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16 February 2018

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 'प्रधानमंत्री एलपीजी पंचायत' की शुरुआत की

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ने उज्ज्वला' योजना के लाभार्थियों, तेल विपणन कंपनियों तथा योजना से जुड़े सभी हितधारकों को एक मंच पर लाने के प्रयास के तहत राष्ट्रपति भवन में पहली 'प्रधानमंत्री एलपीजी पंचायत' की शुरुआत की. राष्ट्रपति ने सरकार की पहल की सराहना करते हुये कहा कि यह पंचायत उज्ज्वला योजना की सफलता में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायेगी. उन्होंने कहा कि गाँव की महिलाएँ जब चूल्हे पर कोयले या लकड़ी का इस्तेमाल कर खाना पकाती हैं तो उसका धुआँ उनकी आँखों और फेफड़ों को खराब कर देता है. उनकी आँखों की रौशनी तक चली जाती है. दमे की बीमारी होना आम बात है. उन्होंने कहा कि पारंपरिक चूल्हों पर खाना पकाते समय कभी-कभी दुर्घटना भी हो जाती है.

राष्ट्रपति ने कहा "जो महिलाएँ एलपीजी से वंचित हैं उन्हें धुएँ का जहर पीना पड़ता है. बेटियाँ बीमार तो पड़ती ही हैं, जो समय वह खेलकूद, पढ़ाई-लिखाई में लगा सकती हैं वह लकड़ियाँ एकत्र करने में चला जाता है." उन्होंने कहा कि एलपीजी पर खाना पकाने से न सिर्फ समय बचता है, बल्कि उस समय में दूसरे काम करने से परिवार की आमदनी भी बढ़ती है. राष्ट्रपति ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि उज्ज्वला योजना के माध्यम से अब तक तीन करोड़ 40 लाख लाभार्थी महिलाओं के परिवार यानी 14-15 करोड़ लोग इन तकलीफों से मुक्ति पा चुके हैं. इस योजना का लक्ष्य बढ़ाकर आठ करोड़ कनेक्शन करने से 25 से 30 करोड़ लोगों तक इसका लाभ पहुँच पायेगा. उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति भवन से शुरुआत के बाद देश भर में ऐसी एक लाख 'एलपीजी पंचायतों' का आयोजन किया जायेगा.

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