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02 January 2018

रजनीकांत का राजनीति में आने का ऐलान

तमिल सुपरस्टार रजनीकांत ने रविवार को राजनीति में आने का ऐलान करते हुए कहा कि वह खुद की पार्टी का गठन करेंगे जो राज्य में अगले विधानसभा चुनावों की सभी 234 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. इस घोषणा से अभिनेता के राजनीतिक क्षेत्र में उतरने को लेकर दो दशकों की अटकलबाजी पर विराम लग गया है. प्रशंसकों की जोरदार तालियों के बीच 67 वर्षीय सुपरस्टार ने कहा, ‘मैं निश्चित रूप से राजनीति में प्रवेश कर रहा हूं.’ राजनीति में ईमानदारी और सुशासन के विचार के साथ आये रजनीकांत ने कहा, ‘सब कुछ बदलना होगा और ऐसी आध्यात्मिक राजनीति की शुरूआत किये जाने की जरूरत है जिसमें पारदर्शिता हो और किसी जाति या धर्म का कोई रंग नहीं हो.’ उन्होंने कहा, ‘यहीं मेरा उद्देश्य और इच्छा है. उन्होंने राजनीति में उनके आने के कदम का समर्थन करने वाले लोगों से अपील की कि ऐसा अकेले करना संभव नहीं था.’

रजनीकांत ने कहा कि वह भाई भतीजावाद या मेज के नीचे से लेन-देन को सहन नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, ‘मुझे स्वयंसेवकों की जरूरत है जो निगरानी करेंगे और जो अपने स्वार्थों के लिए किसी अधिकारी, मंत्री या सांसद या विधायकों के पास नहीं जायेंगे.’ उन्होंने कहा कि इस तरह के स्वयंसेवकों को उन लोगों से सवाल करने चाहिए जिन्होंने गलतियां की है. उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी पार्टी के लिए केवल इस तरह के लोगों की जरूरत है. उन्होंने कहा, ‘मैं तो निगरानी करने वाले इस तरह के लोगों का केवल एक प्रतिनिधि हूं.’ अभिनेता ने कहा कि उनका पहला काम राज्यभर में प्रशंसकों के मौजूदा पंजीकृत और गैर पंजीकृत क्लबों को व्यवस्थित करना होगा. उन्होंने अपने प्रशंसकों से समाज के सभी वर्गों को क्लब में लाने की अपील की ताकि एक पार्टी बनाई जा सकें और तब तक ऐसी किसी राजनीतिक वार्ता में शामिल होने की जरूरत नहीं है.

रजनीकांत ने कहा, ‘राजनीति और लोकतंत्र बहुत खराब हो गए हैं. तमिलनाडु में पिछले एक वर्ष में हुई कुछ राजनीतिक घटनाओं से हर तमिल शर्मिंदा हुआ और अन्य राज्यों के लोग हम पर हंस रहे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘यदि अब मैं यह निर्णय नहीं लेता तो मुझे बेशुमार प्यार करने और जीवन देने वाले तमिल लोगों के लिए लोकतांत्रिक माध्यमों से कुछ नहीं कर पाने का मलाल मेरे मरने तक रहता.’ अभिनेता ने कहा कि वह जानते है कि पार्टी की शुरुआत करना, सत्ता हासिल करना और शासन चलाना कोई साधारण काम नहीं है. यह समुद्र में से मोती निकालने की तरह है. उन्होंने कहा, यह केवल ईश्वर के आशीर्वाद और लोगों के पूर्ण समर्थन से ही संभव हो सका है. उन्होंने विश्वास जताया कि वह दोनों चीजों को पा लेंगे. कर्त्तव्य करने और सब कुछ ईश्वर पर छोड़ देने संबंधी भगवदगीता के एक श्लोक का हवाला देते हुए, सिने अभिनेता ने कहा, ‘यह समय की आवश्यकता है.’


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