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16 January 2018

उत्तराखंड में मदरसों में संस्कृत की पढ़ाई को मंजूरी

उत्तराखंड के मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को अब कुरान के साथ-साथ श्रीमद्भगवतगीता की शिक्षा भी मिलेगी. उत्तराखंड मदरसा एजुकेशन बोर्ड (UMEB) ने अगले अकादमिक सत्र से राज्य के मदरसों में संस्कृत और कम्प्यूटर साइंस को वैकल्पिक विषय के तौर पर पढ़ाए जाने के प्रस्ताव पर सहमति जता दी है. उत्तराखंड स्टेट कौंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) की अडिशनल डायरेक्टर पुष्पा जोशी की अगुवाई में 6 सदस्यों वाली समिति ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई. वर्तमान में राज्य के 297 रजिस्टर्ड मदरसों में स्टूडेंट्स को मैथ, साइंस, आयुष और सोशल साइंस ही वैकल्पिक विषय के तौर पर पढ़ाया जाता है.
यह फैसला सामाजिक संस्था मदरसा वेलफेयर सोसायटी ऑफ उत्तराखंड (MWSU) के अनुरोध के बाद आया है. MWSU के द्वारा राज्य भर में 207 मदरसे संचालित किए जाते हैं, जिसमें 25 हजार बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं. इस संस्था ने कुछ दिनों पहले ही सरकार से अनुरोध किया था कि मदरसों में भी बच्चों को अन्य भाषाओं की तरह संस्कृत पढ़ाई जाए. UMEB के डेप्युटी रजिस्ट्रार हाजी अखलाक अहमद अंसारी ने कहा की, बोर्ड की निचली समिति ने बुधवार को मदरसों में संस्कृत और कम्प्यूटर साइंस को वैकल्पिक विषय के तौर पर पढ़ाए जाने के प्रस्ताव पर सहमति जता दी. अब इसे ऊपरी समिति के पास भेजा जाएगा. ऊपरी समिति के अध्यक्ष मौलाना जाहिद रजा रिजवी ने कहा कि इस निर्णय का स्वागत है और यह हमारे पास आएगा तब मंजूरी दे दी जाएगी.

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