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30 January 2018

82 उत्पाद और सेवाएं हो गईं सस्ती, लागू हुआ नया GST रेट

देश भर में 25जनवरी से 82 प्रोडक्ट और सर्विस सस्ती हो गई हैं. 18 जनवरी को हुई जीएसटी काउंसिल की 25वीं बैठक में लिए गए फैसले के बाद से गुरुवार से नया रेट लागू हो गया. अब हीरा एवं कीमती पत्थर सस्ता हो गया है क्योंकि इस पर जीएसटी की दरों को वर्तमान तीन फीसदी से घटा कर 0.25 फीसदी कर दिया गया है. पुरानी मंझोली एवं बड़ी कारों पर 28 के बजाय 18 फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा जबकि लेमनजूस, 20 रुपये प्रति लीटर तक के बोतलबंद पेयजल, कुछ कीटनाशाक, बायोडीजल, ड्रिप और स्प्रिंकल सिंचाई के मशीनरी तथा स्प्रेयर पर 18 के बजाय 12 फीसदी की दर से जीएसटी वसूला जाएगा. इमली के बीज से बने पाउडर पर अब जीएसटी 18 फीसदी के बजाय पांच फीसदी ही देय होगा वेलवेट कपड़े पर भी जीएसटी की दर को 12 फीसदी से घटा कर पांच फीसदी कर दिया गया है. सिगरेट में लगने वाले फिल्टर रॉड पर अब जीएसटी की दर 12 की बजाय 18 फीसदी होगी जबकि चावल की भूसी को शून्य से पांच फीसदी के स्लैब में लाया गया है.
 
अब मेट्रो और मोनो रेल परियोजनाओं के निर्माण पर जीएसटी की दर 18 के बजाय 12 फीसदी होगी. स्मॉल हाउसकीपिंग सेवाओं पर अब पांच फीसदी की जीएसटी होगी लेकिन इनपुट टैक्स क्रेडिट सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा. थीम या वाटर पार्क में घूमना भी अब सस्ता होगा क्योंकि अब 28 के बजाय 18 फीसदी की ही जीएसटी देय होगी. पेट्रोलियम पदार्थ, जैसे पेट्रोल और डीजल की ढुलाई पर लगने वाले जीएसटी को भी 18 फीसदी से घटा कर पांच फीसदी किया गया है. कृषि उत्पादों के गोदामों में जो फ्यूमिगेशन किया जाता है, उस सेवा को जीएसटी से मुक्ति दे दी गई है. सभी शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले या परीक्षा के लिए दी जा रही सेवाओं को जीएसटी से छूट दी गई है. उन्हें एंट्रेंस परीक्षा के लिए ली जाने वाली एंट्रेंस फीस पर भी जीएसटी नहीं देना होगा. छात्रों, फैकल्टी या स्टाफ को ट्रांसपोर्टेशन सेवाओं पर भी राहत दी गई है. हालांकि यह छूट हायर सेकेंडरी तक शैक्षणिक संस्थानों के लिए है.


इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी वन और एमआईजी वन के लिए घोषित क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम के तहत घर के निर्माण पर जीएसटी का कंसेशनल दर लागू होगा. क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत बन रहे एयरपोर्ट को मिलने वाली वाइबिलिटी गेप फंडिंग पर जीएसटी छूट की समय सीमा को बढ़ाकर तीन साल कर दिया गया है. पहले यह एक साल के लिए थी. सरकार को पेट्रोलियम से होने वाले लाभ को भी जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है. आरडब्ल्यूए सदस्यों को दी जा रही छूट की सीमा प्रति सदस्य, प्रति माह 5000 रुपए से बढ़ाकर 7500 रुपए की गई है. आरटीआई के तहत सूचना उपलब्ध कराने वाली सेवा को जीएसटी से छूट दी गई है. टेलरिंग सेवा पर जीएसटी की दर 18 से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है. मेट्रो, मोनो रेल निर्माण परियोजनाओं पर जीएसटी 18 से घटाकर 12 फीसदी किया गया है. ।भारत से बाहर प्लेन के जरिये सामान भेजने पर परिवहन सेवाओं को छूट दी गई है.

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