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19 March 2018

प्रधानमंत्री ने मणिपुर विश्‍विद्यालय में 105वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने मणिपुर विश्‍विद्यालय में 105वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस का उद्धघाटन किया. इस अवसर पर मोदी ने कहा कि उन्‍हें आज भारतीय विज्ञान कांग्रेस के 105वें अधिवेशन के अवसर पर इम्‍फाल आकर हर्ष का अनुभव हो रहा है और वे वैज्ञानिकों के बीच आकर प्रफुल्लित है, जिनका काम बेहतर कल का मार्ग प्रशस्‍त करने का रहा है. विश्‍वविद्यालय पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में उच्‍च शिक्षा के महत्‍वपूर्ण केन्‍द्र के रूप में उभर रहा है. सदी में यह दूसरा अवसर है, जब भारतीय विज्ञान कांग्रेस का सम्‍मेलन पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में हो रहा है. यह पूर्वोत्‍तर क्षेत्र की आगे बढ़ती भावना का साक्ष्‍य है. प्रधनमंत्री ने कहा कि यह भविष्‍य के लिए शुभ संकेत है. विज्ञान अनगिनत समय से प्रगति और समृद्धि का पर्याय रहा है. अपने देश के श्रेष्‍ठ वैज्ञानिक मस्तिष्‍क के रूप में यहां एकत्र आप सभी ज्ञान, नवाचार और उद्यम के भंडार हैं और इस परिवर्तन के वाहक के रूप में समुचित रूप से लैस हैं.
 
प्रधानमंत्री ने कहा कि‘आरएंडडी’ को फिर से परिभाषित करने का उचित समय आ गया है. समय आ गया है कि  ‘अनुसंधानएवं विकास’ को राष्‍ट्र के ‘विकास’ के लिए ‘अनुसंधान’ के रूप में पुन: परिभाषित किया जाए. यही इसका वास्‍तविक अर्थ भी है. आखिरकार विज्ञान अधिक महान उद्देश्‍य को पूरा करने का साधन है-दूसरों की जिंदगी में बदलाव करना, मानव प्रगति और कल्‍याण को आगे बढ़ाना. शक्ति तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी की क्षमता के जरिए 125 करोड़ भारतीयों के जीवन को  सहज बनाने के लिए भी संकल्‍प व्‍यक्‍त करने का सही समय आ गया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि आज यहां वेमणिपुर की वीर भूमि पर हैं, जहां अप्रैल 1944 में नेताजी सुभाष चन्‍द्र बोस की आईएनए ने स्‍वतंत्रता का आह्वान किया था. जब आप मणिपुर से जाएंगे तो मुझे विश्‍वासहै कि आप अपने साथ देश के लिए कुछ करने की समर्पण भावना के साथ यहां से जाएंगे.
 
मोदी ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी की बड़ी समस्‍याओं के कारगर समाधान के लिए भी विविध धाराओं के वैज्ञानिकों के बीच सहयोगऔर समन्‍वय की आवश्‍यकता होती है. केन्‍द्र सरकार ने विज्ञान के क्षेत्र में पूर्वोत्‍तर राज्‍यों के लिए अनेक नए कार्यक्रमों की शुरूआत की है. ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के अंतर्गत कृषि मौसम सेवाएं दी जा रही हैं. इससे पांच लाख से अधिक किसान लाभान्वित हो रहे हैं. हम अब इस नेटवर्क को पूर्वोत्‍तर के सभी जिलों तक बढ़ाने पर काम कर रहे हैं. अनेक केन्‍द्र पूर्वोत्‍तर के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी को प्रासंगिक बना रहे हैं. मणिपुर में एक ‘इथनो मेडिसनल रिसर्च सेंटर’ स्‍थापित किया गया है. यह केन्‍द्र पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में उपलब्‍ध उन जड़ी बूटियों पर शोध करेगा, जिनके औषधीय और सुगंध-चिकित्‍सकीय गुण अनूठे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय विज्ञान कांग्रेस की समृद्ध विरासत रही है. आचार्य जे.सी. बोस, सी.वी रमण, मेघनाथ साहातथा एस.एन. बोस जैसे भारत के दिग्‍गज वैज्ञानिकों द्वारा इसका नेतृत्‍व किया गया है. इन महान वैज्ञानिकों द्वारा तय किए गए उत्‍कृष्‍टता के मानकों से नए भारत को प्रेरणा लेनी चाहिए. विभिन्‍न अवसरों पर वैज्ञानिकों के साथ बातचीत में मैंने वैज्ञानिकों को अपनी सामाजिक, आर्थिक समस्‍याओं का समाधान ढूंढ़ने का आह्वान किया है. इस संदर्भ में इस वर्ष की भारतीय विज्ञान कांग्रेस का विषय ‘विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्‍यम से अगम्‍य तक पहुंचना’है. यह विषय मेरे हृदय के बहुत निकट है.

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