है. भारत और आसियान के बीच 30 वार्ता तंत्र हैं. ऐसे में एक अभूतपूर्व कदम के तहत 10 आसियान देशों के राष्ट्राध्यक्ष/ शासनाध्यक्षों को गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था. बता दें कि भारत की एक्ट ईस्ट नीति दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ उसके प्राचीन संबंधों को बेहतर बनाने के साथ ही राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों के माध्यम से पुन:स्थापित करते हैं. भारत-आसियान स्मारक शिखर सम्मेलन भारत-आसियान संबंधों के 25 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित किया गया है. यह पहल ऐसे समय हुई है जब क्षेत्र में चीन का आर्थिक और सैन्य दखल बढ़ रहा है.

26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस
26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ, लेकिन इसी तारीख को ही भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य क्यों बना? इतिहास के पन्नों को खंगालें तो पता चलता है कि भारतीय नेता किसी ऐसे दिन संविधान लागू करना चाहते थे जो राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक रहा हो. इसका मतलब साफ था कि भारत के लिए 26 जनवरी की तारीख का ऐतिहासिक महत्व था. दरअसल, स्वतंत्रता सेनानियों ने तीस के दशक में ही देश को आजाद कराने की तारीख तय कर ली थी. कांग्रेस ने देश को स्वतंत्रता दिलाने के लिए 26 जनवरी 1930 की तरीख तय की थी. 31 दिसंबर 1931 को लाहौर में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने तिरंगा फहराते हुए पूर्ण स्वराज की मांग कर दी थी. जब संविधान लागू करने की घड़ी आई तो पूर्ण स्वराज की मुहिम की नींव रखने वाले दिन की तारीख को ही इसके लिए चुना गया. 26 जनवरी 1950 को जब संविधान लागू हुआ तो गणतंत्र दिवस के साथ ‘पूर्ण स्वराज दिवस’ भी मनाया गया.
 भारत का संविधान बनाने में नेताओं को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी. संविधान हाथ से लिखा गया था और इसे तैयार करने में 2 वर्ष 11 महीने 18 दिन का समय लगा था. भारत की संविधान दुनिया का सबसे बड़ा हस्त लिखित संविधान कहा जाता है. डॉक्टर भीमराव अंबेडर संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे. सविधान के लिए पहली बार 9 दिसंबर 1946 को संसद के सभागार में संविधान सभा दस्तावेजों को लेकर इकट्ठा हुई थी. संसद के पहले सत्र में शुरू हुई बहस में 292 सदस्यों में से 207 सदस्यों ने हिस्सा लिया था, जो कि तीन महीने तक चली थी. संविधान सभा के सदस्यों के प्रांतीय विधानसभा चुनाव कराकर चुना गया था. इसके लिए अंग्रेजों ने 1946 में एक कैबिनेट मिशन भारत भेजा था. चुने हुए सदस्यों में सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सरोजनी नायडू और पंडित जवाहर लाल नेहरू भी शामिल थे. 3 वर्षों में संविधान सभा के 165 दिनों में 11 सत्र हुए. 9 दिसंबर 1949 को संविधान का ड्राफ्ट संविधान सभा ने अपना लिया और करीब एक मीहने के बाद 26 जनवरी 1950 को पूर्ण स्वराज की मुहिम शुरू करने वाले दिन इसे लागू कर दिया गया. दिल्ली के राजपथ पर गणतंत्र दिवस की पहली परेड 1955 में हुई थी. हाथ से लिखा गया भारतीय संविधान संसद के पुस्तकालय में आज भी सुरक्षित है.



राष्ट्रीय मतदाता दिवस

देशभर में गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले यानी 25 जनवरी को 8वा राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया गया. इस दिन को मनाने का उद्देश्य युवाओं को वोट देने के लिए प्रेरित करना है।.शॉर्ट में कहा जाए तो वोट देने के अधिकार को सेलिब्रेट करने का दिन है राष्ट्रीय मतदाता दिवस. विश्व में भारत जैसे सबसे बड़े लोकतंत्र में मतदान को लेकर कम होते रुझान को देखते हुए राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है. इसके मनाए जाने के पीछे निर्वाचन आयोग का उद्देश्य था कि देश भर के सभी मतदान केंद्र वाले क्षेत्रों में प्रत्येक वर्ष उन सभी पात्र मतदाताओं की पहचान की जाएगी, जिनकी उम्र एक जनवरी को 18 वर्ष हो चुकी होगी. इस सिलसिले में 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज किए जाएंगे और उन्हें निर्वाचन फोटो पहचान पत्र सौंपे जाएंगे. पहचान पत्र बांटने का काम सामाजिक, शैक्षणिक व गैर-राजनीतिक व्यक्त‌ि करेंगे.

भारतीय चुनाव आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950 को हुई थी इसलिए इसी दिन को राष्ट्रीय मतदाता दिवस घोषित किया गया है. इस दिन उन युवाओं के लिए मतदाना जागरुकता कार्यक्रम चलाए जाते हैं, जिन्हें इसी वर्ष वोट देने का अधिकार मिला है. राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अगले दिन यानी 26 जनवरी 1950 को देश ने अपना पहला गणतंत्र दिवस मनाया था. वर्ष 1950 से स्थापित चुनाव आयोग के 61वें स्‍थापना वर्ष पर 25 जनवरी 2011 को तत्कालीन राष्ट्रपत‌ि प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ का शुभारंभ किया था. इस आयोजन के दो प्रमुख विषय थे, ‘समावेशी और गुणात्मक भागीदारी’ (Inclusive and Qualitative Participation) तथा ‘कोई मतदाता पीछे न छूटे’ (No Voter to be left behind).

वर्ष 2016 के प्रधानमंत्री श्रम पुरस्‍कार घोषित

सरकार ने आज वर्ष 2016 के लिए प्रधानमंत्री श्रम पुरस्‍कारों की घोषणा की है. ये पुरस्‍कार विभागीय उपक्रमों, केन्‍द्र और राज्‍य सरकारों के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा निजी क्षेत्र की इकाइयों में कार्यरत 50 श्रमिकों को प्रदान किए जाएंगे. इन पुरस्‍कारों हेतु चयन उन्‍हीं उपक्रमों से किया जाता है जिनमें 500 या उससे ज्‍यादा श्रमिक कार्यरत हों. हालांकि इस वर्ष प्रदान किये जाने वाले श्रम पुरस्‍कारों की कुल संख्‍या 32 है, लेकिन 3 महिलाओं सहित 50 श्रमिक ये पुरस्‍कार प्राप्‍त करेंगे। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र के 34 श्रमिक और निजी क्षेत्र के 16 श्रमिक शामिल हैं.
 
श्रम पुरस्‍कार चार श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं. इनमें ‘श्रम रत्‍न पुरस्‍कार, ‘श्रम भूषण पुरस्‍कारश्रम वीर/श्रम वीरांगना और श्रम श्री/श्रमदेवी पुरस्‍कार शामिल हैं. इस वर्ष प्रतिष्ठित श्रम रत्‍न पुरस्‍कार के लिए किसी भी नामांकन को उपयुक्‍त नहीं पाया गया. सेल/भेल और टाटा स्‍टील लिमिटेड के 12 श्रमिकों को श्रम भूषण पुरस्‍कार देने की घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत 1,00,000 रुपये का नकद पुरस्‍कार और एक सनद दिया जाता है. नेवल डाकयार्ड, आयुध फैक्‍ट्री, राष्‍ट्रीय इस्‍पात निगम, टाटा स्‍टील, हिन्‍डालको इंडस्‍ट्रीज, पारादीप फॉस्‍फेट लिमिटेड, ब्रह्मोसएयर स्‍पेस के 18 श्रमिक श्रम वीर/श्रम वीरांगना पुरस्‍कार के रूप में 60 हजार रुपये नकद और एक सनद प्राप्‍त करेंगे.  

सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, नेवल शिप रिपेयर यार्ड, टाटा मोटर, सूरत लिग्‍नाइट पॉवर प्‍लांट, लार्सन एंड टूब्रो लिमिटेड आदि के 20 श्रमिकों को श्रम श्री/श्रम देवी पुरस्‍कार के रूप में 40,000 रुपये नकद और एक सनद प्रदान किया जाएगा. श्रम और रोजगार मंत्रालय हर वर्ष प्रधानमंत्री श्रम पुरस्‍कारों की घोषणा करता है. ये पुरस्‍कार 500 या ज्‍यादा संख्‍या वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, केन्‍द्र और राज्‍य सरकार के विभागीय उपक्रमों तथा निजी क्षेत्र की इकाइयों से श्रमिकों का चयन करके उनके असाधारण कार्यों, नवोन्‍मेष क्षमता, उत्‍पादकता के क्षेत्र में उनके उल्‍लेखनीय योगदान और अत्‍यधिक साहस दिखाने तथा चौकस रहने के लिए दिए जाते हैं. 

राष्ट्रपति ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संख्या पर पदम और वीरता पुरस्कारों से नवाजा

विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट सेवाओं और उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिए जाने वाले पद्म पुरस्कारों और वीरता पुरस्कारों का ऐलान कर दिया गया है. इस बार 85 लोगों को पदम अवॉर्ड दिया गया. इसमें से तीन लोगों को पदम विभूषण, नौ लोगों को पदम भूषण और 73 लोगों को पद्मश्री प्रदान किया गया. बता दें कि पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की जाती है. इस बार पुरस्कारों के लिए 15,700 लोगों ने आवेदन किया है और इस बार सरकार का जोर गुमनाम नायकों को पुरस्कृत करने पर है. इसके अलावा राष्ट्रपति ने अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र भी प्रदान किए गए.

पद्मविभूषण पुरस्कार
1. इलैयाराजा (कला-संगीत) दक्षिण भारत के प्रख्यात संगीतकार
2. परमेश्वरन (साहित्य एवं शिक्षा) केरल
3. गुलाम मुस्तफा खान (कला-संगीत) हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीतज्ञ, महाराष्ट्र
पद्मभूषण पुरस्कार
1. महेंद्र सिंह धोनी (क्रिकेट)
2. पंकज आडवाणी (बिलियर्ड्स)
3. फिलिपोंस क्रिसोस्टम (अध्यात्म)
4. एलेक्जेंडर काडाकिन (पब्लिक अफेयर्स)
5. रामचंद्रन नागास्वामी (आर्कियोलॉजी)
6. वेद प्रकाश नंदा (साहित्य और शिक्षा)
7. लक्ष्मण पई (पेंटिंग)
8. अरविंद पारिख (संगीत)
9. शारदा सिन्हा (संगीत)
पद्मश्री पुरस्कार
अरविंद गुप्ता-साहित्य और शिक्षा (महाराष्ट्र)
भज्जू श्याम-कला(पेंटिंग) मध्यप्रदेश
लक्ष्मी कुट्टी-औषधि(सर्प दंश) केरल
सुशांशु बिस्वास-समाज सेवा(पश्चिम बंगाल)
एमआर राजगोपाल-औषधि(केरल)
मुरलीकांत पेटेकर-खेल, महाराष्ट्र
सुलागट्टी नरसम्मा-औषधि (कर्नाटक)
विजय लक्ष्मी नवनीतिकृष्णन-साहित्य और शिक्षा-महाराष्ट्र

सुभासिनी मिस्त्री-समाज सेवा, पश्चिम बंगाल
राजगोपालन वासुदेवन-विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, तमिलनाडु

बता दें कि पिछले साल 89 लोगों को पद्म पुरस्कार दिए गए थे. आजादी के बाद से पिछले साल तक कुल 4417 हस्तियों को देश के प्रतिष्ठित अवॉर्ड दिए जा चुके हैं. कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान एवं अभियांत्रिकी, लोक मामलों, सिविल सेवाओं, व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में ये पुरस्कार दिए जाते हैं. 

 गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर भारत के राष्‍ट्रपति ने कॉरपोरल ज्योति प्रकाश निराला को मरणोपरांत अशोक चक्र और अदम्य साहस का परिचय देने वाले कॉरपोरल देवेंद्र मेहता, मेजर अखिल राज, कैप्टन रोहित शुक्ला, कैप्टन अभियनव शुक्ला, कैप्टन प्रदीप शूरी आर्या, हवलदार मुबारक अली, हवलदार रविंद्र थापा, नायक नरेंद्र सिंह, लांस नायक बधेर हुसैन और परातरूपर मंचू को शौर्य चक्र प्रदान किया. राष्ट्रपति ने स्क्वाड्रन लीडर राजीव चौहान, स्क्वाड्रन लीडर कमल शर्मा (पायलट) और विंग कमांडर अंशुल सक्सेना (पायलट) को वायु सेना मेडल (गैलेंट्री) से नवाजा. इसके साथ हीराष्‍ट्रपति ने आरपीएफ/आरपीएसएफ जवानों को उनकी असाधारण सेवाओं के लिए राष्‍ट्रपति के पुलिस पदक और सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक से सम्‍मानित किया है. रेलवे के IG राजेंद्र कुमार मलिक को आधारण सेवाओं के लिए राष्‍ट्रपति का पुलिस पदक दिया गया. इसके अलावा सराहनीय सेवाओं के लिए इन लोगों को पुलिस पदक दिया गया.

1. सुमति शान्डिल्‍य, डीआईजी/एमएसी रेलवे बोर्ड
2. आलोक बोहरा, उप सीएससी/पश्चिमी रेलवे
3. राकेश कुमार पांडे, एएससी/पश्चिमी रेलवे
4. केपी जेम्‍स, सहायक कमांडेंट/7बीएन/आरपीएसएफ
5. शीरीश सदानंद डेंगे, सब इंस्‍पेक्‍टर/सेंट्रल रेलवे
6. धनराज गोमाजी मेशराम, हैड कांस्‍टेबल/सेंट्रल रेलवे
7. नंदलाल, हैड कांस्‍टेबल/उत्‍तर-पश्चिमी रेलवे
8. साधु राम सीदर, हैड कांस्‍टेबल/एसईसीआर
9. तरुण कुमार पान, हैड कांस्‍टेबल/पूर्वी रेलवे
10. स्‍वपन नायक, हैड कांस्‍टेबल/पूर्वी रेलवे
11. ओम प्रकाश रावत, इंस्‍पेक्‍टर/उत्‍तर रेलवे
12. जयचंद शर्मा, सहायक सब इंस्‍पेक्‍टर/उत्‍तर रेलवे
13. प्रदीप कुमार गुप्‍ता, डीआईजी (प्रशिक्षण)/जेआर आरपीएफ अकादमी, लखनऊ

पीएम मोदी ने विश्व आर्थिक मंच की सालाना बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया, दिया दुनिया को बड़ा संदेश

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक के उद्घाटन सत्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया. यह पहला मौका है जब 21 साल बाद भारत के किसी पीएम ने वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम में भारत का प्रतिनिधितत्व किया. पीएम मोदी ने इकानॉमी, वैश्‍विक आतंकवाद, बदलती तकनीकी, ग्लोबल क्लाइमेट चेंज के खतरे समेत कई वैश्‍विक मसलों पर दुनिया के सामने भारत का पक्ष रखा. अपने इस प्रभावी भाषण में प्रधानमंत्री ने कई मुद्दों की ओर भी दुनिया का ध्यान खींचा. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि वदावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की इस 48वीं वार्षिक बैठक में शामिल होते हुए मुझे बेहद हर्ष हो रहा है. सबसे पहले मैं क्लॉजश्वाब को उनकी इस पहल पर और डब्लूईएफ को एक सशक्त और व्यापक मंच बनाने पर बहुत-बहुत साधुवाद देता हूं. पीएम मोदी ने कहा कि आज गरीबी, अलगाववाद, बेरोजगारी हमारे सामने बहुत बड़ी चुनौती है इस दरार को हमें दूर करना होगा. पीएम मोदी ने कहा कि मानव सभ्यता के लिए जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ा ख़तरा है. मौसम का मिजाज बिगड़ रहा है, कई द्वीप डूब गए हैं या फिर डूबने की कगार पर हैं. प्रकृति को बचना भारत की संस्कृति का हिस्सा रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल में भारत ने अपना बिजली उत्पादन 60 गीगावॉट तक पहुँचा दिया है. पीएम मोदी ने कहा कि उनके विजन में एक महत्वकांक्षी एजेंडा है जिसका उद्देश्य है दुनिया के हालात सुधारना.

पीएम मोदी ने कहा कि दावोस में आख़िरी बार भारत के प्रधानमंत्री की यात्रा सन् 1997 में हुई थी, जब देवेगौड़ा जी यहां आए थे. 1997 में भारत का GDP सिर्फ़ 400 बिलियन डॉलर से कुछ अधिक था. अब दो दशकों बाद यह लगभग 6 गुना हो चुका है. पीएम मोदी ने कहा कि 1997 में भी दावोस अपने समय से आगे था, और यह World Economic Forum भविष्य का परिचायक था. आज भी दावोस अपने समय से आगे है. पीएम ने कहा कि इस वर्ष फोरम का विषय- 'क्रियेटिंग ए शेयर्ड फ्यूचर इन ए फैक्चर्ड वर्ल्ड' है. यानि दरारों से भरे विश्व में साजा भविष्य का निर्माण। नये-नये बदलावों से, नई-नई शक्तियों से आर्थक क्षमता और राजनैतिक शक्ति का संतुलन बदल रहा है. इससे विश्व के स्वरुप में दूरगामी परिवर्तनों की छवि दिखाई दे रही है. विश्व के सामने शांति, स्थिरता और सुरक्षा को लेकर नई और गंभीर चुनौतियां हैं. पीएम मोदी ने कहा कि व्यवहार, बातचीत और यहां तक कि अंतर्राष्ट्रीय समूहों और राजनीति तथा अर्थव्यवस्था तक को गहराई से प्रभावित कर रहे हैं. टेकनलॉजी के जोड़ने, मोड़ने और तोड़ने- तीनों आयामों का एक बड़ा उदाहरण सोशल मीडिया के प्रयोग में देखने को मिलता है. आज डाटा सबसे बड़ी संपदा है. डाटा के ग्लोबल फ्लो से सबसे बड़े अवसर बन रहे है और सबसे बड़ी चुनौती भी.


पीएम मोदी ने कहा कि विज्ञान, तकनीक और आर्थिक प्रगति के नये आयामों में एक ओर तो मानव को समृद्धि के नये रास्ते दिखाने की क्षमता है. वहीं दूसरी ओर इन परिवर्तनों से ऐसी दरारों भी पैदा हुई हैं जो दर्द भरी चोट पहुंचा सकती हैं. बहुत से बदलाव ऐसी दीवारें खड़ी कर रहे हैं जिन्होंने पूरी मानवता के लिए शांति और समृद्धि के रास्ते को दुर्गम ही नहीं दुःसाध्य बना दिया है. पीएम मोदी ने कहा कि 'वसुधैव कुटुम्बकम का भारतीय दर्शन आज दुनिया में खिंची दरारों को पाटने की दृष्टि में अधिक प्रासंगिक है. उन्होंने कहा कि भारत, भारतीय और भारतीय विरासत का प्रतिनिधि होने के नाते मेरे लिए इस फोरम का विषय जितना समकालीन है उतना ही समयातीत भी है. समयातीत इसलिए क्योंकि भारत में अनादिकाल से हम मानव मात्र को जोड़ने में विश्वास करते आए हैं, उसे तोड़ने में नहीं, उसे बांटने में नहीं. हजारों साल पहले संस्कृत भाषा में लिखे गये ग्रंथों में भारतीय चिंतकों ने कहा- वसुधैवकुटुम्बकम्. यानी पूरी दुनिया एक परिवार है. तत्वतः हम सब परिवार की तरह बंदे हुए हैं. 

पीएम ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति एलेन बर्सेट से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा की. इसके बाद पीएम मोदी ने कई वैश्विक कंपनियों के कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) से मुलाकात की. उनके साथ हुई राउंड टेबल मीटिंग की मेजबानी की. यहां पीएम ने विकास पर बात की. मोदी ने कहा भारत का मतलब बिजनेस है. मोदी यहां दुनिया के सामने भारतीय अर्थव्यवस्था, यहां निवेश और अपनी नीतियों के बारे में बताए. इस दौरान WEF में वर्ल्ड लीडर्स के साथ ही दुनियाभर से यहां जमा हुए कारोबारी और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक जैसी संस्थाओं के प्रमुख भी उनके संबोधन को सुनें. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा इस बैठक में कई देशों के प्रमुख शामिल हो रहे हैं. इस सम्मेलन में न सिर्फ अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन जैसे विकसि‍त देशों के लोग शामिल हो रहे हैं, बल्क‍ि दक्ष‍िण अफ्रीका और कई अफ्रीकी देशों के प्रमुख भी इस बैठक में पहुंचे हैं. इस बैठक में दुनियाभर से 340 से ज्यादा राजनीतिक नेता शामिल हुए हैं.इस सम्मलेन में दुनियाभर के कारोबारी भी शामिल हो रहे है. दुनियाभर से आए कारोबारियों के अलावा इस बैठक में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी, आईसीआईसीआई बैंक की चेयरमैन चंदा कोचर और कोटक बैंक के प्रमुख उदय कोटक समेत करीब भारत के 100 से ज्यादा प्रमुख कंपनियों के सीईओ शामिल हो रहे हैं. इस तरह WEF का मंच विदेशी कंपनियों को लुभाने के साथ भारतीय कारोबारियों तक ही अपना संदेश पहुंचाने का एक मौका है.  

26 January 2018

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्र को संबोधित किया

69वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्र को संबोधित किया. राष्ट्र के नाम संदेश में सबसे पहले उन्‍होंने देश वासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई दी, साथ ही देश में योगदान देने वालों को नमन किया. राष्ट्रपति ने कहा कि देश के 69वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आप सभी को बहुत-बहुत बधाई! यह राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना के साथ, हमारी सम्प्रभुता का उत्सव मनाने का भी अवसर है. उन्होंने कहा 'यह उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के महान प्रयासों और बलिदान को, आभार के साथ याद करने का दिन है जिन्होंने अपना खून-पसीना एक करके, हमें आज़ादी दिलाई, और हमारे गणतंत्र का निर्माण किया. आज का दिन हमारे लोकतान्त्रिक मूल्यों को नमन करने का भी दिन है. उन्होंने कहा कि देश के लोगों से ही लोकतंत्र बनता है. हमारे नागरिक, केवल गणतंत्र के निर्माता और संरक्षक ही नहीं हैं, बल्कि वे ही इसके आधार स्तम्भ हैं. हमारा हर नागरिक, हमारे लोकतन्त्र को शक्ति देता है. हर एक सैनिक, जो हमारे देश की रक्षा करता है. हर-एक किसान, जो हमारे देशवासियों का पेट भरता है. हर-एक पुलिस और अर्ध-सैनिक बल, जो हमारे देश को सुरक्षित रखता है. हर-एक मां, जो देशवासियों का पालन-पोषण करती है. हर-एक डॉक्टर, जो देशवासियों का उपचार करता है. हर-एक नर्स, जो देशवासियों की सेवा करती है; हर-एक स्वच्छता कर्मचारी, जो हमारे देश को स्वच्छ रखता है. हर-एक अध्यापक, जो हमारे देश को शिक्षित बनाता है; हर-एक वैज्ञानिक, जो हमारे देश के लिए इनोवेशन करता है. हर-एक इंजीनियर, जो हमारे देश को एक नया स्वरुप देता है.

राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे वरिष्ठ नागरिक, जो गर्व के साथ यह देखते हैं कि वे अपने लोकतंत्र को कितना आगे ले आये हैं. हर-एक युवा, जिसमे हमारे देश की ऊर्जा, आशाएं, और भविष्य समाए हुए हैं और हर-एक प्यारा बच्चा, जो हमारे देश के लिए नए सपने देख रहा है. संविधान का निर्माण करने, उसे लागू करने और भारत के गणराज्य की स्थापना करने के साथ ही, हमने वास्तव में ‘सभी नागरिकों के बीच बराबरी’ का आदर्श स्थापित किया, चाहे हम किसी भी धर्म, क्षेत्र या समुदाय के क्यों न हो . उन्होंने कहा कि समता या बराबरी के इस आदर्श ने, आज़ादी के साथ प्राप्त हुए स्वतंत्रता के आदर्श को पूर्णता प्रदान की. एक तीसरा आदर्श हमारे लोकतंत्र के निर्माण के सामूहिक प्रयासों को और हमारे सपनों के भारत को सार्थक बनाता है. यह है, बंधुता या भाईचारे का आदर्श. हमें आजादी एक कठिन संघर्ष के बाद मिली थी. इस संग्राम में, लाखों लोगों ने हिस्सा लिया. उन स्वतंत्रता सेनानियों ने देश के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया. महात्मा गाँधी के नेतृत्व में, ये महान सेनानी, मात्र राजनैतिक स्वतंत्रता प्राप्त करके संतुष्ट हो सकते थे. लेकिन उन्होंने पल भर भी आराम नहीं किया। बल्कि दुगने उत्साह के साथ संविधान बनाने के महत्त्वपूर्ण कार्य में पूरी निष्ठा के साथ जुट गए. उनकी नजर में हमारा संविधान, हमारे नए राष्ट्र के लिए केवल एक बुनियादी कानून ही नहीं था, बल्कि सामाजिक बदलाव का एक दस्तावेज था.

राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे संविधान निर्माता बहुत दूरदर्शी थे. वे ‘कानून का शासन’ और ‘कानून द्वारा शासन’ के महत्त्व और गरिमा को भली-भांति समझते थे. वे हमारे राष्ट्रीय जीवन के एक अहम दौर के प्रतिनिधि थे. हम सौभाग्यशाली हैं कि उस दौर ने हमें गणतंत्र के रूप में अनमोल विरासत दी है. जिस शुरुआती दौर में, हमारे संविधान का स्वरुप तय किया गया, उस दौर से मिली हुई सीख हमारे लिए आज भी प्रासंगिक है. हम जो भी कार्य करें, जहां भी करें, और हमारे जो भी लक्ष्य हों. उस दौर की सीख, हर क्षेत्र में हमारे लिए उपयोगी है. उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण करोड़ों छोटे-बड़े अभियानों को जोड़कर बना, एक सम्पूर्ण अभियान है. नागरिकों के चरित्र का निर्माण करना, परिवारों द्वारा अच्छे संस्कारों की नींव डालना, और समाज से अंध-विश्वास तथा असमानता को मिटाना, ये सभी राष्ट्र-निर्माण की दिशा में योगदान हैं. जहां बेटियों को, बेटों की ही तरह, शिक्षा, स्वास्थ्य और आगे बढ़ने की सुविधाएं दी जाती हैं, ऐसे समान अवसरों वाले परिवार और समाज ही एक खुशहाल राष्ट्र का निर्माण करते हैं. महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए सरकार कानून लागू कर सकती है और नीतियां भी बना सकती है, लेकिन ऐसे कानून और नीतियां तभी कारगर होंगे जब परिवार और समाज हमारी बेटियों की आवाज़ को सुनेंगे. हमें परिवर्तन की इस पुकार को सुनना ही होगा . 

राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि आत्म-विश्वास से भरे हुए और आगे की सोच रखने वाले युवा ही एक आत्म-विश्वास-पूर्ण और प्रगतिशील राष्ट्र का निर्माण करते हैं. हमारे 60 प्रतिशत से अधिक देशवासी 35 वर्ष से कम उम्र के हैं. इन पर ही हमारी उम्मीदों का दारोमदार है. हमने साक्षरता को काफी बढ़ाया है; अब हमें शिक्षा के दायरे और बढ़ाने होंगे. शिक्षा-प्रणाली को ऊंचा उठाना, और उसके दायरे को बढ़ाना तथा 21वीं सदी की डिजिटल अर्थव्यवस्था, जीनोमिक्स, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन की चुनौतियों के लिए समर्थ बनाना हमारा उद्देश्य होना चाहिए. उन्होंने कहा कि इनोवेटिव बच्चे ही एक इनोवेटिव राष्ट्र का निर्माण करते हैं. इस लक्ष्य को पाने के लिए हमें एक जुनून के साथ, जुट जाना चाहिए. हमारी शिक्षा-प्रणाली में, रटकर याद करने और सुनाने के बजाय, बच्चों को सोचने और तरह-तरह के प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए. हमने खाद्यान्न उत्पादन में काफी बढ़ोतरी की है, लेकिन अभी भी कुपोषण को दूर करने और प्रत्येक बच्चे की थाली में जरुरी पोषक तत्व उपलब्ध कराने की चुनौती बनी हुई है. यह हमारे बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए, और देश के भविष्य के लिए, बहुत ही महत्वपूर्ण है.

राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि मुहल्ले-गांव और शहर के स्तर पर सजग रहने वाले नागरिकों से ही एक सजग राष्ट्र का निर्माण होता है. हम अपने पड़ोसी के निजी मामलों और अधिकारों का सम्मान करते हैं। त्योहार मनाते हुए, विरोध प्रदर्शन करते हुए या किसी और अवसर पर, हम अपने पड़ोसी की सुविधा का ध्यान रखें. किसी दूसरे नागरिक की गरिमा और निजी भावना का उपहास किए बिना, किसी के नजरिये से या इतिहास की किसी घटना के बारे में भी हम असहमत हो सकते हैं. ऐसे उदारतापूर्ण व्यवहार को ही भाईचारा कहते हैं. नि:स्वार्थ भावना वाले नागरिकों और समाज से ही, एक नि:स्वार्थ भावना वाले राष्ट्र का निर्माण होता है. स्वयंसेवी समूह बेसहारा लोगों और बच्चों, और यहां तक कि बेघर पशुओं की भी, देखभाल करते हैं. समुद्री तटों जैसे सार्वजनिक स्थानों और नदियों को साफ रखते हैं.

25 January 2018

जाति जन्म से तय होती है, शादी से बदल नहीं जाती : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एक सुनवाई के दौरान कहा कि किसी व्यक्ति की जाति अपरिवर्तनीय है और शादी के बाद भी इसे बदला नहीं जा सकता. यह बात कोर्ट ने एक महिला की नियुक्ति को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान कही, जिसने एससी जाति के व्यक्ति से शादी कर 21 साल पहले केंद्रीय विद्यालय में आरक्षण का लाभ उठाकर शिक्षिका की नौकरी प्राप्त की थी. जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस एमएम शांतनागौदार की बेंच ने कहा कि दो दशक स्कूल में काम करने के बाद महिला अब वाइस-प्रिंसिपल के तौर पर काम कर रही है. बेंच ने कहा कि महिला आरक्षण का फायदा नहीं उठा सकती है, भले ही उसने एक एससी व्यक्ति से शादी क्यों न की हो क्योंकि महिला का जन्म एक उच्च जाति में हुआ है. शादी के बाद उसकी जाति में परिवर्तन नहीं आ सकता और उसकी जाति वही रहेगी जो उसके जन्म पर थी. बेंच ने कहा “इसमें कोई भी संदेह की बात नहीं है कि जाति का निर्धारण जन्म से किया जाता है. महिला का जन्म अग्रवाल परिवार में हुआ है, जो कि सामान्य वर्ग में आता है न कि एससी वर्ग में. महिला ने भले ही एससी व्यक्ति से शादी की है, लेकिन उसे एससी जाति का सर्टिफिकेट नहीं मिल सकता.”

आपको बता दें कि महिला ने साल 1991 में बुलंदशहर के जिला मजिस्ट्रेट से एससी जाति का सर्टिफिकेट जारी करवाया था. इस सर्टिफिकेट और अकेडमिक क्वालिफिकेशन के आधार पर महिला को 1993 में केंद्रीय विद्यालय में पीजी टीचर के तौर पर नियुक्त किया गया था. महिला की नियुक्ति पंजाब के पठानकोट में हुई थी. नौकरी करने के दौरान महिला ने अपनी एम.ऐड पूरी की. नियुक्ति के दो दशक बीत जाने के बाद महिला के खिलाफ शिकायत कर उसकी नियुक्ति को रद्द करने की मांग की गई. इस मामले पर केंद्रीय विद्यालय ने एक जांच टीम गठित की थी, जिसके बाद महिला का साल 2015 में एससी सर्टिफिकेट रद्द कर दिया गया और उसे नौकरी से टर्मिनेट किया गया. केंद्रीय विद्यालय के फैसले के खिलाफ महिला ने इलाहबाद हाई कोर्ट से गुहार लगाई, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था. इसके बाद महिला ने सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे खटखटाए लेकिन उसे यहां से भी रियायत नहीं मिली और कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले में थोड़ा सा बदलाव करते हुए महिला के टर्मिनेशन को अनिवार्य सेवानिवृत्ति करने का आदेश दे दिया है.

एस सोमनाथ ने विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर में निदेशक पद का कार्यभार संभाला

प्रसिद्ध वैज्ञानिक एस सोमनाथ ने 22 जनवरी 2018 को विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) के निदेशक का पदभार ग्रहण किया. बता दे की उन्होंने के. सिवन का स्थान लिया है जिन्हें हाल ही में इसरो का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था. विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) इसरो का सबसे बड़ा एवं सर्वाधिक महत्वपूर्ण केंद्र है. यह तिरुवनंतपुरम में स्थित है. यहाँ पर रॉकेट, प्रक्षेपण यान एवं कृत्रिम उपग्रहों का निर्माण एवं उनसे सम्बंधित तकनीकी का विकास किया जाता है।.
  
एस सोमनाथ ने वर्ष 1985 में इसरो में कार्य करना आरंभ किया था।. उन्होंने ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण वाहन (पीएसएलवी) के शुरुआती विकास चरण के दौरान उसके एकीकरण के लिए टीम लीडर की भूमिका निभाई थी. वे पीएसएलवी के निर्माण तथा विकास कार्यक्रम में टीम के प्रमुख के रूप में कार्यरत थे. उन्होंने पीएसएलवी की दूसरी उड़ान के दौरान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. वे विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर के एसोसिएट डायरेक्टर भी रहे तथा जीएसएलवी मार्क-3 लॉन्च व्हीकल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर भी रहे. उन्हें इसरो से मेरिट अवार्ड तथा परफॉरमेंस एक्सीलेंस अवार्ड भी प्राप्त हुआ था. इसके अतिरिक्त उन्हें जीएसएलवी मार्क-3 के निर्माण हेतु इसरो द्वारा टीम एक्सीलेंस अवार्ड से भी सम्मानित किया गया.

24 January 2018

फिल्म फेयर पुरस्कार 2018: इरफान बने बेस्ट एक्टर, बेस्ट एक्ट्रेस में विद्या बालन ने मारी बाजी

फिल्मफेयर पुरस्कार समारोह में इस बार अभिनेता इरफान और राजकुमार राव ने अपनी छाप छोड़ी, वहीं फिल्मों में ‘बरेली की बर्फी’ और ‘हिंदी मीडियम’ ने कामयाबी के झंडे बुलंद किए. इरफान को ‘हिंदी मीडियम’ के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला, तो ‘तुम्हारी सुलु’ के लिए विद्या बालन बेस्ट एक्ट्रेस चुनी गईं. ‘बरेली की बर्फी’ में शानदार अभिनय के लिए राजकुमार राव को बेस्ट सह-अभिनेता का अवॉर्ड मिला. फिल्म ‘दंगल’ से लाइमलाइट में आई जायरा वसीम ने ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ के लिए बेस्ट सह-अभिनेत्री का पुरस्कार जीता. साकेत चौधरी के निर्देशन में बनी ‘हिंदी मीडियम’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का अवॉर्ड दिया गया. आलोचकों के बीच बेहद सराही गई अमित मसुरकर की फिल्म ‘न्यूटन’ को बेस्ट फिल्म (आलोचक) का पुरस्कार मिला. इसी तरह राकुमार राव को फिल्म ‘ट्रैप्ड’ में बेहतरीन अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (आलोचक) का पुरस्कार दिया गया. 

अश्विनी अय्यर तिवारी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार दिया गया।.उन्होंने फिल्म ‘बरेली की बर्फी’ का डायरेक्शन किया था. फिल्म ‘जग्गा जासूस’ के लिए अमिताभ भट्टाचार्या को सर्वश्रेष्ठ गीतकार चुना गया. ‘जग्गा जासूस’ का गाना 'उल्लू का पट्ठा' के लिए भट्टाचार्या को यह पुरस्कार दिया गया. वहीं अरिजीत सिंह और मेघना मिश्रा को सर्वश्रेष्ठ गायक और गायिका का पुरस्कार दिया गया. मेघना को फिल्म ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ के गाने 'नचदी फिरा' और अरिजीत को फिल्म ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ के गाने 'रोके ना रुके नैना' के लिए पुरस्कार दिया गया. 

फिल्मफेयर अवॉर्ड की लिस्ट एक नजर में :- 
1. सर्वश्रेष्ठ फिल्म (लोकप्रिय)- हिंदी मीडियम 
2. सर्वश्रेष्ठ फिल्म (आलोचक)- न्यूटन
3. सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (लोकप्रिय) - इरफान खान (हिंदी मीडियम) 
4. सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (आलोचक) - राजकुमार राव (ट्रैप्ड)
5. सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (लोकप्रिय) - विद्या बालन (तुम्हारी सुलु)
6. सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (आलोचक) - जायरा वसीम (सीक्रेट सुपरस्टार)
7. सर्वश्रेष्ठ निर्देशक (लोकप्रिय)- अश्विनी अय्यर तिवारी (बरेली की बर्फी) 
8. सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक- कोंकणा सेन शर्मा (अ डेथ इन द गूंज) 
9. सर्वश्रेष्ठ सह-अभिनेत्री- मेहर विज (सीक्रेट स्परस्टार)
10. सर्वश्रेष्ठ सह-अभिनेता- राजकुमार राव (बरेली की बर्फी)
11. सर्वश्रेष्ठ संगीत (एल्बम) - प्रीतम (जग्गा जासूस)
12. सर्वश्रेष्ठ गीतकार- अमिताभ भट्टाचार्या (जग्गा जासूस)
13. सर्वश्रेष्ठ गायिका- मेघना मिश्रा (सीक्रेट सुपरस्टार)
14. सर्वश्रेष्ठ गायक- अरिजीत सिंह (बद्रीनाथ की दुल्हनिया)
15. लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड- माला सिन्हा, बप्पी लाहिरी 
16. सर्वश्रेष्ठ कहानी- अमित वी मसुरकर (न्यूटन)
17. सर्वश्रेष्ठ स्क्रीनप्ले- शुभाशीष भुटिआनी (मुक्ति भवन)
18. सर्वश्रेष्ठ सिनेमेटोग्राफी- सीर्ष रे (अ डेथ इन द गूंज)
19. सर्वश्रेष्ठ एडिटिंग- नितिन बैद (ट्रैप्ड) 
20. सर्वश्रेष्ठ शॉर्टफिल्म (फिक्शन)- जूस
 

समावेशी विकास सूचकांक में भारत 62वें स्थान पर

समावेशी विकास सूचकांक में भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं में 62वें स्थान पर है. इस मामले में भारत चीन (26वां) और पाकिस्तान (47वां) से भी पीछे है. विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने मंगलवार को अपनी सालाना शिखर बैठक शुरू होने से पहले यह सूची जारी की. नॉर्वे दुनिया की सबसे समावेशी आधुनिक विकसित अर्थव्यवस्था बना हुआ है. वहीं लिथुआनिया उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शीर्ष पर है. भारत समेकित विकास सूचकांक पर उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं के बीच 62 वें स्थान पर है, जबकि चीन 26 वें और पाकिस्तान की 47 वें स्थान पर है. पिछले साल 79 विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में भारत 60वें स्थान पर रहा था, जबकि चीन 15 वें और पाकिस्तान 52 वें स्थान पर था. डब्ल्यूईएफ ने कहा कि इस सूचकांक में रहन-सहन का स्तर, पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊपन और भविष्य की पीढ़ियों को और क़र्ज़ के बोझ से संरक्षण आदि पहलुओं को शामिल किया जाता है.

डब्ल्यूईएफ ने विश्व नेताओं से कहा कि वे तेज़ी से समावेशी वृद्धि और विकास के नए मॉडल की ओर बढ़ें. मंच ने कहा कि आर्थिक मोर्चे पर उपलब्धि हासिल करने के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर निर्भरता बढ़ने से असमानता की स्थिति पैदा हो रही है. वर्ष 2018 के इंडेक्स में 103 अर्थव्यवस्थाओं की प्रगति का आकलन तीन निजी स्तंभों- वृद्धि एवं विकास, समावेशन और अंतर पीढ़ी इक्विटी के आधार पर किया गया है. इसे दो हिस्सों में बांटा गया है. पहले हिस्से में 29 विकसित अर्थव्यवस्थाओं तथा दूसरे में 74 उभरती अर्थव्यवस्थाओं को शामिल किया गया है. इस इंडेक्स में पांच साल के समावेशी विकास एवं वृद्धि के रुख़ पर विभिन्न देशों को पांच उप श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है. यह है घटना, धीरे-धीरे घटना, स्थिर, धीमी वृद्धि या वृद्धि.
 
भारत का कुल अंक निचले स्तर पर हैं, लेकिन इसके बावजूद वह उन 10 उभरती अर्थव्यवस्थाओं में हैं जो बढ़ रही हैं. विकसित अर्थव्यवस्थाओं में नॉर्वे के बाद आयरलैंड, लग्ज़मबर्ग, स्विट्ज़रलैंड और डेनमार्क शीर्ष पांच में शामिल हैं. सूचकांक में शीर्ष पर छोटे यूरोपीय देश हैं. शीर्ष दस में नौवें स्थान पर आॅस्ट्रेलिया एकमात्र गैर यूरोपीय देश है. जी-7 अर्थव्यवस्थाओं में जर्मनी 12वें, कनाडा 17 वें, फ्रांस 18वें, ब्रिटेन 21वें, अमेरिका 23वें, जापान 24वें और इटली 27वें स्थान पर है. शीर्ष पांच समावेशी उभरती अर्थव्यवस्थाओं में लुथिआनिया, हंगरी, अज़रबैजान, लातविया और पोलैंड है. ब्रिक्स देशों में रूस 19वें, चीन 26वें, ब्राज़ील 37वें, भारत 62वें और दक्षिण अफ्रीका 69वें स्थान पर है.

राष्ट्रपति ने 112 असाधारण महिलाओ को सम्मानित किया

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार कोे राष्ट्रपति भवन में फर्स्ट लेडीज कार्यक्रम का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्वारा भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने वाली 112 महिलाओं को सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति ने इन सम्मानित महिलाओं को ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए काम करने की सलाह दी. बता दें कि इनमें देश की पहली महिला कुली, पहली महिला ऑटो रिक्शा ड्राइवर, पहली महिला बस एवं ट्रेन ड्राइवर से लेकर असाधारण महिलाएं किरण मजूमदार शॉ, ऐश्वर्या राय, पीटी ऊषा, पीवी सिंधु सानिया मिर्जा भी शामिल हैं. इस लिस्ट में वे महिलाएं भी शामिल हैं जिन्होंने विभिन्न रूढ़ियों को तोड़कर अपनी पहचान बनाई, इनमें मंजू (कूली), छवि रजावत (गांव की सरपंच), हर्षिनी कन्हेकर (पहली महिला दमकल कर्मी), सुनालिनी मेनन (एशिया की पहली पेशेवेर महिला कॉफी-टेस्टर) और शतभी बसु (भारत की पहली महिला बार टेंडर) जैसी महिलाओं के नाम भी शामिल हैं.

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा की सामान्य महिलाओं के हुनर को पहचानने, और उसे निखारने में उनकी मदद करने की ज़िम्मेदारी हम सब की है. यहां उपस्थित आप जैसी असाधारण महिलाएं, देश की अन्य महिलाओं के लिए, प्रेरणा का स्रोत हैं. आप उन्हे हौसला बनाए रखने, और अपने हुनर को निखारने की सीख दे सकती हैं. उन्होंने कहा की तमाम चुनौतियों के बावजूद हासिल की गई, आप सभी महिलाओं की असाधारण उपलब्‍धियां, हम सबके के लिए गौरव का विषय हैं. महिलाओं की तरक्की ही, किसी भी देश या समाज की प्रगति का मापदंड है.

भारत 2018 में चीन को पछाड़कर बनेगा सबसे तेज उभरती हुई अर्थव्यवस्था

इस साल चीन को पछाड़कर भारत फिर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन जाएगा. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) के अनुमान के मुताबिक, 2018 में चीन के 6.8 फीसद की तुलना में भारत की अर्थव्यवस्था 7.4 फीसद की दर से आगे बढ़ेगी. पिछले साल भारत की विकास दर नोटबंदी और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने की शुरुआती दिक्कतों के चलते कम रही थी. सोमवार को जारी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (डब्ल्यूईओ) में आइएमएफ ने 2019 में भारत की विकास दर 7.8 फीसद रहने का अनुमान व्यक्त किया है. अक्टूबर, 2017 में जारी डब्ल्यूईओ में भी 2018 और 2019 में भारत की विकास दर का अनुमान क्रमशः 7.4 और 7.8 फीसद ही रखा गया था. 2019 में चीन की विकास दर 6.4 फीसद रहने का अनुमान है. आइएमएफ के अनुसार, उभरते बाजारों और विकासशील देशों के लिए विकास का अनुमान पहले जैसा ही बना हुआ है. 2017 की तरह ही उभरते और विकासशील एशिया में 2018-19 के दौरान अर्थव्यवस्था करीब 6.5 फीसद की दर से बढ़ेगी. वैश्विक अर्थव्यवस्था में इसकी हिस्सेदारी आधी से ज्यादा बनी रहेगी.

ग्लोबल अर्थव्यवस्था को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने चिंता जताई है. आइएमएफ का कहना है कि 2018 और 2019 में वैश्विक अर्थव्यवस्था की गति बनी रहेगी, लेकिन यह तेजी ज्यादा समय तक रहने की उम्मीद नहीं है. आइएमएफ के इकोनॉमिक काउंसलर और रिसर्च डायरेक्टर मॉरिस ऑब्स्टफेल्ड ने कहा, 'वैश्विक अर्थव्यवस्था ने गति पकड़ी है. यह अच्छी खबर है. लेकिन राष्ट्रों को ध्यान रखना होगा कि अभी तेजी के कुछ ऐसे कारक हैं, जो ज्यादा लंबे समय तक शायद नहीं बने रहेंगे. वैश्विक आर्थिक संकट हमें बहुत पीछे छूटा हुआ लग रहा है, लेकिन समावेशी विकास और बेहतर नीतियों के बिना अगला संकट बहुत जल्द आ सकता है. इससे निपटना ज्यादा मुश्किल होगा।' 2017 में ग्लोबल इकोनॉमी अनुमानित तौर पर 3.7 फीसद की दर से बढ़ी. 2018 और 2019 में यह 3.9 फीसद रह सकती है.