मासिक करेंट अफेयर्स

02 March 2018

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने पेश किया 176990 करोड़ का बजट

बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए एक लाख 76 हजार 990 करोड़ का बजट पेश किया. इसमें गांवों की खुशहाली और पूरे राज्य में सड़कों का खास ध्यान रखा गया है. इसके साथ ऊर्जा, कृषि और कल्याण क्षेत्र के विकास को भी प्रमुखता दी गई। वहीं, कोई नया कर नहीं लगाया गया है.
उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी द्वारा मंगलवार को विधानमंडल में पेश अगले साल का बजट वर्तमान वर्ष से 17 हजार करोड़ रुपए अधिक है. योजना मद में अगले साल 92 हजार 317 करोड़ खर्च होंगे, जो वर्तमान वर्ष से 12 हजार करोड़ अधिक हैं. गैर योजना में 84 हजार 672 करोड़ खर्च होंगे. अगले साल सड़क निर्माण पर 17 हजार 397 करोड़ का प्रावधान किया गया है. यह राशि कुल बजट का लगभग 10 फीसदी है. इससे शहरों और गांवों में सड़कों का नेटवर्क और पुख्ता किया जाएगा. ऊर्जा के विकास पर 6186 करोड़ खर्च होंगे. कमजोर वर्ग के कल्याण पर 10 हजार 188 करोड़ खर्च किए जाएंगे. बजट की कुल राशि की बात करें तो सबसे अधिक 32 हजार 125 करोड़ शिक्षा विभाग को दिया गया है.  

सात निश्चय पर भी बजट में पूरा ध्यान दिया गया है. इसमें कहा गया है कि राज्य सरकार सात निश्चय के तहत युवाओं के कौशल विकास, महिला सशक्तीकरण, हर घर बिजली, सभी घरों में नल का जल, शौचालय निर्माण, गांवों में पक्की गली निर्माण और टोलों को संपर्कता प्रदान की जाएगी. इन सभी पर वर्ष 2020 तक 2.70 लाख करोड़ खर्च होंगे. बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए सस्ती दर पर विद्यार्थियों को लोन देने के लिए शिक्षा वित्त निगम का गठन किया जा रहा है, जो एक अप्रैल, 2018 से प्रभावी होगा. इसके तहत विद्यार्थियों को बैंकों के मुकाबले सस्ती दर पर लोन मिलेंगे. निगम द्वारा पॉलिटेक्निक और आईटीआई करने के लिए भी विद्यार्थियों को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लोन मिलेगा. इन दोनों की पढ़ाई के लिए बैंक लोन नहीं दे रहे थे.  हर खेत को पानी मिले, इसके लिए अलग से बिजली का प्वाइंट किसानों को दिया जाएगा. इसके लिए राज्य में फीडर, तार से लेकर अलग ट्रांसफॉर्मर लगाए जा रहे हैं. फीडर से अलग निकले तारों से केवल पटवन की सुविधा मिलेगी. 2019 तक इस योजना को पूरा कर लिया जाएगा. वहीं जैविक कॉरिडोर के तहत 0.30 एकड़ जमीन पर किसानों को सब्जी का उत्पादन करने के लिए छह हजार रुपये प्रति किसान अग्रिम अनुदान दिया जाएगा. 
 
वित्त मंत्री ने बताया की राज्य के 1.06 लाख टोलों में 84 हजार 359 को बिजली मुहैया करा दी गई है. अप्रैल, 2018 तक शेष 21 हजार 890 टोलों में बिजली पहुंचा दी जाएगी. दिसंबर 2018 तक राज्य के सभी परिवारों को बिजली का कनेक्शन दे दिया जाएगा. 275 नया पावर सब स्टेशन, 11 केवी के कृषि क्षेत्र में 732 और ग्रामीण क्षेत्र में 795 फीडर का निर्माण कराया जाएगा. गांवों और शहरों के सड़कों के साथ-साथ मुख्य सड़कों के निर्माण पर 17 हजार 397 करोड़ खर्च किए जाएंगे. गंडक नदी पर चकिया-केसरिया पुल, मुजफ्फरपुर-छपरा के बीच बंगरा घाट पुल, धनहा-रतवल घाटपुल संपर्क पथ दिसंबर 2018 तक पूरा होगा. सोन नदी पर दाउदनगर-नासरीगंज पुल और कोसी नदी पर बलुआहा घाट पुल से गंडौल के बीच पुल और पहुंच पथ जून 2018 तक पूरा होगा. ग्रामीण विकास विभाग को विकास कार्य के लिए 2018-19 में 9424 करोड़ दिया गया है. अनुसूचित जाति-जनजाति के बसावटों के लिए संपर्क सड़क, उनका पक्कीकरण और नाली निर्माण पर जोर दिया गया है. अगले वित्तीय वर्ष में दस लाख स्वयं सहायता समूल गठित कर राज्य के सभी गावों में जीविका ग्राम संगठन को कार्यशील बनाया जाएगा.  

बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा की मुख्यमंत्री के सात निश्चय, तीनरे कृषि रोड मैप, प्रधानमंत्री के बिहार पैकेज, घह घर-खेत को बिजली, शराबबंदी, बाल विवाह और दहेज विरोधी अभियान के बलबूते भ्रष्टाचार मुक्त, विककि, बिहार बनाने की संकल्प की दिशा में बिहार का यह बजट मील का पत्थर साबित होगा. इस दौरान उन्होंने बिहार सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और सात निश्चय की सफलता की विशेष चर्चा की. उन्होंने बजट भाषण में कहा कि बाढ़ के दौरान सरकार के काम की जितनी सराहना की जाए कम है. उन्होंने मानव श्रृंखला का जिक्र किया और कहा कि बजट का बढ़ना सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है. राज्य सरकार के बजट में खर्च होने वाली राशि में क्षेत्रीय संतुलन का खास ध्यान रखा गया है. सरकार ने कोशिश की है कि अगर तेजी से विकास कर रहे जिलों में विकास की रफ्तार तेज हो तो पिछड़े जिलों को भी इसके समकक्ष लाया जा सके. वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिलावार योजनाओं को अलग से चिह्नित किया गया है.

No comments:

Post a Comment