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01 February 2018

समुद्र में दुश्मनों को छक्के छुड़ाने के लिए भारतीय नैसेना में स्कॉर्पीन श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी 'करंज' शामिल

समुद्र में दुश्मनों को छक्के छुड़ाने के लिए भारतीय नैसेना में स्कॉर्पीन श्रेणी की नई पनडुब्बी शामिल हो गई. मुंबई मझगांव डॉक पर स्कॉर्पीन श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी आइएनएस 'करंज' को लॉन्च किया गया. 'करंज' की लॉन्चिंग के मौके पर नौसेना प्रमुख सुनील लांबा मौजूद थे. खास बात यह है कि 'करंज' एक स्वदेशी पनडुब्बी है, जो 'मेक इन इंडिया' के तहत तैयार की गई है. कलवरी और खांदेरी के बाद 'करंज' की ताकत देखकर दुश्मनों के पसीने छूट जाएंगे. अपने आधुनिक फीचर्स और सटीक निशाने की क्षमता वाली स्कॉर्पीन पनडुब्बी 'करंज' दुश्मनों को चकमा देकर सटीक निशाना लगा सकती है. करंज की यह खूबी चीन और पाकिस्तान जैसे देशों की मुश्किलें बढ़ा देगा. इसके साथ ही 'करंज' टॉरपीडो और एंटी शिप मिसाइलों से हमले भी कर सकती है.

युद्ध की स्थिति में करंज पनडुब्बी हर तरह की अड़चनों से सुरक्षित और बड़ी आसानी से दुश्मनों को चकमा देकर बाहर निकल सकती है. यानी इसमें सतह पर पानी के अंदर से दुश्‍मन पर हमला करने की खासियत भी है. इस पनडुब्‍बी को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसे किसी भी तरह की जंग में ऑपरेट किया जा सकता है. यह पनडुब्बी हर तरह के वॉरफेयर, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर और इंटेलिजेंस को इकट्ठा करने जैसे कामों को भी बखूबी अंजाम दे सकती है. बता दें कि कंरज पनडुब्बी 67.5 मीटर लंबा, 12.3 मीटर ऊंचा, 1565 टन वजनी है. करंज रडार की पकड़ में नहीं आ सकता है. यह पनडुब्बी जमीन पर हमला करने में सक्षम है और इसमें में ऑक्सीजन बनाने की भी क्षमता है जिसके कारन लंबे समय तक पानी में रह सकती है.

यह स्कॉर्पीन श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी है. स्कॉर्पीन श्रेणी की पहली दो पनडुब्बियां 'कलवरी', और 'खांदेरी' है. 13 दिसंबर, 2017 को प्रधानमंत्री मोदी ने आइएनएस कलवरी को देश के नाम समर्पित किया था. वहीं, खांदेरी पनडुब्बी को 12 जनवरी, 2017 को लॉन्च किया गया था. कलवरी और खंडेरी पनडुब्बियां आधुनिक फीचर्स से लैस है. यह दुश्मन की नजरों से बचकर सटीक निशाना लगा सकती हैं. इसके साथ ही टॉरपीडो और एंटी शिप मिसाइलों से हमले भी कर सकती हैं.

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