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13 March 2018

सरकार ने बैंक से 50 करोड़ या अधिक के ऋण पर पासपोर्ट अनिवार्य किया

सरकार ने 50 करोड़ रुपए और उससे अधिक के ऋण लेने के लिए पासपोर्ट का विवरण अनिवार्य कर दिया है ताकि धोखाधड़ी के मामले में एक स्विफ्ट कार्रवाई सुनिश्चित हो और धोखेबाज को देश से भागने से रोका जा सके. वित्तीय सेवा सचिव के मुताबिक, वर्तमान में बैंकों से 50 करोड़ रूपए से अधिक के सभी मौजूदा ऋण लेने वालों के पासपोर्ट के 45 दिनों के भीतर प्राप्त करने के लिए कहा गया है. बैंकों को चपत लगा कर विजय माल्या और नीरव मोदी के देश से भागने के बाद सरकार ने तमाम कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.
 
पार्सपोर्ट से संबंधित विवरण बैंकों को समय पर कार्रवाई करने में मदद करेगा और देश से भागने वाले आर्थिक अपराधियों को रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों को सूचित करेगा. वित्तीय सेवाओं के सचिव राजीव कुमार ने कहा, यह साफ-सुधरी और उत्तरदायी बैंकिंग व्यवस्था की ओर अगला कदम है. 50 करोड़ या उससे अधिक के ऋण के लिए पासपोर्ट से जुड़े विवरण देना जरूरी है. धोखाधड़ी के मामले में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है. बैंकों को 50 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लेने वाले मौजूदा लेनदारों का पासपोर्ट विवरण 45 दिन के भीतर एकत्र करने के लिए कहा गया है.

बता दें कि नीरव मोदी, मेहुल चोकसी, विजय माल्या और जतिन मेहता जैसे बड़े डिफॉल्टर बैंकों से हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेकर फरार हो गए हैं. नीरव मोदी और मेहुल चोकसी पर सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक के साथ 12,700 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है. पिछले हफ्ते केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक' को मंजूरी दी थी. बैंकिंग व्यवस्था को साफ-सुथरा बनाने के अभियान के हिस्से के रूप में वित्त मंत्रालय ने संभावित धोखाधड़ी का पता लगाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 50 करोड़ से अधिक के एनपीए खातों की जांच करने के आदेश और मामले की जानकारी सीबीआई को देने के निर्देश दिए हैं.

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