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18 February 2018

लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने पटना में छठे भारत प्रक्षेत्र राष्ट्रमंडल संसदीय संघ सम्मेल का उद्घाटन किया

लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने 17 फरवरी को पटना के ज्ञान भवन में आयोजित छठे भारत प्रक्षेत्र राष्ट्रमंडल संसदीय संघ सम्मेलन कार्यक्रम का उद्घाटन की. इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की कार्यकारिणी समिति की अध्यक्ष एमीलिया एम लिफाफा, लोकसभा की प्राक्कलन समिति के सभापति डा. मुरली मनोहर जोशी, बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी शामिल हुए. इस सम्मेलन में कई देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. तीन दिवसीय सम्मेलन में 'विकास एजेंडे में संसद की भूमिका' और 'विधायिका और न्यायपालिका-लोकतंत्र के दो महत्वपूर्ण स्तम्भ' विषयों पर चर्चा की जाएगी. सत्र में लोकसभा की प्राक्कलन समिति के सभापति डा. मुरली मनोहर जोशी, विधि एवं न्याय और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद दो पूर्ण सत्रों को संबोधित करेंगे. 

लोकसभा अध्यक्ष तथा कॉमनवेल्थ पार्लियामेन्ट्री एसोसिएशन (सीपीए) भारत प्रक्षेत्र की अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की अध्यक्षता में कार्यकारी समिति की बैठक के साथ ही ऐतिहासिक नगरी पाटलिपुत्र में तीन दिवसीय सम्मेलन की शुरुआत हुई. राष्ट्रमंडल संसदीय संघ सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में विधायिका और न्यायपालिका की भूमिका महत्वपूर्ण हैं. केवल कानून और योजना बनाने से नही, बल्कि उसे अंतिम परिणाम तक पहुंचाना होगा। इसमें जनप्रतिनिधियों की बड़ी भूमिका होती है. बैठक के बाद लोस अध्यक्ष समित्रा महाजन ने कहा कि पटना में हो रहे दिवसीय सम्मेलन महत्वपूर्ण है. इसमें हुए निर्णयों पर सीपीए के हर सदस्य देशों में चर्चा होगी. सम्मेलन के हर मिनट की कार्रवाई का ब्यौरा सीपीए मुख्यालय को भी भेजा जाएगा. सुमित्रा महाजन ने कहा कि भारत एक विशाल देश है. पहले भारत के साथ श्रीलंका भी शामिल था. लेकिन हमारे करीब ढाई दर्जन राज्य हैं और सभी राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष सीपीए के कार्यकारी समिति में शामिल हैं. तो भारत को बड़ा देश होने के कारण राष्ट्रमंडल संसदीय संघ ने भारत प्रक्षेत्र के रूप में इसे अलग पहचान दी है. पटना में हो रही यह मीटिंग इंडिया रीजन की मीटिंग है. इसमें शामिल होने के लिए सीपीए की इंटरनेशनल चेयरपर्सन कैमरून की स्पीकर एलीमिया लिफाका और जेनरल सेक्रेटी आए हैं.

बता दे की बिहार में पहली बार छठे कॉमनवेल्थ पार्लियामेंटरी समिट का आयोजन बिहार में हो रहा है. इसमें 52 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे है. सम्मेलन में विकास के लक्ष्य के साथ-साथ न्यायपालिका (ज्यूडिशियरी) और विधायिका (एग्जीक्यूटिव) के संबंधों पर मंथन किया जा रहा है. सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन कर रही हैं. सम्मेलन में करीब 100 प्रतिनिधि शामिल हुए. राष्ट्रमंडल संसदीय संघ एग्जीक्यूटिव कमेटी की अध्यक्ष एमीलिया एम. लिफाका, संघ के महासचिव और ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और प्रशांत क्षेत्र के रीजनल रिप्रेजेंटेटिव भी शामिल हुए. गौरतलब है कि राष्ट्रमंडल संसदीय संघ भारत क्षेत्र पूर्व में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ एशिया क्षेत्र का भाग था लेकिन सात सितंबर 2004 से यह स्वतंत्र क्षेत्र बन गया. राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के भारत क्षेत्र में भारत संघ शाखा (भारत की संसद) और 31 राज्य, संघ राज्य क्षेत्र शाखाएं हैं. इस सम्मेलन का आयोजन दो साल में एक बार किया जाता है.

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