दो इंजनों वाली पृथ्वी-2 मिसाइल में तरल ईंधन का इस्तेमाल किया जाता है. यह 500 किग्रा से लेकर 1000 किग्रा तक वजनी हथियार ले जाने में सक्षम है. पृथ्वी-2 लक्ष्य पर निशाना साधने में एडवांस्ड इनर्शल गाइडेंस सिस्टम का इस्तेमाल करती है. गौरतलब है कि सेना ने इससे पहले 18 जनवरी को अग्नि-5 और 6 फरवरी को अग्नि-1 का भी ओडिशा के अब्दुल कलाम द्वीप से सफल परीक्षण कियाथा. परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम अग्नि-1 में ठोस ईंधन से चलने वाला एक इंजन है. यह 700 किमी की दूरी तक निशाना साध सकती है.