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13 January 2018

इंदु मल्होत्रा बनी सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश नामांकित होने वाली पहली वरिष्ठ महिला वकील

सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम द्वारा वरिष्ठ वकील इंदु मल्होत्रा तथा उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के. एम. जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है. बता दे की इंदु मल्होत्रा पहली महिला वकील हैं जिन्हे सीधे सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश की गई है. इंदु मल्होत्रा को वर्ष 2007 में वरिष्ठ वकील का पद प्राप्त हुआ था. इंदु मल्होत्रा सुप्रीम कोर्ट में बतौर न्यायाधीश नियुक्त होने वाली सातवीं महिला जज होंगी. वर्तमान समय में सुप्रीम कोर्ट में आर. भानुमति एकमात्र महिला न्यायाधीश हैं. स्वतंत्रता के बाद से अभी तक सुप्रीम कोर्ट में सिर्फ छह महिला जज हुई हैं. जस्टिस केएम जोसेफ फिलहाल उत्तराखंड हाईकोर्ट के जज हैं. वे उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन का आदेश रद करने वाली पीठ में शामिल थे. उसके बाद उनके स्थानांतरण की चर्चाएं रहीं लेकिन उत्तराखंड से उनका स्थानांतरण नहीं हुआ.

कोलेजियम ने इसके अलावा इलाहाबाद हाईकोर्ट के अतिरिक्त जज जस्टिस शिव कुमार सिंह को स्थाई करने की सिफारिश की है. हालांकि कोलेजियम के समक्ष इलाहाबाद हाईकोर्ट के कुल 11 अतिरिक्त जजों को स्थाई करने का प्रस्ताव था लेकिन शिव कुमार सिंह का कार्यकाल समाप्त हो रहा था इसलिए फिलहाल उनके बारे में सिफारिश की गई है. बाकी प्रस्तावों पर कोलीजियम बाद में विचार करेगी.

सुप्रीम कोर्ट में अब तक की महिला न्यायाधीश: सुप्रीम कोर्ट का गठन वर्ष 1950 में हुआ लेकिन 1989 में अर्थात् 39 वर्ष बाद एम. फातिमा बीबी सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला न्यायाधीश नियुक्त हुईं. फातिमा बीबी केरल हाईकोर्ट से सेवानिवृत होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त हुईं थी. वे 29 अप्रैल 1992 को सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत हुईं. बाद में वे तमिलनाडु की राज्यपाल भी नियुक्त हुईं. सुप्रीम कोर्ट में दूसरी महिला न्यायाधीश सुजाता वी मनोहर रहीं. सुजाता वी मनोहर सुप्रीम कोर्ट में 8 नवंबर 1994 से 27 अगस्त 1999 तक न्यायाधीश रहीं. इसके बाद जस्टिस पाल सुप्रीम कोर्ट की महिला न्यायाधीश बनीं. वे 28 जनवरी 2000 से लेकर 2 जून 2006 तक सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश रहीं.
 
झारखंड हाईकोर्ट की तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा 30 अप्रैल 2010 को सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश नियुक्त हुईं तथा 27 अप्रैल 2014 को सेवानिवृत हुईं. इसी दौरान जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश बनीं. जस्टिस देसाई 13 सितंबर 2011 से लेकर 29 अक्टूबर 2014 तक सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश रहीं. इसके बाद 13 अगस्त 2014 को जस्टिस आर भानुमति सुप्रीम कोर्ट की महिला न्यायाधीश नियुक्त हुईं. उनकी सेवानिवृति 19 जुलाई 2020 को होगी. सुप्रीम कोर्ट के 67 सालों के इतिहास में सिर्फ दो बार एक साथ दो महिला जज रहीं.

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