28 February 2018

पीएम ने भारत-कोरिया व्यापार सम्मेलन को संबोधित किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजधानी दिल्ली में भारत-कोरिया बिज़नेस सम्मिट को संबोधित किया. भारत-कोरिया के बीच यह दूसरा शिखर सम्मेलन है. सम्मेलन में पीएम मोदी ने 3-डी यानी ..डेमोक्रेसी, डेमोग्राफी और डिमांड का मंत्र दिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जलवायु संरक्षण के लिए तकनीक के बेहतर इस्तेमाल पर काम कर रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है और सरकार की नीतियों की वजह से देश की विकास रफ्तार में तेज़ी आ रही है. कोरिया के साथ बेहतर संबंधों पर प्रकाश डालते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत और कोरिया व्यापारिक क्षेत्र में और बेहतर साझेदारी बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं. उन्होंने ये भी कहा कि क्षेत्र में समृद्धि और स्थिरता बनाए रखने में भारत और कोरिया की अहम भूमिका है. इस मौके पर उन्होंने भारत-कोरिया के बीच व्यापारिक संबंधों का उल्लेख करते हुए दोनों देशों के बीच समानताओं का जिक्र किया.

भारत-कोरिया के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंधों के बीच दिल्ली में आयोजित दूसरे शिखर सम्मेलन में प्रधाननमंत्री नरेंद्र मोदी ने संभावनाओं की नई इबारत लिखी. भारत और कोरिया के बीच सालों से चले आ रहे मजबूत और पारंपरिक संबंधों को मजबूती देते हुए प्रधानमंत्री ने बुद्ध से बॉलीवुड और दोनों देशों के स्वतंत्रता दिवस का जिक्र किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और कोरिया के बीच कई समानताएं हैं. उन्होंने निवेश की अपार संभावनाओं पर बात करते हुए कहा कि भारत के पास अर्थव्यवस्था के सभी तीन फैक्टर एक साथ मिलते हैं. देश में व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि डिजिटल क्रांति से नया भारत का उदय हो रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि खरीदने की क्षमता के आधार पर भारत पहले ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं. उन्होंने बताया कि जल्द ही भारत जीडीपी के मामले में दुनिया की पांचवी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. इसके साथ ही भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था हैं और सबसे बड़े स्टार्टअप इको-सिस्टम वाले बड़े देशों में से एक हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था को बढ़ावा दिया है।

शिखर सम्मेलन में आए उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी भारत-कोरिया के बीच व्यापार के अपार संभावनाओं पर बात की। उनका कहना था कि भारत-कोरिया मिलकर वैश्विक स्तर पर व्यापार को बढ़ा सकते हैं. भारत-कोरिया के बीच यह दूसरा व्यापार सम्मेलन आयोजित हो रहा है. इस वर्ष सम्मेलन का विषय - भारत-कोरिया "व्यापार और निवेश माध्यम से विशेष रणनीतिक संबंध को बढ़ावा" देना है.

माइकल मैककॉरमेक ऑस्ट्रेलिया के नए उप प्रधानमंत्री बने

माइकल मैककोरमैक ऑस्ट्रेलिया के नए उप प्रधानमंत्री चुने गए हैं. उन्होंने पूर्व उप प्रधानमंत्री बर्नाबाय जॉइस का स्थान लिया है. नेशनल पार्टी के नेता प्रधान मंत्री माल्कम टर्नबुल की लिबरल पार्टी के साथ गठबंधन समझौते की शर्तों के तहत स्वतः उप प्रधान मंत्री बन जाता है. नेशनल्स पार्टी के सांसदों ने माइकल मैककॉरमेक को अपना नेता चुना. इन्होने सोमवार को पदभार संभाल लिया. उनके पूर्ववर्ती बार्नबाय जॉयस ने यौन उत्पीड़न आरोपों के चलते इस्तीफा दे दिया था. हालांकि उन्होंने संसद से इस्तीफा नहीं दिया ताकि प्रतिनिधि सभा में प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल को प्राप्त एक सीट का बहुमत कायम रहे.

प्रधानमंत्री की लिबरल पार्टी के साथ नैशनल्स पार्टी के गठबंधन समझौते के चलते जॉयस स्वत: ही उप प्रधानमंत्री बन गए थे. उप प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद 53 वर्षीय मेककॉरमेक ने कहा, ''मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि लोग यह जान लें कि मेरे रूप में उन्हें एक योद्धा मिला है. मेरे सामने एक बड़ी चुनौती है.'' जॉयस का निजी जीवन इन दिनों विवादों में हैं. विवाह के 24 साल बाद वह अपनी पत्नी से अलग हो गए. उनकी चार बेटियां हैं. पिछले दिनों जॉयस और उनकी पूर्व प्रेस सचिव के अफेयर की खबरें आई थीं. जॉयस की पूर्व प्रेस सचिव अप्रैल में उनके बच्चे को जन्म देने वाली हैं.

टीवी पत्रकार राहुल महाजन राज्यसभा के टीवी एडिटर-इन-चीफ नियुक्त

वरिष्ठ टेलीविजन पत्रकार राहुल महाजन को राज्यसभा टीवी का नया एडिटर-इन-चीफ नियुक्त किया गया है. राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने प्रसार भारती के अध्यक्ष ए सूर्य प्रकाश की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय खोज सह चयन समिति की सिफारिशों को स्वीकार करने के बाद राहुल की नियुक्ति को शनिवार मंजूरी दे दी. एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि महाजन को 57 आवेदकों में से चुना गया और चयन समिति ने अपनी सिफारिश भेजने से पहले 15 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया. 46 वर्षीय महाजन को मीडिया में 26 वर्ष का अनुभव है. इसमें से 23 साल उन्होंने अलग-अलग मीडिया संस्थानों में काम किया है. फिलहाल वह प्रसार भारती में कंसल्टिंग एडिटर हैं. 

राहुल महाजन हिमाचल प्रदेश के शिमला के रहने वाले हैं और उन्हें मीडिया में 26 वर्षों का अनुभव है, जिसमें उन्होंने 23 वर्ष विभिन्न न्यूज चैनलों में काम किया है।. 1995 में इंडियन एक्सप्रेस से अपने पत्रकारिता की पारी की शुरुआत करने वाले राहुल महाजन ने एक साल बाद ही प्रिंट मीडिया को अलविदा कहकर टीवी मीडिया का दामन थाम लिया था और उसके बाद 1996 में वे जी न्यूज के साथ जुड़ गए थे. वर्ष 2004 में वे देश के नंबर-1 चैनल आजतक में बतौर स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट जुड़े और उसके बाद स्टार न्यूज चैनल की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने. 2007 में जब वरिष्ठ टीवी पत्रकार सुप्रिय प्रसाद और अजीत अंजुम के नेतृत्व में न्यूज24 लॉन्च किया गया तो वे उस टीम के फाउंडिंग मेंबर थे. न्यूज24 में अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान  ई24 और दर्शन24 चैनलों को लॉन्च कराने में उनकी अहम भूमिका रही है. 2012 में बतौर एडिटर इन चीफ और सीईओ उन्होंने भास्कर टीवी लॉन्च किया था. उसके बाद वे क्षेत्रीय न्यूज नेटवर्क 1 राजस्थान में बतौर एडिटोरियल कंस्लटेंट जुड़ गए थे. फिलहाल वे प्रसार भारती में कंसल्टिंग एडिटर के तौर पर कार्यरत थे.


27 February 2018

चीन बना वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) का उपाध्यक्ष

चीन वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) का उपाध्यक्ष बना. भारत ने वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) का उपाध्यक्ष बनने के लिए चीन को बधाई दी. एफएटीएफ की पूर्ण बैठक में अमेरिका और उसके कुछ यूरोपीय सहयोगी पाकिस्तान को उन देशों की सूची में डालने के पक्ष में थे जो आतंकवाद का वित्तपोषण करते हैं. भारत ने उम्मीद जताई कि बीजिंग संगठन के उद्देश्य को संतुलित और वस्तुनिष्ठ तरीके से कायम रखेगा और उसे समर्थन देगा. एफएटीएफ एक वैश्विक निकाय है जिसपर आतंक के वित्तपोषण से लड़ने की जिम्मेदारी है.
 
वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) को वर्ष 1989 में स्थापित किया गया था. ये संस्था आतंकवाद से जुड़े मनी लांडरिंग से निपटने का कार्य करती आ रही थी. लेकिन वर्ष 2001 में इसके कार्य में विस्तार किया गया. अब एफएटीएफ किसी भी देश के खिलाफ वित्तीय प्रतिबंध जैसी कार्रवाई कर सकती है. एफएटीएफ 37 देशों का वैश्विक संगठन है जो अवैध धन को वैध बनाने तथा आतंकी कार्रवाई गतिविधियों को धन उपलब्ध कराने की निगरानी करता है.

नई दिल्ली में सतत जैव ईंधन पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू

जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित टिकाऊ जैव ईंधन पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन नई दिल्ली में शुरू हो गया है. केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सम्मेलन का उद्घाटन किया. 18 देशों के प्रतिनिधियों के साथ 300 से अधिक प्रतिभागियों ने इसमें भाग लिया. इस समारोह का उद्देश्य सरकार के नीति निर्माताओं, उद्योग, निवेशकों और अनुसंधान समुदाय को अनुभव और चुनौतियों का आदान-प्रदान करने के लिए एक आम मंच प्रदान करना है जो उन्नत जैव ईंधन के विकास और स्केलिंग को संबंधित करता है. सम्मेलन में मिशन नवाचार सदस्य देशों के प्रतिनिधियों सहित लगभग 50 अंतर्राष्ट्रीय शिष्टमंडल, आईईए बायोफ्यूचर प्लेटफार्म सदस्य देश, आईआरईएनए भाग ले रहे हैं. सम्मेलन में टिकाऊ जैव ईंधन चुनौती के सामूहिक नेतृत्व कर्ता – चीन, ब्राजील, कनाडा और भारत की सम्मेलन में भरपूर भागीदारी है.     

टिकाऊ जैव ईंधन पर दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग तथा बायोफ्यूचर प्लेटफार्म द्वारा संयुक्त रूपसे किया जा रहा है. इस सम्मेलन में 19 देशों के टिकाऊ जैव ईंधन के विशेषज्ञ और प्रतिनिधि वर्तमान ज्ञान की समीक्षा करेंगे तथा सूचना और श्रेष्ठ व्यवहारों को साझा करेंगे और भविष्य के लिए आवश्यक कदम उठाने पर सहमति बनाएंगे.

अंडमान निकोबार में सबसे बड़े समुद्री नौसैनिक अभ्यास मिलन-2018 का आयोजन

भारतीय नौसेना मार्च 2018 के दूसरे हफ्ते में अंडमान निकोबार में अब तक के सबसे बड़े समुद्री नौसैनिक अभ्यास मिलन-2018 का आयोजन करने जा रही है. यह युद्धाभ्यास नौसेना के अंडमान निकोबार कमांड के तत्वावधान में पोर्ट ब्लेयर में 06 मार्च से 13 मार्च तक आयोजित किया जायेगा. युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने के लिए पहली बार एक साथ दुनिया के 22 देशों की नौसेना भारत में जुटेगी. हिंद महासागर में अंडमान निकोबार द्वीप समूह के आसपास के हजारों वर्गमील समुद्री क्षेत्र में होने वाले इस युद्धाभ्यास के दौरान भारत सहित सभी 22 देशों की नौसेना अपने-अपने युद्धपोतों के साथ शक्ति का प्रदर्शन भी करेंगे. इस बार इस युद्धाभ्यास में गैरकानूनी समुद्री गतिविधियों से निपटने के लिए क्षेत्रीय सहयोग पर ज्यादा फोकस किया जायेगा.

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य समुद्री क्षेत्र में किसी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाना है. सात दिनों तक चलने वाले इस युद्धाभ्यास में युद्धपोतों पर सवार नौसैनिक युद्ध और प्राकृतिक आपदा से निपटने समेत आपसी तालमेल बढ़ाने जैसी तकनिक पर मिलकर काम करेंगे. बचाव कार्यों का अभ्यास, एंटी पायरेसी ऑपरेशंस, सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशंस, विभिन्न देशों के चेतावनी संकेतों, लॉजिस्टिक मैनेजमेंट, प्राकृतिक आपदाओं के किट और उनकी डिलीवरी के तंत्र को भी परखा जाएगा. भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान को छोड़कर हिंद महासागर के तट से लगे लगभग सभी देश इसमें हिस्सा लेंगे.

पहली बार मिलन वर्ष 1995 में आयोजित किया गया था. मिलन अभ्यास का मकसद पूर्वी एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया की नौसेनाओं के दोस्ताना संबंधों को बढ़ावा देना है. यह भारत-प्रशांत क्षेत्र में हमारे पड़ोसी देशों की सुरक्षा और स्थिरता के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है. समुद्री क्षेत्र में स्थिरता और समुद्री मार्गों से कारोबार को देखते हुए यह अभ्यास काफी अहम है.

भारत और नेपाल के संबंधों पर ईपीजी की सातवीं बैठक काठमांडू में सम्‍पन्‍न

भारत और नेपाल के संबंधों पर प्रबुद्ध लोगों के समूह-ईपीजी की सातवीं बैठक काठमांडू में सम्‍पन्‍न हो गयी। दो दिव‍सीय बैठक में 1950 की शांति और मैत्री संधि सहित व्‍यापार, पर्यावरण, सीमा और जल विद्युत जैसे कई द्विपक्षीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया. ईपीजी एक संयुक्त तंत्र है जिसमें भारत और नेपाल के विशेषज्ञ और बुद्धिजीवी शामिल हैं. नेपाल और भारत 1950 की शांति एवं मित्राता संधि दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंध स्थापित करने के लिए की गई एक द्विपक्षीय संधि है. यह दोनों देशों के बीच मौजूद सभी द्विपक्षीय संधियों और समझौतों को अद्यतन करने के लिए सुझाव देने के लिए फरवरी 2016 में स्थापित किया गया था.

बैठक के बाद ईपीजी के नेपाल संयोजक डॉक्‍टर भेख बहादुर थापा और भारत के संयोजक भगत सिंह कोशियारी ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों को नयी ऊंचाई तक ले जाने के तरीकों पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है. समूह की अगली बैठक नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी.

पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रमण्यम का निधन

भारत सरकार के पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रमण्यम का निधन हो गया. वह 79 साल के थे. भारतीय प्रशासनिक एसोसिएशन ने टीएसआर सुब्रमण्यम के निधन की जानकारी दी. टीएसआर सुब्रमण्यम उन नौकरशाहों और राजनायिकों के हिस्सा रहे, जिनकी याचिका पर साल 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने नागरिक सेवाओं के सुधारों को शुरू किया था. कोर्ट ने सुब्रमण्यम और अन्य नौकरशाहों की याचिका पर सुनवाई करते हुए, नौकरशाहों को राजनीतिक हस्तक्षेप से बचाने के उद्देश्य से आदेश पारित किया था. 

सुब्रमण्यम उत्तर प्रदेश कैडर के 1961 बैच के अधिकारी थे. वह 1 अगस्त 1996 से लेकर 1 मार्ट 1998 तक कैबिनेट सचिव के पद पर रहे. कपड़ा मंत्रालय में सचिव रहने के अलावा वे शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी कई समितियों के अध्यक्ष भी रहे. टीएसआर सुब्रमण्यम कई किताबों के लेखक भी थे.

26 February 2018

आंध्र प्रदेश पोस्टल सर्किल में डाकिया एंड मेल गार्ड के 245 पदों की भर्ती

                     रिक्ति विवरण
पोस्ट नाम - डाकिया
रिक्त की संख्या - 234 पोस्ट
पे स्केल - Rs.21700 / - 7 वीं सीपीसी के अनुसार वेतन मैट्रिक्स की -3 स्तर
पोस्ट नाम - मेल गार्ड
रिक्त की संख्या - 11 पोस्ट
पे स्केल - Rs.21700 / - 7 वीं सीपीसी के अनुसार वेतन मैट्रिक्स की -3 स्तर
शैक्षिक योग्यता - उम्मीदवार मान्यता प्राप्त बोर्ड से मैट्रिक परीक्षा पास करना चाहिए
आयु सीमा - न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा 2018/03/15 पर के रूप में 18 से 27 वर्ष है.
चयन प्रक्रिया - चयन एप्टीट्यूड टेस्ट और मेरिट सूची के आधार पर की जाएगी.
ओसी / अन्य पिछड़ा वर्ग - रु। 500 / -
ओसी / अन्य पिछड़ा वर्ग पूर्व सेवा पुरुषों - रु। 500 / -
अनुसूचित जाति / जनजाति पूर्व सेवा पुरुषों - रु। 100 / -
सभी महिला - रु। 100 / -
ऑनलाइन आवेदन पत्र शुरू की तिथि - 2018/02/14
ऑनलाइन आवेदन पत्र की अंतिम तिथि - 2017/03/15
अधिक जानकारी के लिए अधिकारिक विज्ञापन देखे.
आवेदन करने लिए लिए अधिकारिक वेबसाईट देखे.

बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी का निधन

अपने शानदार अभिनय से सिनेमाप्रेमियों के दिलों पर राज करनेवाली बॉलिवुड अभिनेत्री श्रीदेवी हमारे बीच नहीं रहीं. श्रीदेवी दुबई में थीं जहां हृदय-गति रुक जाने (कार्डिएक अरेस्ट) की वजह से उनका अचानक निधन हो गया. श्रीदेवी 54 साल की थीं. उन्हें हिंदी फिल्मों की पहली फीमेल सुपरस्टार भी कहा जाता है. साल 2013 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया था. वह बोनी कपूर के भांजे मोहित मारवाह की शादी में शामिल होने के लिए परिवार समेत दुबई में थीं. देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीदेवी के निधन पर दुख जताया है. पीएम मोदी ने श्रीदेवी के निधन पर दुख जताते हुए कहा, 'सुप्रसिद्ध अभिनेत्री श्रीदेवी की असामयिक मृत्यु से दुखी हूं. वह फिल्म इंडस्ट्री की एक बड़ी कलाकार थीं, जिनके लंबे करियर में विविध और यादगार भूमिकाएं शामिल हैं. दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं.'  

ऐसा रहा बॉलिवुड की 'चांदनी' का सफर
बॉलिवुड की 'चांदनी' के नाम से मशहूर श्रीदेवी ने अपने करियर की शुरुआत 1978 में आई फिल्म 'सोलवां सावन' से की थी, लेकिन बॉलिवुड में उनको पहली सफलता पांच साल बाद फिल्म 'हिम्मतवाला' से मिली. इस फिल्म में जितेंद्र ने लीड एक्टर के तौर पर काम किया था. उन्होंने बतौर बाल कलाकर तमिल फिल्म 'कंदन करुनई' में भी अभिनय किया था. उस समय उनकी उम्र महज 4 वर्ष थी. इसके बाद फिल्म 'मवाली (1983)', 'तोहफा (1984)', 'मिस्टर इंडिया (1987)' और 'चांदनी (1989)' जैसी जबरदस्त फिल्मों से श्रीदेवी देशभर के लोगों दिलों पर राज करने लगीं. श्रीदेवी ने 'सदमा (1983)', 'चालबाज (1989)', 'लम्हे (1991)', और 'गुमराह (1993)' जैसी फिल्मों से उन्होंने दुनिया को अपनी ऐक्टिंग का लोहा मनवाने पर मजबूर कर दिया.

इसके बाद 2012 में आई 'इंग्लिश विंग्लिश' को उनकी कमबैक फिल्म माना जाता है. पिछले साल आई फिल्म 'मॉम' में उनके काम की काफी तारीफ हुई थी. इस फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी और अक्षय खन्ना भी थे. शाहरुख खान की आने वाली फिल्म 'जीरो' में भी उन्होंने मेहमान कलाकार के तौर पर काम किया है. जिस समय वह बॉलिवुड में अपने कदम जमा रहीं थीं, उस दौरान उनके काम की धमक दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी होने लगी थी. श्रीदेवी ने हिंदी और तमिल फिल्मों के अलावा मलयालम, तेलुगु और कन्नड़ फिल्मों में भी काम किया है.

25 February 2018

मनोहर पर्रीकर ने 17,123 करोड़ का गोवा बजट पेश किया

गोवा के मुख्‍यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने 22 फरवरी को विधानसभा में बजट पेश किया. वह मुंबई के लीलावती अस्‍पताल से डिस्‍चार्ज किये जाने के कुछ ही घंटों बाद विधानसभा पहुंचे. पर्रिकर ने अपने बजट भाषण की शुरुआत शुभचिंतकों को धन्‍यवाद व्‍यक्‍त करने से की. उन्‍होंने कहा, ”मेरे स्‍वास्‍थ्‍य ने मुझे विस्‍तृत बजट पेश करने से रोक दिया. आज पेश किया जा रहा बजट सिर्फ अंतरिम व्‍यवस्‍था है. नई योजनाएं 1 अप्रैल से लागू होंगी.’ पर्रिकर ने सदन में सरप्‍लस बजट पेश किया. बजट कुल 17,123.28 करोड़ रुपये का है, जो कि पिछले साल के बजट से 6.84 फीसदी ज्‍यादा है. राजस्‍व सरप्‍लस 144.61 करोड़ रुपये है. केंद्रीय टैक्‍स में राज्‍य के अंश में 17 फीसदी की बढ़ोत्‍तरी देखने को मिली है. औद्योगिक श्रम और रोजगार क्षेत्र के लिए बजट में 548.89 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

कमजोर दिख रहे मुख्यमंत्री ने अपने भावुक संबोधन में कहा कि वे अब पूरी तरह ठीक हैं, बस उन्हें किसी से नजदीकी संपर्क से बचने के लिए कहा गया है. अपने बेटे उत्पल के साथ आए पर्रिकर को वरिष्ठ अधिकारियों और सत्तापक्ष के विधायकों, मंत्रियों ने शुभकामनाएं दीं. बजट पेश करने से पहले अपने संक्षिप्त भाषण में पर्रिकर ने कहा, विभिन्न मंदिरों, मस्जिदों, गिरिजाघरों या अन्य तरीकों से संदेशों, पत्रों और प्रार्थनाओं में मेरे अच्छे स्वास्थ्य की कामना करने वाले सभी लोगों को मैं धन्यवाद देता हूं. उन्होंने कहा, मैं आपके प्यार से गदगद हूं।.इससे मेरी उस धारणा को और मजबूती मिली है कि गोवा और गोवा के लोग मेरा परिवार हैं. आपकी प्रार्थनाओं और पूजा ने मुझे जल्द स्वस्थ होने तथा गोवा लौटने में मदद की. उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें लोगों से कम मिलने को कहा है. लेकिन, उन्होंने कहा कि वे राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाहन करते रहेंगे.

पर्रिकर ने बजट कोष में श्रम, रोजगार और सूचना प्रोद्यौगिकी पर जोर देते हुए 144.65 करोड़ रुपये के राजस्व आधिक्य का बजट पेश किया. पर्रिकर ने अपने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कहा कि वे पारंपरिक बजट भाषण पढ़ने में असमर्थ हैं. वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 17,123 करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा, "यह वर्ष रोजगार वर्ष होगा. मेरी सरकार उद्योग, श्रम, रोजगार और सूचना प्रोद्यौगिकी को 548.89 करोड़ रुपये का अनुदान देकर स्थानीय रोजगारों का सृजन करेगी."

पेटीएम ने लॉन्च की दो नई बीमा कंपनियां, लाइफ और जनरल इंश्योरेंस के क्षेत्र में रखेेगा कदम

वन 97 कम्यूनिकेशन लिमिटेड के स्वामित्व वाली डिजिटल पेमेंट फर्म 'पेटीएम' ने रजिस्ट्रार ऑफ कम्पनियों (आरओसी) के साथ दो नई बीमा कंपनियों को रजिस्टर किया है. पेटीएम ने 21 फरवरी को दो नई बीमा कंपनियों पेटीएम लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड और पेटीएम जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन लि. का पंजीकरण कराया है. कंपनी के अनुसार इन नई इकाइयों के जरिए बीमा उत्पादों जैसे स्वास्थ्य बीमा, मोटर बीमा और अन्य बीमा उत्पादों की पेशकश करेगी.

आरओसी दस्तावेजों के मुताबिक पेटीएम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शंकर नाथ, मुख्य वित्तीय अधिकारी मधुर देवरा और वन 97 कंपनी के संस्थापक विजय शेखर शर्मा इन इकाइयों के मुख्य निदेशक होंगे. गौरतलब है कि विनियामक मानदंडों के अनुसार, गैर-जीवन बीमा और सामान्य बीमा उत्पादों को अलग-अलग रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता होती है.
मोबाइल वॉलेट पेटीएम एक और कारोबार शुरू करने जा रही है. पेटीएम ब्रान्ड का मालिकाना हक रखने वाली कंपनी वन97 कॉम्युनिकेंशंस जल्द बीमा क्षेत्र में कदम रखने वाली है.
इसके लिए कंपनी ने बीमा नियामक इरडा से अनुमति और लाइसेंस ले लिया है. इसके अलावा पेटीएम जल्द ही अपनी क्रेडिट स्कोर सेवा भी लॉन्च करने वाली है.

कंपनी मामलों के मंत्रालय के अनुसार, 21 फरवरी को, पेटीएम लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन और पेटीएम जनरल इंश्योरेंट कॉर्पोरेशन नाम से दो कंपनियां बनाई गई ..
मोबाइल वॉलेट पेटीएम एक और कारोबार शुरू करने जा रही है. पेटीएम ब्रान्ड का मालिकाना हक रखने वाली कंपनी वन97 कॉम्युनिकेंशंस जल्द बीमा क्षेत्र में कदम रखने वाली है.
इसके लिए कंपनी ने बीमा नियामक इरडा से अनुमति और लाइसेंस ले लिया है. इसके अलावा पेटीएम जल्द ही अपनी क्रेडिट स्कोर सेवा भी लॉन्च करने वाली है.

कंपनी मामलों के मंत्रालय के अनुसार, 21 फरवरी को, पेटीएम लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन और पेटीएम जनरल इंश्योरेंट कॉर्पोरेशन नाम से दो कंपनियां बनाई गई ..

केंद्र सरकार और एशियाई विकास बैंक ने बिहार में पानी की आपूर्ति में सुधार हेतु 84 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये

केंद्र सरकार और एशियाई विकास बैंक ने 23 फरवरी 2018 को बिहार के भागलपुर और गया शहरों में पानी की आपूर्ति में सुधार और विस्‍तार के लिए 84 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्‍ताक्षर किये. इस ऋण समझौते पर वित्‍त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के विभाग में संयुक्‍त सचिव (बहुउद्देशीय संस्‍थानों) समीर कुमार खरे, एडीबी के इंडिया रेजीडेंट मिशन के कंट्री डायरेक्‍टर केनीची योकोयामा और बिहार सरकार की ओर से रेजीडेंट कमिश्‍नर विपिन कुमार ने समझौते पर हस्‍ताक्षर किये. यह ऋण दो भागों में बिहार शहरी विकास निवेश कार्यक्रम के लिए 200 मिलियन डॉलर की बहु-श्रृंखला वित्‍तीय सुविधा (एमएफएफ) का हिस्‍सा है. एडीबी ने 2012 में बिहार के चार शहरों-भागलपुर, गया, दरभंगा और मुजफ्फरपुर में निरंतर शहरी बुनियादी ढांचा और सेवाएं प्रदान करने के लिए इसकी मंजूरी दी थी.

इस परियोजना से भागलपुर और गया शहरों के लोगों को बेहतर गुणवत्‍ता वाली और निरंतर पानी की आपूर्ति हो सकेगी. इससे बेहतर जल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा, जिसके परिणामस्‍वरूप दोनों शहरों में 135 लीटर प्रति व्‍यक्ति प्रति दिन शोधित जल की 24 घंटे बिना किसी बाधा के आपूर्ति हो सकेगी. इस परियोजना के अंतर्गत दोनों शहर राष्‍ट्रीय शहरी सेवा उद्देश्‍यों को हासिल करेंगे अथवा भारत में शहरी सेवा वितरण कार्य निष्‍पादन के अनेक राष्‍ट्रीय औसतों के अनुरूप होंगे. 
 
ऋण के रूप में मिलने वाली राशि से उप परियोजना कार्यों को सहायता मिलेगी और परियोजना वाले दोनों शहरों में 1.1 मिलियन लोगों को फायदा मिलेगा. वर्ष 2021 तक दोनों शहरों में अधिक मात्रा में शोधित जल मिलेगा. ऋण की अवधि 25 वर्ष की होगी, जिसमें पांच वर्ष की छूट अवधि शामिल होगी. लंदन इंटरबैंक ऑफर्ड रेट (एलआईबीओआर) पर आधारित एडीबी की ऋण देने की सुविधा के अनुसार वार्षिक ब्‍याज दर तय की जाएगी और प्रतिवर्ष 0.15 प्रतिशत प्रतिबद्धता शुल्‍क देना होगा.

एनबीएफसी के लिए आरबीआई ने लोकपाल योजना शुरू की

आरबीआई ने गैर-बैंकिग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के लिए शुक्रवार को लोकपाल योजना पेश की है. केंद्रीय बैंक ने कहा कि यह व्यवस्था NBFC की सेवाओं में कमी से जुड़ी शिकायतों के तेज और शुल्क मुक्त निवारण की सुविधा पूरी तरह उपलब्ध कराएगी. NBFC लोकपाल के कार्यालय दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई महानगरों में कार्य करेंगे. यह कार्यालय संबंधित परिक्षेत्रों के ग्राहकों की शिकायतों पर पूरी तरह विचार करेंगे. अब आप नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों यानी एनबीएफसी के खिलाफ अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे. 

फिलहाल डिपॉजिट लेने वाले सभी एनबीएफसी इसके दायरे में आएंगे. इसके बाद 100 करोड़ रुपये और उससे ज्यादा के एसेट वाले एनबीएफसी भी लोकपाल के दायरे में आएंगे.

भारत मार्च 2018 में प्रथम अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की मेजबानी करेगा

भारत 11 मार्च 2018 को पहले अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा. यह शिखर सम्मेलन दिल्ली में आयोजित किया जाएगा. फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रॉन और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस पहले अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. अफ्रीकी देशों के प्रमुख, बांग्लादेश और श्रीलंका के राष्ट्रपतियों, दक्षिण अमरीकी सह अन्तःकरण और प्रशांत द्वीप समूह के नेताओं की शिखर सम्मेलन में भाग लेने की उम्मीद है. अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन सौर ऊर्जा पर आधारित 121 देशों का एक सहयोग संगठन है जिसका शुभारंभ भारत और फ्राँस द्वारा 30 नवंबर 2015 को पेरिस में किया गया. इस संगठन में ये सभी देश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे. इस प्रयास को वैश्विक स्तर पर ऊर्जा परिदृश्य में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है.

अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन का प्रमुख उद्देश्य:
• इस संगठन का उद्देश्य सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करना है.
• आईएसए का उद्देश्य सूर्य की बहुतायत ऊर्जा को एकत्रित करने के साथ देशों को एक साथ लाना है.
• यह सौर ऊर्जा के विकास और उपयोग में तेज़ी लाने की एक नई शुरुआत है ताकि वर्तमान और भावी पीढ़ी को ऊर्जा सुरक्षा प्राप्त हो सके.
पृष्ठभूमि:
यह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पहल का परिणाम है जिसकी घोषणा उन्होंने सर्वप्रथम लंदन के वेंबली स्टेडियम में अपने उद्बोधन के दौरान की थी. यह संगठन कर्क और मकर रेखा के बीच स्थित राष्ट्रों को एक मंच पर लाएगा. ऐसे राष्ट्रों में धूप की उपलब्धता बहुलता में है. भारत अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के सदस्य देशों को सौर ऊर्जा से घरेलू प्रकाश, किसानों हेतु सौर पंप और अन्य सौर उपकरणों संबंधी परियोजनाओं के लिए समर्थन भी देगा.

आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट्स बैंक ने संचालन शुरू किया

आदित्य बिरला के आइडिया पेमेंट बैंक ने काम करना शुरू कर दिया है. अगस्त 2015 में पेमेंट बैंक का संचालन शुरू करने के लिए करीब 11 कंपनियों को लाइसेंस दिए गए थे. इससे पहले तीन और कंपनियां अपने पेमेंट बैंक का संचालन शुरू कर चुकी हैं. रिजर्व बैंक की ओर से जारी की गई रिलीज में कहा गया है कि आदित्य बिरला का आइडिया पेमेंट बैंक 22 फरवरी 2018 से ही संचालन में आ चुका है. पेमेंट बैंक की सेवा देने के मामले में आइडिया चौथी कंपनी है. इससे पहले एयरटेल पेमेंट बैंक, पेटीएम पेमेंट्स बैंक और फिनो पेमेंट बैंक अपना संचालन शुरू कर चुके हैं. इंडिया पोस्ट का पेमेंट बैंक भी जल्द ही अपनी सेवाएं शुरू कर सकता है. 

टेलिकॉम क्षेत्र की प्रमुख कंपन भारती एयरटेल पहली ऐसी टेलिकॉम कंपनी थी जिसने नवंबर 2016 में अपना संचालन शुरू कर दिया था. इस कड़ी में इस तरह के क्षेत्र में उतरने वाली आदित्य बिरला की आइडिया सेल्युलर दूसरी टेलिकॉम कंपनी है. यह जानकारी भी सामने आ रही है कि रिलायंस जियो भी जल्द अपना पेमेंट बैंक शुरू कर सकती है. वहीं नेशनल सिक्योरिटी डिपॉडिटरी लिमिटेड का पेमेंट बैंक मार्च के अंत तक शुरू हो सकता है. पेमेंट बैंक मुख्य रूप से मोबाइल फोन के माध्यम से ग्राहकों तक अपनी पहुंच बनाते हैं, इसमें सुविधाओं का लाभ लेने के लिए परंपरागत रुप से बैंक ब्रांच तक पहुंचने की जरूरत नहीं होती है.

पेमेंट बैंक क्या कर सकते हैं और क्या नहीं:
  • लोन की पेशकश नहीं कर सकते हैं. आपके खाते में एक लाख रुपए तक की राशि जमा कर सकते हैं और आम बैंकों के सेविंग खातों की ही तरह जमा राशि पर ब्याज का भुगतान कर सकते हैं.
  • इसमें सिर्फ मोबाइल फोन के माध्यम से पैसे स्थानांतरित और भेजे जा सकते हैं.
  • ये तमाम तरह की सेवाएं आपको उपलब्ध करवाते हैं जैसे कि आप इसके जरिए बिलों का भुगतान कर सकते हैं, बिना नकदी के कोई सामान खरीद सकते हैं और मोबाइल फोन के माध्यम से चैकलेस ट्रांजेक्शन कर सकते हैं.
  • ये डेबिट और एटीएम कार्ड भी जारी कर सकते हैं जिन्हें आप सभी बैंकों की एटीएम मशीन में जाकर इस्तेमाल कर सकते हैं.
  • ये सीधे तौर पर बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं, बैंक से जोड़ने वाले इस गेटवे के लिए कोई भी शुल्क नहीं लगता है.
  • ये यात्रियों को विदेशी मुद्रा कार्ड प्रदान कर सकते हैं, जिसका इस्तेमाल डेबिट और एटीएम कार्ड के तौर पर पूरे भारत में कहीं भी किया जा सकता है.
  • ये अन्य बैंकों की तुलना में कम शुल्क पर विदेशी मुद्रा सेवाएं प्रदान कर सकते हैं.
  • वे थर्ड पार्टी के लिए कार्ड स्वीकृति तंत्र (मैकेनिज्म) भी प्रदान कर सकते हैं जैसे कि 'ऐप्पल पे’.

भारत का पहला 5जी का हुआ सफल परीक्षण, 3जीबीपीएस से ज्‍यादा की स्‍पीड मिली

चीनी प्रौद्योगिकी दिग्गज हुआवेई और दूरसंचार सेवा प्रदाता भारती एयरटेल ने शुक्रवार को भारत में 5जी नेटवर्क के सफल परीक्षण की घोषणा की. कंपनी ने एक बयान में कहा कि यह परीक्षण एयरटेल के मानेसर (गुरुग्राम) स्थित नेटवर्क एक्सपीरिएंस केंद्र में किया गया. भारती एयरटेल के निदेशक (नेटवर्क्‍स) अभय सावरगांवकर ने कहा, “हम 5जी इंटेरोपेराबिलिटी और विकास परीक्षण (आईओडीटी) और भागीदारी की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं. हम भारत में एक मजबूत 5 जी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए अपने भागीदारों के साथ मिलकर काम करने की आशा करते हैं.” 
 
कंपनी ने बताया कि परीक्षण के दौरान 3जीबीपीएस से अधिक की स्पीड दर्ज की गई. यह 3.5 गीगाहट्र्ज बैंड पर 100 मेगाहट्र्ज बैंडविथ के साथ प्राप्त की गई अधिकतम स्पीड है जिसकी एंड-टू-एंड नेटवर्क लेटेंसी करीब एक मिलीसेकेंड रही. हुआवेई एचक्यू के निदेशक (वायरलेस मार्केटिंग) इमैनुएल एल्व्स ने कहा, “हम 5जी पारिस्थितिक तंत्र की तैनाती पर ध्यान दे रहे हैं और भारती एयरटेल के साथ 3.5 गीगाहट्ज बैंड पर 5जी की क्षमता का प्रदर्शन इसे शानदार ढंग से दर्शाता है.” 
 आपको बता दें की अभी हाल ही में संचार प्रौद्योगिकी की प्रमुख वैश्विक कंपनी एरिक्सन ने भी पहली बार 5जी तकनीक का एंड-टू-एंड प्रदर्शन किया. इस टेस्ट में एरिक्सन ने 5जी टेस्टको बेड और 5जी न्यू रेडियो के द्वारा किया. जिसमें पाया गया कि महज 3 मिली सेकेंड में इसकी स्पीड 5.7 गीगा बाइट पर सेकेंड है. वहीं एरिक्सन के अध्ययन के अनुसार, 5जी तकनीक में भारतीय दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के लिए साल 2026 तक 27.3 अरब राजस्व पैदा करने की क्षमता है. इतना ही नहीं एरिक्सन के दक्षिण-पूर्व एशिया, प्रशांत क्षेत्र और भारत के बाजारों के प्रमुख नुनजियो मिर्तिलो ने इस कहा है कि  “हम देश में पहले 5जी प्रदर्शन के आधार पर भारतीय बाजार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत कर रहे हैं. वहीं सरकार ने 2020 तक देश में 5जी सर्विस को पेश करने की योजना बनाई है.

23 February 2018

कमर्चारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 2017-18 के लिए ब्याज दर घटाकर 8.55% की


कमर्चारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने साल 2017-18 के लिए ब्याज दर को घटा दिया है. नई ब्याज दर 8.55% होगी जो पिछले साल 8.65% थी. प्रॉविडेंट फंड डिपॉजिट पर ब्याज का यह फैसला बुधवार को ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड के ट्रस्टियों की बोर्ड मीटिंग में लिया गया है. श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के ट्रस्टियों की आज हुई बैठक के बाद कहा, ‘मौजूदा आर्थिक परिदृश्य को देखते हुए भविष्य के बारे में मूल्यांकन करना मुश्किल है. हमने पिछले साल 8.65 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया, जिसके बाद 695 करोड़ रुपये का सरप्लस बचा है. इस साल हमने 2017-18 के लिये 8.55 प्रतिशत की दर से ब्याज देने की सिफारिश की है, इससे 586 करोड़ रुपये का सरप्लस बचेगा.' 

मंत्री ने बताया कि ट्रस्ट ने ईपीएफओ योजनाओं के तहत कवरेज के लिए कर्मचारी संख्या सीमा को मौजूदा 20 से घटाकर 10 करने का भी फैसला किया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस फैसले से ईपीएफओ अंशधारकों की संख्या 9 करोड़ तक हो जाएगी. बता दें कि ईपीएफओ ने 2016-17 के लिए 8.65% इंट्रेस्ट रेट तय किया था, जो 2015- 16 में 8.8% था. यानी लगातार तीसरी बार इसे घटा दिया गया है. गौरतलब है कि बजट में भी नौकरीपेशा और मिडिल क्लास के लोगों को सरकार ने कोई बड़ी राहत नहीं दी थी. इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया था. अब EPFO का फैसला भी नौकरीपेशा लोगों को निराश करेगा.

वायु सेना की फ्लाइंग ऑफिसर अवनि चतुर्वेदी ने अकेले मिग-21 बाइसन लड़ाकू विमान उड़ाकर इतिहास रचा

भारतीय वायु सेना की फ्लाइंग ऑफिसर अवनि चतुर्वेदी ने अकेले मिग-21 बाइसन लड़ाकू विमान उड़ाकर इतिहास रचा. अवनि ने 19 फरवरी की सुबह गुजरात के जामनगर एयरबेस से उड़ान भरकर अपना मिशन पूरा किया. अकेले लड़ाकू विमान उड़ाने वाली वह भारत की पहली महिला बन गई हैं. यह पूर्णरूप से फाइटर पायलट बनने की दिशा में पहला कदम है. अकेले लड़ाकू विमान उड़ाने से पहले सोमवार सुबह अवनि के प्रशिक्षक ने मिग-21 की जांच की. उड़ान के दौरान अनुभवी पायलट और प्रशिक्षक एयर ट्रैफिक कंट्रोल और रन-वे पर निगरानी के लिए मौजूद रहे. बता दें कि महिला फाइटर पायलट बनने के लिए 2016 में पहली बार तीन महिला पायलटों अवनि चतुर्वेदी, मोहना सिंह और भावना को वायु सेना में कमिशन किया गया था.
एयर कमोडोर प्रशांत दीक्षित ने कहा, यह भारतीय वायुसेना और पूरे देश के लिए एक विशेष उपलब्धि है. दुनिया के चुनिंदा देशों जैसे ब्रिटेन, अमेरिका, इजरायल और पाकिस्तान में ही महिलाएं फाइटर पायलट बन सकीं हैं. भारत में अक्टूबर 2015 में सरकार ने महिलाओं के फाइटर पायलट बनने की राह प्रशस्त कर दी थी. जिसके बाद अवनी, मोहना और भावना ने वो सीखा जिससे देश में महिलाओं की साख यकीनन आसमान छू रही है. गौतरलब है कि केंद्र सरकार ने साल 2015 में महिलाओं को फाइटर पायलट में शामिल करने का फैसला किया था.

अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस

यूनेस्को ने 21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस मनाया है. 2018 का विषय है- "Linguistic diversity and multilingualism count for sustainable development". यह भाषाई विविधता के संरक्षण और मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगभग 20 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है.17 नवंबर, 1999 को यूनेस्को ने इसे स्वीकृति दी. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य है कि विश्व में भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता और बहुभाषिता को बढ़ावा मिले. यूनेस्को द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की घोषणा से बांग्लादेश के भाषा आन्दोलन दिवस को अन्तर्राष्ट्रीय स्वीकृति मिली, जो बांग्लादेश में सन 1952 से मनाया जाता रहा है. बांग्लादेश में इस दिन एक राष्ट्रीय अवकाश होता है. 2008 को अन्तर्राष्ट्रीय भाषा वर्ष घोषित करते हुए, संयुक्त राष्ट्र आम सभा ने अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के महत्व को फिर महत्त्व दिया था. 
 
भारतीय संविधान निर्माताओं की आकांक्षा थी कि स्वतंत्रता के बाद भारत का शासन अपनी भाषाओं में चले ताकि आम जनता शासन से जुड़ी रहे और समाज में एक सामंजस्य स्थापित हो और सबकी प्रगति हो सके. इसमें कोई शक नहीं कि भारत प्रगति के पथ पर अग्रसर है. पर यह भी सच है कि इस प्रगति का लाभ देश की आम जनता तक पूरी तरह पहुंच नहीं पा रहा है. इसके कारणों की तरफ़ जब हम दृष्टि डालते हैं तो पाते हैं कि शासन को जनता तक उसकी भाषा में पहुंचाने में अभी तक क़ामयाब नहीं हैं. यह एक प्रमुख कारण है. जब तक इस काम में तेज़ी नहीं आती तब तक किसी भी क्षेत्र में देश की बड़ी से बड़ी उपलब्धि और प्रगति का कोई मूल्य नहीं रह जाता. अन्तर्राष्ट्रीय मानचित्र पर अंग्रेज़ी के प्रभाव को नकारा नहीं जा सकता. किन्तु वैश्‍विक दौड़ में आज हिन्दी कहीं भी पीछे नहीं है. यह सिर्फ़ बोलचाल की भाषा ही नहीं, बल्कि सामान्य काम से लेकर इंटरनेट तक के क्षेत्र में इसका प्रयोग बख़ूबी हो रहा है. हमें यह अपेक्षा अवश्य है कि 'क' क्षेत्र के शासकीय कार्यालयों में सभी कामकाज हिन्दी में हो. ’ख’ और ’ग’ क्षेत्र में भी निर्धारित प्रतिशत के अनुसार हिन्दी का प्रयोग होता रहे. 

मातृभाषा : मातृभाषा आदमी के संस्कारों की संवाहक है. मातृभाषा के बिना, किसी भी देश की संस्कृति की कल्पना बेमानी है. मातृभाषा हमें राष्ट्रीयता से जोड़ती है और देश प्रेम की भावना उत्प्रेरित करती है. मातृ भाषा आत्मा की आवाज़ है तथा देश को माला की लड़ियों की तरह पिरोती है. माँ के आंचल में पल्लवित हुई भाषा बालक के मानसिक विकास को शब्द व पहला सम्प्रेषण देती है. मातृ भाषा ही सबसे पहले इंसान को सोचने-समझने और व्यवहार की अनौपचारिक शिक्षा और समझ देती है. बालक की प्राथमिक शिक्षा मातृ भाषा में ही करानी चाहिए.

वैश्विक भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक में भारत 81वें स्थान पर

भारत भ्रष्टाचार के मामले में हर साल नई सीढ़ियां चढ़ रहा है. दुनिया के भ्रष्टाचार पर नजर रखने वाली संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के मुताबिक भ्रष्टाचार में भारत का स्थान हर साल बढ़ता जा रहा है. 2016 में यह 79वें स्थान पर था और अब 81वें नंबर पर पहुंच गया है. 2017 में ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने 180 देशों में सर्वे किया है, जिसमें भारत का नंबर 81वां है. जबकि 2016 में 176 देशों के बीच यह सर्वे किया गया था और तब भारत का स्थान 79वां था। इसके एक साल पहले 2015 में 76वां स्थान था. हालांकि 2013-14 में भारत का स्कोर बेहतर हुआ था. 2015 के 38 अंकों के मुकाबले भारत को इस बार भी 40 अंक मिले हैं, जो पिछले कई वर्षों से इसी स्थान पर बना हुआ है. वहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश भारत के मुकाबले थोड़ा कम भ्रष्टाचारी है. पाकिस्तान ने भ्रष्टाचार इंडेक्स में 100 में से 32 अंक प्राप्त किए हैं वहीं बांग्लादेश को 28 अंक मिले हैं. जबकि चीन भ्रष्टाचार के मामले में भारत से 1 अंक ज्यादा प्राप्त किया है और उसकी रैंकिग 41 है.

करप्शन परसेप्शंस इंडेक्स बर्लिन स्थित संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल हर साल यह रिपोर्ट जारी करती है. संस्था के मुताबिक, यह एक जटिल इंडेक्स है जिसमें अलग अलग संस्थानों के जरिये जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर भ्रष्टाचार का अनुमान लगाया जाता है.  इन्होंने अपनी रिपोर्ट में भारत को एशिया प्रशांत क्षेत्र में भ्रष्टाचार और प्रेस स्वतंत्रता के मामले में “सबसे खराब अपराधियों” वाले देश की सूची में रखा. ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा जारी इस सूचकांक में कुल 180 देश और प्रदेशों को उनके सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार के कथित स्तरों के अनुसार रैंक दिया गया है. जिसमें भारत को 81वां स्थान मिला. ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने कहा की एशिया प्रशांत क्षेत्र के कुछ देशों में, पत्रकार, एक्टिविस्ट, विपक्ष नेता और कानून स्थापित करने वाली संस्था या वॉचडॉग एजेंसियों को धमकाया जाता है, यहां तक की उनकी हत्या भी कर दी जाती है. ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल  के अनुसार, भ्रष्टाचार के मामले में जो तीन देश सबसे आगे माने जाते हैं वो फिलिस्तीन, भारत और मालदीव्स हैं. यहां सबसे खराब अपराधी रहते हैं. यहां पर प्रेस के पास सीमित स्वतंत्रता है और पत्रकारों की मौत की मामले भी यही पर सबसे ज्यादा सामने आते हैं.

22 February 2018

बच्चों के जन्म के लिए पाकिस्तान सबसे खतरनाक देश, भारत में हो रहा है सुधार : यूनिसेफ

हम आधुनिक और युवा होने का दावा कर रहे हैं. नए विश्व के निर्माण के कसीदे पढ़े जा रहे हैं, लेकिन हालात ये हैं कि युवा तो बहुत दूर की बात हैं, हम नवजात बच्चों को भी सुरक्षा नहीं दे पा रहे हैं. बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था यूनिसेफ की मानें तो दुनिया में हर साल एक मिलियन यानी 10 लाख नवजात अपने जन्म के पहले दिन ही अपनी अंतिम सांस ले लेते हैं. यूनिसेफ ने मंगलवार को नवजात मृत्यु दर पर अपनी एक रिपोर्ट 'एवरी चाइल्ड अलाइव' (Every Child ALIVE) रिपोर्ट जारी की. रिपोर्ट जारी करते हुए भारत में यूनिसेफ की प्रतिनिधि डॉ. यास्मीन अली हक़ ने कहा कि नवजातों की उच्चतम मृत्युदर वाले, उन 52 देशों में भारत का स्थान 12वां है जिनकी आय निम्न-मध्यम है. वर्ष 2016 में छह लाख से अधिक बच्चों की जन्म के शुरूआती माह में ही मौत हो गई. उन्होंने कहा कि भारत में पिछले कुछ सालों में बच्चों के स्वास्थ्य मामलों पर खासा ध्यान दिया गया है, जिसके नतीजे भी अच्छे मिल रहे हैं, लेकिन अभी इसमें और भी काम करने की जरूरत है. डॉ. यास्मीन अली हक ने बताया कि भारत ने पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्युदर पर रोक लगाने में प्रगति हासिल की है.  वर्ष 1990 की तुलना में वर्ष 2015 में पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मौत के मामलों में 66 फीसदी की कमी ला कर भारत एमडीजी लक्ष्य के करीब पहुंच गया है. उन्होंने बताया कि बच्चे के जन्म के समय साफ-सुथरा वातावरण, प्रशिक्षित डॉक्टर और नर्स, स्वच्छ पानी, मां का दूध और मां का स्पर्श बहुत जरूरी है.


यूनिसेफ बच्चों के कल्याण के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था है. 'एवरी चाइल्ड अलाइव' (द अर्जेंट नीड टू ऐंड न्यूबॉर्न डैथ्स) शीर्षक से जारी इस रिपोर्ट में जापान, आइसलैंड और सिंगापुर को जन्म के लिए सबसे सुरक्षित देश बताया गया है जहां जन्म लेने के पहले 28 दिन में प्रति हजार बच्चों पर मौत का केवल एक मामला सामने आता है. यूनिसेफ द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2016 में भारत में प्रति 1,000 जीवित जन्मों में नवजात मृत्युदर 25.4 रही. श्रीलंका में यह दर 127, बांग्लादेश में 54, नेपाल में 50, भूटान में 60 तथा पाकिस्तान में प्रति 1,000 जीवित जन्म में यह दर 45.6 रही. जापान, आइसलैंड और सिंगापुर में जन्मे बच्चों के बचने के अवसर अधिक रहते हैं जबकि पाकिस्तान, मध्य अफ्रीकी गणराज्य और अफगानिस्तान में स्थिति बिल्कुल उलट है.

यूनिसेफ के वैश्विक अभियान 'एवरी चाइल्ड अलाइव' यानी 'हर बच्चा रहे जीवित' के माध्यम से सरकारों, उद्यमों, स्वास्थ्य सुविधा प्रदाताओं, समुदायों और लोगों से सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के वादे को पूरा करने और हर बच्चे को जीवित रखने की दिशा में काम करने की अपील की गई है. इसमें बांग्लादेश, इथियोपिया, गिनी—बिसाउ, भारत, इंडोनेशिया, मालावी, माली, नाइजीरिया, पाकिस्तान और तंजानिया को सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित करने वाले देशों में रखा गया है. इन दस देशों में दुनियाभर में नवजात बच्चों की मौत के आधे से ज्यादा मामले आते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि कई देशों में प्रसव के समय या उसके तुरंत बाद जच्चा—बच्चा की मौत का जोखिम बहुत कम होता है, वहीं कुछ देशों में इस मामले में खतरा अधिक माना जाता है. नवजात संबंधी मृत्युदर को देखते हुए बच्चों के जन्म के लिहाज से पाकिस्तान सबसे जोखिमभरा देश है. साल 2016 में पाकिस्तान में जन्मे प्रति हजार बच्चों में से 46 की एक महीने का होने से पहले मौत हो गई. यहां 2014 में प्रति दस हजार आबादी के लिए केवल 14 प्रशिक्षित स्वास्थ्य पेशेवर थे.

सर्वाधिक मृत्युदर वाले 10 देशों में आठ अफ्रीकी देश हैं और दो दक्षिण एशिया के हैं. इस सूची में दूसरे स्थान पर मध्य अफ्रीकी गणराज्य, तीसरे पर अफगानिस्तान और चौथे पर सोमालिया है. रिपोर्ट के अनुसार इन देशों में संघर्ष, प्राकृतिक आपदाएं, अस्थिरता और कुशासन जैसी समस्याओं का प्रभाव स्वास्थ्य प्रणाली पर अकसर पडता है और नीति निर्माता प्रभावी नीतियां नहीं बना सके हैं. हालांकि 2016 में संख्या के लिहाज से देखें तो नवजात की मौतों के मामले में भारत पहले नंबर पर रहा. भारत में पिछले साल 6,40,000 नवजातों के मारे जाने के मामले दर्ज किए गए. यहां नवजात मृत्यु दर 25.4 प्रति हजार रही. इस तरह से दुनियाभर में जन्म लेने के कुछ समय या दिनों के भीतर मौत के 24 प्रतिशत मामले भारत में दर्ज किए गए. संख्या के मामले में पाकिस्तान दूसरे नंबर पर है. यहां इस साल 2,48,000 शिशुओं की जन्म के कुछ समय बाद मौत हो गए.

निम्न मध्य आय वाले देशों में नवजात मृत्युदर के लिहाज से पाकिस्तान पहले नंबर पर है. भारत इसमें 12वें नंबर पर आता है. लेकिन केन्या, बांग्लादेश, भूटान, मोरक्को और कांगो जैसे देश इस मामले में भारत और पाकिस्तान से अच्छी स्थिति में हैं. रिपोर्ट के अनुसार कम मृत्युदर की बात करें तो जन्म लेने के लिहाज से जापान, आइसलैंड और सिंगापुर सबसे सुरक्षित देश हैं जहां प्रति हजार जन्म पर मृत्युदर क्रमश: 0.9, 1 और 1.1 रही. अर्थात इन देशों में जन्म लेने के पहले 28 दिन में प्रति हजार बच्चों पर मौत का केवल एक मामला सामने आता है. इस सूची में उक्त तीन देशों के बाद फिनलैंड, एस्टोनिया, स्लोवेनिया, साइप्रस, बेलारूस, कोरिया गणराज्य, नार्वे और लक्जमबर्ग के नाम हैं. यहां प्रशिक्षित स्वास्थ्य पेशेवरों की संख्या भी अपेक्षाकृत अधिक है. रिपोर्ट के अनुसार उच्च आय वाले देशों में औसत नवजात मृत्युदर तीन है, वहीं कम आय वाली श्रेणी में आने वाले देशों में यह दर 27 प्रति हजार है. अगर हर देश अपने यहां नवजात मृत्युदर को उच्च आय वाले देशों के स्तर पर ले आये तो 2030 तक 1.6 करोड बच्चों को मरने से बचाया जा सकता है. इसके लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को जरूरी बताया गया है.

नवजात मृत्यु दर को कम करने के लिए रिपोर्ट में 4 'पी' पर ध्यान देने की बात कही गयी है. इनमें प्लेस (जगह)—साफ सुथरे स्वास्थ्य केंद्र, पीपुल (लोग)—भलीभांति प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी, प्रोडक्टस (उत्पाद)—जीवनरक्षक दवा और उपकरण और पावर (अधिकार)—सम्मान, गरिमा तथा जवाबदेही का उल्लेख है. रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनियाभर में रोजाना करीब 7000 नवजात बच्चे काल के गाल में समा जाते हैं. इनमें से 80 प्रतिशत से अधिक मामलों में प्रशिक्षित डाक्टरों, नर्सों आदि के माध्यम से किफायती, गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करके, प्रसव से पहले मां और प्रसव के बाद जच्चा—बच्चा को पोषण, साफ जल जैसे बुनियादी समाधानों से बच्चों की जान बचाई जा सकती है. रिपोर्ट एक और महत्वपूर्ण तथ्य की ओर ध्यान दिलाती है कि दुनियाभर में करीब 26 लाख बच्चों की जन्म लेने के एक महीने के अंदर ही मौत हो जाती है. इसके अलावा करीब 26 लाख बच्चे प्रतिवर्ष मृत ही जन्म लेते हैं. ऐसे मामलों में सरकारी स्वास्थ्य तंत्र या नी​ति निर्माताओं की ओर से गणना का कोई निश्चित प्रावधान नहीं होता.

भारत, इंडोनेशिया संयुक्त सैन्य ड्रिल 'गरुड़ा शक्ति' आरम्भ

भारतीय और इंडोनेशियाई सेनाओं ने बांडुंग, इंडोनेशिया में 'गरुड़ा शक्ति' नामक अपने वार्षिक सैन्य अभ्यास का छठा संस्करण शुरू कर दिया है, यह दो सप्ताह तक चलने वाला संयुक्त सैन्य ड्रिल है. भारतीय और इंडोनेशियाई सेना के विशेष बलों के बीच दो सप्ताह तक चलने वाले गरुड़ शक्ति सैन्य अभ्यास का उद्घाटन समारोह बानदुंग में हुआ. इस अभ्यास में आतंकवाद विरोधी आपरेशनों में अनुभव साझा करना, फौजी मुकाम युद्ध बंद करना और विशेष अभियान के अन्य क्षेत्र शामिल होंगे.

भारतीय और इंडोनेशियाई विशेष बलों के बीच यह संयुक्त अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच बढ़ते विश्वास और सहयोग को दर्शाता है.  उद्घाटन समारोह में इंडोनेशियाई सैन्य अधिकारियों के साथ इंडोनेशिया के लिए भारत के राजदूत प्रदीप कुमार रावत शामिल हुए.

विश्व सामाजिक न्याय दिवस

विश्व सामाजिक न्याय दिवस प्रत्येक वर्ष सम्पूर्ण विश्व में 20 फ़रवरी को मनाया जाता है. यह दिवस विभिन्न सामाजिक मुद्दों, जैसे- बहिष्कार, बेरोजगारी तथा गरीबी से निपटने के प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, सामाजिक न्याय देशों के मध्य समृद्ध और शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के लिए एक अंतर्निहित सिद्धांत है. सामाजिक न्याय का अर्थ है- लिंग, आयु, धर्म, अक्षमता तथा संस्कृति की भावना को भूलकर समान समाज की स्थापना करना. डब्ल्यूडीएसजे 2018 का विषय है:"Workers on the Move: the Quest for Social Justice".

संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 2007 में इस दिवस की स्थापना की गयी. इसके तहत वैश्विक सामाजिक न्याय विकास सम्मेलन आयोजित कराने तथा 24वें महासभा सत्र का आह्वान करने की घोषणा की गयी. इस अवसर पर यह घोषणा की गयी कि 20 फ़रवरी को प्रत्येक वर्ष विश्व न्याय दिवस मनाया जायेगा. प्रत्येक वर्ष विभिन्न कार्यों एवं क्रियाकलापों का आयोजन किया जायेगा. संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि- "इस दिवस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गरीबी उन्मूलन के लिए कार्य करना चाहिए. सभी स्थानों पर लोगों के लिए सभ्य काम एवं रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए तभी सामाजिक न्याय संभव है.
समाज में फैली भेदभाव और असमानता की वजह से कई बार हालात इतने बुरे हो जाते हैं कि मानवाधिकारों का हनन भी होने लगता है. इसी तथ्य को ध्यान में रखकर संयुक्त राष्ट्र संघ ने 20 फ़रवरी को विश्व सामाजिक न्याय दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया. सन 2009 से इस दिवस को पूरे विश्व में सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाता है. रोटी, कपड़ा, मकान, सुरक्षा, चिकित्सा, अशिक्षा, गरीबी, बहिष्कार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों से निपटने के प्रयासों को बढ़ावा देने की ज़रूरत को पहचानने के लिए विश्व सामाजिक न्याय दिवस मनाने की शुरूआत की गयी है.

सामाजिक न्याय का अर्थ
समाज में हर तबका एक अलग महत्व रखता है. कई बार समाज की संरचना इस प्रकार होती है कि आर्थिक स्तर पर भेदभाव हो ही जाता है. ऐसे में न्यायिक व्यवस्था पर भी इसका असर पड़े, यह सही बात नहीं है. समाज में फैली असमानता और भेदभाव से सामाजिक न्याय की मांग और तेज हो जाती है. सामाजिक न्याय के बारे में कार्य और उस पर विचार तो बहुत पहले से शुरू हो गया था, लेकिन दुर्भाग्य से अभी भी विश्व के कई लोगों के लिए सामाजिक न्याय सपना बना हुआ है. सामाजिक न्याय का अर्थ निकालना बेहद मुश्किल कार्य है. सामाजिक न्याय का मतलब समाज के सभी वर्गों को एक समान विकास और विकास के मौकों को उपलब्ध कराना है. सामाजिक न्याय यह सुनिश्चित करता है कि समाज का कोई भी शख्स वर्ग, वर्ण या जाति की वजह से विकास की दौड़ में पीछे न रह जाए. यह तभी संभव हो सकता है जब समाज से भेदभाव को हटाया जाए.

गूगल ने एंड्रॉयड पे और गूगल वॉलेट के स्थान पर 'गूगल पे' एप लांच की

गूगल ने हाल ही में ऐलान किया था कि सभी पेमेंट सर्विस को ‘गूगल पे’ से जोड़ा जाएगा. गूगल ने अब ‘गूगल पे’ एप को एंड्रॉयड यूजर्स के लिए रोल आउट कर दिया है. गूगल अभी तक एंड्रॉयड पे और गूगल वॉलेट पर पेमेंट की सुविधा दे रही थी, लेकिन कंपनी अब इन दोनों सर्विस की जगह पर 'गूगल पे' लेकर लेकर आ रही है. गूगल यूजर्स को नए डिजाइन और फीचर्स के साथ यूपीआई सर्विस मुहैया करवाई जाएगी. गूगल ने एंड्रॉयड पे एप को साल 2015 में लॉन्च किया था. यूजर्स को ‘गूगल पे’ इस्तेमाल करने में कोई दिक्कत न हो, कंपनी ने इसका पूरा ख्याल रखा है. गूगल ने इसके लिए यूट्यूब पर 4 नए वीडियो भी जारी किये हैं. इन वीडियो में नए एप को इस्तेमाल करने से जुड़ी जानकारियां दी गई हैं. यूजर्स को इसमें एप की सिक्योरिटी और पेमेंट सर्विस के बारे में विस्तार से बताया गया है. गूगल ने अपने ब्लॉग में लिखा, ‘हम गूगल पे को आपके सामने लाने के लिए काम कर रहे हैं. हमारा मकसद है कि आप क्रोम या कहीं और शॉपिंग करते वक्त इसका इस्तेमाल कर सकें. आप पेमेंट की जानकारी अपने गूगल अकाउंट में सेव भी कर सकते हैं.’

‘गूगल पे’ एप के फीचर्स की बात करें, तो इसमें नया होम टैब दिखाई दे रहा है. इस पर ‘नियरबाई स्टोर’ ‘हेल्पफुल टिप्स’ और ‘ऑफर्स’ जैसे आईकॉन दिखाई दे रहे हैं. इसके अलावा, इसमें एक कार्ड टैब भी मौजूद है, जिसमें यूजर्स को डेबिट, क्रेडिट और अन्य कार्ड के ऑप्शन दिखाई देते हैं. यूजर्स ‘गूगल पे’ एप में एंड्रॉयड पे की तरह ही पेमेंट की जानकारी को सेव कर सकते हैं. मार्केट में सैमसंग पे और एप्पल पे जैसे प्लेटफॉर्म भी पहले से मौजूद हैं. गूगल ने सैमसंग पे और एप्पल पे को टक्कर देने के लिए ये बदलाव किए हैं. आधिकारिक तौर पर, गूगल पे एप यूएस और यूके में रोल आउट होगा. हालाकिं, कंपनी की ओर से यह नहीं बताया गया है कि इसे दूसरे देशों में कब लॉन्च किया जाएगा. गूगल ने भारत में ‘तेज’ पेमेंट सर्विस लॉन्च की है. यह यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) पर आधारित एप है. इसे आप प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर से फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं. गूगल तेज एप 8 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है.

थाईलैंड में कोबरा गोल्ड सैन्य अभ्यास आयोजित

कोबरा गोल्ड एशिया में होने वाले सबसे बड़े फौजी अभ्यास में से एक है. हर साल इसमें अमेरिका, थाईलैंड और अन्य देशों के कमांडोज शामिल होते हैं. थाईलैंड के तटीय इलाकों में होने वाले इस अभ्यास में 10 दिनों तक कमांडोज विषम परिस्थितियों में खुद को जीवित रखने की ट्रेनिंग लेते हैं. इस साल 37वीं बार इस सैन्य अभ्यास को आयोजित किया गया है. इसमें शामिल हुए अमेरिकी, थाई और साउथ कोरियाई सैनिकों ने सांप का खून पिया और बिच्छू तक खाए. यह अभ्यास 'जंगल सर्वाइवल प्रोग्राम' का हिस्सा है. थाईलैंड के चोन्बुरी प्रांत में स्थित एक नेवी बेस पर इस अभ्यास का आयोजन हुआ. कमांडोज ने कोबरा का सिर काटकर उसका खून पिया. इसके अलावा, उसके शरीर के दूसरे अंग भी खाए. 

ट्रेनिंग में थाईलैंड के मिलिट्री ट्रेनर्स भी मौजूद थे. उन्होंने सैनिकों को बताया कि बिच्छुओं और सांपों को खाने से पहले उनमें से विष की थैलियों को कैसे हटाया जाए. सैनिकों को जंगल में खाने लायक पौधों की पहचान करने और पीने के लिए पानी ढूंढने की ट्रेनिंग भी दी गई. ट्रेनिंग के दौरान थाई अफसरों ने बताया कि जंगलों में जीने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी यह जानना है कि क्या खाना है और क्या नहीं? इस बार कोबरा गोल्ड एक्सरसाइज में करीब 6800 अमेरिकी सैनिक शामिल हुए हैं. पिछली बार के मुकाबले यह संख्या करीब दोगुनी है. 

यह अभ्यास अमेरिका-थाईलैंड के बीच बेहतर होते रिश्तों का भी सबूत है. 2014 में यहां सैन्य तख्तापलट के बाद लोकतंत्र की बहाली में अमेरिका ने अहम भूमिका निभाई. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से दोनों देशों के रिश्ते और ज्यादा प्रगाढ़ हुए हैं. थाईलैंड में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघनों पर ट्रंप ने नर्म रुख बरता है. अमेरिका का थाईलैंड के साथ सामरिक रिश्ता उसके लिए बेहद अहम है. नॉर्थ कोरिया के साथ बढ़ते तनाव के मद्देनजर यह रिश्ता और महत्वपूर्ण हो जाता है. सैनिक इस ट्रेनिंग में भले ही अमानवीय तरीके अपना रहे हों, लेकिन सरकारों का कहना है कि किसी आपातकाल की स्थिति में खुद को बेहतर ढंग से तैयार करने और आपसी रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में यह एक्सरसाइज बेहद महत्वपूर्ण है.

21 February 2018

केबिनेट ने अनियमित जमा योजनाओं और चिट फंड (संशोधन) विधेयक पर प्रतिबंध लगाने के लिए नए विधेयक को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने निवेशकों की बचतों की रक्षा करने के लिए एक प्रमुख नीतिगत पहल करते हुए 2 विधेयकों को संसद में पेश करने की मंजूरी दे दी है. इसमें अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध लगाने संबंधी विधेयक, 2018 और चिट फंड (संशोधन) विधेयक, 2018 शामिल है. इस विधेयक का उद्देश्य देश में गैर-कानूनी जमा राशि से जुड़ी समस्याओं से निपटना है. ऐसी योजनाएं चला रही कंपनियां/संस्थान वर्तमान नियामक अंतरों का लाभ उठाते है और कड़े प्राशासनिक उपायों के अभाव में गरीबों और भोले-भाले लोगों को ठगते हैं. अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध लगाने संबंधी विधेयक, 2018 देश में गैर-कानूनी बचत योजनाओं से जुड़ी बुराई से निपटने के लिए एक विस्तृत कानून प्रदान करेगा. इसके तहत अनियमित जमा राशि से संबंधित गतिविधियों पर पूर्ण रोक लग सकेगी। इसके साथ ही अनियमित जमा राशि लेने वाली योजना को बढ़ावा देने अथवा उनके संचालन के लिए सजा का प्रावधान होगा.

इस नियम में जमाकर्ताओं को अदायगी करते समय धांधली के लिए कड़ी सजा दी जाएगी. संशोधन में जमा करने वाले प्रतिष्ठानों द्वारा चूक की स्थिति में जमा राशि की अदायगी सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा एक सक्षम प्राधिकार की नियुक्ति का भी प्रावधान है. इसके साथ ही चूक करने वाले प्रतिष्ठान की संपत्ति कुर्क करने के लिए अधिकार देने सहित सक्षम प्राधिकार की शक्तियां और कामकाज देने का प्रावधान है. इसमें जमाकर्ताओं की अदायगी की निगरानी और अधिनियम के अंतर्गत अपराधों पर कार्रवाई करने के लिए अदालतों का गठन, और विधेयक में नियमित जमा योजनाओं को सूचीबद्ध करना, जिसमें सूची का विस्तार करने अथवा काट-छांट करने के लिए केन्द्र सरकार को सक्षम बनाने का खंड हो, इसका प्रावधान किया गया है. इस विधेयक में विधेयक में प्रतिबंध लगाने संबंधी एक मूलभूत खंड हैं, जो जमा राशि लेने वाले को किसी भी अनियमित जमा योजना के लिए राशि लेने के लिए प्रोत्‍साहित करने, उसे प्रचलित करने, विज्ञापन जारी करने अथवा जमा राशि स्वीकार करने से रोकता है. इसका प्रमुख नियम यह है कि विधेयक अनियमित जमा राशि लेने वाली गतिविधियों पर रोक लगाएगा, इसे वर्तमान कानून और नियामक ढांचे के बजाय प्रत्याशित अपराध माना जाएगा, जो पर्याप्त समय के साथ यथार्थ निवेश पर लागू होगा.

इसके साथ ही विधेयक में तीन अलग-अलग प्रकार के अपराध निर्धारित किए गए हैं, जिनमें अनियमित जमा योजनाओं को चलाना, नियमित जमा योजनाओं में धांधली और अनियमित जमा योजनाओं को गलत तरीके से प्रोत्साहन. विधेयक में बचाव कार्य करने के लिए कड़ी सजा और भारी जुर्माने की व्यवस्था की गई है. विधेयक में ऐसे मामलों में जमाराशि को निकालने अथवा उसकी अदायगी के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए है, जहां ऐसी योजनाओं के लिए अवैध तरीके से जमा राशि जुटाने में सफलता मिल जाती है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चार दिनों की जापान यात्रा, जापान की मदद से बिहार में चलेगा मोनो रेल

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चार दिनों की जापान यात्रा पर हैं. नीतीश कुमार सोमवार को ही जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचे और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से मुलाकात की. नीतीश कुमार और शिंजो आबे की मुलाकात में भारत-जापान के आपसी संबंधों के साथ-साथ बिहार में निवेश को लेकर भी चर्चा हुई. नीतीश कुमार ने जापान के प्रधानमंत्री से कई मुद्दों पर चर्चा की. नीतीश कुमार ने जापानी प्रधानमंत्री से बिहार में पर्यटन, कृषि, खाद्य और उद्योग जैसे बिंदुओं पर चर्चा की. विशेषतौर पर बिहार के मुख्यमंत्री ने जापान के साथ हाईस्पीड रेल संपर्क, जिस पर बुद्ध सर्किट से जोड़ा जाना है उन विषयों पर भी सहयोग की इच्छा जताई. बिहार के मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हालिया यात्राओं से दोनों देशों के संबंधों में प्रगाढ़ता बढ़ी है. जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीके) के माध्यम से पटना को गया, बोधगया, राजगीर, नालंदा को जोड़ने का काम चल रहा है, जिसे वैशाली के लुंबिनी तक बढ़ाने की आवश्यकता है. इस काम को पूरा हो जाने पर बौद्धयात्रियों को बौद्ध स्थलों की यात्रा करने में और सुविधा होगी. दोनों देशों के बीच पर्यटन की संभावना का भी और बल मिलेगा.

नीतीश कुमार ने नालंदा विश्वविद्यालय को लेकर भी जापान के सहयोग को लेकर जापानी मंत्रियों से चर्चा की. नीतीश कुमार ने दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने के लिए वहां के विदेश मंत्री तारो कोनो से भी मुलाकात की. नीतीश कुमार ने जापान के विदेश मंत्री से बिहार के लिए सीधी विमान सेवा चालू करने को लेकर भी चर्चा की. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचने पर जापान में भारत के राजदूत सुजान चिनॉय द्वारा स्वागत किया गया. जापानी प्रधानमंत्री से बिहार में मिनी बुलेट ट्रेन से लेकर नीतीश कुमार की बहुप्रतिक्षित बुद्ध सर्किट को लेकर हुई चर्चा ने एक बार फिर से बिहार में विकास की बयार बढ़ने की संभावना बढ़ गई है. बौद्ध सर्किट के पर्यटकों के लिए विशेष रूप से हाईस्पीड ट्रेन कॉरिडोर के प्रस्ताव को तैयार किया गया है. यह मुख्य रूप से हरियाणा के गुरुग्राम से पुरानी दिल्ली स्थित कश्मीरी गेट के बीच विकसित होने वाले हाईस्पीड ट्रेन कॉरिडोर की तर्ज पर है. मेट्रो प्रोजेक्ट से अलग हाई स्पीड ट्रेन कॉरिडोर का कांसेप्ट कुछ हद तक मोनो रेल की परिकल्पना से भी जुड़ा है. 

यह ट्रेन कॉरिडोर खास तौर पर बौद्ध सर्किट के पर्यटकों को ध्यान में रखकर तैयार किया किया गया है. पटना से गया और फिर गया से राजगीर होते हुए पटना वापस आने को अलग ट्रैक विकसित किया जाएगा. पटना आने वाले पर्यटक अभी बोधगया और राजगीर की यात्रा सड़क या फिर रेल मार्ग से करते हैं. बौद्ध सर्किट के तहत वैशाली को छोड़ प्राय: सभी क्षेत्र को इस हाईस्पीड ट्रेन कॉरिडोर में शामिल करने की योजना है. हाई स्पीड ट्रेन कॉरिडोर को इस तरह से डिजायन किया गया है कि पटना एयरपोर्ट से गया एयरपोर्ट को सीधी कनेक्टिवटी मिल जाए. हाई स्पीड कॉरिडोर के विकसित होने से यह सफर काफी कम समय का हो जाएगा. बोधगया से बौद्ध सर्किट की यात्रा करने आए पर्यटक राजगीर और नालंदा जाते हैैं. इन जगहों के लिए भी हाई स्पीड ट्रेन कॉरिडोर की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी. बौद्ध सर्किट में शामिल वैशाली के लिए वैशाली कॉरिडोर के लिए भी जापान की वित्तीय संस्थाओं से अर्थ की व्यवस्था की जानी है. बख्तियारपुर-ताजपुर पुल के आखिरी छोर से वैशाली कॉरिडोर को विकसित किया जाना है. इसके अतिरिक्त राजगीर से पटना भी एक नयी सड़क को विकसित किए जाने का प्रस्ताव है.

क्‍या है मोनोरेल- मानोरेल ऐसी ट्रेन हैं जो कि रेलवे लाइन पर नहीं बल्कि एक बीम के सहारे चलती है और इसके सारे कोच इसी बीम से जुड़े होते हैं. इसका पाथ सड़क मार्च से लगभग 10 फीट या इससे भी अधिक ऊंचाई पर बनाया जाता है, जिससे कि यात्रियों को ट्रैफिक से निजात मिलती है, साथ ही यात्रियों की सुविधा का ख्‍याल रखा जाता है. इसमें सफर के दौरान दुर्घटना की संभावना भी नहीं रहती है, इसकी रफ्तार भी अन्‍य ट्रेनों और बसों से तेज होती है. दुनिया की पहली मोनोरेल 1820 में रूस के ईवान इलमानोव के द्वारा बेहतर यातायात के विकल्‍प के तौर पर बनाई गयी थी. जिसके बाद 1821 में इसका पहला ट्रायल दक्षिणी लंदन के डप्‍टफोर्ड डॉकयार्ड के हार्डफोर शेयर से रिवर ली तक किया गया था. इसके बाद 1900 में गायरोमोनोरेल का परीक्षण किया गया. 1901 में इसका लिवरपूल से मैनचेस्‍टर के बीच प्रयोग भी किया गया. 1910 में गायरोमोनोरेल का प्रयोग अलास्‍का की खानों में कुछ समय तक किया गया. 1980 के बाद शहरीकरण के बढ़ने के साथ साथ ही जापान और मलेशिया में इसका बेहतर इस्‍तेमाल किया गया. आज टोकियो मोनोरेल विश्‍व का सबसे व्‍यस्‍त नेटवर्क है, जिसका प्रयोग हर रोज एक लाख सत्‍ताइस हजार यात्री करते हैं.

20 February 2018

पुरातत्वविद् और इतिहासकार अरविंद पी.जमखडेकर होंगे भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद के अगले अध्यक्ष

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने महाराष्ट्र के इतिहासकार और पुरातत्वविद् अरविंद जमखेडकर को भारतीय ऐतिहासिक शोध परिषद (ICHR) के नए चेयरमैन पद के लिए चुना है. जमखेडकर प्रोफेसर वाई. सुदर्शन राव की जगह लेंगे. वर्तमान में वह पुणे डेक्कन कॉलेज में बतौर चांसलर अपनी सेवा दे रहे हैं. भारतीय ऐतिहासिक शोध परिषद के नए चेयरमैन अरविंद पी. जमखेडकर ने शनिवार को कहा कि वो भारत के इतिहास को समझने के लिए विभिन्न विषयों के बीच एक संयुक्त दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करेंगे. जमखेडकर ने कहा कि वह भारतीय ऐतिहासिक शोध परिषद के सलाहकार बोर्ड के साथ चर्चा करेंगे, ताकि भारतीय अतीत के पुनर्निर्माण के लिए प्रोत्साहन को लेकर काम शुरू किया जा सके.

उन्होंने कहा, "आईसीएचआर प्रमुख के तौर पर मुझे ऐतिहासिक अध्ययन को बढ़ावा देने का काम सौंपा गया है. जहां तक संभव हो मैं वैचारिक, मानव विज्ञान, पुरातात्विक और ऐतिहासिक विषयों को समझने की कोशिश करूंगा. इतिहास के इन पहलुओं को समझे बिना, कोई भी अतीत का पुनर्निर्माण नहीं कर सकता है." उन्होंने कहा, "मेरा बैकग्राउंड पारंपरिक वैचारिक विषयों पर स्टडी का रहा है, जो भाषाओं और सांस्कृतिक अध्ययन पर आधारित है. इससे मुझे इतिहास को बेहतर तरीके से समझने और उसका पुनर्निर्माण करने में मदद मिलेगी.

बता दें कि अरविंद जमखेडकर ने 1966 में पुणे यूनिवर्सिटी से संस्कृत में मास्टर की डिग्री ली थी. इसके बाद उन्होंने डेक्कन कॉलेज से 1966 में प्राचीन भारतीय इतिहास में डॉक्टरेट की उपाधि ली. जमखेडकर का रिसर्च 'जैन प्राकृत के विषय वसुदेव हिंदी' पर था. वह 2007 से 2013 के दौरान मुंबई के एशियाटिक सोसाइटी के उप सभापति भी रहे. जमखेडकर मुंबई के एशियाटिक सोसाइटी के संपादक भी रहे हैं. एक पुरातत्वविद् के तौर पर जमखेडकर ने 19 साइट्स में खुदाई कराई थी. जामखेडकर देश के सबसे बड़े स्तूप की खोज में प्रोफेसर जगपति जोशी की टीम में भी शामिल रहे हैं. इसके अलावा अरविंद जमखेडकर ने प्रोटो पुरातत्वविद् के तौर पर भी काम किया है और महाराष्ट्र के पुरातात्विक के निदेशक भी रह चुके हैं. जमखडेकर को 1984 में विश्व अनुदान आयोग द्वारा पुरातत्व में नेशनल लेक्चरर के रूप में भी चुना जा चुका है.

भारत करेगा विश्व पर्यावरण दिवस 2018 की मेजबानी

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन व संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के प्रमुख एरिक सोल्हिम ने कहा कि भारत विश्व पर्यावरण दिवस 2018 की मेजबानी करेगा. विश्व पर्यावरण दिवस 2018 का विषय “बीट प्लॉस्टिक पॉल्यूशन” होगा. ध्यान दे की पर्यावरण दिवस का आयोजन हर साल पांच जून को होता है और कनाडा ने 2017 में इसका आयोजन किया था. केंद्रीय पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन ने कहा, "भारत के लिए विश्व पर्यावरण दिवस 2018 एक प्रतीकात्मक समारोह नहीं, बल्कि एक मिशन है."

समुद्रों के प्लॉस्टिक से प्रदूषित होने पर चिंता जताते हुए एरिक सोल्हिम ने कहा कि प्लॉस्टिक प्रदूषण एक बड़ा पर्यावरणीय व स्वास्थ्य का मुद्दा है. सोल्हिम ने कहा, "जब बड़ा प्लॉस्टिक छोटे टुकड़ों में टूटता है तो यह समुद्र में मिल जाता है. छोटे प्लॉस्टिक के टुकड़ों को मछलियां खा लेताी हैं. हम मछली खाते हैं और प्लॉस्टिक हमारे शरीर में चला जाता है. इसलिए प्लॉस्टिक प्रदूषण एक बड़ा पर्यावरण व स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा है."

हाइपरलूप परियोजना हेतु वर्जिन ग्रुप और महाराष्ट्र सरकार के बीच समझौता

वर्जिन ग्रुप और महाराष्ट्र सरकार द्वारा मुंबई-पुणे को हाइपरलूप से जोड़ने हेतु 18 फरवरी 2018 को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. यदि इस समझौते की कार्ययोजना को मूर्त रूप दिया गया तो यह विश्व की अग्रणी हाइपरलूप परियोजना होगी. गौरतलब है कि पिछले वर्ष केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने टेस्ला को महाराष्ट्र में हाइपरलूप ट्रायल के लिए न्योता दिया था. मुंबई और पुणे की बीच की दूरी करीब 150 किलोमीटर है जिसे हाइपरलूप के शुरू होने से 14-24 मिनट में तय किया जा सकेगा. इससे पहले आंध्र प्रदेश सरकार ने विजयवाड़ा और अमरावती शहरों को हाइपरलूप से जोड़ने के लिए अमेरिकी कंपनी हाइपरलूप ट्रांसपोर्टेशन टेक्नॉलजीज (एचटीटी) समझौता किया था. दोनों शहरों के बीच की एक घंटे की यात्रा घटकर केवल 5-6 मिनट की रह जाएगी. मौजूदा समय में समय सयुंक्त अरब अमीरात, अमेरिका, कनाडा, फिनलैंड और नीदर लैंड में भी हाइपरलूप पर काम हो रहा है।

हाइपरलूप टेस्ला के संस्थापक एलन मस्क के दिमाग की उपज है, जिन्होंने साल 2013 में एक वाइटपेपर के रूप में हाइपरलूप की बेसिक डिजाइन से दुनिया को रू-ब-रू किया था. हाइपरलूप एक ट्यूब ट्रांसपॉर्ट टेक्नॉलजी है. इसके तहत खंभों के ऊपर (एलिवेटेड) ट्यूब बिछाई जाती है. इसके भीतर बुलेट जैसी शक्ल की लंबी सिंगल बोगी हवा में तैरते हुए चलती है. वैक्यूम ट्यूब में कैपसूल को चुंबकीय शक्ति से दौड़ाया जाता है. बिजली के अलावा इसमें सौर और पवन ऊर्जा का भी उपयोग हो सकता है. इसमें बिजली का खर्च बहुत कम है और प्रदूषण बिल्कुल नहीं है.

BAFTA 2018: बेस्ट डायरेक्टर सहित 'द शेप ऑफ वाटर' ने जीते 3 अवॉर्ड्स

गुइलेरमो डेल टोरो की फिल्म 'द शेप ऑफ वाटर' ने 71वें ब्रिटिश अकादमी फिल्म अवॉर्ड्स यानी बाफ्टा में तीन पुरस्कार जीते हैं. फिल्म को सर्वाधिक 12 श्रेणियों में नामांकित किया गया था. यह एक महिला की कहानी है, जो एक समुद्री जीव से प्यार करने लगती है. फिल्म ने प्रोडक्शन डिजाइन, संगीत क्षेत्र में पुरस्कार जीते हैं जबकि डेल टोरो को इस फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का बाफ्टा पुरस्कार मिला है. डेल टोरो ने पुरस्कार प्राप्त करने के दौरान कहा, "ब्रिटिश संस्कृति विशेष रूप से मेरी शैली का उनके काम और करियर पर विशेष प्रभाव पड़ा है." डेल टोरो का मुकाबला 'ब्लेड रनर 2049' के लिए डेनिस विल्लेनुवी, 'कॉल मी बाइ योर नेम' के लिए लूका ग्वाडानिनो, 'डनकिर्क' के लिए क्रिस्टोफर नोलान और 'थ्री बिलबोर्ड्स आउटसाइड एबिंग' के लिए मार्टिन मैक्कडोनफ से था. फिल्म सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री, सर्वश्रेष्ठ छायांकन, सर्वश्रेष्ठ ऑरिजनल स्क्रीनप्ले, सर्वश्रेष्ठ साउंड, सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री, सर्वश्रेष्ठ विजुअल इफेक्ट्स, सर्वश्रेष्ठ संपादन और सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइन श्रेणियों में नामांकित थी. इस पुरस्कार समारोह का आयोजन लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में किया गया.
 
BAFTA पुरस्कार 2018 के लिए विजेताओं की पूरी सूची इस प्रकार है:
S. No. Category Winners
1. सर्वश्रेष्ठ फिल्म थ्री बिलबोर्ड आउटसाइड इबिंग, मिसौरी 
2. आउटस्टैंडिंग ब्रिटिश फिल्म  थ्री बिलबोर्ड आउटसाइड इबिंग, मिसौरी 
3. सर्वश्रेष्ठ निर्देशक गुइलेर्मो डेल टोरो, दी शेप ऑफ़ वाटर 
4. सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री फ्रांसिस मैकडोमैंड, थ्री बिलबोर्ड आउटसाइड इबिंग, मिसौरी 
5. सर्वश्रेष्ठ अभिनेता गैरी ओल्डमैन, डारकेस्ट ऑवर 
6. सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री एल्लिसन जेन्नी, आई, टोन्या
7. सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता सैम रॉकवेल , थ्री बिलबोर्ड आउटसाइड इबिंग, मिसौरी 
8. सर्वश्रेष्ठ छायांकन रॉजर डीकिंस, ब्लेड रनर 2049
9. मूल पटकथा मार्टिन मैकडोना, थ्री बिलबोर्ड आउटसाइड इबिंग, मिसौरी 
10. रूपांतरित पटकथा जेम्स आईवरी, कॉल मी बाई योर नेम 
11. ब्रिटिश लघु फिल्म काऊबॉय डेव ब्रिटिश शोर्ट एनीमेशन: पोल्स अपार्ट 
12. विशेष दृश्य प्रभाव ब्लेड रनर 2049, बेस्ट एनिमेटेड फिल्म: कोको 
13. सर्वश्रेष्ठ फिल्म, अंग्रेजी भाषा में नहीं  दी हैण्डमेडेन, बेस्ट डाक्यूमेंट्री: आईएम नोट योर नीग्रो 
14. सर्वश्रेष्ठ उत्पादन डिजाइन पॉल ऑस्टरबेरी, जेफ़ मिल्विन, शेन विएऔ, दी शेप ऑफ़ वाटर 
15. सर्वश्रेष्ठ संपादन जोनाथन आमोस, पॉल मचलिस बेबी ड्राईवर 
16. सर्वश्रेष्ठ ध्वनि डनकिर्क 
17 सर्वश्रेष्ठ मूल संगीत दी शेप ऑफ़ वाटर 
18. बेस्ट कॉस्टयूम डिज़ाइन फैंटम थ्रेड 
19. सर्वश्रेष्ठ मेकअप और हेयर डार्केस्ट ऑवर 
20.  राइजिंग स्टार अवार्ड(सार्वजनिक मत द्वारा ) डेनियल कलुया

स्वास्थ्य मंत्री ने ऑस्ट्रेलिया में वैश्विक डिजिटल स्वास्थ्य भागीदारी शिखर सम्मेलन को संबोधित किया

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जेपी नड्डा ने 19-फरवरी को कैनबरा, आस्ट्रेलिया में एक वैश्विक डिजिटल स्वास्थ्य भागीदारी शिखर सम्मेलन को संबोधित किया है केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस विषय पर कहा कि स्वास्थ्य सेवायें मुहैया कराने के क्षेत्र में सुधार में सूचना एवं संचार तकनीक (आईसीटी) के प्रयोग की प्रचुर संभावनायें हैं. भारत डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत आईसीटी तकनीक का प्रयोग कर स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध कराने में सुधार के लिये प्रतिबद्ध है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने 'स्वास्थ्य सेवा सुधार क्षेत्र में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दिये जाने' के विषय पर सभा को संबोधित किया. नड्डा ने ने निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, अकादमिकों, स्वास्थ्य सूचना तकनीक पेशेवरों, उद्योग जगत, रोगियों के समूहों एवं नियामक संस्थाओं के साथ मिलकर डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थिकी तंत्र साझीदारियां विकसित करने के महत्व पर बल दिया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार के कामों में सुधार के लिये डिजिटल तकनीक को अपनाना भारतीय सरकार की मुख्य नीति रही है.

 उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में व्यापक स्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली को लागू किया है. एकीकृत स्वास्थ्य निगरानी कार्यक्रम, सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रबंधन, अस्पताल सूचना प्रणाली, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, ऑनलाइन सेवाओं, टेली-चिकित्सा, कार्यक्रम निगरानी जैसे कार्यों में इसका इस्तेमाल हो रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय की कुछ पहलों के बारे में बताते हुए श्री नड्डा ने कहा कि भारत का राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ीं विश्वसनीय सूचनाएं उपलब्ध कराता है. उन्होंने ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल स्वास्थ्य के लिए नागरिक पोर्टल की तरह कार्य करता है जो कि नागरिकों और अन्य साझेदारों को  स्वास्थ्य से संबंधित जानकारियां विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध करा रहा है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल का अब तक 2.6 मिलियन से अधिक लोग प्रयोग कर रहे हैं और नागरिकों ने 2.2 मिलियन से अधिक कॉल किए हैं. नड्डा ने बताया कि पोर्टल पर अभी 6 भारतीय भाषाओं में जानकारी उपलब्ध है और 6 और भारतीय भाषाओं को जोड़ने की योजना तैयार है. 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्तर तक सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में बेहतर दक्षता के साथ-साथ बेहतरीन ढंग से सेवाएं मुहैया कराना भी सुनिश्चित करने के उद्देश्‍य से अस्पताल प्रक्रियाओं के स्वचालन के लिए अस्पतालों में अस्पताल सूचना प्रणाली को क्रियान्वित किया जा रहा है. उन्‍होंने कहा की हमारे पास राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र द्वारा विकसित ई-हॉस्पिटल है जिसे 173 से भी अधिक अस्पतालों में क्रियान्वित किया जाता है. इसी तरह हमारे पास नोएडा स्थित उन्नत कंप्यूटिंग के विकास के लिए केंद्र द्वारा विकसित ई-सुश्रुत है जिसे 80 से भी अधिक अस्पतालों में कार्यान्वित किया जाता है. ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली (ओआरएस) का उपयोग सार्वजनिक क्षेत्र के तृतीयक देखभाल अस्पतालों में ऑनलाइन समय लेने के अनुसूचन या निर्धारण के लिए किया जाता है. वर्तमान में लगभग 139 अस्पताल ओआरएस एप्‍लीकेशन का उपयोग कर रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि ‘माई हॉस्पिटल’ प्रणाली के जरिए सेवा उपलब्‍धता व्‍यवस्‍था में सुधार करने में मरीजों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है जिसका उपयोग सार्वजनिक अस्पतालों द्वारा मुहैया कराई जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर मरीजों से प्राप्‍त फीडबैक या प्रतिक्रिया के संग्रह के लिए किया जाता है. यह एप्‍लीकेशन सात विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध है और वर्तमान में 1067 से भी अधिक अस्पतालों को 23 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कवर किया जाता है. अब तक 1.3 मिलियन से भी अधिक प्रतिक्रियाएं (फीडबैक) प्राप्त हुई हैं जिनमें से 76 प्रतिशत प्राप्‍त सेवा से संतुष्ट हैं. 

उन्‍होंने इस अवसर पर प्रतिभागियों को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा उपयोग किए जाने वाले विभिन्न मोबाइल एप के बारे में भी बताया. सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमारा विजन एकीकृत डिजिटल स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म तैयार करना है और भारत की 1.3 अरब जनता का इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार करना है. उन्‍होंने यह भी कहा कि "हम अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को मुफ्त सॉफ्टवेयर प्रणालियां और डेटा भंडारण सुविधाएं देकर ऐसा करने के लिए सक्षम करना चाहते हैं. इसके अतिरिक्त वृहद् डेटा विश्लेषिकी (Big Data Analytics) का उपयोग करके अपने विभिन्न कदमों को प्राथमिकता देने और अपने देश के नागरिकों की स्वास्थ्य देखभाल से जुड़ी चुनौतियों को सुलझाने में सक्रिय भूमिका निभाने की इच्छा रखते हैं.

अमेज़ॅन ने भारत में अपनी पहली खाद्य रिटेल सेवा शुरू की

अमेज़ॅन भारत में अपनी खुद की खुदरा बिक्री शुरू करने वाली पहली विदेशी ई-कॉमर्स फर्म बन गई है. कंपनी ने इसकी शुरुआत पुणे से की है. कंपनी अब फूड प्रोडक्ट्स सीधा ग्राहकों तक पहुंचाएगी. अमेजॉन अपनी वेबसाइट अमेजॉन डॉट इन के जरिए अब एक वेंडर है. फिलहाल यह सेवा पुणे में उपलब्ध है. यह प्रोडक्ट अमेजॉन रिटेल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा बेचे जा रहे हैं. यह कथित रूप से अमेज़ॅन इंडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा और उपभोक्ताओं को सीधे स्थानीय रूप से बना और पैक किया गया भोजन बेचेगा. अमेज़ॅन का अमेज़ॅन नाओ ऐप भी है, जो किराने का सामान बेचने के लिए ग्राहकों के साथ खुदरा विक्रेताओं को जोड़ता है.

कंपनी जल्द ही फूड रिटेलिंग का कारोबार देश भर में फैलाएगी. उनके अनुसार, इसमें करीब एक तिमाही का समय लग सकता है. अमेज़ॅन को फिछले साल ही सरकार ने इस वेंचर में  $ 500  मिलियन निवेश करने की इजाजत मिली थी. कंपनी ने ऑनलाइन और ऑफलाइन चैनल्स के जरिए स्थानीय कंपनियों द्वारा बनाए और पैक किए गए फूड प्रोडक्ट्स बेचने की इजाजत मांगी थी.
कंपनी ने इसकी शुरुआत पुणे से की है. कंपनी अब फूड प्रोडक्ट्स सीधा ग्राहकों तक पहुंचाएगी. इस मामले से जुड़े एक शख्स ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, "अमेजॉन अपनी वेबसाइट अमेजॉन डॉट इन के जरिए अब एक वेंडर है. फिलहाल यह सेवा पुणे में उपलब्ध है." यह प्रोडक्ट अमेजॉन रिटेल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा बेचे जा रहे हैं. इस मामले से जुड़े एक अन्य शख्स ने बताया कि कंपनी जल्द ही फूड रिटेलिंग का कारोबार देश भर में फैलाएगी. उनके अनुसार, इसमें करीब एक तिमाही का समय लग सकता है. इसे भी पढ़ें: झुनझुनवाला की हिस्सेदारी वाली जॉन एनर्जी लाएगी आईपीओ अमेजॉन को पिछले साल ही सरकार से इस वेंचर में $500 मिलियन निवेश करने की इजाजत मिली थी. कंपनी ने ऑनलाइन और ऑफलाइन चैनल्स के जरिए स्थानीय कंपनियों द्वारा बनाए और पैक किए गए फूड प्रोडक्ट्स बेचने की इजाजत मांगी थी. सरकार ने साल 2016 में रोजगार और कारोबार को बढ़ावा देने के लिए फूड प्रोसेसिंग कारोबार में 100 फीसदी एफडीआई की इजाजत दी थी. सिर्फ फूड प्रोडक्ट्स के लिए आवेदन वाली अमेजॉन इकलौती विदेशी कंपनी है.
कंपनी ने इसकी शुरुआत पुणे से की है. कंपनी अब फूड प्रोडक्ट्स सीधा ग्राहकों तक पहुंचाएगी. इस मामले से जुड़े एक शख्स ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, "अमेजॉन अपनी वेबसाइट अमेजॉन डॉट इन के जरिए अब एक वेंडर है. फिलहाल यह सेवा पुणे में उपलब्ध है." यह प्रोडक्ट अमेजॉन रिटेल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा बेचे जा रहे हैं. इस मामले से जुड़े एक अन्य शख्स ने बताया कि कंपनी जल्द ही फूड रिटेलिंग का कारोबार देश भर में फैलाएगी. उनके अनुसार, इसमें करीब एक तिमाही का समय लग सकता है. इसे भी पढ़ें: झुनझुनवाला की हिस्सेदारी वाली जॉन एनर्जी लाएगी आईपीओ अमेजॉन को पिछले साल ही सरकार से इस वेंचर में $500 मिलियन निवेश करने की इजाजत मिली थी. कंपनी ने ऑनलाइन और ऑफलाइन चैनल्स के जरिए स्थानीय कंपनियों द्वारा बनाए और पैक किए गए फूड प्रोडक्ट्स बेचने की इजाजत मांगी थी. सरकार ने साल 2016 में रोजगार और कारोबार को बढ़ावा देने के लिए फूड प्रोसेसिंग कारोबार में 100 फीसदी एफडीआई की इजाजत दी थी. सिर्फ फूड प्रोडक्ट्स के लिए आवेदन वाली अमेजॉन इकलौती विदेशी कंपनी है.
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