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10 January 2018

मुस्लिम महिलाएं पहली बार बिना पुरुष के हज जा सकेंगी

मुस्लिम महिलाओं के लिए मोदी सरकार की नई सौगात से मुस्लिम महिलाएं काफी उत्साहित हैं. केंद्र सरकार ने ये तय किया है कि 45 साल से ज्यादा उम्र की महिलाएं अब बिना किसी महरम यानी मर्द साथी के हज यात्रा पर जा सकेंगी. इससे पहले भारत में हर महिला को किसी मर्द के साथ ही हज की इजाजत दी जाती थी. दुनिया के ज्यादातर देशों में ऐसा कानून नहीं था. नए नियम के मुताबिक अब 45 साल से ज्यादा उम्र की महिला को बिना किसी महरम यानी मर्द रिश्तेदार के हज पर जाने की इजाजत होगी. लेकिन उस महिला को चार लोगों के ग्रुप में जाना होगा. 45 साल से कम उम्र की महिला को महरम की जरूरत होगी. दरअसल सऊदी अरब के कानून में 45 साल के उम्र की सीमा रखी गई है. दुनिया के ज्यादातर देश 45 साल की सीमा के अनुसार ही हज की इजाजत देते हैं.
अफ्रीकी देशों की ज्यादातर महिलाएं बिना महरम के ही हज पर जाती हैं. लेकिन भारत में अब तक इस नियम को लागू नहीं किया गया था. भारत में ये नियम लागू होने से मुस्लिम महिलाओं में काफी उत्साह है. इस मामले में केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई कमेटी ने अक्टूबर 2017 में अपनी सिफारिश दी थी. उसके बाद से कई महिलाओं ने बिना महरम के हज करने का आवेदन हज कमेटी को दिया है. 2018 में हज करने के आवेदन देने कि अंतिम तिथि 22 दिसंबर 2017 थी. अब तक 1300 महिलाओं ने बिना महरम के हज पर जाने का आवेदन दिया है. इनमें से 1088 महिलाएं केरल से हैं. इस साल भारत से 1,70,000 लोग हज के लिए जाएंगे.

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