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29 January 2018

पीएम मोदी ने विश्व आर्थिक मंच की सालाना बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया, दिया दुनिया को बड़ा संदेश

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक के उद्घाटन सत्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया. यह पहला मौका है जब 21 साल बाद भारत के किसी पीएम ने वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम में भारत का प्रतिनिधितत्व किया. पीएम मोदी ने इकानॉमी, वैश्‍विक आतंकवाद, बदलती तकनीकी, ग्लोबल क्लाइमेट चेंज के खतरे समेत कई वैश्‍विक मसलों पर दुनिया के सामने भारत का पक्ष रखा. अपने इस प्रभावी भाषण में प्रधानमंत्री ने कई मुद्दों की ओर भी दुनिया का ध्यान खींचा. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि वदावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की इस 48वीं वार्षिक बैठक में शामिल होते हुए मुझे बेहद हर्ष हो रहा है. सबसे पहले मैं क्लॉजश्वाब को उनकी इस पहल पर और डब्लूईएफ को एक सशक्त और व्यापक मंच बनाने पर बहुत-बहुत साधुवाद देता हूं. पीएम मोदी ने कहा कि आज गरीबी, अलगाववाद, बेरोजगारी हमारे सामने बहुत बड़ी चुनौती है इस दरार को हमें दूर करना होगा. पीएम मोदी ने कहा कि मानव सभ्यता के लिए जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ा ख़तरा है. मौसम का मिजाज बिगड़ रहा है, कई द्वीप डूब गए हैं या फिर डूबने की कगार पर हैं. प्रकृति को बचना भारत की संस्कृति का हिस्सा रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल में भारत ने अपना बिजली उत्पादन 60 गीगावॉट तक पहुँचा दिया है. पीएम मोदी ने कहा कि उनके विजन में एक महत्वकांक्षी एजेंडा है जिसका उद्देश्य है दुनिया के हालात सुधारना.

पीएम मोदी ने कहा कि दावोस में आख़िरी बार भारत के प्रधानमंत्री की यात्रा सन् 1997 में हुई थी, जब देवेगौड़ा जी यहां आए थे. 1997 में भारत का GDP सिर्फ़ 400 बिलियन डॉलर से कुछ अधिक था. अब दो दशकों बाद यह लगभग 6 गुना हो चुका है. पीएम मोदी ने कहा कि 1997 में भी दावोस अपने समय से आगे था, और यह World Economic Forum भविष्य का परिचायक था. आज भी दावोस अपने समय से आगे है. पीएम ने कहा कि इस वर्ष फोरम का विषय- 'क्रियेटिंग ए शेयर्ड फ्यूचर इन ए फैक्चर्ड वर्ल्ड' है. यानि दरारों से भरे विश्व में साजा भविष्य का निर्माण। नये-नये बदलावों से, नई-नई शक्तियों से आर्थक क्षमता और राजनैतिक शक्ति का संतुलन बदल रहा है. इससे विश्व के स्वरुप में दूरगामी परिवर्तनों की छवि दिखाई दे रही है. विश्व के सामने शांति, स्थिरता और सुरक्षा को लेकर नई और गंभीर चुनौतियां हैं. पीएम मोदी ने कहा कि व्यवहार, बातचीत और यहां तक कि अंतर्राष्ट्रीय समूहों और राजनीति तथा अर्थव्यवस्था तक को गहराई से प्रभावित कर रहे हैं. टेकनलॉजी के जोड़ने, मोड़ने और तोड़ने- तीनों आयामों का एक बड़ा उदाहरण सोशल मीडिया के प्रयोग में देखने को मिलता है. आज डाटा सबसे बड़ी संपदा है. डाटा के ग्लोबल फ्लो से सबसे बड़े अवसर बन रहे है और सबसे बड़ी चुनौती भी.


पीएम मोदी ने कहा कि विज्ञान, तकनीक और आर्थिक प्रगति के नये आयामों में एक ओर तो मानव को समृद्धि के नये रास्ते दिखाने की क्षमता है. वहीं दूसरी ओर इन परिवर्तनों से ऐसी दरारों भी पैदा हुई हैं जो दर्द भरी चोट पहुंचा सकती हैं. बहुत से बदलाव ऐसी दीवारें खड़ी कर रहे हैं जिन्होंने पूरी मानवता के लिए शांति और समृद्धि के रास्ते को दुर्गम ही नहीं दुःसाध्य बना दिया है. पीएम मोदी ने कहा कि 'वसुधैव कुटुम्बकम का भारतीय दर्शन आज दुनिया में खिंची दरारों को पाटने की दृष्टि में अधिक प्रासंगिक है. उन्होंने कहा कि भारत, भारतीय और भारतीय विरासत का प्रतिनिधि होने के नाते मेरे लिए इस फोरम का विषय जितना समकालीन है उतना ही समयातीत भी है. समयातीत इसलिए क्योंकि भारत में अनादिकाल से हम मानव मात्र को जोड़ने में विश्वास करते आए हैं, उसे तोड़ने में नहीं, उसे बांटने में नहीं. हजारों साल पहले संस्कृत भाषा में लिखे गये ग्रंथों में भारतीय चिंतकों ने कहा- वसुधैवकुटुम्बकम्. यानी पूरी दुनिया एक परिवार है. तत्वतः हम सब परिवार की तरह बंदे हुए हैं. 

पीएम ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति एलेन बर्सेट से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा की. इसके बाद पीएम मोदी ने कई वैश्विक कंपनियों के कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) से मुलाकात की. उनके साथ हुई राउंड टेबल मीटिंग की मेजबानी की. यहां पीएम ने विकास पर बात की. मोदी ने कहा भारत का मतलब बिजनेस है. मोदी यहां दुनिया के सामने भारतीय अर्थव्यवस्था, यहां निवेश और अपनी नीतियों के बारे में बताए. इस दौरान WEF में वर्ल्ड लीडर्स के साथ ही दुनियाभर से यहां जमा हुए कारोबारी और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक जैसी संस्थाओं के प्रमुख भी उनके संबोधन को सुनें. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा इस बैठक में कई देशों के प्रमुख शामिल हो रहे हैं. इस सम्मेलन में न सिर्फ अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन जैसे विकसि‍त देशों के लोग शामिल हो रहे हैं, बल्क‍ि दक्ष‍िण अफ्रीका और कई अफ्रीकी देशों के प्रमुख भी इस बैठक में पहुंचे हैं. इस बैठक में दुनियाभर से 340 से ज्यादा राजनीतिक नेता शामिल हुए हैं.इस सम्मलेन में दुनियाभर के कारोबारी भी शामिल हो रहे है. दुनियाभर से आए कारोबारियों के अलावा इस बैठक में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी, आईसीआईसीआई बैंक की चेयरमैन चंदा कोचर और कोटक बैंक के प्रमुख उदय कोटक समेत करीब भारत के 100 से ज्यादा प्रमुख कंपनियों के सीईओ शामिल हो रहे हैं. इस तरह WEF का मंच विदेशी कंपनियों को लुभाने के साथ भारतीय कारोबारियों तक ही अपना संदेश पहुंचाने का एक मौका है.  

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