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04 March 2018

बांग्लादेश में रूस और भारत मिलकर लगाएंगे परमाणु ऊर्जा संयंत्र

भारत और रूस ने बांग्लादेश में एक परमाणु बिजलीघर बनाने के एक समझौते पर हस्ताक्षर कर दिया है. रूस की एटम कंपनी भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर बांग्लादेश में परमाणु बिजली घर का निर्माण करेगी. बांग्लादेश में परमाणु ऊर्जा पर निगरानी रखने वाले संगठन ने घोषणा की है कि इस बिजलीघर में 1200 मेगावाट के दो रिएक्टर होंगे और आशा है कि इस परमाणु संयंत्र का निर्माण 2024 तक पूरा हो जायेगा. यह ऐसी स्थिति में है जब रूस की एटम कंपनी भारत के तमिलनाडु राज्य में एक परमाणु बिजलीघर का निर्माण कर रखी है. तीसरे देश में परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिये भारत-रूस के बीच हुए सौदे के तहत रूपपुर परियोजना पहली पहल है.
 
यह पहली बार है कि जब भारतीय कंपनियां विदेश में किसी परमाणु ऊर्जा परियोजना में भाग लेंगी. भारत परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) का सदस्य नहीं है, इसलिए सीधे तौर पर किसी भी परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण में शामिल नहीं हो सकता है. रूसी एजेंसी के मुताबिक, भारतीय कंपनियों को रूपपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिये 'नॉन-क्रिटिकल' श्रेणी में निर्माण और स्थापना कार्य की अनुमति देने के लिये भारत, बांग्लादेश और रूस से करार किया. गौरतलब है कि भारत लंबे समय से एनएसजी सदस्या हासिल करने की कोशिश कर रहा है. लेकिन चीन भारत की राह का रोड़ा बना हुआ है. 

चीन नहीं चाहता कि भारत एनएसजी समुह में शामिल हो, इसलिए वह बार-बार इस बात का भारत की सदस्यता का विरोध करता है. एनएसजी सदस्यता के बीना भारत किसी अन्य देश में परमाणु ऊर्जा संयंत्रा के निर्माण में शालि नहीं हो सकता है. ज्ञात रहे कि भारत और रूस ने परमाणु ऊर्जा से शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए लाभ उठाने हेतु परमाणु सहकारिता को मज़बूत करने हेतु वर्ष 2014 में सहकारिता समझौते पर हस्ताक्षर कर रखा है.

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