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10 January 2018

देश की नौसेना ने अपनी युद्धक क्षमता का प्रदर्शन किया, पाक से लेकर चीन तक मचा हड़कंप

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को देश की नौसेना की ताकत की गवाह बनीं. गोवा में देश की पश्चिमी समुद्री सीमा पर नौसेना के 10 से ज्यादा युद्धपोतों, तीन पनडुब्बियों समेत कई लड़ाकू विमानों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया. इस दौरान नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लाम्बा और पश्चिमी कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग वाइस एडमिरल गिरीश लूथरा भी रक्षा मंत्री के साथ थे. पश्चिमी नौसेना कमान की देखरेख में हुए इस अभ्यास में नौसेना ने अपनी युद्धक क्षमता का प्रदर्शन किया. आईएनएस विक्रमादित्य, आईएनएस कोलकाता पर सवार होकर रक्षा मंत्री ने इस बात का जायजा लिया कि विभिन्न परिस्थितियों में पैदा हुए खतरों के बीच नौसेना कैसे देश की रक्षा करती है. रक्षा मंत्री ने नौसेना की तैयारियों को देखते हुए कहा कि मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि भारतीय नौसेना देश को किसी भी खतरे से बचाने के लिए पूरी तरह सक्षम है. रक्षा मंत्री ने बेहद जटिल नौसैनिक ऑपरेशन्स, मिसाइल, रॉकेटों, गन फायरिंग, नाइट फ्लाइंग और एंटी सबमरीन ऑपरेशन्स का भी जायजा लिया. 

सबसे पहले रक्षा मंत्री आईएनएस कोलकाता में सवार हुईं जो कोलकाता श्रेणी का पहला स्वदेश निर्मित विध्वंसक पोत है. इसके बाद उन्होंने विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य पर समुद्र में रात गुजारी. नौसेना ने एक बयान में कहा कि वास्तविक परिस्थितियों में विमानवाहक पोत के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए निर्मला सीतारमण आठ जनवरी की रात को जहाज पर एक कृत्रिम खतरों वाले माहौल से गुजरीं जहां उनके ‘एस्कॉर्ट’ साथ थे. नौसेना ने उनके हवाले से कहा, ‘‘पश्चिमी बेड़े के कौशल का सीधा मुआयना करने के बाद मुझे विश्वास है कि भारतीय नौसेना किसी भी तरह के खतरे से देश को बचाने में पूरी तरह सक्षम है.’’ रक्षा मंत्री ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में नौसेना की ‘मिशन आधारित’ तैनातियों से समुद्री क्षेत्र को सुरक्षित रखने में प्रभावी योगदान मिला है.

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