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01 March 2018

भारत ने स्ट्रैंड्जा बॉक्सिंग टूर्नामेंट में 11 पदक हासिल किए, विकास कृष्णन सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज चुने गए

भारतीय मुक्केबाज विकास कृष्णन के लिए स्ट्रैंडजा मेमोरियल टूर्नामेंट में दोहरी खुशी मिली और वह जहां स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहे, वहीं उन्हें बुल्गारिया की राजधानी सोफिया में हुए इस टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज भी चुना गया. इस 26 वर्षीय मुक्केबाज ने मिडिलवेट (75 किग्रा) फाइनल में अमेरिका के विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता ट्राय इसले को हराकर स्वर्ण पदक जीता. यह पिछले साल अप्रैल - मई में एशियाई चैंपियनशिप के कांस्य पदक के बाद उनका पहला पदक है. विकास के लिए यह पदक काफी महत्वपूर्ण है जो न सिर्फ हाथ की चोट से जूझ रहे थे, बल्कि पिछले साल एशियाई चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में वॉकओवर देने के कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई का भी सामना कर रहे थे. विकास ने कहा, ‘‘यह मेरी बहुत अच्छी वापसी है और अब मैं खुद को बेहद मजबूत मुक्केबाज मानता हूं. अपने वजन वर्ग को एक निश्चित स्तर पर बनाये रखना अब पहले की तरह मेरे लिये समस्या नहीं है. मैंने अपनी तकनीक और दमखम में भी सुधार किया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हाथ की चोट भी पिछले कुछ समय से मुझे परेशान कर रही थी, लेकिन अब मेरी इसमें भी ग्रिप बन गयी है. इसलिए चीजें बेहतर हो रही है. मैं कुछ अवसरों पर पहले दौर में बाहर हो गया था लेकिन अब यह मसला नहीं है.’’

विकास के अलावा अमित फंगल (49 किग्रा) ने भी स्वर्ण पदक जीता. भारत ने टूर्नामेंट में कुल 11 पदक जीते. इनमें से पांच पदक पुरुष और छह पदक महिला मुक्केबाजों ने जीते. कुल मिलाकर भारतीय दल ने दो स्वर्ण, तीन रजत और छह कांस्य पदक हासिल किए. वहीं दूसरी ओर भारत की स्टार महिला मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम और समी पूनिया को 69वें स्ट्रैंड्जा मेमोरियल मुक्केबाजी टूर्नामेंट के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा. इन दोनों को रजत पदक से संतोष करना पड़ा. लंदन ओलम्पिक में कांस्य पदक जीतने वाली और पांच बार की विश्व चैंपियन मैरी कॉम को 48 किलोग्राम वर्ग में बुल्गारिया की सेवदा एसेनोवा के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा जबकि सीमा को 89 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में रूस की एना इवानोवा ने मात दी.

यूरोप के सबसे पुराने मुक्केबाजी प्रतियोगिताओं में से एक इस टूर्नामेंट के फाइनल में दोनों भारतीय मुक्केबाज अंक के आधार पर हारीं. यह टूर्नामेंट राजस्थान की 27 वर्षीय मुक्केबाज सीमा पूनिया के लिए बहुत खास रहा, जिन्होंने चार महीने पहले एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया था. कुल मिलाकर यह टूर्नामेंट भारतीय महिलाओं के लिए सफल रहा. उन्होंने इस टूर्नामेंट में दो रजत और चार कांस्य पदक जीते.

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