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17 January 2018

म्यांमार और बांग्लादेश ने रोहिंग्या मुस्लिमों के स्वदेश वापसी हेतु समझौता किया

म्यांमार और बांग्लादेश ने रोहिंग्या मुस्लिमों के स्वदेश वापसी के लिए समझौता किया. म्यांमार और बांग्लादेश हाल में विस्थापित हुए रोहिंग्या मुस्लिमों की “दो साल के भीतर” स्वदेश वापसी पर सहमत हो गए हैं. बता दे की अगस्त 2017 में म्यांमार के रखाइन प्रांत में हुई हिंसा में करीब साढ़े छह लाख रोहिंग्या मुस्लिम भागकर बांग्लादेश चले गए थे. यह हिंसा रोहिंग्या आतंकियों के म्यांमार के सुरक्षा बलों पर किए गए हमले की प्रतिक्रिया में हुई थी. म्यांमार में सेना की कार्रवाई के बाद रोहिंग्या मुस्लिम बांग्लादेश चले गए थे. बांग्लादेश ने हजारों रोहिंग्या शरणार्थियों की वापसी के लिए स्पष्ट समयसीमा का जिक्र करते हुए यह जानकारी दी. ये अस्थायी आवास म्यांमार और बांग्लादेश के अधिकारियों के बीच हुए समझौते की निर्धारित समय सीमा के भीतर तैयार हो रहे हैं. ये अस्थायी आवास 30 हजार लोगों के लिए तैयार होंगे.

पुनर्वास मामलों के मुख्य समन्वयक आंग तुन थेट ने कहा है कि जो जहां का मूल निवासी है, उसे उसी इलाके में फिर से बसाने की कोशिश की जाएगी. इसके लिए सुबूतों के आधार पर कार्य किया जाएगा. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन ने वापस आने वाले शरणार्थियों की सुरक्षा का पर्याप्त बंदोबस्त करने की अपील म्यांमार की सरकार से की है. म्यांमार ने म्यांमार के नागरिकों के बांग्लादेश में अधिक संख्या में होने पर रोक लगाने को लेकर प्रतिबद्धता जताई है.

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