मासिक करेंट अफेयर्स

20 March 2018

चुनाव में पुतिन ने हासिल की ऐतिहासिक जीत, चौथी बार बने रूस के राष्ट्रपति

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को हुए चुनावों में एक बार फिर ऐतिहासिक जीत हासिल कर ली है. उकेंद्रीय चुनाव आयोग ने बताया कि पुतिन ने 76.67 फीसदी वोट हासिल किए. निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि करीब दो दशक से रूस पर शासन करने वाले पुतिन ने रविवार को हुए चुनाव में अब तक का सबसे श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है. ऐसे समय में जब रूस और पश्चिमी देशों के संबंध खराब दौर से गुजर रहे हैं रूस की जनता ने पुतिन को ही अगले 6 सालों के लिए राष्ट्रपति चुना है. अब वह 2024 तक इस पद पर रहेंगे।.पुतिन 2024 में अपना कार्यकाल खत्म होने के समय 71 साल के होंगे और उस समय सोवियत शासक जोसेफ स्टालिन के बाद सबसे लंबे समय तक नेता रहने वाले शख्स भी होंगे. पुतिन ने इस चुनाव से पहले अपने देश के नागरिकों से वादा किया था कि वे पश्चिमी देशों के खिलाफ रक्षा क्षेत्र को मजबूत करेंगे और लोगों के जीवन स्तर को सुधारेंगे.
बीते 18 सालों से राजनीति में अपना दबदबा रखने वाले पुतिन ने अपने प्रशंसकों की भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें इस जीत का भरोसा था क्योंकि उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में भी विश्वास मत हासिल कर लिया था. बता दें कि शुरू से ही यह चुनाव एकतरफा ही माना जा रहा था क्योंकि कोई भी कद्दावर नेता पुतिन के खिलाफ नहीं लड़ रहा. पुतिन के खिलाफ 7 उम्मीदवार हैं. लेकिन उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी अलेक्सेई नवलनी को कानूनी कारणों को लेकर रोक दिया गया है. अभी तक के नतीजों के मुताबिक पुतिन के सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी और कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार पावेल ग्रुदिनिन को करीब 13 प्रतिशत वोट मिले, जबक नैशनलिस्ट व्लादिमीर झिरिनोवस्की को करीब 6 प्रतिशत वोट मिले हैं. कोई भी उम्मीदवार पुतिन को मुकाबले की टक्कर नहीं दे सका. 65 साल के पुतिन साल 2000 से रूस के राष्ट्रपति पद पर बने हुए हैं. 

लादिमीर पुतिन 19 साल पहले रूस के कार्यकारी राष्ट्रपति बने थे. उन्होंने पहली बार 2000 में चुनाव लड़ा और 53 फीसदी वोट के साथ विजयी रहे थे. 2004 में वह 71.2 फीसदी वोट लेकर फिर राष्ट्रपति बने थे. जबकि 2012 में उन्होंने 63.3 फीसदी वोट पाकर एक बार फिर जीत दर्ज की. अब इस बार जीतने पर वह 2024 तक राष्ट्रपति बने रहेंगे. वह जोसेफ स्टालिन के बाद रूस में सबसे अधिक समय तक सत्ता संभालने वाले दूसरे व्यक्ति बन जाएंगे. रूस में पहले राष्ट्रपति का कार्यकाल चार साल का होता था, लेकिन 2012 में इसे बदलकर छह साल का कर दिया गया. उल्लेखनीय है की रूस में कोई भी लगातार दो बार राष्ट्रपति नहीं बन सकता है. पुतिन भी तीन बार देश के राष्ट्रपति रहे हैं. लेकिन उन्होंने 2008 का चुनाव नहीं लड़ा था. एक चुनाव छोड़ने के बाद वह फिर राष्ट्रपति बने.

रूस में प्रत्यक्ष मतदान के जरिए राष्ट्रपति का चुनाव होता है। मतदान दो चरणों में होता है. पहले चरण में किसी उम्मीदवार को बहुमत हासिल नहीं होने पर दूसरे चरण का मतदान होता है. दूसरे चरण के मतदान में पहले चरण के दो शीषर्ष उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं. पहले चरण के मतदान के बाद दूसरे चरण की आवश्यकता हुई तो अगले महीने चुनाव करवाया जा सकता है. इस तरह काम करती है सरकार रूस में राष्ट्रपति के पास वास्तविक शक्तियां होती हैं. वह देश का सबसे ताकतवर व्यक्ति होता है. इसके बाद दूसरे स्थान पर प्रधानमंत्री और तीसरे स्थान पर फेडरल काउंसिल (ऊपरी सदन) के अध्यक्ष होते हैं. रूस में भारत की तरह ही संसद की कार्यवाही होती है. वहां फेडरल असेंबली होती है. साथ ही दो सदन फेडरल काउंसिल और स्टेट ड्यूमा होता है.

No comments:

Post a comment