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14 February 2018

मोदी सरकार का डिजीटल गिफ्ट, मोबाईल के सिम की तरह राशनकार्ड होगा पोर्ट, कहीं से भी ले पाएंगे राशन

खाद्य सुरक्षा कानून के तहत राशन लेने के लिए गांव, जिला या प्रदेश की कोई सीमा नहीं होगी. लाभार्थी देश में किसी भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकान से सब्सिडी पर चावल और गेहूं खरीद सकेगा. सरकार फोन के सिम की तरह राशन कार्ड में पोर्टेबिलिटी लागू करने की तैयारी कर रही है. राष्ट्रीय स्तर पर 2020 तक यह योजना लागू करने का उद्देश्य पूरे देश में लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है. उपभोक्ता मंत्रालय का कहना है कि यह लक्ष्य हासिल करने के लिए सरकार इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट ऑफ पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (आईएम-पीडीएस) तैयार कर रही है. इस पर करीब 127 करोड़ रुपये खर्च आएगा. इसके तहत पूरे देश में पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बनेगा. फर्जी कार्डों को खत्म करने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल पोर्टेबिलिटी लागू होगी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 2018-19 में सभी राज्यों  के अंदर पोर्टेबिलिटी लागू करने का लक्ष्य है. राज्य भर में किसी भी पीडीएस दुकान से राशन की सुविधा अभी चार राज्यों में ही है.

पूरे देश में करीब 24 करोड़ राशन कार्ड हैं। इनमें से 82% राशनकार्ड आधार से लिंक हो चुके हैं. अभी सिर्फ छत्तीसगढ़, हरियाणा, तेलंगाना और कर्नाटक में किसी भी पीडीएस की दुकान से राशन लेने की सुविधा है. राज्य के अंदर और राष्ट्रीय स्तर पर पोर्टेबिलिटी के लिए राशन कार्ड का आधार से लिंक होना जरुरी है. ताकि कार्ड की नकल ना हो सके. सरकार ने पिछले तीन साल में दो करोड़ 75 लाख नकली राशनकार्डों को निरस्त किया है. इस समय पूरे देश में 5 लाख 27 हजार पीडीएस दुकानें हैं जिनमे से 2 लाख 94 हजार दुकानों पर अब तक ईपीओएस लग चुकी है. नई व्यवस्था लागू करने के लिए पीडीएस की सभी दुकानों पर प्वाइंट ऑफ सेल मशीन होना जरूरी है. यह मशीन सीधे सर्वर से जुड़ी होती है. कोई लाभार्थी किसी दुकान से राशन ले लेता है, तो तुरंत उसका डाटा अपडेट हो जाता है. देशभर में पांच लाख 27 हजार पीडीएस की दुकानें हैं. करीब तीन लाख दुकानों पर ईपीओएस लग चुकी है. बाकी में इस साल के अंत लग जाएंगी.

देश की करीब दो तिहाई आबादी खाद्य सुरक्षा कानून के दायरे में है. ग्रामीण क्षेत्र में 75% और शहरी क्षेत्र में 50% आबादी के कवरेज का प्रावधान है. इसमें तीन रुपये किलो चावल और दो रुपये किलो गेहूं दिया जाता है. लाभार्थी हर माह पांच किलो खाद्यान्न प्रति व्यक्ति प्राप्त करने का हकदार है. लाभार्थी को अपना राशन कार्ड पोर्ट कराने के लिए एक आवेदन करना होगा. इस पर तय वक्त के अंदर कार्रवाई करते हुए लाभार्थी का राशन उस राज्य को आवंटित कर दिया जाएगा, जहां लाभार्थी जा रहा है. इसके बाद लाभार्थी दूसरे राज्य की किसी भी पीडीएस की दुकान से सस्ती दर पर खाद्यान्न ले सकता है.

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