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12 February 2018

पीएम नरेंद्र मोदी ने अबू धाबी के पहले हिन्दू मंदिर की आधारशिला रखी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 फरवरी को वीडियो लिंकिंग के जरिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी में पहले हिंदू मंदिर की आधारशिला रखी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अबू धाबी में बनने वाले भव्य मंदिर के लिए 125 करोड़ भारतीयों की ओर से वली अहद शहजादा मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को धन्यवाद दिया. अबू धाबी में भारतीय मूल के तीस लाख से ज्यादा लोग रहते हैं. मंदिर समिति के सदस्यों ने मंदिर से जुड़ा साहित्य मोदी को शनिवार (10 फरवरी) रात यहां पहुंचने पर दिया. प्रधानमंत्री यूएई की 2015 की अपनी यात्रा के बाद दूसरी बार यहां आए हैं. दुबई-अबू धाबी राजमार्ग पर बनने वाला यह अबू धाबी का पहला पत्थर से निर्मित मंदिर होगा. अबू धाबी में प्रथम हिंदू मंदिर 55000 वर्ग मीटर भूमि पर बनेगा. भारतीय प्रधानमंत्री समुदाय के कार्यक्रम के दौरान मंदिर की आधारशिला रखे जाने के साक्षी बनें.

शिलान्यास समारोह दुबई के ओपेरा हाउस में आयोजित किया गया. वास्तव में यह परंपरा का प्रौद्योगिकी से मिलना है. इस मंदिर का निर्माण भारतीय शिल्पकार कर रहे हैं. यह 2020 में पूरा होगा. बोचासनवासी श्री अक्षर पुरषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) के प्रवक्ता ने कहा कि पश्चिम एशिया में पत्थरों से बना यह प्रथम हिंदू मंदिर होगा. ट्रस्ट के एक सदस्य ने खलीज टाइम्स को बताया कि यह दिल्ली में बने बीएपीएस मंदिर और न्यू जर्सी में बन रहे मंदिर की प्रतिकृति होगी.  उन्होंने कहा, मंदिर में इस्तेमाल होने वाले पत्थरों पर नक्काशी का काम भारत में शिल्पकार के जरिए किया जाएगा और फिर बाद में उसे यूएई में लाकर मंदिर को तैयार किया जाएगा. यूएई और भारत सरकार के द्वारा इस मंदिर के निर्माण से लेकर इसके प्रबंधन तक का काम दिए जाने पर बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था खुद को सम्मानित और कृतज्ञ महसूस कर रही है. 

बोचासनवासी श्री अक्षर पुरषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) 1907 में स्थापित सामाजिक-आध्यात्मिक हिन्दू संगठन है. यह पूरी दुनिया में 1,100 से ज्यादा मंदिरों और सांस्कृतिक परिसरों की देखरेख करता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक इस मंदिर में भगवान कृष्ण, भगवान शंकर, भगवान अयप्पा सहित कई भगवानों की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी. इसके साथ ही इस मंदिर परिसर में एक खूबसूसरत बगीचा और मन को मोहने वाला वॉटर फ्रंट होगा. इस मंदिर परिसर में पर्यटक केंद्र, प्रार्थना सभा के लिए स्थान, प्रदर्शनी और बच्चों के खेलने की जगह, संबंधित विषयों से जुड़े बगीचे, वॉटर फ्रंट, फूड कोर्ट, किताब और गिफ्ट की दुकानें होंगी.

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