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04 March 2018

कर्नाटक में दुनिया के सबसे बड़े सौर पार्क 'शक्ति स्थल' का शुभारंभ

कर्नाटक सरकार ने सूखा-प्रवण जिले तुमकुर में 2,000 मेगावाट (मेगावाट) सौर पार्क के पहले चरण का उद्घाटन किया. "शक्ति स्थल" नामक 16,500 करोड़ रुपये के पार्क के पहले चरण में 600 मेगावॉट उत्पादित होगा, जबकि शेष 1,400 मेगावाट 2018 के अंत तक उत्पादित होने की उम्मीद है. सौर प्रोजेक्ट दुनिया में सबसे बड़ा है, 13,000 एकड़ और पांच गांवों में फैल है. यह "कर्नाटक सोलर पॉलिसी 2014-2021" का भी हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राज्य की बढ़ती बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर कम से निर्भरता और पर्यावरण के अनुकूल लोगों को आगे बढ़ाना है. पार्क 2020 तक 100 गीगावाट (GW) सौर ऊर्जा बनाने के लिए केंद्र की योजना के साथ संबंधित है. पार्क का विकास कर्नाटक सौर ऊर्जा विकास कार्पोरेशन लिमिटेड (KSPDCL) द्वारा किया गया है, जो मार्च 2015 में कर्नाटक नवीकरणीय ऊर्जा विकास लिमिटेड (KRDL) और भारत की सौर ऊर्जा कार्पोरेशन (एसईसीआई) के बीच एक संयुक्त उपक्रम के रूप में स्थापित एक इकाई है.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री सिद्धाराम्‍या ने कहा कि यह परियोजना दो साल के अंदर तैयार की गई है वो भी बिना किसी भूमि अधिग्रहण के. आगें उन्होंने बताया कि,  जिन किसानों ने अपनी जमीन किराए पर दी है उन्‍हें सरकार ने 21,000 रुपए प्रति एकड़ के साथ अधिक लाभ उठाया है, जो कि हर दो साल में पांच प्रतिशत बढ़ सकती है. इस परियोजना के द्वारा 2,300 पवगाड़ा किसानों को लाभ पहुंचेगा. पांच गांवों में फैले इस महत्वाकांक्षी परियोजना में किसानों को प्रमुख साझीदार और लाभार्थियों के रूप में देखा गया है. शक्ति स्थल नए रोजगार के अवसर पैदा प्रदान करेगा. जिससे पावागढ़ में आर्थिक वृद्धि और समृद्धि होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि,  कर्नाटक देश में अक्षय ऊर्जा के तीसरे सबसे बड़े उत्पादक के रूप में उभरा है उन्होंने कहा, “हमने अक्षय परियोजनाओं से कम से कम 20 प्रतिशत लोगों की बिजली जरूरतों को पूरा करने का लक्ष्‍य निर्धारित किया है. राज्य ने जनवरी 2018 में 2,3397 मेगावाट क्षमता में समग्र वृद्धि देखी है.

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