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15 January 2018

सेना दिवस पर भारतीय सेना ने किया शक्ति प्रदर्शन, सेना प्रमुख ने पाक को दी चेतावनी

भारतीय थल सेना 15 जनवरी को 70वां सेना दिवस मनाई . इस दिन थल सेना अपनी शक्ति का प्रदर्शन करती है और प्रथम भारतीय सेनाध्यक्ष के.एम. करिअप्पा के पद ग्रहण उपलक्ष्य को बड़े धूमधाम से मनाती है. देश की सुरक्षा करने वाली और प्राकृतिक आपदाओं में लोगों की मदद करने वाली भारतीय सेना अपनी गौरवशाली परंपरा का निर्वाह करते हुए हर साल जनवरी में सेना दिवस मनाती है. सेना दिवस पर अपने दम खम का प्रदर्शन करने के साथ ही, उस दिन को पूरी श्रद्धा से याद करती है जब सेना की कमान पहली बार एक भारतीय के हाथ में आई थी. इस अवसर पर सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सोमवार को कहा कि सेना जम्मू-कश्मीर में भारत-विरोधी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी. उन्होंने पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ सख्त प्रतिक्रिया की चेतावनी दी. सेना दिवस पर सैन्यकर्मियों को संबोधित करते हुए जनरल रावत ने यह भी कहा कि उत्तरी सीमा (चीन) पर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर विवाद जारी हैं और अतिक्रमण हो रहे हैं. हम उन्हें रोकने की दिशा में काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के रास्ते भारत में आतंकियों की घुसपैठ में लगातार मदद कर रही है. उन्हें सबक सिखाने के लिए हम अपने पराक्रम का इस्तेमाल कर रहे हैं. जनरल रावत ने कहा कि अगर हमें मजबूर किया गया तो सैन्य आक्रामकता बढ़ाने के साथ ही हम दूसरे विकल्पों की मदद भी ले सकते हैं.

बता दें कि आज ही के दिन 1949 में भारतीय सेना पूरी तरह ब्रिटिश सेना से आजाद हो गई थी और फील्ड मार्शल के एम करिअप्पा आजाद भारत के पहले सेना प्रमुख बने थे. उसके बाद से आज ही के दिन सेना दिवस मनाया जाता है. इससे पहले करिअप्पा ब्रिटिश मूल के फ्रॉन्सिस बूचर बतौर सेना प्रमुख थे. करिअप्पा ने 1947 के भारत-पाक युद्ध में भारतीय सेना का नेतृत्व किया था. कर्नाटक में जन्में करिअप्पा के प्रथम सेनाध्यक्ष बनने के उपलक्ष्य में 15 जनवरी को सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है. करियप्पा के पद ग्रहण करने से पहले भारतीय सेना के अंतिम ब्रिटिश कमांडर इन चीफ जनरल सर फ्रांसिस बुचर थे. उसके बाद भारतीय सेना आजाद हुई. बता दें कि साल 1949 में भारतीय थल सेना में करीब 2 लाख सैनिक थे, जबकि आज वो संख्या 13 लाख से भी ज्यादा है. 

भारतीय सेना के जवानों (भारतीय सेना बैंड्स) द्वारा सेना दिवस उत्सव के दौरान सेना दिवस परेड प्रस्तुत किया जाता है जिसके तहत बीएलटी टी-72, टी-90 टैंक, ब्रह्मोज मिसाइल, कैरियर मोटार्र ट्रैक्ड वैहिकिल, 155 एमएम सोलटम गन, सेना विमानन दल का उन्नत प्रकाश हेलिकॉप्टर इत्यादि का प्रदर्शन किया जाता है. भारतीय सेना में सैनिक अपनी सेवा को कायम रखने और राष्ट्र को सुरक्षित रखने के लिये कसम खाते हैं और किसी भी दुश्मन का डट कर सामना करते हैं फिर चाहे वो घरेलू या बाहरी कोई भी दुश्मन हो. 15 जनवरी को सेना दिवस का यह समारोह सामान्य रूप से नई दिल्ली के इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति में भारत के शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करके शुरू किया जाता है. शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के बाद सैनिक परेड और सैन्य शो का आयोजन करते हैं. सैनिकों की इस परेड और शो में वे अपने जौहर और कार्यक्षेत्र की शक्तियों का प्रदर्शन करते दिखाई देते हैं. इस दिन सेना पदक और यूनिट क्रेडेंशियल्स (व्यक्ति की प्रामाणिकता) जैसे वीरता पुरुस्कार प्रदान किए जाते हैं.

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